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कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद

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बेटियों के पांव पखार सीएम योगी ने की मातृ शक्ति की आराधना शारदीय नवरात्र की महानवमी को नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गोरक्षपीठाधीश्वर ने कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद गोरखपुर मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा व सम्मान गोरक्षपीठ की परंपरा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नारी सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की अनेक योजनाओं से इस परंपरा का व्यावहारिक धरातल पर विस्तार किया है। मातृ शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हुए सीएम योगी ने बुधवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर ने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे, उनका विधि विधान से पूजन किया, चुनरी ओढाई, आरती उतारी, श्रद्धापूर्वक भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया। बुधवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल स्थित भोजन कक्ष में पीतल के परात में जल से नौ नन्ही बालिकाओं के बारी-बारी पांव धोये। दुर्गा सप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत आदि का तिलक लगाया। पुष्प और दुर्वा से उनका अभिषेक किया। माला पहनाकर, चुनरी ओढ़ाकर, उपहार एवं दक्षिणा प्रदान कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने एक छह माह की बच्ची के भी पांव पखारे और पूजन कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने हनुमानजी के वेश में आए एक बालक को भी तिलक लगाया और माला पहनाकर अंगवस्त्र ओढ़ाया। पूजन के बाद कन्याओं और बटुकों को मंदिर की रसोई में पकाया गया ताजा भोजन प्रसाद सीएम योगी ने अपने हाथों से परोसा। नौ कन्याओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पहुंची बालिकाओं और बटुकों का भी मुख्यमंत्री ने पूजन कर आरती उतारी। सभी को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा दिया गया।  कन्याओं व बटुकों को अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने अपने महराज जी (सीएम योगी आदित्यनाथ) का प्यार-दुलार पाने के लिए नन्हीं बालिकाओं व बटुकों की आतुरता देखते ही बन रही थी। सत्कार और स्नेह के भाव से मुख्यमंत्री ने एक-एक कर नौ कन्याओं व बटुक भैरव के पांव पखारे और पूजन किया। इस दौरान सीएम योगी के हाथों दक्षिणा मिलने से ये बालिकाएं काफी प्रफुल्लित दिखीं। पूजन के बाद कन्याओं व बटुकों को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसते समय सीएम निरंतर संवाद भी करते रहे। यह भी ख्याल रखते रहे कि किसी भी बालक-बालिका की थाली में प्रसाद की कोई कमी न रहे। इसे लेकर वह मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों को निर्देशित करते रहे।  कन्या पूजन के दौरान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा आदि मौजूद रहे। सीएम योगी ने कन्या पूजन से पूर्व प्रातःकाल के पूजन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना की।

RSS 100 वर्ष पूर्ण: प्रधानमंत्री मोदी बोले- संघ ने राष्ट्रनिर्माण में निभाई अहम भूमिका

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नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर विशेष डाक टिकट, सिक्का जारी किया। इस मौके पर उन्होंने संघ की खूब सराहना की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आरएसएस की गौरवशाली 100 वर्ष की यात्रा त्याग, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन का असाधारण उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी ‘स्वयंसेवक’ पीढ़ी भाग्यशाली है कि वह आरएसएस के शताब्दी वर्ष की साक्षी बन रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी स्थापना के समय से ही आरएसएस ने राष्ट्रनिर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था। संघ के स्वयंसेवक, जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं, इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इन स्मृति सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "संघ की 100 वर्ष की इस गौरवमयी यात्रा की स्मृति में आज भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी किए हैं। 100 रुपए के सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद-मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है। मैं आज इस अवसर पर राष्ट्र सेवा को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं, अभिनंदन करता हूं। संघ के संस्थापक, हम सभी के आदर्श परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज महानवमी है। आज देवी सिद्धिदात्री का दिन है। मैं सभी देशवासियों को नवरात्रि की बधाई देता हूं। कल विजयादशमी का महापर्व है। अन्याय पर न्याय की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत, विजयादशमी भारतीय संस्कृति के इस विचार और विश्वास का कालजयी उद्घोष है।"  

हिम्मत की मिसाल बने रिंकू हुड्डा, वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अब पैरालंपिक पर टिकी नजरें

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रोहतक मैं पिछली बार वल्र्ड पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने से चूक गया था, इसलिए जब मैं मैदान पर उतरा तो थोड़ा नवर्स था क्योंकि यहां मुकाबला आसान नहीं था, लेकिन आज सब चीजें मेरे अनुरूप हुईं और यही वजह है कि मैं पहली बार विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा। यह कहना है भारत के 25 वर्षीय भालाफेंक एथलीट रिंकू हुड्डा का, जिन्होंने सोमवार को यहां वल्र्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। रिंकू हुड्डा भी अपने प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य 2028 पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। रिंकू ने पुरुषों की भालाफेंक एफ-46 स्पर्धा में 66.37 मीटर के साथ चैंपियन बनें। वहीं, उनके हमवतन खिलाड़ी सुंदर सिंह गुर्जर ने 64.76 मीटर के साथ रजत पदक जीता।  विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोहतक के रिंकू हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीत जिले का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता दिल्ली में आयोजित की जा रही है। रिंकू के बड़े भाई अनुज ने बताया कि वर्ष 2003 में रिंकू खेत में काम करने के बाद वहीं सो गया था। इस दौरान धान से भूसा अलग करने वाला पंखा उनके बाएं हाथ पर गिर गया। पंखे की पंखुड़ियों में हाथ फंसकर शरीर से अलग हो गया। इसके बाद उसे पैरा खोलों के के बारे में जानकारी दी गई। फिर वर्ष 2013 में रिंकू पैरा खेलों से जुड़ा। हाथ गंवाने से पहले रिंकू क्रिकेट खेलता था। अनुज ने बताया कि वर्ष 2014 में पहली स्पर्धा राज्यस्तर पर पंचकूला में खेली। वर्ष 2015 में गांधी नगर गुजरात में हुए राष्ट्रीय खेलों में कांस्य पदक जीता। 16 वर्ष की आयु में पहला 2016 के पैरालंपिक खेलों में हिस्सा लिया और पांचवां स्थान हासिल किया। रिंकू की इस संघर्ष यात्रा में परिवार का सहयोग रहा। रिंकू जिले के धामड़ गांव का निवासी हैं। यह हैं रिंकू हुड्डा की उपलब्धियां रिंकू ने वर्ष 2019 नेशनल पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता व वर्ल्ड चैंपियनशिप दुबई में चौथा स्थान हासिल किया। वर्ष 2020, 2021, 2022 व 2023 में नेशनल पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीते। 2023 एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।  सपना सच होने जैसा रिंकू ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, यह भारत में मेरी पहली प्रतियोगिता है। मैदान पर मुझे अच्छा लग रहा था और विश्व चैंपियनशिप रेकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतना एक सपने का सच होने जैसा है। आज मेरा दिन था, इसलिए सब कुछ मेरे पक्ष में था। मैंने जो किया वह मेरे लिए एक नया अनुभव था। मेरी कोशिश अब अपने प्रदर्शन को और ज्यादा बेहतर करने पर है।  बचपन में बांया हाथ गंवाया हरियाणा के रोहतक के बाहरी इलाके में स्थित धमार गांव के एक किसान परिवार में जन्मे रिंकू का बायां हाथ खेत में खेलते समय धान बोने वाली मशीन में फंस गया था। हालांकि उन्हें इस घटना के बारे में याद नहीं है क्योंकि उस समय उनकी उम्र बहुत कम थी लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें आठ साल की उम्र में इसके बारे में बताया था। स्पर्धा देखने वालों की लगी भीड़ रिंकू हुड्डा अपने गांव में काफी लोकप्रिय हैं और यही वजह है कि रोहतक से तीन घंटे का सफर करके उनके परिजन, दोस्त और बड़ी संख्या में गांव के लोग उनकी स्पर्धा देखने के लिए पहुंचे। रिंकू ने कहा, दर्शकदीर्घा में परिजन और दोस्तों की मौजूदगी से मेरी काफी हौसलाअफजाई हुई। अच्छी बात यह है कि मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतर सका। इस तरह बने एथलीट रिंकू के चाचा वजीर सिंह ने बताया कि आखिर रिंकू एथलीट कैसे बने। उन्होंने कहा, जब रिंकू हादसे का शिकार हुआ तो हम सभी बेहद दुखी थे। वो दुखी रहने लगा और खाली समय में घर के सामने झील में पत्थर फेंका करता था। मैंने देखा कि वो बहुत दूर तक पत्थर फेंक रहा है तो मुझे ख्याल आया कि क्यों नहीं इसे एथलेटिक्स में डाल दिया जाए। इसके बाद हमने इसे नौ साल की उम्र में रोहतक स्टेडियम में भेजा। यहां से रिंकू का एथलीट बनने का सफर शुरू हुआ।     2018 : एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीता     2023 : वल्र्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत जीता     2023 : एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक हासिल किया

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह पर सख्ती, 2028-29 तक खत्म करने का लक्ष्य – सीएम विष्णुदेव साय

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – 2028-29 तक पूरा छत्तीसगढ़ होगा बाल विवाह मुक्त बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, सूरजपुर की 75 पंचायतें भी हुईं शामिल रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। बालोद जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प – मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की। छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है। राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।

सरकारी कामकाज ठप होने की आशंका, ट्रंप को 60 वोटों की दरकार थी, मिले 55 ही

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वाशिंगटन अमेरिका एक बार फिर सरकारी शटडाउन के मुहाने पर खड़ा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को सीनेट में अस्थायी फंडिंग बिल पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सिर्फ 55 वोट ही जुट पाए. यानी यह प्रस्ताव गिर गया. अब सरकार के पास जरूरी फंडिंग का विस्तार नहीं है और इसका सीधा मतलब है कि कई संघीय कामकाज रुक सकते हैं. अमेरिकी कानून के तहत जब तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं होता, तब तक 'गैर-जरूरी' सरकारी विभागों और सेवाओं को बंद करना पड़ता है. इस स्थिति को ही शटडाउन कहा जाता है. पिछले दो दशकों में यह अमेरिका की पांचवीं बड़ी शटडाउन स्थिति बन सकती है. इससे पहले रिपब्लिकन ने सरकार को 21 नवंबर तक खुला रखने के लिए एक अल्पकालिक वित्त पोषण विधेयक पेश किया है. हालांकि, डेमोक्रेट्स का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है. वे चाहते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीष्मकालीन मेगा-बिल से मेडिकेड कटौती को वापस लिया जाए और अफोर्डेबल केयर एक्ट के प्रमुख टैक्स क्रेडिट को बढ़ाया जाए. रिपब्लिकन ने इन मांगों को सिरे से खारिज कर दिया है. किसी भी पक्ष के पीछे हटने के की वजह से इस हफ्ते सदन में मतदान भी निर्धारित नहीं है. सात साल बाद यह पहला मौका होगा, जब फंड की कमी की वजह से अमेरिका में कई सेवाएं प्रभावित होंगी. 2018 में ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान शटडाउन 34 दिनों तक चला था. इस बार खतरा और गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि ट्रंप इसकी आड़ में लाखों कर्मचारियों की छंटनी और कई अहम योजनाओं को बंद करने की तैयारी कर सकते हैं. शटडाउन से ठीक पहले उन्होंने इसके संकेत भी दे दिए हैं. क्यों होता है शटडाउन? सरकारी शटडाउन तब होता है, जब कांग्रेस संघीय एजेंसियों को चलाने के लिए वार्षिक व्यय विधेयकों पर सहमत नहीं हो पाती. एंटीडेफिशिएंसी एक्ट एजेंसियों को बिना अनुमति के पैसा खर्च करने से रोकता है, इसलिए जब पैसा खत्म हो जाता है, तो सरकार का ज्यादातर काम भी बंद हो जाता है. अमेरिकी सरकार के अलग-अलग विभागों को चलाने के लिए भारी मात्रा में फंड की जरूरत होती है. इसके लिए संसद (कांग्रेस) से बजट या फंडिंग बिल पारित कराना जरूरी होता है. लेकिन जब राजनीतिक मतभेद या गतिरोध की वजह से तय समयसीमा में फंडिंग बिल पारित नहीं हो पाता, तो सरकार के पास कानूनी रूप से खर्च करने के लिए फंड नहीं बचता. ऐसी स्थिति में अमेरिकी सरकार को अपनी गैर-जरूरी सेवाएं बंद करनी पड़ती हैं, जिसे सरकारी शटडाउन कहा जाता है. यह आमतौर पर अस्थायी होता है, लेकिन इस बार ट्रंप कई विभागों को स्थायी रूप से बंद करने और हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की तैयारी में हैं. क्या बंद होगा, क्या खुला रहेगा? अगर समय सीमा बीत जाती है तो एजेंसियों को 'गैर-अपवादित' कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजना शुरू करना होगा. विशेष रूप से वे कर्मचारी जो जीवन या संपत्ति की सुरक्षा से संबंधित नहीं हैं. ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिनों के बंद के दौरान, 340,000 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा गया था, जबकि बाकी कर्मचारियों ने सरकार के फिर से खुलने तक बिना वेतन के काम किया. इस बार, एफबीआई जांच, सीआईए ऑपरेशन, हवाई यातायात नियंत्रण, सैन्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा जांच, मेडिकेयर दावे और पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सेवा जैसे महत्वपूर्ण कार्य जारी रहेंगे. डाक वितरण भी अप्रभावित रहेगा क्योंकि अमेरिकी डाक सेवा अपने स्वयं के राजस्व पर चलती है. लेकिन कई एजेंसियां अपने काम में भारी कटौती करेंगी. शिक्षा विभाग अपने करीब 90% कर्मचारियों की छंटनी करेगा, हालांकि छात्र सहायता जारी रहेगी. स्मिथसोनियन संग्रहालय और राष्ट्रीय चिड़ियाघर अपने दरवाज़े बंद कर देंगे. FDA ने दवा और उपकरणों की मंज़ूरी में देरी की चेतावनी दी है. और राष्ट्रीय उद्यान सेवा कुछ स्थलों के दरवाज़े बंद कर देगी, जबकि अन्य सीमित कर्मचारियों के साथ खुले रहेंगे.

रायपुर ज़िले के कुरूवा गांव में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सामुदायिक भवन का किया शुभारंभ

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रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के ग्राम कुरूवा में पहुंचे और यहाँ नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। ग्रामीणों ने उनका हार्दिक स्वागत कर उपमुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और मांगों को विस्तार से सुना।  शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीणों की सभी समस्याओं का नियमानुसार प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गाँव, गरीब, किसान और आम जनता के जीवन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही  है। उन्होंने कहा कि नया सामुदायिक भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा और यह गाँव में बैठकों, कार्यक्रमों और सामूहिक गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा।  शर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाएँ अब सीधे गाँव-गाँव तक पहुँच रही हैं, और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कबीरधाम जिले के हर गाँव को योजनाओं का लाभ मिलेगा और ग्रामीणों का जीवन स्तर और बेहतर होगा। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में दिशा की बैठक का सफल आयोजन, रायपुर

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रायपुर : सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्न सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश रायपुर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में आज गरियाबंद जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न हुई। सांसद श्रीमती चौधरी ने बैठक में शासन के जनहितकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने एवं समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केन्द्र सरकार प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की दिशा में कार्यरत है। क्षेत्र के विकास के लिए हम सभी जनप्रतिनिधियों को भी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में भागीदार होना होगा। योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। समीक्षा के दौरान सांसद श्रीमती चौधरी ने अधूरे सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य शासन की अन्य विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की।      बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मनरेगा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रमीण, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, खनिज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम कार्यक्रम, पशुपालन, समेकित बाल विकास योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, राष्ट्रीय भू-रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विकास योजना, एकीकृत विद्युत विकास, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खेल, मत्स्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं खाद्य सुरक्षा क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभान्वित स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।         बैठक में मौजूद राजिम विधायक श्री रोहित साहू ने कहा कि हम सभी का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि अधिक से अधिक नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाए ताकि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति को अधिकतम लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।  बैठक में राजिम विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका परिषद गरियाबंद के अध्यक्ष श्री रिखीराम यादव, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., उप निदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व श्री वरूण जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, श्री नवीन भगत और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी सहित दिशा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

रायपुर में सांसद मती चौधरी ने दिए निर्देश – सड़कों पर हो तुरंत सुधारात्मक कार्य

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रायपुर : दुर्घटना कम करने सड़कों पर करें सुधारात्मक कार्य: सांसद श्रीमती चौधरी सांसद श्रीमती चौधरी ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के दिए निर्देश रायपुर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती चौधरी की अध्यक्षता में आज गरियाबंद जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय सड़क मार्ग और राज्यकीय सड़क मार्ग के साथ-साथ ग्रामीण तथा वनांचल सड़कों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गहन विचार-विमर्श किया गया।  सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विभिन्न सड़कों पर ब्लैक स्पाट एवं दुर्घटनाजन्य स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्य करें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। सड़कों पर अवैधानिक अतिक्रमण एवं ड्रायविंग से विचलित करने वाले होर्डिंग को हटाने की कार्यवाही करे, इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी, जिससे लोगों की जिन्दगी को बचाए जा सकते हैं। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने एवं लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। जिससे कि आम नागरिक इससे प्रेरित हो और वे लोग भी हेलमेट का उपयोग करे।     सांसद श्रीमती चौधरी ने जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सहायक सड़कों के दुर्घटनाजन्य वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने, रेडियम लगाने, रात्रि में अंधेरे की वजह से हो रही दुर्घटनाओं वाले स्थानों में प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। सांसद ने स्कूली वाहनों एवं यात्री बसों में सड़क सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन कराने के लिए कहा। बसों की समय समय पर फिटनेस जांच अनिवार्य रूप से किया जाए साथ ही इन वाहनों में ओवर स्पीडिंग एवं ओवर लोडिंग के प्रकरण में परिवहन विभाग को कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री राखेचा ने कहा कि यातायात नियमों का पालन एवं सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्गाे को सहायक सड़कों से जोड़ने वाले जंक्शन पॉइंट पर गति अवरोध के लिए लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को चिन्हांकित स्थानों में आवश्यक कार्यवाही किया जाए। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने एवं आमजनों से हेलमेट के उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सड़क दुर्घटना रोकने, यातायात का उलंघन करने पर कार्यवाही, मालवाहक वाहनों में यात्री परिवहन न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने की समझाईश दी जा रही है और कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल, कॉलेजों एवं हाट-बाजारों में जागरूकता अभियान एवं नुक्कट नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विगत वर्षो की तुलना में इस वर्ष सड़क जागरूकता के आयोजन होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। इस मौके पर सांसद श्रीमती चौधरी ने जिला पंचायत में पौधारोपण किया। बैठक में राजिम विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री वरूण जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रखर चन्द्राकर, परिवहन एवं पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधि सहित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

नवरात्रि महापर्व पर कन्या पूजन कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

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रायपुर : श्रद्धा और शक्ति के प्रतीक नवरात्र में माँ दुर्गा की आराधना कर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने दिया सद्भाव का संदेश उपमुख्यमंत्री  शर्मा माँ दुर्गा की महाआरती में शामिल हुए, भजन सेवा की, नवरात्र पर्व पर किया मंदिरों एवं पंडालों का दर्शन  नवरात्रि महापर्व पर कन्या पूजन कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की  रायपुर नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा और आसपास के माँ दुर्गा मंदिरों व पंडालों में पहुंचें। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उपमुख्यमंत्री ने महाआरती में भाग लिया, श्रृंगार सामग्री अर्पित की और सेवा मंडली के साथ माता सेवा की। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने काली मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, चंडी मंदिर, परमेश्वरी मंदिर और ठाकुरपारा, कुम्हारपारा, राजमहल चौक, भोरमदेव रोड एवं सकरहा घाट में स्थापित दुर्गा पंडालों का दर्शन किया। उपमुख्यमंत्री ने दुर्गा उत्सव समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं से भेंटकर नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने छीरपानी कॉलोनी, माँ विंध्यवासिनी मंदिर, महामाया मंदिर और जनपद पंचायत कार्यालय के पास स्थित पंडालों में भी मां दुर्गा के दर्शन किए और बच्चों की खेल प्रतियोगिता में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने वीर सावरकर सभागार, कवर्धा में आयोजित कन्या पूजन एवं भोजन कार्यक्रम में भी भाग लेकर बालिकाओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन नवरात्रि पर्व की आत्मा है और यह नारी शक्ति, मातृशक्ति एवं बालिकाओं के प्रति आदर-सम्मान का प्रतीक है। समाज में स्त्रियों का सम्मान और सशक्तिकरण ही वास्तविक प्रगति का मार्ग है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व है, जो हमें माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना कर सकारात्मक प्रेरणा देता है। उपवास, साधना, कन्या पूजन और सामूहिक भक्ति समाज में भाईचारा, सद्भाव और सेवा का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने सभी से नवरात्रि पर्व को श्रद्धा, भक्ति और आपसी सद्भाव के साथ मनाने की अपील की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की। इस अवसर पर  शर्मा ने सांसद  संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती गणपत सुषमा बघेल और जिला पंचायत सभापति  रामकुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ बना नेशनल रोल मॉडल

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई 'स्मार्ट', नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू नवा रायपुर के अटल नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया अध्याय: नवा रायपुर में देश का पहला स्मार्ट पंजीयन कार्यालय आज से शुरू मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ बना नेशनल रोल मॉडल 15 से 20 मिनट में पूरी होगी पंजीकरण प्रक्रिया, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से नागरिकों को मिलेगा आरामदायक अनुभव “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मंत्र से साकार हुआ स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का सपना 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य मुफ्त वाई-फाई, डिजिटल डिस्प्ले, हेल्पडेस्क और कैशलेस भुगतान जैसी बड़ी क्रांतियों से बदलेगा रजिस्ट्री का अनुभव रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल और  स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर रायपुर की मती वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया। पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है। उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।