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सुख-समृद्धि और मोक्ष के लिए पापांकुशा एकादशी व्रत कैसे करें: पूरी जानकारी

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सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. हर महीने में दो एकादशी आती हैं, और इनमें से प्रत्येक अपने नाम के अनुरूप फल देती है. आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने वाले व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, उसे सुख-समृद्धि मिलती है और आखिर में मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस साल, पापांकुशा एकादशी का पावन पर्व 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा. पापांकुशा एकादशी: शुभ मुहूर्त (2025)     एकादशी तिथि का प्रारंभ: 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार, शाम 07:10 बजे से.     एकादशी तिथि का समापन: 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार, शाम 06:32 बजे तक     पापांकुशा एकादशी का व्रत 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा. (उदया तिथि के अनुसार)     व्रत पारण का समय 4 अक्टूबर 2025, शनिवार, सुबह 06:16 बजे से 08:37 बजे तक पापांकुशा एकादशी की पूजा विधि सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें. घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. पीले फूल, तुलसी दल, चंदन और धूप-दीप से भगवान विष्णु की पूजा करें. पीली वस्तुओं जैसे केले, मिठाई, हल्दी, और पीले वस्त्र का प्रयोग शुभ माना जाता है. दिनभर व्रत रखें और केवल फलाहार करें. संध्या समय विष्णु सहस्त्रनाम या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें. अगले दिन द्वादशी तिथि को व्रत का पारण करें. पापांकुशा एकादशी व्रत के नियम व्रत के दिन क्रोध, आलस्य और असत्य भाषण से बचना चाहिए. इस दिन मांसाहार, मदिरा और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूरी बनाए रखना जरूरी है. व्रतधारी को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.गरीबों और जरूरतमंदों को दान देने का विशेष महत्व है. पापांकुशा एकादशी के लाभ व्रतधारी के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है. घर-परिवार में समृद्धि आती है. व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग मिलता है. इस व्रत का पुण्य जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी साथ रहता है. पापांकुशा एकादशी का महत्व ‘पापांकुशा’ नाम का अर्थ है ‘पापों पर अंकुश लगाने वाली’. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और उसे यमलोक के कष्टों को सहना नहीं पड़ता. पद्म पुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं युधिष्ठिर को इस व्रत का महत्व बताते हुए कहा है कि यह एकादशी व्रत सभी पापों का नाश करता है. जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और गरीबों को दान देते हैं, उन्हें हजारों अश्वमेध यज्ञ और सौ सूर्य यज्ञ करने के समान फल प्राप्त होता है. यह व्रत जीवन में सुख-शांति लाता है और आखिर में व्यक्ति को भगवान विष्णु के परमधाम बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है.

फर्जी तस्वीरों और पॉ’र्न सामग्री के साथ बाबा चैतन्यानंद सरस्वती का खुलासा

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नई दिल्ली खुद को संत बताने वाले और यौन शोषण के आरोपों से घिरे बाबा चैतन्यानंद सरस्वती का सच अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। पुलिस की हालिया तलाशी में उनके आश्रम और संस्थान से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई हैं, जिनमें सेक्स टॉय, पांच पॉर्न वीडियो की सीडी और अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ उनकी फर्जी तस्वीरें शामिल हैं। पुलिस की तलाशी में मिला आपत्तिजनक सामान बुधवार को दिल्ली पुलिस की टीम बाबा को लेकर उनके इंस्टीट्यूट पहुंची और पूरे परिसर की फिर से तलाशी ली। इस दौरान, एक सेक्स टॉय,5 सीडी, जिनमें अश्लील वीडियो होने का शक,अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरून के साथ फर्जी तस्वीरें बरामद हुईं। इन फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल बाबा लोगों पर प्रभाव डालने और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “महत्वपूर्ण व्यक्ति” साबित करने के लिए करता था। फरारी के दौरान छिपने की कहानी  मामले में अगस्त में केस दर्ज होने के बाद बाबा करीब दो महीने तक फरार रहा। पुलिस जांच में सामने आया है कि फरारी के दौरान वह उत्तराखंड के बागेश्वर और अल्मोड़ा में ठहरा था। अब पुलिस वहां भी जाकर जांच कर रही है और स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटा रही है। लड़कियों से चैट और एयरहोस्टेस वाली तस्वीरें इससे पहले भी बाबा को लेकर कई चौंकाने वाले सबूत सामने आ चुके हैं। पुलिस की जांच में उनके मोबाइल फोन से कई युवतियों और छात्राओं के साथ अश्लील चैट, एयरहोस्टेस के साथ तस्वीरें, कई युवतियों की व्हाट्सएप डीपी (DP) के स्क्रीनशॉट्स बरामद हुए हैं। इन चैट्स में बाबा सीधे-सीधे सेक्स और शारीरिक संबंध को लेकर बातचीत करता था। कई मैसेज ऐसे मिले हैं जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया था। अब पुलिस इन्हें रिकवर करने की कोशिश कर रही है। सेक्स ट्रैफिकिंग से भी जुड़ा शक जांच में बाबा की चैट्स से यह भी खुलासा हुआ था कि वह संभवतः सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट से भी जुड़ा हुआ था। एक चैट में उसने अपनी एक छात्रा से कहा था कि “दुबई के शेख को पार्टनर चाहिए” और उसे किसी दोस्त या क्लासमेट को भेजने का दबाव बनाया था। पूछताछ में गोलमोल जवाब गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में बाबा लगातार गोलमोल जवाब देता रहा। वह केवल सख्ती करने पर ही कुछ सच बताता था, वरना जांच में सहयोग करने से बचता था। हालांकि, पुलिस हर दिन उसके पास से नए-नए राज और आपत्तिजनक सबूत निकाल रही है।  

रात में अपनाएँ ये 5 आदतें, घर आएगी खुद-ब-खुद समृद्

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जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।  

CM साय ने कहा- केंद्र की मदद से होगा राज्य का सर्वांगीण विकास, 3,462 करोड़ की राशि से खुलेगा नए अवसरों का मार्ग

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रायपुर  केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की राशि जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़ को 3,462 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सबसे ज्यादा 10,219 करोड़ रुपये बिहार को दिए गए, जबकि सबसे कम राशि 392 करोड़ रुपये गोवा को मिली है। मध्य प्रदेश को 7,976 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया है। इसपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार। इस पावन अवसर पर, यह आवंटन वास्तव में मोदी सरकार की ओर से राज्य की जनता के लिए एक उल्लेखनीय उपहार है। यह महत्वपूर्ण राशि वित्तीय संसाधनों को और सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी और कल्याणकारी पहलों को बढ़ावा देगी। हमारी दोहरी इंजन वाली सरकार छत्तीसगढ़ में निरंतर प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के विकास में इस पैसे का होगा अहम योगदान : तोखन साहू वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है, जो हमने कहा था वही किया। राज्य के विकास में इस पैसे का अहम योगदान होगा। पहले GST कम किया गया, अब GST राशि वापस की गई है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार किया है और हम विकास कर रहे हैं। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा : ओपी चौधरी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्यों को अग्रिम कर अंशदान के रूप में ₹1,01,603 करोड़ जारी किये हैं। इसमें से छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा, जनकल्याणकारी योजनाओं को सशक्त बनाएगा और पावन पर्व-त्योहारों के इस समय में नवआशा और समृद्धि का संचार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार एंव अभिनंदन।

संभल में ध्वस्तीकरण अभियान: मदरसा और मैरिज पैलेस ढहाए गए, क्षेत्र में भारी पुलिस बल

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संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर से बुलडोजर से कार्रवाई जारी है। कई एकड़ भूमि पर बने इस निर्माण में लोग मदरसा और बारात घर चला रहे थे। इसको लेकर कोई विरोध ना हो, इसके लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही माहौल तनावपूर्ण न हो, इसके लिए पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है, साथ ही लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी इस मामले पर संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि जिले भर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। यह तालाब की जमीन है जिस पर एक बड़ा मैरिज पैलेस बना है। तहसीलदार ने 30 दिन पहले इसे गिराने का आदेश जारी किया था। इसके बाद कोई अपील दायर नहीं की गई इसलिए आज ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, 'कोर्ट में सभी पक्षों को सुना गया। उसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने आदेश जारी किया और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। सभी की राय है कि अगर यह अवैध रूप से बना है तो इसे गिरा दिया जाना चाहिए।' प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया डीएम के अलावा संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया, 'संभल के असमोली थाने के अंतर्गत राय बुजुर्ग गांव में एक तालाब और खाद के गड्ढों के लिए जमीन है। उन्हें इसे गिराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। 30 दिन की समय सीमा बीत जाने के बावजूद उन्होंने अभी तक इसे नहीं गिराया है। प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया है। यह अवैध निर्माण था। उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। यह अवैध निर्माण मदरसे और बारात घर की तरह उपयोग में लिया जा रहा था और कई एकड़ जमीन पर फैला हुआ था।'

जली लकड़ी का ऐसा मंत्र, जो दशहरे पर भगाए घर की नकारात्मकता

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बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, दशहरा का पर्व बहुत खास माना जाता है। इस दिन रावण दहन किया जाता है, जिसके पीछे मान्यता है कि रावण के साथ सभी नकारात्मकता, अहंकार और बुराइयां भी जलकर राख हो जाती हैं। मान्यताओं और ज्योतिषीय उपायों के अनुसार, रावण दहन की राख और जली हुई लकड़ी में एक विशेष शक्ति आ जाती है, जो घर से बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने में सहायक होती है। बुरी नजर और नकारात्मकता दूर करने के खास उपाय रावण दहन के तुरंत बाद, जब आग शांत हो जाए, तो वहां से बची हुई थोड़ी-सी राख या एक छोटा जला हुआ लकड़ी का टुकड़ा उठाकर घर लाएं। इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। बुरी नजर से सुरक्षा का कवच रावण दहन से लाया गया जली हुई लकड़ी का छोटा टुकड़ा या थोड़ी-सी राख को एक लाल कपड़े की पोटली में बांध लें।  इस पोटली को अपने घर के मुख्य द्वार के अंदर की तरफ या दहलीज के पास टांग दें अथवा किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें।  यह उपाय आपके घर के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। मान्यता है कि यह घर में नकारात्मक शक्तियों के प्रवेश को रोकता है, जिससे परिवार के सदस्यों को बुरी नजर नहीं लगती और घर में शांति बनी रहती है। माथे पर तिलक लगाकर विजय प्राप्त करना रावण दहन की राख को उठाकर लाएं और उसे शुद्ध कर लें। अगले दिन, स्नान के बाद इस राख का तिलक अपने माथे पर लगाएं।  ऐसा माना जाता है कि यह तिलक व्यक्ति को शत्रुओं पर विजय दिलाने में सहायक होता है। यह नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा करता है और व्यापार तथा करियर में उन्नति के रास्ते खोलता है। धन-समृद्धि और स्थिरता के लिए विशेष उपाय रावण दहन से बचा हुआ एक छोटा-सा जला हुआ लकड़ी का टुकड़ा लें। इसे शुद्ध करके अपनी तिजोरी, कैश बॉक्स या जहां आप अपना धन और कीमती सामान रखते हैं, उस स्थान पर रख दें।  यह उपाय घर में धन के आगमन के नए रास्ते खोलता है और धन को घर में स्थिरता प्रदान करता है। इससे धीरे-धीरे आर्थिक तंगी और लगातार आ रही मुश्किलें दूर होने लगती हैं। भय और वास्तु दोष मुक्ति जली हुई लकड़ी या राख की पोटली को घर के आंगन या बालकनी में दक्षिण दिशा की ओर सुरक्षित रख दें।   ऐसा माना जाता है कि यह उपाय पारिवारिक सदस्यों को अनजाना भय और डर से मुक्ति दिलाता है। साथ ही, यह घर के वास्तु दोषों को भी कम करने में मदद करता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।

इन एप्स से बनाए अपने स्मार्टफोन को और तेज

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स्मार्टफोन की स्मार्टनेस तब धरी की धरी रह जाती है जब यह स्लो चलता है। फोन की स्पीड को प्रभावित करने के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे-जंक फाइल्स, कैशे फाइल्स की स्टोरेज। यूं तो गूगल प्ले स्टोर पर फोन की क्लीनिंग के लिए बहुत से एप्स उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही हैं, जो सही तरीके से फोन को क्लीन कर सकते हैं। इसलिए आज आपको कुछ ऐसे एप्स बताते हैं जो आपके फोन की स्पीड को बढ़ा सकते हैं। इन्हें फ्री में इंस्टॉल किया जा सकता है। क्लीन मास्टर 4.0: मोबाइल की फास्ट स्पीड के लिए क्लीन मास्टर लोकप्रिय एप्स में से एक है। इसकी हेल्प से अनवांटेड बैकग्राउंड एप्स को क्लोज किया जा सकता है और बेकार फाइल्स को डिलीट कर सकते हैं, जिससे फोन का स्टोरेज काफी सेव हो जाता है। बैकग्राउंड एप्स के क्लोज होने से पॉवर सेव हो जाती है और फोन की स्पीड दुरुस्त हो जाती है। सिस्टम क्लीनर: फोन की स्पीड बढ़ाने के लिए यह बेहतरीन एप्लीकेशन्स में से एक है। सिस्टम क्लीनर एप कॉल्स रिकॉर्ड, सर्च हिस्ट्री, गूगल मैप हिस्ट्री, जीमेल हिस्ट्री को डिलीट करके फोन की स्पीड बढ़ा देता है। एंड्रायड बूस्टर: एंड्रायड बूस्टर से बस एक क्लिक करके फोन की मैमोरी बढ़ाई जा सकती है, जिससे मोबाइल की प्रोसेसिंग तेज हो जाती है। स्मार्ट रैम बूस्टर: जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि यह एप रैम की स्पीड को बढ़ा देता है। स्मार्ट रैम बूस्टर को क्लीनर एप के नाम से भी जाना जाता है। इसकी मदद से बस एक क्लिक पर स्मार्टफोन की कैशे फाइल्स डिलीट हो जाती है।  

भूकंप से हिली फिलीपीन: दर्जनों मौतें, हजारों घरों में लौटने से इनकार

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फिलीपीन मध्य फिलीपीन में आए विनाशकारी भूकंप के बाद बचावकर्मियों ने ढहे मकानों और अन्य क्षतिग्रस्त इमारतों में खुदाई करने वाले वाली मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से जीवित लोगों की तलाश की। फिलीपीन में आए शक्तिशाली भूकंप के कारण कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की रात लगभग 10 बजे 6.9 तीव्रता का भूकंप आया जिससे सेबू प्रांत के बोगो शहर और आसपास के गांवों में कई मकान, नाइट क्लब और व्यापारिक इमारतें ढह गईं तथा इनके मलबे में कई लोग फंस गए। इस भूकंप के कारण मारे गए लोगों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। छिटपुट बारिश और क्षतिग्रस्त पुलों एवं सड़कों के कारण बचाव अभियान में बाधा पैदा हुई है। नारंगी और पीले रंग की हैट पहने बचावकर्मियों ने एक ढही इमारत के मलबे में जीवित लोगों की तलाश करने के लिए स्पॉटलाइट, एक खुदाई मशीन एवं खोजी कुत्तों की मदद ली। भूकंप का केंद्र बोगो से लगभग 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में पांच किलोमीटर की गहराई में था। बोगो सेबू प्रांत का एक तटीय शहर है और इसकी आबादी लगभग 90,000 है। बोगो शहर के आपदा-शमन अधिकारी रेक्स यगोट ने बुधवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि भूस्खलन और चट्टानों से प्रभावित एक पहाड़ी गांव में झुग्गियों में खोज और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए बचावर्मियों ने वहां एक खुदाई मशीन ले जाने का प्रयास किया।   एक अन्य आपदा न्यूनीकरण अधिकारी ग्लेन उर्सल ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में बचाव अभियान चलाना कठिन है क्योंकि यहां खतरनाक स्थितियां हैं।'' उन्होंने बताया कि कुछ जीवित लोगों को पहाड़ी गांव से अस्पताल लाया गया है। फिलीपीन ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान ने कुछ देर के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की थी और लोगों को सेबू तथा निकटवर्ती प्रांतों लेयते एवं बिलिरान के तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी थी लेकिन कुछ ही घंटों बाद चेतावनी हटा ली गई। घबराए हुए हजारों लोगों ने चेतावनी वापस लिए जाने के बावजूद अपने घरों में लौटने से इनकार कर दिया और वे रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद रात भर घास के खुले मैदानों और उद्यानों में ही रहे। भूकंप प्रभावित शहरों और कस्बों में स्कूल एवं सरकारी कार्यालय बंद कर दिए गए हैं और इमारतों की सुरक्षा की जांच की जा रही है। ‘फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी' के निदेशक टेरेसिटो बैकोलकोल ने बताया कि मंगलवार रात आए भूकंप के बाद 600 से अधिक झटके महसूस किए गए। सेबू और अन्य प्रांत उस उष्णकटिबंधीय तूफान से अभी उबर रहे थे जिसने शुक्रवार को मध्य क्षेत्र में तबाही मचाई थी जिससे कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई थी।    

कामयाबी के लिए सेल्फ मैनेजमेंट जरुरी

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तनाव भरी जिंदगी से छुटकारा पाना चाहते हैं और करियर में एक कामयाब इंसान बनने के इच्छुक हैं, तो सीखें सेल्फ मैनेजमेंट की स्किल… सेल्फ अवेयरनेस सेल्फ अवेयरनेस की स्किल सीखने से जीवन की उलझनें खुद-ब-खुद आसान हो जाएंगी। आपको बस यह समझने की जरूरत है कि आखिर जीवन में इतनी कुंठा या निराशा क्यों घर कर गई है। ऐसी स्थितियों में मोटिवेशन बढ़ाने वाले तौर-तरीके सीखने जरूरी होते हैं। खुद के बारे में विचार मंथन कर हर समय पॉजिटिव बने रहने की कला आनी चाहिए। इमोशनल मैनेजमेंट सेल्फ कॉन्फिडेंस के बिना तो जीवन में सफल होना संभव नहीं है। अपनी ताकत का एहसास हर किसी को होना चाहिए। खुद पर भरोसा ही आगे बढ़ाएगा। इसी तरह इमोशन का भी हमारे जीवन में अहम रोल होता है। हमारी सोच ही हमें एक सफल या असफल इंसान बनाती है। स्ट्रेस मैनेजमेंट कामयाबी के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट भी जरूरी है। इसलिए हर परिस्थिति में मन को शांत, संतुलित और स्वस्थ रखने की कला आनी चाहिए। स्ट्रेस लेवल को काबू करके ही हम वर्कप्लेस पर अपनी प्रोडक्टिविटी बनाए रख सकते हैं। सब साधने की सक्षमता सेल्फ मैनेजमेंट के गुर सीखकर आप करियर, परिवार, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत व पेशेवर संबंधों को और प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम बन सकते हैं। सही स्ट्रैटेजी के जरिए उपलब्धियां कदम चूमेंगी। पर यह तभी होगा, जब आप क्रोध, ईष्र्या और राग-द्वेष पर नियंत्रण पा लेंगे। आपको सेल्फ कॉन्फिडेंस और सेल्फ मोटिवेशन के जरिए ढूंढ़ने होंगे। आत्म-प्रबंधन के जरिए यह खुद-ब-खुद आ जाएगा।  

नीम करोली बाबा से जुड़ा सुकीर्ति कांडपाल का किस्सा, बोलीं- जिंदगी बदलने वाला हुआ चमत्कार

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मुंबई 'दिल मिल गए' में डॉ. रिद्धिमा का किरदार निभाकर पॉपुलैरिटी बटोरने वालीं सुकीर्ति कांडपाल ने नीम करोली बाबा के बारे में बात की है। सुकीर्ति ने टीओआई डायलॉग्स- उत्तराखंड एडिशन में नीम करोली बाबा के साथ अपनी मां के कनेक्शन के बारे में बताया। साथ ही बताया कि कैसे उन्हें स्ट्रेंथ मिली और किस तरह हनुमान चालीसा के पाठ से उनकी जिंदगी बदल गई। सुकीर्ति कांडपाल ने बताया कि मार्क जुकरबर्ग और स्टीव जॉब्स तो काफी बाद में नीम करोली बाबा के दर्शन के लिए गए थे, पर उनकी मां तो साक्षात उनसे मिली थीं। सुकीर्ति ने बताया कि वह नीम करोली बाबा को अपने दादा जैसा मानती हैं। सुकीर्ति कांडपाल ने बताया करियर में क्या हुआ चमत्कार 'प्यार की ये एक कहानी', 'बिग बॉस 8' और 'अनुपमा' जैसे टीवी शोज में काम कर चुकीं सुकीर्ति कांडपाल उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा सफर दूसरों से बहुत अलग रहा है। मेरे माता-पिता ने इसे मेरे लिए बहुत आसान बना दिया। 13 साल की उम्र में मेरे पिता ने मुझे पढ़ाई के लिए मुंबई भेज दिया। उस समय मैं एक्टिंग से जुड़ा कोई काम नहीं कर रही थी। मुझे बस इतना पता था कि मैं शायद एक एक्ट्रेस ही बनूंगी, और आखिरकार, मेरे पैरेंट्स भी मान गए। मेरे लिए यह जादुई सा था क्योंकि एक दिन मैं एक कैफे में बैठी थी, तभी 'दिल मिल गए' के एक क्रिएटिव ने मुझे देखा।' नीम करोली बाबा से साक्षात मिली थीं सुकीर्ति की मां, बताया वाकया सुकीर्ति कांडपाल ने आगे बताया, 'एक्ट्रेस बनना मेरे लिए वाकई जादुई अनुभव था। एक चीज, जिसने इस पूरे सफर में मेरी मदद की, वो है मेरी मां क नीम करोली बाबा से जुड़ाव। आज तक मैं किसी ऐसे व्यक्ति से नहीं मिली, जिसका नीम करोली बाबा से वास्तविक जीवन में कोई संबंध रहा हो, लेकिन मेरी मां का संबंध जरूर था। वो मेरी मां को 'बेटा' कहते थे, और हमने दादाजी के रूप में उनकी कहानी सुनी है।' 'मां महाराज जी से तब मिलीं, जब कोई उन्हें जानता भी नहीं था' वह फिर बोलीं, 'मेरी मां ने मुझे बहुत छोटी उम्र में ही हनुमान चालीसा सिखाई थी। जब भी मुझे खुद पर संदेह होता था, यह सोचकर कि मैं यह कर पाऊंगी या नहीं तो उस विश्वास ने मेरी मदद की। आज मैं मार्क जुकरबर्ग और स्टीव जॉब्स जैसे लोगों को वहां जाते देखती हूं, लेकिन मेरी मां उस समय वहां गई थी और महाराज जी से तब मिली थीं, जब उनके बारे में कोई नहीं जानता था। इसलिए मुझे लगता है कि उनका आशीर्वाद मेरे साथ है।' इन टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं सुकीर्ति कांडपाल सुकीर्ति कांडपाल के करियर की बात करें, तो उन्होंने 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो', 'कैसा ये इश्क है, अजब सा रिस्क है' और 'काला टीका' जैसे टीवी शोज में भी काम किया है। वह 'दिल्ली वाली ठाकुर गर्ल्स' और 'स्टोरी 9 मंथ्स की' में भी नजर आईं। हाल ही वह 'अनुपमा' में श्रुति आहूजा के रोल में नजर आईं।