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आउटसोर्स कर्मचारी के परिवार को मिला आर्थिक संबल, मंत्री तोमर ने दी जानकारी

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आउटसोर्स कर्मी की मृत्यु पर परिजन को मिला ईएसआईसी और पीएफ का लाभ : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब समय पर पात्र व्यक्तियों तक पहुँच रहा है। ऊर्जा विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा जैसी योजनाओं से सुरक्षा दी जा रही है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने एक दिवंगत आउटसोर्स कर्मी के परिवार को राहत पहुँचाने के लिये संवेदनशील पहल की। उज्जैन स्थित 220 के.वी. उपकेन्द्र पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी  शेखर राठौर को हृदयाघात हुआ और अस्पताल मे इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। वे मेसर्स डेक्कन सिक्योरिटी सर्विसेस, इंदौर के माध्यम से पदस्थ थे। आश्रितों को मिला हितलाभ एम पी ट्रांसको की पहल से उनकी पत्नी मती पूजा राठौर को कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत प्रतिदिन 173.16 रूपये की दर से आश्रित हितलाभ प्रदान किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा 3,05,283 रूपये की बीमा राशि भी परिजनों के खाते में जमा की गई है। आश्रितों के लिए प्रतिमाह पेंशन की सुविधा भी स्वीकृत की गई है।  

अरशद वारसी और जितेन्द्र कुमार की फिल्म भागवत चैप्टर वन: राक्षस का ट्रेलर रिलीज

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मुंबई,  अरशद वारसी और जितेन्द्र कुमार की फिल्म भागवत चैप्टर वन: राक्षस का ट्रेलर रिलीज हो गया है। जी 5 ने अपने आगामी ओरिजिनल फिल्म भागवत चैप्टर वन: राक्षस का रोमांचक ट्रेलर रिलीज कर दिया है।जियो स्टूडियोज़ द्वारा, बावजा स्टूडियोज़ और डॉग ‘एन’ बोन पिक्चर्स के सहयोग से निर्मित, यह ट्रेलर एक दमदार और रोमांच से भरी पीछा करने वाली थ्रिलर कहानी दिखाता है, जिसकी पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज में बनी है। कहानी में इंस्पेक्टर विश्वास भगवत/भागवत (अरशद वारसी) को दिखाया गया है, जो खौफनाक हत्याओं की श्रृंखला की जाँच करते हैं और साथ ही अपने भीतर के संघर्ष से भी जूझते हैं। कहानी में और रहस्य जोड़ते हुए, जितेंद्र कुमार एक बिल्कुल नए और अनोखे रूप में नजर आएंगे, वे राजकुमार सिरतिया का किरदार निभा रहे हैं, जो बाहर से एक आम इंसान लगता है लेकिन उसके भीतर कई चौंकाने वाले राज छिपे हैं। अरशद वारसी ने कहा, ‘‘भागवत चैप्टर वन: राक्षस निभाना मेरे लिए एक बेहद गहरा और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा, लेकिन यह मेरे करियर का सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक भी है। वह आपका आम हीरो नहीं है, वह दोषपूर्ण, क्रोधित और अपने अतीत से परेशान है, फिर भी न्याय कायम करने के लिए संकल्पित है। ट्रेलर आपको उनके जीवन की एक झलक दिखाता है, लेकिन फिल्म आपको उनके संघर्ष और साहस की पूरी यात्रा से परिचित कराएगी। मेरे लिए भगवत/भागवत चैप्टर वन: राक्षस को खास बनाने वाली बात यह है कि यह सिर्फ किसी अपराध को सुलझाने की कहानी नहीं है, बल्कि अपने अंदर की लड़ाइयों का सामना करने की कहानी है। मैं दर्शकों को इस यात्रा का अनुभव करने के लिए उत्साहित हूँ और मुझे पूरा विश्वास है कि यह उन्हें आखिरी पल तक पूरी तरह बांधे रखेगी।” जितेंद्र कुमार ने कहा,भागवत चैप्टर वन: राक्षस में यह भूमिका मेरे अब तक किए गए किसी भी किरदार से बिल्कुल अलग है। समीर एक ऐसा किरदार है जिसमें कई पहलू हैं -बाहर से साधारण, कभी-कभी संवेदनशील और रोमांटिक भी, लेकिन इसके भीतर जटिल और कहीं अधिक असहज परतें छिपी हुई हैं। इसे निभाना मुझे उस छवि से बाहर आने का अवसर मिला, जिससे दर्शक मुझे आमतौर पर जोड़ते हैं, और यह मेरे लिए एक अभिनेता के रूप में चुनौतीपूर्ण और मुक्तिदायक अनुभव दोनों रहा। ट्रेलर केवल उनके जटिल व्यक्तित्व की एक झलक दिखाता है, और मैं उत्सुक हूँ कि जी5 के दर्शक उनकी पूरी यात्रा का अनुभव करें। ट्रेलर लॉन्च को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात यह थी कि इसे दिल्ली में हजारों लोगों के बीच लाइव देखना, उनकी ऊर्जा, जय-जयकार और हमारे चारों ओर अच्छाई और बुराई का प्रतीक-सभी ने मिलकर भगवत/भागवत को दुनिया के सामने पेश करने का एक परिपूर्ण अनुभव बना दिया।” भागवत चैप्टर वन: राक्षस 17 अक्टूबर से सिर्फ जी5 पर स्ट्रीम होगी।  

कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला गंभीर, एनसीडीसी ने जांच के लिए लिए नमूने

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छिंदवाड़ा  सर्दी खांसी के चलते दूषित कप सिरप पीने से छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेल होने से पिछले 20 दिनों में सात बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चों ने नागपुर के निजी अस्पतालों में दम तोड़ा। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने कहा है कि आरंभिक जांच रिपोर्ट में दूषित कप सीरप से बच्चों की किडनियां फेल होने से मौतें हुई हैं। संबंधित कप सिरप को जिले में प्रतिबंधित कर दिया गया है। मामले में आगे जांच जारी है। हालांकि, सवाल यह है कि जिले में कफ सिरप पर पाबंदी लगा दी गई है, लेकिन इस दूषित दवा को बेचने वाले और बनाने वालों को कौन सजा देगा? उन्हें सरकारी कार्रवाई की खुराक कब मिलेगी? छिंदवाड़ा के सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाडे ने बताया कि पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया था। 4 सितंबर से 26 सितंबर के बीच परासिया क्षेत्र में 6 मासूमों की मौत हुई है। 5 बच्चे अभी भी छिंदवाड़ा और नागपुर के अस्पतालों में भर्ती हैं। 27 सितंबर को बच्चों के सैंपल पुणे लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आ सकेगी। छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन नांदुलकर ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई है, उनमें से कई की किडनी बायोप्सी जांच कराई गई। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कफ सिरप में मिला डायएथिलीन ग्लायकॉल दूषित पाया गया है। यही सिरप इन बच्चों को दिया गया था, जिससे उनकी किडनी फेल हुई। छिंदवाड़ा में बच्चों की मौतों के मामले में नागपुर लैब से आई किडनी बायोप्सी रिपोर्ट में टॉक्सिन मीडिएटेड इंजरी की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित रूप से डाय एथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) से सिरप में कंटेमिनेशन हुआ हो सकता है, जिससे बच्चों की किडनी पर घातक असर पड़ा।  दोनों राज्यों को मिलाकर अब तक कुल 11 मौतें हुई हैं. छिंदवाड़ा में परासिया के अनुविखीभागीय दंडाधिकारी शुभम यादव ने बताया कि कल देर रात तक छिंदवाड़ा में नौ बच्चों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. 1 अक्टूबर तक छह मौतें दर्ज की गई थीं. रोग निगरानी के लिए सरकार की नोडल एजेंसी, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के अस्पतालों और अन्य स्थलों से पानी और कीटविज्ञान संबंधी दवाओं के नमूने कलेक्ट किए हैं, जहां कथित रूप से दूषित कफ सिरप के सेवन के कारण गुर्दे की विफलता से कई बच्चों की मौत हो गई थी. राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर ने बच्चों की मौत पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि माताओं द्वारा दी गई दवाइयां सरकारी सिफारिश या अस्पताल के प्रिस्क्रिप्शन से नहीं थीं. उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे होने पर विभाग की कोई भूमिका नहीं होती है, क्योंकि यह उनके दायरे से बाहर है. 'स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं…' गजेंद्र सिंह खीमसर ने बच्चों की मौत के मामले पर बयान दिया है. मंत्री ने कहा, "इस हादसे में स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं है. यह उनके डिपार्टमेंट के दायरे से बाहर है. यह हादसा उन दवाइयों से हुआ है, जो माताओं ने बच्चों को दीं. ये दवाइयां सरकारी अस्पताल के प्रिस्क्रिप्शन या सिफारिश से नहीं थीं." दायरे से बाहर, फिर भी करेंगे जांच… मंत्री खीमसर ने इस पूरे मामले को विभाग के दायरे से बाहर बताया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि फिर भी वह जब जयपुर जाएंगे तो इसकी और जांच करेंगे. उन्होंने साफ किया कि माता-पिता द्वारा बिना सरकारी सिफारिश के दवा देने से हुए इस हादसे की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की नहीं है. पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के नतीजे आने के बाद, उन्हें राज्य औषधि अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा. सूत्रों ने पीटीआई को बताया, "राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम (आरएमएससीएल) ने सिरप के 19 बैचों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है और स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों, डॉक्टरों और दवा संचालकों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है."

विकसित यूपी की दिशा में बड़ा कदम, ‘समर्थ उत्तर प्रदेश @2047’ को जनता से मिले 21.5 लाख सुझाव

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विकसित यूपी @2047 समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान : प्रदेशवासियों से मिले 21.5 लाख सुझाव  ग्रामीण क्षेत्रों से आए सबसे अधिक सुझाव  संभल, महाराजगंज और जौनपुर फीडबैक में अव्वल  शिक्षा और कृषि क्षेत्र पर सबसे अधिक राय  10 लाख से ज्यादा युवाओं ने दिया अपना सुझाव  नगरीय विकास और स्वास्थ्य पर भी बड़ी संख्या में राय  कासगंज की अंगूरी देवी ने पर्यावरण संतुलन पर दिया जोर रामपुर के विकास पाण्डेय ने सुझाए कृषि सुधार के उपाय  अभियान बनेगा प्रदेश के भविष्य की विकास रूपरेखा लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान” को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों, मीडिया और आम जनता से संवाद स्थापित किया है। इस दौरान लोगों को पिछले 8 वर्षों की विकास यात्रा से अवगत कराया जा रहा है और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर बहुमूल्य सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। अभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक लगभग 21.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 16.5 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और लगभग 5 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के आधार पर देखें तो करीब 10 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 10 लाख से अधिक 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से और एक लाख से अधिक 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। क्षेत्रवार सुझावों में शिक्षा क्षेत्र से करीब 6.7 लाख, कृषि क्षेत्र से 5 लाख, नगरीय एवं ग्रामीण विकास से 3.5 लाख, स्वास्थ्य से 1.6 लाख और समाज कल्याण से 1.6 लाख सुझाव सामने आए हैं। इसके अलावा आईटी एवं टेक, उद्योग, संतुलित विकास और सुरक्षा से संबंधित हजारों सुझाव प्राप्त हुए हैं। जनपदवार फीडबैक में संभल, महाराजगंज, जौनपुर, सोनभद्र और हरदोई शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहे, जबकि फिरोजाबाद, इटावा, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर से सबसे कम सुझाव आए। इस अभियान के दौरान जनता ने अपने विचार भी साझा किए। रामपुर के विकास पाण्डेय ने कृषि सुधार के लिए जल प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। वहीं कासगंज की अंगूरी देवी ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की। बाराबंकी की तृप्ति सिंह ने सरकारी स्कूलों में संसाधनों और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस अभियान से प्राप्त सुझाव न केवल नीति निर्माण में सहायक होंगे, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होंगे।  

नकुल मेहता, सुधांशु पांडे, शक्ति अरोड़ा और शिवांगी जोशी ने शिव परिवार की शाश्वत शिक्षाओं पर अपने विचार साझा किये

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मुंबई,  प्रसिद्ध टीवी कलाकार नकुल मेहता, सुधांशु पांडे, शक्ति अरोड़ा और शिवांगी जोशी ने सोनी सब के नए शो गणेश कार्तिकेय के प्रीमियर से पहले शिव परिवार की शाश्वत शिक्षाओं पर अपने विचार साझा किये। सोनी सब का आगामी पौराणिक शो गाथा शिव परिवार की गणेश कार्तिकेय का प्रीमियर 06 अक्टूबर से रात आठ बजे होगा। नकुल मेहता ने कहा, “मुंबई में रहते हुए मैंने सिद्धिविनायक मंदिर में कई बार दर्शन किए हैं, लेकिन उत्तराखंड में शूटिंग के दौरान मुझे कार्तिकेय स्वामी मंदिर जाने का अवसर मिला, जो बिल्कुल अलग अनुभव था। वहाँ का शांत वातावरण मानो दिव्य संदेश दे रहा था। ‘धीरे चलो, धैर्य रखो, सब ठीक होगा।’ गणेशजी और कार्तिकेयजी के मंदिरों के दर्शन के बाद मुझे एक पूर्णता का अनुभव हुआ। अब मैं अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताता हूँ और भीतर से अधिक शांत व स्थिर महसूस करता हूँ। मैं अपने बच्चों रूमी और सूफी को भी अपना छोटा गणेश और कार्तिकेय मानता हूँ, एक बुद्धिमान और जिज्ञासु, तो दूसरा साहसी और चंचल, जो हमेशा मुझे संतुलित और कृतज्ञ रहने की याद दिलाते हैं।” सुधांशु पांडे ने कहा, “बचपन की छुट्टियों में मेरा परिवार अक्सर केदारनाथ जाता था, जहाँ मेरी भगवान शिव से पहली निकटता बनी और बाद में उज्जैन के महाकाल मंदिर में यह बंधन और गहरा हुआ। भगवान शिव का व्यक्तित्व हमेशा मुझे प्रेरित करता है, खासकर जब मैं उन्हें पिता के रूप में देखता हूँ, गणेशजी और कार्तिकेयजी की कहानियों के माध्यम से। दो बेटों का पिता होने के नाते मैं अक्सर सोचता हूँ कि क्या मैं अपने बच्चों के साथ न्याय कर पा रहा हूँ। इन कहानियों से मुझे मार्गदर्शन और शांति मिलती है। संन्यासी होने के बावजूद भगवान शिव ने परिवार को प्रेम और अनुशासन के साथ संतुलित किया, और उनकी कथाएँ आज भी मेरे दिल के सवालों का जवाब देती हैं।” शिवांगी जोशी ने कहा, “हर रक्षाबंधन पर मैं दो राखियाँ बाँधती हूँ।एक अपने छोटे भाई को और दूसरी अपने बड़े भाई, भगवान गणेश को। बचपन से ही बप्पा मेरे सच्चे साथी रहे हैं, जिनसे मैं हर बात साझा करती हूँ। दुनिया मेरे राज न जाने, पर बप्पा हमेशा जानते हैं और संकेतों के ज़रिए मुझे राह दिखाते हैं। एक बार खुद के ही फैसले पर संदेह हुआ और उस समय मैंने कार्तिकेय स्वामी मंदिर के दर्शन किए और तत्काल एक शांति और स्पष्टता का अनुभव हुआ। उस दिन से मेरा विश्वास और गहरा हो गया और तब से हर साल मैं उनके लिए भी एक अतिरिक्त राखी बाँधती हूँ। गणेशजी, कार्तिकेयजी और शिव परिवार की कथाएँ मुझे प्रतिदिन प्रेरित करती हैं।” शक्ति अरोड़ा ने कहा, “बचपन में मुझे हमेशा लगता था कि माँ मेरी बहनों को मुझसे ज्यादा प्यार करती हैं! अपनी बात मनवाने के लिए मुझे वकील की तरह बहस करनी पड़ती, रोना-धोना करना पड़ता, जबकि बहनों की छोटी-सी इच्छा भी तुरंत पूरी हो जाती थी। हर नवरात्रि जब मैं माँ दुर्गा की विशाल प्रतिमा के सामने खड़ा होता हूँ और उनके साथ गणेशजी व कार्तिकेयजी को देखता हूँ, तो माँ की वह बात याद आती है।माँ अपने सभी बच्चों को समान रूप से प्यार करती है, बस अलग-अलग तरीके से। गणेश और कार्तिकेय की कहानियों में भी ऐसे पल आते हैं जब माता पार्वती पर एक बेटे को ज्यादा चाहने का आरोप लगता है। ये कहानियाँ याद दिलाती हैं कि माँ के हर कदम में बच्चों की भलाई ही छिपी होती है, भले ही कभी-कभी वह कठोर लगें। समय के साथ मैंने शिकायतें कम कर दीं और माँ को अधिक समझना शुरू किया।”  

सीएम योगी के मार्गदर्शन में मंडल कार्यालय में हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा जनसुनवाई संवाद

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"मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" से महिलाओं और बेटियों के सपनों को लगेंगे पंख – मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिये शुरू की गई अनूठी पहल  – सीएम योगी के मार्गदर्शन में मंडल कार्यालय में हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा जनसुनवाई संवाद  –  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम को तीन मुख्य हिस्सों में किया गया विभाजित, महिला अधिकारी और कर्मचारी समस्याओं का करेंगी निस्तारण –  पहला जनसुनवाई, दूसरा सम्मान और तीसरा सशक्तिकरण के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा – बेटियों और महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए किया जाएगा सम्मानित, विकसित देवीपाटन मंडल-2047 की बनेंगी ब्रांड एंबेसडर  – सीएम योगी ने पहल की सराहना की, देवीपाटन मंडलायुक्त बोले, मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे तक महिलाओं एवं बेटियों की होगी सुनवाई  लखनऊ योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बनाने एवं सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीएम योगी के मार्गदर्शन में देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण उत्थान एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अनूठी पहल "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत राम नवमी के अवसर पर बेटियों के साथ संवाद से हुई। वहीं, हर सोमवार को देवीपाटन मंडल कार्यालय में विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम में सुनवाई की जाएगी। इतना ही नहीं उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए एक विशेष टीम बनायी गयी है, जिसमें महिला अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्याओं को निस्तारण करेंगी। इस पहल की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सराहना की। बता दें कि पूरे प्रदेश में देवीपाटन मंडल पहला मंडल है, जहां पर महिलाओं के लिए विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा रामनवमी के अवसर पर कार्यक्रम के तहत बेटियों को मंडलायुक्त ने अपने आवास पर पत्नी के साथ कन्या पूजन किया और उनका आर्शीवाद प्राप्त किया।  महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू की गई मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद की पहल देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मंडल की बेटियों और महिलाओं को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने, योगी सरकार की योजनाअों का लाभ देने, उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं सर्वांगीण विकास के लिए ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम की पहल की गयी है। इसके तहत हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इन दौरान प्राथमिकता के अाधार पर उनके सर्वांगीण विकास के साथ हर समस्या के समाधान पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को तीन भागों में विभाजित किया गया है। इसका पहला मुख्य अंग जनसुनवाई है। इसके तहत मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे महिलाओं एवं बच्चों की समस्याओं पर महिला अधिकारी के साथ कर्मचारी की उपस्थिति में विशेष सुनवाई की जाएगी। वहीं मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए यथासंभव महिला अधिकारी एवं कर्मचारी को नामित किया जाएगा। साथ ही आवश्यकता होने पर समस्या के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारी और जांच टीमें उसी दिन स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजी जाएगी। इसके अलावा समस्या के निराकरण के लिए महिला हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। महिला हेल्प डेस्क पर मोबाइल फोन कॉल एवं व्हाट्सएप मैसेज के जरिये भी शिकायतें प्राप्त की जाएंगी।    विकसित उत्तर प्रदेश-2047 पर सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाओं को किया जाएगा पुरस्कृत कार्यक्रम का दूसरा अंग सम्मान है। इसमें विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के उद्​देश्य से बनायी गयी 3 थीम और 12 सेक्टरों के संबंध में https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर मंडल में सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाअों और बेटियों को मंडल स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही चिन्हित 12 सेक्टर्स में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को विकसित देवीपाटन मंडल-2047 के ब्रांड एंबेसडर के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्हे पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम का तीसरा अंग सशक्तिकरण है। इसमें मंडल स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं द्वारा मंडल में महिला जागरूकता एवं सशक्तिकरण के लिए योगदान दिया जाएगा। मंडल प्रशासन की ओर से पात्र महिलाअों एवं बेटियों को प्राथमिकता के आधार पर शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। उन्हे विधिसम्मत अधिकार दिलाने के लिए कार्य किये जाएंगे। महिलाओं को कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह, जीरो पावर्टी अभियान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान समेत विभिन्न योगी सरकार की योजनाओं से स्वावलंबी बनाया जाएगा।  20 से अधिक छात्राओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर की शुरुआत मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ रामनवमी के अवसर पर किया गया, जिसमें मंडल कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों की  20 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने नारी सशक्तिकरण तथा विकसित भारत 2047 को लेकर अपने विचार और सुझाव आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। कई छात्राओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा में समान अवसर, तकनीकी कौशल विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में कैरियर मार्गदर्शन केंद्र तथा बेटियों के लिए विशेष प्रतिभा प्रोत्साहन योजनाओं जैसे नवोन्मेषी प्रस्ताव रखे। उनके इन सुझावों पर आयुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में श्रेष्ठ विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। आयुक्त और उनकी पत्नी गरिमा भूषण ने विजेता बालिकाओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए। एससीपीएम कॉलेज की नंदिनी को प्रथम पुरस्कार 5000 रुपये, भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की आकांक्षा द्विवेदी को द्वितीय पुरस्कार 3000 रुपये तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की रूपा, कंपोजिट विद्यालय पथवालिया की महक और भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की हुनैजा को दो-दो हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागी छात्राओं को आकांक्षा समिति की ओर से एक-एक हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं के पखारे पांव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाली बेटियों का मंडलायुक्त आवास पर कन्या पूजन किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं … Read more

इंदौर में भ्रष्टाचार का खुलासा, सहायक राजस्व अधिकारी और बिल कलेक्टर रिश्वत लेते पकड़े गए

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 इंदौर  मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं EOW और लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का है जहां सहायक राजस्व अधिकारी को 40 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इस मामले में प्रभारी बिल कलेक्टर को भी आरोपी बनाया गया है। सील गोदाम को दोबारा खोलने के बदले मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता संतोष सिलावट निवासी गीता नगर इंदौर ने 01 अक्टूबर को ईओडब्लयू कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि उसके गोदाम को निगम के राजस्व अधिकारी द्वारा नोटिस चस्पा कर सील कर दिया गया है और अब सील गोदाम को खोलने हेतु पुनीत अग्रवाल सहायक राजस्व अधिकारी नगर पालिका निगम झोन-19 एवं रोहित साबले, प्रभारी बिल कलेक्टर, राजस्व विभाग, नगर पालिका निगम, झोन क्रमांक 19 उससे 40 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। EOW ने रिश्वत लेते पकड़ा फरियादी संतोष पटेल की शिकायत की जांच के बाद EOW ने रिश्वतखोर अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 3 अक्टूबर को फरियादी संतोष सिलावट को रिश्वत के 40 हजार रूपये देने के लिए सहायक राजस्व निरीक्षक पुनीत अग्रवाल के पास भेजा गया। सहायक राजस्व अधिकारी पुनीत अग्रवाल ने नगर पालिका निगम जोन-19 के दफ्तर में रिश्वत देने के लिए फरियादी को बुलाया और जैसे ही वहां उसने व प्रभारी बिल कलेक्टर रोहित साबले ने रिश्वत की रकम की तो EOW की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया।

7500 बालिकाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य, पहले दिन 3000 से अधिक ने कराया पंजीकरण

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मिशन शक्ति 5.0 ड्राइविंग माय ड्रीम्स से बेटियों को स्वावलंबन की नई उड़ान दे रही योगी सरकार ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम  7500 बालिकाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य, पहले दिन 3000 से अधिक ने कराया पंजीकरण – प्रदेश भर में अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की हुई शुरुआत, 11 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन – नारी सुरक्षा से स्वाभिमान तक, योगी सरकार की पहल बनी महिला सशक्तीकरण का प्रेरक मॉडल – बालिकाओं की प्रगति, परिवार की समृद्धि और प्रदेश की उन्नति की नई राह पर योगी सरकार  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की शुरुआत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' कार्यक्रम के साथ हुई। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में आयोजित इस अभिनव पहल ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नया आयाम दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम में पहले दिन 3,000 से अधिक बालिकाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बेटियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभाग का लक्ष्य पूरे महीने में 7,500 बालिकाओं को निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस दिलाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' पहल 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' केवल वाहन चलाने का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है। प्रत्येक जनपद में दूरस्थ क्षेत्रों से चयनित 100-100 बालिकाओं और महिलाओं को न्यूनतम एक माह का ड्राइविंग कोर्स प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक संकेत, आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण और महिला सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यह पहल बालिकाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ दैनिक जीवन में स्वतंत्रता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार संभाली स्टीयरिंग  प्रदेश के विभिन्न जनपदों से ड्राइविंग प्रशिक्षण की प्रेरक झलकियां भी सामने आईं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार स्टीयरिंग संभालकर आत्मविश्वास की नई अनुभूति की तो वहीं महाविद्यालयों की छात्राओं ने इसे अपने करियर के लिए गेम-चेंजर बताया। कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षकों ने बताया कि बालिकाओं में सीखने की ललक और उत्साह देखकर यह स्पष्ट होता है कि वे इस पहल से अपने जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का एक क्रांतिकारी कदम है। यह कार्यक्रम केवल ड्राइविंग सिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि बेटियों को उनके सपनों की उड़ान देने का संकल्प है। वहीं विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि आज पूरे प्रदेश में जिस तरह बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया, उससे यह संदेश गया है कि उत्तर प्रदेश में अब बेटियाँ हर राह पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगी। मिशन शक्ति 5.0 ने 22 सितंबर से 3  अक्टूबर तक 13.50 लाख लोगों तक पहुंच बनाकर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया है। कन्या पूजन, नुक्कड़ नाटक और अब ड्राइविंग प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों ने बेटियों को सम्मान और स्वावलंबन की नई राह दिखाई है। यह पहल न केवल बेटियों की व्यक्तिगत प्रगति को बल दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को सामाजिक और आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रणी बना रही है। 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' यूपी की बेटियों की नई उड़ान का प्रतीक है, जो मिशन शक्ति के विजन को साकार कर रहा है।

जडेजा ने क्रिकेट की नई इबारत लिखी, कपिल देव और इमरान खान की बराबरी पर पहुंचे

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अहमदाबाद   भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में शतक जड़कर एक नया इतिहास रच दिया। इस पारी के साथ जडेजा ने कपिल देव और इमरान खान जैसे महान ऑलराउंडरों की उपलब्धि की बराबरी की। वह अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने छह या उससे अधिक टेस्ट शतक बनाए हैं और साथ ही 300 से अधिक विकेट भी अपने नाम किए हैं।  छठा टेस्ट शतक और नया माइलस्टोन  36 वर्षीय जडेजा ने 169 गेंदों पर अपना छठा टेस्ट शतक पूरा किया। उन्होंने यह उपलब्धि भारतीय पारी के 126वें ओवर में जोमेल वारिकन की गेंद पर एक रन लेकर हासिल की। इस पारी ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में महान ऑलराउंडरों की उस खास सूची में पहुंचा दिया, जहां केवल गिने-चुने नाम मौजूद हैं। कपिल देव और इमरान खान के क्लब में शामिल  जडेजा अब इयान बॉथम, कपिल देव, इमरान खान, रवि अश्विन और डेनियल विटोरी जैसे दिग्गजों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। यह उपलब्धि उन खिलाड़ियों की पहचान है जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से खेल को नई ऊंचाई दी है। जडेजा का नाम इस सूची में भारतीय गौरव को और बढ़ाता है। 4000 रन और 300 विकेट से सिर्फ 10 रन दूर  इस शतक के बाद जडेजा अब टेस्ट क्रिकेट में 4000 रन और 300 से अधिक विकेट लेने वाले चौथे क्रिकेटर बनने से केवल 10 रन दूर हैं। इस क्लब में फिलहाल कपिल देव, इयान बॉथम और डेनियल विटोरी जैसे नाम शामिल हैं। आने वाले समय में जडेजा इस ऐतिहासिक मुकाम को भी हासिल कर सकते हैं।   

छत्तीसगढ़ की लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, हजारों महिलाओं को दिखा रहीं राह: CM साय

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रायपुर महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। तकनीक ने पूरी दुनिया के उत्पादों को फिंगरटिप्स पर ला दिया है और अब डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँचना संभव हो गया है। इसी उद्देश्य से बिहान की दीदियों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के उत्पाद देश और दुनिया के बाजारों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पॉलिसी वॉच द्वारा आयोजित बिहान दीदियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमारी संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान और पूजन का प्रतीक है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं इतिहास रच रही हैं। बिहान की बहनों की कामयाबी हमें गर्व से भर देती है। छत्तीसगढ़ की दीदियां अब आत्मनिर्भरता की ब्रांड एम्बेसडर  बन रही हैं। लखपति दीदियां सपनों को नए पंख दे रही हैं और आज उन्हें डिजिटली सक्षम बनाकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यदि हम संकल्प लेकर आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वर्ष 2027 तक देशभर में 3 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर जैसे जिलों