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खांसी की दवा खरीदने के लिए राजस्थान में जरूरी होगा डॉक्टर का प्रिसक्रिप्शन

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जयपुर राजस्थान में कफ सिरप अब चिकित्सकीय परामर्श से ही मिलेगी। प्रदेश में  Dextromethorphan HBr Syrup के लेने से गंभीर रूप से तबियत खराब होने तथा भरतपुर व सीकर में 2 बच्चों की मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।  सीकर व भरतपुर में बच्चों की मृत्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही बच्चों को खांसी की दवा डेक्सट्रोमैटोरफन नहीं लिखी गई थी। विभाग ने सीकर जिले में हाथीदेह पीएचसी में बच्चों के लिए खांसी की प्रतिबंधित दवा लिखे जाने पर एक चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट को निलंबित करने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है।  विभाग ने जारी की एडवाइजरी इसके साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही के साथ ही प्रिसक्रिप्शन लिखने में प्रोटोकॉल का पालन करने तथा रोगियों को प्रिसक्रिप्शन से ही दवा उपलब्ध कराने तथा रोगियों द्वारा बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा नहीं लेने के संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी चिकित्सक दवा लिखते समय एडवाइजरी की पूर्णत: पालना सुनिश्चित करें। बच्चों को दवाई लिखते समय निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। रोगी बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा का सेवन नहीं करें। निदेशक जनस्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में मौसमी बीमारियों सहित अन्य सामान्य बीमारियों से बचाव, उपचार एवं अन्य जानकारी के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0141—2225624 पर किसी भी समय सम्पर्क किया जा सकता है। जांच के लिए कमेटी बैठी, दवा को क्यूी के लिए भेजा गौरतलब है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रकरण सामने आने पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जांच किए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आरएमएससीएल ने संबंधित दवा के वितरण एवं उपयोग पर रोक लगा दी थी और जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन भी कर दिया था। साथ ही, दवा का वैधानिक नमूना लेकर जांच के लिए राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भी भेजा गया है। सरकारी रिपोर्ट में ये तथ्य आए निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि भरतपुर एवं सीकर में दो बच्चों की मौत के प्रकरण में प्राप्त रिपोर्ट में सामने आया है कि चिकित्सक द्वारा दोनों ही बच्चों को Dextromethorphan HBr Syrup नहीं लिखी गई है। प्रोटोकॉल के अनुसार बच्चों को यह दवा नहीं लिखी जाती है। सीकर के अजीतगढ़ ब्लॉक की हाथीदेह पीएचसी पर एक बच्चे को खांसी की यह दवा लिखे जाने का मामला सामने आया था, जिस पर चिकित्सक डॉ. पलक एवं फार्मासिस्ट पप्पू सोनी को निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार भरतपुर के कलसाडा निवासी 30 वर्षीय मोनू जोशी 25 सितम्बर, 2025 को खांसी—जुकाम व बुखार होने पर सीएचसी कलसाडा आए थे। चिकित्सक ने उन्हें अन्य दवाओं के साथ सिरप डैक्ट्रामैट्रोफन हाइड्रो ब्रोमाइड लिखी थी। मोनू जोशी ने अपने तीन वर्षीय पुत्र गगन के जुकाम व निमोनिया होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के यह सीरप उसे पिला दी। गगन की तबीयत ज्यादा खराब होने पर वे तुरन्त चिकित्सक डॉ. अशोक जैन के पास महुआ लेकर गए। डॉ. अशोक जैन ने मरीज की गम्भीर अवस्था को देखते हुए उसे जेके लोन जयपुर के लिए रैफर कर दिया गया। 25 सितम्बर को ही दोपहर 2 बजे गगन को जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। मरीज की स्थिति में सुधार होने पर उसे 27 सितम्बर को डिस्चार्ज कर दिया गया।   भरतपुर में बच्चे की मौत की वजह निमोनिया को बताया वहीं भरतपुर में कफ सिरप पीने के बाद बच्चे की मौत की खबर को लेकर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यहां नहनी उम्र 50 साल उप केन्द्र, मलाह पर दिखाने आई थी, जिसे उप केन्द्र स्तर की पीसीएम दवाई दी गई थी। जिस बच्चे सम्राट की मौत की खबर सिरप पीने से बताई जा हरी है वह पहले से निमोनिया से ग्रसित था, जिसे भरतपुर से जयपुर रैफर किया गया था। सम्राट की मृत्यु 22 सितम्बर को हुई थी। सीकर में मौत सिरप से लेकिन परिजनों ने अपने स्तर पर ही दी दवा वहीं सीकर के ग्राम खोरी के नित्यांश पुत्र महेश कुमार शर्मा की मृत्यु के संबंध में प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार वस्तु स्थिति यह है कि 7 जुलाई 2025 को बच्चे को बुखार-जुकाम की शिकायत पर सीएचसी चिराना, झुंझुनूं में दिखाया गया था। रोगी की पर्ची में सिरप डैक्ट्रमैथोरफन नहीं लिखी गई थी। बच्चे की माता खूशबू शर्मा ने बताया कि 28 सितंबर 2025 को रात्रि 9 बजे बच्चे को हल्की खांसी की शिकायत हुई तब पहले से घर में रखी डैक्स्ट्रोमैथोरफन 5 एमएल कफ सिरप माता ने बच्चे को दी थी। 29 सितम्बर को रात्रि 2 बजे बच्चे ने पानी पिया और सो गया। तब तक बच्चा ठीक था। प्रातः 5 बजे मां उठी तो बच्चा बेसुध था। बच्चे को राजकीय श्री कल्याण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस प्रकार दोनों ही बच्चों की मौत के मामले में चिकित्सक द्वारा डैक्स्ट्रोमैथोरफन दवा नहीं लिखी गई है।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य

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प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 20 अक्टूबर तक शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य  योगी सरकार की पहल पर युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत पूरे प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण प्रारम्भ कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित किए हैं। 20 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से शुरू होंगे बैच कौशल विकास मिशन की ओर से निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाता नियमानुसार प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की अनुमोदन प्रक्रिया के बाद 20 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण बैच प्रारम्भ करें। इस अवसर पर पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की जाएगी। वितरण की प्रक्रिया जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को पाठ्य सामग्री वितरण और बैच प्रारम्भ संबंधी न्यूनतम तीन फोटोग्राफ तथा वितरण पावती रसीद को जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से सत्यापित कराकर मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर योगी सरकार का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख कौशल युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत न केवल माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।   इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के पंजीकरण की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ी  उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने शुक्रवार को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के अंतर्गत चल रहे पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) के साथ बैठक कर युवाओं के पंजीकरण की गति तेज करने के निर्देश दिए। अपर मिशन निदेशक ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा  कि युवाओं को कौशल प्रतियोगिता से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, परामर्श शिविर और संस्थागत समन्वय की कार्यवाही शीघ्र बढ़ाई जाए। पंजीकरण की अंतिम तिथि अब 15 अक्टूबर 2025 तक बढ़ने पर उन्होंने सभी जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों को निर्देशित किया कि वे लक्षित युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करें तथा पंजीकरण संख्या में  वृद्धि सुनिश्चित करें। प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं पंजीकरण की सुविधा https://www.skillindiadigital.gov.in पर उपलब्ध है।  

दशक पुराना ESP संयंत्र गिरा, बालको प्लांट में सुरक्षा प्रक्रियाओं पर उठे गंभीर सवाल

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कोरबा कोरबा जिले के बालको एल्यूमिनियम प्लांट में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां करीब 20 साल पुराना इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) संयंत्र अचानक गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक यह संयंत्र 2004-05 में सेपको कंपनी द्वारा बनाया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उद्योगपतियों के दबाव में श्रम विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि बालको प्लांट में इससे पहले भी 2009 में निर्माणाधीन चिमनी गिरने का बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 45 मजदूरों की मौत हुई थी। उस हादसे में भी सेपको कंपनी जिम्मेदार ठहराई गई थी और मामला अब भी अदालत में लंबित है। फिलहाल इस ताज़ा घटना पर विभागीय स्तर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन हादसे ने एक बार फिर से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ट्रैफिक थम गया पन्ना में! दो लोगों की मौत पर मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग में चक्काजाम

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पन्ना पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत खमरिया मोड पर 2 अक्टूबर को देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। घटना में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए कटनी जिला अस्पताल इलाज चल रहा है। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने आज सुबह से खमरिया मोड पर चक्का जाम कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। घटना के बाद राकेश पटेल पिता जयराम पटेल उम्र 36 वर्ष और पुरुषोत्तम पटेल पिता रामशरण पटेल उम्र 38 वर्ष दोनों निवासी खमरिया की कटनी जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई है। करीब एक दर्जन लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने खमरिया मोड पर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग है की मृतकों और घायलों के परिजनों को कम से कम एक करोड रुपए मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही यह भी मांग की है कि ड्राइवर के द्वारा लगातार विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों को बेरहमी से कुचले जाने के मामले में निष्पक्ष जांच की जाए। दोषी पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, वह इसी तरह चक्का जाम कर बैठे रहेंगे। चक्का जाम की जानकारी लगने के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

6 माह में प्रदेश भर के 63 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन

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प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान      वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के 6 माह में ढाई लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन     6 माह में प्रदेश भर के 63 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन     प्रदेश के युवाओं के सपनों काे पंख दे रहा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान     पूरे प्रदेश में सबसे अधिक 2,003 युवाओं को लोन वितरित कर जौनपुर ने मारी बाजी     पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में आजमगढ़ दूसरे तो कौशांबी ने प्राप्त किया तीसरा स्थान     लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत सीएम योगी प्रदेश के युवाओं को अात्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहे हैं। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के 6 माह में अब तक प्रदेश भर में ढाई लाख से अधिक आवेदन आ चुके हैं जबकि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 50 हजार लोन वितरित का लक्ष्य रखा है। इन आंकड़ों से साफ है कि सीएम योगी की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान युवाओं को अपनी आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। वहीं योजना का लाभ देने में पूरे उत्तर प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ अौर तीसरे स्थान पर कौशांबी है।        6 माह में ढाई लाख से अधिक युवाओं ने किया अावेदन  पूरे देश में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ही है, जो प्रदेश के युवाअों को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर नहीं दे रही है बल्कि उन्हे एक मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा न केवल अपने व्यवसाय को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य 1 लाख 50 हजार के सापेक्ष 6 माह में पूरे प्रदेश से 2,55,174 युवा लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं जबकि 2,08,097 आवेदनों को बैंक को फॉरवर्ड कर दिया गया है। इनमें से 64,673 आवेदनों को बैंक ने लोन देने की स्वीकृति दे दी है जबकि 63,009 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।     पूरे प्रदेश में सबसे अधिक जौनपुर में 1,385 युवाओं को वितरित किया गया लोन  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में जाैनपुर जिले ने सबसे अधिक आवेदकों को लाेन वितरित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जौनपुर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरुप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले को अभियान के तहत 2,250 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष पिछले 6 माह में 5,999 आवेदन प्राप्त हुए, जिसके सापेक्ष 4,784 आवेदनों को बैंक को भेज दिया गया है। इनमें से 2,003 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में पिछले 6 माह में जौनपुर ने सबसे अधिक युवाओं को लोन वितरित कर पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह आजमगढ़ ने पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,250 का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 6 माह में 5,112 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 4,285 आवेदनों को बैंक को भेजा गया, जिसमें से 1,859 को लोन वितरित किया जा चुका है।     कौशांबी, अंबेडकरनगर, झांसी, सिद्धार्थनगर और हरदोई का भी रहा शानदार प्रदर्शन  कौशांबी जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला कर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक युवाअों को योजना का लाभ देने के लिए हर माह बैंकों से साथ बैठक की जा रही है ताकि योजना से संबंधी को कोई समस्या आने पर उसे तत्काल दुरूस्त किया जा सके। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में कौशांबी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कौशांबी को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1,700 का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 6 माह में 6,984 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 4,988 आवेदनों को बैंक को भेजा गया, जिसमें से 1,299 आवेदकों को लोन देने के लिए बैंक ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है जबकि 1,185 को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा अंबेडकरनगर ने चौथा और झांसी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही योजना का लाभ देने में सिद्धार्थनगर, हरदोई और रायबरेली का भी प्रदर्शन शानदार रहा।      

चॉकलेट और मुस्कान के साथ CM योगी का बच्चों से मिलन, दिखा मानवीय रूप

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सीएम योगी ने चॉकलेट देकर बच्चों पर लुटाया प्यार, की आत्मीय बातचीत नाम और क्लास पूछकर बोले- खूब पढ़ना, खूब आगे बढ़ना गोरखपुर  गोरखनाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार सुबह भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत से बच्चों से मुलाकात की। प्यार लुटाते हुए उनसे आत्मीय बातचीत कर चॉकलेट दिया। नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा और खूब आशीर्वाद दिया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बाल प्रेम जगजाहिर है। प्रोटोकॉल परे कर बच्चों से मिलना, उनसे ठिठोली करना, उन्हें दुलारना, खूब पढ़ने का आशीर्वाद देना और चॉकलेट देना उनकी खासियत है। बच्चों के साथ उनकी ऐसी ही आत्मीयता का दृश्य शुक्रवार सुबह भी गोरखनाथ मंदिर में देखने को मिला। गुरुवार शाम विजयदशमी शोभायात्रा की अगुवाई करने के बाद रात्रि प्रवास के बाद शुक्रवार सुबह उनकी दिनचर्या परंपरागत रही। महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद उन्होंने अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर मत्था टेका और उनका आशीर्वाद लिया। हर बार की तरह वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। इस दौरान उनकी नजर श्रद्धालुओं के साथ उनके बच्चों पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने पास बुला लिया। एक-एक करके सबसे उनका नाम पूछा, किस क्लास में पढ़ते हैं, इसकी जानकारी ली। कुछ बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की। उन्होंने बच्चों से बेहद अपनेपन से बातचीत की। सबके माथे पर हाथ फेरकर प्यार-दुलार और आशीर्वाद दिया कि खूब मन लगाकर पढ़िए और खूब आगे बढिए। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को चॉकलेट भी दिया।

दीपावली-छठ की भीड़ में जनरल से लेकर एसी तक फुल, अब पूजा स्पेशल में मिलेगा सफर का मौका

Chhath Puja

रायपुर दीपावली और छठ पर्व पर घर लौटने की चाह रखने वाले यात्रियों के लिए इस बार भी सफर आसान नहीं है। छत्तीसगढ़ से मुंबई और हावड़ा रूट की अधिकांश नियमित ट्रेनें 15 से 30 अक्टूबर तक पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। जिन यात्रियों ने समय रहते टिकट बुक नहीं किए, उनके लिए अब केवल पूजा स्पेशल ट्रेनें ही विकल्प बची हैं। मुंबई-रायपुर रूट की प्रमुख ट्रेनें फुल छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में मजदूर, कर्मचारी और छात्र मुंबई, पुणे, थाणे, कल्याण, वसई-विरार जैसे शहरों में रहते और काम करते हैं। त्योहारों पर वे साल में एक-दो बार अपने गांव लौटते हैं। इस बार की स्थिति बेहद निराशाजनक है-   हावड़ा मेल (12809) – 11 से 30 अक्टूबर तक नो रूम एलटीटी-शालीमार (18029) – 15 से 30 अक्टूबर तक नो रूम गीतांजलि एक्सप्रेस (12859) – 15 से 30 अक्टूबर तक नो रूम समरसता सुपरफास्ट (12151) – 15 से 30 अक्टूबर तक सभी तारीखों में वेटिंग/नो रूम हावड़ा रूट की स्थिति भी वैसी ही पश्चिम बंगाल के प्रवासियों को भी घर लौटने में मुश्किलें होंगी। हावड़ा-मुंबई मेल (12810) – 3 से 15 अक्टूबर तक नो रूम गीतांजलि (12860) – 3 से 13 अक्टूबर तक फुल शालीमार-एलटीटी (18030) – 3 से 13 अक्टूबर तक नो रूम हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस – लगातार फुल बिहार-यूपी लौटने वालों के लिए सारनाथ एक्सप्रेस भी फुल छत्तीसगढ़ से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश लौटने वाले हजारों परिवारों के लिए दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस (15160) मुख्य सहारा है। लेकिन अक्टूबर महीने भर यह ट्रेन भी वेटिंग और नो रूम से जूझ रही है। पूजा स्पेशल ट्रेनें बनीं सहारा भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, जिनमें अभी भी सीटें उपलब्ध हैं। 1. बिलासपुर-हडपसर (पुणे) पूजा स्पेशल (08265/08266) तारीख – 22 और 23 अक्टूबर क्लास – एसी सेकंड, एसी थ्री, इकोनॉमी स्टॉपेज – बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया 2. बिलासपुर-यलहंका (बेंगलुरु) पूजा स्पेशल (08261/08262) 19 नवंबर तक हर मंगलवार व बुधवार एसी और स्लीपर क्लास में पर्याप्त सीटें 3. दुर्ग-सुल्तानपुर पूजा स्पेशल (08763/08764) 30 नवंबर तक हर शनिवार व रविवार स्टॉपेज – रायपुर, दुर्ग, शहडोल, उमरिया 4. दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल (08760/08761) 5 अक्टूबर से 24 नवंबर तक हर रविवार व सोमवार सभी क्लासों में बड़ी संख्या में बर्थ उपलब्ध

शिवहरे परिवार की संपत्ति पर ईडी की नजर, भोपाल से पहुंची टीम ने की छानबीन

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छतरपुर मध्‍य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगौता में तिराहे पर स्थित शिवहरे परिवार के निवास पर आज सुबह करीब 7 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा है. जानकारी के अनुसार, भोपाल से आई ED की 5 सदस्यीय टीम 4 पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवी दीन शिवहरे के परिवार के घर पर जाँच कर रही है. परिवार से जुड़े लोगों में रियल एस्टेट और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन व्यवसायी अनंत राम शिवहरे और मुकेश शिवहरे (सब इंजीनियर, पूर्व में पन्ना में कार्यरत) शामिल हैं. फिलहाल ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस मामले में जाँच की जा रही है. सुबह 7 बजे से चल रही कार्रवाई शिवहरे परिवार के यहां ED की 5 सदस्यीय टीम ने करीब सुबह 7 बजे छापा मारा था. तभी से ठेकेदार अनंतराम शिवहरे और उनके पुत्र सब इंजीनियर मुकेश शिवहरे के यहां ED की कार्यवाही चल रही है. ED की टीम ने अभी तक किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है. वहीं घर के बाहर पुलिस के जवान को भी तैनात किया गया है. पाल से आई टीम, बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले भोपाल से आई ईडी की पांच सदस्यीय टीम सुबह चार पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवीदीन शिवहरे के निवास पर पहुंची और जांच शुरू की। यह घर सागर-कानपुर रोड पर बगौता तिराहे के पास स्थित है। छापेमारी के दौरान ईडी टीम के साथ आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने संबंधित बैंक खातों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई। परिवार का ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़ाव जांच जिन लोगों को केंद्र में रखकर की जा रही है, उनमें अनंतराम शिवहरे और मुकेश शिवहरे शामिल हैं। अनंतराम पहले नल फिटिंग के ठेकेदार रहे हैं, जबकि मुकेश शिवहरे पन्ना में सब इंजीनियर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उनकी पत्नी डॉ. सोनल शिवहरे वर्तमान में ईसानगर में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि शिवहरे परिवार ठेकेदारी के साथ-साथ जमीन की खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से भी जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ लेन-देन संदिग्ध हैं, जिन्हें लेकर दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने की पुष्टि सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह ने भी ईडी की इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की है और पुलिस टीम सहयोग के लिए मौके पर मौजूद रही। ED की कार्रवाई जारी जानकारी के मुताबिक, ED की टीम शिवहरे परिवार के यहां कार्यलायों के दस्‍तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड्स और जरुरी अन्‍य समानों की जांच कर रही है. दरअसल, अनंत राम शिवहरे रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में कॉफी सक्रिय माने जाते हैं. इनकी बिल्डिंग कंस्‍ट्रक्‍शन प्रोजेक्‍ट्स में भी अहम भुमिका मानी जाती है. ED द्धारा शिवहरे परिवार के यहां छापा मारने के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है.

सस्ता Vision Pro अब नहीं मिलेगा! एप्पल का AI ग्लास पर बड़ा फोकस

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नई दिल्ली  टेक दिग्गज Apple ने अपने बजट Vision Pro हेडसेट की योजना को रोकते हुए अब पूरी ताकत AI-संचालित स्मार्ट ग्लासेस के विकास पर लगा दी है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार टीमें अब तक सस्ते Vision Pro वेरिएंट पर काम कर रही थीं। उन्हें नए ग्लासेस प्रोजेक्ट पर तेजी लाने के लिए आदेश दिए गए थे। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब Meta ने हाल ही में अपने नए Ray-Ban AI ग्लासेस पेश किए हैं। अब स्मार्ट आईवियर बाजार में कंपटीशन बढ़ रही है। Vision Air फिलहाल टला काफी समय से "Vision Air" नामक हल्के और सस्ते Vision Pro हेडसेट को लेकर चर्चाएं थीं, जिसके 2027 में लॉन्च होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब यह रोडमैप फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। Apple का स्मार्ट ग्लासेस प्लान Apple के नए स्मार्ट ग्लासेस में कैमरे, माइक्रोफोन और AI सॉफ्टवेयर होंगे। शुरुआती मॉडल iPhone से कनेक्ट होकर काम करेंगे। कंपनी इन्हें 2026 में पेश कर सकती है और 2027 तक बड़ा लॉन्च संभव है। स्टाइल और टेक का संगम Apple अपने ग्लासेस को फैशन एक्सेसरी के रूप में भी पेश करने जा रहा है। ये अलग-अलग फ्रेम, रंग और प्रीमियम मटेरियल में उपलब्ध हो सकते हैं। भविष्य के वर्जन में हेल्थ सेंसर जोड़ने की भी योजना है। डिस्प्ले वर्जन पाइपलाइन में पहले मॉडल में इनबिल्ट डिस्प्ले नहीं होगा। हालांकि, Apple ने डिस्प्ले-इक्विप्ड वर्जन का टाइमलाइन 2028 से घटाकर तेज कर दिया है, जिससे Meta के Ray-Ban Display ग्लासेस से मुकाबला किया जा सके। कीमत और लॉन्च टाइमलाइन कीमत का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन Apple का इतिहास बताता है कि ये सस्ते नहीं होंगे। शुरुआती लॉन्च 2026 में और बड़े पैमाने पर रोलआउट 2027 में संभव है। Vision Pro रहेगा जारी सस्ता Vision Pro फिलहाल टल गया है, लेकिन Apple अपना हेडसेट लाइनअप बंद नहीं कर रहा। नया Vision Pro, M5 चिप के साथ, इसी साल आने की उम्मीद है।

कैंसर की शुरुआती पहचान: 80% मरीज चूक जाते हैं इन 6 लक्षणों से

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कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोग सहम जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं, अगर इसका पता शुरुआती स्टेज में ही चल जाए तो इसका इलाज काफी हद तक संभव है? समस्या यह है कि हममें से 80% लोग इसके शुरुआती संकेतों को सामान्य शारीरिक बदलाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. आंचल अग्रवाल के अनुसार, लोग अक्सर इन संकेतों को थकान, उम्र बढ़ने या किसी मामूली इन्फेक्शन का लक्षण मान लेते हैं। उनका कहना है, "यह लापरवाही ही अक्सर जानलेवा साबित होती है। अगर लोग इन संकेतों को पहचानकर समय पर डॉक्टर से मिलें, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।" आइए, जानते हैं उन 6 शुरुआती संकेतों के बारे में, जिन्हें कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। लगातार थकान जो आराम करने पर भी ठीक न हो अगर आपको बिना किसी कारण के लगातार थकान महसूस होती है और आराम करने के बाद भी इसमें सुधार नहीं होता, तो यह एक चेतावनी हो सकती है। यह थकान सामान्य थकान से अलग होती है और रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कत पैदा कर सकती है। शरीर के किसी भी हिस्से में लगातार दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में बिना किसी चोट के अगर लगातार दर्द बना रहता है, तो इसे हल्के में न लें। यह दर्द हड्डियों, मांसपेशियों या पेट में हो सकता है। अगर यह दर्द लंबे समय तक रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। त्वचा या तिल में बदलाव अपनी त्वचा पर नए तिल, गांठ, या किसी भी तरह के बदलाव पर ध्यान दें। अगर किसी पुराने तिल का आकार, रंग या रूप बदल रहा है, या उसमें से खून निकल रहा है, तो यह स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है। बिना वजह वेट लॉस या भूख में कमी अगर बिना किसी डाइट या कोशिश के अचानक आपका वजन कम होने लगा है, तो यह चिंता का विषय है। इसके अलावा, भूख में कमी या खाने की इच्छा न होना भी एक गंभीर संकेत हो सकता है। शरीर में कहीं भी गांठ या सूजन अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों जैसे गर्दन, बगल या स्तनों में किसी भी तरह की गांठ या सूजन को महसूस करें। अगर आपको कोई नई गांठ महसूस होती है या कोई पुरानी गांठ बड़ी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लंबे समय तक खांसी या आवाज में बदलाव अगर आपको लंबे समय से खांसी है जो किसी भी दवा से ठीक नहीं हो रही है, या आपकी आवाज में भारीपन या कर्कशता आ गई है, तो यह फेफड़ों या गले के कैंसर का संकेत हो सकता है। याद रखें, हमारा शरीर हमेशा हमें कुछ न कुछ बताने की कोशिश करता है। इन छोटे-मोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान और सही इलाज से कई जान बचाई जा सकती हैं। अगर आपको ऊपर दिए गए किसी भी संकेत का एहसास होता है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।