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पाकिस्तान के खिलाफ PoK में गुस्से का ज्वालामुखी फटा, लंबे समय से simmer कर रही नाराज़गी बाहर आई

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इस्लामाबाद  पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गुरुवार को भीषण हिंसा हुई है। इस हिंसा में तीन पुलिस अधिकारियों समेत 15 लोगों की मौत हुई है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पों में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं। सवाल यह है कि जिस कश्मीर को इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान हथियाने का ख्वाब देखता है, उसके ही एक हिस्से में इतना असंतोष क्यों है। इसकी वजह है कि स्थानीय लोग अकसर सरकार की योजनाओं में भेदभाव के आरोप लगाते रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर स्वायत्तता के अभाव, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे अहम रहे हैं। हालिया प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट ऐक्शन अवामी कमेटी की ओर से हो रहा है। ऐक्टिविस्ट शौकत नवाज मीर के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन की शुरुआत 29 सितंबर से हुई थी, जब बंद बुलाया गया था। इस बंद के तहत कई जिलों में पूरी तरह से शटडाउन हो गया था। फिलहाल पाकिस्तान की सरकार ने यहां इंटरनेट पर पाबंदी लगा रखी है। इसके अलावा मोबाइल सेवाएं भी ठप हैं। मुजफ्फराबाद में बाजार शांत हैं और वाहन भी पूरी तरह से खड़े हैं। हालात यह हैं कि पीओके के 40 लाख लोग अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। वहीं पाकिस्तान की सरकार समस्याओं का हल करने की बजाय जनता पर ही आरोप लगा रही है कि वे फेक न्यूज के चलते आंदोलन कर रहे हैं, जिन्हें एक प्रोपेगेंडा के तहत फैलाया जा रहा है। अब सवाल है कि आखिर किन मांगों को लेकर इतना बवाल हो रहा है। दरअसल इसकी जड़ें मई 2023 में जाकर मिलती हैं। तब स्थानीय लोगों ने बिजली के बेतहाशा बढ़े दामों के खिलाफ विरोध किया था। इसके अलावा आटे की महंगाई और सप्लाई में कमी के खिलाफ भी आंदोलन हुआ था। इन लोगों का कहना था कि आटे की तस्करी की जा रही है। तब सितंबर में प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद में बड़ा आंदोलन किया था। इसके बाद मई 2024 में भी ऐसा ही हुआ था और 5 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने तब बिजली की दरों में कमी करने और आटे के दाम घटाने का ऐलान किया था। इससे तात्कालिक तौर पर प्रदर्शन थम गए थे, लेकिन फिर से बवाल बढ़ा है। मंत्रियों और अधिकारियों को मिलने वाली लग्जरी पर भी सवाल फिलहाल जो आंदोलन चल रहा है, उसके तहत जम्मू-कश्मीर अवामी ऐक्शन कमेटी ने 38 मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख ये हैं कि स्थानीय लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं मुफ्त में दी जाएं। इसके अलावा सरकारी अधिकारियों को मिले अधिक अधिकारों के खिलाफ भी लोगों में गुस्सा है। सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों को मिलने वाली मोटी पेंशन, पगार, सुरक्षाकर्मी, मकान, गाड़ियों के लिए ईंधन आदि को लेकर भी लोगों में गुस्सा है। इसे खत्म करने की मांग है। इसके अलावा 12 सीटों पर आरक्षण खत्म करने की भी मांग है, जिन्हें रिफ्यूजियों के लिए छोड़ा गया है। भारतीय हिस्से से गए लोगों को मिलने वाले आरक्षण पर भी बवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आरक्षण भारत से 1947 में पलायन करके आए लोगों को दिया गया था। लेकिन यह समूह एक मजबूत गुट है, जो राजनीतिक रूप से बहुत सक्षम है। ऐसे में उन्हें राजनीतिक रियायत मिलना ठीक नहीं है। एक मांग यह है कि 2023 और 2024 में हुए आंदोलन के दौरान जो मुकदमे लादे गए थे, उन्हें खत्म किया जाए। इसके अलावा पीओके में इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स बढ़ाने की मांग की गई है। एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने और सुरंगों एवं पुल के माध्यम से कनेक्टिविटी मजबूत करने की भी मांग हुई है।  

9 साल का इंतजार खत्म! केएल राहुल ने घर में किया शानदार शतक, मैच में छाया

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नई दिल्ली  एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के शानदार फॉर्म को वेस्टइंडीज के खिलाफ होम सीरीज में बरकरार रखते हुए केएल राहुल ने शानदार शतक जड़ा अहमदाबाद टेस्ट के दूसरे दिन लंच से पहले उन्होंने अपना शतक पूरा किया। हालांकि लंच के बाद जब खेल शुरू हुआ तब वह पहले ही ओवर में बिना कोई रन और जोड़े आउट हो गए। यह उनके करियर का 11वां टेस्ट शतक है। दिलचस्प बात ये है कि यह घरेलू सरजमीं पर उनके करियर का महज दूसरा टेस्ट शतक है जो 9 साल बाद आया है।   केएल राहुल की जबरदस्त पारी की बदौलत भारत ने दूसरे दिन लंच तक 3 विकेट के नुकसान पर 218 रन बनाए। लंच तक पहली पारी के आधार पर वेस्टइंडीज पर उसकी बढ़त 56 रन की हो चुकी थी। दूसरे दिन के पहले सत्र तक केएल राहुल 100 रन और ध्रुव जुरेल 14 रन बनाकर नाबाद लौटे। उसके बाद दूसरे सत्र के पहले ही ओवर में केएल अपना विकेट गंवा बैठे। इससे पहले शुक्रवार सुबह भारत ने 2 विकेट के नुकसान पर 121 रन से आगे अपनी पारी शुरू की। तब केएल राहुल 53 और कप्तान शुभमन गिल 18 रन पर थे। दूसरे दिन पहले सत्र में भारत को कप्तान गिल के तौर पर बहुत बड़ा झटका लगा। वह 100 गेंद में 50 रन बनाकर रोस्टन चेज का शिकार बने। उसके बाद ध्रुव जुरेल बल्लेबाजी के लिए आए। केएल राहुल और जुरेल ने ये सुनिश्चित किया कि लंच तक भारत को कोई और झटका न लगे। लंच से 2 ओवर पहले केएल राहुल ने 190 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की। यह टेस्ट क्रिकेट में उनकी 11वीं सेंचुरी है। इस दौरान उन्होंने 12 चौके जड़े। केएल राहुल का घरेलू सरजमीं पर यह महज दूसरा टेस्ट शतक है जो करीब 9 साल बाद आया है। इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेपक में टेस्ट शतक लगाया था। उस मैच में उन्होंने 199 रन की पारी खेली थी। खास बात ये है कि उस वक्त टीम इंडिया के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों में उनके अलावा सिर्फ उपकप्तान रविंद्र जडेजा ही हैं जो अभी प्लेइंग इलेवन में हैं।  

नागपुर में इलाज के दौरान गई एक और मासूम की जान, छिंदवाड़ा किडनी फेलियर केस में बढ़ा आंकड़ा

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छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा जिले में बच्चों में किडनी फेलियर से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि पिछले लगभग 30 दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहंच गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को भी इलाज के दौरान नागपुर में एक बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 9 हो गई है। बीमारी की शुरुआत बताया गया है कि किडनी फेलियर से बच्चों की मौत का सिलसिला 4 सितंबर को पहली मौत के साथ शुरू हुआ था और एक महीने के भीतर यह 9 पर पहुंच गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा और प्रशासन लगातार सक्रिय है। परासिया एसडीएम सौरभ कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा अब तक 1,400 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, और यह स्क्रीनिंग अभियान जारी है। वर्तमान में रोजाना 120 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि संभावित मामलों की जल्द पहचान कर उनका इलाज किया जा सके। प्रशासन इस बीमारी के मूल कारण का पता लगाने और प्रभावित बच्चों को उचित उपचार देने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। इस मामले में परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मृतक के स्वजन को 10-10 लख रुपए के मुआवजा दिलाने की मांग की है। बच्चों की मौत के मामले में जो तथ्य सामने आया है। उसके मुताबिक जो सिरप दी गई वो डॉक्टर प्रवीण सोनी ने लिखी थी। जिसमें कोल्ड्रिफ और नेक्सा डीएस शामिल हैं। कोल्ड्रिफ 20 साल पुरानी कंपनी है। कफ सिरप भी लंबे समय से बाजार में है। इसकी रिटेल कीमत 89 रुपए है। नेक्साडीएससिरप लगभग डेढ़ साल पहले ही बाजार में आया है। इसकी रिटेल कीमत 75 रुपए है। परासिया ब्लॉक के दो प्रमुख शिशु रोग विशेषज्ञ- डॉ. प्रवीण सोनी और डॉ. अमन सिद्दीकी का नाम सामने आया है, जिनके पर्चों पर कोल्ड्रिफ सिरप लिखा पाया गया है। विशेष रूप से डॉ. सोनी के परिवार के सदस्य ही उनके मेडिकल स्टोर का संचालन करते हैं, जहां यह दवा आसानी से उपलब्ध थी। बेटे को बचाने सब कुछ बेच दिया जिन लोगों ने बच्चे गंवाए हैं, उनके आंसू नहीं रुक रहे। उसेद के पिता यासीन ने कहा कि बेटे की हंसी घर में अब कभी नहीं गूंजेगी। उसे बचाने के लिए जिंदगी की जमा पूंजी, आटो, सब कुछ बेच दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अब मैं बेसहारा हूं, पर अपने छोटे बेटे के लिए मुझे जीना होगा। बस दुआ कीजिए कि किसी और पिता को यह दर्द न सहना पड़े। सीन बताते हैं कि 31 अगस्त को उसेद को बुखार आया था। स्थानीय क्लीनिक में इलाज के बाद 6 सितंबर को वह ठीक हो गया। अगले दिन फिर बुखार आया तो उसे छिंदवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे नागपुर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी में इंफेक्शन है। पेशाब रुक रही है। तीन बार कराया डायलिसिस इलाज के दौरान उसेद का तीन बार डायलिसिस करवाया गया, जिससे किडनी की बीमारी में आराम मिला। लेकिन इस बीच उसके ब्रेन में सूजन आ गई। ब्रेन हेमरेज हो गया। 6 दिन चले इलाज के बाद 13 सितंबर की शाम को उसकी मौत हो गई। परासिया में रहने वाली आफरीन परवीन की आंखों में भी आंसू हैं। इस संयुक्त परिवार में कुछ दिन पहले तक 12 बच्चे थे, लेकिन अब सिर्फ 11 ही बचे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा अदनान, जो सिर्फ 5 साल 8 महीने का था, अब इस दुनिया में नहीं रहा। दोनों किडनियां खराब होने के कारण उसकी जान चली गई। आफरीन ने बताया कि 21 अगस्त को अदनान को पहली बार बुखार आया था। दवा लेने के बाद वह ठीक हो गया था। 26 अगस्त को उसे बार-बार उल्टी होने लगी, जिसके कारण परासिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 27 अगस्त को फिर से बुखार आने पर उसे इंजेक्शन दिया गया।

स्टालिन का BJP पर हमला: करूर हादसे की जांच तो बनी, पर मणिपुर और कुंभ की अनदेखी क्यों?

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तमिलनाडु  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को रामनाथपुरम में सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु तीन बड़ी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में था, जिसने हजारों लोगों को प्रभावित किया। तब केंद्रीय वित्त मंत्री न तो यहां आईं और न ही कोई धनराशि मुहैया कराई। लेकिन, इस बार वह तुरंत करूर पहुंच गईं। बीजेपी ने मणिपुर दंगों, गुजरात की घटनाओं या कुंभ मेला में हुई मौतों के लिए कोई जांच आयोग नहीं भेजा। अब करूर में तुरंत एक टीम भेजी जा रही है। ऐसा तमिलनाडु के लिए किसी वास्तविक चिंता के कारण नहीं, बल्कि केवल इसलिए है क्योंकि अगले साल चुनाव होने वाले हैं।' सीएम स्टालिन ने कहा, 'भाजपा सोचती है कि वे इससे (करूर में भगदड़ से हुई मौतों) कुछ राजनीतिक लाभ उठा सकते हैं या इसका इस्तेमाल किसी को धमकाने के लिए किया जा सकता है। बीजेपी ऐसी स्थिति में है जहां वह किसी और का खून चूसकर जीवित रहती है।' उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य के हितों की उपेक्षा करती है, राज्यों के अधिकार छीनती है। वो यहां तक सोचती है कि राज्यों का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। उसे AIADMK का समर्थन प्राप्त है। विपक्ष के रूप में दृढ़ता से खड़े होने के बजाय AIADMK ने बीजेपी के साथ गुलामी का बंधन साइन कर लिया है और खुद को महज एक कठपुतली बना लिया है। AIADMK पर सीएम ने साथा निशाना एमके स्टालिन ने कहा, 'जो लोग दोषी हैं और अपने गलत कामों से बचना चाहते हैं, वे भाजपा को अपने कर्मों को शुद्ध करने का साधन मानते हैं। भाजपा पलानीस्वामी का इस्तेमाल कैसे कर रही है? उन्होंने उन्हें रैली से रैली, मंच से मंच और सड़क से सड़क तक यात्रा करने का काम सौंपा है ताकि और सहयोगी उनके साथ लाए जा सकें।' उन्होंने कहा कि जो लोग वास्तव में तमिलनाडु और तमिल लोगों की चिंता करते हैं, वे कभी भी भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। क्योंकि भाजपा कुछ और नहीं, बल्कि RSS की विभाजनकारी नीतियों को देश भर में लागू करने वाला राजनीतिक अंग और शक्ति केंद्र है। आगामी चुनावों में भी यह फिर से द्रविड़ मॉडल सरकार होगी जो जीतेगी और शासन जारी रखेगी। कच्चातिवु द्वीप का मुद्दा भी उठाया एमके स्टालिन ने कहा, 'हमारे मछुआरों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि श्रीलंकाई नेवी ने उन पर हमला किया है। हम लगातार इसकी निंदा और विरोध करते हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया। हमने तमिलनाडु विधानसभा में कच्चातिवु को वापस लेने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया और उसे केंद्र सरकार को भेजा। उस प्रस्ताव का उपयोग करके केंद्र सरकार को श्रीलंकाई सरकार से अपील करना चाहिए था, लेकिन वो ऐसा करने से इनकार कर रही है।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रीलंका गए और उन्होंने भी इसका अनुरोध करने से मना कर दिया। श्रीलंका के विदेश मंत्री कहते हैं कि वे कच्चातिवु नहीं देंगे।

महिला क्रिकेट विश्व कप: ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका – क्या घरेलू सरजमीं पर चैंपियन जीत पाएगी दबदबा?

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नई दिल्ली  श्रीलंका की टीम आईसीसी महिला विश्व कप के अपने दूसरे मैच में शनिवार को मजबूत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का भरपूर लाभ उठाना चाहेगी। मेजबान टीम इस मुकाबले में बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण की समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेगी। भारत के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका ने अच्छी गेंदबाजी की थी लेकिन लचर क्षेत्ररक्षण और लापरवाही से कुछ विकेट गंवाने का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। टीम नौ बल्लेबाजों के दहाई का आंकड़ा छूने के बावजूद 45.4 ओवर में 211 रन पर ढेर हो गई। कप्तान चमारी अटापट्टू और उनकी टीम को अब गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलिया ने 128 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद एश्ले गार्डनर की शतकीय पारी और नौवें नंबर की बल्लेबाज किम गार्थ के उपयोगी योगदान ने 326 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर अपनी बल्लेबाजी में गहराई का दर्शाया। बेथ मूनी, फोबे लिचफील्ड और कप्तान एलिसा हीली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के तौर पर ऑस्ट्रेलिया के पास एक मजबूत और आक्रामक बल्लेबाजी क्रम है जो उन्हें बेखौफ होकर आक्रामक क्रिकेट खेलने की छूट देता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी गेंदबाजी इकाई ने शानदार प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज एनेबेल सदरलैंड ने एक ही ओवर में तीन विकेट लिए। लेग-स्पिनर अलाना किंग और बाएं हाथ की स्पिनर सोफी मोलिनक्स ने बीच के ओवरों में दबाव बनाए रखा। मेगन शट, एलिस पेरी, ताहलिया मैक्ग्रा और डार्सी ब्राउन जैसे अनुभवी गेंदबाज भी लगातार खतरा बने रहते हैं। श्रीलंका के लिए यह मुकाबला बहुत चुनौतीपूर्ण होगा और उसे जीत के लिए बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अनुशासित और निरंतर प्रदर्शन करना होगा। पिछले सत्र (2022) में क्वालिफाई करने में विफल रहने के बाद श्रीलंका इस टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने को बेताब है। खासकर जब उसके अगले चार मैच घरेलू मैदान पर खेले जाने हैं। अटापट्टू श्रीलंका की बल्लेबाज़ी की रीढ़ हैं और उन्हें एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने 2017 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 178 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिसे महिला क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में गिना जाता है। वे शनिवार को उस तरह का प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेंगी। इस विश्व कप से पहले श्रीलंका के पिछले 31 मैचों में हर्षिता समरविक्रमा, विष्मी गुणारत्ना और कविशा दिलहारी जैसी युवा खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन कर भविष्य की उम्मीदें जगाई हैं। टीम को इस बड़े मैच में इन खिलाड़ी से बेहतर बल्लेबाजी की उम्मीद होगी। भारत के खिलाफ शुरुआती बल्लेबाजों के आउट होने के बाद मध्यक्रम लड़खड़ा गया जो टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है और वे इस मैच से पहले इसे सुधारना चाहेंगे। गेंदबाजी में इनोका राणवीरा और उदेशिका प्रबोधनी ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। टीमें: ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान, विकेटकीपर), डार्सी ब्राउन, एशले गार्डनर, किम गर्थ, हीथर ग्राहम, अलाना किंग, फोबे लिचफील्ड, ताहलिया मैकग्राथ, सोफी मोलिनक्स, बेथ मूनी, एलिस पेरी, मेगन शट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। श्रीलंका: चमारी अटापट्टू (कप्तान), हासिनी परेरा, विष्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षी डी सिल्वा, अनुष्का संजीवनी, इमेशा दुलानी, देवमी विहंगा, पिउमी वाथसाला, इनोका राणवीरा, सुगंधिका कुमारी, उदेशिका प्रबोदानी, मल्की मदारा, अचिनी कुलसुरिया। समय: मैच भारतीय समयानुसार अपराह्न तीन बजे शुरू होगा।  

सट्टेबाजी पर छत्तीसगढ़ की बदनामी, बीजेपी-कांग्रेस ने एक-दूसरे को ठहराया जिम्मेदार

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रायपुर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने रिपोर्ट-2023 पेश किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ ऑनलाइन जुआ-सट्टा मामले में देश में पहले स्थान पर है. प्रदेश में कुल 52 मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. आंकड़े सामने आने के बाद सियासत शुरू हो गई है. भाजपा नेता केदार गुप्ता ने इसका ठीकरा पिछली सरकार पर फोड़ा. वहीं इस बयान पर कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने भी पलटवार किया है. भूपेश सरकार में जमी ऑनलाइन सट्टा की जड़ें : भाजपा नेता केदार गुप्ता भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने एनसीआरबी की रिपोर्ट में ऑनलाइन सट्टेबाजी में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर आने पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के समय में ऑनलाइन जुआं-सट्टा की जड़े जमीं हुई थी. लेकिन जब से भाजपा सरकार बनी है, उसकी जड़ें उखाड़ रही है. यह भी बोले कि ये ग्राफ जल्द नीचे जाएगा. केंद्र सरकर इसे बंद करें : कांग्रेस नेता विनोद तिवारी इधर, भाजपा नेता केदार गुप्ता के बयान का कांग्रेस नेता और प्रदेश प्रवक्ता विनोद तिवारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जो ऑनलाइन सट्टा एप चल रहा है, वो सेंट्रल गवर्मेंट की अधीन है. केंद्र सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए. भूपेश सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में 6 से 7 सौ लोगों पर कार्रवाई भी हुई. साथ ही उन्होंने ऑनलाइन सट्टा को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था. उसके बाद भी ये कारोबार खुलेआम चल रहा है. इसको केंद्र सरकार को बंद ही कर देना चाहिए. उससे कमाई ही क्यों कर रहे हैं.

आई लव मोहम्मद विवाद पर पश्चिमी यूपी में तनाव, PAC-RRF की तैनाती से सुरक्षा कड़ी

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संभल  उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हाई अलर्ट है। आई लव मोहम्मद विवाद के चलते कई जगह पर प्रदर्शन और हंगामा हुआ। इसी के बीच आज जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इनमें सबसे पहले बरेली में पुलिस तैनाती बढ़ाई गई थी। इसके बाद संभल, सहारनपुर और मेरठ समेत पश्चिम यूपी के कई शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरेली में 2 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। 26 सितंबर की हिंसा के बाद बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं हाई अलर्ट पर हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई हिंसा और इतनी सारी घटनाओं के बाद, बरेली स्थित आला हज़रत दरगाह के सबसे वरिष्ठ मौलवी ने मुसलमानों से जुमे की नमाज़ के बाद शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है। प्रशासन ने पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया है, जबकि इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन भी तैनात किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल के चार जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा संभल में भी पीएसी और आरआरएफ तैनात की गई है। दशहरा के मद्देनजर गुरुवार को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान सड़कों पर तैनात हैं और ड्रोन हवा में उड़ रहे हैं। गौरतलब हो कि 26 सितंबर को, शुक्रवार की नमाज के बाद यहां कोतवाली क्षेत्र में एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए लगभग 2,000 लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पथराव की भी खबर है। मौलवी तौकीर खान द्वारा आहूत आई लव मुहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर एक विरोध प्रदर्शन रद्द होने से अशांति फैल गई थी।  

शनि प्रदोष व्रत 2025: अक्टूबर में दो अवसर, शुभ तिथियां और विधि

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साल 2025 का अक्टूबर महीना महादेव के भक्तों और शनिदेव की कृपा चाहने वालों के लिए बेहद खास है. प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित होता है और जब यह शनिवार के दिन पड़ता है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं, जिसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. शनिवार का दिन होने के कारण इस व्रत में भगवान शिव के साथ-साथ कर्मफल दाता शनिदेव की पूजा का भी विधान है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से शनि के अशुभ प्रभाव, साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस साल अक्टूबर 2025 में दुर्लभ संयोग बन रहा है, क्योंकि एक ही महीने में दो बार शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा. आइए जानते हैं इनकी तिथि, महत्व और पूजा विधि. शनि प्रदोष व्रत 2025: अक्टूबर की शुभ तिथियां     पंचांग के अनुसार, अक्टूबर 2025 में दो बार त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ रही है, जिससे यह दुर्लभ संयोग बन रहा है.     पहला शनि प्रदोष व्रत 4 अक्टूबर 2025 शनिवार आश्विन, शुक्ल पक्ष     दूसरा शनि प्रदोष व्रत 18 अक्टूबर 2025 शनिवार कार्तिक, कृष्ण पक्ष इस बार दूसरा शनि प्रदोष व्रत धनतेरस के शुभ दिन पर पड़ रहा है, जो इसकी महत्ता को और अधिक बढ़ा रहा है. शनि प्रदोष व्रत की संपूर्ण पूजा विधि व्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. गंगाजल से पूजा स्थल को शुद्ध करें. हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करें. पूरे दिन केवल फलाहार या जल ग्रहण करें और सात्विक नियमों का पालन करें. शाम को प्रदोष काल से पहले फिर से स्नान करें. एक चौकी पर शिव-परिवार (शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय) की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें. शिवलिंग का अभिषेक करें. अभिषेक के लिए जल, गाय का दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, गन्ने का रस आदि का प्रयोग करें. शिवलिंग पर बेलपत्र, आक के फूल, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, काले तिल, चंदन और अक्षत (चावल) अर्पित करें. माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं. भगवान शिव को खीर, हलवा या अन्य सात्विक भोग लगाएं. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. शनिदेव की कृपा के लिए इस दिन शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करें. शनि प्रदोष व्रत की कथा सुनें. और फिर आखिर में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें. विशेष संयोग का फल अक्टूबर 2025 में शनि प्रदोष व्रत का दो बार आना भक्तों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान किया गया व्रत अखंड पुण्यफल देने वाला होता है. खासकर जो लोग शनि से पीड़ित हैं, उनके लिए यह अवसर वरदान साबित होगा.

कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने: मोदी पर ‘रावण’ टिप्पणी से मचा घमासान

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नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना दशहरे पर जलाए जाने वाले दस सिर वाले रावण से कर डाली। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उदित राज ने तंज कसते हुए कहा, 'पीएम मोदी आज के दौर के रावण हैं। जिस तरह वह अपना सोने का महल बना रहे हैं, उसमें प्रवेश करते ही वह इसे जलता हुआ देखेंगे।' इस बयान की बीजेपी ने तीखी आलोचना की है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की नफरत की राजनीति करार दिया है। बीजेपी का पलटवार बीजेपी ने इस बयान पर कड़ा एतराज जताया है। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस का एकमात्र मकसद पीएम मोदी और भारत के खिलाफ नफरत फैलाना है। यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है।' पूनावाला ने उदित राज के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि वह पहले भी माओवादियों का समर्थन और RSS को ‘आतंकी’ बताने जैसे विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विपक्षी नेताओं ने पहले PM की मां का कथित तौर पर अपमान किया था। पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा, 'कांग्रेस की असलियत यही है। एक तरफ PM मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, जो RSS के संस्कारों को दर्शाता है। दूसरी तरफ राहुल गांधी PM को लाठी से मारने की बात करते हैं और उनकी OBC जाति पर तंज कसते हैं।' ‘मोहब्बत की दुकान’ या ‘नफरत के भाईजान’? पूनावाला ने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ नारे पर चुटकी लेते हुए कहा, 'यह मोहब्बत की दुकान नहीं, बल्कि नफरत के भाईजान है। समय-समय पर ये लोग चुनाव आयोग, भारत और सनातन संस्कृति पर हमला बोलते रहते हैं।' इस बयानबाजी ने दशहरे के मौके पर सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है, जहां एक तरफ कांग्रेस अपने बयानों से हमलावर है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा बता रही है।  

बच्चों की ग्रोथ के लिए बेस्ट सब्ज़ियां: कुछ ही दिनों में नज़र आएगा असर

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हर पेरेंट्स की यह चाहत होती है कि उनके बच्चे लंबी हाइट वाले, हेल्दी और सेल्फ कॉन्फिडेंस से भरपूर पर्सनैलिटी के मालिक बनें। बच्चों की लंबाई कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है, जैसे जेनेटिक, नींद, एक्सरसाइज, लाइफ स्टाइल और सबसे महत्वपूर्ण है– बैलेंस्ड डाइट। एक अच्छी डाइट न सिर्फ शरीर की संपूर्ण वृद्धि में सहायक होती है, बल्कि यह ग्रोथ हार्मोन को एक्टिल कर हड्डियों और मसल्स को भी मजबूत बनाती है। खासतौर पर कुछ खास सब्जियां बच्चों की लंबाई बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाती हैं। यहां ऐसी ही कुछ खास पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों के बारे में जानकारी दी गई है जिन्हें आप अपने बच्चों की डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- पालक पालक में आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में होते हैं। यह हड्डियों को मजबूती देते हैं और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे ग्रोथ हार्मोन एक्टिव होते हैं। गाजर गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन और विटामिन-ए आंखों के लिए तो फायदेमंद है ही, साथ ही यह ग्रोथ हार्मोन के निर्माण में भी सहायक होता है। हरी बीन्स फाइबर और प्रोटीन से भरपूर बीन्स हड्डियों और मसल्स की ग्रोथ को सपोर्ट करती हैं और बच्चों के संपूर्ण विकास में सहायक हैं। शलजम शलजम शरीर के ग्रोथ हार्मोन को एक्टिव करने में मदद करता है और इसमें मौजूद मिनरल्स हड्डियों की मजबूती को बढ़ाते हैं। लौकी लौकी हल्की, सुपाच्य और हाइड्रेटिंग सब्जी है, जो बच्चों की पाचन क्रिया सुधारती है और उनके शरीर को पोषण देने में मदद करती है। ब्रोकोली विटामिन सी, कैल्शियम और आयरन से भरपूर ब्रोकोली बच्चों की इम्युनिटी के साथ-साथ हड्डियों के विकास को भी बेहतर बनाती है। मटर प्रोटीन और फाइबर से युक्त मटर बच्चों को नई एनर्जी देती है और ग्रोथ के लिए आवश्यक तत्व प्रदान करती है। कद्दू बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए से भरपूर कद्दू शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों के विकास में सहायक होता है। शकरकंद इसमें मौजूद फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ग्रोथ हार्मोन के स्तर को बेहतर बनाते हैं। टमाटर लाइकोपीन, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर टमाटर शरीर की कोशिकाओं को हेल्दी रखता है और इम्युनिटी बढ़ाता है। इन सब्जियों को बच्चों की डेली डाइट में शामिल करना लंबाई बढ़ाने के साथ-साथ उनकी संपूर्ण शारीरिक और मानसिक वृद्धि में भी मदद करता है। इसलिए इन्हें आप उन्हें रचनात्मक तरीके से जैसे सूप, पराठा, सब्जी या सैंडविच में शामिल कर आसानी से खिला सकते हैं ।