Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

मुख्यमंत्री योगी बोले वाटर कंजर्वेशन की हो समुचित व्यवस्था, इससे डार्क जोन वाले क्षेत्रों में होगा सुधार

yogi 100 2.jpg

नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनाएं वैज्ञानिक पद्धति – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश  मुख्यमंत्री योगी बोले वाटर कंजर्वेशन की हो समुचित व्यवस्था, इससे डार्क जोन वाले क्षेत्रों में होगा सुधार  भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में वाटर कंजर्वेशन महत्वपूर्ण- मुख्यमंत्री – रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मिले सिंचाई की सुविधा  सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और वाटर कंजर्वेशन की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है। इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके। साथ ही, कटान रोकने के लिए सिल्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए। इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नलकूपों के आधुनिकीकरण व जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।

जल संकट से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, चेकडैम, तालाब, ब्लास्टकूप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर

4a 103.jpg

एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर चेकडैम, तालाब और ब्लास्टकूप निर्माण को बनाएं जनांदोलन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की  जल संकट से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, चेकडैम, तालाब, ब्लास्टकूप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर    जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई गहरी चिंता, कहा- चेकडैम, तालाब निर्माण और ब्लास्टकूप राष्ट्रीय आवश्यकता है    बोले मुख्यमंत्री- 6,448 चेकडैमों से 1.28 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और भूजल रिचार्ज बढ़ा    मुख्यमंत्री ने कहा- 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए  – बोले मुख्यमंत्री- 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करें   मुख्यमंत्री ने कहा- वर्ष 2017 में 82 अतिदोहित क्षेत्र घटकर 2024 में 50, क्रिटिकल क्षेत्र 47 से घटकर 45   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि जल संकट आज हमारी सामूहिक चिंता का विषय बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप वर्षा जल को रोककर धीरे-धीरे उसे भूमि में समाहित होने देते हैं। यह केवल स्थानीय प्राथमिकता नहीं है बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप केवल पानी रोकने की व्यवस्था नहीं बल्कि समेकित जल प्रबन्धन है, जो बड़े बांधों की तुलना में यह काफी किफायती है। उन्होंने निर्देशित किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर जनांदोलन बनाते हुए चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराएं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विभिन्न भागों स्थानीय/बरसाती नदी/ नालों में विभाग द्वारा अद्यतन 6,448 चेकडैमों का निर्माण किया जा चुका है। प्रत्येक चेकडैम से औसतन 20 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता विकसित होती है। इस प्रकार निर्मित चेकडैमों से कुल 1,28,960 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है और हर साल 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से अन्नदाता किसान वर्ष में दो से तीन फसल लेने में सक्षम हुए हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संचयन और ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक 1,002 चेकडैमों की डी-सिल्टिंग और मरम्मत कर उनकी क्षमता में वृद्धि की गई है। इसी तरह प्रदेश के 1 से 5 हेक्टेयर के 16,610 तालाबों में से 1,343 का पुनर्विकास और जीर्णोद्धार किया गया है, वहीं वर्ष 2017-2025 तक 6192 ब्लास्टकूप के माध्यम से 18576 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले यानी 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए, ताकि तालाब रिचार्ज के लिए तैयार हो सकें। बरसात के बाद इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए उपयोग में लाकर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।   रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए यह कदम निर्णायक साबित होगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 तक प्रदेश में 82 अतिदोहित और 47 क्रिटिकल क्षेत्र थे। सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में यह घटकर 50 अतिदोहित और 45 क्रिटिकल क्षेत्र रह गए हैं, जो संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में और तेजी लाकर आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों को पूरी तरह सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास होना चाहिए।   उन्होंने कहा कि जैसे "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप दिया है, वैसे ही चेकडैम और तालाब निर्माण भी सामूहिक प्रयासों से बड़े स्तर पर संचालित किया जाए। यह न केवल जल संकट से निपटने में सहायक होगा, बल्कि प्रदेश की कृषि, मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में तालाबों, ब्लास्टकूपों और चेकडैमों की फोटोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन कराएं। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग को लेकर प्रदेश सरकार का संकल्प अटल है और इसे समाज की भागीदारी से एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

धमाकेदार जीत के बावजूद टॉप-2 से बाहर भारत, इस टीम ने दिखाई अपनी ताकत

ind1 2.jpg

अहमदाबाद शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में पारी और 140 रनों से हराकर दो मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। इस जीत से भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में फायदा मिला है। डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में भारत का जीत का प्रतिशत तो बढ़ा है, मगर पोजिशन में किसी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। वेस्टइंडीज पर मिली यह धमाकेदार जीत भी भारत को WTC पॉइंट्स टेबल के टॉप-2 में जगह नहीं दिला पाई। टीम इंडिया अभी भी तीसरे पायदान पर है। वहीं श्रीलंका दूसरे तो ऑस्ट्रेलिया पहले पायदान पर है। ऑस्ट्रेलिया का फिलहाल राज बरकरार है क्योंकि कंगारू ना तो कोई मैच हारे हैं और ना ही उनका कोई मैच ड्रॉ हुआ है। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस टेस्ट मैच से पहले भारत का जीत का प्रतिशत 46.67 का था जो अब बढ़कर 55.56 का हो गया है। वहीं वेस्टइंडीज की टीम इस चक्र में अभी भी पहली जीत को तरस रही है। वेस्टइंडीज ने अभी तक 4 मैच खेले हैं और सभी में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। बात ऑस्ट्रेलिया की करें तो उनके खाते 100 प्रतिशत अंक है, वहीं श्रीलंका के खाते में 66.67 प्रतिशत अंक है। कैसा रहा IND vs WI मैच? टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारत ने दो सेशन के अंदर मात्र 162 पर ढेर कर दिया। मोहम्मद सिराज ने इस दौरान 4 तो जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट चटकाई। इसके बाद बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 448 रन बोर्ड पर लगाकर पारी घोषित कर दी और 286 रनों की बढ़त हासिल की। भारत के लिए केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतक जड़े। जडेजा अंत तक नाबाद रहे, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अर्धशतकीय पारी खेली। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने पारी घोषित कर दी थी जिससे उनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह मैच को चौथे दिन तक नहीं ले जाना चाहते। गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया। एक बार फिर वेस्टइंडीज को भारत ने दो सेशन के अंदर 146 रनों पर समेट मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया।  

राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रामेश्वर डूडी का निधन, बीकानेर में शोक की लहर

2 94.jpg

जयपुर पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बीकानेर से सांसद रहे रामेश्वर डूडी का लंबी बीमारी के बाद आज निधन हो गया। डूडी को 2 साल पहले उनका ब्रेन आया था। इसके बाद वे लंबे समय तक कोमा में रहे। डॉक्टरों के अनुसार डूडी के ब्रेन की मिडलाइन में 17MM का डैमेज हो गया था। बता दें कि रामेश्वर डूडी साल 2013 से 18 तक बतौर नोखा विधायक वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उनकी गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में थी। फिलहाल नोखा विधानसभा से उनकी पत्नी सुशीला डूडी विधायक हैं। डूडी ने अपने राजनीतिक जीवन में एक विधानसभा चुनाव और एक बार लोकसभा चुनाव जीता। बीते कुछ दिनों से उनकी तबियत काफी बिगड़ गई थी। कांग्रेस के कई बड़े नेता उनके मिलने उनके पैत्रक आवास पर पहुंचे भी थे। रामेश्वर डूडी मूलत: नोखा के रायसर गांव के रहने वाले थे।  पश्चिमी राजस्थान के किसानों की बुलंद आवाज रामेश्वर डूडी रहे। राजनीतिक जीवन में पंचायत समिति प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक और सांसद के साथ विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। बीकानेर में आज दोपहर करीब एक बजे जाट बगीची में अंत्येष्टि होगी। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा आज डूडी के पैत्रक आवास बीकानेर भी जाएंगे। गहलोत ने निधन पर जताया शोक पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने डूडी के निधन पर शोक जाताया है। उन्होंने कहा- पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बीकानेर से सांसद रहे रामेश्वर डूडी का निधन बेहद दुखद है। करीब 2 साल तक बीमार रहने के बाद इतनी अल्पायु में उनका जाना हमेशा खलता रहेगा। यह मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर एक आघात है। रामेश्वर डूडी ने अपनी हर भूमिका का निर्वहन अच्छे से किया। वो मेरे साथ सांसद, विधायक और हमारे नेता प्रतिपक्ष रहे। किसान वर्ग के लिए वो हमेशा काम करते रहे। मुझे याद है कि दौरा पड़ने से कुछ दिन पूर्व ही वो मेरे से मिलने आए थे और हमारे बीच लम्बी बातचीत हुई थी। हमने उनके इलाज के लिए बेहतर से बेहतर प्रबंध किए। एक सक्रिय जीवन जीने वाले डूडी जी का ऐसे बीमार होना हम सबके मन को कचोटता था।  मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बीकानेर से सांसद रहे श्री रामेश्वर डूडी का निधन बेहद दुखद है। करीब 2 साल तक बीमार रहने के बाद इतनी अल्पायु में उनका जाना हमेशा खलता रहेगा। यह मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर एक आघात है। डोटासरा ने भी संवेदना प्रकट की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी डूडी के निधन पर संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा- राजस्थान के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं किसान नेता रामेश्वर डूडी के निधन की ख़बर अत्यंत दु:खद है। उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। लंबे समय से अस्वस्थ डूडी  का निधन समाज, राजस्थान की राजनीति और कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। वो एक सच्चे किसान हितैषी थे, जिनके संघर्ष से प्रदेश में किसानों के कर्ज माफ हुए। उन्होंने सामाजिक एवं जन सेवा में रहते सदैव आमजन और दलित-पिछड़ों की आवाज़ को बुलंद किया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं दु:ख की मुश्किल घड़ी में डूडी परिवार को संबल प्रदान करें। जूली बोले- शोषितों की लड़ाई को समर्पित रहे डूडी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी रामेश्वर डूडी के निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा- पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हम सभी कांग्रेस परिवारजनों और पूरे राजस्थान के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उनका पूरा जीवन किसानों, मजदूरों, शोषित-वंचित और पीड़ित वर्ग की आवाज़ बुलंद करने और उनके हक व अधिकारों की लड़ाई लड़ने को समर्पित रहा। जिला प्रमुख, विधायक और सांसद के रूप में उनकी नि:स्वार्थ सेवा और संघर्ष हमेशा स्मरणीय रहेगा l ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान, शोक संतप्त परिवारजनों और समर्थकों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।     पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामेश्वर डूडी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हम सभी कांग्रेस परिवारजनों और पूरे राजस्थान के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। मुख्यमंत्री ने जताया दुख मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए लिखा,  राजस्थान विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने परमधाम में स्थान दें व शोकाकुल परिवारजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।  

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा: प्रेम के पोस्टर ठीक, कट्टरता और हिंसा की सोच अस्वीकार्य

dhirendra krishna shastri7 1.jpg

उज्जैन  पूरे देश में आई लव मोहम्मद के पोस्टरों को लेकर विवाद हो रहा है. कई शहरों में यह पोस्टर लगाए गए थे, जिन पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं. मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रशासन ने इन पोस्टरों को हटाने की सख्त कार्रवाई भी की. इसी मुद्दे पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आई लव मोहम्मद कहना गलत नहीं है, जैसे आई लव महाकाल कहना भी बुरा नहीं है. लेकिन जो लोग सर तन से जुदा करने की धमकी देते हैं, वह कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.  उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को हिंदू त्योहारों या परंपराओं पर निशाना बनाने का हक नहीं है. आई लव मोहम्मद कहना गलत नहीं अपने बयान में धीरेंद्र शास्त्री ने पाक अधिकृत कश्मीर का भी जिक्र किया और कहा कि हम पाक अधिकृत अपनी जमीन लेकर रहेंगे. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि यह सही समय है और पाकिस्तान में चल रहे हालात को देखते हुए भगवान से बुद्धि देने की प्रार्थना करनी चाहिए. आई लव महाकाल कहना भी बुरा नहीं शास्त्री ने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान में शांति की प्रार्थना हनुमान जी से कर रहे हैं. साथ ही पाकिस्तान को संदेश दिया कि अगर देश संभल नहीं रहा है तो भारत में घर वापसी कर लो. उन्होंने हिंदुओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पीछे से दिए जा रहे बयानों और धमकियों को गंभीरता से लेना होगा. धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान धार्मिक सद्भाव, राजनीतिक बयानबाजी और सीमाई मुद्दों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है.  

Zoho Vani Explained: Zoho का नया AI टूल जो मुफ़्त में कर रहा है कमाल

2 93.jpg

नई दिल्ली प्लेटफॉर्म Vani लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म की मदद से छोटे व्यवसायों (SMBs) को अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलेगी। Vani में व्हाइटबोर्ड, फ्लोचार्ट, माइंड मैप और वीडियो कॉल जैसे कई टूल मिलते हैं। टीम इसके जरिए अलग-अलग सोर्स से डेटा लेकर आसानी से काम कर सकती हैं। इतना ही नहीं, इस प्लेटफॉर्म के जरिए AI की मदद से कंटेंट भी बनाया जा सकता है। साथ ही, इनसाइट्स भी देखे जा सकते हैं। हालांकि इसका इस्तेमाल करने के लिए लोगों को पैसे देने होंगे। फ्री में यूज करने वालों को प्लेटफॉर्म के बेसिक फीचर्स मिलेंगे। Vani का प्रत‍िमाह शुल्‍क ग्लोबली Zoho के Vani प्लेटफॉर्म का यूज करने के लिए 5 डॉलर प्रति महीने देने होंगे। भारत में 240 रुपये प्रति महीने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म को फ्री में भी यूज किया जा सकता है। इसमें बेसिक फीचर्स के साथ 25 MB तक मीडिया अपलोड की सुविधा मिलती है। अगर आपको अपने डेटा और प्राइवेसी को लेकर चिंता है तो बता दें कि कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह यूजर्स का डेटा सेव नहीं करेगा। उनकी सारी डिटेल सुरक्षित रहेंगी। वानी जैसे एआई पावर्ड टूल क्‍या आपके करियर की दिशा बदल सकते हैं? समझने के लिए NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें। मिलते हैं कई टूल Zoho ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि Vani में व्हाइटबोर्ड, फ्लोचार्ट, डायग्राम, माइंड-मैपिंग और वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग जैसे कई टूल मिलेंगे। यह प्लेटफॉर्म टीमों को डेस्कटॉप, क्लाउड ड्राइव और एक्सेल शीट जैसे अलग-अलग सोर्स से डेटा लेकर एक साथ काम करने में मदद करेगा। इससे टीमों के लिए जानकारी शेयर करना और उस पर काम करना बहुत आसान हो जाएगा। Vani के प्रोडक्ट हेड कार्तिकयन जंबुलिंगम ने कहा है Vani पर सभी विभागों के लिए एक ही कैनवास में कई टूल का एक सेट मिलता है। इससे ऐप-स्विचिंग, प्रोसेस या ऑनबोर्डिंग की दिक्कत खत्म हो जाएगी। बता दें कि इसमें "Space and Zone" फ्रेमवर्क भी मिलता है। यह फ्रेमवर्क टीमों को स्वतंत्र रूप से काम करने की सुविधा देता है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे आसानी से एक-दूसरे के साथ कोलेब भी कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म में AI भी मिलता है। यह AI यूजर्स को कंटेंट बनाने में मदद करता है। Vani में प्लानिंग, ब्रेनस्टॉर्मिंग, डिजाइन डायग्राम और सोशल मीडिया क्रिएटिव के लिए रेडी-टू-यूज टेम्पलेट्स और टूलकिट की एक लाइब्रेरी भी है। यह सब प्रोजेक्ट वर्कफ्लो को बहुत आसान बनाता है। हाल ही में, Zoho का मैसेजिंग ऐप Arattai भी काफी चर्चा में आया। इसके बाद इसका वेब ब्राउजर Ulaa भी लोगों की नजरों में आया है। अब देखना है कि वानी को लोगों से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।

शहीद की याद में सैनिकों ने निभाया कर्तव्य, फूलों से सजी छतरी लिए दुल्हन की बारात हिमाचल प्रदेश में

4a 13.jpg

सिरमौर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर का गिरी इलाका… यहां के भोज के भरली गांव में बीते दिनों एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. यहां विवाह समारोह में विदाई थी- उस बहन की, जिसका फौजी भाई अब इस दुनिया में नहीं है. गांव की यह शादी अपने अद्भुत और भावनात्मक थी. विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जैसे ही दुल्हन की विदाई का वक्त आया, तो घर में भावुक कर देने वाला माहौल बन गया. हर बहन चाहती है कि उसके भाई विदाई के समय उसके साथ खड़े हों, उसके आंसुओं को पोंछें और उसे ससुराल तक हंसी-खुशी से विदा करें. इस दुल्हन के लिए यह पल भारी था, क्योंकि उसका एक फौजी भाई अब उसके साथ नहीं था. यह शहीद आशीष कुमार की बहन है. आशीष ने अगस्त 2024 में अरुणाचल प्रदेश में ऑपरेशन अलर्ट 2024 के दौरान देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी. आशीष का बलिदान न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व का विषय है. लेकिन बहन की विदाई के मौके पर भाई की कमी का एहसास बेहद गहरा था. जब विदाई का वक्त आया तो आशीष के साथी सैनिक और इलाके के पूर्व सैनिक सब मिलकर इस विवाह में शामिल हुए. उन्होंने न सिर्फ विवाह में शिरकत की, बल्कि बहन की विदाई भी उसी गरिमा और सम्मान के साथ की, जैसे कोई भाई करता है. यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं. शहीद आशीष कुमार के दो भाई हैं, जो खेती-बाड़ी करते हैं. आशीष ने आर्मी ज्वाइन की थी. बहन की शादी के मौके पर जब आशीष की कमी महसूस हुई, तो उनके साथियों ने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई. विदाई के समय सेना के जवान दुल्हन वाले पारंपरिक लाल रंग के शादी के जोड़े में सजी बहन के ऊपर फूलों और माला से सजा हुआ छत्र (फूलों की छतरी) लेकर चल रहे थे, ठीक वैसे जैसे कोई भाई करता है.  देश की वर्दी पहनने वाले कई भाई उसके सिर पर छांव की तरह साथ चल रहे थे. लोगों ने कहा कि यह साबित करता है कि फौज सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है. जब एक सिपाही शहीद होता है, तो उसके पीछे पूरा फौजी परिवार उसके घरवालों के साथ खड़ा हो जाता है. इस मौके पर पूरा गांव भावुक हो उठा.

वेस्टइंडीज ढेर, जडेजा की धाकड़ परफॉर्मेंस से भारत ने दर्ज की बड़ी जीत

gill1.jpg

अहमदाबाद  शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने दो मैच की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज को पारी और 140 रनों के बड़े अंतर से धूल चटाई। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 1-0 की बढ़त बना ली है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारत ने दो सेशन के अंदर मात्र 162 पर ढेर कर दिया।  मोहम्मद सिराज ने इस दौरान 4 तो जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट चटकाई। इसके बाद बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 448 रन बोर्ड पर लगाकर पारी घोषित कर दी और 286 रनों की बढ़त हासिल की। भारत के लिए केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतक जड़े। जडेजा अंत तक नाबाद रहे, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अर्धशतकीय पारी खेली। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने पारी घोषित कर दी थी जिससे उनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह मैच को चौथे दिन तक नहीं ले जाना चाहते। गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया। एक बार फिर वेस्टइंडीज को भारत ने दो सेशन के अंदर 146 रनों पर समेट मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। जडेजा ने 4 तो सिराज को तीन सफलताएं मिली। कुलदीप यादव को मिली आखिरी विकेट, भारत जीता कुलदीप यादव ने वेस्टइंडीज का आखिरी विकेट गिराकर भारत की झोली में जीत डाली। रवींद्र जडेजा पंजे से चूके, हालांकि इस मैच में उनका ऑलराउंड परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा। कुलदीप यादव ने 2 तो सिराज ने तीन विकेट निकाले। भारत ने वेस्टइंडीज को 146 रनों पर आउट कर मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। सील्स का तूफान 11वें नंबर पर बैटिंग करने आए सील्स निडर होकर बैटिंग कर रहे हैं। वह 9 गेंदों पर 19 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। भारत जीत से एक विकेट दूर है।

बिहार सरकारी नौकरियां 2025: विभिन्न विभागों में 5464 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

job1.jpg

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सरकार कौन बनाएगा, यह नवंबर में मतदाता तय करेंगे। फिलहाल, मौजूदा सरकार ने चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले 5384 स्थायी नौकरियों और संविदा आधारित 80 पदों पर नियुक्ति का रास्ता खोल दिया है। बिहार कैबिनेट की बैठक में इन नौकरियों के लिए पद सृजन की सहमति हो गई है। विभाग किन पदों पर कैसे काम लेंगे, यह रूपरेखा बनी हुई है। अब इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया के लिए संबंधित आयोगों के पास रिक्तियों का विवरण भेजा जाना है। पहले ही कई विभागों के पास रिक्तियों का विवरण पहुंचा हुआ है। कुछ पदों को बढ़ाए जाने के कारण पहले से घोषित परीक्षाओं के लिए भी रिक्तियां बढ़ाई गई हैं। अब नव-सृजित इन पदों की फाइल भी बढ़ गई है। कृषि-वन-पशु से है वास्ता, तो यह पद देखें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों हेतु कुल 1491 अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति मिली है। बिहार राज्य के अंतर्गत वन प्रमंडलों के पुनर्गठन के साथ विभाग को विभिन्न कोटि के कुल 927 पदों पर नियुक्ति करनी है। इसके लिए पद सृजन की स्वीकृति मिल गई है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में ही सचिवालय एवं संलग्न कार्यालय के सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न कोटि के कुल 78 अतिरिक्त पदों के सृजन को स्वीकृति मिली है। इसके अलावा, संजय गांधी जैविक उद्यान पटना के सुचारु संचालन हेतु स्थायी स्थापना अंतर्गत विभिन्न कोटि के कुल 172 अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति मिली है। राष्ट्रीय डॉल्फिन शोध केन्द्र के संचालन के लिए विभिन्न कोटि के कुल 45 पदों को कैबिनेट ने स्वीकृत किया है। कृषि विभाग ने बिहार कृषि विभागीय आशुलिपिक संवर्ग के पूर्व स्वीकृत पद का समर्पण/ प्रत्यार्पण करते हुए 218 नए पद सृजन की स्वीकृति राज्य कैबिनेट से ली है। गव्य विकास निदेशालय अंतर्गत नौ जिलों में नए जिला गव्य विकास कार्यालय की स्थापना के फैसले के साथ इसके लिए विभिन्न कोटि के कुल 72 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। बिहार वानिकी महाविद्यालय एवं शोध संस्थान मुंगेर में आवश्यकता आधारित विभिन्न कोटि के 26 पदों के सृजन को स्वीकृति मिली है। अनुसंधान-आपदा प्रबंधन में रुचि है तो यह पद साइबर इकाई को आर्थिक अपराध इकाई से अलग करने पर गठित हो रहे 'साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई' के संचालन हेतु विभिन्न कोटि के 23 नए पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इकाई के बाकी पद विभागीय स्थानांतरण से भरे जाएंगे। बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली-2021 के नियम-4 (ख) में निहित प्रावधानों के तहत बिहार अग्निशमन सेवांतर्गत कनीय सेवा संवर्ग (अराजपत्रित, वर्दीधारी) के विभिन्न कोटि के 2075 अतिरिक्त पदों के सृजन पर बिहार कैबिनेट ने मुहर लगाई है। इसके अलावा, बिहार सचिवालय सेवा/बिहार सचिवालय आशुलिपिकीय सेवा/बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा तथा कार्यालय परिचारी/परिचारी (विशिष्ट) संवर्ग के तहत अग्निशमन सेवाओं के विभिन्न कोटि के 42 पदों के सृजन के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली है। कैबिनेट ने राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) में फ़ॉलोवर श्रेणी के अंतर्गत पूर्व से स्वीकृत 177 पदों के अतिरिक्त कुल 73 नए पदों के सृजन की स्वीकृति भी दी है। सामान्य अभिरुचि के लिए इन पदों पर रखें नजर संग्रहालय निदेशालय (मुख्यालय) तथा अन्य राजकीय संग्रहालयों को सुचारु रूप से चलाने हेतु न्यूनतम आवश्यकता धारित विभिन्न कोटि के कुल 139 नए पदों का सृजन किया गया है। उधर, निबंधक (कोर्ट एवं केस मैनेजमेंट) का 01 (एक) पद जिला न्यायाधीश कोटि से, उप निबंधक (कोर्ट एवं केस मैनेजमेंट) का 01 (एक) पद असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) से एवं सहायक निबंधक (कोर्ट एवं केस मैनेजमेंट) का 01 (एक) पद असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) कोटि से, यानी कुल 03 (तीन) पदों के सृजन की स्वीकृति भी मिली है।   संविदा के आधार पर यह नियुक्तियां घोषित मंत्रिपरिषद् ने जिन पदों को स्पष्ट रूप से संविदा आधारित बताया है, वहां रिटायर्ड कर्मियों के लिए ज्यादा संभावनाएं हैं। जैसे, शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित सरकारी विद्यालयों/शैक्षणिक संस्थानों/कार्यालयों की भूमि का सत्यापन, भूमि के विवरण का संकलन एवं संरक्षण संबंधी गतिविधियों के क्रियान्वयन में सहयोग हेतु तीन वर्षों के लिए संविदा के आधार पर सेवानिवृत्त लिपिक के 40 पद एवं बेल्ट्रॉन से संविदा आधारित कंप्यूटर ऑपरेटर के 40 पद के सृजन की स्वीकृति मिली है। इसी तरह, बिहार राज्य के विधि विज्ञान प्रयोगशाला/क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं/जिला चलंत विधि विज्ञान इकाइयों के लिए रिक्त पदों के विरुद्ध निर्धारित मानक के आधार पर सहायक निदेशक (राजपत्रित) तथा वरीय वैज्ञानिक सहायक (अराजपत्रित) की सेवा अस्थायी रूप से संविदा के आधार पर लेने की भी स्वीकृति मिली है।

अमित शाह के भरोसेमंद जगदीश विश्वकर्मा बने गुजरात BJP के नए अध्यक्ष

jagdeesh viskarma1.jpg

नई दिल्ली गुजरात BJP के नए अध्यक्ष के तौर पर गुजरात के मंत्री और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता जगदीश विश्वकर्मा के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। उन्हें निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया है। शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले वह एकमात्र उम्मीदवार रहे। विश्वकर्मा को प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की आधिकारिक घोषणा शनिवार को गांधीनगर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में हुई। इस दौरान राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, मैं उनके प्रति अपार सम्मान रखता हूं और मेरा मानना ​​है कि वह एक जमीनी कार्यकर्ता हैं जो राज्य की जनता के लिए काम करते रहेंगे। उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और आज वह गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। ऐसा केवल भाजपा में ही संभव है। 52 साल के जगदीश विश्वकर्मा अहमदाबाद की निकोल सीट से तीन बार के विधायक हैं। वह वर्तमान में सहकारिता, नमक उद्योग, एमएसएमई, कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग राज्य मंत्री हैं। विश्वकर्मा इससे पहले भाजपा की अहमदाबाद नगर इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं। विश्वकर्मा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और नवसारी से लोकसभा सदस्य सी आर पाटिल का स्थान लेंगे, जिनका तीन साल का कार्यकाल जुलाई 2023 में समाप्त हो गया था। कौन हैं जगदीश विश्वकर्मा जगदीश विश्वकर्मा का राजनीतिक सफर बूथ लेवल कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद जिला स्तर पर भी कई जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह विधायक बनें। वह 2012 से लगातार निकोल विधानसभा सीट से 3 बार विधायक चुने गए। वह ओबीसी वर्ग से आते हैं और इस समुदाय पर उनकी अच्छी पकड़ है।