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ऊर्जा क्षेत्र में नया कीर्तिमान: मुरैना सोलर स्टोरेज प्रोजेक्ट का न्यूनतम टैरिफ ₹2.70 प्रति यूनिट

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मुरैना  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में शुक्रवार को कहा है कि सोलर प्लस स्टोरेज मुरैना परियोजना ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मुरैना में अपनी पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना विकसित कर रहा है, जिसमें रु 2.70 प्रति यूनिट का ऐतिहासिक टैरिफ प्राप्त हुआ है। यह भारत में पहली बार है कि किसी फर्म और डिसपेचेबल रिएन्युबल एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रु 3 प्रति यूनिट से कम टैरिफ हासिल किया गया है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना प्रोजेक्ट में प्राप्त सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस बात पर संतोष जताया गया कि परियोजना में प्राप्त न्यूनतम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकती है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि सोलर स्टोरेज प्रोजेक्ट मुरैना की विशेषता है कि इसके द्वारा सामान्य सौर घंटों एवं पीक घंटों के दौरान समान स्तर की विद्युत आपूर्ति की जाएगी। देश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना है, जिसमें 95 प्रतिशत पीक आपूर्ति की सुनिश्चित वार्षिक उपलब्धता है। साथ ही टैरिफ भी न्यूनतम 2.70 प्रति यूनिट है। अब तक सबसे कम टैरिफ रु 3.09 प्राप्त हुआ था, जो शाम को 2 पीक ऑवर्स में अनुबंधित सौर क्षमता के केवल 50 प्रतिशत की आपूर्ति एवं 85 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के लिये था। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि विगत 19 सितंबर, 2025 को हुई ई-रिवर्स नीलामी में प्राप्त दर आगामी 25 वर्षों के लिए निर्धारित हुई है। यह ₹ 2.70 प्रति kWh के ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई है। यह पूरे भारत में FDRE निविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है। निविदा में 16 बोलीदाताओं के साथ वैश्विक भागीदारी देखी गई, जिसमें बोली क्षमता की खरीद की जाने वाली बोली क्षमता का लगभग 10 गुना था। नीलामी में एक्मे सोलर होल्डिंग्स, अदानी रिन्यूएबल, एम्पिन एनर्जी, अप्रावा एनर्जी, सीगल इंडिया लिमिटेड, दिलीप बिल्डकॉन, एंजी एनर्जी, गोल्डी सोलर, एमबी पॉवर, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी, पावर मेक, पूर्वा ग्रीन, रिन्यू सोलर, सेरेंटिका रिन्यूएबल्स, शिवालय कंस्ट्रक्शन्स और वारी फॉरएवर एनर्जीज सहित प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल रही। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि मुरैना परियोजना भारत की एनर्जी ट्रांजिशन में एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना में नवकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा भंडारण का चयन करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिससे देश के स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य को बल मिले। उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी की दिशा में बढ़ने के लिए यह बड़ा कदम है। अब दिन के समय सोलर से पैदा होने वाली बिजली से प्रोजेक्ट के साथ स्थापित की गई विशाल बैटरी को चार्ज किया जाएगा। सूर्यास्त के बाद शाम को इसी बैटरी से बिजली की सप्लाई हो जाएगी। डिस्चार्ज बैटरी को मध्यरात्रि बाद सबसे कम दरों में मिलने वाली सस्ती ग्रिड पॉवर (थर्मल, जल या पवन) से फिर चार्ज किया जाएगा। सुबह के समय फिर बैटरी से सप्लाई दी जाएगी। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि जिस तरह घरों में बिजली जाने के बाद इनवर्टर काम आते हैं बैटरी बैकअप रहता है ठीक उसी तरह अब सोलर के बड़े प्रोजेक्ट काम करेंगे। मुरैना पार्क में दो सोलर प्लस बैटरी भंडारण इकाइयां शामिल मंत्री  शुक्ला ने बताया कि मुरैना पार्क में दो सोलर प्लस बैटरी भंडारण इकाइयां शामिल है। प्रत्येक इकाई से तीनों अवधियों में 220 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होगी : (i) real time solar (220 मेगावाट तक), (ii) शाम के पीक ऑवर्स के दौरान 2 घंटे (बैटरी चार्ज करने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा) और (iii) सुबह के पीक ऑवर्स के दौरान 2 घंटे (बैटरी चार्ज करने के लिए रात्रि के समय सस्ती ग्रिड पॉवर का उपयोग किया जाएगा)। इस पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (रमसल) द्वारा क्रियान्वित किया गया है। रमसल पहले भी प्रतिष्ठित नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। सफल निविदादाता Ceigall India Limited और Acme Solar Holdings Limited हैं, जिनके टैरिफ यूनिट 1 और यूनिट 2 के लिए क्रमशः रु 2.70 और रु 2.764 प्रति यूनिट हैं। इस नीलामी में प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेचेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। रमसल द्वारा परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। इंटरनेशनल फायनेंस कॉर्पोरेशन द्वारा ट्रांजेक्शन एडवाइजर के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर प्रमाणित किया है कि बैंकेबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्त पोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।  

अक्टूबर 7-8 को आयोजित होगी उच्चस्तरीय प्रशासनिक कांफ्रेंस, दिशा-निर्देश सार्वजनि

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भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 7 एवं 8 अक्टूबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस संबंधी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। विषय संयोजक को प्रस्तुति के लिए अधिकतम 20 मिनट मिलेंगे और प्रत्येक क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बतायी जायेंगी। राज्य सरकार के विजन के अनुरूप केन्द्र और राज्य सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और कमजोर 5 जिलों की समीक्षा की जायेगी। कांन्फ्रेंस में कलेक्टरों के सुझावों पर ध्यान केन्द्रित कर आने वाली विशिष्ट समस्याएं और मुद्दे तथा जिला स्तर पर उस क्षेत्र के साथ अन्य किसी क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार पर चर्चा की जायेगी। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना विभाग चुनिंदा कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नवाचार तथा जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक संवाद (जन संवाद) वीसी के माध्यम से इच्छित परिणाम प्राप्ति पर चर्चा होगी। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, लोगों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और पहलों के बारे में जागरूकता पर चर्चा होगी। सभी 8 सेक्टरों के लिए 75 मिनट का सत्र समय रखा गया है। कांफ्रेंस का उदघाटन सत्र 7 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा परिचय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव  अनुराग जैन के संबोधन से होगा। सत्र में संयोजक कृषि उत्पादन आयुक्त, सदस्य कृषि/बागवानी/पशु चिकित्सा/सहकारी द्वारा कलेक्टर्स के बीच कृषि एवं संबद्ध विषयों पर चर्चा की जायेगी। दूसरे सत्र में प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सदस्य सचिव डब्ल्यूपीसी, निदेशक एनएचएम कलेक्टर्स के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण पर चर्चा केन्द्रित होगी। तीसरे सत्र में प्रमुख सचिव उद्योग, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, वित्त विभाग द्वारा कलेक्टर्स के बीच रोजगार, उद्योग और निवेश चर्चा पर रहेगा। चौथे सत्र में संयोजक अपर मुख्य सचिव-शहरी द्वारा शहरी विषयों पर चर्चा होगी और पांचवे सत्र के दौरान संयोजक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, अपर मुख्य सचिव वित्त/ प्रमुख सचिव राजस्व/विधि द्वारा सुशासन पर चर्चा होगी। कॉन्फ्रेंस में 8 अक्टूबर की गतिविधियों के अंतर्गत सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक मुख्य सचिव अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, आयुक्त जनसंपर्क द्वारा अपेक्षाओं के साथ विविध चर्चाएँ की जायेंगी। कॉन्फ्रेंस के छठवें सत्र में संयोजक प्रमुख सचिव-स्कूल शिक्षा, प्रमुख सचिव जनजाति कार्य चर्चा करेंगे। सातवें सत्र में प्रमुख सचिव पीएचई/प्रमुख सचिव जनजाति कलेक्टर्स के बीच रिसर्च और विकास एवं जनजातीय गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। आठवें सत्र में नियम और कानून पर चर्चा होगी।  

ग्रामीण विकास में हिंदुस्तान पावर की भूमिका: सीएसआर के माध्यम से सकारात्मक बदलाव

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अनूपपुर  हिंदुस्तान पावर की सीएसआर पहल – ग्रामीण विकास की दिशा में ठोस कदम :हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा वर्ष 2024–25 में जैतहरी क्षेत्र एवं इसके आसपास के ग्रामों में कई महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना एवं सामाजिक विकास कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इन पहलों के माध्यम से न केवल स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा किया गया, बल्कि ग्रामीण समुदाय के जीवनस्तर में भी स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। यह प्रयास क्षेत्रीय विकास की दिशा में कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। मुख्य कार्य एवं उनका सामाजिक प्रभाव: स्वच्छ पेयजल की सुविधा और जल संचयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल:  हिंदुस्तान पॉवर के अधीनस्थ सीएसआर विभाग द्वारा 15 सार्वजनिक स्थानों पर हैंडपंप स्थापित किए गए, जिनमें ग्राम धुरवासिन में 2, अमगवां में 2, गुवांरी में 2, लहरपुर में 1, मुर्रा टोला में 3, टकहुली में 01, महुदा में 01 और चांदपुर में 03 बोरवेल मय हैंडपम्प लगवाए गये! विभाग की इस पहल से ग्रामीणचल के सैकड़ों परिवारों को सीधे स्वच्छ जल की सुविधा मिल सकी हैं।  सार्वजनिक स्थानों पर शीतल पेयजल हेतु 15 वाटर कूलर की स्थापना: हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 15 सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। यह पहल विशेष रूप से आम नागरिकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जनसमुदाय की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई है। सार्वजनिक स्थानों में तहसील परिसर, जैतहरी, मुख्य चौक, मिनी चौपाटी, वार्ड क्र 07, प्राथमिक पाठशाला, अमगँवा, मॉडल स्कूल जैतहरी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विधालय, अमंगवा, कन्या शासकीय उच्चतर माध्यमिक विधालय, जैतहरी, शासकीय कन्या हाई स्कूल, चांदपुर, शासकीय कन्या हाई स्कूल, क्योटर, शासकीय कन्या परिसर, जैतहरी, शासकीय कन्या हाई स्कूल, धनगवा पूर्व, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विधालय, चोलना, माध्यमिक विधालय, टकहौली और ग्राम मुर्रा इत्यादि ग्रामो में वाटर कूलर स्थापित किये गये! इस पहल से इन क्षेत्रों में दैनिक आवागमन करने वाले नागरिकों और विद्यार्थियों को शुद्ध व शीतल पेयजल की सुगमता से उपलब्धता सुनिश्चित हो सकी है, जिससे आमजन को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ है। जलसंचयन की दिशा में विभाग द्वारा तालाब गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया गया : विभाग द्वारा हाल ही में ग्राम पंचायत लहरपुर के मुर्रा टोला ग्राम के जुनवानी तालाब का गहरीकरण का कार्य किया गया एवं जैतहरी स्थित रानी तालाब का सौंदर्यीकरण कराया गया, इन दोनों परियोजनाओं से हज़ारो स्थानीयजनों का निस्तार संभव हो सका और सामुदायिक स्थल का लाभ मिला। प्रकाश व्यवस्था में सुधार : सार्वजनिक स्थानों पर लगाई गई 40 हाई मास्ट लाइट : विभाग द्वारा हाल ही में कंपनी से लगे स्थानीय क्षेत्रों में लोक स्थानों में 40 हाई मास्ट लाइट लगाई गईं हैं, जिससे रात्रिकालीन ग्रामीणजन को सुरक्षित और सुविधाजनक प्रकाश का लाभ मिला। इन चिन्हित स्थानों में ग्राम लहरपुर में 06 सार्वजनिक स्थलों पर लाइटों की व्यवस्था की गयी तो ग्राम अमंगवा में 05, ग्राम धुर्वासिन में 04, ग्राम जैतहरी, महुदा, चांदपुर 03-03, पढोर एवं धनगँवा में 02-02, ग्राम छुलाहा, नगदा, खिरना टोला, बेलिया, चोलना, पचौहा, कुकुरगोड़ा, शिवनी, पड़रिया, बलबहरा, टकहौली में 01-01 लाइट लगाई गयीं! राठौर चौक, जैतहरी से ग्राम मुर्रा टोला, लहरपुर तक सुगम आवागमन हेतु लगाई गई 40 स्ट्रीट लाइट : हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए राठौर चौक, जैतहरी से ग्राम मुर्रा तक के मार्ग पर कुल 40 स्ट्रीट लाइट्स स्थापित की गई हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रात्रिकालीन आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाना है। पहले जहाँ इस मार्ग पर अंधेरा होने के कारण दुर्घटना और असुरक्षा की संभावनाएँ बनी रहती थीं, अब वहां उजाले के साथ एक सुरक्षित वातावरण निर्मित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में 2.5 किमी सड़क निर्माण से सुगम आवागमन : हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा ग्रामीण बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विभाग के माध्यम से कुल 2.5 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य संपन्न कराया गया, जिनमें ग्राम टकहौली से गुंवारी (1.5 किमी)  और जैतहरी राठौर चौक से मुर्रा टोला, लहरपुर (01 किमी) का सड़क निर्माण कार्य कराया गया! इन परियोनाओ से हज़ारो ग्रामीणजन का शुलभ आवागमन सुनिश्चित हो सका! स्थानीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण : 10 शासकीय विद्यालयों का जीर्णोद्धार : कंपनी के सी एस आर विभाग द्वारा 10 शासकीय विद्यालयों का आवश्यकता अनुसार जीर्णोद्धार कराया गया, जिनमें शासकीय प्राथमिक विधालय, मुर्रा टोला, लहरपुर, शासकीय और माध्यमिक विधालय, लहरपुर, शासकीय मॉडल स्कूल, लहरपुर, शासकीय प्राथमिक विधालय, गुढ़ान टोला, लहरपुर, शासकीय माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विधालय, अमगँवा, शासकीय प्राथमिक विधालय, गुवांरी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विधालय, चांदपुर, शासकीय प्राथमिक विधालय, क्योटार, शासकीय माध्यमिक विधालय, मोहरी, शासकीय प्राथमिक माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विधालय धुर्वासिन शामिल हैं. स्वच्छता की दिशा में प्रभावी कदम – विद्यालयों में शौचालय निर्माण: कंपनी द्वारा स्थानीय विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण कराया गया, इन विद्यालयों में शासकीय विद्यालय अमंगवा, चांदपुर, क्योटर शामिल हैं। इस प्रयास से बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिला। सांस्कृतिक और सामाजिक स्थल : हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा परियोजना से सटे ग्रामीण अंचलों में सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के प्रोत्साहन हेतु 5 नए रंगमंचों (स्टेज) का निर्माण कराया गया है। जिनमें, महुदा में 01, चांदपुर में 02, गुवांरी में 01, लहरपुर में 01 शामिल हैं! इन स्थलों पर अब स्थानीय निवासी सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक आयोजनों का आयोजन सुचारु रूप से कर सकेंगे। इस पहल से इन ग्रामों में सामुदायिक सहभागिता, स्थानीय परंपराओं के संरक्षण, तथा सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिला है। यह कार्य न केवल एक बुनियादी सुविधा प्रदान करता है, बल्कि ग्रामीण समाज में सामूहिकता और सामाजिक संवाद को भी सशक्त करता है। हिंदुस्तान पावर के अधीनस्थ सीएसआर विभाग द्वारा समय-समय पर जनकल्याण एवं सामुदायिक विकास को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बुनियादी संरचनाओं का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाता रहा है। चाहे वह स्वच्छ जल की उपलब्धता हो, शिक्षा संस्थानों का उन्नयन, सुरक्षित सड़क और प्रकाश व्यवस्था या सांस्कृतिक मंचों का निर्माण – कंपनी का दृष्टिकोण सदैव समग्र और दूरदर्शी रहा है। इन सभी प्रयासों को लेकर ग्राम सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा निरंतर प्रशंसा की जाती रही है। यह सहभागिता न केवल कार्यों की प्रामाणिकता को दर्शाती … Read more

पूर्वोत्तर भारत से निवेश को आकर्षित करता मध्यप्रदेश – विकास और अवसरों का संगम

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भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संकल्पबद्धता मध्यप्रदेश को देश के हर राज्य के निवेशक के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और अनंत अवसरों का केंद्र बना रही है। मध्यप्रदेश में निवेशकों को अब व्यापार के अवसर के साथ ही स्थायी विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी उन्नति का भी भरोसा मिलता है। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए एक अनूठा केंद्र बनाती है। मध्यप्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन सेक्टरों में निवेश केवल व्यवसाय का निर्णय नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्यप्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दृष्टिकोण भी है कि राज्य में निवेश करना न केवल लाभकारी हो साथ ही यह औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाए। राज्य बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को भी समान अवसर देता है। वन-स्टॉप निवेश सुविधा, क्लस्टर आधारित विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियां सुनिश्चित करती हैं कि निवेशक यहां तेजी से अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें और नए साझेदारी के अवसर हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम में निवेशकों से करेंगे वन टू वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को Royal Bhutanese Consulate के कांसुल जनरल  Jigme Thinlye Namgyal भी सेशन को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के संसाधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा।  

सपा नेताओं पर प्रशासन का शिकंजा: बरेली में एंट्री बैन, संभल में पुलिस मुस्तैद

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बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को यानी आज बरेली जाने वाला है। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रतिनिधिमंडल की बरेली में एंट्री पर रोक लगा दी। प्रशासन का आदेश बरेली के डीएम ने सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए साफ निर्देश दिए कि बिना इजाजत किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि को बरेली की सीमा में प्रवेश न करने दिया जाए। आदेश में कहा गया कि यह कदम जिले की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। लखनऊ में रोके गए नेता प्रतिपक्ष डीएम के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को नोटिस दिया और उनके आवास पर ही रोक दिया। पुलिस ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति बरेली जाने की इजाजत नहीं है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव समेत कई नेता पांडेय के आवास पर पहुंचे, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। ‘अराजकता फैलाने नहीं जा रहे’ समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने ‘आजतक’ से कहा, ”नेताओं-कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि बरेली पहुंचें. हम कोई अराजकता फैलाने नहीं जा रहे हैं. हमको क्यों रोका गया है? हम सभी अधिकारियों से बात करेंगे.” उधर, समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रमान बर्क और मोहिबुल्लाह के भी बरेली पहुंचने की संभावना थी, लेकिन सभी नेताओं की गतिविधियों पर उनके जिलों में पुलिस की कड़ी नजर रखी जा रही है. बर्क के घर भी पुलिस तैनात बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर भी पुलिस तैनात है. सम्भल में दो अलग-अलग स्थानों की पुलिस को सांसद बर्क के घर के बाहर तैनात किया गया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क को पुलिस बरेली जाने से रोकेगी. सीओ कुलदीप सिंह भी इसी इलाके में तैनात नजर रख रहे हैं. बरेली में भी सपा नेता नजरबंद सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले बरेली शहर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है. पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव और सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगाया गया है. संभल में जिया उर रहमान वर्क हाउस अरेस्ट सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क को बरेली जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया ।सपा सांसद बर्क के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है. अखिलेश को सौंपी जाएगी रिपोर्ट सपा नेता बरेली जाकर घटना की जानकारी लेंगे और इसकी  रिपोर्ट अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सपा नेताओं  का उद्देश्य स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्या जानना है. वहीं अपने इस दौरे को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बरेली जाकर जनता की आवाज उठाना चाहते हैं. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकारी है. जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा  बता दें कि कुछ दिन पहले बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद में जुमे की नमाज के बाद हिंसा फैल गई थी. पुलिस को भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पुलिस ने इस हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा के साथ-साथ कई लोगों की गिरफ्तारी की. हिंसा को लेकर पुलिस की जांच जारी है.  माता प्रसाद पांडेय की प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा था। मुझे पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया, और इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे घर पर ही रहना होगा और बाहर नहीं जाना है। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर बरेली के डीएम का पत्र आया। उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए आपको यहां नहीं आना चाहिए। अपनी कमियों को छुपाने के लिए वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। अब हम अपनी पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके बाद ही निर्णय लेंगे।"

अहमदाबाद में टीम इंडिया का जलवा, वेस्टइंडीज पर 286 रनों की लीड के साथ बनाई पकड़

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अहमदाबाद  भारत-वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हो रहा है. आज (4 अक्टूबर) इस मुकाबले का तीसरा दिन है. वेस्टइंडीज की टीम अपनी दूसरी पारी में बैटिंग कर रही है. वेस्टइंडीज का स्कोर 20 रन को पार कर चुका है और उसके 2 विकेट गिरे है. मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 5 विकेट पर 448 रनों के स्कोर पर घोषित कर दी. भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 286 रनों की लीड मिली. वहीं वेस्टइंडीज की पहली पारी 162 रनों पर सिमट गई थी. वेस्टइंडीज की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड बल्लेबाज विकेट रन जॉन कैम्पबेल कैच साई सुदर्शन, बोल्ड रवींद्र जडेजा 14 तेजनारायण चंद्रपॉल कैच नीतीश कुमार रेड्डी, बोल्ड मोहम्मद सिराज 8 एलिक अथानाज नाबाद   ब्रैंडन किंग नाबाद   विकेट पतन: 12-1 (तेजनारायण चंद्रपॉल, 7.2 ओवर) भारत की पहली पारी: राहुल-जुरेल-जडेजा के शतक भारत की पहली पारी में केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतकीय योगदान दिया. सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने 197 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल रहे. ये राहुल का टेस्ट में 11वां शतक रहा. वहीं घर पर ये उनका दूसरा टेस्ट शतक था. ध्रुव जुरेल ने 15 चौके और तीन छक्के की मदद से 210 गेंदों पर 125 रन बनाए. जबकि जडेजा ने 6 चौके और 5 छक्के की मदद से 176 गेंदों पर नाबाद 104 रन बनाए. जुरेल के टेस्ट करियर का ये पहला और जडेजा के टेस्ट करियर छठा शतक रहा. वेस्टइंडीज की ओर से रोस्टन चेज ने दो विकेट चटकाए.

दिल्ली की टीम \’पृथ्वीराज योद्धास\’ में रणदीप हुड्डा की एंट्री, आर्चरी लीग को मिलेगा नया सितारा

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मुंबई,  बॉलीवुड स्टार रणदीप हुड्डा अपनी पत्नी एवं पूर्व राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज़ लिन लैशराम के साथ अब खेल की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। रणदीप और लिन ने दूरदर्शी लीडर डॉ. विकास गर्ग के साथ मिलकर दिल्ली की टीम 'पृथ्वीराज योद्धास' के को-ओनर्स बनने की घोषणा की है। यह टीम पहली बार आयोजित होने जा रही आर्चरी प्रीमियर लीग (एपीएल ) में हिस्सा लेगी, जो 02 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जाएगी। लिन के लिए यह कदम सिर्फ एक नया बिज़नस नहीं, बल्कि उस खेल में वापसी है जिसने उनके बचपन को दिशा दी। अपने पिता से प्रेरित होकर, जो मणिपुर आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, लिन ने दस साल की उम्र में तीरंदाज़ी शुरू की और अपनी पहली सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने टाटा आर्चरी अकादमी में ट्रेनिंग ली, कई मेडल जीते और 1998 में जूनियर नेशनल चैंपियन बनीं। चोट के कारण उन्होंने खेल से दूरी बना ली, लेकिन तीरंदाज़ी के प्रति उनका प्यार कभी खत्म नहीं हुआ। रणदीप हुड्डा ने कहा, तीरंदाज़ी हमेशा से लिन के जीवन का हिस्सा रही है, और अब उन्हें इस खेल में फिर से जुड़ते देखना बेहद सुखद है। हमारा मकसद इन युवा खिलाड़ियों को सपोर्ट करना और भारत में आर्चरी को और करीब लाना है। इस तरह की लीग्स से नए टैलेंट को इंटरनेशनल खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता है, जिससे भारत का टैलेंट पूल और मज़बूत होता है और हम अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीत सकते हैं।" लिन लैशराम ने अपने भाव साझा करते हुए कहा, "आर्चरी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया अनुशासन, धैर्य और दृढ़ता। भले ही मुझे प्रतिस्पर्धात्मक तीरंदाज़ी छोड़नी पड़ी, लेकिन खेल के प्रति मेरा प्यार कभी खत्म नहीं हुआ। अब एक टीम ओनर के रूप में वापसी करना और युवा तीरंदाजों को प्रोत्साहित करना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। मैं चाहती हूं कि और लोग, खासकर लड़कियां, धनुष और बाण उठाएं और इस खेल का आनंद लें।"  

युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन: पीएम मोदी आज करेंगे करोड़ों की योजनाओं की शुरुआत

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नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 62,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ)के मुताबिक यह युवा विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को निर्णायक बढ़ावा मिलेगा। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 60,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ केंद्र प्रायोजित योजना पीएम-सेतु (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन) की शुरुआत करेंगे। इस योजना में 1,000 सरकारी आईटीआई को ‘हब-एंड-स्पोक' मॉडल में उन्नत करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं। ‘हब एंड स्पोक' मॉडल एक वितरण प्रणाली है जो साइकिल के पहिये की तरह काम करती है, जिसमें एक ‘हब' (केंद्र) होता है जो सभी ‘स्पोक' (छोटे, सहायक स्थानों) को आपस में जोड़ता है। प्रत्येक ‘हब' औसतन चार ‘स्पोक' से जुड़ा होगा, जिससे उन्नत बुनियादी ढांचे, आधुनिक उद्यमों, डिजिटल शिक्षण प्रणालियों और इनक्यूबेशन सुविधाओं से सुसज्जित संकुलों का निर्माण होगा। पीएमओ के मुताबिक प्रमुख उद्योग साझेदार इन संकुलों का प्रबंधन करेंगे और बाजार की मांग के अनुरूप परिणाम-आधारित कौशल सुनिश्चित करेंगे। हब में नवाचार केंद्र, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण की सुविधाएं, उत्पादन इकाइयां और प्लेसमेंट सेवाएं भी होंगी, जबकि प्रवक्ता पहुंच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसमें कहा गया है, ‘‘सामूहिक रूप से, पीएम-सेतु भारत के आईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से परिभाषित करेगा, इसे सरकारी स्वामित्व वाला लेकिन उद्योग-प्रबंधित बनाएगा, जिसमें विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से वैश्विक सह-वित्तपोषण सहायता भी होगी।'' बयान के मुताबिक योजना के कार्यान्वयन के पहले चरण में बिहार के पटना और दरभंगा में आईटीआई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में स्थापित 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन करेंगे। बयान के मुताबिक ये प्रयोगशालाएं दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के छात्रों सहित अन्य को आईटी, ऑटोमोटिव, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे 12 उच्च मांग वाले क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम के अनुरूप, इस परियोजना में उद्योग-प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करने और रोजगार के लिए प्रारंभिक आधार तैयार करने के लिए 1,200 व्यावसायिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करना शामिल है। बयान में कहा गया है कि कार्यक्रम का विशेष जोर बिहार में परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर होगा, जो राज्य की समृद्ध विरासत और युवा जनसांख्यिकी को प्रतिबिंबित करेगा। मोदी बिहार की संशोधित ‘‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना'' की भी शुरुआत करेंगे, जिसके तहत हर साल लगभग पांच लाख स्नातकों को दो साल तक 1,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा, साथ ही मुफ्त कौशल प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। वह नए सिरे से तैयार की गई ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना की भी शुरुआत करेंगे, जिसके तहत चार लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत 3.92 लाख से अधिक छात्र पहले ही 7,880 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त कर चुके हैं। बयान के मुताबिक राज्य में युवा सशक्तीकरण को और मजबूत करने के लिए, मोदी द्वारा बिहार युवा आयोग का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा, जो 18 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए एक वैधानिक आयोग है। इसका उद्देश्य राज्य की युवा आबादी की क्षमता का उपयोग करना है। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बिहार केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकारों की कई विकास और कल्याणकारी पहलों के केंद्र में रहा है। बिहार की अन्य परियोजना जिसका प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे, वह जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करने के लिए उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है।  

सोनाक्षी का नया चैलेंज – फिल्म ‘जटाधारा’ में निभाएंगी विलेन का किरदार

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मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा फिल्म 'जटाधारा' में खलनायिका का किरदार निभाती नजर आयेंगी। सोनाक्षी सिन्हा अपने आगामी द्विभाषी (हिंदी-तेलुगु) प्रोजेक्ट 'जटाधारा' से दर्शकों को चौंकाने वाली हैं।ज़ी स्टूडियोज़ और प्रेरणा अरोड़ा की इस बहुप्रतीक्षित पौराणिक स्पेक्टेकल फिल्म से तेलुगु सिनेमा में कदम रखने जा रहीं सोनाक्षी सिन्हा बड़े पर्दे पर पहली बार खलनायिका के रूप में नज़र आनेवाली हैं। हालांकि 'धन पिशाचिनी' के रूप में उनका यह किरदार सिर्फ नकारात्मक ही नहीं, बल्कि बेहद शक्तिशाली और दमदार भी है। गौरतलब है कि जहां अधिकतर कलाकार अपने सकारात्मक किरदार को लेकर काफी सजग रहते हैं, वहीं सोनाक्षी का यह कदम न सिर्फ साहसिक है, बल्कि उन्हें नए मुकाम पर ले जाने की काबिलियत को भी दर्शाता है। सोनाक्षी सिन्हा ने जिस तरफ अपना कदम बढ़ाया है, वो बॉलीवुड में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को और निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। गौरतलब है कि 'जटाधारा' की कहानी काले जादू की रहस्यमयी दुनिया की झांकी पेश करती है, जहाँ तंत्र-मंत्र, गुप्त अनुष्ठान और प्राचीन श्राप आस्था और भय की सीमाओं को दर्शाया गया है। हाल ही में दुर्गा पूजा पर रिलीज़ हुआ सोनाक्षी का गाना “धना पिशाची” (हिंदी और तेलुगु में) पहले ही फिल्म के रहस्य और रोमांच को और बढ़ा चुका है। इस फिल्म में सोनाक्षी के अपोज़िट सुधीर बाबू नज़र आएंगे।फिल्म 'जटाधारा' 07 नवंबर को हिंदी और तेलुगु, दोनों भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।  

परफ्यूम लगाने के ये स्पॉट्स, जो रखेंगे आपकी खुशबू लंबे समय तक

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असल राज यह है कि आप परफ्यूम कहां लगाते हैं। शरीर के कुछ ऐसे हिस्से होते हैं जो ज्यादा गर्म रहते हैं या जिनमें ब्लड सर्कुलेशन ज्यादा होता है। इन हिस्सों से निकलने वाली गर्मी परफ्यूम की खुशबू को लंबे समय तक टिकाए रखती है। तो आइए जानते हैं कि शरीर के कौन-कौन से हिस्से पर परफ्यूम लगाने से आप पूरे दिन महकते रह सकते हैं। कॉलर बोन कॉलर बोन यानी गले और कंधे का हिस्सा परफ्यूम लगाने के लिए सबसे बेहतरीन जगह मानी जाती है। यहां परफ्यूम को फैलने और सैटल होने के लिए ज्यादा जगह मिलती है। खासकर तब जब आप स्ट्रैपी टॉप या डीप नेकलाइन वाले कपड़े पहनती हैं। हवा के लगातार संपर्क में रहने की वजह से खुशबू ज्यादा देर तक टिकी रहती है। बाल बाल खुशबू फैलाने का सबसे असरदार जरिया हैं। अगर आप चाहें तो थोड़ा-सा परफ्यूम सीधे बालों पर छिड़क सकती हैं या फिर अपने हेयर ब्रश पर परफ्यूम स्प्रे करके उससे बालों को संवार सकती हैं। इस तरह जब भी बाल हवा में लहराएंगे, आपकी खुशबू हर तरफ फैलेगी और लंबे समय तक बनी रहेगी। कानों के पीछे की नसें कानों के पीछे की जगह परफ्यूम लगाने का पुराना और कारगर तरीका है। यहां की नसें त्वचा के काफी करीब होती हैं और गर्मी जल्दी फैलाती हैं। यही वजह है कि यहां परफ्यूम लगाने से इसकी खुशबू देर तक बनी रहती है। यही कारण है कि कई महिलाएं पार्टी या इवेंट से पहले कानों के पीछे परफ्यूम लगाना पसंद करती हैं। कोहनी के अंदर क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कोहनी के अंदर पसीना जल्दी आता है? यही गर्माहट आपके परफ्यूम को असरदार बनाती है। जब आप इस हिस्से पर परफ्यूम लगाती हैं तो खुशबू पूरे दिन धीरे-धीरे फैलती रहती है। घुटनों के पीछे बिलकुल कोहनी की तरह घुटनों का पिछला हिस्सा भी परफ्यूम के लिए सही जगह माना जाता है। यहां से शरीर की गर्मी बाहर निकलती रहती है, जिससे खुशबू टिके रहने में मदद मिलती है। खासकर अगर आप स्कर्ट या ड्रेसेस पहनती हैं तो यह तरीका बेहद कारगर साबित होता है। गले के पास गले के पास परफ्यूम लगाना भी एक स्मार्ट ट्रिक है। अगर आप बाहर कहीं लंबे समय के लिए जा रही हैं और परफ्यूम की बोतल कैरी नहीं कर सकतीं, तो कॉटन बड पर परफ्यूम छिड़ककर साथ रख लें। जरूरत पड़ने पर हल्का-सा टचअप गले के पास करें और फिर से महक उठें। कलाई कलाई पर परफ्यूम लगाने का सबसे आम तरीका है। लेकिन ध्यान रखें, परफ्यूम स्प्रे करने के बाद कलाईयों को आपस में न रगड़ें। ऐसा करने से खुशबू जल्दी उड़ जाती है। बस हल्का स्प्रे करें और उसे सूखने दें। नाभि नाभि भी शरीर का गर्म हिस्सा है और यहां परफ्यूम लगाने से खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है। कई मॉडल्स और अभिनेत्रियां इस ट्रिक का इस्तेमाल करती हैं। खासकर गर्मियों में यह तरीका बहुत फायदेमंद है।