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भाषा के महत्व पर राज्यपाल पटेल का जोर: यह बनाती है व्यक्ति को सहृदय और संवेदनशील

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व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है भाषा : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने प्रदान किए हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि भाषा एक संपूर्ण संस्कृति है। यह भावों की अभिव्यक्ति के साथ व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है। राज्यपाल  पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रचार समिति द्वारा स्थापित पुरस्कारों से लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया और बधाई दीं। समारोह का आयोजन हिन्दी भवन में किया गया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी की लोकप्रियता भारत के साथ संपूर्ण विश्व में बढ़ी है। मोदी जी जब विश्व मंचों पर हिंदी में अपनी बात रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने कहा कि गैर हिन्दी राज्यों और सरकारी नीतियों में भी विगत वर्षों से हिन्दी का प्रसार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2023 में फिजी में विश्व हिन्दी सम्मेलन में दुनिया भर के 50 देशों का शामिल होना, प्रधानमंत्री जी के इन्हीं प्रयासों का सुखद प्रतिफल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन और प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रावधान, प्रधानमंत्री जी के संकल्पों की सिद्धि की पहल है। प्रदेश सरकार ने भी हिन्दी विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे तकनीकी, वैज्ञानिक विषयों का हिन्दी में अध्ययन-अध्यापन की अनुकरणीय और सराहनीय पहल की है। हिन्दी प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का करें नेतृत्व राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि विश्व मंच पर भारतीय भाषाओं का सम्मान और अधिक बढ़ाने के लिए हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में समन्वय की आवश्यकता है। आप सम्मानित और सभी गैर हिन्दी भाषियों से मेरा अनुरोध है कि हिन्दी और अहिन्दी भाषियों के संवाद सूत्र बनकर, हिन्दी के प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि अहिन्दी भाषी स्वामी दयानंद, महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी के सामर्थ्य के द्वारा हमारी सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोने में सफलता प्राप्त की है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान राज्यपाल  पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान प्रदान किया। उन्होंने  विभिन्न  श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसी प्रकार समिति द्वारा स्थापित विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए । राज्यपाल  पटेल ने मां सरस्वती का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल  पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और फल से अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रचार समिति के संपादक और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. मनोज वास्तव ने दिया।  रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति की उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में  महेश सक्सेना, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।  

रजत पाटीदार को मिली कप्तानी की जिम्मेदारी, रणजी सीजन 2025 में मप्र टीम का नेतृत्व करेंगे

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इंदौर  मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने आगामी रणजी सीजन के लिए अनुभवी बल्लेबाज रजत पाटीदार को टीम का कप्तान नियुक्त किया है। इंदौर के इस होनहार क्रिकेटर ने अपने प्रदर्शन से न केवल घरेलू क्रिकेट में बल्कि आईपीएल में भी अलग पहचान बनाई है। अब वे पहली बार रणजी ट्रॉफी में एमपी टीम की कमान संभालते नजर आएंगे। 15 अक्टूबर से होगा मुकाबला, इंदौर में जुटेंगी टीमें रणजी सीजन का पहला मुकाबला 15 अक्टूबर से इंदौर के एमरल्ड हाइट्स स्कूल मैदान में खेला जाएगा। इस मैच में मध्यप्रदेश और पंजाब की टीमें आमने-सामने होंगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच खास रहेगा, क्योंकि अपने ही शहर के मैदान पर कप्तान के रूप में रजत पाटीदार की यह पहली बड़ी जिम्मेदारी होगी। इंदौर से आईपीएल तक का सफर रजत पाटीदार का क्रिकेट सफर इंदौर से शुरू हुआ था। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से शानदार खेल दिखाया और टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई। उनकी जिम्मेदार बल्लेबाजी और स्थिरता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। एमपी क्रिकेट के लिए नई उम्मीद रजत पाटीदार की कप्तानी में एमपी टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। एमपीसीए के अधिकारियों और प्रशंसकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में टीम एक बार फिर रणजी खिताब की दौड़ में मजबूती से वापसी करेगी। टीम के युवा खिलाड़ियों को भी रजत के अनुभव से प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा।  आरसीबी की टीम को जिताया था खिताब इससे पहले रजत पाटीदार की अगुवाई में ही आरसीबी की टीम ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था और 18 साल का सूखा खत्म किया था। आईपीएल 2025 के फाइनल में आरसीबी की टीम ने पंजाब किंग्स की टीम को 6 रनों से हराया था। इसके अलावा पाटीदार बेहतरीन बल्लेबाजी में माहिर हैं और परिस्थितियों को जल्दी ही भांप लेते हैं और उसी अनुसार बैटिंग करते हैं। दो चरणों में आयोजित होगी रणजी ट्रॉफी 2025-26 रणजी ट्रॉफी 2025-26 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण के मुकाबले 15 अक्टूबर से 19 नवंबर तक खेले जाएंगे। इसके बाद दूसरा चरण 22 जनवरी से 1 फरवरी तक चलेगा। नॉकआउट मुकाबले 6 से 28 फरवरी तक खेले जाएंगे। मध्य प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी 2022 का खिताब घरेलू क्रिकेट का पावरहाउस समझे जाने वाली मुंबई को हराकर खिताब जीता था। तब फाइनल में मध्य प्रदेश ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी और उसके कप्तान आदित्य श्रीवास्तव थे। रजत वर्तमान में ईरानी ट्राफी में शेष भारत की कमान संभाल रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच युवा आफ स्पिनर अधीर प्रताप सिंह को अवसर मिला है। दिल्ली से तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को टीम में जगह नहीं दी गई है। उनकी जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान को शामिल किया गया है। चोट से उबर रहे तेज गेंदबाज आवेश खान भी टीम में शामिल नहीं हैं। वेंकटेश अय्यर भी टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर भी टीम में हैं। उनके अलावा एक अन्य बाएं हाथ के बल्लेबाज हरप्रीत सिंह भाटिया को भी चयनकर्ताओं ने शामिल किया है। पिछले सत्र में मप्र टीम में शामिल रहे तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को जगह नहीं देते हुए स्थानीय युवा अरशद खान को अवसर मिला है। अरशद ने आईपीएल में प्रभावित किया था। टीम का भार तेज गेंदबाज अरशद, कुलदीप सेन और अनुभव अग्रवाल के कंधों पर होगा। कुमार कार्तिकेय सिंह और सारांश जैन स्पिन गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करेंगे। सारांश के विकल्प के रूप में अधीरप्रताप सिंह को शामिल किया गया है। 15 अक्टूबर से मुकाबला मध्य प्रदेश रणजी टीम अपने अभियान की शुरुआत पंजाब के खिलाफ करेगी। यह मुकाबला इंदौर में ही 15 अक्टूबर से खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच पिछले पांच में से दो मैचों में पंजाब ने सीधी जीत हासिल की है जबकि एक मैच मध्य प्रदेश ने जीता है। दोनों के बीच पिछली टक्कर गत वर्ष अक्टूबर में ही चंडीगढ़ में हुई थी। मैच ड्रा रहा था, लेकिन पंजाब ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर अंक हासिल किए थे। पिछले सत्र में मप्र रणजी टीम की कमान इंदौर के शुभम शर्मा ने संभाली थी, जो इस सत्र में सत्र में बतौर बल्लेबाज टीम में शामिल हैं। रणजी ट्रॉफी फाइनल 2022 में पाटीदार का शतक रजत पाटीदार इंदौर के रहने वाले हैं। उनके परिवार में पिता मनोहर पाटीदार, मां मंजू पाटीदार, भाई महेंद्र पाटीदार और बहन सुनीता पाटीदार हैं। रजत ने न्यू दिगंबर जैन पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है। उनकी जर्सी का नंबर 87 है। मध्यप्रदेश के कोच चंद्रकांत पंडित के समय रजत पाटीदार मप्र टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक माने जाते थे। रजत ने कई मुश्किल मौकों पर टीम को संभाला और अहम पारियां खेलीं। रणजी ट्रॉफी 2022 के फाइनल रजत पाटीदार के करियर का यादगार लम्हा बन गया। फाइनल में मुंबई जैसी मजबूत टीम को मध्यप्रदेश की टीम ने हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब अपने नाम किया। इस जीत में रजत की अहम भूमिका रही। रजत ने 219 गेंदों में 121 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी। रणजी ट्रॉफी 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश की टीम का स्क्वाड: रजत पाटीदार (कप्तान), यश दुबे, हर्ष गवली, शुभम शर्मा, हिमांशु मंत्री, हरप्रीत सिंह, वेंकटेश अय्यर, सागर सोलंकी, कुमार कार्तिकेय, सारांश जैन, अधीर प्रताप, आर्यन पांडे, अरशद खान, अनुभव अग्रवाल और कुलदीप सेन।

सीन डिडी कॉम्ब्स को यौन उत्पीड़न के आरोप में 50 महीने की जेल, कोर्ट में रोते रहे रैपर

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लॉस एंजिल्स मशहूर रैपर सीन 'डिडी' कॉम्ब्स को महिला उत्पीड़न और महिलाओं को वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए 4 साल 2 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। साथ ही उन पर 50,000 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। सीन 'डिडी' कॉम्ब्स को यह सजा अमेरिका के जिला न्यायाधीश अरुण सुब्रमण्यन ने शुक्रवार, 3 अक्टूबर को सुनाई। सीन को यह सजा कई गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाने के बाद सुनाई गई। सीन 'डिडी' कॉम्ब्स पर टॉर्चर करने, यौन शोषण, सनकी पार्टियां आयोजित करने और तस्करी जैसे आरोप लगाए गए थे। सीन को तस्करी के ज्यादा गंभीर आरोपों से बरी कर दिया गया, पर वेश्यावृत्ति और हिंसा के आरोप उन पर साबित हो गए। जज ने फैसला सुनाते हुए कॉम्ब्स से कहा कि तुमने उन्हें शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। कॉम्ब्स को सजा सुनाने के बाद यह बोले जज सुब्रमण्यन सीन 'डिडी' कॉम्ब्स कार्रवाई के दौरान रोने लगे और दया की भीख मांगी। उन्होंने मां और अपने बच्चों से भी माफी मांगी। सुब्रमण्यन ने कहा कि यह सजा समाज को एक जरूरी संदेश देने के लिए सुनाई गई है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले शोषण और हिंसा को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन महिलाओं से भी माफी मांगी, जिनके साथ यौन उत्पीड़न किया सीन 'डिडी' कॉम्ब्स ने कोर्टरूम के बीचोंबीच खड़े होकर उन दो महिलाओं से भी माफी मांगी, जिनके साथ उन्होंने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था। डिडी का कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह अपने सात बच्चों के लिए मौजूद नहीं रहे। इतना कहकर उनका गला रूंध गया और वह मां से माफी मांगते हुए फूट-फूट कर रो पड़े। सीन 'डिडी' कॉम्ब्स गिड़गिड़ाए- दया की भीख मांगता हूं उन्होंने अपनी सजा पर कोर्ट में कहा, 'मैं अतीत को नहीं बदल सकता, लेकिन मैं भविष्य जरूर बदल सकता हूं। मैं आपसे दया की भीख मांगता हूं। मैं आपसे भीख मांगता हूं, फिर से पिता बनने के लिए, फिर से बेटा बनने के लिए, और अपने समुदाय में फिर से एक नेता बनने के लिए और वह मदद पाने के लिए जिसकी मुझे सख्त जरूरत है।' कॉम्ब्स ने मांगी माफी, कहा- अपने गलत कामों की जिम्मेदारी लेता हूं कॉम्ब्स ने कोर्ट को एक लेटर भी सौंपा, जिसमें कहा, 'मैं माफी मांगना चाहता हूं और कहना चाहता हूं कि अपने आचरण से दूसरों को जो भी दुख और पीड़ा पहुंचाई है, उसके लिए मुझे सचमुच बहुत दुख है। मैं अपने पिछले गलत कामों की पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही लेता हूं। ये मेरे जीवन के सबसे कठिन 2 साल रहे हैं, और अपनी वर्तमान वास्तविकता और स्थिति के लिए मैं खुद के अलावा किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता। मैं अपना रास्ता भटक गया। नशे की लत में खो गया। मेरा पतन मेरे स्वार्थ की वजह से हुआ था।' सीन 'डिडी' कॉम्ब्स पर लगे थे ये आरोप, 14 महीने की काट चुके सजा सीन 'डिडी' कॉम्ब्स पर रैकेट चलाने और यौन तस्करी के दो मामलों के अलावा वेश्यावृत्ति के लिए महिलाओं को ट्रांसपोर्ट करने के दो मामलों में आरोप लगाए गए थे। ये आरोप उनकी पूर्व प्रेमिका, सिंगर कैसी वेंचुरा और जेन नाम की एक अज्ञात पीड़िता ने लगाए थे। कॉम्ब्स के खिलाफ मई 2025 में केस शुरू हुआ था, जिसमें उन्हें यौन तस्करी और रैकेट चलाने की साजिश के आरोपों से बरी कर दिया गया था, जबकि जिनमें आजीवन कारावास की सजा हो सकती थी। मालूम हो कि सीन डिडी 'कॉम्ब्स' पहले ही ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में 14 महीने की सजा काट चुके हैं। सीन डिडी 'कॉम्ब्स' के लिए अभियोजन पक्ष ने कम से कम 11 साल की सजा की मांग की थी, जबकि कॉम्ब्स के वकीलों ने 14 महीने की सजा की मांग की थी।

बेकाबू कार ने छीनी जिंदगी: मॉर्निंग वॉक के दौरान 4 लोग रौंदे गए, 3 महिलाओं की मौत

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गाजियाबाद  यूपी के गाजियाबाद जिले में शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से तीन महिलाओं की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जी टी रोड पर राकेश मार्ग के पास सुबह करीब छह बजे सैर कर रहे लोगों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।  उसने बताया कि मृतकों की पहचान कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू कोटगांव निवासी कमलेश (55), मीनू प्रजापति (56) और सावित्री देवी (60) के रूप में हुई है जबकि एक अन्य घायल व्यक्ति की पहचान श्याम विहार कॉलोनी निवासी विपिन शर्मा (47) के रूप में की गई है। पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल ने बताया कि मीनू और सावित्री को अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया तथा कमलेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि कार चालक का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किए माँ कामाख्या देवी के दर्शन

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भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गुवाहाटी प्रवास के दौरान माँ कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन कर राष्ट्रवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और मध्यप्रदेश एवं असम की निरंतर उन्नति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी मती सीमा यादव ने भी मां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए। गुवाहाटी के माँ कामाख्या मंदिर परिसर में मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत भी किया।  

निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर वार, कहा- इमर्जेंसी में बुजुर्गों तक को जेल में ठूंसा गया था

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लद्दाख लद्दाख में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने पर कांग्रेस को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने खूब सुनाया है। दुबे ने कहा कि कांग्रेस शायद आपातकाल के समय को भूल गई है जब इंदिरा गांधी की सरकार ने विजय राजे सिंधिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल भीम सेन सचर को गिरफ्तार करवा लिया था। उन्होंने कहा, कांग्रस जिस संविधान का हवाला दे रही है, वह 1975 में कहा चला गया था। उन्होंने कहा, बीजेपी की संस्थापक सदस्य राज माता सिंधिया को गिरफ्तार कर लिया गया। आयकर विभाग ने छापे डाले। गायत्री देवी और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया। उन्हें ऐसी कालकोठरी में डाला गया जिसमें बाथरूम तक नहीं था और आप महिलासशक्तीकरण की बात करते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछ विदेशी ताकतों का हाथ था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग पूरी कर दी है। उन्होंने कहा, आज आप लद्दाख की बात करते हैं। लद्दाख में लोग मारे गए। पहले वही वांगचुक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग करते थे और विदेशी ताकत के शामिल होने के बाद वह पूर्ण राज्य की मांग करने लगे। कांग्रेस ने पिछले 30 साल में कुछ नहीं किया लेकिन मोदी जी की सरकार ने लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया। निशिकांत दुबे ने कहा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल 82 साल के सचर को घसीटकर जेल में बंद कर दिया गया था। आप लोकतंत्र की बात कैसे कर सकते हैं। कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिा पर कहा था कि कांग्रेस लद्दाख के मामले में घड़ियाली आंसूबहा रही है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र से मांग की है कि वह लद्दाख के लोगों से बात करे और लद्दाख में लोगों को डराना धमकाना बंद करे। उन्होंने हाल में हुई हिंसा को लेकर न्यायिक जांच की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा था कि लद्दाख में मारा गया एक शख्स जवान के परिवार से था। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक बहादुर और देशभक्त की जान ले ली क्योंकि वह लद्दाख के अधिकार की मांग कर रहा था। उसके पिता का सवाल है कि क्या देश की सेवा करने का यही इनाम है? बता दें कि सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है और जोधपुर जेल में रखा गया है।  

रूस-यूक्रेन संघर्ष तेज़, पैसेंजर ट्रेन और स्टेशन पर बमबारी से 30 से ज्यादा घायल

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कीव  यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्र सुमी (Sumy) में रूस ने हवाई हमला किया है. रूसी हमलों में एक पैसेंजर ट्रेन को निशाना बनाया गया है. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव ने बताया कि रूसी हमले में रेलवे स्टेशन और कीव जा रही ट्रेन को टारगेट किया गया. ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचा है.  समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गवर्नर ओलेह ने कहा कि इस हमले में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, ह्रिहोरोव ने एक जलती हुई ट्रेन के डिब्बे की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और कहा कि राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.  लगातार बढ़ रहे हैं रूसी हमले यह हमला रूस की उस एयरस्ट्राइक मुहिम का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें बीते 2 महीनों से यूक्रेन के रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. रूस लगभग हर दिन यूक्रेनी परिवहन नेटवर्क पर हमले कर रहा है. सिर्फ एक दिन पहले ही रूस ने यूक्रेन की राज्य गैस और तेल कंपनी नाफ्टोगैज़ के ठिकानों पर 35 मिसाइलें और 60 ड्रोन दागे थे. ये हमले खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों में हुए थे. नाफ्टोगैज़ के सीईओ सर्जी कोरेत्स्की के अनुसार यह अब तक की सबसे बड़ी बमबारी थी जिससे गैस उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ. इस हमले में करीब 8000 उपभोक्ताओं की बिजली कट गई. उन्होंने कहा कि हमारे कई प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कुछ जगहों पर नुकसान बहुत गंभीर है. इस हमले का कोई सैन्य औचित्य नहीं है.  एनर्जी स्ट्रक्चर पर बढ़े हमले रूसी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसकी सेनाओं ने यूक्रेन के गैस और ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर रातभर हमले किए. रूस ने दावा किया कि उसने सैन्य-औद्योगिक स्थलों को भी निशाना बनाया है. सर्दियों के करीब आते ही रूस ने यूक्रेन के एनर्जी स्ट्रक्चर पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लंबे ब्लैकआउट हो रहे हैं. यूक्रेन का पलटवार यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज की है. हाल के महीनों में कीव की सेना ने रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ा दिए हैं. इससे रूस के कई इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है. सिर्फ सितंबर में ही यूक्रेन ने रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में 19 तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले किए.

जापान में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल, साने ताकाइची बनेंगी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री

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टोक्यो  Aजापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने शनिवार को अपने नए अध्यक्ष के रूप में पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री साने ताकाइची को चुना। ताकाइची ने कृषि मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी को कड़े मुकाबले में हराया। इस जीत के साथ ताकाइची के देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। संसद में अगले हफ्ते होने वाले मतदान में एलडीपी-कोमेइतो गठबंधन के बहुमत के कारण उनकी नियुक्ति तय मानी जा रही है। पहले दौर के मतदान में ताकाइची को 183 और कोइज़ुमी को 164 वोट मिले। लेकिन किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिलने पर तुरंत दूसरे दौर का रनऑफ आयोजित किया गया, जिसमें ताकाइची ने जीत दर्ज की। यह फैसला एलडीपी सांसदों और लगभग दस लाख पंजीकृत सदस्यों के वोटों से हुआ। एलडीपी के इस चुनाव में कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें दो वर्तमान मंत्री और तीन पूर्व मंत्री शामिल थे। शुरुआती दौर में प्रमुख दावेदारों में ताकाइची, कोइज़ुमी और मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हायाशी का नाम सबसे आगे माना जा रहा था। ताकाइची पार्टी की अल्ट्रा-रूढ़िवादी धड़े से आती हैं। अगर वह संसद के मध्य-अक्टूबर में होने वाले मतदान में भी बहुमत हासिल कर लेती हैं तो वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बन जाएंगी। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी कोइज़ुमी चुने जाने पर एक सदी से भी अधिक समय में जापान के सबसे युवा प्रधानमंत्री होते। वर्तमान प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने सितंबर में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने जुलाई के संसदीय चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक हार की जिम्मेदारी लेते हुए कदम उठाया। इशिबा ने अक्टूबर 2024 में पदभार संभाला था, लेकिन ऊपरी और निचले सदनों में गठबंधन की बहुमत खोने के बाद पार्टी में बढ़ते असंतोष के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। एलडीपी ने हाल के दिनों में लगातार चुनावी हार झेली है और संसद के दोनों सदनों में अल्पमत में पहुंच गई है। पार्टी अब ऐसे नेता को सामने लाना चाहती है जो जनता का विश्वास वापस जीत सके और विपक्ष के सहयोग से नीतियों को लागू कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि सभी उम्मीदवारों ने जानबूझकर विभाजनकारी सामाजिक मुद्दों जैसे लैंगिक समानता, यौन विविधता और ऐतिहासिक विवादों पर खुलकर बात करने से परहेज किया। इसके बजाय उन्होंने महंगाई पर काबू, वेतन वृद्धि, रक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा विदेशी श्रमिकों पर सख्त नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अभियान चलाया। नए प्रधानमंत्री के सामने तात्कालिक चुनौती अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित शिखर वार्ता होगी, जिसमें रक्षा खर्च बढ़ाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। यह बैठक अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन से पहले होने की संभावना है।  

चक्रवात \’शक्ति\’ की तेजी से बढ़ती रफ्तार, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना, अलर्ट जारी

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मुंबई  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ (Cyclone Shakhti) को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है। यह इस वर्ष के मॉनसून के बाद के मौसम का पहला चक्रवात होगा, जिसकी रफ्तार फिलहाल 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है और यह तेजी से पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। IMD की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है। समुद्री तटवर्ती जिलों में संभावित निकासी और राहत व्यवस्था की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। चक्रवात ‘शक्ति’ की मौजूदा स्थिति IMD के अनुसार, ‘शक्ति’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल चुका है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक यह गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किलोमीटर दूर अरब सागर में केंद्रित था। तूफान 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुबह 8:30 बजे तक यह तूफान 22.0° उत्तर अक्षांश और 64.5° पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया, जो द्वारका से 470 किमी पश्चिम में, नलिया से 470 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, पाकिस्तान के कराची से 420 किमी दक्षिणपश्चिम में और ओमान के मसीरा द्वीप से 600 किमी पूर्वोत्तर में स्थित था। IMD के मुताबिक, यह प्रणाली 5 अक्टूबर तक अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुंच जाएगी और 6 अक्टूबर से दिशा बदलकर पूर्वोत्तर की ओर मुड़ेगी, जिसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मछुआरों के लिए चेतावनी IMD ने गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के साथ-साथ पाकिस्तान के समुद्री तटों पर रविवार तक समुद्र की स्थिति बहुत उथल-पुथल भरी रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को मंगलवार (8 अक्टूबर) तक उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और मध्य अरब सागर के किसी भी हिस्से में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। अरब सागर में चक्रवातों का इतिहास हाल के वर्षों में अरब सागर में बने कुछ प्रमुख तूफानों में ‘ताउते’ (2021) और ‘बिपरजॉय’ (2023) शामिल हैं। आमतौर पर अरब सागर में बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम चक्रवात बनते हैं, लेकिन समुद्र के बढ़ते तापमान के चलते इनकी संख्या में हाल के वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। क्यों रखा गया नाम शक्ति? ‘शक्ति’ नाम का चयन क्षेत्रीय चक्रवात नामकरण प्रणाली (Regional Cyclone Naming System) के तहत हुआ है। इस प्रणाली में 13 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ओमान, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड प्रमुख हैं। इन देशों की सूची में नाम क्रमवार उपयोग किए जाते हैं। ‘Shakhti’ नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया था।  

पानी की सुरक्षा अब जरूरी! नलकूपों में वैज्ञानिक उपाय अपनाने की योगी ने दी हिदायत

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए योगी ने कहा,‘‘ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। '' उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और ‘डार्क जोन' वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान होगा। नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार हो मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए, फलस्वरूप सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आदित्यनाथ ने कहा कि नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।