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स्मृति ईरानी ने 26 साल बाद किया रैंप वॉक, तुलसी भी रहीं साथ; नॉयना-मिहिर की जोड़ी भी भुलाए ये नजारा

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मुंबई  सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की तुलसी यानी स्मृति ईरानी का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में टीवी की तुलसी रैंप पर धमाल मचाती नजर आ रही है. स्मृति ईरानी (Smriti Irani) और एकता कपूर (Ekta Kapoor) इन दिनों अपने सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' (Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi) की वजह से सुर्खियों में बनी हुई हैं. तुलसी की जिंदगी में एक के बाद एक परेशानियां आ रही हैं. हाल ये है कि मिहिर ने अपना घर छोड़कर किसी और के साथ रहना शुरू कर दिया है. इसी बीच तुलसी ने सब कुछ भुलाकर मॉडल बनने का फैसला कर लिया है. हाल ही में सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की तुलसी रैंप पर वॉक करते हुए देखा गया है. सोशल मीडिया पर तुलसी यानी स्मृति ईरानी की कुछ तस्वीरें और वीडियोज वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों और वीडियोज में स्मृति ईरानी पर्पल व्हाइट कलर की खूबसूरत साड़ी पहनकर रैंप पर जलवे बिखेरती नजर आ रही हैं. अपने लुक को चमकाने के लिए स्मृति ईरानी ने गले में नेकपीस और हाथ में सुंदर कड़ा कैरी किया है. इस दौरान स्मृति ईरानी ने अपनी आंख पर लगा चश्मा हटाना जरुरी नहीं समझा. जब शोज टॉपर बनी टीवी की तुलसी स्मृति ईरानी की ये सादगी अब लोगों को काफी पसंद आ रही है. बता दें स्मृति ईरानी बॉम्बे टाइम्स फैशन वीक का हिस्सा बनने पहुंची थीं. यहां पर स्मृति ईरानी ने शोज टॉपर बनकर धमाल मचा दिया. लोग स्मृति ईरानी को लंबे समय बाद इस तरह से रैंप पर देखकर काफी खुश हो गए हैं. यही वजह है जो स्मृति ईरानी की तस्वीरें और वीडियोज लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. फैंस स्मृति ईरानी के लुक की तारीफ कर रहे हैं. स्मृति ईरानी के फैंस कह रहे हैं ये बात फैंस का कहना है कि अपने करियर के इतने ऊंचे मकाम पर पहुंचकर भी स्मृति ईरानी ने अपनी सादमी को नहीं छोड़ा है. गौरतलब है कि सीरियल क्योंकि सास भी कभी बहू के जरिए स्मृति ईरानी ने 25 साल बाद टीवी पर फिर से धमाका किया है. स्मृति ईरानी का शो फैंस को काफी पसंद आ रहा है. यही वजह है जो स्मृति ईरानी का शो टीआरपी में नंबर 2 पर बना हुआ है.

भारतीयों की दरियादिली: अमेरिकी विश्वविद्यालयों को मिले 3 अरब डॉलर, ट्रंप भड़के

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वाशिंगटन  अमेरीका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार प्रवासियों को लेकर बेहद सख्त है। यहां तक कि अमेरिकी सरकार ने अमेरिका में एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लागू कर दिया है। इसके खिलाफ स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, धार्मिक समूहों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और अन्य लोगों के एक समूह ने शुक्रवार को एक संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया। दूसरी तरफ भारतीय अमेरिकी विश्वविद्यालयों को दान करने में किसी मामले में पीछे नहीं हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों ने 2008 से अब तक अमेरिका के विश्वविद्यालयों को तीन अरब डॉलर से अधिक का दान दिया है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई। यह अध्ययन अमेरिका में अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा तक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में प्रवासी समुदाय के योगदान के प्रभावों को रेखांकित करता है। एक नए अध्ययन में अग्रणी गैर-लाभकारी संगठन इंडियास्पोरा ने गुरुवार को कहा कि भारतीय-अमेरिकी, जिनमें से कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर अनुभवों को अपनी व्यावसायिक सफलता का आधार मानते हैं, परिवर्तनकारी तरीकों से योगदान दे रहे हैं। इंडियास्पोरा ने कहा, ‘देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों को ऐतिहासिक दान देकर, भारतीय-अमेरिकी समुदाय न केवल उन संस्थानों का सम्मान कर रहा है जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भावी पीढ़ियों को सीखने, नवाचार और नेतृत्व विकास के समान अवसर प्राप्त हों। बता दें कि अमेरिका में ट्रंप की सरकार बनते ही वह प्रवासियों पर टूट पड़े। सैकड़ों भारतीयों को हथकड़ियां लगाकर भारत वापस भेजा गया और अब H-1B वीजा पर एकमुश्त भारी-भरकम शुल्क लगा दिया है। सैन फ्रांसिस्को स्थित ‘यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ में दायर मुकदमे में कहा गया है कि एच-1बी कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और शिक्षकों की नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। मुकदमे में कहा गया है कि यह अमेरिका में नवोन्मेष एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है और नियोक्ताओं को विशिष्ट क्षेत्रों में रिक्तियां भरने का अवसर प्रदान करता है। ‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड फाउंडेशन’ और ‘जस्टिस एक्शन सेंटर’ ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘इस मामले में कोई राहत नहीं मिलने पर अस्पतालों को चिकित्सा कर्मचारियों, गिरजाघरों को पादरियों एवं कक्षाओं को शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा और देश भर के उद्योगों के ऊपर प्रमुख नवोन्मेषकों को खोने का खतरा है।’ इसमें बताया गया कि मुकदमे में अदालत से इस आदेश पर तुरंत रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।  

अभिनेत्री संध्या शांताराम का निधन, 94 वर्षों के जीवन में अमिट छाप छोड़ी

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मुंबई  बॉलीवुड के गलियारे से एक बुरी खबर सामने आ रही है. एक्ट्रेस संध्या शांताराम, जिन्होंने हिंदी सिनेमा का सबसे हिट गाना 'अरे जा रे हट नटखट' दिया, उन्होंने उन्होंने 94 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. उनका आज अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क स्थित वैकुंट धाम में हुआ. उनकी मौत का असली कारण अभी सामने नहीं आया है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि वो काफी समय से बढ़ती उम्र में आने वाली परेशानियों से जूझ रही थीं. कौन थीं संध्या शांताराम? संध्या शांताराम, दरअसल वो एक्ट्रेस हैं जिन्होंने 1950s में बॉलीवुड की कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया है. उन्हें उनकी अदाकारी के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है. संध्या शांताराम ने यूं तो बॉलीवुड में काफी समय बिताया है, लेकिन जनता उन्हें उनके फेमस गाने 'अरे जा रे हट नटखट' के लिए ज्यादा जानती है.  ये गाना 1959 में फिल्म 'नवरंग' में उनपर फिल्माया गया था, जिसे आशा भोंसले ने गाया था. लेकिन इसमें संध्या शांताराम के एक्सप्रेशन्स की काफी तारीफ हुई थी. इस गाने की खासियत इसके चुलबुले बोल हैं, जिसके दम पर ये आज भी हिट है. ये गाना आज भी होली के त्योहार पर जोर-शोर से बजाया जाता है. लोग इस गाने पर दिल खोलकर झूमते भी हैं.  क्यों खास है संध्या शांताराम का 'अरे जा रे हट नटखट' गाना? संध्या शांताराम का गाना 'अरे जा रे हट नटखट' कई कारणों से खास माना जाता है. इस गाने में जिस तरह से संध्या शांताराम ने काम किया था, उसे देखकर फिल्म के डायरेक्टर और उनके पति वी.शांताराम एक्ट्रेस से इंप्रेस हुए थे. इसमें वो असली हाथी और घोड़े के साथ नाची थीं जिसे देखकर डायरेक्टर काफी खुश हुए थे.  संध्या ने इस गाने की कोरियोग्राफी भी खुद की थी. उन्होंने असली जानवरों के बीच इस गाने को परफॉर्म किया था, जिसमें काफी जोखिम भी शामिल था. लेकिन एक्ट्रेस ने निडर होकर सभी के सामने अच्छे एक्सप्रेशन के साथ इसमें काम किया. संध्या शांताराम का योगदान भले ही आज की पीढ़ी नहीं जानती, मगर उनका काम हर वक्त हमारे बीच मौजूद रहेगा. उनपर फिल्मी लवर्स अपना प्यार बरसाते रहेंगे.

सलमान खान का कड़ा रुख: अभिषेक बजाज, कुनिका और अशनूर को चेतावनी

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नई दिल्ली 'बिग बॉस 19' के बीते एपिसोड में कैप्टेंसी टास्क के दौरान अभिषेक बजाज और अमल मलिक के बीच बड़ा झगड़ा हुआ था। और घरवालों ने भी काफी हंगामा किया था। जिसके बाद बिग बॉस ने कैप्टेंसी टास्क ही रद्द कर दिया था। अब वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान खान ने शो के कंटेस्टेंट्स को जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने नेहल चुडासमा, कुनिका सदानंद और अभिषेक बजाज को लताड़ा है। लेटेस्ट प्रोमो में क्या कुछ कहा, आइए जानते हैं। 'बिग बॉस 19' के लेटेस्ट प्रोमो में सलमान खान ने अभिषेक से पूछा कि उन्हें उस वक्त गुस्सा क्यों आया था? तो कंटेस्टेंट ने जवाब दिया, 'भाई, वो बहुत बदतमीजी कर रहा था' होस्ट बोले, 'आप किसी को पालतू कुत्ता बोलें, वो चलेगा! पट्टा बांधने का टाइम आ गया है, वो चलेगा! बिना कुछ भी जाने, आप उस पर रिएक्ट कर रहे हैं। वायलेंट होता है।' अभिषेक ने कहा, 'लेकिन भाई अपनों को जब कोई बोलता है तो आप तो इफेक्ट तो होते ही हो।' सलमान ने अशनूर को फटकारा टास्क में अमल-अभिषेक की लड़ाई के बाद अशनूर ने ऑर्डर मोड में बिग बॉस से फुटेज दिखाने के लिए कहा था। जिस पर सलमान ने उनकी क्लास लगाई है। सलमान के सामने अभिषेक पर बरसे अमल मलिक फिर अमल गुस्से में चिल्लाते हुए अभिषेक बजाज से बोले, 'बदतमीजी करते हो आप। अभी सुन के ले क्या हम लोग?' फिर सलमान ने रोकते हुए कहा, 'एक सेकेंड। जिस तरह की चीजें बडाड कर रहा है। बजाज को आज बजाना चाहिए।' उन्होंने अमल से पूछा कि उन्होंने क्या कहा था, तो सिगंर ने बताया, 'अशनूर के बारे में कुछ बोलते हैं तो बजाज को सुरसुरी लग जाती है।' कुनिका को सलमान ने कहा- पूरे मुसीबत की जड़ इस बीच कुनिका ने कहा, 'नहीं, बजाज को नहीं बोला। उसमें सुरसुरी होती है।' इसके बाद अपना गुस्सा शांत करते हुए सलमान लंबी सांस लेते हुए उन्हें चुप रहने के लिए कहते हैं, 'कुनिका अपनी इज्जत, अपने हाथों में है।' कुनिका बोलीं, 'मैंने अशनूर से कुछ नहीं कहा।' तब होस्ट ने कहा, 'आप अपनी गलती बार-बार दोहरा रही हैं। थोड़ी मैच्योरिटी लाओ अपने अंदर यार। पूरे मुसीबत की जड़ कुनिका जी हैं। ये फैक्ट है।' इसके बाद एक्ट्रेस कुछ बोलने जाती हैं लेकिन उन्हें डपट देते हैं। घर से इस हफ्ते नहीं हुआ एविक्शन, होगी वाइल्डकार्ड एंट्री बता दें इस हफ्ते क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन मालती चाहर बतौर वाइल्डकार्ड शो में एंट्री करेंगी। इसके अलावा, शो पर एल्विश यादव बतौर गेस्ट नजर आएंगे। और तो और, इस हफ्ते कोई एविक्शन भी नहीं होगा। जबकि कुल 8 सदस्य बेघर होने के लिए नॉमिनेटेड थे, जिसमें अमल मलिक, नेहल चुडासमा, कुनिका सदानंद, अशनूर कौर, नीलम गिरी, प्रणित मोरे, तान्या मित्तल और जीशान कादरी का नाम शामिल था। गौरव खन्ना को किसी ने नॉमिनेटे नहीं किया था और फरहाना कैप्टन थीं। मगर कोई एविक्ट नहीं हुआ। कयास लगाया जा रहा है कि मिड वीक डबल एविक्शन हो सकता है।

‘आई लव मुहम्मद’ के नारे से भड़की भीड़, बेलगावी में उर्स जुलूस पर पथराव

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बेलगावी  कर्नाटक में बेलगावी के खड़क गली में स्थित महबूब सुब्हानी दरगाह के उर्स जुलूस के दौरान बवाल हो गया। नारों को लेकर हुए विवाद के बाद पथराव हुआ, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने 'आई लव मुहम्मद' का नारा लगाया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। फिलहाल शांति बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। खड़क गली से आमतौर पर जुलूस नहीं गुजरता। वहां के निवासियों ने नारे पर आपत्ति जताई और सवाल किया कि जुलूस का मार्ग क्यों बदला गया। नारे पर आपत्ति जताए जाने के बाद तनाव बढ़ गया और पथराव की खबरें आने लगीं। पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को काबू किया। सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने तुरंत हस्तक्षेप किया और मामला गंभीर होने से पहले ही समूहों को तितर-बितर कर दिया। स्थिति अब नियंत्रण में है।' 'आई लव मोहम्मद' को लेकर गहराता विवाद 'आई लव मोहम्मद' को लेकर विवाद पिछले कुछ दिनों से जारी है। यूपी में मेरठ के मवाना कस्बे में लगे एक पोस्टर को लेकर हंगामा मच गया। इसके बाद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, कस्बे के मुख्य चौराहों पर शुक्रवार देर रात पोस्टर लगाया गया था, जिस पर अंग्रेजी में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा हुआ था। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने इसे देख आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई। मवाना की थाना प्रभारी पूनम ने बताया कि पोस्टर लगाने के आरोप में चौकी प्रभारी मनोज शर्मा की तहरीर पर 5 लोगों इदरीस, तस्लीम, रिहान, गुलफाम और हारून के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

चौथी बार शादी के रास्ते पर टॉम क्रूज, 26 साल छोटी एना डे अरमास संग अंतरिक्ष में शादी की उम्मीद

लॉस एंजिल्स क्‍या हॉलीवुड के एक्शन सुपरस्टार टॉम क्रूज चौथी बार शादी करने जा रहे हैं? जी हां, ऐसा लग रहा है कि 'मिशन इम्‍पॉस‍िबल' फेम एक्‍टर जल्‍द ही 'जॉन विक: बैलेरीना' फेम गर्लफ्रेंड एना डे अरमास संग विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं। समझा जा रहा है कि शादी की तारीख पक्‍की हो गई है और यह आयोजन बेहद निजी रहने वाला है। मजेदार बात यह है कि कुछ दावों के मुताबिक, यह शादी अंतरिक्ष में होगी। वैसे, अगर यह खबर पक्‍की है तो फैंस के लिए खुश होने का बड़ा मौका है। एना के लिए भी यह दूसरी शादी होगी। टॉम क्रूज 63 साल के हैं, जबकि एना डे अरमास की उम्र 37 साल है। इसी साल जुलाई में दोनों को वरमोंट में हाथों में हाथ डाले सड़कों पर घूमते देखा गया था। अब अगर 'रडार ऑनलाइन' की एक रिपोर्ट पर यकीन किया जाए, तो टॉम फिर से शादी की कसमें खाने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, 'टॉम बस इतना जानते हैं कि वह इसे छुपाना चाहते हैं, वरना लोग उनकी आलोचना करेंगे। खैर, जब वे शादी करेंगे, तो टॉम पीछे नहीं हटेंगे।' …तो क्‍या अंतरिक्ष में एना से शादी करेंगे टॉम क्रूज? एना डे अरमास के लिए टॉम क्रूज पहले भी प्यार भरी बातें कह चुके हैं। शादी को लेकर अफवाहें यह भी है कि दोनों अंतरिक्ष में जीवनभर साथ निभाने की कस्‍में खाने वाले हैं। यदि ऐसा होता है कि तो अंतरिक्ष में शादी करने वाला यह पहला जोड़ा होगा। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि टॉम क्रूज इस आयोजन को ग्रैंड बनाने की सोच रहे हैं। अंतरिक्ष को लेकर उनका जुनून किसी से छुपा नहीं है। टॉम क्रूज की तीन शादियां, तीन तलाक बहरहाल, टॉम क्रूज की ये चौथी शादी होगी। टॉम ने सबसे पहले एक्‍ट्रेस मिमी रोजर्स से 1987 में शादी की थी। लेकिन फिर दोनों का 1990 में तलाक हो गया। उसके तुरंत बाद उसी साल 1990 में उन्‍होंने निकोल किडमैन से शादी की, जिनसे 2001 में उनका तलाक हो गया। यह संयोग की ही बात है कि निकोल किडमैन भी इन दिनों कीथ अर्बन से तलाक को लेकर चर्चा में है। खैर, निकोल के रिश्‍ता टूटने के कुछ साल बाद टॉम क्रूज का दिल केटी होम्‍स पर आया। दोनों ने 2006 में शादी कर ली, लेकिन 6 साल बाद यह रिश्‍ता भी 2012 में टूट गया। एना डे अरमास की शादी, तलाक और ब्रेकअप दूसरी ओर, एक्‍ट्रेस एना डे अरमास भी तलाकशुदा हैं। एना ने 2011 में स्पेनिश एक्‍टर मार्क क्लॉटेट से शादी की थी। लेकिन दो बाद ही 2013 में दोनों का रिश्‍ता टूट गया। बाद में एना का दिल एक्‍टर बेन एफ्लेक पर आया। दोनों के बीच जबरदस्‍त रोमांस चला। लेकिन फिर ब्रेकअप हुआ और बेन एफ्लेक ने अपनी पूर्व प्रेमिका जेनिफर लोपेज से शादी कर ली। वैसे, ये दोनों भी अब तलाक ले चुके हैं।

राजस्थान में दवा घोटाले की गूंज, ड्रग कंट्रोलर निलंबित, कायसन फार्मा के उत्पाद जब्त

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जयपुर राजस्थान सरकार ने कफ सिरप विवाद के बाद बड़ा कदम उठाते हुए राज्य ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को निलंबित कर दिया है और जयपुर स्थित कायसन फार्मा द्वारा बनाई गई सभी 19 दवाओं का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह निर्णय तब लिया गया है जब मध्यप्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों की खबरें आईं। स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग ने कहा कि दवा मानक तय करने की प्रक्रिया में कथित रूप से अनियमितता पाए जाने के कारण ड्रग कंट्रोलर को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। '5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए' चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह ने भी मामले पर संज्ञान लेते हुए आमजनहित में जांच और रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने को कहा था। विभाग ने एडवाइजरी जारी कर डेक्सट्रोमैथोरपन दवा के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बरती है। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही 2021 में 4 साल से छोटे बच्चों को यह दवा नहीं देने की एडवाइजरी जारी कर चुकी है। अब ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने दोबारा स्पष्ट किया है कि सामान्यत: 5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए और 2 साल से छोटे बच्चों को किसी भी स्थिति में यह दवा नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक दवाओं पर चेतावनी अंकित करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। वहीं सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों में उपयोग की जाने वाली दवाओं की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सभी दवाओं के वितरण पर रोक आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने बताया कि 2012 से अब तक कायसन फार्मा की दवाओं के 10 हजार 119 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 42 सैंपल अमानक पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर इस कंपनी की सभी दवाओं के वितरण पर रोक लगाई गई है। इस मामले में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

गाजा विवाद: ट्रंप की शर्तों से इनकार, हमास-ट्रंप टकराव से शांति अधर में

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गाजा  लगभग दो साल से जारी गाजा युद्ध में एक अहम मोड़ आया है। इस्लामी संगठन हमास ने शुक्रवार को संकेत दिए कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना के कुछ प्रमुख तत्वों को स्वीकार करने को तैयार है। इनमें सभी शेष इजरायली बंधकों की रिहाई और गाजा प्रशासन को एक टेक्नोक्रेटिक फिलिस्तीनी निकाय को सौंपना शामिल है। हालांकि, इन दोनों प्रस्तावों के साथ शर्तें जुड़ी हुई हैं और संगठन ने पूरी योजना को स्वीकार नहीं किया है। यह बयान उस समय आया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार तक की समयसीमा तय करते हुए चेतावनी दी थी कि अगर हमास ने समझौते को ठुकराया तो ऐसा नरक टूट पड़ेगा जैसा दुनिया ने कभी नहीं देखा है। ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “अगर यह समझौता नहीं हुआ तो हमास पर अभूतपूर्व तबाही टूट पड़ेगी। किसी भी सूरत में मध्य पूर्व में शांति होगी।” हमास ने क्या स्वीकार किया, क्या नहीं संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल, कतर और मिस्र जैसे प्रमुख मध्यस्थों ने हमास की इस आंशिक स्वीकृति का स्वागत किया है, लेकिन योजना के कई अहम मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। जैसे कि हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण, विदेशी निगरानी में संक्रमणकालीन प्रशासन और बंधकों की रिहाई की समय-सीमा। निरस्त्रीकरण पर चुप्पी ट्रंप की योजना का सबसे विवादित पहलू है कि हमास अपने सभी हथियार पूरी तरह जमा करे। योजना के अनुसार, गाजा का “स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में निरस्त्रीकरण” होना चाहिए। लेकिन हमास की आधिकारिक प्रतिक्रिया में इस पर कोई उल्लेख नहीं किया गया। हमास के वरिष्ठ नेता मूसा अबू मरजूक ने अल जजीरा को बताया, “हम हथियार किसी भविष्य के फिलिस्तीनी निकाय को सौंपने पर विचार कर सकते हैं, जो गाजा का संचालन करे। लेकिन यह फैसला फिलिस्तीनियों के बीच आम सहमति से होगा, बाहर से थोपा नहीं जाएगा।” राजनयिकों का कहना है कि यह चुप्पी रणनीतिक है। लिखित रूप में प्रतिबद्धता से पहले हमास गारंटी चाहता है। गाजा की सत्ता कौन संभालेगा? हमास ने कहा है कि वह गाजा का प्रशासन एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी निकाय को सौंपने को तैयार है, बशर्ते वह राष्ट्रीय सहमति से बने और अरब व इस्लामी देशों का समर्थन प्राप्त हो। लेकिन ट्रंप की योजना के मुताबिक, भविष्य में गाजा पर हमास का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं रहेगा। योजना में एक “बोर्ड ऑफ पीस” बनाने का प्रस्ताव है, जिसकी सह-अध्यक्षता ट्रंप और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर करेंगे। हमास ने इस विदेशी दखल को पूरी तरह अस्वीकार किया है। मरजूक ने कहा, “हम कभी भी किसी गैर-फिलिस्तीनी को फिलिस्तीनियों पर नियंत्रण की अनुमति नहीं देंगे। टोनी ब्लेयर की भूमिका विशेष रूप से अस्वीकार्य है।” बंधकों की रिहाई पर मतभेद ट्रंप की योजना में कहा गया है कि हमास को सभी 48 बंधकों (जीवित या मृत) को 72 घंटे में रिहा करना होगा। हमास ने बंधक विनिमय की अवधारणा तो स्वीकार की है, लेकिन समयसीमा पर आपत्ति जताई है। मरजूक ने कहा कि कुछ शवों को ढूंढने में कई हफ्ते लग सकते हैं, इसलिए 72 घंटे की समयसीमा अव्यावहारिक है। ट्रंप की योजना में गाजा में एक बहुराष्ट्रीय सुरक्षा बल की भी बात है, जो अस्थायी रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करे। हमास ने इस बिंदु पर कोई स्पष्ट रुख नहीं दिया। न स्वीकार किया, न अस्वीकार। हमास क्या पुनर्विचार चाहता है हमास का कहना है कि गाजा के भविष्य और फिलिस्तीनी अधिकारों पर कोई भी निर्णय बाहरी रूप से नहीं थोपा जा सकता है। संगठन चाहता है कि बातचीत में सभी फिलिस्तीनी गुट शामिल हों और समझौता राष्ट्रीय सहमति पर आधारित हो। हमास की इस आंशिक स्वीकृति के बाद अब ध्यान इस बात पर है कि क्या यह समझौता जमीन पर अमल तक पहुंच पाएगा। इजरायल ने कहा है कि वह पहले चरण में बंधकों की रिहाई के लिए तैयार है, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया कि कोई भी समझौता इजरायल की सुरक्षा सीमाओं से समझौता नहीं करेगा। ट्रंप ने स्वर नरम करते हुए कहा कि वे स्थायी शांति के लिए तैयार हैं और इजरायल से आग्रह किया कि बंधकों की सुरक्षित रिहाई तक बमबारी रोकी जाए।  

पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम बदला, आज तेज बारिश तो कल से चलेगा बूंदाबांदी का सिलसिला

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भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन अब भी बारिश का दौर जारी है. शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, देवास, बैतूल, रतलाम, नरसिंहपुर, सागर, सतना, उमरिया, बालाघाट, टीकमगढ़, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में बारिश का दौर देखा गया. इस दौरान इंदौर में देर रात तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई. इसके अतिरिक्त सीधी में 9 घंटे में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया, तो वहीं सागर में 1.5 इंच और सतना में 1 इंच बारिश हुई. साथ ही सिंगरौली में दोपहर बाद तेज बारिश का दौर शुरू हुआ. इस दौरान सिंगरौली के बैढ़न समेत देवसर और सरई इलाके में भी बारिश हुई. दूसरी ओर मऊगंज के ग्रामीण इलाके में भी तेज बारिश से जलभराव की स्थिति देखी गई. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन एक्टिव बना हुआ है. साथ ही दो साइक्लोनिक सर्कुलेश भी सक्रिय है, जिनमें से एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एमपी के पूर्वी हिस्से के ऊपर एक्टिव है. इसका असर अगले 48 घंटे तक प्रदेश में भारी बारिश के रूप में देखने को मिलेगा. डिप्रेशन, डीप डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के सक्रिय होने की वजह से पिछले 2 दिन से कई जिलों में तेज बारिश हुई। दशहरे के दिन भोपाल, बैतूल, दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, छतरपुर, सागर, टीकमगढ़, बालाघाट में बारिश हुई। वहीं, शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पानी गिरा। यह सिस्टम शनिवार को भी एक्टिव रह सकता है। इस वजह से मौसम विभाग ने चार जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। वहीं शुक्रवार शाम में इंदौर में तेज बारिश हुई। जिसके चलते कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। सीधी में 9 घंटे में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम अभी सक्रिय रह सकता है, इसलिए पूर्वी चार जिलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। शुक्रवार को इंदौर में हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में बिजली कटौती और जलभराव की समस्या भी सामने आई। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, फिर भी सतर्कता जरूरी है। प्रदेश के 12 जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम – से मानसून विदा हो चुका है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी यह विदाई हो गई है। विभाग के अनुसार 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। 10 अक्टूबर तक विदा होगा मानसून प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है।

संभल मस्जिद मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, विध्वंस की प्रक्रिया जारी रहेगी

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संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले की गौसुलवरा मस्जिद पर चल रहे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ मस्जिद कमिटी द्वारा दायर की गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इंकार कर दिया है. संभल की गौसुलवरा मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की थी. प्रशासन की तरफ से मस्जिद कमिटी पर आरोप है कि यह मस्जिद तालाब की जमीन पर बनाई गई है. ‘पहले ट्रायल कोर्ट में अपील करिए’ कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ध्वस्तीकरण पर रोक के लिए याची को ट्रायल कोर्ट में अपील दाखिल करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट में लगातार आज दूसरे दिन छुट्टी के दिन अर्जेंट बेंच बैठी और मामले की सुनवाई की गई. सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की ओर से जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश किया गया. हाईकोर्ट ने शुक्रवार की सुनवाई में मस्जिद की जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे थे. याची के अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी के मुताबिक कोर्ट की हस्तक्षेप के बाद उन्हें ध्वस्तीकरण का आदेश भी मिला है. बगैर ध्वस्तीकरण आदेश दिए मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही थी. मस्जिद, बारात घर और अस्पताल के ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका निस्तारित कर दी है. हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मस्जिद, बारात घर और अस्पताल के खिलाफ पारित ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगाने की मांग में की गई है. याचिका पर जस्टिस दिनेश पाठक की सिंगल बेंच में सुबह 10:00 बजे हुई सुनवाई. मसाजिद शरीफ गोसुलबारा रावां बुजुर्ग और मस्जिद के मुतवल्ली मिंजर की ओर से याचिका दाखिल की गई है. हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अर्जेंट बेसिस पर सुनवाई की मांग की गई थी. मस्जिद पक्ष की ओर से दलील दी गई की बारात घर को ध्वस्त कर दिया गया है. ध्वस्तीकरण के लिए 2 अक्टूबर गांधी जयंती और दशहरे का दिन चुना गया. ‘कोई बड़ा बवाल हो सकता था’ बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भीड़ की वजह से कोई बड़ा हादसा या बवाल भी हो सकता था. आरोप है कि बारात घर तालाब की जमीन पर बना हुआ था. जबकि मस्जिद का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना हुआ है. हालांकि मस्जिद कमेटी की ओर से अवैध हिस्से को खुद हथौड़े से तोड़ा जा रहा है. याचिका में राज्य सरकार,डीएम व एसपी संभल, एडीएम, तहसीलदार और ग्राम सभा को पक्षकार बनाया गया है. मस्जिद की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी और शशांक श्री त्रिपाठी ने रखा पक्ष. जबकि राज्य सरकार की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसिल जे एन मौर्या और स्टैंडिंग काउंसिल आशीष मोहन श्रीवास्तव ने पक्ष रखा.