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शरद पूर्णिमा 2025: चंद्रमा दर्शन, उपाय, आरती और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं, इस वर्ष 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को है। पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन चंद्र देव, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इस रात्रि में चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं के साथ पूर्ण रूप से प्रकाशित होता है, जिससे अमृतमयी चांदनी पृथ्वी पर बरसती है। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष स्थान है। मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जो भक्त जागकर उनकी पूजा करते हैं, उन्हें समृद्धि और सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा, यह दिन भगवान श्री कृष्ण के रास लीला के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी दिन उन्होंने इस गोपियों के साथ रास रचाया था। तिथि और शुभ मुहूर्त पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 06, 2025 को 12:23 पी एम बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त – अक्टूबर 07, 2025 को 09:16 ए एम बजे शरद पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय – 05:47 पी एम पूजा का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त 04:53 ए एम से 05:42 ए एम अभिजित मुहूर्त 12:03 पी एम से 12:50 पी एम विजय मुहूर्त 02:25 पी एम से 03:13 पी एम गोधूलि मुहूर्त 06:23 पी एम से 06:47 पी एम अमृत काल 11:40 पी एम से 01:07 ए एम, अक्टूबर 07 निशिता मुहूर्त 12:02 ए एम, अक्टूबर 07 से पूजा विधि स्नान और शुद्धता: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मंदिर या पूजास्थल की सफाई: पूजा स्थल को स्वच्छ करें और दीपक लगाएं। पंचोपचार पूजन: चंदन, दीपक, धूप, नैवेद्य और पुष्प अर्पित करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। रात्रि में चंद्र देव की पूजा: चंद्र देव को जल, दूध और अक्षत अर्पित करें। खीर अर्पण: रात्रि में खीर को चांदनी में रखें और अगले दिन उसे देवी लक्ष्मी को अर्पित करें। आरती और भोग: आरती करने के बाद भगवान को भोग अर्पित करें और प्रसाद वितरण करें। चंद्र देव की पूजा और अर्घ्य विधि चंद्र देव को जल, दूध और अक्षत अर्पित करें। माला फेरते हुए "ॐ सोम सोमाय नमः" मंत्र का जाप करें। चंद्र देव को खीर अर्पित करें। उपाय और व्रत इस दिन व्रत रखें और रातभर जागरण करें। गरीबों को भोजन और वस्त्र दान करें। चांदी की कटोरी में खीर रखें और चांदनी रात में रखें। मंत्र- माँ लक्ष्मी के मंत्र "ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात्" का जाप करें। स्वास्थ्य लाभ- शरद पूर्णिमा की रात की चांदनी को आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है, जो विशेषकर अस्थमा जैसी बीमारियों के उपचार में उपयोगी होती है। इस दिन चांदनी में रखी खीर को रोगियों विशेषकर अस्थमा से पीड़ित लोगों को खिलाना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

गंभीर मामला: कफ सिरप से मौत, गजेंद्र शेखावत ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही

जयपुर राजस्थान में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत वितरित की जा रही खांसी की दवा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बीते दिनों Dextromethorphan Hydrobromide Syrup लेने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने और कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चों की हालत यह दवा लेने के बाद ही खराब हुई। इसके बाद राज्य सरकार ने संबंधित कंपनी कायसन फार्मा की दवाओं की जांच करवाई, लेकिन रिपोर्ट में कंपनी को क्लीन चिट दे दी गई।  शेखावत ने कही ‘पूरी जांच’ की बात रविवार को जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से इस मामले में प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि दवाओं के मानकीकरण को लेकर भारत सहित पूरी दुनिया में एक निश्चित प्रोटोकॉल निर्धारित है। किसी भी दवा को मानव उपभोग के लिए अनुमति देने से पहले उसे कठोर परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी अधिक सख्त परीक्षण प्रणाली अपनाई जाती है। फिर भी यदि किसी तकनीकी कारण, रासायनिक प्रतिक्रिया या किसी अन्य वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं, तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। शेखावत ने यह भी जोड़ा कि भारत में दवाओं की लाइसेंसिंग, प्रत्येक बैच की पहचान और टेस्टिंग को लेकर सुव्यवस्थित और सख्त नियम बने हुए हैं और यदि कहीं चूक हुई है तो कार्रवाई तय है।   भरतपुर, सीकर और चूरू से आईं शिकायतें गौरतलब है कि बीते दिनों भरतपुर, सीकर और अन्य जिलों से मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में दी जा रही Dextromethorphan HBr Syrup IP 13.5mg/5ml की गुणवत्ता पर सवाल उठे। पहली शिकायत 28 सितंबर 2025 को भरतपुर से आई, जिसमें बैच नंबर KL-25/147 की दवा का जिक्र था। इसके अगले दिन, 29 सितंबर को सीकर से बैच नंबर KL-25/148 को लेकर शिकायत मिली। शनिवार को चूरू से जयपुर रेफर किए गए छह वर्षीय बच्चे की मौत भी इसी सिरप के सेवन के बाद हुई, जिससे विवाद और गहरा गया।   सरकार की कार्रवाई पर उठे सवाल राज्य सरकार द्वारा कैसन फार्मा की दवा की जांच रिपोर्ट में कोई खामी न मिलने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।

केंद्र ने सिरप मौतों पर जताई चिंता, स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों से रिपोर्टिंग और जांच में तेजी की अपील

नई दिल्ली मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के चलते हुए बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ आज एक अहम बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें खांसी की दवाओं की गुणवत्ता और उचित उपयोग पर चर्चा हुई। उन्होंने सभी दवा निर्माताओं को संशोधित शेड्यूल एम का सख्ती से पालन करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारखानों के लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया। साथ ही, खासकर बच्चों में खांसी की दवाओं का सही और सीमित उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया, क्योंकि अधिकांश खांसी स्वयं ही ठीक हो जाती है और दवाइयों की जरूरत नहीं होती। इस दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बेहतर निगरानी, समय पर रिपोर्टिंग, आईडीएसपी-आईएचआईपी की रिपोर्टिंग टूल का व्यापक प्रचार और सूचनाओं के आदान-प्रदान व संयुक्त कार्रवाई के लिए मजबूत समन्वय बनाए रखने की सलाह दी गई। 'कोल्ड्रिफ' पर CDSCO सख्त, तमिलनाडु एफडीए को कार्रवाई का निर्देश केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने सरेशान फार्मास्यूटिकल्स की तरफ से बनाई गई खांसी की दवा कोल्ड्रिफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब कई बच्चे इस दवा पीने के बाद मृत पाए गए। सीडीएससीओ तमिलनाडु के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को पत्र लिखकर कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए कहेगा।मृत बच्चों में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, राजस्थान के बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा केरल और तेलंगाना ने भी इस दवा का उपयोग रोकने के लिए जनता को चेतावनी जारी की है। कफ सिरप का उत्पादन करने वाली कंपनी पर लटकी तलवार वहीं दूसरी ओर सरकार कफ सिरप का उत्पादन करने वाली कंपनी पर सख्य कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) तमिलनाडु एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) को 'कोल्ड्रिफ' सिरप निर्माता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराधों के तहत सख्त कार्रवाई करने के लिए कहेगा। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में उन फैक्ट्रियों की जांच शुरू कर दी है जहां से संदिग्ध दवाएं बनी थीं। बता दें कि मामले में सीडीएससीओ ने 19 दवाओं के सैंपल इकट्ठे किए हैं, जिनमें खांसी की सिरप, एंटीबायोटिक और बुखार की दवाएं शामिल हैं। मध्य प्रदेश में नेक्स्ट्रो डीएस सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध मध्य प्रदेश में एक और कंपनी नेक्स्ट्रो डीएस के खांसी की दवा के नमूनों की जांच अभी चल रही है। कुल 19 नमूने लिए गए हैं, जिनमें सिरप, एंटीबायोटिक, बुखार की दवा और ओन्डान्सेट्रॉन शामिल हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो डीएस सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और इसी कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री भी रोक दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रतिबंध की घोषणा की। सभी राज्यों को केंद्र सरकार का निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को सलाह दी है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दी जाए। वहीं पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह, सीमित मात्रा और सावधानी के साथ किया जाए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए नुकसानदेह दवाओं पर अब चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य होगा। क्या है खतरा? मामले में तंलगाना सरकार की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कोल्ड्रिफ सिरप के इस बैच में डायएथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) नाम का जहरीला रसायन मिला है, जो शरीर के गुर्दों (किडनी) को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। इसी कारण तेलंगाना में इस सिरप को लेकर लोगों को उपयोग तुरंत बंद करने की चेतावनी दी गई है।

खान परिवार में आई नई खुशियाँ: अरबाज और शूरा के घर हुई बेटी की क़दमताल

मुंबई अरबाज खान और उनकी पत्नी शूरा ने रविवार को अपने पहले बच्चे का स्वागत किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शूरा ने रविवार सुबह बेटी को जन्म दिया है। हालांकि, कपल की ओर से अब तक इस बात की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और न ही उन्होंने कोई तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। शूरा को कल मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खान परिवार में बेटी का जन्म अरबाज की बेटी के जरिए खान परिवार ने लंबे वक्त बाद बेबी गर्ल का स्वागत किया है। इससे पहले अरबाज को पहली पत्नी मलाइका से एक बेटा अरहान हुआ था। उनके एक भाई सोहेल के भी दाे बेटे निर्वाण और योहान हैं। जबकि दूसरे भाई सलमान ने तो अब तक शादी ही नहीं की है। हालांकि, तीनों भाईयों की दो बहनें अलवीरा और अर्पिता जरूर हैं। दूसरी बार पिता बने हैं अरबाज खान अरबाज खान दूसरी बार पिता बने हैं। अरबाज की पूर्व पत्नी मलाइका अरोड़ा से बेटा अरहान खान हुआ था। आज शूरा और अरबाज एक बेटी के पिता बने हैं। खान परिवार में एक नन्हीं राजकुमारी ने कदम रखा है। एक्टर 25 साल बाद दोबारा पिता बने हैं। शूरा का बेबी शावर हाल ही में शूरा की गोद भराई की रस्म धूमधाम से मनाई गई थी। इस प्रोग्राम में सलमान खान से लेकर पूरा खान परिवार शामिल हुआ। शूरा की गोद भराई की रस्म में करीबी दोस्त और इंडस्ट्री के कुछ सेलेब्स नजर आए। बेबी शावर में शूरा और अरबाज ने पीले रंग की ड्रेस पहनी थी। वीडियो वायरल कुछ देर पहले ही सोशल मीडिया पर खान परिवार के सदस्यों के कई वीडियो वायरल हुए। जिसमें अरहान खान से लेकर सोहेल खान का वीडियो सामने आया। अरहान और सोहेल दोनों अस्पताल में शूरा खान से मिलने पहुंचे थे।

यूक्रेन में रूसी मिसाइलों की बरसात: कई घायल, घरों के मलबे में तब्दील हुए इलाके

कीव रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी संघर्ष में स्थिति और भयावह होती जा रही है। ध्यान देने वाली ये भी है कि अभी दूर-दूर तक इस संघर्ष के खत्म होने के आसार भी नहीं दिख रहे है। कारण है कि इन दिनों रूस का यूक्रेन पर हमला और तेज हो गया है। इस संघर्ष के ताजा अपडेट की बात करे तो शनिवार रात भर रूस ने यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर ड्रोन, मिसाइल और गाइडेड बमों से हमला किया, जिसमें कम से कम पांच आम नागरिक मारे गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार सुबह बताया कि रूस ने नौ अलग-अलग इलाकों में 50 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और करीब 500 ड्रोन दागे। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल पश्चिमी शहर लविव में हुए एक संयुक्त ड्रोन और मिसाइल हमले में पांच लोग की मौत हुई, जिनमें एक 15 साल का बच्चा भी शामिल है। इस हमले से दो इलाकों में बिजली गुलहो गई और सार्वजनिक यातायात भी कुछ घंटों के लिए बंद रहा। लविव के मेयर आंद्रिय सादोवी ने बताया कि शहर के बाहर एक व्यावसायिक परिसर में आग लगी, जो किसी सैन्य गतिविधि से जुड़ा नहीं था। और कहा-कहा हुआ हमला? इवानो-फ्रैंकिव्स्क क्षेत्र में भी एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में एक महिला की मौत हो गई और नौ लोग घायल हुए। यहां ड्रोन और गाइडेड बमों से हमला किया गया, जिससे कई आवासीय भवन नष्ट हो गए और करीब 73,000 घरों में बिजली चली गई। इसके साथ ही पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र के स्लोवियान्स्क में भी एक अपार्टमेंट पर हमला हुआ, जिसमें छह लोग घायल हुए। वहां कई घरों, दुकानों और कारों को नुकसान पहुंचा। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से यूक्रेन को और अधिक वायु रक्षा प्रदान करने की अपील की ताकि इस हवाई आतंक को रोका जा सके। यूक्रेन ने भी लंबी दूरी से हमले किए रूसी हमलों के जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के कई ठिकानों पर लंबी दूरी से हमले किए हैं, खासकर रूस के तेल उद्योग को निशाना बनाकर, जिससे वहां ईंधन की कमी बनी हुई है। रूस ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली आपूर्ति और रेलवे नेटवर्क पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे नागरिकों को गर्मी, बिजली और पानी की समस्या हो रही है। शॉस्तका शहर में हुए हालिया हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई घायल हुए। इससे साफ है कि युद्ध जारी है और आम लोगों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।  

वन्यजीव पर्यटन में सहयोग बढ़ाएंगे मध्यप्रदेश और असम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  चाय बागान में श्रमिकों और बहनों से किया आत्मीय संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम प्रवास के दौरान रविवार को विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और चाय बागान का भ्रमण किया। उन्होंने बागान में चाय उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन कर स्थानीय किसानों और श्रमिक बहनों से आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाय उद्योग असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। परिश्रम, अपनत्व एवं सादगी की धरती असम और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में भी परस्पर सहयोग, विश्वास और साझेदारी को बढ़ाने के लिए विशेष पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संरक्षण की मनमोहक झलक देखी एवं हाथियों को स्नेह से गन्ना खिलाकर दुलार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन के लिये नवाचारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और उद्यान भ्रमण के दौरान अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। उल्लेखनीय है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे सहित पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया। यह उद्यान हाथियों, जंगली भैंसों, दलदली हिरणों और विभिन्न पक्षी प्रजातियों का आश्रय स्थल है। यह उद्यान वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी विख्यात है।

सिरप की मार: छिंदवाड़ा के बाद बैतूल में भी दो बच्चों की जान गई

बैतूल मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्च्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। छिंदवाड़ा जिले में 11 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना बताया जा रहा है। दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। परासिया में अन्य 11 बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैतूल जिले में पहला मामला निहाल (2 वर्ष) पुत्र निखिलेश धुर्वे, निवासी जामुन बिछुआ का है। तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को बैतूल और फिर एम्स भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला कबीर (3 वर्ष 11 माह) पुत्र कैलाश यादव, निवासी राम नगर ढाना कलमेश्वरा का है। उसने भी इसी डॉक्टर से इलाज कराया था और 8 सितंबर को उसकी मौत हो गई। दोनों बच्चों के इलाज का समय अलग-अलग था, पर डॉक्टर एक ही निकला। परिजनों ने शक जताया है कि कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की हालत बिगड़ी थी। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दवा प्रतिबंधित थी या नहीं। दोनों मामलों में पोस्टमॉर्टम नहीं होने के कारण वास्तविक कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि आमला विकासखंड के जामुन बिछुआ और कमलेश्वरा गांव में दो बच्चों की मृत्यु हुई है। दोनों का इलाज परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी से कराया गया था। मामले की जांच की जा रही है, और परिजनों से चर्चा के बाद इलाज से जुड़े दस्तावेज एकत्रित किए जाएंगे। अभी यह साफ नहीं है कि दोनों बच्चों को कफ सिरप दिया गया था या नहीं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप साहू ने बताया कि निहाल को गंभीर किडनी फेल्योर की समस्या थी और उसे भोपाल रेफर किया गया था। मृतक निहाल के पिता निखिलेश धुर्वे ने कहा कि परासिया के डॉक्टर ने जो दवा दी थी, उसे देने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ी और वह नहीं बच पाया। उन्होंने कहा कि अब वे चाहते हैं कि प्रशासन सच्चाई सामने लाए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं, इलाज के तरीके और सिरप की जांच की जा रही है।

सोनम वांगचुक ने जेल से लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया

जोधपुर लद्दाख हिंसा के बाद जेल में बंद सोनम वांगचुक ने लेह विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई चार लोगों की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं हो जाती, वह जेल में रहने को तैयार हैं। वांगचुक वर्तमान में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। पुलिस ने उन्हें 26 सितंबर को हिरासत में लिया था। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के नेता सज्जाद कारगिली ने एक्स पर पोस्ट सोनम वांगचुक का संदेश शेयर किया है। सोनम से उनके भाई कात्सेतन दोरजे ले और वकील मुस्तफा हाजी ने 4 अक्टूबर को जेल में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से कहा, मैं शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ हूं और सभी की चिंता और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद देता हूं। उन लोगों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना, जिन्होंने अपनी जान गंवाई और जो लोग घायल हुए हैं और गिरफ्तार हुए हैं। हमारे चार लोगों की हत्या की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, मैं जेल में रहने के लिए तैयार हूं। सोनम ने अपने संदेश में कहा कि मैं 6ठी अनुसूची और राज्य का दर्जा पाने की हमारी वास्तविक संवैधानिक मांग में सर्वोच्च निकाय, केडीए और लद्दाख के लोगों के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं। सर्वोच्च निकाय लद्दाख के हित में जो भी कदम उठाएगा, मैं तहे दिल से उनके साथ हूं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति और एकता बनाए रखें, और अहिंसा के सच्चे गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखें।   कल सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट सोमवार को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। इस याचिका में वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून  के तहत की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट की 6 अक्तूबर की कार्यसूची के अनुसार, यह याचिका न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और एन. वी. अंजनिया की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को लद्दाख में हुए प्रदर्शन के दो दिन बाद एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था। यह प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर किया गया था, जिसमें चार लोगों की मौत और करीब 90 लोग घायल हुए थे।

बिग बॉस के घर पहुंचे दीपक, क्या होगी मालती चाहर की चौंकाने वाली एंट्री?

मुंबई तेज गेंदबाज दीपक चाहर रविवार को चर्चित रिएलिटी शो बिग बॉस 19 में पहुंचेंगे। 'वीकेंड का वार' के पहले एपिसोड (शनिवार) की समाप्ति के बाद रविवार के लिए जारी किए गए प्रोमो में शो के होस्ट और मशहूर फिल्म अभिनेता सलमान खान ने दूसरे वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की घोषणा की। उन्होंने कहा, हमें दूसरे वाइल्ड कार्ड सदस्य का इंतजार था। बिग बॉस 19 का रोमांच प्रशंसकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इस हफ्ते आठ कंटेस्टेंट नॉमिनेट हैं। इनमें नीलम गिरी, अशनूर कौर, तान्या मित्तल, अमाल मलिक, जीशान कादरी, कुनिका सदानंद, नेहल चुडासमा और प्रणीत मोरे शामिल हैं। 'वीकेंड का वार' के दूसरे एपिसोड में सलमान आज इस शो से बाहर होने वाले कंटेस्टेंट के नाम का खुलासा करेंगे। बिग बॉस के घर पहुंचे दीपक चाहर, बहन की होगी एंट्री! इससे पहले बिग बॉस की तरफ से जारी किए गए रविवार के प्रोमो में दूसरे वाइल्ड कार्ड सदस्य को लेकर सलमान चर्चा करते दिखे। दिलचस्प बात यह है कि वह यह चर्चा दिग्गज गेंदबाज दीपक चाहर से कर रहे हैं। फैंस आज के एपिसोड के लिए काफी उत्साहित हैं। कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि दीपक अपनी बहन मालती चाहर को बिग बॉस के घर में छोड़ने आए हैं। हालांकि, शो की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। कौन हैं मालती चाहर? मालती का जन्म 15 नवंबर, 1990 को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था और वह एक खेल-प्रेमी परिवार में पली-बढ़ीं। मालती न केवल एक अभिनेत्री हैं, बल्कि एक मॉडल, कंटेंट क्रिएटर और फिल्म निर्माता भी हैं। वह भारतीय क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन हैं। मालती को पहली बार पहचान तब मिली जब उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। मालती फेमिना मिस इंडिया 2014 की फाइनलिस्ट थीं और उन्होंने फेमिना मिस इंडिया दिल्ली 2014 में मिस फोटोजेनिक का खिताब भी जीता। इसने मनोरंजन उद्योग में उनके करियर के लिए दरवाजे खोल दिए। इन फिल्मों में किया काम बाद में मालती ने अभिनय की ओर रुख किया और 2018 में अनिल शर्मा द्वारा निर्देशित बॉलीवुड फिल्म 'जीनियस' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। साल 2022 में, उन्होंने अरविंद पांडे द्वारा निर्देशित रोमांटिक ड्रामा 'इश्क पश्मीना' में अभिनय किया। अभिनय के अलावा, मालती ने फिल्म निर्माण में भी रुचि दिखाई है। उन्होंने लघु फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया है।  

दार्जिलिंग में प्राकृतिक आपदा: भूस्खलन में 18 मृत, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक

दार्जिलिंग उत्तर बंगाल में लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। दार्जिलिंग जिले में हुए भूस्खलन और पुल टूटने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत हो गई है और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। मौक का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक, मिरिक और सुखिया क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई लोग हताहत हुए हैं। इस हादसे के बाद दार्जिलिंग जिला पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। वहीं कालिम्पोंग में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पीएम मोदी ने जनहानि पर जताया दुख प्रधानमंत्री मोदी ने दार्जिलिंग में पुल ढहने की घटना पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- दार्जिलिंग में एक पुल दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुःखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रपति ने भी हादसे पर जताया दुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे पर दुख जताया है। एक्स पर राष्ट्रपति भवन की तरफ से किए पोस्ट में लिखा गया- पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुई दुखद जनहानि अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं बचाव एवं राहत कार्यों की सफलता की प्रार्थना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग में भारी बारिश के कारण हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को वहां तैनात किया गया है और जरूरत पड़ने पर और जवानों को भेजा जाएगा। शाह ने कहा कि उन्होंने दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट से भी बात की और वहां की स्थिति का जायजा लिया। शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, दार्जिलिंग में भारी बारिश के कारण हुई दुखद जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। गृह मंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और जरूरत पड़ने पर और टीमें भी वहां भेजी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा, भाजपा कार्यकर्ता भी जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता दे रहे हैं। लोहे का पुल ढहा, आवाजाही हुई बाधित पश्चिम बंगाल में भारी बारिश के कारण दुधिया में लोहे के पुल का एक हिस्सा ढह जाने के बाद सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग एसएच-12 सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। मिरिक-सुखियापोखरी रोड के पास भूस्खलन सबसे बड़ा भूस्खलन मिरिक-सुखियापोखरी रोड के पास हुआ, जिसने कई घर बहा दिए और वाहनों की आवाजाही बाधित कर दी। इससे आसपास के कई छोटे गांवों से संपर्क टूट गया। दार्जिलिंग उप-निबंधक रिचर्ड लेप्चा ने कहा कि सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य के फंसे होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों की मदद से राहत अभियान चल रहा है। कई घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। भाजपा सांसद ने घटना पर जताया दुख वहीं इस घटना पर भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण हुए भारी नुकसान के बारे में जानकर मुझे बेहद दुख हुआ है। मौतें हुई हैं, संपत्ति का नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। मैं स्थिति का जायजा ले रहा हूं और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं। कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद करने का दिया निर्देश- राजू एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा- हमने अपने भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद और सहायता के लिए जुटने का निर्देश पहले ही दे दिया है। हम अपने लोगों की मदद और सहायता के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मैं अपने सभी गठबंधन सहयोगियों और क्षेत्र के अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से भी समन्वय स्थापित करने की अपील करता हूं ताकि हम जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद और सहायता पहुंचा सकें।   अनौपचारिक रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंची जिले के अधिकारियों के अनुसार, बिश्नुलाल गांव, वार्ड 3 लेक साइड और जसबीर गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए। इस क्षेत्र से छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति चाय बगान में मृत पाया गया। कई घर और चाय बगान के क्वार्टर मलबे में दब गए हैं। मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारी और लगातार बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। 'भूमि खिसकने और कई घर क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट हैं। नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है।' उन्होंने यह भी कहा कि मिट्टी और मलबे में राहत कार्य करने के लिए मशीनरी और आपातकालीन वाहन पहुंचाना बेहद कठिन है। अभी तक अनौपचारिक रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल मलबे और मिट्टी के भारी परतों को हटाकर और लोगों को बचाने में जुटा है। सीएम ममता बनर्जी ने जताया दुख, टोल फ्री नंबर जारी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर दुख जताते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैं बहुत चिंतित हूं कि कल रात कुछ घंटों के भीतर अचानक भारी बारिश के कारण उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल दोनों के कई इलाके बाढ़ में डूब गए हैं, साथ ही बाहर से हमारे राज्य में अत्यधिक नदी का पानी आ गया है… राज्य मुख्यालय और जिलों में 24×7 नियंत्रण कक्ष हैं। कृपया मेरे नबान्न आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष से +91 33 2214 3526 और +91 33 2253 5185 पर संपर्क करें, जबकि टोल फ्री नंबर +91 86979 81070 और 1070 हैं।' 6 अक्तूबर तक अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी … Read more