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TTP ने मचाई तबाही: बम धमाके और गोलीबारी में पाक सेना को भारी नुकसान, 11 की जान गई

इस्लामाबाद पाकिस्तान के अफगानिस्तान सीमा के पास बुधवार को उग्रवादियों ने एक सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें नौ पैरामिलिट्री सैनिक और दो अधिकारी मारे गए. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान ने ली है. पाकिस्तान सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि काफिले पर सड़क किनारे बम लगाए गए थे और उसके बाद काफिले पर गोलीबारी की गई. यह हमला उत्तर-पश्चिमी जिले कुर्रम में हुआ. पाकिस्तानी तालिबान, जिन्हें तेहरिक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है, हाल के महीनों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों को तेज कर चुके हैं. ये समूह सरकार को उखाड़ फेंककर कड़े इस्लामी शासन की स्थापना चाहता है. अफगानिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आते हैं मिलिटेंट इस्लामाबाद का आरोप है कि तालिबान के मिलिटेंट अफगानिस्तान की सीमापार से अपनी ट्रेनिंग लेते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाते हैं. हालांकि, काबुल यह आरोप झूठा मानता है. सुरक्षा स्थिति बिगड़ी, हिंसा में बढ़ोतरी इस्लामाबाद में सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) ने सोमवार को एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पिछले तीन महीनों में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों और सैन्य कार्रवाई में हुई हताहतों के आंकड़े बताए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इन तीन महीनों में कम से कम 901 लोग मारे गए और 599 घायल हुए. यह कुल 329 हिंसक घटनाओं में हुआ, जिसमें आतंकवादी हमले और सेना के ऑपरेशन शामिल थे. यह पिछली तिमाही की तुलना में हिंसा में 46 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है.

अस्पतालों में मनाया गया कन्या जन्मोत्सव, 500 से अधिक नवजात बालिकाओं का पूजन कर माताओं को किया गया सम्मानित

मिशन शक्ति 5.0: बेटियों ने थामा प्रशासन का जिम्मा, कन्याओं के जन्म से अस्पतालों में गूंजे स्वागत गीत 350 से अधिक बालिकाओं ने प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाकर दिखाया आत्मविश्वास और परिपक्वता अस्पतालों में मनाया गया कन्या जन्मोत्सव, 500 से अधिक  नवजात बालिकाओं का पूजन कर माताओं को किया गया सम्मानित – नवजात के स्वागत के साथ ही कन्या सुमंगला योजना से जोड़कल जन्म से उच्च शिक्षा तक उनके भविष्य को किया गया सुरक्षित – नवजात बालिकाओं के नाम पर हुआ पौधारोपण, कन्या जन्मोत्सव बना जन-आंदोलन – मिशन शक्ति 5.0 के तहत अब तक 14.08 लाख लोगों को किया गया जागरूक लखनऊ मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह में बुधवार को पूरे प्रदेश में अनूठे आयोजन हुए। कहीं बेटियाँ ‘एक दिन की जिलाधिकारी’ बनकर जिम्मेदारी निभाती दिखीं, तो कहीं अस्पतालों में ‘कन्या जन्मोत्सव’ के जरिए नवजात बालिकाओं का हर्षोल्लास से स्वागत किया गया। इन आयोजनों ने न केवल बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदला है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सपनों को नया आयाम भी प्रदान किया है। जहाँ-जहाँ बालिकाओं ने अधिकारी बनकर का पद संभाला, वहाँ उनकी गंभीरता, परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता देखकर सभी प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रदेश भर की 350 से अधिक बालिकाओं को जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था, ताकि वे भविष्य में उच्च पदों पर निर्णयकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हों।  सुबह औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद इन बालिकाओं ने विभागीय बैठकों में हिस्सा लिया, योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। कई जिलों में बालिकाओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से संवाद किया और अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उनकी गंभीरता और परिपक्वता ने सभी को प्रभावित किया। विधिवत पूजन के साथ हुआ नवजात बेटियों का स्वागत वहीं दूसरी ओर, कन्या जन्मोत्सव ने पूरे प्रदेश में बेटियों के स्वागत को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया। एक ही दिन में जन्मी 500 से अधिक नवजात बालिकाओं का सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में विधिवत पूजन के साथ स्वागत किया गया। नवजात बेटियों और उनकी माताओं को उपहार स्वरूप वस्त्र, फल, पौष्टिक आहार और शुभकामना कार्ड भेंट किए गए।  नवजात कन्याओं को मिला मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ कन्या जन्मोत्सव को योगी सरकार की महत्वाकांक्षी "मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना" से जोड़ा गया। इस योजना के तहत नवजात बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कार्यक्रम में उपस्थित परिवारों को इस योजना की पात्रता और लाभों की जानकारी दी गई, ताकि हर बेटी का भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं अस्पतालों में पहुँचकर माताओं और नवजात बेटियों का सम्मान किया। साथ ही, बेटियों के जन्म की संख्या के अनुरूप पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और बेटी बचाओ के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाया गया। बता दें कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण में 22 सितंबर से अब तक 14.08 लाख लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं। यह अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए एक नई क्रांति का प्रतीक बन रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति का यही उद्देश्य है कि हर बेटी को यह विश्वास मिले कि वह केवल अपने सपनों तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें साकार करने की शक्ति भी उसके भीतर है। यह अनुभव उनके जीवन में प्रेरणा का स्रोत बनेगा और आने वाले समय में उन्हें समाज की दिशा बदलने की ताकत प्रदान करेगा।"

मुख्यमंत्री साय से इसरो के वैज्ञानिकों ने की सौजन्य भेंट

इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी, युवाओं के लिए नए अवसर और शासन की कार्यकुशलता बढ़ाने में इसरो की तकनीक के उपयोग पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई। डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं। इसरो के वैज्ञानिक भगवान मधेश्वर की तस्वीर देखकर हुए अभिभूत मुख्यमंत्री निवास में आयोजित  बैठक के दौरान इसरो के वैज्ञानिकों की नजर जब भगवान मधेश्वर की तस्वीर पर पड़ी, तो वे उसे देखकर अभिभूत हो गए। जिज्ञासावश उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बताया कि मधेश्वर पहाड़ जशपुर जिले में स्थित है, जहाँ भगवान शिव विशाल प्राकृतिक शिवलिंग स्वरूप में पूजे जाते हैं। स्थानीय लोग भगवान शिव के इस स्वरूप की अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री साय ने सभी वैज्ञानिकों को भगवान मधेश्वर के छायाचित्र भेंटस्वरूप प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, इसरो के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. डी. के. पटेल, डॉ. दीपक कुमार सिंह, कलेक्टर गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

यूपीआईटीएस की सफलता से प्रेरित होकर अब जिला स्तर पर भी कारीगरों, उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को उपलब्ध कराया जा रहा है मंच

छोटे उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के चेहरों पर प्रसन्नता लाने का माध्यम बनेगा स्वदेशी मेलाः राकेश सचान -सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री बोलेः 'वोकल फॉर लोकल' का मूलमंत्र पहल के माध्यम से होगा साकार -'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' तथा 'आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने का माध्यम बनेगा प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेलाः राकेश सचान -यूपीआईटीएस की सफलता से प्रेरित होकर अब जिला स्तर पर भी कारीगरों, उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को उपलब्ध कराया जा रहा है मंच  -9 से 19 अक्टूबर के मध्य प्रदेश के सभी जिलों में हाई फुटफॉल वाले क्षेत्रों में स्वदेशी मेले का होगा आयोजन, दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का  भी किया आह्वान लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'विकसित व आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' बनाने की दिशा में प्रयासरत योगी सरकार उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के तृतीय संस्करण के सफल आयोजन के उपरांत अब एक और अभिनव प्रयास करने जा रही है। प्रदेश के 75 जिलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), खादी, हथकरघा व हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने और जिला स्तर पर उन्हें बड़ा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार 9 से 19 अक्टूबर के मध्य स्वदेशी मेलों का आयोजन कराने जा रही है। बुधवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री राकेश सचान ने प्रेसवार्ता के माध्यम से इस विषय में जानकारी देते हुए दीपावली के शुभ अवसर पर लोगों से इन मेलों में आने और स्थानीय उत्पादों को खरीदकर 'वोकल फॉर लोकल' की परिकल्पना को साकार करने की अपील भी की।            उन्होंने कहा कि सीएम योगी की मंशा अनुरूप प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेला के आयोजन के जरिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जो दीपावली पर्व के अवसर पर छोटे उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के चेहरों पर प्रसन्नता व घरों में खुशहाली लाने का माध्यम बनेगा।   अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों में होगा मेले का आयोजन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन देश में केवल उत्तर प्रदेश में ही होता है। इसी तर्ज पर इस बार स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अब प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेलों के आयोजन की शुरुआत की जा रही है। राकेश सचान ने कहा कि जैसे यूपीआईटीएस के संस्करणों ने प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों व शिल्पियों के उत्पादों को देशी- विदेशी मंच मिला, ठीक उसी तर्ज पर अब जिलों में भी अवसर उप्लब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रदेश के सभी जिलों में अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों में इन मेलों का आयोजन होगा जो कि टेंट आदि लगाकर किया जाएगा। इन आयोजन में गांवों से आने वाले छोटे कारीगरों को अपने उत्पाद लाने के लिए किराया व हर प्रकार की मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी उन्होंने दिया।   यूपीआईटीएस से ली प्रेरणा, जिलों में उत्पाद बेचने का साबित होगा उत्तम मंच सचान ने बताया कि 25 सितंबर से 29 सितंबर के मध्य ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के तृतीय संस्करण ने अपार सफलता प्राप्त की है। आयोजन में 2200 से अधिक स्टॉलों का संचालन हुआ। 80 से अधिक देशों के 500 से अधिक क्रेताओं ने इसमें रुचि दर्शायी। इस पांच दिनी कार्यक्रम में 5 लाख से अधिक फुटफॉल हुआ तथा 12500 करोड़ के व्यवसायिक पूछताछ भी हुई। इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए अब जीएसटी सुधारों व स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 9 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के मध्य 75 जनपदों में स्वदेशी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्वदेशी मेले के जरिए जिला स्तर पर उद्यमियों, कारीगरों व हस्तशिल्पियों को अपने उत्पाद बेचने का उत्तम मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेलों में सांस्कृतिक विभाग व संस्थाओं के माध्यम से तमाम प्रकार की कलाओं का भी प्रदर्शन होगा। इन कार्यक्रमों के उद्घाटन के लिए प्रभारी मंत्री, विधायक व अध्यक्षों को सूचित कर दिया गया है। उनके अनुसार, प्रदेश में 9 अक्टूबर से अधिकतर क्षेत्रों में  मेलों का आयोजन शुरू होगा जो कि 18 तक चलेगा। वहीं, जिन क्षेत्रों में 10 अक्टूबर को मेले का शुभारंभ होगा वहां 19 अक्टूबर को समापन होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 10 अक्टूबर को गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ मेले का शुभारंभ कर सकते हैं। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने का बड़ा माध्यम साबित होगा प्रयास राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीएसटी की घटी दरों के रूप में दीपावली के पहले जो उपहार देश को दिया गया इसी के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को बढ़ावा देने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। इसी कड़ी में प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेला का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में वैश्विक आर्थिक परिवेश के अनुरूप उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने की दिशा में हस्तशिल्पी, उद्यमी और कारीगरों को बड़ा संबल मिलेगा। मेले में उद्यमियों को निःशुल्क दुकाने लगाने के लिए स्थान दिया जाएगा तथा हर प्रकार की मदद की जाएगी। छोटे उद्यमियों व कारीगरों की आर्थिक सहायता भी एमएसएमई विभाग के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 75 जनपदों में मेले के आयोजन के लिए आदेश जारी किया गया है तथा पहली बार जनपद स्तर पर इस प्रकार के मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, लखनऊ में स्वदेशी मेला का आयोजन यूनिवर्सिटी कैंपस में होगा।  96 लाख इकाइयों के उत्पादों के जिले स्तर पर प्रदर्शन का मार्ग होगा सुनिश्चित राकेश सचान के अनुसार, यह पहल आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सफल होगी जिसमें एमएसएमई की 96 लाख इकाइयों का जिले स्तर पर प्रदर्शन का मार्ग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि हमें अपने स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों को प्रोत्साहित करना है। ऐसे में, मेले के माध्यम से दीपावली के पूर्व होने वाली खरीदारी में लोग आएं और माटीकला बोर्ड द्वारा तैयार किए गए दीये व कलाकृतियों, सीएम युवा मुहिम के अंतर्गत झालर आदि बनाने वाले कलाकारों, विश्वकर्मा श्रम सम्मान के माध्यम से ओडीओपी के हस्तशिल्पी कारीगर, खादी ग्रामोद्योग से जुड़े जो लोग हैं इनके उत्पाद अगर प्रदेशवासी खरीदेंगे तो गांवों के कारीगर लाभान्वित होंगे। यह आपके घरों में समृद्धि तो लाएगी ही विदेशी उत्पादों पर … Read more

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 3.50 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

भोपाल      म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा छतरपुर जिले के गंभीर बीमारी से पीड़ित 9 लोगों को बेहतर उपचार के लिए आर्थिक सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से कुल 3.50 लाख रुपए की स्वीकृत की गई है। हितग्राही देवेन्द्र सिंह सिसोदिया आत्मज चन्दन सिंह निवासी ग्राम पचवारा दोरिया जिला छतरपुर, अंशुल अहिरवार पिता महाप्रसाद अहिरवार नि. ग्राम ज्योराहा तह. लवकुशनगर, शमशाद मंसूरी आत्मज नजीर मंसूरी वार्ड नं. 9 नौगांव को 50-50 हजार रुपए, भगवती कुशवाहा पति चंद्र प्रकाश कुशवाहा पास्ट कुर्राहा ग्राम कनेरा एवं शुभांगी वैद्य पिता विजय कुमार वैद्य नि. शांतिनगर कॉलोनी को 45-45 हजार रुपए, आराधना चतुर्वेदी पति अंजली चतुर्वेदी वार्ड नं. 32 पुरानी एंजेसी के पीछे को 40 हजार रुपए, मास्टर अयांश प्रजापति पिता राममिलन प्रजापति नि. टिकौरा लौंडी लवकुशनगर को 30 हजार रुपए, गयाप्रसाद मिश्रा आत्मज दुर्गाप्रसाद मिश्रा अटकौहा नि. अटकौहा लौंडी एवं विजय मिश्रा आत्मज गया प्रसाद मिश्रा नि. अटकौहा लौंडी को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है

फैटी लिवर ठीक करने के लिए इन 3 ड्रिंक्स को बनाएं हिस्सा अपनी रूटीन का

  खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान के कारण आजकल फैटी लिवर  की समस्या काफी आम हो गई है। यह एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें लिवर के सेल्स में एक्स्ट्रा फैट जमा हो जाता है। अगर समय पर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर लिवर डिजीज का कारण बन सकता है। हालांकि, लाइफस्टाइल में बदलाव और डाइट में कुछ खास ड्रिंक्स को शामिल करके इस समस्या को कम किया जा सकता है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने फैटी लिवर ठीक करने लिए 3 ऐसे ड्रिंक्स, जो फैटी लिवर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। आइए जानें इन ड्रिंक्स के नाम। ग्रीन टी ग्रीन टी को स्वास्थ्य के लिए एक वरदान माना जाता है, और यह लिवर के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसमें कैटेचिन है, जो बहुत पावरफुर एंटीऑक्सीडेंट है। यह लिवर में फैट के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है और फैट के जमाव को कम करने में सहायक है। साथ ही, यह लिवर की सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जिससे लिवर के सेल्स को डैमेज से बचाया जा सकता है। नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से लिवर एंजाइम के सीक्रेशन में सुधार होता है। ब्लैक कॉफी बिना दूध और चीनी वाली ब्लैक कॉफी फैटी लिवर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। कॉफी एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनोल पाए जाते हैं, जो लिवर फाइब्रोसिस के जोखिम को कम करने में सहायक है। साथ ही, यह लिवर की सूजन को कम करती है और फैट के जमाव को रोकने में मदद करती है। चुकंदर का जूस चुकंदर का जूस पोषक तत्वों और पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट का खजाना है। इसमें बीटाइन और बीटालेन जैसे कंपाउंड भरपूर मात्रा में होते हैं। यह लिवर पर फैट के जमाव को कम करता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है। साथ ही, इसमें मौजूद नाइट्रेट्स ब्लड फ्लो को बेहतर बनाते हैं, जो लिवर के फंक्शन के लिए काफी फायदेमंद है। चुकंदर का जूस एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, लेकिन इसमें नेचुरल शुगर भी होती है। इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही पिएं। डायबिटीज के मरीजों को इसे पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ये तीनों ड्रिंक्स फैटी लिवर को ठीक करने में मदद करते हैं। लेकिन इन्हें फैटी लिवर के इलाज की तरह न लें। इन ड्रिंक्स के अलाव, हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह मानना भी बहुत जरूरी है।

20 मौतों के बाद MP पुलिस ने शुरू किया सिरप कंपनी मालिक की तलाश, तमिलनाडु के लिए निकले जवान

भोपाल  मध्य प्रदेश में दूषित कफ सिरप Coldrif पीने से बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 20 हो गया है, जबकि 5 बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद, उपमुख्यमंत्री और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है. डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि ये मौतें जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से जुड़े किडनी फेल होने के कारण हुई हैं. छिंदवाड़ा से एक पुलिस टीम तमिलनाडु के कांचीपुरम पहुंची है, जहां वे Coldrif कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने गए हैं.  20 मासूमों की मौत, 5 की हालत गंभीर शुक्ला ने बताया कि कुल 20 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें 17 छिंदवाड़ा से, 2 बेटुल से और 1 पंधुरना से हैं. इनमें से दो बच्चों की मृत्यु मंगलवार को और एक की सोमवार को हुई. 5 बच्चे पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर में इलाजरत हैं.  डिप्टी सीएम शुक्ला ने कहा, "2 बच्चे एम्स में, दो सरकारी अस्पताल में और एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं. सभी उनकी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं."  कंपनी मालिक की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना बता दें कि शुक्ला ने मंगलवार को नागपुर में इलाजरत बच्चों के परिवारों से मुलाकात की थी. मृत्यु का कारण बनी कफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित Sresan फार्मा कंपनी द्वारा निर्मित की गई थी. छिंदवाड़ा पुलिस की एक टीम कंपनी के मालिक को पकड़ने के लिए कांचीपुरम गई है.  अधिकारियों पर भी गिरी गाज उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मामले में बहुत सख्त है और सबसे कठोर कार्रवाई कर रही है. जांच के बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन के दो ड्रग इंस्पेक्टर और एक डिप्टी डायरेक्टर को निलंबित कर दिया, साथ ही राज्य के ड्रग कंट्रोलर का तबादला कर दिया. डॉक्टर गिरफ्तार छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है और तमिलनाडु स्थित Coldrif कफ सिरप निर्माता कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. 

मध्य प्रदेश में रेल विकास को मिली रफ्तार, रतलाम से चलने वाली राजधानी बनेगी सुपरफास्ट

रतलाम   केंद्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश को दो बड़ी रेल परियोजनाओं की सौगात दी है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जहां कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की 4 रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है. जहां प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन और इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन है. जिसके बाद एमपी की गुजरात से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो वहीं इटारसी से बीना की दूरी कम होगी. मध्य प्रदेश की बढ़ेगी गुजरात से कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश वासियों के लिए अब गुजरात का सफर आसान होगा. वे कम समय में यात्रा पूरी कर सकते हैं. साथ ही व्यापारिक कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी. जिससे प्रदेश की आर्थिक को बढ़ावा मिलेगा. ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन की सौगात मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन है. रतलाम से गुजरात के वड़ोदरा के बीच तूफान बन दौड़ेंगी ट्रेनें. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब गुजरात से रतलाम तूफान की रफ्तार में राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें आएंगी. रेल लाइन के कर्व्स को ठीक किया गया है और साथ ही तकनीक को उन्नत बनाया गया है. तीसरी और चौथी लाइन से ट्रेनों को रफ्तार मिलेगी जिससे यात्रा का समय घटेगा. ट्रेनों की स्पीड में इजाफा होगा. राजधानी जैसी वीवीआईपी ट्रेन में सफर का आनंद बढ़ जाएगा. वडोदरा-रेतलाम रेल लाइन लंबा सेक्शन यह 259 किलोमीटर की लाइन होगी. यह काफी लंबा सेक्शन है. इसकी लागत ₹8,885 करोड़ है. यह पूरा सेक्शन गुजरात और मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है. इस नई रेल लाइन परियोजना से गुजरात के वडोदरा, पंचमहल और दाहोद जिलों को और मध्य प्रदेश के झाबुआ और रतलाम जिलों को फायदा होगा. रेल मंत्री ने कहा इस सेक्शन में काफी मुश्किलें हैं, क्योंकि वडोदरा-रतलाम रेल लाइन में काफी स्टीव कर्व हैं और जब भी कर्व पर गाड़ी चलती है तो उसकी स्पीड को कम करना पड़ता है. लिहाजा इस प्रोजेक्ट के माध्यम से इस कर्व को सीधा किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट से सरकार को होगा फायदा जिसके बाद गाड़ी की स्पीड को बढ़ाया जा सकता है. इसकी जरूरत भी है, क्योंकि यह दिल्ली से मुंबई का कॉरीडोर है. इस कॉरीडोर में कैपिसेट की काफी डिमांड आती है. रतलाम-वडोदरा को जोड़ने का यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है. इसमें बहुत बड़ा पर्यावरणीय फायदा भी है, क्योंकि 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड हर साल बचती है और साढ़े 7 करोड़ लीटर डीजल हर साल बचेगा. साथ ही लॉजिस्टिक कास्ट भी हर साल लगभग 856 करोड़ बचेगा. इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन सौगात वहीं इसके बाद मध्य प्रदेश को दूसरी सौगात इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन की मिली है. यह इटारसी-भोपाल-बीना के बीच चौथी रेल लाइन है. यह काफी लंबा और जरूरी सेक्शन है. रेल मंत्री ने कहा 237 किमी के इस प्रोजेक्ट से टूरिज्म कनेक्टिविटी बढ़ेगी. इस बीच उदयगिरी गुफाएं, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पचमढ़ी को कनेक्ट करेगा. जिससे टूरिज्म और बढ़ेगा. इस रेल लाइन में बनेंगे 9 टनल वहीं 32 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड CO₂ बचेगा, जो 1.3 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है. इस रेल लाइन में 4 जरूरी ब्रिज, 39 मेजर ब्रिज और 151 माइनर ब्रिज होंगे. पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते इस रेल लाइन में 9 टनल होंगे. इसके साथ ही 43 ओवर ब्रिज और 39 अंडर पास ब्रिज होंगे. 

पन्ना में घूसकांड: छुट्टी के एवज में मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने लिपिक को किया गिरफ्तार

पन्ना  मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में पदस्थ लिपिक विमल खरे को सागर लोकायुक्त की टीम ने 2500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद से सीएमएचओ कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, विमल खरे ने अपने ही साथी कर्मचारी दिलीप डामोर से 25 दिन के अर्जित अवकाश स्वीकृत करने के एवज में 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2500 रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की। निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व में सागर लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई और जैसे ही विमल खरे ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

25 करोड़ 28 लाख लोगों ने नवीनीकृत कॉरिडोर के लोकार्पण से 30 सितंबर तक किए काशी विश्वनाथ के दर्शन

यूपी की इकोनॉमी को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने दिया सवा लाख करोड़ का बूस्टअप डोज पीएम मोदी के विजन और सीएम योगी के मिशन से काशी ने बनाया कीर्तिमान 25 करोड़ 28 लाख लोगों ने नवीनीकृत कॉरिडोर के लोकार्पण से 30 सितंबर तक किए काशी विश्वनाथ के दर्शन दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकार्पण के बाद से नित नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा कॉरिडोर सुरक्षा का माहौल, बेहतर सुविधाएं और शानदार रोड कनेक्टिविटी ने देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया ‘मोदी-योगी मॉडल’ से दौड़ रहा पूर्वांचल के विकास का चक्का,  मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बुलंदियों पर उत्तर प्रदेश का धार्मिक पर्यटन देशी विदेशी पर्यटकों के उत्साह से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर लोगों को मिल रहा रोजगार प्रति व्यक्ति औसतन 04 से 05 हजार रुपए तक खर्च के हिसाब से साढ़े तीन साल में प्रदेश को सवा लाख करोड़ की सौगात मुख्यमंत्री योगी के मिशन से काशी और आसपास के लाखों लोगों के लिए रोजगार की पैदा हुईं अपार संभावनाएं लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन से श्री काशी विश्वनाथ धाम ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद से अब तक लगभग 25 करोड़ 28 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को अनुमानित सवा लाख करोड़ रुपये का बूस्टअप डोज मिला है। व्यापारियों, दुकानदारों, नाविकों, पुजारियों और होटल कारोबारियों को बड़े पैमाने पर रोजगार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि कॉरिडोर के निर्माण ने न केवल काशी की छवि को बदला है, बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भी अप्रत्याशित वृद्धि की है। देश के विभिन्न प्रांतों से लेकर दुनिया के तमाम देशों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लगातार बढ़ते आगमन से स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों, नाविकों, पुजारियों, ठेले वालों और होटल कारोबारियों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। धार्मिक पर्यटन के मॉडल ने यूपी की छवि को दी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है। सड़कों का चौड़ीकरण, घाटों का सौंदर्यीकरण और एयरपोर्ट से लेकर गंगा घाट तक शानदार रोड कनेक्टिविटी ने देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया है। धार्मिक पर्यटन के इस मॉडल ने यूपी की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है। सिर्फ काशी नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल के विकास की गति हो रही तेज संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के अर्थशास्त्री प्रोफेसर राजनाथ के अनुसार, काशी विश्वनाथ धाम में आने वाला पर्यटक औसतन 05 हजार रुपये से अधिक ही खर्च करता है। फिर भी न्यूनतम अनुमानित जीडीपी ग्रोथ के लिए यदि 04 हजार से 05 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के आंकड़े से जोड़ें तो इन साढ़े तीन वर्षों में करीब सवा लाख करोड़ रुपये का आर्थिक प्रवाह प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हुआ है। यह राशि न केवल काशी बल्कि पूरे पूर्वांचल के विकास की गति को तेज कर रही है। यूपी में रिपलिंग इफेक्ट से पूरे प्रदेश की जीडीपी में वृद्धि काशी विश्वनाथ महादेव के धाम पधारने वाले 70 प्रतिशत श्रद्धालु दक्षिण भारत से तथा लगभग 15 प्रतिशत श्रद्धालु अन्य राज्यों एवं जनपदों से होते हैं। यह श्रद्धालु काशी दर्शन के पश्चात् प्रायः विंध्यवासिनी धाम, तीर्थराज प्रयाग, अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, नैमिष इत्यादि तीर्थों पर भी जाते हैं। इस प्रकार अर्थव्यवस्था में रिपलिंग इफेक्ट भी उत्पन्न होता है और पूरे प्रदेश की जीडीपी में वृद्धि होती है। पूरे देश के लिए विकास का मॉडल बन गई है अपनी काशी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन से काशी और आसपास के क्षेत्रों में लाखों लोगों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह से धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी ने विकास की नई मिसाल पेश की है, वह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन चुकी है। काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, नैमिषारण्य और विंध्याचल का डेवलपमेंट तेज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार धार्मिक पर्यटन को राज्य के विकास का सशक्त साधन बना रही है। अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, नैमिषारण्य और विंध्याचल जैसे स्थलों का विकास भी तेज गति से किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अब पूरे प्रदेश में धार्मिक नगरों का विकास किया जा रहा है।