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भारतीय प्रोफेशनल्स पर दोहरा संकट? H-1B वीजा में और कड़े नियम ला सकते हैं ट्रंप

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नई दिल्ली अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन फिर से H-1B वीजा के नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. ये वीजा खासतौर पर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और विद्यार्थियों के लिए बेहद अहम होते हैं, क्योंकि इसी से अमेरिका में काम करने और आगे चलकर ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता बनता है. लेकिन अब अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने ‘रिफॉर्मिंग द H-1B वीजा नॉन इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम’ नाम से एक नया प्रस्ताव जारी किया है. इसमें सिर्फ 1 लाख डॉलर की नई फीस ही नहीं, बल्कि कई सख्त बदलाव भी शामिल हैं- जैसे कौन सी कंपनी यह वीजा इस्तेमाल कर सकती है, कौन से पदों के लिए आवेदन मान्य होंगे और थर्ड पार्टी कंपनियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी. क्या है नया प्रस्ताव? नए नियमों के तहत H-1B वीजा के चयन में अब ‘वेतन आधारित प्रणाली’ (Wage-Based Selection) लागू करने की योजना है. यानी जिन लोगों को ज्यादा वेतन मिलेगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. अब तक यह चयन पूरी तरह लॉटरी सिस्टम पर आधारित था. DHS का कहना है कि इन बदलावों का मकसद है ‘अमेरिकी मजदूरों के हितों की रक्षा करना और वीजा प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाना.’ अगर यह नियम लागू हुआ तो अमेरिका में काम करने की इच्छा रखने वाले छात्रों और कम एक्सपीरियंस वाले वर्किंग प्रोफेशनल्स को एंट्री मुश्किल हो जाएगी. साथ ही, सरकार उन कंपनियों पर कड़ी नजर रखेगी जिन्होंने पहले वीजा नियमों का उल्लंघन किया है. च-1बी वीजा कैटिगरी की शुरुआत 1990 के इमिग्रेशन ऐक्ट के तहत की गई थी। इसके तहत यह प्रावधान किया गया था कि अमेरिकी कंपनियां बाहर के लोगों को ला सकें, जिनके पास जरूरी तकनीकी स्किल हो। इसी नियम के चलते बड़े पैमाने पर भारतीयों को अमेरिका में जाने का मौका मिला। खासतौर पर अमेरिकी टेक कंपनियों में भारतीय की बड़ी संख्या है। अब तक नियम था कि 65 हजार एच-1बी वीजा ही साल में जारी किए जा सकते थे। इसके अलावा 20 हजार ऐसे लोगों को भी छूट थी, जिन्होंने अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री ली हो। इसके अलावा कई यूनिवर्सिटी और गैर-लाभकारी संस्थानों को इससे छूट रही हो। प्यू रिसर्च सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार 2023 में एच-1 बी वीजा के तहत अमेरिका जाने वाले लोगों में तीन चौथाई भारतीय ही थे। 2012 से अब तक एच-1 बी वीजा हासिल करने वाले 60 फीसदी लोग कंप्यूटर से संबंधित नौकरियों में गए। इसके अलावा हेल्थ सेक्टर, बैंक, यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के लिए भी एच-1 बी वीजा जारी किए गए। कब लागू होंगे नियम? अभी यह प्रस्ताव फेडरल रजिस्टर में सार्वजनिक सुझावों के लिए रखा गया है. अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो दिसंबर 2025 तक यह नया नियम लागू हो सकता है. H-1B वीजा 1990 के इमीग्रेशन Act के तहत शुरू हुआ था ताकि अमेरिकी कंपनियां ऐसे कुशल लोगों को ला सकें जिनकी विशेषज्ञता अमेरिका में आसानी से नहीं मिलती. यही वजह है कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न जैसी कंपनियों में हजारों भारतीय इसी वीजा पर काम कर रहे हैं. अभी हर साल अमेरिका 65,000 H-1B वीजा जारी करता है, और 20,000 अतिरिक्त वीजा अमेरिकी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स या उससे ऊपर की डिग्री धारकों को मिलते हैं. 2023 में मिले सभी H-1B वीजा में से करीब 75% भारतीय नागरिकों को मिले थे. ऐसे में यह कदम भारत के लिए भी बड़ी खबर है.

भोपाल में ‘मिनी मालदीव’ बनाने की थी प्लानिंग, PWD इंजीनियर के पास से करोड़ों की संपत्ति जब्त

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भोपाल मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड इंजीनियर-इन-चीफ जीपी मेहरा (गोविंद प्रसाद मेहरा) के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ा छापा मारा है. फरवरी 2024 में रिटायर हुए मेहरा पर अपने पूरे सेवाकाल के दौरान भ्रष्टाचार से वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.  लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख की अगुवाई में पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के भोपाल, गोविंदपुरा और नर्मदापुरम में चार ठिकानों पर छापा मारा गया. देखिए कहां से क्या मिला?  सोहागपुर (नर्मदापुरम): सैनी गांव में छापेमारी के दौरान मिनी मालदीव की तर्ज पर एक रिसॉर्ट बनाने की तैयारी का खुलासा हुआ. यहां  – 32 निर्माणाधीन कॉटेज और 7 निर्मित कॉटेज मिले. – 17 टन शहद और 2 बड़े तालाब (संभवतः रिसॉर्ट के लिए) मिले. – कृषि भूमि, महंगे 6 ट्रैक्टर सहित कृषि उपकरण, 2 गौशाला और 2 मछली पालन केंद्र की जानकारी मिली. तालाब किनारे बना रहे थे कॉटेज. ओपल रेजेंसी (भोपाल): इस फ्लैट में बड़ी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी मिला. – करीब ₹26 लाख नकद बरामद. – 2 किलो 649 ग्राम सोना (अनुमानित कीमत लगभग ₹3 करोड़ 5 लाख)  – 5 किलो 523 ग्राम चांदी (अनुमानित कीमत लगभग ₹5 लाख 93 हजार)  इंजीनियर की 10 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली. मणीपुरम कॉलोनी (भोपाल): पॉश कॉलोनी स्थित निवास से कुल ₹8 लाख 79 हजार नकद, लगभग ₹50 लाख के सोने-चांदी के जेवर, ₹56 लाख की फिक्स डिपॉजिट (FD) और लगभग ₹60 लाख का अन्य सामान मिला. फैक्ट्री और लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं केटी इंडस्ट्रीज (गोविंदपुरा): पीवीसी पाइप बनाने वाली इस फैक्ट्री में कच्चा और तैयार माल मिला. इसमें रोहित मेहरा के साथ कैलाश नायक की पार्टनरशिप की जानकारी मिली. फैक्ट्री से लगभग ₹1.25 लाख नकद मिले. भोपाल गोविंदपुरा एरिया में फैक्ट्री मिली. गाड़ियां: जीपी मेहरा के परिवार के सदस्यों के नाम पर 4 फोर-व्हीलर वाहन (फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज) होने की जानकारी भी मिली है.  लोकायुक्त पुलिस ने जीपी मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. संपत्ति संबंधी दस्तावेज, एफडी, शेयर और बीमा संबंधी दस्तावेजों की जांच जारी है और छापे की कार्यवाही अभी भी जारी है. 

जांच तेज़: कफ सीरप कंपनी के डायरेक्टर को SIT ने परासिया थाने लाया, कोर्ट में होगा पेश

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छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के मालिक रंगनाथन को एमपी पुलिस SIT टीम छिंदवाड़ा पहुंच गई है। जानकारी मिल रही है कि SIT उसे थोड़ी देर में परासिया कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले सकती है। बता दें कि रंगनाथन को एमपी पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश रही थी। तमिलनाडु और चेन्नई में छापामारी कर रही थी। आखिरकार गुरुवार को SIT ने उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर एमपी लाया गया है। बता दें कि उसे नागपुर एयरपोर्ट से एसआईटी की आधी टीम एमपी लेकर पहुंची है। जबकि आधी टीम वहीं रह गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा जानकारी मिल रही है कि आरोपी रंगनाथन को लेकर एमपी पुलिस की एसआईटी टीम परासिया थाने पहुंच चुकी है। यहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उसका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। टीम ने साइबर सेल के जरिए लोकेशन ट्रेस कर चेन्नई से ही गिरफ्तार कर लिया। एसआइटी ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और उत्पादन रिकार्ड भी जब्त किया है। प्रदेश में जहरीली कफ सीरप पीने के बाद हुए संक्रमण से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिलों के 21 और बैतूल के दो बच्चों की मौत हो चुकी है। तीन बच्चों का अभी नागपुर में उपचार चल रहा है। रंगनाथन गोविंदन को छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई SIT टीम गुरुवार की रात फ्लाइट से एसआईटी की टीम रंगनाथन को लेकर रवाना हुई और सुबह करीब 6 बजे नागपुर पहुंची. यहां पहुंचते ही एसआईटी रंगनाथन को दौड़ाते हुए कार की तरफ ले गई. इसके बाद टीम कार से छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई है. ऐसे गिरफ्तार हुआ था रंगनाथन बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बुधवार तड़के लगभग 1:30 बजे चेन्नई से श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक और जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार किया गया था. दरअसल, रंगनाथन घटना के बाद से अपनी पत्नी के साथ फरार था. पुलिस ने सटीक इनपुट्स के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की थी. श्रीसन फार्मा फैक्ट्री से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त एसडीओपी परासिया के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम 5 अक्टूबर को चेन्नई पहुंची थी. हालांकि इससे एक दिन पहले सिरप कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. वहीं गिरफ्तारी के बाद रंगनाथन को कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा फैक्ट्री ले जाया गया, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए. इसके बाद पुलिस अब चेन्नई की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद आरोपी को छिंदवाड़ा लाया जाएगा.

इजरायली कैबिनेट मीटिंग बीच में रोक PM मोदी से बात की नेतन्याहू ने – क्या था इतना जरूरी?

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नई दिल्ली यरूशलम में गुरुवार रात एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. एजेंडा बेहद गंभीर था. गाजा में सीजफायर और बंधकों की रिहाई पर बड़ा फैसला होना था. लेकिन अचानक नेतन्‍याहू ने बैठक रोक दी. वजह? भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आ गया था. जी हां, नेतन्‍याहू ने अपने सारे मंत्री और अफसर कुछ मिनटों के लिए इंतजार में छोड़ दिए, ताकि वो सीधे पीएम मोदी से बात कर सकें. दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत लगभग दस मिनट चली, लेकिन उसका असर अब दोनों देशों के रिश्तों पर साफ दिख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, प्रधानमंत्री नेतन्‍याहू ने गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का फोन रिसीव किया. मोदी ने उन्हें इस समझौते पर बधाई दी और कहा कि भारत इस मानवीय प्रयास का समर्थन करता है. बयान में आगे लिखा है कि मोदी ने नेतन्‍याहू को करीबी दोस्त बताया और कहा कि भारत-इजरायल की दोस्ती हर परिस्थिति में मजबूत रहेगी. नेतन्‍याहू ने भी पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वो भारत के साथ मिलकर काम जारी रखना चाहते हैं. नेतन्याहू को दी बधाई, गाज़ा समझौते का किया स्वागत पीएम मोदी ने नेतन्याहू को फोन लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गाज़ा में शांति प्लान के तहत हुई प्रगति पर इज़रायली पीएम को बधाई दी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बंधकों की रिहाई और गाज़ा के लोगों को मानवीय सहायता बढ़ाने पर हुए समझौते का स्वागत भी किया। पीएम मोदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है। मोदी बोले-आतंकवाद कहीं भी बर्दाश्त नहीं इस बातचीत के तुरंत बाद पीएम मोदी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्‍याहू को फोन करके गाजा शांति योजना में हुई प्रगति पर बधाई दी. हमने बंधकों की रिहाई और गाज़ा के लोगों के लिए बढ़ाई जा रही मानवीय मदद का स्वागत किया. मैंने दोहराया कि आतंकवाद किसी भी रूप में और कहीं भी स्वीकार्य नहीं है. मोदी के इस ट्वीट को कुछ ही मिनटों में लाखों व्यूज़ मिले और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इसे हाथों-हाथ लिया. कई विश्लेषकों ने कहा कि यह बातचीत इस बात का संकेत है कि भारत अब पश्चिम एशिया की राजनीति में एक संतुलित लेकिन प्रभावी भूमिका निभा रहा है. सोमवार तक रिहा होंगे सभी बंधक इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि गाज़ा में हामास के कब्जे में मौजूद बंधकों को सोमवार या मंगलवार को रिहा कर दिया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि वे मिस्र में आयोजित होने वाली समझौते की हस्ताक्षर समारोह में शामिल होंगे. ट्रंप ने व्हाइट हाउस कैबिनेट बैठक में बताया कि बुधवार को बंधकों की रिहाई और गाज़ा के पुनर्निर्माण के पहले चरण पर समझौता हुआ. हामास 72 घंटे के संघर्षविराम के बाद 20 बचे बंधकों को एक साथ रिहा करेगा. ट्रंप ने इसे खुशी का दिन बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में “स्थायी शांति” की उम्मीद है. गाजा डील और नेतन्‍याहू की मुश्किलें इजरायल और हमास के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष में यह सीजफायर डील बेहद अहम मानी जा रही है. इसमें सभी बंधकों की रिहाई और गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने की बात कही गई है. इजरायल के भीतर इस समझौते को लेकर मतभेद हैं. कुछ नेता मानते हैं कि यह आतंक के आगे झुकना है, तो कुछ इसे जरूरी राहत बता रहे हैं. ऐसे वक्त में नेतन्‍याहू का मोदी से बात करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश है कि भारत न सिर्फ गाजा संकट पर नज़र रखे हुए है, बल्कि शांति के हर प्रयास का समर्थन कर रहा है. पीएम मोदी ने इजरायल को बताया भारत का मित्र प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू हमेशा से भारत के घनिष्ठ मित्र रहे हैं और दोनों देशों के बीच यह मित्रता आने वाले समय में भी और मजबूत रहेगी. मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते आपसी विश्वास, सहयोग और समान मूल्यों पर आधारित हैं और यह संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं. वहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मोदी का इजरायल के प्रति समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत और इजरायल आगे भी करीबी साझेदारी और समन्वय के साथ विभिन्न मुद्दों पर साथ काम करते रहेंगे. पीएम ने की ट्रंप से बात गुरुवार को इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की और उन्हें अमेरिका की ओर से कराए गए गाजा शांति समझौते के पहले चरण की सफलता पर बधाई दी. यह तीन हफ्तों में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच दूसरी फोन कॉल थी. प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक शांति योजना को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका की सराहना की. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, मैंने मेरे दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता पर उन्हें बधाई दी. व्यापारिक वार्ताओं में हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की. गाजा में हुआ युद्धविराम अमेरिका ने घोषणा की कि इजराइल और हमास — जो पिछले दो साल से एक-दूसरे से लड़ रहे हैं — उन्होंने गाजा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति बना ली है. इस पहले चरण में गाजा पट्टी में युद्धविराम (सीजफायर) लागू किया जाएगा और इजराइली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई की जाएगी. यह युद्ध उस समय शुरू हुआ जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइली पर हमला किया था. इस हमले में लगभग 1,200 लोगों की मौत हो गई थी और हमास ने 251 लोगों को बंधक बना लिया था, जिनमें से अब भी 50 से अधिक लोग उसकी कैद में हैं. इजराइल ने इस हमले के बाद गाजा में सैन्य अभियान शुरू किया. फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 66,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. यह शांति समझौता उस लंबे संघर्ष में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, जिसने गाजा … Read more

UP PCS Exam: देर से पहुंचने पर नहीं मिलेगी एंट्री, जानें रिपोर्टिंग व गेट क्लोजिंग टाइम

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लखनऊ 12 अक्टूबर को होने वाली यूपीपीएससी पीसीएस और एसीएफ/आरएफओ 2025 प्रारंभिक परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के लिए राज्य में कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का प्रवेश द्वार बन्द कर दिया जाएगा। पहली शिफ्ट की परीक्षा 9.30 बजे से 11.30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट की परीक्षा 2.30 बजे से 4.30 बजे तक होगी। इसका मतलब है कि सुबह की शिफ्ट में 8.45 बजे के बाद और सेकेंड शिफ्ट में 1.45 के बाद किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं मिलेगी। गेट बंद कर दिए जाएंगे। बायोमीट्रिक आईरिस स्कैन एवं फेसियल रिकाग्निशन का कार्य केंद्र के परिसर में किया जाएगा। निर्धारित केंद्रों के परिसर में उड़नदस्ते के सदस्यों को भी तलाश के बाद प्रवेश मिलेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया है कि अभ्यर्थियों, कर्मचारियों एवं उड़नदस्ते आदि सहित किसी भी व्यक्ति को बिना तलाशी के प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्येक कक्ष में 24 अभ्यर्थियों के लिए कम से कम एक सीसीटीवी कैमरा लगेगा। सीसीटीवी कैमरे केंद्र के प्रवेश द्वार, कंट्रोल रूम तथा सभी कक्षों व अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर इस प्रकार लगाए जाएंगे कि परीक्षा संबंधित सभी संवेदनशील गतिविधियां आयोग के कंट्रोल रूम से लाइव देखी जा सके। लाइव सीसीटीवी परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले एवं परीक्षा समाप्त होने के एक घंटे बाद तक क्रियाशील रहेगा। केंद्र पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से अलग-अलग की जाएगी। प्रति 100 पुरुष व महिला अभ्यर्थियों पर एक पुरुष व महिला कर्मी की तैनाती होगी। प्रति 80 अभ्यर्थियों पर एक बायोमीट्रिक ऑपरेटर एक बायोमीट्रिक मशीन के साथ तैनात रहेगा। पीसीएस परीक्षा के लिए रेलवे की विशेष तैयारियां आगामी 12 अक्तूबर को होने वाली पीसीएस-2025 की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रयागराज मंडल ने विशेष इंतजाम किए हैं। प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़, टूंडला, इटावा समेत प्रमुख स्टेशनों पर अधिकारियों, वाणिज्य कर्मचारियों, आरपीएफ और जीआरपी की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया की रिजर्व रेक तैयार हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन होगा।  

मेहनत करते-करते भी रह जाएंगे खाली हाथ, अगर मुंह से निकलती हैं पैसों पर ये 5 बातें!

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कई बार मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है।अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही बंद कर दें। पैसों को ले कर बदलें नजरिया आपने सुना ही होगा कि जैसा हम बोलते हैं, वैसा ही जीवन में हमें मिलता हैं। पैसों के बारे में भी ठीक यही बात लागू होती है। पैसों को ले कर आपके विचार, आपकी धारण और आपका नजरिया कैसा है, ये तय करता है कि आपके पास पैसा रहेगा या नहीं। कई बार फुल मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही इन्हें बंद कर दें। पैसा ही सब कुछ नहीं होता इमोशनली ये बात कहने में ठीक लग सकती है, लेकिन प्रैक्टिकली देखें तो ये पैसों को ले कर एक नेगेटिव धारणा ही है। जब आप पैसों को ले कर ये नजरिया रखते हैं, तो कहीं ना कहीं ये सिग्नल देते हैं कि पैसे उतने जरूरी भी नहीं है। इसके चलते आप पैसों की सही मैनेजमेंट से भी दूर हो जाते हैं। पैसे को इज्जत और ग्रेटीट्यूड की भावना से देखेंगे, तो आप अपनी तरफ उन्हें अट्रैक्ट भी कर पाएंगे। मेरे पास तो पैसा टिकता ही नहीं है कई लोग ये बात बड़े आराम से बोल देते हैं। जबकि ऐसा बोलने से वो पैसों को खुद से और दूर कर रहे होते हैं। दरअसल आपके शब्दों में बहुत ताकत होती है। कोई भी चीज आप बार-बार बोलते रहते हैं, तो आपके माइंड को उसपर विश्वास हो जाता है और फिर जीवन में आप वैसा ही अट्रैक्ट करते हैं। ऐसे में अगर जाने-अनजाने आप भी यही कहते रहते हैं, तो यकीन मानिए आपके पास कभी सच में पैसा नहीं टिकने वाला। हमारी किस्मत में इतना पैसा कहां ये बात बोलकर आप पहले ही खुद को विश्वास दिला देते हैं कि आप ज्यादा पैसों के काबिल हैं ही नहीं। पैसों को ले कर जबतक आपके मन में ये धारण बनी रहेगी, तब तक आप कभी भी ज्यादा पैसा नहीं काम पाएंगे। खुद को विश्वास दिलाएं कि आप भी पैसे के काबिल हैं और भूलकर भी अपनी किस्मत को तो दोषी ना ही ठहराएं। पैसा बुराई की जड़ है कई लोग पैसे को बड़ी नेगेटिविटी के साथ देखते हैं। उन्हें लगता है कि सारी बुराई की जड़ पैसा ही है और सारे बुरे लोग पैसे वाले ही हैं। खुद ही सोचिए जब आप इस गलत नजरिए से देखेंगे तो भाला कहां से पैसा आपकी लाइफ में अट्रैक्ट होगा? इसके बजाय ये भी देखिए कि अच्छे काम भी तो पैसे की वजह से ही हो रहे हैं। सकारात्मक नजरिया रखेंगे तो लाइफ में भी वैसा ही अट्रैक्ट करेंगे। पैसे पेड़ पर नहीं उगते ये बात तो जैसे हम इंडियंस की फेवरिट है। बच्चा कुछ मांगे कि झट से डायलॉग आता है पैसे पेड़ पर नहीं उगते। ऐसा बोल-बोल कर हम अपने माइंड को विश्वास दिला देते हैं कि पैसा कमाना बड़ी मुश्किल चीज है और शायद हमारे बस की बात भी नहीं। इसकी जगह सकारात्मक नजरिया रखें। पैसा कामना मुश्किल हो सकता है लेकिन सही मेहनत के साथ नामुमकिन बिल्कुल नहीं है। पॉजिटिविटी से अट्रैक्ट करें पैसे हम सभी की लाइफ में जरूरी हैं, इसलिए इन्हें ले कर अपना नजरिया जरूर ठीक करें। सकारात्मक सोचें और जितना भी आपके पास है उसके लिए भगवान का शुक्रिया अदा करें। बच्चों के या अपने मन में ये कभी ना डालें कि आप इतना पैसा नहीं कमा सकते हैं या पैसा बुरी चीज है। जैसी सोच रखेंगे यकीन मानें वैसी ही चीजें आपकी लाइफ में होती नजर आएंगी।

शहबाज और मुनीर की अमेरिकी दौड़ धरी रह गई, ट्रंप ने पाकिस्तान को फिर किया निराश

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वाशिंगटन पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चापलूसी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. शहबाज और मुनीर अमेरिका तक गए और उन्होंने रेयर अर्थ मिनरल का खजाना भी सौंप दिया. लेकिन इसके बावजूद अब अमेरिका ने भारत को झटका दिया है. भारत में अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया. अमेरिकी दूतावास ने उन मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका पाकिस्तान को एडवांस एयर-टू-एयर मिसाइल्स (AMRAAM) बेचने जा रहा है. दूतावास ने स्पष्ट कहा है कि यह जानकारी गलत व्याख्या पर आधारित है और पाकिस्तान को किसी प्रकार की नई या उन्नत मिसाइल प्रणाली नहीं दी जा रही है. अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 को अमेरिकी ‘डिपार्टमेंट ऑफ वार’ (जो मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट की सार्वजनिक सूची जारी करता है) ने कई कॉन्ट्रैक्ट्स की जानकारी साझा की थी. उसी सूची में पाकिस्तान से जुड़ा एक विदेशी मिलिट्री बिक्री कॉन्ट्रैक्ट संशोधन भी शामिल था, लेकिन उसका उद्देश्य केवल रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति था. दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है- ‘यह कॉन्ट्रैक्ट किसी नई मिसाइल डिलीवरी या पाकिस्तान की मौजूदा हवाई युद्ध क्षमता को अपग्रेड करने से जुड़ा नहीं है. सस्टेनमेंट का मतलब केवल मौजूदा सिस्टम के सपोर्ट से है, अपग्रेड से नहीं.’ नहीं मिलेंगी नई मिसाइलें बीते कुछ दिनों से कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका पाकिस्तान को AIM-120 AMRAAM मिसाइलें उपलब्ध करा रहा है. रिपोर्ट्स में बताया जा रहा था कि इससे पाकिस्तान के F-16 फाइटर जेट की क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव आएगा. नई मिसाइल सेल की खबरों ने इस धारणा को हवा दी थी कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रिश्ते फिर से गर्म हो रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी दूतावास के बयान ने इन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट का उद्देश्य केवल सिस्टम का रखरखाव, उपकरण अपडेट और स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति है. इसे किसी भी रूप में पाकिस्तान की हवाई शक्ति बढ़ाने के कदम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस तरह के कॉन्ट्रैक्ट सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, जो कई देशों के साथ चलते रहते हैं. इसमें हथियार प्रणाली के रखरखाव, परीक्षण, और सप्लाई चेन के सुचारु संचालन से जुड़े तकनीकी अपडेट शामिल होते हैं. बयान में यह भी जोड़ा गया कि कुछ मीडिया संस्थानों ने ‘कॉन्ट्रैक्ट मॉडिफिकेशन’ शब्द का गलत अर्थ निकालते हुए इसे नए हथियारों की सप्लाई समझ लिया.  

हिंद-प्रशांत में नहीं चलेगी चीन की चालबाज़ी, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 3 बड़ी रक्षा संधियाँ

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नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर हैं, जहां तीन बड़े रक्षा समझौते किए गए हैं. भारत ने क्‍वाड (Quad) पर कैनबरा से अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है. ट्रंप ने क्‍वाड में अमेरिकी भागीदारी पर उदासीनता को कई बार स्‍पष्‍ट रूप से जताया है. वहीं, भारत क्‍वाड के अन्‍य सदस्‍य देशों (ऑस्‍ट्रेलिया और जापान) के साथ ही इस जोन के अन्‍य महत्‍वपूर्ण देशों (जैसे दक्षिण कोरिया) के साथ अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई दे रहा है. बता दें कि हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक गत‍िविधियों पर लगाम लगाने के लिए Quad का गठन किया गया था. इसमें भारत के साथ ही अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. ट्रंड की नीतियों के चलते इसपर ग्रहण सा लगता दिख रहा था, जिसे भारत अब कूटनीतिक ईंधन देकर उसे एक सशक्‍त फोरम बनाने में जुटा है. अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन की Indo-Pacific नीति और Quad के प्रति घटती रुचि के बीच भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ने गुरुवार को अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में तीन महत्‍वपूर्ण समझौते किए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्‍ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्ल्‍स के बीच कैनबरा में हुई प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान, पनडुब्‍बी खोज एवं बचाव सहयोग, और ज्‍वाइंट स्‍टाफ डायलॉग मेकेनिज्‍म की स्‍थापना से जुड़े तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा दोनों देशों ने एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप तैयार करने और दीर्घकालिक रक्षा एवं सुरक्षा ढांचा समझौता पर भी जल्‍द हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई. यह नया ढांचा वर्ष 2009 में हुए साझा सुरक्षा घोषणा पत्र की जगह लेगा. भारत लगातार मजबूत कर रहा रिश्‍ते राजनाथ सिंह की यह यात्रा 2014 में NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली ऑस्‍ट्रेलिया यात्रा है. यह ऐसे समय में हुई है, जब भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव और नीति असंतुलन के बीच जापान, ऑस्‍ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस जैसे क्षेत्रीय साझेदारों के साथ अपने रक्षा संबंधों को सशक्‍त कर रहा है. मार्ल्‍स ने पहले कहा था कि चीन भारत और ऑस्‍ट्रेलिया दोनों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा है. बैठक में दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि Indo-Pacific क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले, स्थिर और समृद्ध माहौल को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना जरूरी है. दोनों देशों ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही, उड़ान और निर्बाध व्यापार के महत्व को भी दोहराया. रणनीतिक तौर पर अहम भारत-जापान के हालिया सुरक्षा सहयोग समझौते के बाद यह बैठक Quad देशों (भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और जापान) के बीच बढ़ते रक्षा तालमेल की दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है. आने वाले महीने में होने वाले मालाबार नौसैनिक अभ्यास से पहले दोनों देशों ने समुद्री निगरानी और डोमेन अवेयरनेस पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमने भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की. हमने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की महत्ता को दोहराया.’ उन्‍होंने आतंकवाद पर भारत की सख्‍त नीति दोहराते हुए कहा, ‘आतंक और वार्ता साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्‍यापार साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.’ राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.

इंदौर में पार्षद अनवर कादरी पद से हटाए गए, मेयर ने कांग्रेस पर साधा निशाना

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इंदौर नगर निगम परिषद में गुरुवार को हुए सम्मेलन में माहौल बेहद गरम रहा। परिषद की बैठक में पार्षद अनवर कादरी उर्फ ‘डकैत’ को पार्षदी पद से निष्कासित करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। सदन में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हुआ, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कादरी के खिलाफ गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि उनके कार्यों से न केवल नगर निगम की प्रतिष्ठा, बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहर की छवि भी धूमिल हुई है। महापौर ने सदन में कहा कि वर्ष 2003 में नगर निगम कानून में संशोधन कर यह प्रावधान जोड़ा गया था कि परिषद के दो-तिहाई सदस्य को यदि लगता है कि किसी पार्षद का आचरण या उसके खिलाफ आरोप इतने गंभीर हैं कि उसका पद पर बने रहना निगम या शहर के हित में नहीं है, तो परिषद उसे पद से हटा सकती है। उन्होंने कहा कि आज वह समय आ गया है। जब इस प्रावधान का सदुपयोग होना चाहिए। हमने संभागायुक्त को इस संबंध में सूचित किया था। उन्होंने भी पार्षद अनवर कादरी को निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि संभागायुक्त न केवल उनकी पार्षदी समाप्त करेंगे, बल्कि उन्हें आगामी वर्षों में चुनाव लड़ने से भी रोकने का आदेश देंगे। लव जिहाद और देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों का जिक्र महापौर ने कादरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर जैसे शहर का चुना हुआ जनप्रतिनिधि यदि लव जिहाद जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करे, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लव जिहाद के मामलों पर केरल हाईकोर्ट के निर्णय भी हैं और इससे जुड़े तथ्य सबके सामने हैं। इसके अलावा, जहां भी देशविरोधी गतिविधियों की बात आती है, वहां अनवर कादरी का नाम जुड़ता है। उन पर कई मामलों में आरोप सिद्ध हुए हैं, कई बार राज्य सुरक्षा कानून भी लगाया गया है। महापौर ने आगे कहा कि कादरी के खिलाफ कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि कादरी के पास जम्मू-कश्मीर से जारी बंदूक का लाइसेंस मिला था, जो खुद में सवाल खड़े करता है। ऐसे कृत्य नगर निगम और इंदौर जैसे स्वच्छ शहर की साख को नुकसान पहुंचाते हैं। जब उनके खिलाफ आरोप लगे और वह फरार हुए, तब पूरे शहर में चर्चा रही। उनके वार्ड के लोग महीनों तक अपने पार्षद को ढूंढते रहे। जेल में रहना और फरार रहना, दोनों ही स्थितियां यह साबित करती हैं कि उनका पार्षद बने रहना अनुचित है। कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई महापौर ने सदन में विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि लव जिहाद के आरोप लगने के बावजूद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आज भी विपक्षी पार्षद इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन छोड़कर चले गए। यह सवाल कांग्रेस नेतृत्व से पूछा जाना चाहिए कि क्या पार्टी लव जिहाद जैसे मामलों का समर्थन करती है? महापौर ने मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी से पूछा की क्या कांग्रेस ऐसे पार्षदों का बचाव कर रही है? आखिर क्यों पार्टी ने अब तक उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया? सदन में प्रस्ताव पारित लंबी बहस और हंगामे के बीच सभापति ने प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम परिषद ने पार्षद अनवर कादरी को परिषद से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास कर दिया। सदन के भीतर भाजपा पार्षदों ने तालियां बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया

OnePlus का बजट ब्लास्ट! नए Type-C ईयरफोन ने ₹999 में मचाई सनसनी

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नई दिल्ली OnePlus ने भारतीय बाजार में एक बार फिर अपने यूजर्स के लिए नया प्रोडक्ट पेश किया है. कंपनी ने नया OnePlus Half In-Ear Wired Type-C Earphones लॉन्च किया है, जो दिखने में क्लासिक और कीमत में बेहद किफायती है. यह ईयरफोन खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो अब भी वायर्ड साउंड क्वालिटी को प्राथमिकता देते हैं और ब्लूटूथ डिवाइस की चार्जिंग झंझट से बचना चाहते हैं. क्लासिक लुक और मॉडर्न कनेक्टिविटी OnePlus का यह नया ईयरफोन हाफ इन-ईयर डिजाइन में आता है, जिसका लुक काफी हद तक Apple के EarPods से मिलता-जुलता है. इसमें Type-C कनेक्टिविटी दी गई है, जिससे यह आज के सभी आधुनिक स्मार्टफोन्स के साथ आसानी से कनेक्ट हो जाता है. कंपनी का दावा है कि यह ईयरफोन न सिर्फ बेहतर साउंड देता है, बल्कि इसमें डिजिटल सिग्नल इंटरफेस की सुविधा भी है, जो यूजर को साफ और गहरी आवाज का अनुभव कराती है. दमदार ऑडियो परफॉर्मेंस OnePlus Half In-Ear Wired Earphones में 14.2mm का डायनमिक ड्राइवर दिया गया है, जिसे कंपनी की एकॉस्टिक टीम ने खास तरीके से ट्यून किया है. यह सेटअप हाई-क्वालिटी बास और क्लियर ऑडियो डिलीवर करता है, जिससे यूजर्स को प्रीमियम साउंड एक्सपीरियंस मिलता है. एचडी कॉलिंग और आसान कंट्रोल इन ईयरफोन्स में इन-लाइन रिमोट कंट्रोल दिया गया है, जिसकी मदद से यूजर्स आसानी से म्यूजिक प्ले या पॉज़ कर सकते हैं और कॉल्स को पिक या कट कर सकते हैं. कंपनी के मुताबिक, इसमें स्टेबल कनेक्टिविटी दी गई है, जिससे यूजर को HD कॉलिंग एक्सपीरियंस मिलता है. उलझन से मुक्त वायर और आरामदायक फिट OnePlus का यह नया ईयरफोन टैंगल-फ्री वायर के साथ आता है, यानी इसे बैग या पॉकेट में रखने पर तारें उलझती नहीं हैं. इसके अलावा, इसमें स्किन-फ्रेंडली मटेरियल का उपयोग किया गया है, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी कानों में कोई परेशानी नहीं होती. कीमत और उपलब्धता OnePlus ने इस ईयरफोन को फिलहाल सिर्फ व्हाइट कलर ऑप्शन में लॉन्च किया है. इसकी कीमत ₹999 रखी गई है और इसे OnePlus की आधिकारिक वेबसाइट या रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकता है. क्यों है खास     Type-C कनेक्टिविटी – मॉडर्न स्मार्टफोन्स के लिए उपयुक्त     14.2mm ड्राइवर के साथ दमदार साउंड     ट्यून किया गया एकॉस्टिक सिस्टम     HD कॉलिंग सपोर्ट     टेंगल-फ्री केबल     बजट फ्रेंडली प्राइस ₹999 OnePlus का यह नया Type-C वायर्ड ईयरफोन उन यूजर्स के लिए एक शानदार विकल्प है जो बजट में प्रीमियम ऑडियो क्वालिटी चाहते हैं. साफ आवाज, आरामदायक डिजाइन और भरोसेमंद ब्रांड के साथ यह डिवाइस निश्चित रूप से बाजार में अच्छी पकड़ बनाने वाला है.