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Aastha Pandey

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प्रधानमंत्री (PM) का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है – जाने पूरी डिटैल्स

Officer

प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) एक बहुत जिम्मेदार और भरोसेमंद पोस्ट है। यह आमतौर पर आईएएस या आईएफएस जैसे वरिष्ठ सिविल सर्विस के अधिकारियों में से चुना जाता है, जिन्हें लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ गोपनीयता और स्ट्रैटेजिक कामों की समझ होती है। उनकी तनख्वाह लगभग ₹ 1.44 लाख बेस + अन्य भत्तों के साथ कुल ₹ 2 लाख से ऊपर होती है। प्रधानमंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी कौन होते हैं? प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) वह अधिकारी है जो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में काम करता है और प्रधानमंत्री के रोज़-रोज़ के कामों, मीटिंग्स, फाइलों, रिपोर्ट्स और विदेश दौरों का समन्वय करता है। यह सिर्फ असिस्टेंट या क्लर्क जैसा रोल नहीं है, बल्कि टॉप-लेवल एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारी है। PS पीएम के शेड्यूल को मैनेज करता है — यह तय करता है कि प्रधानमंत्री किस दिन किससे मिलें, किस मीटिंग में क्या विषय हो, और कौन सी फाइल कहां जाए। साथ ही, विभिन्न मंत्रालयों से आने वाली रिपोर्ट्स और अहम फैसलों को प्रधानमंत्री तक सही समय पर पहुँचाना भी PS का काम है। इसके अलावा वे गोपनीय मामलों को सुरक्षित रखते हैं, और अगर देश में कोई राष्ट्रीय संकट या आपदा आए, तो वे एक महत्वपूर्ण कड़ी की तरह काम करते हैं। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती पीएम का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है? यह पद किसी सामान्य नौकरी जैसा नहीं मिलता। यह जिम्मेदारी अक्सर IAS, IFS (इंडियन फॉरेन सर्विस), या अन्य सीनियर सिविल सर्विस के अधिकारियों को दी जाती है। ये अधिकारी लगभग 10-20 साल का प्रशासनिक अनुभव रखते हैं और उन्हें गोपनीयता, नीति-निर्माण और बड़े फैसलों को संभालने की क्षमता होनी चाहिए। PS बनने की प्रक्रिया में कबिनेट की मंज़ूरी भी शामिल होती है। उदाहरण के लिए, निधि तिवारी नाम की IFS अधिकारी को पर्सनल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है, और यह नियुक्ति Department of Personnel & Training (DoPT) और Cabinet Appointments Committee (ACC) की मंज़ूरी के बाद हुई थी। ये खबर भी पढ़े…CG MD-MS Admission 2025: काउंसलिंग की लॉस्ट डेट बढ़ी, अब 23 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन पीएम पर्सनल सेक्रेटरी की सैलरी कितनी होती है? PS का वेतन Pay Matrix के Level-14 पर तय होता है।उनकी बेस सैलरी लगभग ₹ 1,44,200 होती है। लेकिन, सिर्फ बेस सैलरी ही नहीं — इसके अलावा Dearness Allowance (DA), House Rent Allowance (HRA), यात्रा भत्ता और अन्य भत्तों की वजह से उनकी मासिक कमाई लगभग ₹ 2 लाख या उससे ज़्यादा हो सकती है। साथ ही, PMO में काम करने वाले अन्य सीनियर अधिकारियों की भी तनख्वाह सार्वजनिक की गई है। उदाहरण के लिए, RTI खुलासों के मुताबिक़, PMO के निजी सचिव (PS) जैसे राजीव टोप्रो और संजय कुमार सिंगला को क्रमशः ₹ 1.46 लाख और ₹ 1.38 लाख मासिक वेतन मिलता था। PMO के अधिकारी (सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी) की सैलरी भी PMO की खुद की “Details of Monthly Remuneration” रिपोर्ट में मिलती है। सरकारी सुविधाएं भी शामिल होती हैं — जैसे कि सरकारी आवास, आधिकारिक गाड़ी, सुरक्षा और मेडिकल आदि। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन रोल और जिम्मेदारियाँ – प्रधानमंत्री के हर दिन का शेड्यूल और मीटिंग्स प्लान करना। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट चुनने की वजह: क्यों सिर्फ सीनियर अधिकारी? PM का PS सिर्फ भरोसेमंद अधिकारी हो सकता है, क्योंकि ये न सिर्फ प्रशासनिक काम देखता है, बल्कि नीति-निर्माण और गोपनीय मामलों में PM का सीधे संपर्क होता है। इसलिए ये पद उन अधिकारियों को दिया जाता है जिनकी साख, अनुभव और क्षमता बहुत मजबूत हो। अक्सर ये अधिकारी IAS, IFS या अन्य प्रतिष्ठित सिविल सर्विस से आते हैं, जिनके पास सालों का अनुभव हो और जिन्होंने महत्वपूर्ण मंत्रालयों में काम किया हो। यह नियुक्ति केवल “अनुभवी” ही नहीं, बल्कि “विश्लेषणात्मक और रणनीतिक सोच” वाले अधिकारियों को दी जाती है, क्योंकि PMO में काम करना नीतिगत, संवेदनशील और डायनेमिक होता है। FAQs Q1: प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) बनने के लिए कौन-सी सर्विस कैसी होनी चाहिए?A1: आमतौर पर PS के लिए IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस) या IFS (इंडियन फॉरेन सर्विस) जैसे वरिष्ठ सिविल सर्विस अधिकारी चुने जाते हैं। उन्हें करीब 10-20 साल का प्रशासनिक अनुभव, गोपनीयता का अनुभव और नीति-निर्णय की समझ होनी चाहिए। Q2: PS की सैलरी कितनी होती है और किस पे लेवल पर होती है?A2: PS का वेतन Pay Matrix Level-14 पर तय होता है। उनकी बेस सैलरी लगभग ₹ 1,44,200 होती है, और अन्य भत्तों जैसे DA, HRA, यात्रा भत्ते की वजह से उनकी कुल आमदनी लगभग ₹ 2 लाख या उससे ज़्यादा हो सकती है। Q3: पीएम PS के काम की सबसे बड़ी जिम्मेदारियाँ क्या-क्या होती हैं?A3: प्रधानमंत्री का PS निम्नलिखित महत्वपूर्ण काम करता है:

CG MD-MS Admission 2025: काउंसलिंग की लॉस्ट डेट बढ़ी, अब 23 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

Docter

छत्तीसगढ़ में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स MD-MS में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है, जिससे उन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिल गया है जो पहले डेडलाइन मिस होने के डर से परेशान थे। पहले आवेदन की सीमा 18 नवंबर रात 11:59 बजे तक तय थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 23 नवंबर तक कर दिया गया है, जिससे कई छात्रों की उम्मीद फिर से जाग उठी है। इसके साथ ही च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 19 नवंबर से शुरू हो चुकी है, जो 24 नवंबर तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि इच्छुक उम्मीदवार अब अपनी पसंदीदा मेडिकल कॉलेजों और स्पेशलाइजेशन को अच्छी तरह सोच-समझकर चुन सकते हैं। काउंसलिंग की यह नई समय-सारिणी MCC द्वारा किए गए बदलावों के बाद जारी की गई है, ताकि सभी पात्र छात्र बिना किसी जल्दबाजी के आवेदन और अपनी पसंद लॉक कर सकें। यह कदम मेडिकल छात्रों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। उदेश्य छत्तीसगढ़ राज्य में MD-MS 2025 प्रवेश के लिए पहली-चरण की काउंसलिंग के ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तिथि को बढ़ा दिया गया है। यह फैसला मेडिकल परामर्श समिति (MCC) की संशोधित समय-सारिणी के बाद लिया गया है। पहले आवेदन की सीमा 18 नवंबर रात 11:59 बजे तक तय की गई थी, लेकिन अब इसे 23 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया गया है। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती काउंसलिंग प्रक्रिया: च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग आवेदन के अतिरिक्त समय के साथ, च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 19 नवंबर की सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया 24 नवंबर की रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। विभाग ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे इस अतिरिक्त समय का पूरा फायदा उठाएं और अपनी पसंद की काउंसलिंग विकल्प समय पर लॉक कर दें। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय क्यों बढ़ाई गई है तिथि? MCC (Medical Counselling Committee) ने अपनी समय-सारिणी में बदलाव किया है और इसी के चलते छत्तीसगढ़ के DME (डायरेक्टर रे ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन) ने आवेदन और च्वाइस फिलिंग की सीमा बढ़ाई है। यह कदम उन छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जो NEET PG 2025 क्वालिफाइ कर चुके हैं और राज्य-कोटा MD-MS में दाखिले की उम्मीद लगा रहे हैं। विभाग स्पष्ट कर रहा है कि समय-सीमा के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए देरी न करें। पात्रता और छत्तीसगढ़ PG एडमिशन की जानकारीयह काउंसलिंग छत्तीसगढ़ राज्य कोटा के MD-MS (पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल) कोर्सों के लिए है। आवेदन और च्वाइस फिलिंग का आधिकारिक पोर्टल cgdme.admissions.nic.in है। अभ्यर्थियों को NEET PG 2025 में क्वालिफाइ करना अनिवार्य है। ये खबर भी पढ़े…RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें उम्मीदवारों को ध्यान देने योग्य बातें आवेदन करते समय सावधानी बरतें 23 नवंबर की नई सीमा तक सभी फॉर्म भरें।च्वाइस फिलिंग को मिस न करें -अपनी MD/MS पसंदों को सोच-समझकर फिल और लॉक करें।आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें — NEET PG स्कोरकार्ड, पहचान पत्र आदि जरूरी होंगे।ऑफिशियल वेबसाइट देखें — गलत लिंक से आवेदन न करें, आधिकारिक साईट cgdme.admissions.nic.in ही भरोसेमंद है। समय का पूरा फायदा लें — नई तिथि बढ़ने का मतलब है कि आपके पास अतिरिक्त दिन हैं, इसे wisely इस्तेमाल करें। ये खबर भी पढ़े…10वीं के बाद पढ़ाई आसान, Post Matric Scholarship देगी पूरा खर्च FAQs Q1: MD-MS 2025 काउंसलिंग के लिए आवेदन की नई अंतिम तिथि क्या है?नई अंतिम तिथि 23 नवंबर 2025, रात 11:59 बजे है। Q2: क्या मैं अब भी अपनी काउंसलिंग पसंदों (choices) फ़िल और लॉक कर सकता हूँ?हाँ। च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग प्रक्रिया 19 नवंबर सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है और यह 24 नवंबर रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। Q3: छत्तीसगढ़ MD-MS काउंसलिंग के लिए किस वेबसाइट पर आवेदन करना चाहिए?आपको DME Chhattisgarh की आधिकारिक वेबसाइट (उदेश्य छत्तीसगढ़ राज्य में MD-MS 2025 प्रवेश के लिए पहली-चरण की काउंसलिंग के ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तिथि को बढ़ा दिया गया है। यह फैसला मेडिकल परामर्श समिति (MCC) की संशोधित समय-सारिणी के बाद लिया गया है।

Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती

Lakhpaal

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतज़ार कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी धीरे-धीरे दरवाज़ा खोल रही है। राज्य में लेखपाल यानी पटवारी के 7,994 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, और अब इन पदों पर भर्ती का रास्ता आखिरकार साफ होता नजर आ रहा है। सबसे खास बात यह है कि यह मौका 12वीं पास युवाओं के लिए है, यानी बहुत से उम्मीदवार पहली बार एक स्थिर सरकारी नौकरी की तरफ कदम बढ़ा सकते हैं। UPPET 2025 का रिजल्ट जारी होते ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। इसका मतलब यह है कि जो युवा PET परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, उन्हें आने वाले महीनों में बड़ा अवसर मिल सकता है। लेखपाल की नौकरी हमेशा से गांव–कस्बों में एक प्रतिष्ठित और स्थिर पद माना जाता है, क्योंकि यह सीधे ज़मीन, रिकॉर्ड और राजस्व कार्यों से जुड़ा होता है। ऐसे में यह भर्ती राज्य में हजारों परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आ सकती है। उदेश्य उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्व विभाग में लेखपाल (पटवारी) के कुल 30,837 स्वीकृत पदों में से करीब 7,994 पद अभी खाली हैं। ये रिक्त पदों को भरने की तैयारी चल रही है और राजस्व विभाग ने भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) को प्रस्ताव भेज दिया है।भर्ती क्यों और कैसे होगी? UPPET रिजल्ट का महत्व भर्ती की इस प्रक्रिया में UPPET (प्रारंभिक पात्रता परीक्षा) का रोल अहम होगा। कहा जा रहा है कि UPPET रिजल्ट 2025 दिसंबर के अंत तक जारी हो सकता है, और उसके बाद लेखपाल भर्ती की विज्ञप्ति जनवरी 2026 में आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भर्ती विज्ञप्ति उसी आयोग द्वारा जारी की जाएगी जो PET / UPPET परिणाम को ध्यान में रखेगा। लेखपाल का काम और जिम्मेदारियाँ लेखपाल को आम बोलचाल में पटवारी भी कहा जाता है। उनका मुख्य काम ज़मीनी रिकॉर्ड तैयार करना, भूमि माप-जोख करना और गाँव या क्षेत्र में भूमि के नक्शे-दस्तावेज़ बनाना होता है। ये पद स्थानीय स्तर पर राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, क्योंकि भूमि रिकॉर्डिंग बहुत संवेदनशील होती है। भर्ती प्रक्रिया और पात्रता इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होना अनिवार्य है।आयु सीमा 18 से 40 साल है।चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हो सकते ह रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ पदों को प्रमोशन के माध्यम से भरा जाएगा, जैसे तहसीलदार के लगभग 300 पद। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय क्यों यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ी है? 12वीं पास युवाओं को सरकारी नौकरी का बड़ा मौका मिल रहा है, खासकर वे जो पटवारी बनना चाहते हैं। कुल 7,994 रिक्त पद युवाओं की बड़ी संख्या को रोजगार का अवसर दे सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह भर्ती पारदर्शी और समयबद्ध हो सकती है। यह भर्ती प्रदेश में राजस्व विभाग की कारगुज़ारी को बेहतर बनाएगी और भूमि रिकॉर्डिंग को मजबूत करेगी। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन संभावित समय-रेखा UPPET रिजल्ट जारी करना — दिसंबर 2025 तक।भर्ती विज्ञप्ति जारी करना — जनवरी 2026 में।आवेदन प्रक्रिया शुरू करना — नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑनलाइन आवेदन की संभावना।परीक्षा + दस्तावेज सत्यापन — चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और जरूरी दस्तावेज़ जांच शामिल होंगे।नियुक्ति — सफल अभ्यर्थियों को लेखपाल (पटवारी) पदों पर तैनात किया जाएगा। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए? UPPET परीक्षा का रिजल्ट चेक करते रहें और UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती नोटिफिकेशन की निगरानी करें। अपनी 12वीं मार्कशीट, पहचान और निवास प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ अपडेट रखें। तैयारी करें — पिछले सालों के पेपर देखना और परीक्षा रणनीति बनाना फायदेमंद होगा। भर्ती होने पर काम की ज़िम्मेदारी और रोल को समझें — लेखपाल की नौकरी सिर्फ जमीनी रिकॉर्ड रखने की नहीं, बल्कि गाँव के राजस्व मामलों में सक्रिय भागीदारी की भी जरूरत होती है। ये खबर भी पढ़े…सरकारी योजना: अल्पसंख्यक छात्रों को 15,000 रुपये प्रोत्साहन — आवेदन शुरू FAQs Q1: यूपी लेखपाल भर्ती में 7994 पदों का प्रस्ताव क्यों है?उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में मीटिंग के बाद, सरकार ने लेखपाल (पटवारी) के 7,994 रिक्त पदों को भरने की योजना बनाई है। Q2: UPPET 2025 रिजल्ट आने के बाद भर्ती कब शुरू हो सकती है?बताया जा रहा है कि UPPET 2025 रिजल्ट दिसंबर के अंत तक आ सकता है और भर्ती विज्ञप्ति जनवरी 2026 में जारी हो सकती है। Q3: लेखपाल भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता क्या है?उम्मीदवार को 12वीं पास होना चाहिए और आयु सीमा 18–40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय

रात के करीब 11 बजे हैं। आप थके हुए बिस्तर पर लेटे हैं और अचानक फोन की स्क्रीन चमकती है। WhatsApp पर एक अनजान नंबर से मैसेज आता है—“Hi”, या शायद एक आकर्षक जॉब ऑफर। आप एक सेकंड रुकते हैं और सोचते हैं, “इसको मेरा नंबर मिला कहां से?” रोज़-रोज़ आने वाले ऐसे मैसेज हमें मामूली लगते हैं, लेकिन नवंबर 2025 की एक बड़ी रिसर्च ने इस छोटे से सवाल को एक विशाल सच में बदल दिया है—और सच यह है कि आपका नंबर शायद बहुत पहले से किसी और की पास था। ऑस्ट्रिया के रीसर्च ऑस्ट्रिया के रिसर्चर्स ने WhatsApp की एक खामोश लेकिन बेहद खतरनाक गलती का खुलासा किया है। इस गलती की वजह से दुनिया के 3.5 अरब WhatsApp यूज़र्स का डेटा—उनके फोन नंबर, प्रोफाइल फोटो और “About” जैसी पब्लिक जानकारी—कुछ ही घंटों में ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट की मदद से स्क्रैप की जा सकती थी। सोचिए, बिना हैक किए, बिना किसी पासवर्ड के, कोई भी दुनिया भर के एक्टिव WhatsApp यूज़र्स की लिस्ट अपने पास जमा कर सकता था। यह घटना सिर्फ एक टेक्निकल गलती नहीं, बल्कि हमारी डिजिटल पहचान की कमज़ोर सुरक्षा का सबसे बड़ा सबूत है। Meta ने सफाई दी है, अपडेट जारी किए हैं, लेकिन जो सवाल उठे हैं… वो अभी भी हमारे सामने खड़े हैं। विएना की रिसर्चर्स की चौंकाने वाली खोज विएना (ऑस्ट्रिया) की यूनिवर्सिटी ऑफ़ विएना और SBA रिसर्च की टीम ने WhatsApp में एक गंभीर सुरक्षा समस्या पाई। उन्होंने “Contact Discovery” फीचर का गलत इस्तेमाल करके 100 मिलियन से ज़्यादा फोन नंबर प्रति घंटे चेक कर लिए। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 3.5 अरब (3.5 billion) सक्रिय WhatsApp अकाउंट्स को एन्यूमेर (गिनाना) किया। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन यह चूक कैसी थी? WhatsApp का Contact Discovery फीचर: जब हम अपनी फोनबुक अपलोड करते हैं, तो यह पता चलता है कि कौन-सा नंबर WhatsApp पर है। रिसर्चर्स ने स्क्रिप्ट बनाई और मास स्केल पर नंबर भेजकर जांच की, क्योंकि WhatsApp पहले पर्याप्त rate-limiting (नियंत्रण) नहीं कर रहा था। इस तरह, उन्होंने सिर्फ नंबर ही नहीं, बल्कि पब्लिकली उपलब्ध डेटा जैसे प्रोफाइल फोटो, “About” टेक्स्ट, टाइमस्टैम्प्स और पब्लिक कीज़ (एन्क्रिप्शन से संबंधित) भी निकाल लिए। वो यह भी पता लगा पाए कि उपयोगकर्ता किस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, अकाउंट कब बना था, और उन्होंने कितने डिवाइस (जैसे WhatsApp Web) लिंक किए हैं। Meta (WhatsApp की माँ कंपनी) का जवाब रिसर्चर्स ने अप्रैल 2025 में Meta को अपनी खोज की सूचना दी। इसके बाद, अक्टूबर 2025 में Meta ने WhatsApp Web पर “rate-limiting” लागू किया ताकि इसी तरह के बड़े पैमाने की जाँच को रोका जा सके। Meta ने कहा कि रिसर्चर्स के ज़रिए मिला डेटा पहले ही सार्वजनिक था (जैसे कि पब्लिक फोटो या “About” टेक्स्ट): कोई निजी मैसेज एक्सेस नहीं किया गया था क्योंकि WhatsApp में end-to-end एन्क्रिप्शन जारी है। Meta ने आगे ये भी कहा है कि बग बाउंटी प्रोग्राम के ज़रिए यह मुद्दा सामने आया और उन्होंने रिसर्चर्स की भूमिका सराही है। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट रिस्क क्या है? डेटा एन्युमरेशन (गिनना): इस चूक की वजह से कोई भी ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट चला कर दुनिया भर के लगभग हर WhatsApp नंबर की पुष्टि कर सकता था, और यह स्कैमर या साइबर क्रिमिनल्स के लिए खतरनाक हो सकता था। प्रोफाइल इनफार्मेशन का दुरुपयोग: 57% यूज़र्स की प्रोफाइल फोटो, और 29% का “About” टेक्स्ट सार्वजनिक था, जो उनकी पहचान और अन्य जानकारियों को उजागर कर सकता था। मेटाडेटा से इनसाइट्स: रिसर्चर्स ने यह भी अनुमान लगाया कि कौन-से यूज़र कई डिवाइस यूज़ करते हैं, उनका अकाउंट कितना पुराना है, और उनका ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है – ये सारी जानकारी साइबर अपराधियों के लिए उपयोगी हो सकती है। दमनकारी देशों में सुरक्षा ख़तरा: कुछ यूज़र्स ऐसे देशों में हैं जहां WhatsApp प्रतिबंधित है (जैसे चीन), और यह खुलासा उनकी पहचान और स्थिति को ख़तरे में डाल सकता था। क्या अब समस्या सुलझा दी गई है? हां — Meta ने rate-limiting लागू कर दिया है ताकि एक-ही स्रोत से इतनी तेजी से अनुरोध (requests) न किए जा सकें। रिसर्चर्स ने कहा है कि उन्होंने अपनी कलेक्ट की हुई डेटा लिस्ट डिलीट कर दी है। लेकिन रिसर्चर्स ने चेतावनी दी है कि अगर कोई और बुरा अभिनेता (malicious actor) इस विधि का इस्तेमाल करता, तो यह “इतिहास का सबसे बड़ा डेटा लीक” साबित हो सकता था। ये खबर भी पढ़े…IMD Recruitment 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग में 136 प्रोजेक्ट स्टाफ पदों पर भर्ती, करें अप्लाई करें ये उपाय हमारी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा सकते हैं? प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें: WhatsApp में अपनी प्रोफाइल फोटो, “About” टेक्स्ट और स्टेटस की visibility को “Only My Contacts” पर सेट करें। अजनबी कॉल और मैसेज से सावधान रहें: अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स और मैसेजेज में स्कैमर के झांसे (जॉब ऑफर, लिंक आदि) हो सकते हैं। अपनी डिजिटल पहचान की निगरानी करें: यदि आप अक्सर स्पैम कॉल्स या मैसेजेज़ पाते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका नंबर डेटा मार्केट में है। ऑनलाइन सिक्योरिटी पर अपडेट रहें: जैसे-जैसे Meta और अन्य टेक कंपनियां सुधार लाती हैं, उन अपडेट्स को ध्यान से देखें और समय-समय पर अपनी ऐप सेटिंग्स रिव्यू करें। ये खबर भी पढ़े…AFCAT 1 2026: एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन शुरू, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी FAQs Q1: यह WhatsApp डेटा ली क है या हैक?यह एक “लीक” जैसा है, लेकिन हैक नहीं। इसमें कोई मैसेज कंटेंट चोरी नहीं हुआ, बल्कि WhatsApp का Contact Discovery फीचर स्क्रैप किया गया। Q2: क्या Meta ने इस खामी को सुधार लिया है?हाँ, Meta ने अक्टूबर 2025 में rate-limiting लागू किया ताकि स्क्रैपिंग को रोका जा सके। रिसर्चर्स ने अपनी कलेक्ट की हुई डेटा लिस्ट डिलीट कर दी है। Q3: क्या यह खामी सभी देशों के WhatsApp यूज़र्स को प्रभावित करती है?हाँ। रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह विश्वव्यापी समस्या थी — उन्होंने 245 देशों में 3.5 अरब से ज़्यादा सक्रिय WhatsApp अकाउंट्स की पहचान की है।