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लहर खबरों की

Aastha Pandey

Writer News & Blogger

Central government advice — एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने की आखिरी मौका

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केंद्र सरकार ने एनपीएस (NPS) में शामिल कर्मचारियों से अपीलकी है कि वे 30 नवंबर 2025 तक यूपीएस (Unified Pension Scheme) विकल्प चुनें, ताकि बेहतर पेंशन और टैक्स फायदे मिल सकें। यूपीएस विकल्प- केंद्र सरकार ने सभी पात्र केंद्रशासित कर्मचारियों से एक जिम्मेदार चेतावनी जारी की है — अगर आप अभी भी एनपीएस (NPS) में हैं और एकीकृत पेंशन योजना (YUPS) का विकल्प लेना चाहते हैं, तो जल्दी आवेदन करें, क्योंकि 30 नवंबर 2025 अंतिम तारीख नज़दीक है। वित्त मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि नोडल ऑफिसों में भरा हुआ आवेदन पत्र जमा करना अनिवार्य है, साथ ही CRA (Central Recordkeeping Agency) पोर्टल पर ऑनलाइन भी अनुरोध किया जा सकता है। ये खबर भी पढ़े…मध्यप्रदेश ESB भर्ती परीक्षाएं 2025 टलीं — युवाओं की बढ़ी चिंता यूपीएस क्या है और क्यों है फायदेमंद? यूपीएस (Unified Pension Scheme) एक नई पेंशन योजना है, जिसे PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) ने NPS के अंदर ऑप्शन के रूप में स्थापित किया है। गारंटीड पेंशन (assured pension): यूपीएस में पेंशन राशि सुनिश्चित होती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा बढ़ती है। स्विचिंग ऑप्शन: एक बार यूपीएस चुना तो बाद में वापस NPS में लौटने की भी सुविधा है (वन-टाइम, एक-तरफा स्विच)। कर छूट: यूपीएस में टैक्स लाभ भी उपलब्ध हैं, जो कई कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। त्यागपत्र और अनिवार्य सेवानिवृत्ति लाभ: यूपीएस में त्यागपत्र (resignation) और अनिवार्य सेवानिवृत्ति (compulsory retirement) पर विशेष लाभ हैं। आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप ये खबर भी पढ़े…एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर भर्ती — जानिए पूरा प्रोसेस और योग्यता ऑनलाइन आवेदन पात्र कर्मचारी CRA (सेंट्रल रेकॉर्डकीपिं एजेंसी) की वेबसाइट या e-NPS पोर्टल पर लॉग इन करके “NPS से यूपीएस माईग्रेशन” सेक्शन में जाएँ और अपना अनुरोध सबमिट करें। ऑफलाइन आवेदन– आवेदन के लिए Form A2 भरें और इसे अपने नोडल कार्यालय में जमा करें। स्वीकृति और प्रोसेसिंग: नोडल ऑफिस निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी अनुरोधों पर कार्रवाई करेगा। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी स्विच-बैक ऑप्शन– यदि पहले यूपीएस चुना, तो आप वन टाइम, एक-तरफा स्विच करके NPS में वापस आ सकते हैं, पर उसके लिए कुछ शर्तें हैं — जैसे कि स्विच कम-से-कम एक साल पहले सुपरएन्नुएशन (सेवानिवृत्ति) या तीन महीने पहले VRS। सेवानिवृत्ति के बाद भी अप्लाई कर सकते हैं: अगर आप पहले (31 मार्च 2025 तक) रिटायर हो चुके हैं और NPS में थे, तो भी यूपीएस के लिए आवेदन करने का विवरण PFRDA की वेबसाइट पर है। सरकार का संदेश — जल्दी निर्णय लें वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह अंतिम मौका है। सरकार का मानना है कि यूपीएस में स्विच करने से कई कर्मचारी स्थिर और सुरक्षित पेंशन पा सकते हैं, खासकर उन लोगों को जो रिटायरमेंट के बाद भविष्य में आर्थिक अनिश्चितताओं से सावधान हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इस विशेष अवधि में आवेदन न करने वाले कर्मचारी स्वतः NPS में ही बने रहेंगे। असली घटनाक्रम और चुनौतियाँ हालांकि विकल्प बढ़ाया गया है, लेकिन बहुसंख्यक कर्मचारी अभी भी NPS में बने हुए हैं। उदाहरण के लिए, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों में से लगभग 96% ने यूपीएस में स्विच नहीं किया ह कुछ कर्मचारी संगठन और प्रतिनिधि अधिक समय की मांग कर रहे थे, इसलिए पहले जून की बजाय समय सीमा सितंबर में, और अब 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। एक बार यूपीएस चुने जाने के बाद भी, कर्मचारी स्व-स्वीकार (resignation) या अनिवार्य सेवानिवृत्ति (compulsory retirement) जैसी परिस्थितियों में पूर्ण लाभ पाने के लिए न्यूनतम सेवा अवधि (जैसे 25 साल) पूरा करना होगा। FAQs

World Tourism : दुनिया की 8 रहस्यमयी जगहें जहां आम लोगों की एंट्री बैन

Rahasy

दुनिया की 8 रहस्यमयी और प्रतिबंधित जगहें जानें, जहां सुरक्षा, संस्कृति और खतरों के कारण आम लोगों की एंट्री पूरी तरह बैन है। भूमिका: दुनिया में कुछ जगहें पूरी तरह बैन क्यों हैं? World Tourism हमें यात्रा की आज़ादी का महत्व समझाता है, लेकिन दुनिया में कई ऐसी जगहें भी हैं जहां जाना आम लोगों के लिए पूरी तरह मना है। ये स्थान या तो अत्यधिक सुरक्षित सैन्य क्षेत्र हैं, या फिर सांस्कृतिक रूप से इतने महत्वपूर्ण हैं कि उन्हें छूना भी गलत माना जाता है। कुछ जगहें प्राकृतिक रूप से इतनी खतरनाक हैं कि वहां जाना जीवन के लिए जोखिम भरा हो सकता है। नीचे हम आसान और शैक्षणिक भाषा में उन 8 सबसे प्रतिबंधित जगहों के बारे में पढ़ेंगे। यह पहाड़ भूटान में स्थित है और इसे स्थानीय लोग बहुत पवित्र मानते हैं। इसकी ऊँचाई लगभग 7,570 मीटर है, लेकिन 2003 में भूटान सरकार ने यहां पर्वतारोहण पूरी तरह बंद कर दिया। सरकार का कहना है कि यह क्षेत्र देवी-देवताओं का निवास माना जाता है, इसलिए यहां मानवीय हस्तक्षेप सही नहीं है। यह आज भी दुनिया का सबसे ऊँचा ऐसा पर्वत है जिस पर अब तक कोई नहीं चढ़ा। यह पूरा सैन्य परिसर ग्रेनाइट पर्वत के अंदर बनाया गया है। यह इतना मजबूत है कि परमाणु हमले की स्थिति में भी सुरक्षित रह सकता है। यहां अमेरिका की कई सुरक्षा एजेंसियां काम करती हैं। आम नागरिकों के लिए यहां प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अत्यंत संवेदनशील स्थान है। वर्जीनिया, USA में स्थित यह जगह पूरी तरह अंडरग्राउंड और अत्यधिक गोपनीय है। इसे किसी बड़े संकट, जैसे युद्ध या राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान शीर्ष नेताओं को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है।यह US Government’s Continuity of Operations Plan का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए यहां केवल उच्च अधिकारी ही प्रवेश कर सकते हैं। नेवादा में स्थित Area 51 दुनिया की सबसे रहस्यमयी सैन्य जगहों में गिनी जाती है। यहां उन्नत हवाई जहाज, हथियार तकनीक और सीक्रेट प्रोजेक्ट्स पर रिसर्च होता है। पॉप-कल्चर में इसे UFOs और एलियंस से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन सरकार ने इसकी गतिविधियों पर हमेशा गोपनीयता बनाए रखी है।यहां जाना तो छोड़िए, इसकी सीमा के करीब जाना भी अपराध माना जाता है। पहले इसे Vatican Secret Archives कहा जाता था, लेकिन नाम बदलकर अब Vatican Apostolic Archives रखा गया है। यहां चर्च से जुड़े हजारों वर्षों पुराने दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं। यहां आम लोगों की एंट्री बिल्कुल नहीं होती, और सिर्फ अधिकृत शोधकर्ताओं को सीमित समय के लिए अंदर जाने की अनुमति दी जाती है। रूम 39 प्योंगयांग में स्थित एक सीक्रेट दफ्तर है, जो माना जाता है कि विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए काम करता है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह दफ्तर व्यापार, सोने के लेन-देन और साइबर गतिविधियों में शामिल हो सकता है। इसकी गतिविधियां इतनी गोपनीय हैं कि लोग इसके अस्तित्व पर भी सवाल उठाते हैं। ये खबर भी पढ़े…IRCTC Tour Package: सिर्फ इतने रुपए में करें हिमाचल की वादियों का दीदार ब्राजील के तट से दूर स्थित Ilha da Queimada Grande को लोग Snake Island कहते हैं। यहां दुनिया के सबसे ज़हरीले सांप पाए जाते हैं, जिनमें Golden Lancehead Viper सबसे खतरनाक है। इस द्वीप पर इंसान का जाना जीवन के लिए भारी खतरा पैदा कर सकता है, इसलिए ब्राजील की नौसेना ने इसे पूरी तरह बंद कर दिया है। ये खबर भी पढ़े…भारत के अनदेखे वेडिंग डेस्टिनेशन जहाँ आपका ड्रीम वेडिंग सच हो सकता है यह चीन के पहले सम्राट Qin Shi Huang का मकबरा है। इसके आसपास खुदाई में Terracotta Army मिली थी, लेकिन मुख्य मकबरे को आज तक नहीं खोला गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि अंदर पारे की नदियां और रासायनिक तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। ये खबर भी पढ़े…IRCTC का ख़ास कश्मीर टूर पैकेज: सिर्फ ₹35,550 में न्यू ईयर में स्वर्ग जैसा सफर क्यों प्रतिबंध ज़रूरी हैं? इन जगहों पर पाबंदियां केवल सुरक्षा कारणों से नहीं लगाई गई हैं।कुछ स्थान धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़े हैं, जिनका संरक्षण बहुत जरूरी है।कुछ क्षेत्र इतने खतरनाक हैं कि वहां इंसानी उपस्थिति बड़ा हादसा करा सकती है।सरकारें भी कई जगहों पर गोपनीय प्रोजेक्ट्स और सुरक्षा कारणों से नियंत्रण बनाए रखती हैं। FAQs एरिया 51 दुनिया की सबसे प्रतिबंधित जगहों में गिनी जाती है, क्योंकि यह उन्नत सैन्य परीक्षण और गोपनीय तकनीकी शोध का केंद्र है। स्नेक आइलैंड पर अत्यधिक जहरीले Golden Lancehead Viper सांप पाए जाते हैं, जो इंसान को मिनटों में मार सकते हैं, इसलिए यहां आम लोगों की एंट्री पूरी तरह बैन है। भूटान सरकार ने इसे पवित्र पर्वत मानते हुए 2003 में पर्वतारोहण पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे स्थानीय धार्मिक आस्थाएँ सुरक्षित रह सकें।

Operation Rail Prahari: RPF की बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी को प्लेटफॉर्म पर ही दबोचा

Operation Rail Prahari

Operation Rail Prahari RPF major success notorious criminal nabbed on platform कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने हेतु लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए एक कुख्यात और मोस्ट-वांटेड अपराधी को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कोटा मंडल को व्हाट्सएप के माध्यम से एक लिखित आवेदन एवं फोटोग्राफ प्राप्त हुए, जिनमें जानकारी दी गई थी कि महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्ट के तहत चिन्हित एक शातिर अपराधी, जिसके विरुद्ध लूट, मारपीट, उगाही एवं हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं, ट्रेन संख्या 19019 से फरार होकर यात्रा कर रहा है। राज्यों की पुलिस को तलाश मंडल सुरक्षा आयुक्त अजय शर्मा के निर्देशन में रेलवे सुरक्षा बल कोटा पोस्ट की टीम ने सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए रणनीति बनाकर कार्रवाई शुरू की। लगभग 6 बजे कोटा स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 01 पर संदिग्ध को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पेशानवाज़ खान उर्फ सोनू मेंटल, पिता अस्रार खान, उम्र 36 वर्ष, निवासी जिला ठाणे, महाराष्ट्र के रूप में की गई है। आरोपी लंबे समय से गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है तथा विभिन्न राज्यों की पुलिस को इसकी तलाश थी। निरीक्षक-पोस्ट प्रभारी चोप सिंह डावर, उप-निरीक्षक सुमित रघुवंशी, कांस्टेबल हरेंद्र सिंह एवं कांस्टेबल पंकज कुमार इस कार्रवाई में शामिल रहे, जिनकी सतर्कता और सूझबूझ से आरोपी को बिना किसी विरोध के सुरक्षित रूप से गिरफ्तार किया जा सका।गिरफ्तार व्यक्ति को आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु नयानगर थाना पुलिस की टीम, जिसमें पुलिस उपनिरीक्षक अख्तर शेख शामिल थे, को विधिवत सुपुर्द किया गया।

IFFI Award: मूक फिल्म ‘मुरलीवाला’ की विशेष स्क्रीनिंग, जीवंत संगीत का अनुभव

IFFI Awards

IFFI Awards Special screening of silent film Murliwala गोवा। आईएफएफआई के चौथे दिन सिने प्रेमियों के लिए समय-यात्रा अदभूत अनुभव रहा, जब बहाल की गई क्लासिक फिल्म  ‘मुरलीवाला’  का विशेष प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) और राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफएआई) ने राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन (एनएफएचएम) के तहत 18 क्लासिक फिल्मों को नया जीवन दिया है और इन्हें इस वर्ष के आईएफएफआई के लिए इंडियन पैनोरमा विशेष पैकेज के रूप में संजोया है। इस पैकेज में हिंदी, तेलुगु, मलयालम, बांग्ला और मराठी की क्लासिक कृतियों को शामिल किया गया है, जो विविध  कलात्मक अभिव्यक्तियों को दर्शाती हैं। इन्हें सख्त अभिलेखीय मानकों के अनुसार  संरक्षित किया गया है और प्रत्येक फिल्म की मौलिक रचनात्मक दृष्टि को सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखा गया है। मुक युग का पुनर्सृजन एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम ने इस स्क्रीनिंग के उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा, ” विचार यह है कि आज की पीढ़ी के लिए मूक फिल्मों के अनुभव को पुनर्जीवित किया जाए, जहां संगीतकार अग्रिम पंक्ति में बैठकर दर्शकों के लिए लाइव संगीत प्रस्तुत करते थे। और प्रतिभाशाली राहुल जी के नेतृत्व में  मुझे यकीन है कि यह क्षण को उसी भावना और भव्यता के साथ जीवंत हो उठेगा जिसका यह हकदार है।” संगीतकार राहुल रानाडे ने कहा, “98 साल पहले बनी एक फिल्म का संगीत फिर से तैयार करना और उसका लाइव प्रदर्शन करना मेरे और मेरी पूरी टीम के लिए एक बड़े सम्मान और चुनौती की बात थी। आप बाबूराव जी द्वारा 1927 में बनाई गई फिल्म और उनके द्वारा रचे गए विशेष प्रभाव का अनुभव करने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम इसके साथ न्याय कर पाएंगे।” गौरतलब है कि दिवंगत फिल्म निर्माता और कलाकार बाबूराव पेंटर द्वारा बनाई गई “मुरलीवाला” (1927),  जो भारत की बहुत कम बची हुई मूक फिल्मों में से एक है और एनएफएचएम की  सबसे दुर्लभ खजानो में से एक है। यह प्रदर्शन 1920 के दशक के फिल्म प्रस्तुती अनुभवों को पुनः जीवंत करता है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस स्क्रीनिंग में बाबूराव पेंटर की दोनों बेटियां भी शामिल हुईं। एक औपचारिक उत्सव वर्ष इस वर्ष का चयन (क्यूरेशन) गहरा ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह वी. शांताराम की 125 वर्षों की विरासत का सम्मान करता है और साथ ही गुरुदत्त, राज खोसला, ऋत्विक घटक, भूपेन हज़ारिका, पी. भानुमति, सलिल चौधरी और के. वैकुंठ की पथप्रदर्शक प्रतिभाओं को शताब्दी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। यह महोत्सव एनएफडीसी के 50 वर्षों का भी जश्न मना रहा है, जो आधुनिक भारतीय सिनेमा के परिदृश्य को आकार देने में इसकी परिवर्तनकारी भूमिका को मान्यता देता है। श्याम बेनेगल की  ‘सुसमन’ को दी गई विशेष श्रद्धांजलि  भारतीय कहानी कहने की कला पर इस दूरदर्शी फ़िल्म निर्माता के  अमिट प्रभाव को रेखांकित करती है। राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन नवंबर 2016 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया  राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन भारत के सबसे महत्वकांक्षी  और महत्वपूर्ण उपक्रमों में से एक है। इसका उद्देश्य भारत की सिनेमाई विरासत की रक्षा करना है— जिसमें कैमरा नेगेटिव और रिलीज़ प्रिंट से लेकर दुर्लभ अभिलेखीय खज़ानों तक, जो  अधिकार-धारकों, संग्रहकर्ताओं और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से प्राप्त किए गए है, उनका संरक्षण, संवर्धन , डिजिटलीकरण और पुनर्स्थापन सुनिश्चित करना शामिल हैं। आईएफएफआई 2025 के लिए पुनर्स्थापित भारतीय फिल्में इस सावधानीपूर्वक प्रयास का प्रमाण हैं, जहां प्रत्येक फ्रेम को बड़ी मेहनत से पुनर्स्थापित किया गया है और सटीकता के साथ कलर-ग्रेड किया गया है, अक्सर फिल्म निर्माताओं, छायाकारों या उनके करीबी सहयोगियों के मार्गदर्शन में। महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण ऋत्विक घटक द्वारा पुनर्स्थापित ‘सुबर्णरेखा’ है, जिसे एनएफडीसी-एनएफएआई संग्रह में 35 मिमी मास्टर पॉजिटिव से  नया जीवन प्रदान किया गया है, जिसमें अंतिम कलर ग्रेडिंग छायाकार अविक मुखोपाध्याय की देखरेख में की गई है। मुजफ्फर अली की ‘उमराव जान’, जिसे  मूल निगेटिव के अपरिवर्तनीय रूप से खराब होने के बाद एक  संरक्षित 35 मिमी रिलीज प्रिंट से पुनर्स्थापित किया गया है, की ग्रेडिंग प्रक्रिया में अली का व्यक्तिगत प्रयावेक्षण शामिल रहा है,  यह सुनिश्चित करते हुए कि फिल्म की विशिष्ट रंगीन सुंदरता को ईमानदारी से बरकरार रखा जाए। इन पुनर्स्थापनों से भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकारों की विरासत को सम्मान मिलता है और यह सुनिश्चित होता है कि नई पीढ़ीया इन कृतियों में निहित  सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कलात्मक आख्यानों से जुड़ी रहें। भारतीय पैनोरमा विशेष पैकेज के लिए चयनित पुनर्स्थापित फिल्मों की सूची अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें: आईएफएफआई वेबसाइट: https://www.iffigoa.org/ पीआईबी की आईएफएफआई माइक्रोसाइट: https://www.pib.gov.in/iffi/56/ पीआईबी आईएफएफआईवुड प्रसारण चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VaEiBaML2AU6gnzWOm3F X पोस्ट लिंक: https://x.com/PIB_Panaji/status/1991438887512850647?s=20 X हैंडल: @IFFIGoa, @PIB_India, @PIB_Panaji

Political News: जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा

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Political News Jitu Patwari surrounded the government issue of safety of daughters भोपाल।  मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की घिनौनी घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक बच्ची पर हुआ जघन्य अपराध नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की बहनों-बेटियों की सुरक्षा पर कड़ा प्रश्नचिन्ह है। आरोपी पकड़ से बाहर पटवारी ने कहा कि रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा के ग्राम गौहरगंज क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ निर्मम दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन घटना के 3 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह स्थिति स्वयं में मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रशासनिक अक्षमता और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की भयावह हकीकत को उजागर करती है। सरकार मूकदर्शक जीतू पटवारी ने कहा कि जिस प्रदेश में रोज़ाना लगभग 22 बेटियों के साथ बलात्कार हो, रोज़ करीब 7 मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो और 5 साल तक की नन्ही बच्चियाँ भी दरिंदों का शिकार बन रही हों,वहां यह कहना पड़ेगा कि मध्यप्रदेश आज देश में बहनों-बेटियों पर अत्याचार का मुख्य केन्द्र बन गया है। यह शर्मनाक स्थिति है कि पूरे देश में इस तरह की घटनाएँ सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हो रही हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब कानून का डर समाप्त हो चुका है, क्योंकि कानून अपना काम ईमानदारी और गंभीरता से नहीं कर रहा अपराध रोकने तथा अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की इच्छाशक्ति सरकार में नहीं दिखती, न्याय विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास है, फिर भी न्याय और सुरक्षा दोनों दम तोड़ते नज़र आ रहे हैं। घटना के 3 दिन जीतू पटवारी ने कहा कि अगर किसी भी दुष्कर्म की घटना के बाद 3 दिन के भीतर अपराधी गिरफ्तार नहीं होता, तो यह प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की नाकामी और सरकार की असंवेदनशीलता का खुला प्रमाण है। परिणामस्वरूप रोज अलग-अलग जगहों पर चक्का जाम, विरोध प्रदर्शन, और आक्रोशित जन आंदोलन देखने को मिल रहे हैं, लेकिन सरकार अब भी गहरी नींद में सोई हुई है। पटवारी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के मामले में मोहन यादव सरकार पूरी तरह विफल, गैर-जिम्मेदार और बेशर्म हो चुकी है। मासूम बेटियों की चीखों, उनके परिवारों के दर्द और आंसुओं का इस सरकार पर कोई असर नहीं होता। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार से तत्काल मांग की– रायसेन जिले की 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की जाए और उस पर सख्त से सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की नीति की स्पष्ट घोषणा कीपीड़ित मासूम बच्ची के परिवार को उचित वित्तीय सहायता, बेहतर इलाज एवं समुचित सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव इस गंभीर मामले में भी उदासीन रवैया अपनाते रहे, अपराधी खुलेआम घूमते रहे और बेटियों की सुरक्षा पर ऐसे ही खतरा बना रहा, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के साथ मिलकर तेज, उग्र और प्रदेशव्यापी जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

Bhopal News: भाजपा जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

BJP District President

BJP District President submitted a memorandum to the Collector demanding action भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति ने सोमवार को भोपाल कलेक्टर को मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने शहर में मतदाताओं को हो रही विविध कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए, इनके त्वरित समाधान की आवश्यकता जताई तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया को अधिक सरल एवं सुगम बनाने हेतु शहर के प्रमुख स्थानों पर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक विशेष कैंप आयोजित करने का अनुरोध किया। गंभीर अनियमितता ज्ञापन में सही काम न करने वालों बीएलओ को हटाया जाए, बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र गलत व्यक्तियों को दिए जाने, रसीद जारी न करने, बीएलओ की अनुपस्थिति, फॉर्म गलत भरने व असहयोग की स्थिति, कुछ बीएलओ को प्रपत्र भरने का पर्याप्त ज्ञान न होना तथा स्थानांतरित मतदाताओं को नियम विरुद्ध फॉर्म न देने जैसी गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष मनोज राठौर, राजकुमार विश्वकर्मा, अश्वनी राय, योगेंद्र मुखरैया एवं योगेंद्र परमार उपस्थित रहे।