उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने 28 नवम्बर 2025 को आदेश जारी किया है कि आधार कार्ड को अब जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या जन्म-तिथि (Date of Birth / DOB) का वैध सबूत नहीं माना जाएगा। इस निर्देश में कहा गया है कि राज्य के सभी विभाग आधार को DOB प्रूफ के तौर पर स्वीकार न करें। ऐसा क्यों किया? — वजहें और तर्क UIDAI (Unique Identification Authority of India) ने 31 अक्टूबर 2025 को स्पष्ट किया था कि Aadhaar में दर्ज जन्म-तिथि (DOB) स्वतंत्र रूप से सत्यापित (verified) नहीं होती। मतलब, आधार बनवाते समय जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल रिकॉर्ड साथ में नहीं दिए होते। इसलिए उस तारीख को “जन्म की सच्ची तिथि” के तौर पर नहीं माना जा सकता। पहले भी EPFO ने लिया था ऐसा कदम दरअसल, केंद्र सरकार के निकाय EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) ने 2024 में ही आधार को DOB प्रूफ की सूची से हटा दिया था। उन्हें भी UIDAI का निर्देश मिला था। इसलिए ये नया फैसला पहले से जारी गाइडलाइन का स्वागत योग्य विस्तार है। फर्जी दस्तावेज़ों और घुसपैठ की समस्या सरकार ने कहा है कि कई मामले ऐसे आए हैं जहाँ आधार के आधार पर गलत जन्म-तिथि दर्ज कर दी जाती थी। इससे सरकारी सेवाओं, पेंशन, नौकरी, स्कूल प्रवेश आदि में दुरुपयोग हो रहा था। इसलिए DOB प्रूफ मानकों को सख्त करना ज़रूरी था। अब कौन-कौन से दस्तावेज़ मान्य होंगे? अब अगर किसी को अपनी जन्म-तिथि प्रमाणित करनी है, तो केवल आधार पर्याप्त नहीं रहेगी। सरकार ने कहा है कि निम्न दस्तावेज़ वैध माने जाएंगे: नगर निगम / रजिस्टार द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) स्कूल/बोर्ड मार्कशीट या स्कूल छोड़ने का प्रमाण (जिसमें जन्म-तिथि दर्ज हो) पासपोर्ट, PAN, पेंशन आदेश, या अन्य सरकारी सेवा रिकॉर्ड जिसमें जन्म-तिथि हो अन्य वैध सरकारी प्रमाणपत्र जिनमें जन्म-तिथि दर्ज हो इसलिए जिनके पास उपरोक्त में से कोई दस्तावेज़ नहीं है, उन्हें नया जन्म प्रमाण पत्र बनवाना पड़ सकता है। आम नागरिकों पर असर — क्या करना चाहिए? जिनके पास सिर्फ आधार है, उन्हें अब Birth Certificate या स्कूल-मार्कशीट आदि तैयार रखना होगा। किसी सरकारी नौकरी, शिक्षा प्रवेश, पेंशन, पासपोर्ट आदि कार्यों के लिए Aadhaar अकेला प्रूफ नहीं चलेगा। यदि आपके पास Birth Certificate पहले से है, तो डॉक्यूमेंट तैयार रखें — कोई परेशानी नहीं होगी। जिनके पास ठीक Birth Certificate नहीं है — अपने क्षेत्र के RBD (Registrar of Births and Deaths) कार्यालय से आवेदन करें। यह फैसला क्यों ज़रूरी था? आधार पहले से ही “पहचान और पते” के लिए था, न कि “जन्म तिथि” के लिए। UIDAI की 2018 व 2025 की सफाई इसी धारणा पर आधारित है। कई लोग falsas उम्र या गलत दस्तावेजों का प्रयोग कर लाभ उठा लेते थे — इसके खिलाफ यह कदम सुरक्षा और प्रमाणिकता दोनों के लिए जरूरी था। सरकारी प्रक्रियाओं, भर्ती, योजना लाभ, पेंशन, शैक्षणिक प्रवेश आदि में DOB की प्रमाणिकता आवश्यक होती है। इसलिए DOB प्रूफ पर सख्ती जनता और सरकार दोनों के हित में है। यह बदलाव सिर्फ यूपी में क्यों? और क्या अन्य राज्य भी ऐसा करेंगे? फिलहाल इस निर्देश को उत्तर प्रदेश (UP) ने जारी किया है। पहले से ही EPFO ने आधार DOB प्रूफ हटाया है। इससे स्पष्ट है कि देश में आधार की भूमिका सिर्फ पहचान तक सीमित हो जाएगी — अन्य सरकारी दस्तावेज़ों के संदर्भ में DOB के लिए Birth Certificate या अन्य वैध प्रूफ मांगे जाएंगे। भविष्य में अन्य राज्यों द्वारा भी ऐसा ही आदेश आ सकता है — इसलिए नागरिकों को पहले से ही अपने प्रूफ तैयार रखने में ही भलाई है। अगर आपके पास केवल आधार है — तो जल्दी Birth Certificate या वैध डॉक्यूमेंट बनवाएं, ताकि भविष्य में सरकारी काम में दिक्कत न हो। सरकार और UIDAI का मकसद साफ है -दस्तावेजों की प्रमाणिकता, धोखाधड़ी से बचाव, और साफ प्रशासन। FAQs प्रश्न 1: क्या आधार पूरी तरह अमान्य हो गया है? उत्तर: नहीं। आधार अभी भी पहचान (identity) और पते (address) के लिए वैध है। सिर्फ जन्म-तिथि (DOB) या बर्थ सर्टिफिकेट के रूप में अब स्वीकार नहीं होगा। प्रश्न 2: अगर मेरे पास स्कूल मार्कशीट या पासपोर्ट नहीं है, तो मैं क्या करूं? उत्तर: आप अपने क्षेत्र के Birth & Death Registrar office से जन्म प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। ऐसा करना बेहतर रहेगा। प्रश्न 3: क्या यह फैसला सिर्फ उत्तर प्रदेश के लिए है? उत्तर: अभी हाँ — उत्तर प्रदेश सरकार ने यह आदेश दिया है। लेकिन EPFO जैसे राष्ट्रीय निकाय पहले ही ऐसा कर चुके हैं। इसलिए अन्य राज्यों में भी समान नियम लागू हो सकते हैं। :