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MCU Bhopal: ‘भारत की भारतीय अवधारणा’ पर युवा संवाद, सनातन संस्कृति पर चर्चा

MCU Bhopal

MCU Bhopal Youth dialogue on ‘Indian concept of India भोपाल। सुपरिचित चिंतक डॉ. मनमोहन वैद्य ने भारत की भारतीय अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा है कि राष्ट्र का अर्थ नेशन नहीं है। भारत में एक राजा और एक भाषा नहीं थी किंतु उत्तर से दक्षिण तक समाज अध्यात्म और संस्कृति के मूल्यों से एकरूप रहा है। इसने ही सनातन राष्ट्र का निर्माण किया। यह समाज राज्याश्रित नहीं था और स्वदेशी समाज था। हम और यह विश्व डॉ. वैद्य माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संवाद को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन विद्यार्थियों के अध्ययन मंडल व पत्रकारिता विभाग ने संयुक्त रूप से किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की। डॉ. वैद्य की इस सिलसिले में हाल में एक पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ प्रकाशित हुई थी जिसका पिछले दिनों ही राजधानी में लोकार्पण हुआ था। डॉ.वैद्य ने कहा कि भारतीय समाज पूरी तरह आत्मनिर्भर था और यह आयात नहीं, निर्यात करता था। विश्व के व्यापार में हमारी लगभग दो तिहाई भागीदारी थी जितनी ब्रिटेन व अमेरिका की मिलाकर भी नहीं थी। राष्ट्र के घर-घर में उद्यम होता था। वैद्य ने कहा उद्योग में मातृशक्ति का अद्भुद योगदान होता था। हमारे घर संपदा निर्माण के केन्द्र थे। इसी वजह से गृहिणी को गृहलक्ष्मी कहा गया है। आपने कहा कि उत्पादन में प्रचुरता, वितरण में समानता और उपभोग में संयम-यही भारत का विचार है। डॉ. वैद्य ने कहा कि भारत में सांस्कृतिक विविधता नहीं थी अपितु एक ही संस्कृति विविध रूपों में प्रकट होती है। आध्यात्मिकता ने भारत के विचार को गढ़ा है। हमने विश्व कल्याण की बात की है। उन्होंने पराभूत मानसिकता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2014 के बाद से भारत की बात को फिर से दुनिया में सुना जा रहा है। धर्म का व्यापक अर्थ द संडे गार्जियन ने अपने संपादकीय में लिखा था कि भारत फिर से स्वाधीन हुआ है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि धर्म भारतीय अवधारणा है जिसका कोई अंग्रेजी पर्याय नहीं है। भारत में धर्म का व्यापक अर्थ रहा है। समाज के उपकार के लिए उसको लौटाना धर्म माना गया। भारत धर्म पर चला। लोकसभा से लेकर हमारी तमाम बड़ी संस्थाओं के बोधवाक्य को धर्म से लिया गया। तिरंगे के बीच अशोक चक्र वास्तव में धर्मचक्र है जिसका प्रवर्तन राजा अशोक ने किया। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता भारतीय शब्द नहीं है। यह शब्द ईसाईयत के सत्ता में हस्तक्षेप के बाद सरकारों का चरित्र तय करने के लिए पश्चिम का गढ़ा गया शब्द है। 1976 में बिना किसी बहस के इसे भारतीय संविधान में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य को धर्म से ऊपर उठकर काम करना चाहिए, व्यक्ति धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि भारत क्या है और इसे समझने के लिए हमारी दृष्टि क्या होनी चाहिए, यह डॉ. मनमोहन वैद्य के चिंतन व लेखन से स्पष्ट होता है। पत्रकारिता दुनिया को 360 डिग्री से देखने की कला है। यह दृष्टिकोण पत्रकारिता विश्वविद्यालय देता है। उन्होंने हम और यह विश्व की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें अल्लामा इकबाल के हम बुलबुले हैं इसको लेकर सर्वथा नया दृष्टिकोण दिया गया है। डॉ. वैद्य ने इसे आगे बढ़ाते हुए कहा कि बुलबुले बाग में संकट आने पर उड़ जाती हैं, पौधे जल जाते हैं किंतु बाग से डिगते नहीं हैं। हम सब इस बाग के पौधे हैं। कार्यक्रम का संचालन छात्र राजवर्धन सिंह ने किया। नाटक का मंचन आज भोपाल. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय में 3 दिसंबर बुधवार को नाटक ‘फिल्म स्टार पाटोल बाबू’ का मंचन किया जाएगा। सृजन श्रृंखला की द्वितीय कड़ी के रूप में रंग माध्यम नाट्य संस्था की यह प्रस्तुति गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में दोपहर 3ः00 बजे होगी। नाटक का निर्देशन दिनेश नायर ने किया है।

Kashi Tamil Sangamam: प्रधानमंत्री मोदी की पहल,  प्रदर्शनी का उद्घाटन 

Kashi Tamil Sangamam

Kashi Tamil Sangamam Initiative of Prime Minister Modi inauguration of exhibition नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन  ने 02 दिसंबर से  वाराणसी के नमो घाट पर शुरू हो रहे ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ में “काशी एवं तमिल की संस्कृति, महान व्यक्तित्वों एवं केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी नीतियों” विषय पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन  ने  कहा कि  ‘काशी तमिल संगमम्’  का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे जहां एक ओर काशी और तमिल की संस्कृति को  आपस में  जानने का अवसर मिलता है वहीं दूसरी ओर इससे हमारे राष्ट्र की एकता और अखंडता को और अधिक मजबूती मिलती है। डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि ‘काशी तमिल संगमम्’ प्रत्येक वर्ष अलग – अलग विषयों पर आयोजित किया जाता है, यह काशी तमिल संगमम् का चतुर्थ संस्करण है तथा इसका विषय है ‘तमिल करकलाम’ जिसका अर्थ है आइए तमिल सीखें। केंद्रीय मंत्री ने कहा इस प्रकार के आयोजन से काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों से स्थापित सांस्कृतिक संबंध और भी मजबूत होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये जी.एस.टी. सुधार एवं श्रम कानून सुधारों से देश की आम जनता को अत्यधिक फायदा हो रहा है।  काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने वाले ‘काशी तमिल संगमम्’ के इस चतुर्थ संस्करण में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगायी गयी चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु एवं काशी की महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान एवं उनकी उपलब्धियां को दर्शाया गया है। चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु की महान विभूतियों जैसे ऋषि अगस्त्य, तमिल महिला कवि संत अव्वैयार, तमिल कवि संत तिरुवल्लुवर, कवयित्री और संत कारैकल अम्माइयार, भक्ति आंदोलन की कवि एवं संत अंडाल (कोधाई), थिरूनावुक्कारसर, तमिल कवि और समाज सुधारक श्री रामलिंग स्वामी (वल्लालर), तमिल विद्वान यू. वी. स्वामीनाथ अय्यर,  अग्रणी समाज सुधारक, चिकित्सक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ब्रिटिश भारत में पहली महिला विधायक डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी, गणितज्ञ श्री निवास रामानुजन, अविष्कारक और उद्योगपति जी.डी. नायडू, खगोलशास्त्री सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, भारत में हरित क्रांति के जनक डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, नोवेल पुरस्कार विजेता वेंकटरामन रामकृष्णन, स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, नोबेल पुरस्कार विजेता एवं महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सुप्रसिद्ध राजनेता एवं भारत रत्न के. कामराज, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध राजनेता चिदंबरम सुब्रमण्यम, महान अभिनेता एवं राजनेता एम. जी. रामचंद्रन इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों एवं शब्दों में दर्शाया गया है।  इसी प्रकार काशी की महान विभूतियां जैसे संत कबीरदास, संत रविदास, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय, सुप्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान, विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पंडित रविशंकर, महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों शब्दों के माध्यम से दर्शाया गया है।  चित्र प्रदर्शनी में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किये जा रहे सरकार के जन कल्याणकारी नीतियों, प्रयासों एवं योजनाओं को भी दर्शाया गया है। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा हाल में श्रम सुधार के लिए बनाये गये कानूनों, विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी के दरों को कम करने के लिये किए गये प्रयासों की जानकारी दर्शकों और जनसामान्य के लिए प्रदर्शित की गई है। यह प्रदर्शनी जनता के दर्शन के लिये 15 दिसंबर तक निरंतर रहेगी। https://platform.twitter.com/embed/Tweet.html?dnt=false&embedId=twitter-widget-0&features=eyJ0ZndfdGltZWxpbmVfbGlzdCI6eyJidWNrZXQiOltdLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X2ZvbGxvd2VyX2NvdW50X3N1bnNldCI6eyJidWNrZXQiOnRydWUsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9iYWNrZW5kIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19yZWZzcmNfc2Vzc2lvbiI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZm9zbnJfc29mdF9pbnRlcnZlbnRpb25zX2VuYWJsZWQiOnsiYnVja2V0Ijoib24iLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X21peGVkX21lZGlhXzE1ODk3Ijp7ImJ1Y2tldCI6InRyZWF0bWVudCIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZXhwZXJpbWVudHNfY29va2llX2V4cGlyYXRpb24iOnsiYnVja2V0IjoxMjA5NjAwLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X3Nob3dfYmlyZHdhdGNoX3Bpdm90c19lbmFibGVkIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19kdXBsaWNhdGVfc2NyaWJlc190b19zZXR0aW5ncyI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdXNlX3Byb2ZpbGVfaW1hZ2Vfc2hhcGVfZW5hYmxlZCI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdmlkZW9faGxzX2R5bmFtaWNfbWFuaWZlc3RzXzE1MDgyIjp7ImJ1Y2tldCI6InRydWVfYml0cmF0ZSIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfbGVnYWN5X3RpbWVsaW5lX3N1bnNldCI6eyJidWNrZXQiOnRydWUsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9mcm9udGVuZCI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9fQ%3D%3D&frame=false&hideCard=false&hideThread=false&id=1995823681273278662&lang=en&origin=https%3A%2F%2Fwww.pib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D2197699%26reg%3D3%26lang%3D2&sessionId=908a61c9c7fba83a0e7875e14ba55efd124323e3&theme=light&widgetsVersion=2615f7e52b7e0%3A1702314776716&width=550px

IAS Santosh Verma: सांसद आलोक शर्मा ने की केंद्रीय मंत्री से शिकायत, बख्शा नहीं जाएगा

MP Alok Sharma

IAS Santosh Verma MP Alok Sharma complains to Union Minister भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा दिए विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। समाज में रोष सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह को सौंपे ज्ञापन में कहा कि आईएएस संतोष वर्मा ने सार्वजनिक मंच से जाति-विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। उनके कथन से भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी समुदाय विशेष के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रत्यक्ष आघात पहुंचाती है। विभाजन को बढ़ावा सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि संतोष वर्मा ने दिए बयान में कहा था कि “जब तक एक व्यक्ति अपने बेटे को किसी विशेष समुदाय की बेटी से संबंध या दान नहीं देता, तब तक आरक्षण छोड़ने का कोई विचार नहीं होगा।” श्री शर्मा ने कहा कि यह बयान न केवल जाति और लैंगिक आधार पर भेदभावपूर्ण है, बल्कि सामाजिक तनाव और विभाजन को बढ़ावा देने वाला भी है। ऐसे बयान महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की गई ऐसी टिप्पणी जनता के बीच अविश्वास और आक्रोश पैदा करती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत घातक है।केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Police QR: अब कोड से थानों की ‘हकीकत’ बताएगी जनता, बढ़ेगी जवाबदेही

Police QR

Police QR codes will now tell the public the reality of police stations भोपाल। राजधानी भोपाल में पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारि मिश्रा ने घोषणा की है कि शहर के सभी थानों में अब विशेष क्यूआर (QR) कोड लगाए जाएंगे। यह पहल नागरिकों को सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक अपनी शिकायतें और फीडबैक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करेगी, जिससे ‘जनता बताएगी थानों की हकीकत’ का सिद्धांत धरातल पर उतरेगा। कमिश्नर की प्रेस वार्ता और नई पहल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारि मिश्रा ने बताया कि इस क्यूआर कोड का मुख्य उद्देश्य पुलिस थानों की कार्यप्रणाली पर नागरिकों की सीधी निगरानी (Citizen Surveillance) स्थापित करना है। जो भी व्यक्ति अपनी समस्या या शिकायत लेकर थाने आएगा, वह थाने के अंदर लगे इस क्यूआर कोड को स्कैन करके अपनी शिकायत के निराकरण की स्थिति, पुलिसकर्मियों के व्यवहार और दी गई सेवा की गुणवत्ता पर अपना फीडबैक (Field Back) दे सकेगा। सफलता बनी आधार कमिश्नर मिश्रा ने बताया कि यह पहल यूं ही शुरू नहीं की गई है, बल्कि इसे सफलता के ट्रैक रिकॉर्ड के बाद अपनाया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भोपाल की यातायात पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर इसी तरह के क्यूआर कोड लगाए गए थे। यातायात पुलिस की इस पहल को जनता का अभूतपूर्व सहयोग मिला था, जिसके चलते यातायात पुलिस की कार्यशैली में सुधार आया और शिकायत निवारण बेहतर हुआ। यातायात पुलिस की इसी सफलता और जनता के सकारात्मक सहयोग को देखते हुए, अब पुलिस कमिश्नर ने इस प्रणाली को पूरे पुलिस थानों की व्यवस्था में लागू करने का निर्णय लिया है। थानों की निगरानी इस क्यूआर कोड व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यह थानों की सीधी निगरानी सुनिश्चित करेगी। प्राप्त फीडबैक सीधे पुलिस कमिश्नर के कार्यालय को प्राप्त होंगे, जिससे थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से किया जा सकेगा। यदि किसी नागरिक को थाने में सहयोग नहीं मिल रहा है या शिकायत दर्ज करने में परेशानी आ रही है, तो वह तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सकेगा। कमिश्नर ने विशेष रूप से यह भी जोड़ा कि इस प्रणाली के माध्यम से जनता के छोटे-छोटे मामलों की शिकायतें भी दर्ज हो सकेंगी। अक्सर नागरिक छोटे-मोटे विवादों या समस्याओं के लिए थाने जाने से कतराते हैं, लेकिन यह डिजिटल माध्यम उन्हें आसानी से अपनी बात रिकॉर्ड कराने की सुविधा देगा। सूचना देने पर पूर्ण गोपनीयता पारदर्शिता और भागीदारी के साथ-साथ, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा है। कमिश्नर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नागरिक अवैध व्यापार या अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी देने के लिए इस क्यूआर कोड का उपयोग करता है, तो सूचना देने वाले सूत्र की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय (Confidential) रखा जाएगा। यह प्रावधान नागरिकों को निडर होकर समाज विरोधी तत्वों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जो अपराध नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण कदम है। भोपाल पुलिस की यह नई डिजिटल पहल पुलिस-जनता साझेदारी को मजबूत करने और पुलिस थानों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।