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Aastha Pandey

Writer News & Blogger

‘मेरा शरीर दो हिस्सों में कट सकता था’—अक्षय कुमार के खतरनाक स्टंट्स ने उड़ाए होश”

Akshay kumaar

अक्षय कुमार ने खतरनाक स्टंट्स के दौरान हुए हादसों का खुलासा किया। कई बार जान जाते-जाते बची, फैंस हुए हैरान। बॉलीवुड के “खिलाड़ी” अक्षय कुमार एक बार फिर अपने खतरनाक स्टंट्स को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए इंटरव्यू में उन्होंने ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए, जिन्हें सुनकर फैंस हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि फिल्मों की शूटिंग के दौरान कई बार उनकी जान खतरे में पड़ गई थी। एक स्टंट के दौरान वह बिल्डिंग से गिरते-गिरते बचे, तो दूसरी बार बोट सीन में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अक्षय का कहना है कि पहले VFX नहीं था, इसलिए हर जोखिम खुद उठाना पड़ता था। यही जुनून उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाता है। ये खबर भी पढ़े ….2025 में 67 पत्रकार मारे गए: RSF रिपोर्ट बताती है पत्रकारों पर बढ़ता जोखिम और खतरनाक स्थिति बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार का स्टंट्स से जुड़ा खुलासा बॉलीवुड के एक्शन स्टार Akshay Kumar ने अपने करियर के खतरनाक स्टंट्स पर खुलकर बात की है।उन्होंने बताया कि फिल्मों की शूटिंग के दौरान कई बार ऐसे मौके आए जब उनकी जान बहुत मुश्किल से बची।यह खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू में किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अक्षय कुमार ने कहा कि पहले फिल्मों में VFX का इस्तेमाल बहुत कम होता था।इसलिए ज्यादातर स्टंट खुद ही करने पड़ते थे और रिस्क बहुत ज्यादा रहता था। उनका मानना है कि यही मेहनत उन्हें आज एक अलग पहचान देती है। ये खबर भी पढ़े ….धर्मेंद्र का आख़िरी सफर: बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ एक युग छोड़कर चला गया फिल्म Sainik में बिल्डिंग जंप का खतरनाक हादसा फिल्म Sainik की शूटिंग के दौरान एक बहुत खतरनाक सीन शूट किया जा रहा था।अक्षय को एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग पर छलांग लगानी थी।स्टंट के बीच उनका हाथ अचानक कमजोर पड़ गया और बैलेंस बिगड़ने लगा।उन्हें लगा कि वह नीचे गिर सकते हैं और गंभीर चोट लग सकती है।लेकिन उन्होंने तुरंत खुद को संभाल लिया और एक बड़ा हादसा टल गया। ये खबर भी पढ़े ….महंगा हुआ लंबा रेल सफर: रोज़ाना यात्रियों की जेब सुरक्षित International Khiladi का बोट सीन और बड़ा खतरा फिल्म International Khiladi में एक बोट एक्शन सीन शूट हो रहा था।इस सीन में नाव को तेज स्पीड में दो बड़े कटमरैन के बीच से गुजरना था।थोड़ी सी गलती होने पर बहुत बड़ा एक्सीडेंट हो सकता था।अक्षय ने बताया कि अगर मिसटेक होती तो शरीर को गंभीर नुकसान हो सकता था।लेकिन पूरी टीम की सावधानी से यह सीन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। Khiladi 786 में हॉट एयर बैलून डाइव फिल्म Khiladi 786 में एक और खतरनाक स्टंट शूट किया गया था।अक्षय को हॉट एयर बैलून से नीचे डाइव करना था जो काफी रिस्की था।हवा और ऊंचाई की वजह से यह सीन बेहद खतरनाक बन गया था।फिर भी उन्होंने यह स्टंट खुद किया और सुरक्षित बच गए।उनका कहना है कि ऐसे सीन उनकी प्रोफेशनल लाइफ का हिस्सा हैं। VFX नहीं था, इसलिए बढ़ता था रिस्क अक्षय कुमार ने बताया कि पुराने समय में VFX टेक्नोलॉजी बहुत कम थी।इस वजह से कई स्टंट्स रियल में करना जरूरी होता था।हर सीन में चोट लगने या दुर्घटना का खतरा बना रहता था।फिर भी वह अपने काम को पूरी ईमानदारी से करते थे।यही कारण है कि उन्हें “खिलाड़ी” कहा जाता है। फैंस और फैमिली का रिएक्शन इन खुलासों के बाद फैंस सोशल मीडिया पर काफी हैरान हैं।कई लोगों ने उनके जज्बे और हिम्मत की तारीफ भी की है।अक्षय की पत्नी ट्विंकल खन्ना अक्सर उनके स्टंट्स पर चिंता जताती हैं।लेकिन अक्षय हमेशा अपने काम को लेकर बहुत जुनूनी रहे हैं।उनकी यही लगन उन्हें बॉलीवुड का अलग एक्शन स्टार बनाती है। वर्क फ्रंट अपडेट अक्षय कुमार इन दिनों अपनी फिल्म Bhooth Bangla को लेकर चर्चा में हैं।इसके अलावा वह Welcome to the Jungle और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगे।उनकी आने वाली फिल्में एक्शन और कॉमेडी का मिक्स होंगी। ❓ FAQs Q1: अक्षय कुमार के खतरनाक स्टंट्स में क्या हुआ था? अक्षय कुमार ने बताया कि कई फिल्मों में वह मौत के करीब पहुंचे।Sainik और International Khiladi में बड़े हादसे टल गए।हर स्टंट में उनकी जान को खतरा बना रहता था।फिर भी उन्होंने अपने सभी स्टंट खुद किए। Q2: क्या अक्षय कुमार अपने सभी स्टंट खुद करते हैं? हाँ, अक्षय कुमार अधिकतर स्टंट खुद करते हैं।वह रिस्क लेकर रियल एक्शन सीन शूट करना पसंद करते हैं।पहले VFX कम होने की वजह से यह और जरूरी था।आज भी वह कई स्टंट खुद करते हैं। Q3: अक्षय कुमार को “खिलाड़ी” क्यों कहा जाता है? अक्षय कुमार को उनकी एक्शन और स्टंट स्किल्स के कारण “खिलाड़ी” कहा जाता है।वह बिना डबल बॉडी के खतरनाक सीन करते हैं।उनका फिटनेस और रिस्क लेने का अंदाज उन्हें अलग बनाता है।इसलिए यह नाम उनके साथ जुड़ गया है।

महिला आरक्षण बिल विवाद: पीएम मोदी का संबोधन और सियासत का पूरा मामला समझें

PM Modi

महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित राष्ट्र संबोधन से इस मुद्दे ने नई गति पकड़ ली है।सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है।वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है।सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह असली सुधार है या चुनावी दांव।परिसीमन, आरक्षण और प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे बहस के केंद्र में आ गए हैं।देशभर की नजरें अब पीएम के संबोधन पर टिकी हुई हैं। आने वाले वक्त में यह मुद्दा राजनीति की दिशा तय कर सकता है। आइये हम आपको यंहा बताए की क्या और इस बिल को लेकर इतना विवाद मचा. महिला आरक्षण बिल पर क्यों बढ़ा राजनीतिक घमासान देश में महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीति फिर गरमा गई है।हाल ही में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।इसी बीच नरेंद्र मोदी के राष्ट्र संबोधन की खबर ने चर्चा बढ़ा दी।विपक्ष का कहना है कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रूप दे रही है।वहीं सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। प्रियंका गांधी का बयान: लोकतंत्र की जीत बताया कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतंत्र की बड़ी जीत के रूप में सामने आया।उनके अनुसार विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार की रणनीति को रोक दिया।उन्होंने दावा किया कि सरकार जल्दबाजी में संसद सत्र लेकर आई थी।यह कदम पूरी तरह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। जल्दबाजी में संसद सत्र बुलाने पर सवाल प्रियंका गांधी ने संसद सत्र की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि चुनावों के बीच अचानक सत्र बुलाया गया था।बिल का मसौदा सिर्फ एक दिन पहले सांसदों को दिया गया था।इससे साफ लगता है कि पर्याप्त चर्चा का समय नहीं दिया गया।उन्होंने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक योजना करार दिया है। सरकार पर महिलाओं को मुद्दा बनाने का आरोप प्रियंका गांधी ने सरकार पर महिलाओं को राजनीतिक ढाल बनाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि सरकार खुद को महिलाओं का हितैषी दिखाना चाहती है।लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं दिखता।उन्होंने हाथरस और मणिपुर जैसे मामलों का भी जिक्र किया।इन उदाहरणों से उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। ये खबर भी पढ़े …IndiGo फ्लाइट कैंसिलेशन संकट: क्यों रद्द हो रहीं फ्लाइटें परिसीमन क्या है और विवाद क्यों इस पूरे विवाद में “परिसीमन” शब्द बार-बार सामने आ रहा है।परिसीमन का मतलब निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को दोबारा तय करना होता है।यह प्रक्रिया जनगणना के आधार पर सीटों का नया बंटवारा तय करती है।महिला आरक्षण बिल को इसी प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है।विपक्ष का आरोप है कि इससे बिल लागू होने में देरी हो रही है। ये खबर भी पढ़े …आत्मविश्वास से भरा नया अध्याय :स्पष्ट विज़न के साथ 2023 का महिला आरक्षण कानून क्या कहता है साल 2023 में संसद ने महिला आरक्षण से जुड़ा कानून पारित किया था।इस कानून को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के नाम से जाना जाता है।इसके तहत लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।लेकिन इसे लागू करने के लिए परिसीमन जरूरी शर्त रखी गई है।इसी वजह से अभी तक यह कानून जमीन पर लागू नहीं हो पाया है। कांग्रेस की मांग: तुरंत लागू किया जाए कानून कांग्रेस पार्टी ने सरकार से इस कानून को तुरंत लागू करने की मांग की है।प्रियंका गांधी का कहना है कि इससे महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व मिलेगा।उन्होंने कहा कि नए प्रस्ताव लाकर पुराने कानून को टालना ठीक नहीं है।उनका मानना है कि सरकार को स्पष्ट समयसीमा तय करनी चाहिए।तभी जनता का भरोसा मजबूत बनेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। पीआर और राजनीतिक रणनीति पर बहस प्रियंका गांधी ने सरकार के पीआर मॉडल पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि प्रचार से सच्चाई को ज्यादा समय तक छुपाया नहीं जा सकता।आज की जनता जागरूक है और हर राजनीतिक कदम को समझती है।उन्होंने कहा कि लोग घटनाओं की पूरी “क्रोनोलॉजी” समझते हैं।इसलिए केवल प्रचार से राजनीतिक लाभ मिलना मुश्किल होता जा रहा है। आगे क्या हो सकता है इस मुद्दे पर महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है।सरकार और विपक्ष दोनों इसे अपने-अपने तरीके से पेश करेंगे।पीएम मोदी का संबोधन इस बहस को नई दिशा दे सकता है।संभव है कि सरकार इस पर अपना स्पष्ट रोडमैप पेश करे।वहीं विपक्ष भी अपनी रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश करेगा। FAQs महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।इसके तहत 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।यह कदम राजनीति में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए जरूरी माना जाता है। 2. परिसीमन का महिला आरक्षण बिल से क्या संबंध है? परिसीमन निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से तय करने की प्रक्रिया है।महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों का नया निर्धारण जरूरी है।इसलिए सरकार ने इसे परिसीमन के बाद लागू करने की शर्त रखी है।