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Drishti Sharma

Writer News & Blogger

भारत-दक्षिण कोरिया वित्तीय सहयोग को नई रफ्तार

modiji

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कोरिया एफएससी प्रमुख ली इओग-वेओन की उच्चस्तरीय बैठकफिनटेक, डिजिटल पेमेंट्स और निवेश सहयोग पर व्यापक चर्चालोकल करेंसी सेटलमेंट और व्यापार लागत घटाने पर जोरस्टार्टअप इकोसिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ावा देने की योजना2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भारत-दक्षिण कोरिया बैठक का उद्देश्य नई दिल्ली में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और दक्षिण कोरिया के बीच आर्थिक और वित्तीय संबंधों को और मजबूत करना था। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में सहयोग को और गहरा करना जरूरी है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि किस तरह पारंपरिक व्यापार संबंधों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक आधारित वित्तीय साझेदारी को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। फिनटेक और डिजिटल पेमेंट्स पर फोकस इस बैठक में सबसे अधिक जोर फिनटेक इनोवेशन और डिजिटल पेमेंट्स सिस्टम पर दिया गया। भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल भुगतान व्यवस्था और दक्षिण कोरिया की तकनीकी विशेषज्ञता को मिलाकर एक मजबूत वित्तीय इकोसिस्टम बनाने पर चर्चा हुई। गिफ्ट सिटी (GIFT IFSC) में निवेश और वित्तीय सेवाओं के विस्तार पर भी विचार किया गया। दोनों देशों ने माना कि डिजिटल अर्थव्यवस्था भविष्य का सबसे बड़ा अवसर है और इसमें सहयोग से बड़े लाभ मिल सकते हैं। स्टार्टअप और निवेश अवसर दोनों देशों ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। भारत का नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। नवाचार, उद्यमिता और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के जरिए रोजगार और निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने यह भी माना कि मिलकर काम करने से नई तकनीकों और बिजनेस मॉडल्स को बढ़ावा मिलेगा। रणनीतिक और वैश्विक महत्व भारत और दक्षिण कोरिया दोनों ही लोकतांत्रिक और बाजार आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं, जिससे इनके बीच स्वाभाविक साझेदारी बनती है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी दोनों देशों के रणनीतिक हित काफी हद तक समान हैं।डिजिटल इंडिया और कोरिया की तकनीकी ताकत मिलकर वैश्विक स्तर पर एक मजबूत साझेदारी का आधार तैयार कर सकती है। 2030 व्यापार लक्ष्य और भविष्य वर्तमान में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापार लगभग 27 अरब डॉलर का है। दोनों देशों ने मिलकर इसे 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए फिनटेक, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ाया जाएगा।यह बैठक भारत और दक्षिण कोरिया के बीच केवल एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत आर्थिक साझेदारी की नींव है। फिनटेक, डिजिटल पेमेंट्स और निवेश सहयोग के जरिए दोनों देश मिलकर एक नया आर्थिक मॉडल विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

लेंसकार्ट स्टोर ड्रेस कोड विवाद, तिलक मुद्दे पर बवाल बढ़ा

Lencekart

चश्मा बनाने वाली कंपनी Lenskart एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार मामला कथित ड्रेस कोड को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है, जिसने अब सियासी रंग ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान अपने समर्थकों के साथ मुंबई के अंधेरी स्थित एक लेंसकार्ट स्टोर में पहुंचकर कर्मचारियों से तीखी बहस करती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह स्टाफ से तिलक और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों पर कथित रोक को लेकर सवाल करती दिखती हैं। ड्रेस कोड विवाद ने कैसे पकड़ा तूल मुंबई के अंधेरी इलाके में लेंसकार्ट स्टोर में एक विवाद तेजी से सामने आया।यह विवाद कथित ड्रेस कोड और धार्मिक प्रतीकों पर रोक को लेकर शुरू हुआ।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस मुद्दे को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।वीडियो में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान स्टोर में बहस करती नजर आईं।उनके साथ कई समर्थक भी मौजूद थे और माहौल काफी गरम हो गया।नेता ने आरोप लगाया कि स्टाफ को तिलक और बिंदी लगाने से रोका जाता है। यह आरोप सामने आते ही मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा था। ये खबर भी पढ़े। …महंगा हुआ लंबा रेल सफर: रोज़ाना यात्रियों की जेब सुरक्षित स्टोर में क्या हुआ, कैसे बढ़ा विवाद वीडियो के अनुसार नेता अपने समर्थकों के साथ स्टोर के अंदर पहुंची थीं।उन्होंने कर्मचारियों से सीधे सवाल पूछे और ड्रेस कोड पर जवाब मांगा।इस दौरान कुछ समर्थकों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा बांधा।स्टोर के अंदर धार्मिक नारे भी लगाए गए जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हुआ।फ्लोर मैनेजर से भी पूछा गया कि क्या धार्मिक पहचान पर कोई रोक है।एक कर्मचारी ने दावा किया कि ट्रेनिंग के दौरान कुछ चीजों से मना किया गया था।हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अब तक स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी है। ये खबर भी पढ़े। …भारत–दक्षिण कोरिया CEPA वार्ता फिर शुरू करने पर सहमति, व्यापार संबंधों को मिलेगा नया आयाम कंपनी की सफाई और नया बयान विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट कंपनी की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई।कंपनी के सह-संस्थापक पीयूष बंसल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया।उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना है और अब लागू नहीं है।कंपनी ने बताया कि नया स्टाइल गाइड सभी कर्मचारियों को स्वतंत्रता देता है।इस गाइड में तिलक, बिंदी, हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई है।कंपनी ने कहा कि वह सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करती है।साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया कि किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। ये खबर भी पढ़े। …जम्मू बस हादसा: उधमपुर में 20 की मौत, ब्लाइंड मोड़ पर बेकाबू बस खाई में गिरी कार्यस्थल पर धार्मिक स्वतंत्रता की बहस यह पूरा मामला अब सिर्फ एक स्टोर तक सीमित नहीं रह गया है।इस घटना ने पूरे देश में कार्यस्थल पर धार्मिक स्वतंत्रता की बहस छेड़ दी है।कई लोग इसे कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा मान रहे हैं।वहीं कुछ लोग इसे अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप भी बता रहे हैं।कॉर्पोरेट कंपनियों में ड्रेस कोड और व्यक्तिगत आस्था का संतुलन जरूरी होता है।विशेषज्ञ मानते हैं कि स्पष्ट और पारदर्शी नीतियां ही विवाद को रोक सकती हैं।इस मामले ने कंपनियों को अपनी नीतियों की समीक्षा करने का संकेत दिया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।कुछ लोगों ने कंपनी पर सवाल उठाए और जांच की मांग की है।वहीं कुछ यूजर्स ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बताया है।राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपने-अपने बयान जारी किए हैं।वीडियो के वायरल होने से मामला और तेजी से लोगों तक पहुंचा है।विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया आज किसी भी मुद्दे को बड़ा बना सकता है।इसलिए ऐसे मामलों में तथ्य और सत्यता की जांच बेहद जरूरी होती है। FAQs ❓ 1. लेंसकार्ट स्टोर ड्रेस कोड विवाद क्या हैयह विवाद कर्मचारियों के ड्रेस कोड में धार्मिक प्रतीकों पर कथित रोक से जुड़ा है।बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि तिलक और बिंदी लगाने से रोका जाता है।हालांकि कंपनी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए नई नीति की जानकारी दी है। ❓ 2. क्या लेंसकार्ट कर्मचारियों को तिलक लगाने की अनुमति देता हैकंपनी के अनुसार नया स्टाइल गाइड धार्मिक प्रतीकों की पूरी अनुमति देता है।इसमें तिलक, बिंदी, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीकों को शामिल किया गया है।कंपनी का कहना है कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है। ❓ 3. यह विवाद इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गयासोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से यह मामला तेजी से फैल गया।राजनीतिक जुड़ाव और धार्मिक भावनाओं के कारण यह संवेदनशील बन गया।इससे कार्यस्थल पर धार्मिक स्वतंत्रता की बहस भी शुरू हो गई है।