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लहर खबरों की

amit kumar

Writer News & Blogger

All India Police Sports Competition 2025: मध्‍यप्रदेश ने जीते स्‍वर्ण, रजत और कांस्‍य पदक

Police Sports

Madhya Pradesh Police officers won gold, silver and bronze medals in the All India Police Sports Competition 2025. भोपाल। अमरावती (आंध्र प्रदेश) में आयोजित 13 से 17 अक्‍टूबर तक पांच दिवसीय “ऑल इंडिया पुलिस गेम्स 2025” में मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। इस प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मियों ने भाग लिया था। मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से पावर लिफ्टिंग की टीम मेनेजर अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक कमला रावत के नेतृत्‍व में मंदसौर में पदस्‍थ आरक्षक भीम शंकर ने 105 किलोग्राम में उत्‍कृर्ष्‍ट प्रदर्शन करते हुए पावर लिफ्टिंग में गोल्‍ड मेडल प्राप्‍त किया। शानदार प्रदर्शन प्रतियोगिता में क्राइम ब्रांच इंदौर, DCRB शाखा में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक बबली खाकरे ने योगा चैंपियनशिप के सिंगल आर्टिस्टिक योगासन इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल तथा जीआरपी इंदौर में पदस्थ उप निरीक्षक (अ) पूनम शर्मा ने ट्रेडिशनल योगासन सिंगल इवेंट में उत्कृष्ट योग कौशल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अर्जित किया। पुलिस का मान बढ़ाया जम्‍मू कश्‍मीर में आयोजित 8 से 16 अक्‍टूबर तक ऑल इंडिया जूडो क्‍लस्‍टर 2025 प्रतियोगिता में महिला आरक्षक दीक्षा शर्मा ने पेंचक सिलेट सेनी (तुंगगल) ईवेंट में सिल्‍वर मेंडल, आरक्षक सुश्री कृष्‍णा वसुनिया ने कराते के कुमिते ईवेंट में कांस्‍य पदक, प्रधान आरक्षक श्री मनोज पहारे ने कराते के कुमिते ईवेंट में कांस्‍य पदक तथा महिला आरक्षक सुश्री तृप्‍ती पाण्‍डेय ने पेंचक सिलेट के टेंडिंग ईवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर मध्‍यप्रदेश पुलिस का मान बढ़ाया। सेवा भावना के साथ खेल इन सभी अधिकारियों की गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने हार्दिक बधाई दी और उन्हें निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इन सभी खिलाड़ियों के समर्पण, परिश्रम और अनुशासन ने न केवल मध्यप्रदेश पुलिस का सम्मान बढ़ाया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि विभाग के अधिकारी और जवान अपनी सेवा भावना के साथ-साथ खेल और फिटनेस के क्षेत्र में भी अद्वितीय प्रतिभा रखते हैं। उनके ये प्रदर्शन आगामी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और पुलिस बल की सशक्त, सकारात्मक एवं प्रेरक छवि को सुदृढ़ करते हैं।

Bhopal News: रवींद्र भवन में ठाकुर हरिश्चंद्र सिंह संगीत समारोह 24 अक्टूबर को

Music Festival

Thakur Harishchandra Singh Music Festival at Ravindra Bhavan भोपाल। रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में 24 अक्टूबर को ठाकुर हरिश्चंद्र सिंह संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। ठाकुर हरिश्चंद्र सिंह संगीत कला समिति, भोपाल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गीत, संगीत की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम के संयोजक उदय प्रताप सिंह एवं अंशुल प्रताप सिंह ने बताया कि समारोह का शुभारंभ बाल कलाकारों की प्रस्तुति से होगा। लवी देशमुख (बैतूल) शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगी, वहीं रेवा भदौरिया (इंदौर) वायलिन वादन करेंगी। तबले पर यशवी देशमुख संगत देंगी। विभूतियों का सम्मान बाल कलाकारों की यह प्रस्तुति संगीत परंपरा के उज्जवल भविष्य की झलक पेश करेगी। इसके उपरांत सम्मान समारोह में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभूतियों पद्मश्री पंडित उमाकांत गुंदेचा, अनंत गुंदेचा, पंडित अखिलेश गुंदेचा, पंडित अनूप शर्मा और पंडित गौतम काले को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य प्रस्तुतियों में पंडित ईमान दास (बैंगलोर) का शास्त्रीय गायन और सत्येंद्र सिंह सोलंकी का संतूर वादन शामिल रहेगा, जिसमें तबले पर अंशुल प्रताप सिंह संगत देंगे। समापन में पद्मश्री उमाकांत गुंदेचा और अनंत गुंदेचा का ध्रुपद गायन वातावरण को आध्यात्मिक माधुर्य से भर देगा। इस अवसर पर वरिष्ठ तबला वादक पंडित किरण देशपांडे, प्रकाश सिंह ठाकुर और उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम शाम 6 बजे से प्रारंभ होगा।

DRI: राजस्व खुफिया निदेशालय का न्हावा शेवा बंदरगाह पर “ऑपरेशन फायर ट्रेल”, ₹4.82 करोड़ मूल्य के 46,640 के पटाखे ज़ब्त

DRI

Operation Fire Trail 46,640 firecrackers worth ₹4.82 crore seized राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने  “ऑपरेशन फायर ट्रेल” अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। डीआरआई ने भारत में चीनी मूल के पटाखों  के अवैध आयात से जुड़े परिष्कृत तस्करी के प्रयास का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। लंबे कंटेनर को पकड़ा इस अभियान के दौरान, डीआरआई अधिकारियों ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर चीन से आए और आईसीडी अंकलेश्वर जाने वाले 40 फुट लंबे कंटेनर को पकड़ा, जिसमें “लेगिंग्स” होने का दावा किया गया था। विस्तृत जाँच में पता चला कि आगे की तरफ कपड़ों की ऊपरी परत के पीछे 46,640 पटाखे/विस्फोटक छिपाए गए थे।  ₹4.82 करोड़ मूल्य की पूरी खेप जब्त कर ली गई। बाद में की गई तलाशी में तस्करी गिरोह की कार्यप्रणाली उजागर करने वाले आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद हुए और इसके पीछे एक प्रमुख व्यक्ति को गुजरात के वेरावल से गिरफ्तार किया गया। नेटवर्क ध्वस्त विदेश व्यापार नीति के आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ है और इसके लिए विस्फोटक नियम, 2008 के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) दोनों से वैध लाइसेंस की आवश्यकता होती है। ऐसे खतरनाक सामान का अवैध आयात सार्वजनिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण बंदरगाह अवसंरचना और व्यापक शिपिंग एवं लॉजिस्टिक्स श्रृंखला के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। डीआरआई ऐसे संगठित तस्करी नेटवर्क का पता लगाकर और उन्हें ध्वस्त करके, खतरनाक तस्करी से जनता की रक्षा करने और देश के व्यापार एवं सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की अखंडता को बनाए रखने के अपने मिशन में दृढ़ है।

MP Police: दीपावली पर लौटाया 1450 से अधिक गुम मोबाइल फोन, लोगों के खिले चेहरे

MP Police

MP Police Over 1450 lost mobile phones returned on Diwali भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने आधुनिक तकनीक, नवाचार और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए गुम एवं चोरी गए मोबाइल फोन की बरामदगी में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। “CEIR पोर्टल”, “सिटीजन कॉप एप्लिकेशन”, “ऑपरेशन उपहार” और “ऑपरेशन विश्वास” जैसे अभियानों के माध्यम से पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों के सुपुर्द किया है।इस माह प्रदेशभर में 1450 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं। जिनकी कुल अनुमानित कीमत करोड़ रुपये है। यह उपलब्धि पुलिस की तकनीकी क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण को उजागर करती है। 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य दीवाली के पूर्व रूप चौदस के दिन मिशन मोबाइल रिकवरी” अभियान के अंतर्गत विदिशा पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पिछले 15 दिनों में पुलिस टीम द्वारा 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य के 275 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। विदिशा पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में अब तक कुल 1112 मोबाइल, कुल कीमत ₹2 करोड़ 22 लाख 16 हजार के वास्तविक मालिकों को सौंपे जा चुके हैं। भोपाल जोन-04 में CEIR पोर्टल के माध्यम से 100 से अधिक मोबाइल फोन (मूल्य ₹17 लाख) बरामद किए गए। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, DCP मयूर खंडेलवाल तथा संपूर्ण टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी है। 760 मोबाइल फोन बरामद इंदौर पुलिस ने “सिटीजन कॉप एप्लिकेशन” के माध्यम से दीपावली के अवसर पर 272 मोबाइल फोन (मूल्य ₹1 करोड़) उनके स्वामियों को लौटाकर नागरिकों को “विश्वास का उपहार” दिया। वर्ष 2025 में अब तक कुल 760 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार जैसे अन्य राज्यों से भी मोबाइल खोजकर पूरी की गई है।छतरपुर पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” के तहत दीपावली पर 91 मोबाइल फोन लौटाए, और वर्ष 2025 में अब तक 540 मोबाइल फोन वापस किए हैं। इस दौरान लवकुशनगर थाना क्षेत्र में एक मोबाइल चोर की गिरफ्तारी भी हुई। अशोकनगर जिले में सायबर सेल ने दीपावली के अवसर पर नागरिकों को धनतेरस का विशेष उपहार देते हुए ₹7 लाख मूल्य के 70 मोबाइल फोन खोजकर सुपुर्द किए। मालिकों को सुपुर्द किए सिंगरौली पुलिस ने “संचार साथी (CEIR) पोर्टल” के माध्यम से प्रभावी कार्यवाही करते हुए लगभग ₹68 लाख मूल्य के 288 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। वहीं, मंडला पुलिस ने भी “मिशन मोबाइल रिकवरी” अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करते हुए नागरिकों को उनके 100 गुम मोबाइल फोन वापस लौटाए। मंदसौर पुलिस की सायबर सेल टीम ने “ऑपरेशन उपहार” के अंतर्गत ₹18 लाख मूल्य के 104 मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए। इस अभियान में अब तक 200 से अधिक मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं।इसी प्रकार शाजापुर, अलीराजपुर, सिवनी, भोपाल जीआरपी और इंदौर जीआरपी जिलों ने भी इस माह उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज कीं। इन जिलों द्वारा कुल 193 मोबाइल फोन भी लौटाए गए — जिनमें शाजापुर में 106, अलीराजपुर में 51, सिवनी में 19, भोपाल जीआरपी में 13 और इंदौर जीआरपी में 4 शामिल हैं। स्मार्ट पुलिसिंग पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि “मध्यप्रदेश पुलिस तकनीक और सेवा के सामंजस्य से प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षा और विश्वास का भाव पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन अभियानों से यह सिद्ध हुआ है कि गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी केवल वस्तु वापस करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनविश्वास पुनर्स्थापना का सशक्त माध्यम है।” इन सभी प्रयासों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस “स्मार्ट पुलिसिंग” और “जनसेवा” के प्रति दृढ़ निष्ठा से कार्य कर रही है। डिजिटल तकनीक के अभिनव प्रयोग से प्रदेश पुलिस ने न केवल नागरिकों की खोई हुई संपत्ति लौटाई है, बल्कि जनविश्वास को भी सशक्त रूप से पुनर्स्थापित किया है।

MP News: पुलिस स्मृति दिवस, मुख्यमंत्री मोहन से मिलेंगे शहीद पुलिस जवानों के परिजन

Police Memorial Day

Police Memorial Day Families of martyred police personnel meet Chief Minister Mohan भोपाल। मध्‍यप्रदेश पुलिस स्मृति दिवस हर साल की तरह इस साल भी 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में यहां लाल परेड ग्राउंड स्थित “नवीन शहीद स्मारक” प्रांगण में सुबह 9.50 बजे प्रदेश का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इस गरिमामयी आयोजन में पुलिस के शहीद जवानों को पारंपरिक ढंग से श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। सम्मान सूची सौंपी जाएगी इस अवसर पर संयुक्त परेड द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का अभिवादन किया जाएगा और बैंड द्वारा सलामी धुन बजाई जाएगी। इसी कड़ी में पाल बेयरर पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री को सम्मान सूची सौंपी जाएगी। साथ ही शहीद स्मारक को सलामी दी जाएगी। देश के लिए शहादत दी मुख्यमंत्री महोदय वीरगति प्राप्त पुलिस जवानों के परिजनों , परेड कमांडर व पाल बेयरर पार्टी से भेंट करेंगे। सम्पूर्ण भारत में पिछले एक साल के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों की नामावली का वाचन भी पुलिस स्मृति दिवस पर होगा। इस वर्ष हमारे मध्‍यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों ने देश के लिए अपनी शहादत दी है। शहीद जवानों में निरीक्षक स्‍व. संजय पाठक, निरीक्षक स्‍व. रमेश कुमार धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. महेश कुमार कोरी, प्रधान आरक्षक स्‍व. संतोष कुशवाह, प्रधान आरक्षक स्‍व. प्रिंस गर्ग, प्रधान आरक्षक स्‍व. अभिषेक शिंदे, प्रधान आरक्षक स्‍व. गोविंद पटेल, आरक्षक स्‍व. अनुज सिंह, आरक्षक स्‍व. सुंदर सिंह बघेल एवं आरक्षक स्‍व. अनिल यादव शामिल हैं। याद में दिवस मनाया जाता है लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में 16 हजार फीट की ऊँचाई पर 21 अक्टूबर 1959 को सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी, सब इन्सपेक्टर करम सिंह के नेतृत्व में गश्त कर रही थी तभी चीनी सेना के साथ मुठभेड़ में 10 जवान शहीद हो गये थे। उन्‍हीं की याद में देश की समस्त पुलिस इकाईयों द्वारा हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

Bhopal News: कर्मचारी और श्रमिकों को दीपावली के पूर्व वेतन भुगतान नहीं, कैसे मनाएंगे खुशियां

salary

No salary payment before Diwali, how will we celebrate भोपाल। मध्य प्रदेश के शासकीय अर्द्ध शासकीय विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और श्रमिकों को दीपावली के पूर्व वेतन भुगतान नहीं हो पाया है, जिस कारण लाखों कर्मचारी एवं श्रमिक दीपावली उत्सव नहीं मना पा रहे हैं. कोषालय के अधिकारियों की गलती मप्र कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया है कि कई विभागों में कर्मचारी एवं श्रमिकों की लंबित वेतन भुगतान के प्रामाणिक विभागों ने कोषालय में लगा दिए हैं. उन्होंने कहा कि कोषालय के अधिकारियों एवं कर्मचारी की गलती के कारण प्रदेश के कर्मचारी एवं श्रमिकों को दीपावली के पूर्व वेतन भुगतान नहीं मिल पाया है. कोषालय अधिकारियों से संगठन के पदाधिकारी के द्वारा संपर्क करने पर शौचालय के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि बिल जनरेट कर दिए गए हैं लेकिन, आरबीआई भुगतान प्रणाली शुरू नहीं कर रहा है. काला पोस्टकार्ड लिखकर बधाई देंगे पांडे ने कहा कि जबकि भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि व्यवहार के पूर्व लंबित वेतन भुगतान भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. कोषालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नकारात्मक रवैया के कारण कर्मचारी एवं श्रमिकों को उनके अधिकार प्राप्त नहीं हो पाए है, जिस कारण कर्मचारियों एवं श्रमिकों के बीच असंतोष का वातावरण निर्मित हो गया है. कर्मचारी एवं श्रमिकों ने निर्णय लिया है कि वेतन प्राप्त न होने के कारण दीपावली उत्सव नहीं मानेंगे और मुख्यमंत्री के नाम काला पोस्टकार्ड लिखकर दीपावली की बधाई देंगे।

MP Police: साइबर कार्रवाई कर ₹22 लाख की राशि पीड़ितों को लौटाई , फर्जी सिम कार्ड जब्त

MP Police

Cyber ​​crackdown: ₹22 lakh returned to victims भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता बरत रही है। हाल ही में तथा पिछले माह के दौरान राज्य में साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने तीव्र कार्रवाई कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस की इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप पीड़ित नागरिकों की लाखों रुपये की राशि तकनीकी साधनों की सहायता से सुरक्षित वापस कराई गई है। ठगी के प्रकरणों में कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के हाल ही निर्देशन में राज्य के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने साइबर ठगी के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल ₹22,34,162 की राशि पीड़ितों को वापस कराई। इनमें पन्ना जिले में ₹16,70,000, देवास जिले में ₹3,28,962, शिवपुरी जिले में ₹1,60,000, टीकमगढ़ जिले में ₹44,700 तथा उज्जैन जिले में ₹30,500 की राशि वापस दिलाई गई। इन प्रकरणों में ठगी की राशि CyberOne App सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ट्रांजैक्ट की गई थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय, ऑनलाइन ट्रेसिंग, सी-डैक प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल की सहायता से यह राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित तकनीकी दक्षता और नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पुलिस की तकनीकी निपुणता उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। ग्वालियर जिले में ₹50,00,000, बालाघाट में ₹40,00,000, देवास में ₹1,79,500 तथा खरगोन जिले में ₹5,59,441 की राशि साइबर ठगी के प्रकरणों में वापस कराई गई थी। यह सफलता पुलिस की तकनीकी निपुणता, बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम रही है। साथ ही साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने वाले फर्जी मोबाइल सिम कार्डों के विरुद्ध “ऑपरेशन फास्ट” के तहत विशेष अभियान भी संचालित किया गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल लगभग 2,204 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए, जिनमें छतरपुर से 1,220, अनूपपुर से 500, उज्जैन से 352 और कटनी से 132 सिम कार्ड शामिल हैं। इस अभियान के माध्यम से साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने तथा भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं। बैंकिंग जानकारी साझा न करें मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों को सलाह देती है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या कॉल के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा एवं डिजिटल विश्वास सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की सघन कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।

Indian Rail: यात्रा के दौरान ज्वलनशील सामान रखकर नियम उल्लंघन करने पर कार्रवाई

Indian Rail

Action taken against violation of rules by carrying inflammable goods during train journey कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दीपावली के त्यौहार के अवसर पर रेल यात्रा के दौरान पटाखे, विस्फोटक या किसी भी प्रकार की ज्वलनशील वस्तुएं साथ न ले जाने की अपील करता है। यात्रियों को जागरूक करने के उद्देश्य से मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में चेतावनी संबंधी स्टीकर लगाए गए हैं तथा निगरानी और जांच व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया गया है। जुर्माना, तीन वर्ष तक की कैद रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेल यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ जैसे पटाखे, पेट्रोलियम उत्पाद, गैस सिलेंडर, केरोसिन, माचिस, स्टोव, लाइटर, सूखी झाड़ियाँ या पत्तियाँ साथ ले जाना अत्यंत खतरनाक है और भारतीय रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 67, 164 और 165 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹1000 तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक की कैद अथवा दोनों का प्रावधान है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में कोटा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगातार सघन निगरानी की जा रही है। दीपावली के समय यात्रियों द्वारा पटाखे या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं साथ लाने के कारण कभी-कभी दुर्घटनाएं घटित हो जाती हैं, जिनसे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। रेल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि एक छोटी सी चिंगारी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सुरक्षित यात्रा का वातावरण वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेल यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के पटाखे, गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन, स्टोव, माचिस, सिगरेट लाइटर या अन्य विस्फोटक पदार्थ साथ न रखें। ऐसा करना स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ अन्य यात्रियों की जान के लिए भी आवश्यक है। कोटा मंडल रेलवे प्रशासन का प्रयास है कि सभी यात्रियों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुखद हो तथा वे अपने गंतव्य तक सकुशल पहुँचें। नियमों का पालन कर यात्री स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित यात्रा का वातावरण प्रदान करें।