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Aastha Pandey

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इमोशनल स्किल्स की ताकत: मैकिंजी रिपोर्ट में मिला भविष्य-काम का नया ट्रेंड

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मैकिंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट की “Skill Shift” रिपोर्ट बताती है कि 2030 तक सोशल और इमोशनल स्किल्स की मांग 22-26% बढ़ेगी। यह बदलाव इसलिए हो रहा है क्योंकि ऑटोमेशन और एआई मशीनों से इंसानी समझ और इंपैथी उसकी जगह नहीं ले सकते। आज के कॉर्पोरेट वर्कप्लेस में दिल की ताकत (इमोशनल इंटेलिजेंस) ही नई सुपरपावर बन रही है। ग्लोबल वर्कप्लेस में बड़ा बदलाव आज की कॉर्पोरेट दुनिया एक गहरा ट्रांसफॉर्मेशन देख रही है। पहले जॉब में टेक्निकल स्किल्स और इंटेलिजेंस (IQ) को सबसे ज़्यादा महत्व दिया जाता था। लेकिन अब कंपनियां महसूस कर रही हैं कि इमोशनल स्टैमिना — यानी दबाव में शांत रहने, दूसरों को समझने और टीम को एक साथ बांधे रखने की क्षमता — भविष्य में सफलता की बड़ी कुंजी है। यह सिर्फ कंपनियों की भावना नहीं है, बल्कि मैकिंज़ी ग्लोबल इंस्टीट्यूट (MGI) की रिपोर्ट “Skill Shift: Automation and the Future of the Workforce” में यह साफ-साफ दिखाया गया है। ये खबर भी पढ़े…प्रधानमंत्री (PM) का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है – जाने पूरी डिटैल्स मैकिंजी रिपोर्ट की बड़ी बातें ये खबर भी पढ़े… क्यों बढ़ रही है इमोशनल स्किल की जरूरत? एआई और ऑटोमेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, और मशीनें बहुत सारे रिपीटेबल काम बेहतरीन तरीके से कर सकती हैं। लेकिन इंसानी संवाद, संकट-सम्भालन, भरोसा बनाने और टीम बॉन्डिंग की भूमिका अभी भी मानव ही निभा सकते हैं। इसलिए कंपनियों ने यह समझा है कि सिर्फ तकनीक नहीं, मानवता ही आगे चलने वाला “स्किल” है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एंटरप्रेन्योरशिप (पहल करना), इनिशिएटिव लेने की क्षमता बढ़ेगी और लीडरशिप की मांग में इजाफा होगा। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती बिजनेस स्कूल और मैनेजर ट्रेनिंग में बदलाव विश्व-स्तर की बड़ी कंपनियाँ जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डेलॉइट और कई बिज़नेस स्कूल अब मैनेजर्स की ट्रेनिंग में इमोशनल इंटेलिजेंस (EI) को टॉप प्रायरिटी दे रही हैं। उनके मुताबिक, मशीनें काम तो कर सकती हैं, लेकिन काम को इंसानी मायना देना इंसान ही कर सकता है। मैनेजर्स को इसलिए सिखाया जा रहा है कि वे टीम में इम्पैथी कैसे लाएं, आपस में भरोसा कैसे बनाएँ और तनावपूर्ण स्थितियों में भी स्थिरता बनाए रखें। यह सिर्फ करियर की रणनीति नहीं — यह नई मानव-केंद्रित सुपरपावर बन रही है। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय इमोशनल इंटेलिजेंस का असर कई मनोवैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि लोगों की इमोशनल बुद्धिमत्ता (emotional intelligence) का सीधा असर होता है टीम के प्रदर्शन, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व पर। जब टीम में कोई कठिन परिस्थिति आए, तो जिन लोगों में ज़्यादा इमोशनल स्किल होती है, वे टीम को बेहतर तरीके से मैनेज करते हैं और टीम को टूटने से बचाते हैं एचआर का नजरिया — अब सिर्फ रेजूमे नहीं, दिल देखना भी ज़रूरी आज की HR टीम सिर्फ उम्मीदवार की टेक्निकल स्किल या रेज़्यूमे को नहीं देख रही है। बल्कि उनकी भावनात्मक स्थिरता, कोलैबोरेशन की भावना और मानसिक लचीलापन भी देख रही है। इंटरव्यू में सवाल बदल गए हैं: इन्हीं सवालों से देखा जा रहा है कि उम्मीदवार सिर्फ “काम कर सकता है” इस योग्य नहीं है, बल्कि “इंसानों के बीच काम कर सकता है” — यह बहुत मायने रखता है। FAQs Q1: मैकिंज़ी की रिपोर्ट में “सोशल और इमोशनल स्किल्स” से क्या मतलब है?A1: मैकिंज़ी रिपोर्ट में “सोशल और इमोशनल स्किल्स” से वह क्षमताएँ हैं जैसे — इम्पैथी, अन्य लोगों के साथ संवाद, नेतृत्व, टीम मैनेजमेंट, सहयोग और भावनात्मक लचीलापन। ये स्किल्स मशीनों द्वारा आसानी से नकल नहीं की जा सकतीं। Q2: 2030 तक सोशल-इमोशनल स्किल्स की मांग क्यों बढ़ेगी?A2: क्योंकि ऑटोमेशन और एआई मशीनें कई रिपीटेबल और डेटा-संबंधित काम कर सकती हैं, लेकिन इंसानी भावनाओं, संवादों और संकट-प्रबंधन की जरूरत बनी रहेगी। मैकिंज़ी का अनुमान है कि 2016-2030 के बीच तकनीकी बदलावों के कारण सभी इंडस्ट्रीज़ में इन स्किल्स की मांग करीब 22-26% तक बढ़ेगी। Q3: अगर मैं करियर की शुरुआत कर रहा हूँ, तो मुझे इमोशनल स्किल्स कैसे सुधारनी चाहिए?A3: आप कई तरीके अपना सकते हैं:

प्रधानमंत्री (PM) का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है – जाने पूरी डिटैल्स

Officer

प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) एक बहुत जिम्मेदार और भरोसेमंद पोस्ट है। यह आमतौर पर आईएएस या आईएफएस जैसे वरिष्ठ सिविल सर्विस के अधिकारियों में से चुना जाता है, जिन्हें लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ गोपनीयता और स्ट्रैटेजिक कामों की समझ होती है। उनकी तनख्वाह लगभग ₹ 1.44 लाख बेस + अन्य भत्तों के साथ कुल ₹ 2 लाख से ऊपर होती है। प्रधानमंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी कौन होते हैं? प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) वह अधिकारी है जो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में काम करता है और प्रधानमंत्री के रोज़-रोज़ के कामों, मीटिंग्स, फाइलों, रिपोर्ट्स और विदेश दौरों का समन्वय करता है। यह सिर्फ असिस्टेंट या क्लर्क जैसा रोल नहीं है, बल्कि टॉप-लेवल एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारी है। PS पीएम के शेड्यूल को मैनेज करता है — यह तय करता है कि प्रधानमंत्री किस दिन किससे मिलें, किस मीटिंग में क्या विषय हो, और कौन सी फाइल कहां जाए। साथ ही, विभिन्न मंत्रालयों से आने वाली रिपोर्ट्स और अहम फैसलों को प्रधानमंत्री तक सही समय पर पहुँचाना भी PS का काम है। इसके अलावा वे गोपनीय मामलों को सुरक्षित रखते हैं, और अगर देश में कोई राष्ट्रीय संकट या आपदा आए, तो वे एक महत्वपूर्ण कड़ी की तरह काम करते हैं। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती पीएम का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है? यह पद किसी सामान्य नौकरी जैसा नहीं मिलता। यह जिम्मेदारी अक्सर IAS, IFS (इंडियन फॉरेन सर्विस), या अन्य सीनियर सिविल सर्विस के अधिकारियों को दी जाती है। ये अधिकारी लगभग 10-20 साल का प्रशासनिक अनुभव रखते हैं और उन्हें गोपनीयता, नीति-निर्माण और बड़े फैसलों को संभालने की क्षमता होनी चाहिए। PS बनने की प्रक्रिया में कबिनेट की मंज़ूरी भी शामिल होती है। उदाहरण के लिए, निधि तिवारी नाम की IFS अधिकारी को पर्सनल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है, और यह नियुक्ति Department of Personnel & Training (DoPT) और Cabinet Appointments Committee (ACC) की मंज़ूरी के बाद हुई थी। ये खबर भी पढ़े…CG MD-MS Admission 2025: काउंसलिंग की लॉस्ट डेट बढ़ी, अब 23 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन पीएम पर्सनल सेक्रेटरी की सैलरी कितनी होती है? PS का वेतन Pay Matrix के Level-14 पर तय होता है।उनकी बेस सैलरी लगभग ₹ 1,44,200 होती है। लेकिन, सिर्फ बेस सैलरी ही नहीं — इसके अलावा Dearness Allowance (DA), House Rent Allowance (HRA), यात्रा भत्ता और अन्य भत्तों की वजह से उनकी मासिक कमाई लगभग ₹ 2 लाख या उससे ज़्यादा हो सकती है। साथ ही, PMO में काम करने वाले अन्य सीनियर अधिकारियों की भी तनख्वाह सार्वजनिक की गई है। उदाहरण के लिए, RTI खुलासों के मुताबिक़, PMO के निजी सचिव (PS) जैसे राजीव टोप्रो और संजय कुमार सिंगला को क्रमशः ₹ 1.46 लाख और ₹ 1.38 लाख मासिक वेतन मिलता था। PMO के अधिकारी (सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी) की सैलरी भी PMO की खुद की “Details of Monthly Remuneration” रिपोर्ट में मिलती है। सरकारी सुविधाएं भी शामिल होती हैं — जैसे कि सरकारी आवास, आधिकारिक गाड़ी, सुरक्षा और मेडिकल आदि। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन रोल और जिम्मेदारियाँ – प्रधानमंत्री के हर दिन का शेड्यूल और मीटिंग्स प्लान करना। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट चुनने की वजह: क्यों सिर्फ सीनियर अधिकारी? PM का PS सिर्फ भरोसेमंद अधिकारी हो सकता है, क्योंकि ये न सिर्फ प्रशासनिक काम देखता है, बल्कि नीति-निर्माण और गोपनीय मामलों में PM का सीधे संपर्क होता है। इसलिए ये पद उन अधिकारियों को दिया जाता है जिनकी साख, अनुभव और क्षमता बहुत मजबूत हो। अक्सर ये अधिकारी IAS, IFS या अन्य प्रतिष्ठित सिविल सर्विस से आते हैं, जिनके पास सालों का अनुभव हो और जिन्होंने महत्वपूर्ण मंत्रालयों में काम किया हो। यह नियुक्ति केवल “अनुभवी” ही नहीं, बल्कि “विश्लेषणात्मक और रणनीतिक सोच” वाले अधिकारियों को दी जाती है, क्योंकि PMO में काम करना नीतिगत, संवेदनशील और डायनेमिक होता है। FAQs Q1: प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) बनने के लिए कौन-सी सर्विस कैसी होनी चाहिए?A1: आमतौर पर PS के लिए IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस) या IFS (इंडियन फॉरेन सर्विस) जैसे वरिष्ठ सिविल सर्विस अधिकारी चुने जाते हैं। उन्हें करीब 10-20 साल का प्रशासनिक अनुभव, गोपनीयता का अनुभव और नीति-निर्णय की समझ होनी चाहिए। Q2: PS की सैलरी कितनी होती है और किस पे लेवल पर होती है?A2: PS का वेतन Pay Matrix Level-14 पर तय होता है। उनकी बेस सैलरी लगभग ₹ 1,44,200 होती है, और अन्य भत्तों जैसे DA, HRA, यात्रा भत्ते की वजह से उनकी कुल आमदनी लगभग ₹ 2 लाख या उससे ज़्यादा हो सकती है। Q3: पीएम PS के काम की सबसे बड़ी जिम्मेदारियाँ क्या-क्या होती हैं?A3: प्रधानमंत्री का PS निम्नलिखित महत्वपूर्ण काम करता है:

CG MD-MS Admission 2025: काउंसलिंग की लॉस्ट डेट बढ़ी, अब 23 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

Docter

छत्तीसगढ़ में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स MD-MS में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है, जिससे उन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिल गया है जो पहले डेडलाइन मिस होने के डर से परेशान थे। पहले आवेदन की सीमा 18 नवंबर रात 11:59 बजे तक तय थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 23 नवंबर तक कर दिया गया है, जिससे कई छात्रों की उम्मीद फिर से जाग उठी है। इसके साथ ही च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 19 नवंबर से शुरू हो चुकी है, जो 24 नवंबर तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि इच्छुक उम्मीदवार अब अपनी पसंदीदा मेडिकल कॉलेजों और स्पेशलाइजेशन को अच्छी तरह सोच-समझकर चुन सकते हैं। काउंसलिंग की यह नई समय-सारिणी MCC द्वारा किए गए बदलावों के बाद जारी की गई है, ताकि सभी पात्र छात्र बिना किसी जल्दबाजी के आवेदन और अपनी पसंद लॉक कर सकें। यह कदम मेडिकल छात्रों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। उदेश्य छत्तीसगढ़ राज्य में MD-MS 2025 प्रवेश के लिए पहली-चरण की काउंसलिंग के ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तिथि को बढ़ा दिया गया है। यह फैसला मेडिकल परामर्श समिति (MCC) की संशोधित समय-सारिणी के बाद लिया गया है। पहले आवेदन की सीमा 18 नवंबर रात 11:59 बजे तक तय की गई थी, लेकिन अब इसे 23 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया गया है। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती काउंसलिंग प्रक्रिया: च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग आवेदन के अतिरिक्त समय के साथ, च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 19 नवंबर की सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया 24 नवंबर की रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। विभाग ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे इस अतिरिक्त समय का पूरा फायदा उठाएं और अपनी पसंद की काउंसलिंग विकल्प समय पर लॉक कर दें। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय क्यों बढ़ाई गई है तिथि? MCC (Medical Counselling Committee) ने अपनी समय-सारिणी में बदलाव किया है और इसी के चलते छत्तीसगढ़ के DME (डायरेक्टर रे ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन) ने आवेदन और च्वाइस फिलिंग की सीमा बढ़ाई है। यह कदम उन छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जो NEET PG 2025 क्वालिफाइ कर चुके हैं और राज्य-कोटा MD-MS में दाखिले की उम्मीद लगा रहे हैं। विभाग स्पष्ट कर रहा है कि समय-सीमा के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए देरी न करें। पात्रता और छत्तीसगढ़ PG एडमिशन की जानकारीयह काउंसलिंग छत्तीसगढ़ राज्य कोटा के MD-MS (पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल) कोर्सों के लिए है। आवेदन और च्वाइस फिलिंग का आधिकारिक पोर्टल cgdme.admissions.nic.in है। अभ्यर्थियों को NEET PG 2025 में क्वालिफाइ करना अनिवार्य है। ये खबर भी पढ़े…RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें उम्मीदवारों को ध्यान देने योग्य बातें आवेदन करते समय सावधानी बरतें 23 नवंबर की नई सीमा तक सभी फॉर्म भरें।च्वाइस फिलिंग को मिस न करें -अपनी MD/MS पसंदों को सोच-समझकर फिल और लॉक करें।आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें — NEET PG स्कोरकार्ड, पहचान पत्र आदि जरूरी होंगे।ऑफिशियल वेबसाइट देखें — गलत लिंक से आवेदन न करें, आधिकारिक साईट cgdme.admissions.nic.in ही भरोसेमंद है। समय का पूरा फायदा लें — नई तिथि बढ़ने का मतलब है कि आपके पास अतिरिक्त दिन हैं, इसे wisely इस्तेमाल करें। ये खबर भी पढ़े…10वीं के बाद पढ़ाई आसान, Post Matric Scholarship देगी पूरा खर्च FAQs Q1: MD-MS 2025 काउंसलिंग के लिए आवेदन की नई अंतिम तिथि क्या है?नई अंतिम तिथि 23 नवंबर 2025, रात 11:59 बजे है। Q2: क्या मैं अब भी अपनी काउंसलिंग पसंदों (choices) फ़िल और लॉक कर सकता हूँ?हाँ। च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग प्रक्रिया 19 नवंबर सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है और यह 24 नवंबर रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। Q3: छत्तीसगढ़ MD-MS काउंसलिंग के लिए किस वेबसाइट पर आवेदन करना चाहिए?आपको DME Chhattisgarh की आधिकारिक वेबसाइट (उदेश्य छत्तीसगढ़ राज्य में MD-MS 2025 प्रवेश के लिए पहली-चरण की काउंसलिंग के ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तिथि को बढ़ा दिया गया है। यह फैसला मेडिकल परामर्श समिति (MCC) की संशोधित समय-सारिणी के बाद लिया गया है।

Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती

Lakhpaal

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतज़ार कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी धीरे-धीरे दरवाज़ा खोल रही है। राज्य में लेखपाल यानी पटवारी के 7,994 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, और अब इन पदों पर भर्ती का रास्ता आखिरकार साफ होता नजर आ रहा है। सबसे खास बात यह है कि यह मौका 12वीं पास युवाओं के लिए है, यानी बहुत से उम्मीदवार पहली बार एक स्थिर सरकारी नौकरी की तरफ कदम बढ़ा सकते हैं। UPPET 2025 का रिजल्ट जारी होते ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। इसका मतलब यह है कि जो युवा PET परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, उन्हें आने वाले महीनों में बड़ा अवसर मिल सकता है। लेखपाल की नौकरी हमेशा से गांव–कस्बों में एक प्रतिष्ठित और स्थिर पद माना जाता है, क्योंकि यह सीधे ज़मीन, रिकॉर्ड और राजस्व कार्यों से जुड़ा होता है। ऐसे में यह भर्ती राज्य में हजारों परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आ सकती है। उदेश्य उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्व विभाग में लेखपाल (पटवारी) के कुल 30,837 स्वीकृत पदों में से करीब 7,994 पद अभी खाली हैं। ये रिक्त पदों को भरने की तैयारी चल रही है और राजस्व विभाग ने भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) को प्रस्ताव भेज दिया है।भर्ती क्यों और कैसे होगी? UPPET रिजल्ट का महत्व भर्ती की इस प्रक्रिया में UPPET (प्रारंभिक पात्रता परीक्षा) का रोल अहम होगा। कहा जा रहा है कि UPPET रिजल्ट 2025 दिसंबर के अंत तक जारी हो सकता है, और उसके बाद लेखपाल भर्ती की विज्ञप्ति जनवरी 2026 में आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भर्ती विज्ञप्ति उसी आयोग द्वारा जारी की जाएगी जो PET / UPPET परिणाम को ध्यान में रखेगा। लेखपाल का काम और जिम्मेदारियाँ लेखपाल को आम बोलचाल में पटवारी भी कहा जाता है। उनका मुख्य काम ज़मीनी रिकॉर्ड तैयार करना, भूमि माप-जोख करना और गाँव या क्षेत्र में भूमि के नक्शे-दस्तावेज़ बनाना होता है। ये पद स्थानीय स्तर पर राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, क्योंकि भूमि रिकॉर्डिंग बहुत संवेदनशील होती है। भर्ती प्रक्रिया और पात्रता इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होना अनिवार्य है।आयु सीमा 18 से 40 साल है।चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हो सकते ह रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ पदों को प्रमोशन के माध्यम से भरा जाएगा, जैसे तहसीलदार के लगभग 300 पद। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय क्यों यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ी है? 12वीं पास युवाओं को सरकारी नौकरी का बड़ा मौका मिल रहा है, खासकर वे जो पटवारी बनना चाहते हैं। कुल 7,994 रिक्त पद युवाओं की बड़ी संख्या को रोजगार का अवसर दे सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह भर्ती पारदर्शी और समयबद्ध हो सकती है। यह भर्ती प्रदेश में राजस्व विभाग की कारगुज़ारी को बेहतर बनाएगी और भूमि रिकॉर्डिंग को मजबूत करेगी। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन संभावित समय-रेखा UPPET रिजल्ट जारी करना — दिसंबर 2025 तक।भर्ती विज्ञप्ति जारी करना — जनवरी 2026 में।आवेदन प्रक्रिया शुरू करना — नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑनलाइन आवेदन की संभावना।परीक्षा + दस्तावेज सत्यापन — चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और जरूरी दस्तावेज़ जांच शामिल होंगे।नियुक्ति — सफल अभ्यर्थियों को लेखपाल (पटवारी) पदों पर तैनात किया जाएगा। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए? UPPET परीक्षा का रिजल्ट चेक करते रहें और UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती नोटिफिकेशन की निगरानी करें। अपनी 12वीं मार्कशीट, पहचान और निवास प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ अपडेट रखें। तैयारी करें — पिछले सालों के पेपर देखना और परीक्षा रणनीति बनाना फायदेमंद होगा। भर्ती होने पर काम की ज़िम्मेदारी और रोल को समझें — लेखपाल की नौकरी सिर्फ जमीनी रिकॉर्ड रखने की नहीं, बल्कि गाँव के राजस्व मामलों में सक्रिय भागीदारी की भी जरूरत होती है। ये खबर भी पढ़े…सरकारी योजना: अल्पसंख्यक छात्रों को 15,000 रुपये प्रोत्साहन — आवेदन शुरू FAQs Q1: यूपी लेखपाल भर्ती में 7994 पदों का प्रस्ताव क्यों है?उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में मीटिंग के बाद, सरकार ने लेखपाल (पटवारी) के 7,994 रिक्त पदों को भरने की योजना बनाई है। Q2: UPPET 2025 रिजल्ट आने के बाद भर्ती कब शुरू हो सकती है?बताया जा रहा है कि UPPET 2025 रिजल्ट दिसंबर के अंत तक आ सकता है और भर्ती विज्ञप्ति जनवरी 2026 में जारी हो सकती है। Q3: लेखपाल भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता क्या है?उम्मीदवार को 12वीं पास होना चाहिए और आयु सीमा 18–40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय

रात के करीब 11 बजे हैं। आप थके हुए बिस्तर पर लेटे हैं और अचानक फोन की स्क्रीन चमकती है। WhatsApp पर एक अनजान नंबर से मैसेज आता है—“Hi”, या शायद एक आकर्षक जॉब ऑफर। आप एक सेकंड रुकते हैं और सोचते हैं, “इसको मेरा नंबर मिला कहां से?” रोज़-रोज़ आने वाले ऐसे मैसेज हमें मामूली लगते हैं, लेकिन नवंबर 2025 की एक बड़ी रिसर्च ने इस छोटे से सवाल को एक विशाल सच में बदल दिया है—और सच यह है कि आपका नंबर शायद बहुत पहले से किसी और की पास था। ऑस्ट्रिया के रीसर्च ऑस्ट्रिया के रिसर्चर्स ने WhatsApp की एक खामोश लेकिन बेहद खतरनाक गलती का खुलासा किया है। इस गलती की वजह से दुनिया के 3.5 अरब WhatsApp यूज़र्स का डेटा—उनके फोन नंबर, प्रोफाइल फोटो और “About” जैसी पब्लिक जानकारी—कुछ ही घंटों में ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट की मदद से स्क्रैप की जा सकती थी। सोचिए, बिना हैक किए, बिना किसी पासवर्ड के, कोई भी दुनिया भर के एक्टिव WhatsApp यूज़र्स की लिस्ट अपने पास जमा कर सकता था। यह घटना सिर्फ एक टेक्निकल गलती नहीं, बल्कि हमारी डिजिटल पहचान की कमज़ोर सुरक्षा का सबसे बड़ा सबूत है। Meta ने सफाई दी है, अपडेट जारी किए हैं, लेकिन जो सवाल उठे हैं… वो अभी भी हमारे सामने खड़े हैं। विएना की रिसर्चर्स की चौंकाने वाली खोज विएना (ऑस्ट्रिया) की यूनिवर्सिटी ऑफ़ विएना और SBA रिसर्च की टीम ने WhatsApp में एक गंभीर सुरक्षा समस्या पाई। उन्होंने “Contact Discovery” फीचर का गलत इस्तेमाल करके 100 मिलियन से ज़्यादा फोन नंबर प्रति घंटे चेक कर लिए। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 3.5 अरब (3.5 billion) सक्रिय WhatsApp अकाउंट्स को एन्यूमेर (गिनाना) किया। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन यह चूक कैसी थी? WhatsApp का Contact Discovery फीचर: जब हम अपनी फोनबुक अपलोड करते हैं, तो यह पता चलता है कि कौन-सा नंबर WhatsApp पर है। रिसर्चर्स ने स्क्रिप्ट बनाई और मास स्केल पर नंबर भेजकर जांच की, क्योंकि WhatsApp पहले पर्याप्त rate-limiting (नियंत्रण) नहीं कर रहा था। इस तरह, उन्होंने सिर्फ नंबर ही नहीं, बल्कि पब्लिकली उपलब्ध डेटा जैसे प्रोफाइल फोटो, “About” टेक्स्ट, टाइमस्टैम्प्स और पब्लिक कीज़ (एन्क्रिप्शन से संबंधित) भी निकाल लिए। वो यह भी पता लगा पाए कि उपयोगकर्ता किस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, अकाउंट कब बना था, और उन्होंने कितने डिवाइस (जैसे WhatsApp Web) लिंक किए हैं। Meta (WhatsApp की माँ कंपनी) का जवाब रिसर्चर्स ने अप्रैल 2025 में Meta को अपनी खोज की सूचना दी। इसके बाद, अक्टूबर 2025 में Meta ने WhatsApp Web पर “rate-limiting” लागू किया ताकि इसी तरह के बड़े पैमाने की जाँच को रोका जा सके। Meta ने कहा कि रिसर्चर्स के ज़रिए मिला डेटा पहले ही सार्वजनिक था (जैसे कि पब्लिक फोटो या “About” टेक्स्ट): कोई निजी मैसेज एक्सेस नहीं किया गया था क्योंकि WhatsApp में end-to-end एन्क्रिप्शन जारी है। Meta ने आगे ये भी कहा है कि बग बाउंटी प्रोग्राम के ज़रिए यह मुद्दा सामने आया और उन्होंने रिसर्चर्स की भूमिका सराही है। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट रिस्क क्या है? डेटा एन्युमरेशन (गिनना): इस चूक की वजह से कोई भी ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट चला कर दुनिया भर के लगभग हर WhatsApp नंबर की पुष्टि कर सकता था, और यह स्कैमर या साइबर क्रिमिनल्स के लिए खतरनाक हो सकता था। प्रोफाइल इनफार्मेशन का दुरुपयोग: 57% यूज़र्स की प्रोफाइल फोटो, और 29% का “About” टेक्स्ट सार्वजनिक था, जो उनकी पहचान और अन्य जानकारियों को उजागर कर सकता था। मेटाडेटा से इनसाइट्स: रिसर्चर्स ने यह भी अनुमान लगाया कि कौन-से यूज़र कई डिवाइस यूज़ करते हैं, उनका अकाउंट कितना पुराना है, और उनका ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है – ये सारी जानकारी साइबर अपराधियों के लिए उपयोगी हो सकती है। दमनकारी देशों में सुरक्षा ख़तरा: कुछ यूज़र्स ऐसे देशों में हैं जहां WhatsApp प्रतिबंधित है (जैसे चीन), और यह खुलासा उनकी पहचान और स्थिति को ख़तरे में डाल सकता था। क्या अब समस्या सुलझा दी गई है? हां — Meta ने rate-limiting लागू कर दिया है ताकि एक-ही स्रोत से इतनी तेजी से अनुरोध (requests) न किए जा सकें। रिसर्चर्स ने कहा है कि उन्होंने अपनी कलेक्ट की हुई डेटा लिस्ट डिलीट कर दी है। लेकिन रिसर्चर्स ने चेतावनी दी है कि अगर कोई और बुरा अभिनेता (malicious actor) इस विधि का इस्तेमाल करता, तो यह “इतिहास का सबसे बड़ा डेटा लीक” साबित हो सकता था। ये खबर भी पढ़े…IMD Recruitment 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग में 136 प्रोजेक्ट स्टाफ पदों पर भर्ती, करें अप्लाई करें ये उपाय हमारी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा सकते हैं? प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें: WhatsApp में अपनी प्रोफाइल फोटो, “About” टेक्स्ट और स्टेटस की visibility को “Only My Contacts” पर सेट करें। अजनबी कॉल और मैसेज से सावधान रहें: अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स और मैसेजेज में स्कैमर के झांसे (जॉब ऑफर, लिंक आदि) हो सकते हैं। अपनी डिजिटल पहचान की निगरानी करें: यदि आप अक्सर स्पैम कॉल्स या मैसेजेज़ पाते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका नंबर डेटा मार्केट में है। ऑनलाइन सिक्योरिटी पर अपडेट रहें: जैसे-जैसे Meta और अन्य टेक कंपनियां सुधार लाती हैं, उन अपडेट्स को ध्यान से देखें और समय-समय पर अपनी ऐप सेटिंग्स रिव्यू करें। ये खबर भी पढ़े…AFCAT 1 2026: एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन शुरू, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी FAQs Q1: यह WhatsApp डेटा ली क है या हैक?यह एक “लीक” जैसा है, लेकिन हैक नहीं। इसमें कोई मैसेज कंटेंट चोरी नहीं हुआ, बल्कि WhatsApp का Contact Discovery फीचर स्क्रैप किया गया। Q2: क्या Meta ने इस खामी को सुधार लिया है?हाँ, Meta ने अक्टूबर 2025 में rate-limiting लागू किया ताकि स्क्रैपिंग को रोका जा सके। रिसर्चर्स ने अपनी कलेक्ट की हुई डेटा लिस्ट डिलीट कर दी है। Q3: क्या यह खामी सभी देशों के WhatsApp यूज़र्स को प्रभावित करती है?हाँ। रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह विश्वव्यापी समस्या थी — उन्होंने 245 देशों में 3.5 अरब से ज़्यादा सक्रिय WhatsApp अकाउंट्स की पहचान की है।

JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन

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इंजीनियरिंग भारत में लाखों छात्रों का सपना है, लेकिन बहुत से स्टूडेंट्स के मन में यह गलत धारणा बैठी होती है कि BTech में एडमिशन सिर्फ JEE Mains के ज़रिए ही मिलता है। असलियत इससे काफी अलग है। आज के समय में देशभर के कई राज्य और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अपने-अपने स्टेट लेवल और यूनिवर्सिटी लेवल एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करते हैं, जिनके जरिए आप बिना JEE Main दिए भी आसानी से इंजीनियरिंग में दाख़िला ले सकते हैं। यह विकल्प न सिर्फ असली और आधिकारिक हैं, बल्कि हजारों छात्रों के लिए हर साल एक मजबूत करियर का रास्ता भी बनाते हैं। अगर किसी वजह से आपका JEE में स्कोर अच्छा नहीं आता, या आप यह एग्जाम देना ही नहीं चाहते, तो भी आपके पास CUET UG, MHT CET, BITSAT, COMEDK UGET जैसे लोकप्रिय परीक्षा विकल्प मौजूद हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से आप प्रतिष्ठित सरकारी, केंद्रीय और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पा सकते हैं। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट क्या है विकल्प — JEE Mains के बिना BTech CUET UG (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) को NTA आयोजित करता है। कई केंद्रीय विश्वविद्यालय (जैसे BHU) इंजीनियरिंग (बीटेक) में CUET UG स्कोर के आधार पर सीट देते हैं।BHU में BTech एडमिशन के लिए PCM (फिजिक्स, केमिस्ट्री मैथ्स) विषयों में परीक्षा देनी होती है।CUET UG का आधार स्पष्ट है और JEE Main देना ज़रूरी नहीं है यदि आप इसी रास्ते से जाना चाहते हैं। महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए MHT CET एक बहुत बड़ा राज्य-स्तरीय एग्जाम है। MHT CET 2025-26 की सूचना ब्रोशर में यह स्पष्ट है कि PCM सेक्शन वाले छात्र CET दे सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेष कोर्सेज़ (जैसे पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, फैशन टेक्नोलॉजी इत्यादि) में अगर आप JEE Main या NEET का प़ॉज़िटिव स्कोर भी लाते हैं, तो अधिक प्राथमिकता मिल सकती है। मतलब, MHT CET क्लियर करके आप महाराष्ट्र के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन ले सकते हैं — और JEE Main देना अनिवार्य नहीं है (कम-से-कम कुछ कोर्सेस के लिए)। BITS (बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस) पिलानी, गोवा और हैदराबाद में BTech/BE कोर्सेज़ के लिए BITSAT नामक अपना एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करती है। BITSAT के ज़रिए एडमिशन लेने के लिए JEE Main की ज़रूरत नहीं होती। वास्तव में, BITS JEE Main स्कोर स्वीकार नहीं करती। BITSAT की पात्रता में यह शामिल है कि कैंडिडेट का 12वीं (PCB / PCM) में न्यूनतम प्रतिशत हो, जैसा कि BITS ने अपनी एडमिशन गाइडलाइन में बताया है। इसके अलावा, उन बोर्ड-टॉपर छात्राओं और छात्रों के लिए डायरेक्ट एडमिशन का विकल्प भी होता है, यदि वे अपने स्टेट या सेंट्रल बोर्ड परीक्षा में टॉप कर चुके हों। ये खबर भी पढ़े…IMD Recruitment 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग में 136 प्रोजेक्ट स्टाफ पदों पर भर्ती, करें अप्लाई COMEDK (कंसोर्टियम ऑफ़ मेडिकल, इंजीनियरिंग एंड डेंटल कॉलेजेस ऑफ़ कर्नाटक) UGET एक एंट्रेंस एग्जाम है, जो कर्नाटक के बहुत सारे निजी और अन-एडेड इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए होता है। COMEDK UGET के लिए पात्रता में 12वीं में PCM होना अनिवार्य है और न्यूनतम मार्क (45% PCM) होना चाहिए। इस एग्जाम में पास होने के बाद, कैंडिडेट्स काउंसलिंग के ज़रिए इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। यह रास्ता उन छात्रों के लिए फायदेमंद है, जो जेई मैन नहीं देना चाहते या नहीं दे पाते, लेकिन कर्नाटक में इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला चाहते हैं। ये खबर भी पढ़े…सरकारी योजना: अल्पसंख्यक छात्रों को 15,000 रुपये प्रोत्साहन — आवेदन शुरू क्यों चुनें ये विकल्प? विकल्पों की विविधता: JEE Main ही एकल रास्ता नहीं है; स्टेट और यूनिवर्सिटी एग्ज़ाम जैसे MHT CET, COMEDK UGET और BITSAT कई महान कॉलेजों तक पहुंच देते हैं। कम डिपेंडेंसी: जो छात्र JEE Main के दबाव या अकेले एक एग्जाम पर निर्भर नहीं होना चाहते, उनके लिए ये वैकल्पिक रास्ते बहुत उपयोगी हैं। लोकल कॉलेज में एडवांटेज: स्टेट-स्तरीय एग्जाम में उस राज्य में रहने वाले छात्रों को कभी-कभी अधिक कोटे और बेहतर एडमिशन अवसर मिलते हैं। प्रतिष्ठा: BITSAT, COMEDK, और CUET जैसी परीक्षाओं के जरिए बहुत प्रतिष्ठित कॉलेजों में BTech किया जा सकता है। FAQs Q1: क्या BITSAT में JEE Main देना ज़रूरी है?जवाब: नहीं। BITSAT ही BITS (पिलानी, गोवा, हैदराबाद) में बीटेक/बीई के लिए एंट्रेंस टेस्ट है। BITS JEE Main के स्कोर को स्वीकार नहीं करती। Q2: COMEDK UGET क्या है और कौन इसके ज़रिए बीटेक कर सकता है?जवाब: COMEDK UGET कर्नाटक में इंजीनियरिंग के लिए एक यूनिवर्सिटी-एंट्रेंस एग्जाम है। अगर आप 12वीं में PCM विषय लिए हैं और न्यूनतम मार्क्स (COMEDK की गाइडलाइन के अनुसार) प्राप्त किए हैं, तो आप COMEDK UGET दे सकते हैं और कर्नाटक के कई निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में BTech कर सकते हैं। Q3: MHT CET में पास होकर क्या मुझे महाराष्ट्र के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज मिल सकते हैं?जवाब: हां, MHT CET महाराष्ट्र का प्रमुख इंजीनियरिंग एग्जाम है और इसके ज़रिए कई प्रसिद्ध कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। हालाँकि, कुछ कोर्सेज़ में प्राथमिकता जेई मैन स्कोर धारकों को दी जाती है, लेकिन CET क्लियर करना भी बहुत बड़े रास्ते खोलता है।

BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट

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बिहार में सरकारी नौकरियों का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर आ चुकी है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार 71वीं कंबाइंड प्रिलिमिनार्य एग्जामिनेशन का रिजल्ट जारी कर दिया है, जिसका इंतज़ार कैंडिडेट कई दिनों से कर रहे थे। देर शाम जारी किए गए रिजल्ट के साथ आयोग ने कट-ऑफ अंक भी साझा कर दिए, जो इस साल कई श्रेणियों में उम्मीद से ज्यादा साबित हुए। इस परीक्षा में कुल 14,261 कैंडिडेट सफल घोषित हुए हैं, जिनमें अलग-अलग कैटेगरी—सामान्य, महिला, EWS, SC, ST, BC, EBC और विकलांगता वर्ग—के अनुसार अलग-अलग कट-ऑफ निर्धारित किए गए हैं। इस बार के कट-ऑफ को देखकर साफ पता चलता है कि प्रतियोगिता कितनी कड़ी थी और परीक्षा में पारदर्शिता के साथ हाई-स्टैंडर्ड बनाए रखे गए हैं। जनरल कैटेगरी का कट-ऑफ 88 पहुंचना, EWS का 82.33 और अन्य श्रेणियों का कम या ज्यादा होना कैंडिडेट्स के प्रदर्शन और परीक्षा की कठिनाई स्तर दोनों को दर्शाता है। परीक्षा 13 सितंबर 2025 को बिहार के 37 जिलों में 912 केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें लाखों उम्मीदवार शामिल हुए थे। उदेश्य BPSC 71वीं प्रीलिम्स परीक्षा का रिजल्ट आया बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 18 नवंबर 2025 को 71वीं संयुक्त (प्रारंभिक) परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। रिजल्ट PDF में उन 14,261 उम्मीदवारों की सूची है जो प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए हैं। ये खबर भी पढ़े…सरकारी योजना: अल्पसंख्यक छात्रों को 15,000 रुपये प्रोत्साहन — आवेदन शुरू परीक्षा का पथ और पैनर यह परीक्षा 13 सितंबर 2025 को बिहार के 37 जिलों में 912 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। कुल 4,71,012 उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, लेकिन इसमें से 3,16,762 ही वास्‍तव में शामिल हुए। कट-ऑफ अंक (Cutoff) – श्रेणीवार विवरण BPSC ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से कट-ऑफ अंक भी जारी किए हैं, जो श्रेणी (Category) और लिंग (Gender) के हिसाब से अलग-अलग हैं। ये खबर भी पढ़े…IMD Recruitment 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग में 136 प्रोजेक्ट स्टाफ पदों पर भर्ती, करें अप्लाई मुख्य कट-ऑफ अंक इस प्रकार हैं: अनारक्षित (General): 88 अंक अनारक्षित महिला (General Female): 78 अंक EWS: 82.33, EWS महिला: 73.33 SC: 72; SC महिला: 60.33 ST: 71.33; ST महिला: 65.67 EBC & EBC महिला: 71.33 BC: 84; BC महिला: 73.67 BCL (बीसीएल श्रेणी): 71.67 स्वतंत्रता सेनानी के पोते / पोतियाँ: 66 विकलांगता वर्ग (PWD): VI (दृष्टिहीन) — 59.33, DD (द्विविधता दुर्घटना) — 48, OH (आर्थिक रूप से कमज़ोर / अन्य विकलांग) — 68.33, MD (मल्टी डिसएबिलिटी) — 48.33 आगे का स्टेज — PET / मेन्स रिजल्ट के मुताबिक, 13,368 उम्मीदवारों को PET (Physical Efficiency Test) के लिए चुना गया है। PET के बाद, सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा (Mains) में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। परीक्षा की महत्ता यह परीक्षा बहुत अहम है क्योंकि इसके माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, वित्त सेवा और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में नियुक्तियाँ होनी हैं। BPSC की ये भर्ती प्रक्रिया इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि यह बिहार की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। उम्मीदवारों के लिए सुझाव अपनी रोल नंबर PDF में Ctrl+F (सर्च) की मदद से खोजें कि आप सफल हुए हैं या नहीं। कट-ऑफ PDF डाउनलोड करें और देखें कि आपकी श्रेणी में कट-ऑफ कितना था। PET की तैयारी अभी से शुरू करें, क्योंकि यह अगला महत्वपूर्ण चरण है। BPSC की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से चेक करते रहें — मेन्स परीक्षा के शेड्यूल और नोटिस के लिए। ये खबर भी पढ़े…AFCAT 1 2026: एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन शुरू, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी FAQs BPSC 71वीं प्रीलिम्स में कुल कितने उम्मीदवार पास हुए हैं?BPSC ने 71वीं CCE प्रीलिम्स परीक्षा में 14,261 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया है BPSC 71वीं प्रीलिम्स कट-ऑफ अंक कैसे चेक कर सकते हैं?आप BPSC की आधिकारिक वेबसाइट (bpsc.bihar.gov.in) पर जाकर “Results” सेक्शन में 71वीं प्रीलिम्स रिजल्ट PDF डाउनलोड कर सकते हैं। वहाँ कट-ऑफ अंक श्रेणी-वार दिए गए हैं। कट-ऑफ से अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को आगे क्या करना होगा?जिन उम्मीदवारों ने कट-ऑफ अंक या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं, उन्हें PET (Physical Efficiency Test) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, और बाद में मेन्स परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। BPSC 71st Prelims Result 2025 Direct Link: कैसे चेक करें रिजल्टसबसे पहले बीपीएससी की ऑफिसियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर ‘What’s New’ सेक्शन पर क्लिक करें।यहां ‘71st BPSC Prelims Result 2025′ जाकर लिंक पर क्लिक करें।स्क्रीन पर बीपीएससी रिजल्ट की पीडीएफ खुल जाएगी, इसमें उम्मीदवारों का रोल नंबर और नाम चेक करें।इसके बाद आप पीडीएफ डाउनलोड करके उसका प्रिंटआउट भी ले लें।अभी रिजल्ट चेक करने के लिए इस Direct Link पर क्लिक करें

सरकारी योजना: अल्पसंख्यक छात्रों को 15,000 रुपये प्रोत्साहन — आवेदन शुरू

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अगर आप माइनॉरिटी कम्युनिटी से हैं और इंटर (12th), फोकानिया परीक्षा में फर्स्ट डिविज़न से पास हुए हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है! सरकार ने Minority Student Incentive Scheme के तहत अब ऐसे सभी मेधावी छात्रों को 15,000 रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह राशि आपकी आगे की पढ़ाई को आसान बनाएगी और आपको उच्च शिक्षा के लिए एक मजबूत शुरुआत देगी। आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, और आपको बस अपने ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स लेकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में आवेदन जमा करना है। योजना का उद्देश्य क्या है? सरकार ने माइनॉरिटी कम्युनिटी के मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक खास प्रेरक (­incentive) योजना शुरू की है। इसका नाम है मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना। इस योजना का मकसद उन छात्रों को आर्थिक सहारा देना है, जो बोर्ड परीक्षा (इंटर, मौलवी, फोकानिया) में प्रथम श्रेणी से सफल हुए हैं। यह राशि उन्हें अपने आगे के शिक्षा-सफर में बनाए रखने और बेहतर अवसरों की ओर ले जाने में मदद करेगी। ये खबर भी पढ़े…IMD Recruitment 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग में 136 प्रोजेक्ट स्टाफ पदों पर भर्ती, करें अप्लाई लाभार्थी कौन हैं? 2. जिन्होंने इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा में प्रथम श्रेणी (उच्च अंक) से पास किया है। 3. इसके अलावा, मौलवी परीक्षा में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण छात्राओं को भी यह लाभ मिलेगा। 4. साथ ही, फोकानिया परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास करने वाले छात्र/छात्राओं को भी यह प्रोत्साहन राशि मिलेगी। ये खबर भी पढ़े…Railway Recruitment 2025: साउथ ईस्टर्न रेलवे में 1785 अप्रेंटिस पदों की भर्ती — 10वीं पास युवा करें अप्लाई कितनी राशि मिलेगी? 2. यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, CFMS (केंद्रीय वित्त प्रबंधन प्रणाली) के ज़रिए। ये खबर भी पढ़े… आवेदन कैसे करें? सबसे पहले अपने विद्यालय, कॉलेज या मदरसे से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक और सही तरीके से भरें। फॉर्म जमा करते समय आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची तैयार रखें। इनमें अंकपत्र (मार्कशीट) और आधार कार्ड शामिल होना चाहिए। साथ ही बैंक पासबुक की प्रति संलग्न करें, जो आधार से लिंक हो तो बेहतर है। निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अल्पसंख्यक होने का स्व-घोषणा पत्र भी लगाएँ। सभी दस्तावेज़ों की स्व-प्रमाणित प्रतियों को अपने प्रधानाध्यापक या प्राचार्य से सत्यापित करवाएँ। अंत में पूरा फॉर्म और दस्तावेज़ जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में जमा कर दें। ये खबर भी पढ़े…AFCAT 1 2026: एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन शुरू, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी अब तक कितने लाभार्थी हुए हैं? पूर्णिया जिले में वित्तीय वर्ष 2024–25 में 2,031 लाभार्थी हुए। समग्र मिलाकर, इस योजना के तहत अब तक 23,690 छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है। बांका जिले में लगभग 900 प्रथम श्रेणी में पास हुए अल्पसंख्यक छात्रों को इस वर्ष 15,000 रुपये दिए जाने हैं। अधिकारियों की भूमिका और संदेश जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने स्कूली प्राचार्यों और मदरसों को निर्देश दिया है कि वे सूची तैयार कर योग्य विद्यार्थियों को आवेदन के लिए प्रेरित करें। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि यह योजना सिर्फ मदद नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए प्रेरणा है। जब विद्यार्थी मेहनत कर के प्रथम श्रेणी से पास होंगे, तो उन्हें यह पूरा इनाम मिलेगा और आगे पढ़ने का आत्मविश्वास भी बना रहेगा। विभाग का यह मानना है कि ऐसे छात्र, जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हुए भी मेधावी हैं, इस तरह की आर्थिक सहायता से उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं। योजना की लाभ- यह पहल बहुत मायने रखती है क्योंकि: यह शिक्षा-विराम रोकने में मदद करती है। जब छात्र देखें कि मेहनत करने से उन्हें आर्थिक रूप से भी इनाम मिलता है, तो वे आगे पढ़ाई जारी रखने में रुचि दिखाते हैं। अल्पसंख्यक समुदाय को मुख्यधारा के शिक्षा-संस्थानों के करीब लाता है। यह मेधावी विद्यार्थियों पर फोकस करती है, न कि सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोरों पर — इसलिए यह प्रतिभा को सम्मान देती है। छात्राओं (मुस्लिम मौलवी-परीक्षा पास) के लिए यह विशेष रूप से सहायक है, क्योंकि अक्सर लड़कियों को आगे पढ़ाई में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। FAQs क्या सभी अल्पसंख्यक विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र हैं?इस योजना के लिए इंटर (12वीं), मौलवी, और फोकानिया परीक्षा में प्रथम श्रेणी (उच्च अंक) से उत्तीर्ण होना ज़रूरी है। केवल इतनी ही छात्राएँ/छात्र या छात्राएं पात्र हैं, जो इन परीक्षाओं को पूरी तरह पास कर चुके हैं और उनके दस्तावेज़ सही हैं। आवेदन जमा करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए होंगे?आवेदन के दौरान निम्नलिखित दस्तावेज ज़रूरी हैं: अंकपत्र (12वीं या परीक्षा का), आधार कार्ड, बैंक पासबुक (आधार से जुड़ा हुआ), निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, और एक स्व-घोषणा पत्र जिसमें यह बताया जाए कि आप अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। प्रोत्साहन राशि कैसे मिलेगी और कब मिलेगी?योजना के तहत चयनित छात्र-छात्राओं को सीएफएमएस (CFMS) प्रणाली के ज़रिए सीधे उनके बैंक खाते में 15,००० रूपए भेजे जाएंगे। यह सुनिश्चित करता है कि राशि बीच में किसी और के हाथों में न जाए और लाभार्थी को सीधा लाभ मिले। आधिकारिक लिंक: https://scholarships.gov.in/https://scholarships.gov.in/https://medhasoft.bihar.gov.in/inter_2425/ अंतिम तिथि दिसंबर के पहले सप्ताह तक निर्धारित की गई है…

IMD Recruitment 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग में 136 प्रोजेक्ट स्टाफ पदों पर भर्ती, करें अप्लाई

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IMD Recruitment 2025 के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रोजेक्ट साइंटिस्ट, साइंटिफिक असिस्टेंट और एडमिन असिस्टेंट सहित कुल 134–136 पदों के लिए बड़ी भर्ती निकाली है। यदि आप विज्ञान, मौसम पूर्वानुमान, डेटा एनालिसिस या टेक्निकल फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए बेहद खास है, क्योंकि आवेदन प्रक्रिया 24 नवंबर 2025 से शुरू हो रही है। इस भर्ती में उम्मीदवारों को अच्छी सैलरी, रिसर्च-आधारित काम और देश की मौसम सेवाओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। इंट्रेस्टेड कैंडिडेट इस पद के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.यदि आप भी सरकारी प्रोजेक्ट में काम करने का सपना रखते हैं, तो समय रहते आवेदन ज़रूर करें। इम्पोर्टेन्ट डेट – 1. ऑनलाइन आवेदन शुरू: 24 नवंबर 2025 2. आवेदन की लॉस्ट डेट : 14 दिसंबर 20253. आवेदन मोड: सिर्फ ऑनलाइन, IMD की आधिकारिक वेबसाइट mausam.imd.gov.in से ये खबर भी पढ़े… AFCAT 1 2026: एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन शुरू, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी भर्ती विवरण और पद विभाजन IMD कुल 134-136 रिक्त पद भर रहा है, जो “Mission Mausam” स्कीम के प्रोजेक्ट स्टाफ के रूप में होंगे। पद का नाम संख्या (लगभग) Project Scientist E 1 पद Project Scientist III 13–14 पद Project Scientist II 23–29 पद Project Scientist I 64–71 पद Scientific Assistant 25 पद Admin Assistant 1–2 पद क्वालिफिकेशन- प्रोजेक्ट साइंटिस्ट (I / II / III / E): उम्मीदवारों के पास M.Sc (जैसे फ़िज़िक्स, मैथमैटिक्स, मौसम विज्ञान, एटमॉस्फेरिक साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यावरण विज्ञान) या B.Tech होनी चाहिए। कुछ उच्च पदों (जैसे E या III) के लिए Ph.D. (डॉक्टरेट) या M.Tech वांछित माना गया है। Scientific Assistant: बैचलर डिग्री (साइंस /कंप्यूटर/ IT / इलेक्ट्रॉनिक्स / टेलीकॉम) होना चाहिए। Admin Assistant: ग्रेजुएशन और कंप्यूटर स्किल ज़रूरी है। ये खबर भी पढ़े… Railway Recruitment 2025: साउथ ईस्टर्न रेलवे में 1785 अप्रेंटिस पदों की भर्ती — 10वीं पास युवा करें अप्लाई ऐज लिमिट – आवेदकों की उम्र 14 दिसंबर 2025 को आधार मानकर तय की गई है। अलग-अलग पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा अलग-अलग है: 1. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट E: 50 साल2. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट III: 45 साल3. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट II: 40 साल4. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट I: 35 साल साइंटिफिक / एडमिन असिस्टेंट: 30 साल ये खबर भी पढ़े…Central Agricultural University में बंपर भर्ती: 179 पदों पर शानदार मौका सिलेक्शन प्रोसेस – स्क्रीनिंग: पहले शैक्षणिक योग्यता, अनुभव आदि के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इंटरव्यू: शॉर्टलिस्ट किए गए लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। उसकी रिपोर्ट और मेरिट के आधार पर फाइनल चयन होगा। सैलरी पैकेज- चुने गए उम्मीदवारों को उनके पदानुसार वेतन 1. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट E: 1,23,100 2. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट III: 78,000रूपए 3. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट II: 67,000 रूपए4. प्रोजेक्ट साइंटिस्ट I: 56,000 रूपए5. साइंटिफिक/ एडमिन असिस्टेंट: 29,200 रूपए नौकरी की अवधि ये पद कांट्रैक्ट बेसिस पर हैं, यानी अस्थायी नियुक्ति होगी। शुरुआत में ये एक साल के लिए होंगे, लेकिन प्रदर्शन के आधार पर 31 मार्च 2026 तक विस्तार किया जा सकता है। पोस्टिंग लोक-स्थिति (जॉब लोकेशन) IMD की ज़रूरत के हिसाब से दिल्ली, पुणे या अन्य IMD केंद्रों में हो सकती है। क्यों है यह भर्ती महत्वपूर्ण? यह Mission Mausam Scheme के अंतर्गत है, जो मौसम विज्ञान, क्लाइमेट मॉडलिंग, एग्रो-मेटरोलॉजी, हाइड्रो-मेटरोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करता है। वैज्ञानिकों और असिस्टेंट स्टाफ को मौसम पूर्वानुमान, डेटा संग्रह, विश्लेषण और नेटवर्क ऑपरेशन जैसे महत्वपूर्ण काम करने का मौका मिलेगा। ये नौकरी सिर्फ सैलरी ही नहीं देती, बल्कि वैज्ञानिक अनुभव भी देती है – खासकर उन लोगों को जो मौसम विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान या एटी स्क्रिप्शन में करियर बनाना चाहते हैं। कैसे करें आवेदन – IMD की आधिकारिक वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर जाएँ। “Recruitment” सेक्शन में 02/2025 विज्ञापन ढूंढें। ऑनलाइन फॉर्म भरें — पर्सनल, एजुकेशनल, अनुभव वगैरह की जानकारी दें। ज़रूरी दस्तावेज अपलोड करें: फोटो, सिग्नेचर, मार्कशीट, अनुभव प्रमाणपत्र आदि। फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंटआउट निकालकर रख लें भविष्य के लिए। सावधानियाँ और सुझाव- आवेदन करते समय नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें, क्योंकि क्वालीफिकेशन, अनुभव और उम्र की सीमा पद-दर-पद अलग-अलग हो सकती है। आवेदन के बाद इंटरव्यू कॉल या अपडेट्स के लिए IMD की वेबसाइट नियमित देखें। क्योंकि यह कांट्रैक्ट जॉब है, इसलिए नौकरी की परमानेन्सी नहीं हो सकती — लेकिन यह अनुभव बनाने के लिए एक शानदार अवसर है। सभी दस्तावेज साफ़ और सही स्कैन किए हुए अपलोड करें — गलत या अस्पष्ट दस्तावेज़ द्वारा आवेदन रद्द हो सकता है। FAQs – प्रश्न 1: IMD Recruitment 2025 में कौन-कौन से पद हैं?उत्तर: इस भर्ती में प्रोजेक्ट साइंटिस्ट (E, III, II, I), प्रोजेक्ट साइंटिस्ट और एडमिन असिस्टेंट जैसे पद शामिल हैं। प्रश्न 2: IMD नी “प्रोजेक्ट साइंटिस्ट E” का अर्थ क्या है और इस पद के लिए आयु सीमा कितनी है?उत्तर: “प्रोजेक्ट साइंटिस्ट E” सबसे वरिष्ठ प्रोजेक्ट साइंटिस्ट लेवल में से एक है। इस पद की अधिकतम आयु सीमा 50 साल है, जैसा कि नोटिफिकेशन में कहा गया है।प्रश्न 3: क्या IMD Recruitment 2025 में आवेदन शुल्क है?उत्तर: उपलब्ध सूचनाओं (जैसे RojgarLive) में कोई आवेदन शुल्क स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है।

AFCAT 1 2026: एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन शुरू, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी

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AFCAT 1 2026: एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन शुरू, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी सरकारी नौकरी की चाहत में कई युवा हर साल बड़ी उम्मीदों के साथ एयर फ़ोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी AFCAT का इंतजार करते हैं, और इस बार आपका इंतजार खत्म हो चुका है। AFCAT 1 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 नवंबर 2025 से शुरू हो गई है, जिससे भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सुनहरा मौका फिर सामने आया है। इस भर्ती में फ्लाइंग ब्रांच के लिए 20 से 24 वर्ष और ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल-नॉन टेक्निकल ब्रांच के लिए 20 से 26 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है। AFCAT 1 2026 इंडियन एयर फोर्स (IAF) का एक भर्ती एग्जाम है। इसके ज़रिये IAF में फ्लाइंग ब्रांच और ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल) दोनों प्रकार की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती में फ्लाइंग ब्रांच के लिए 20 से 24 वर्ष और ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल-नॉन टेक्निकल ब्रांच के लिए 20 से 26 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है। AFCAT 1 2026 की तारीखें1. ऑनलाइन आवेदन 10 नवंबर 2025 से शुरू हुए।2. आवेदन की आखिरी तारीख 9 दिसंबर 2025 है। 3. कोर्स की शुरुआत जनवरी 2027 में होने की संभावना है। AFCAT 1 2026 के लिए पात्रता – AFCAT में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कुछ निर्धारित शैक्षणिक और आयु-मानदंडों को पूरा करना होगा: ये खबर भी पढ़े…10वीं के बाद पढ़ाई आसान, Post Matric Scholarship देगी पूरा खर्च आयु सीमा – 1. फ्लाइंग ब्रांच: उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए (1 जनवरी 2027 के मद्देनज़र)। 2. यदि किसी उम्मीदवार के पास चालू और वैध DGCA कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) है, तो आयु सीमा 26 साल तक बढ़ाई गई है। 3. ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल): उम्र 20 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए (1 जनवरी 2027 के अनुसार)। ये खबर भी पढ़े…MICA का 25 हफ्तों का ऑनलाइन प्रोग्राम, ऐसे बनें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शैक्षणिक योग्यता – 1. फ्लाइंग ब्रांच: 12वीं में गणित और फिजिक्स होना ज़रूरी है + ग्रेजुएशन (बीए/बीएससी/बीटेक) या संबंधित इंजीनियरिंग डिग्री। 2. ग्राउंड ड्यूटी तकनीकी शाखा: 12वीं (मैथ + फिजिक्स) + BE / BTech / MSc जैसी तकनीकी डिग्री। 3. ग्राउंड ड्यूटी गैर-तकनीकी शाखा: स्नातक (Graduation) किसी मान्यता प्राप्त विषय में। 4. NCC स्पेशल एंट्री (Flying): NCC एयर विंग सीनियर डिविजन ‘C’ सर्टिफिकेट चाहिए। ये खबर भी पढ़े…AF Vacancy 2026: इंडियन एयर फोर्स में ग्राउंड ड्यूटी के लिए भर्ती शुरू अन्य पात्रता– 1. राष्ट्र-त्व: उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।2. वैवाहिक स्थिति: चयन और ट्रेनिंग के दौरान विवाह नहीं किया गया हो (कुछ मामलों में नियम होते हैं)।3. शारीरिक मानक: न्यूनतम ऊँचाई और अन्य फिटनेस मानक होंगे। उदाहरण के लिए, मेटेरोलॉजी एंट्री में अधिकांश उम्मीदवारों के लिए शारीरिक फिटनेस महत्वपूर्ण है। ये खबर भी पढ़े…NHM महाराष्ट्र में 1974 CHO भर्ती, युवाओं के लिए शानदार नौकरी का मौका AFCAT 1 2026 आवेदन प्रक्रिया – यहाँ आसान स्टेप्स में बताया गया है कि AFCAT 01/2026 के लिए आवेदन कैसे करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: afcat.cdac.in या afcat.edcil.co.in। होमपेज पर “AFCAT 01/2026 Registration” लिंक पर क्लिक करें। “Not Yet Registered? Register Here” पर क्लिक कर अपनी बेसिक जानकारी (ई-मेल, मोबाइल) भर कर पंजीकरण करें। पंजीकरण के बाद साइन इन करें और व्यक्तिगत, शैक्षणिक, और संचार जानकारी भरें। अपना फोटो, सिग्नेचर और अन्य ज़रूरी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क (Fee) ऑनलाइन जमा करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और उसका प्रिंट आउट अपने पास सुरक्षित रखें। AFCAT 1 2026 फीस – AFCAT एंट्री (Flying, ग्राउंड ड्यूटी) के लिए आवेदन शुल्क 550 रूपए है। शुल्क ऑनलाइन मोड (नेट बैंकिंग, कार्ड, UPI आदि) से जमा किया जा सकता है। NCC स्पेशल एंट्री के लिए कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि कोई फीस नहीं है (आधिकारिक सूचना देखें)। AFCAT 1 2026 चयन प्रक्रिया- AFCAT 01/2026 में चयन इस प्रकार होगा: ऑनलाइन परीक्षा (AFCAT टेस्ट और Engineering Knowledge Test (EKT) तकनीकी उम्मीदवारों के लिए) AFSB इंटरव्यू – इसमें व्यक्तित्व टेस्ट, ग्रुप टास्क, और पर्सनैलिटी असेसमेंट होगा। मेडिकल परीक्षा — चुने गए उम्मीदवारों को एयर फोर्स की मेडिकल फिटनेस मानकों को पूरा करना होगा। आखिर में मेरिट लिस्ट आधारित परिणाम जारी किया जाएगा। वेतन और ट्रेनिंग – 1. ट्रेनिंग के दौरान कैंडिडेट को 56,100 रूपए प्रति माह स्टाइपेंड मिलेगा। 2.. कमीशन के बाद (पसैंडिंग ट्रेनिंग) वेतन 56,100रूपए से 1,77,500 रूपए तक हो सकता है (लेवल 10) + एमएसपी (MSP)15,500रूपए । 3. चयनित उम्मीदवारों को एयर फोर्स अकादमी, डुंडिगल (Hyderabad) में ट्रेनिंग मिलने की संभावना है।मैं क्यों AFCAT 1 2026 के लिए आवेदन करूँ?4. यह वायु सेना में ऑफिसर बनने का शानदार मौका है।5. फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी दोनों में करियर विकल्प उपलब्ध हैं।6. SSC के जरिए सेवा का अनुभव मिलेगा।7. चुनिंदा उम्मीदवारों को IAF की प्रतिष्ठित ट्रेनिंग अकादमी में ट्रेनिंग मिलेगी।वादा किया गया वेतन और भत्ते (MSP) बहुत आकर्षक हैं। FAQs Q1: AFCAT 1 2026 के लिए न्यूनतम आयु और अधिकतम आयु क्या है?A1: फ्लाइंग ब्रांच के लिए आयु सीमा 20-24 वर्ष है, और ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल/नॉन-टेक्निकल) के लिए 20-26 वर्ष तक। अगर आपके पास कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) है, तो फ्लाइंग ब्रांच की अधिकतम आयु 26 साल तक रिलीफ हो सकती है। Q2: AFCAT 1 2026 में आवेदन करने के लिए मेरी शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए?A2: फ्लाइंग ब्रांच के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स + ग्रेजुएशन (बीए, बीएससी, बीई, बीटेक) चाहिए। ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल के लिए BTech या MSc जैसी टेक्निकल डिग्री होनी चाहिए। ग्राउंड ड्यूटी नॉन-टेक्निकल के लिए किसी मान्यता प्राप्त विषय में स्नातक डिग्री पर्याप्त है। Q3: AFCAT 1 2026 का आवेदन शुल्क कितना है और इसे कैसे जमा किया जाएगा?A3: AFCAT 1 2026 का आवेदन शुल्क 550रूपए है जो ऑनलाइन मोड जैसे नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, UPI आदि से जमा किया जाएगा। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, NCC स्पेशल एंट्री के लिए फीस नहीं हो सकती है — उम्मीदवार नोटिफिकेशन देखना चाहिए।