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Indian Railway: टिकट चेकिंग में 4.16 लाख मामले पकड़े, 26.70 करोड़ का राजस्व

Railway News

Indian Railwaya 4.16 lakh cases detected during ticket checking revenue of Rs 26.70 crore भोपाल। पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में यात्री गाड़ियों एवं स्टेशनों पर समय-समय पर चलाए गए टिकट जांच अभियानों में चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से नवम्बर 2025 तक कुल 4.16 लाख मामले पकड़े और अतिरिक्त किराया एवं जुर्माना सहित कुल 26 करोड़ 70 लाख रूपए का राजस्व अर्जित किया है। जुर्माना वसूल नवम्बर माह कि बात केवल करें तो भोपाल मण्डल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जाँच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 52,560 प्रकरण से रेलवे ने 3 करोड़ 42 लाख रुपये का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है। रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि बिना टिकट यात्रा ना करें। उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा ना हो। वाणिज्य विभाग एवं आरपीएफ के समनव्य से पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराने के उद्द्येश्य से ट्रेनों में टिकट चैकिंग अभियान आगे भी चलाये जाते रहेंगे।

MP News: सागर–दमोह मार्ग चार लेन में बदलेगा, ₹2059.85 करोड़ की परियोजना

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Sagar-Damoh road to be converted into four lanes ₹2059.85 crore project भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद बैठक में सागर–दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने की ₹2059.85 करोड़ की परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत स्वीकृति दी गई। इसमें 40% राशि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा और शेष 60% राशि राज्य बजट से 15 वर्ष तक 6-माही एन्यूटी के रूप में वहन की जाएगी। कनेक्टिविटी बढ़ाएगा यह महत्वपूर्ण मार्ग सागर और दमोह को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूत गति मिलेगी। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण, तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बान्सा में 4 बायपास शामिल हैं। सड़क सुरक्षा के लिए 21 स्थानों पर कर्व सुधार तथा 13 बड़े जंक्शनों पर VUP प्रस्तावित हैं। विंध्य विकास पथ बता दें कि 10,300 पीसीयू वर्तमान यातायात दबाव और भविष्य में 17,000 पीसीयू की संभावना को देखते हुए 4-लेन निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग ‘विंध्य विकास पथ’ का हिस्सा है, जिससे कटनी दिशा में भविष्य का 4-लेन कॉरिडोर भी सुदृढ़ होगा। मार्ग के उन्नयन से यात्रा समय में कमी, दुर्घटनाओं में गिरावट, ईंधन की बचत और परिवहन तंत्र में व्यापक सुधार होगा। क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, दमोह के खनिज संसाधनों और कुंडलपुर सहित पर्यटन स्थलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बुंदेलखंड विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

MPRDC: 8 दिसंबर तक हर पुल की पूरी रिपोर्ट जमा करने के निर्देश, एमडी ने ली बैठक

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MPRDC Instructions to submit complete report of every bridge MD held a meeting भोपाल। प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी भरत यादव द्वारा निगम के अधीन संधारित सभी पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। प्रबंध संचालक यादव ने बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी 08 दिसंबर तक निगम अंतर्गत संधारित प्रत्येक पुल का निरीक्षण कर जारी किये गए प्रमुख तकनीकी व सुरक्षा मानको के अनरूप जानकारी पूर्ण कर निर्धारित प्रारूप में स्थल के जियो-टैग फोटोग्राफ्स सहित अनिवार्य रूप से प्रेषित करें, ताकि पुलों की सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिति का समय पर मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। प्रमुख तकनीकी व सुरक्षा निर्देश • मौजूदा पुलों की सीमेंट कांक्रीट वियरिंग कोट पर किसी भी स्थिति में B.T. ओवरले नहीं किया जाए; IRC:SP:59-2019 के अनुसार DPR में मैस्टिक ऐस्फाल्ट लेयर शामिल की जाए। • निर्माण एवं मरम्मत कार्य में IRC:SP:55-2014 के अनुरूप Work-Zone Safety सहित सभी सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए। • ब्रिज रेस्टोरेशन की कार्य-विधि मुख्यालय के CE एवं ब्रिज सलाहकार से अनुमोदित कराई जाए। • अत्यधिक क्षतिग्रस्त/असुरक्षित पुलों पर जिला कलेक्टर से अनुमति लेकर वैकल्पिक मार्ग बनाकर आवागमन पूर्णत: रोका जाए। • मरम्मत/सुधार कार्य हेतु केवल अनुभवी एजेंसी का चयन किया जाए तथा RFP में विशेष शर्तें जोड़ी जाएं। • जोनल एजेंसी के माध्यम से किसी भी स्थिति में मरम्मत कार्य न कराया जाए, जैसा कि बरेली ब्रिज मामले में त्रुटियाँ मिली थीं। • सभी GM/CE अपने औचक निरीक्षण में Very poor एवं poor कैटेगरी के पुलों के निरीक्षण को अनिवार्य रूप से सम्मिलित करें। • प्रत्येक पुल की मरम्मत ब्रिज विशेषज्ञ/एडवाइजर की निगरानी में कराई जाए। • पुल संधारण/पुनर्निर्माण हेतु नुक़सान के आंकलन व अनुशंसा के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किया जाएगा जो कार्य पूर्ण होने पर तकनीकी प्रमाणन करेगा। • नए एवं अच्छी स्थिति वाले पुलों पर Protective Coatings (Anti-carbonation, Steel Painting) सुनिश्चित किए जाएं। • नए पुल चालू होने के बाद पुराने क्षतिग्रस्त पुलों पर आवागमन रोका जाए। • Very poor एवं poor ब्रिज पर चेतावनी साइनबोर्ड (धीमे चलें/गति-सीमा) तथा दोनों ओर स्पीड ब्रेकर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। • जो पुल MPRDC के नहीं हैं, लेकिन Very poor/poor सूची में हैं, उनके संबंध में संबंधित विभाग को पत्र/ई-मेल द्वारा तत्काल सूचित कर मुख्यालय को भी जानकारी भेजी जाए। • सभी संभागीय प्रबंधक अपने अधीनस्थ AGM/Manager के बीच उचित कार्य-विभाजन कर इसकी सूचना मुख्यालय को दें।• मैस्टिक ऐस्फाल्ट/बिटुमिनस वियरिंग कोट बिछाते समय Expansion Joints किसी भी स्थिति में ब्लॉक/ओवरले न हों; नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। • साधारण संधारण जैसे रंगाई-पुताई, साइनज फिक्सिंग, रैलिंग/क्रैश बैरियर/सुरक्षा उपकरणों की मरम्मत जोनल एजेंसी से कराई जाए। • Deck एवं Approach Drainage System का नियमित रखरखाव आवश्यक है। • River/Nalla Training व वेजिटेशन क्लियरेंस समय-समय पर की जाए; पुलों के नीचे/आसपास प्राकृतिक बहाव बाधामुक्त रखा जाए। • High Flood Level (HFL) की सतत मॉनिटरिंग एवं वार्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। • सभी पुलियों की Barrel Cleaning एवं Wingwall/Headwall का नियमित रखरखाव किया जाए। • आवश्यकतानुसार IRC गाइडलाइन अनुसार Load Carrying Capacity व Structural Adequacy का परीक्षण कराया जाए। • Very poor/poor कैटेगरी एवं हस्तांतरित पुलों का UPV, Core Test, Carbonation, Chloride Test एवं IRC:6/IRC:78 अनुसार Seismic/Structural Vulnerability Test कराया जाए; Geo-tag आधारित फोटो दस्तावेज़ भी अनिवार्य। • Utility Lines/Pipelines हेतु संबंधित विभागों से समन्वय कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए; नुकसान पाए जाने पर वैकल्पिक उपाय सुनिश्चित कराए जाएं; MORTH व IRC:98-2013 के निर्देशों का पालन किया जाए। अतिरिक्त तकनीकी निर्देश • Strip Seal/Rubber Cascade Joints का नियमित रखरखाव, EPDM/Rubber Element की तिमाही जांच एवं आवश्यकता अनुसार परिवर्तन। • स्कॉरिंग व Structural Exposure की नियमित जांच व मरम्मत। • Bearings की Functional Condition व Substructure Defects (Crack, Honeycombing, Seepage) की जांच और सुधार। • Superstructure Underside/Girder Soffit का नियमित निरीक्षण व सुधार। • Bridge Approach, Settlement & Transition Slab का सतत निरीक्षण व सुधार। • सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद पालन प्रतिवेदन मुख्यालय को अनिवार्य रूप से भेजा जाए। निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाये।

Bhopal News: ऑरीगेमी कार्यशाला, मानसिकमंद- बौद्धिक दिव्यांग विद्यार्थियों का कार्यक्रम

Origami Workshop

Origami Workshop Special Programme for Mentally Retarded – Intellectually Disabled Students भोपाल। क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय भोपाल (राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, नई दिल्ली का क्षेत्रीय केंद्र) द्वारा मानसिकमंद/बौद्धिक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए “ऑरीगेमी कार्यशाला एवं प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मीरियम स्कूल फॉर द मेंटली हैंडीकैप्ड, भोपाल और उमंग गौरवदीप वेल्फेयर सोसाइटी के कुल 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण दिया कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें प्राणी-जगत की विविधता और उसके महत्व से परिचित कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत में संग्रहालय की कार्यालय अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक-डी, डॉ. बीनिश रफ़त ने ऑरीगेमी विशेषज्ञ विनय सप्रे (सेवानिवृत्त वरिष्ठ अनुदेशक, जवाहर बाल भवन, भोपाल) तथा उपस्थित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यशाला के दौरान श्री सप्रे ने विद्यार्थियों को ऑरीगेमी कला के माध्यम से विभिन्न प्राणियों जैसे—सारस और बतख—बनाने का प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न आकृतियाँ तैयार कीं। प्रतियोगिता में: विजेता घोषित किए गए। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन संग्रहालय के वैज्ञानिक-सी एवं कार्यक्रम समन्वयक श्री मानिक लाल गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

MP Police: 73 लाख की ठगी टली, “डिजिटल अरेस्ट” के झांसे से बुजुर्ग को बचाया

MP Police

MP Police 73 lakh rs fraud averted elderly man saved from digital arrest hoax भोपाल। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और जन–जागरूकता के लिए निरंतर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत बैतूल पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” जैसे खतरनाक साइबर जाल से एक रिटायर्ड बुजुर्ग को मुक्त कराते हुए उनकी 73 लाख रुपये की जीवनभर की जमा-पूंजी को बचाया। पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल एक बड़ी ठगी रोकी गई, बल्कि साइबर अपराधियों की साजिश भी विफल हुई। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम तथा थाना प्रभारी सारणी जयपाल इनवाती के मार्गदर्शन में पाथाखेड़ा पुलिस टीम द्वारा की गई। एफडी तुड़वाने का दबाव पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़ित चैतराम नरवरे, निवासी अशोका गार्डन, भोपाल (रिटायर्ड WCL कर्मचारी) को वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं को ईडी–सीबीआई अधिकारी बताने वाले ठगों ने झूठे मनी–लॉन्ड्रिंग आरोपों में फंसाकर भारी धनराशि देने का दवाब बनाया। ठगों ने उन्हें पाथाखेड़ा, सारणी बुलाकर होटल के कमरे में “डिजिटल अरेस्ट” रखा, परिवार से बात करने से रोका एवं बैंक में उनकी एफडी तुड़वाने का दबाव बनाया। पीड़ित अपनी एफडी तुड़वाकर ठगों को देने के लिए बैंक से RTGS फॉर्म तक लेकर आ गए थे। पीड़ित के परिजनों द्वारा लगातार संपर्क न हो पाने पर अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सहयोग नहीं किया पाथाखेड़ा पुलिस टीम ने सूचना मिलते ही तुरंत मोबाइल लोकेशन ट्रैक की, जो राजेश गेस्ट हाउस, बगडोना में मिली। पुलिस जब होटल पहुँची, तो पीड़ित चैतराम नरवरे मानसिक रूप से सदमे की स्थिति में थे और तीन दिनों से चल रहे घटनाक्रम पर विश्वास नहीं कर पा रहा थे। उन्होंने प्रारंभ में पुलिसकर्मियों का भी सहयोग नहीं किया और “डिजिटल अरेस्ट” को सच मान बैठे थे। पुलिस टीम ने धैर्यपूर्वक समझाइश देकर उनका भ्रम दूर किया तथा उन्हें सुरक्षित गेस्‍ट हाउस से बाहर निकालकर परिजनों से मिलवाया। समय पर की गई इस कार्रवाई से 73 लाख रुपये की ठगी टल गई। धमकाने का प्रयास मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई शब्द या प्रक्रिया भारतीय कानून में कहीं भी अस्तित्व में नहीं है। कोई भी जांच एजेंसी—चाहे वह पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य विभाग हो—वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को न तो गिरफ्तार कर सकती है और न ही धनराशि की मांग कर सकती है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर ऑनलाइन माध्यम से आपको डराने या धमकाने का प्रयास करता है, तो समझ लें कि यह साइबर ठगी है। कृपया ऐसी किसी भी कॉल पर विश्वास न करें, अपनी निजी/बैंकिंग जानकारी साझा न करें और तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) अथवा नजदीकी थाने को सूचना दें।

MCU Bhopal: ‘भारत की भारतीय अवधारणा’ पर युवा संवाद, सनातन संस्कृति पर चर्चा

MCU Bhopal

MCU Bhopal Youth dialogue on ‘Indian concept of India भोपाल। सुपरिचित चिंतक डॉ. मनमोहन वैद्य ने भारत की भारतीय अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा है कि राष्ट्र का अर्थ नेशन नहीं है। भारत में एक राजा और एक भाषा नहीं थी किंतु उत्तर से दक्षिण तक समाज अध्यात्म और संस्कृति के मूल्यों से एकरूप रहा है। इसने ही सनातन राष्ट्र का निर्माण किया। यह समाज राज्याश्रित नहीं था और स्वदेशी समाज था। हम और यह विश्व डॉ. वैद्य माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संवाद को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन विद्यार्थियों के अध्ययन मंडल व पत्रकारिता विभाग ने संयुक्त रूप से किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की। डॉ. वैद्य की इस सिलसिले में हाल में एक पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ प्रकाशित हुई थी जिसका पिछले दिनों ही राजधानी में लोकार्पण हुआ था। डॉ.वैद्य ने कहा कि भारतीय समाज पूरी तरह आत्मनिर्भर था और यह आयात नहीं, निर्यात करता था। विश्व के व्यापार में हमारी लगभग दो तिहाई भागीदारी थी जितनी ब्रिटेन व अमेरिका की मिलाकर भी नहीं थी। राष्ट्र के घर-घर में उद्यम होता था। वैद्य ने कहा उद्योग में मातृशक्ति का अद्भुद योगदान होता था। हमारे घर संपदा निर्माण के केन्द्र थे। इसी वजह से गृहिणी को गृहलक्ष्मी कहा गया है। आपने कहा कि उत्पादन में प्रचुरता, वितरण में समानता और उपभोग में संयम-यही भारत का विचार है। डॉ. वैद्य ने कहा कि भारत में सांस्कृतिक विविधता नहीं थी अपितु एक ही संस्कृति विविध रूपों में प्रकट होती है। आध्यात्मिकता ने भारत के विचार को गढ़ा है। हमने विश्व कल्याण की बात की है। उन्होंने पराभूत मानसिकता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2014 के बाद से भारत की बात को फिर से दुनिया में सुना जा रहा है। धर्म का व्यापक अर्थ द संडे गार्जियन ने अपने संपादकीय में लिखा था कि भारत फिर से स्वाधीन हुआ है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि धर्म भारतीय अवधारणा है जिसका कोई अंग्रेजी पर्याय नहीं है। भारत में धर्म का व्यापक अर्थ रहा है। समाज के उपकार के लिए उसको लौटाना धर्म माना गया। भारत धर्म पर चला। लोकसभा से लेकर हमारी तमाम बड़ी संस्थाओं के बोधवाक्य को धर्म से लिया गया। तिरंगे के बीच अशोक चक्र वास्तव में धर्मचक्र है जिसका प्रवर्तन राजा अशोक ने किया। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता भारतीय शब्द नहीं है। यह शब्द ईसाईयत के सत्ता में हस्तक्षेप के बाद सरकारों का चरित्र तय करने के लिए पश्चिम का गढ़ा गया शब्द है। 1976 में बिना किसी बहस के इसे भारतीय संविधान में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य को धर्म से ऊपर उठकर काम करना चाहिए, व्यक्ति धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि भारत क्या है और इसे समझने के लिए हमारी दृष्टि क्या होनी चाहिए, यह डॉ. मनमोहन वैद्य के चिंतन व लेखन से स्पष्ट होता है। पत्रकारिता दुनिया को 360 डिग्री से देखने की कला है। यह दृष्टिकोण पत्रकारिता विश्वविद्यालय देता है। उन्होंने हम और यह विश्व की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें अल्लामा इकबाल के हम बुलबुले हैं इसको लेकर सर्वथा नया दृष्टिकोण दिया गया है। डॉ. वैद्य ने इसे आगे बढ़ाते हुए कहा कि बुलबुले बाग में संकट आने पर उड़ जाती हैं, पौधे जल जाते हैं किंतु बाग से डिगते नहीं हैं। हम सब इस बाग के पौधे हैं। कार्यक्रम का संचालन छात्र राजवर्धन सिंह ने किया। नाटक का मंचन आज भोपाल. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय में 3 दिसंबर बुधवार को नाटक ‘फिल्म स्टार पाटोल बाबू’ का मंचन किया जाएगा। सृजन श्रृंखला की द्वितीय कड़ी के रूप में रंग माध्यम नाट्य संस्था की यह प्रस्तुति गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में दोपहर 3ः00 बजे होगी। नाटक का निर्देशन दिनेश नायर ने किया है।

Kashi Tamil Sangamam: प्रधानमंत्री मोदी की पहल,  प्रदर्शनी का उद्घाटन 

Kashi Tamil Sangamam

Kashi Tamil Sangamam Initiative of Prime Minister Modi inauguration of exhibition नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन  ने 02 दिसंबर से  वाराणसी के नमो घाट पर शुरू हो रहे ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ में “काशी एवं तमिल की संस्कृति, महान व्यक्तित्वों एवं केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी नीतियों” विषय पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन  ने  कहा कि  ‘काशी तमिल संगमम्’  का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे जहां एक ओर काशी और तमिल की संस्कृति को  आपस में  जानने का अवसर मिलता है वहीं दूसरी ओर इससे हमारे राष्ट्र की एकता और अखंडता को और अधिक मजबूती मिलती है। डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि ‘काशी तमिल संगमम्’ प्रत्येक वर्ष अलग – अलग विषयों पर आयोजित किया जाता है, यह काशी तमिल संगमम् का चतुर्थ संस्करण है तथा इसका विषय है ‘तमिल करकलाम’ जिसका अर्थ है आइए तमिल सीखें। केंद्रीय मंत्री ने कहा इस प्रकार के आयोजन से काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों से स्थापित सांस्कृतिक संबंध और भी मजबूत होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये जी.एस.टी. सुधार एवं श्रम कानून सुधारों से देश की आम जनता को अत्यधिक फायदा हो रहा है।  काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने वाले ‘काशी तमिल संगमम्’ के इस चतुर्थ संस्करण में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगायी गयी चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु एवं काशी की महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान एवं उनकी उपलब्धियां को दर्शाया गया है। चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु की महान विभूतियों जैसे ऋषि अगस्त्य, तमिल महिला कवि संत अव्वैयार, तमिल कवि संत तिरुवल्लुवर, कवयित्री और संत कारैकल अम्माइयार, भक्ति आंदोलन की कवि एवं संत अंडाल (कोधाई), थिरूनावुक्कारसर, तमिल कवि और समाज सुधारक श्री रामलिंग स्वामी (वल्लालर), तमिल विद्वान यू. वी. स्वामीनाथ अय्यर,  अग्रणी समाज सुधारक, चिकित्सक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ब्रिटिश भारत में पहली महिला विधायक डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी, गणितज्ञ श्री निवास रामानुजन, अविष्कारक और उद्योगपति जी.डी. नायडू, खगोलशास्त्री सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, भारत में हरित क्रांति के जनक डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, नोवेल पुरस्कार विजेता वेंकटरामन रामकृष्णन, स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, नोबेल पुरस्कार विजेता एवं महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सुप्रसिद्ध राजनेता एवं भारत रत्न के. कामराज, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध राजनेता चिदंबरम सुब्रमण्यम, महान अभिनेता एवं राजनेता एम. जी. रामचंद्रन इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों एवं शब्दों में दर्शाया गया है।  इसी प्रकार काशी की महान विभूतियां जैसे संत कबीरदास, संत रविदास, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय, सुप्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान, विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पंडित रविशंकर, महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों शब्दों के माध्यम से दर्शाया गया है।  चित्र प्रदर्शनी में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किये जा रहे सरकार के जन कल्याणकारी नीतियों, प्रयासों एवं योजनाओं को भी दर्शाया गया है। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा हाल में श्रम सुधार के लिए बनाये गये कानूनों, विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी के दरों को कम करने के लिये किए गये प्रयासों की जानकारी दर्शकों और जनसामान्य के लिए प्रदर्शित की गई है। यह प्रदर्शनी जनता के दर्शन के लिये 15 दिसंबर तक निरंतर रहेगी। https://platform.twitter.com/embed/Tweet.html?dnt=false&embedId=twitter-widget-0&features=eyJ0ZndfdGltZWxpbmVfbGlzdCI6eyJidWNrZXQiOltdLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X2ZvbGxvd2VyX2NvdW50X3N1bnNldCI6eyJidWNrZXQiOnRydWUsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9iYWNrZW5kIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19yZWZzcmNfc2Vzc2lvbiI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZm9zbnJfc29mdF9pbnRlcnZlbnRpb25zX2VuYWJsZWQiOnsiYnVja2V0Ijoib24iLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X21peGVkX21lZGlhXzE1ODk3Ijp7ImJ1Y2tldCI6InRyZWF0bWVudCIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZXhwZXJpbWVudHNfY29va2llX2V4cGlyYXRpb24iOnsiYnVja2V0IjoxMjA5NjAwLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X3Nob3dfYmlyZHdhdGNoX3Bpdm90c19lbmFibGVkIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19kdXBsaWNhdGVfc2NyaWJlc190b19zZXR0aW5ncyI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdXNlX3Byb2ZpbGVfaW1hZ2Vfc2hhcGVfZW5hYmxlZCI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdmlkZW9faGxzX2R5bmFtaWNfbWFuaWZlc3RzXzE1MDgyIjp7ImJ1Y2tldCI6InRydWVfYml0cmF0ZSIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfbGVnYWN5X3RpbWVsaW5lX3N1bnNldCI6eyJidWNrZXQiOnRydWUsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9mcm9udGVuZCI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9fQ%3D%3D&frame=false&hideCard=false&hideThread=false&id=1995823681273278662&lang=en&origin=https%3A%2F%2Fwww.pib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D2197699%26reg%3D3%26lang%3D2&sessionId=908a61c9c7fba83a0e7875e14ba55efd124323e3&theme=light&widgetsVersion=2615f7e52b7e0%3A1702314776716&width=550px

IAS Santosh Verma: सांसद आलोक शर्मा ने की केंद्रीय मंत्री से शिकायत, बख्शा नहीं जाएगा

MP Alok Sharma

IAS Santosh Verma MP Alok Sharma complains to Union Minister भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा दिए विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। समाज में रोष सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह को सौंपे ज्ञापन में कहा कि आईएएस संतोष वर्मा ने सार्वजनिक मंच से जाति-विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। उनके कथन से भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी समुदाय विशेष के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रत्यक्ष आघात पहुंचाती है। विभाजन को बढ़ावा सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि संतोष वर्मा ने दिए बयान में कहा था कि “जब तक एक व्यक्ति अपने बेटे को किसी विशेष समुदाय की बेटी से संबंध या दान नहीं देता, तब तक आरक्षण छोड़ने का कोई विचार नहीं होगा।” श्री शर्मा ने कहा कि यह बयान न केवल जाति और लैंगिक आधार पर भेदभावपूर्ण है, बल्कि सामाजिक तनाव और विभाजन को बढ़ावा देने वाला भी है। ऐसे बयान महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की गई ऐसी टिप्पणी जनता के बीच अविश्वास और आक्रोश पैदा करती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत घातक है।केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Police QR: अब कोड से थानों की ‘हकीकत’ बताएगी जनता, बढ़ेगी जवाबदेही

Police QR

Police QR codes will now tell the public the reality of police stations भोपाल। राजधानी भोपाल में पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारि मिश्रा ने घोषणा की है कि शहर के सभी थानों में अब विशेष क्यूआर (QR) कोड लगाए जाएंगे। यह पहल नागरिकों को सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक अपनी शिकायतें और फीडबैक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करेगी, जिससे ‘जनता बताएगी थानों की हकीकत’ का सिद्धांत धरातल पर उतरेगा। कमिश्नर की प्रेस वार्ता और नई पहल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारि मिश्रा ने बताया कि इस क्यूआर कोड का मुख्य उद्देश्य पुलिस थानों की कार्यप्रणाली पर नागरिकों की सीधी निगरानी (Citizen Surveillance) स्थापित करना है। जो भी व्यक्ति अपनी समस्या या शिकायत लेकर थाने आएगा, वह थाने के अंदर लगे इस क्यूआर कोड को स्कैन करके अपनी शिकायत के निराकरण की स्थिति, पुलिसकर्मियों के व्यवहार और दी गई सेवा की गुणवत्ता पर अपना फीडबैक (Field Back) दे सकेगा। सफलता बनी आधार कमिश्नर मिश्रा ने बताया कि यह पहल यूं ही शुरू नहीं की गई है, बल्कि इसे सफलता के ट्रैक रिकॉर्ड के बाद अपनाया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भोपाल की यातायात पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर इसी तरह के क्यूआर कोड लगाए गए थे। यातायात पुलिस की इस पहल को जनता का अभूतपूर्व सहयोग मिला था, जिसके चलते यातायात पुलिस की कार्यशैली में सुधार आया और शिकायत निवारण बेहतर हुआ। यातायात पुलिस की इसी सफलता और जनता के सकारात्मक सहयोग को देखते हुए, अब पुलिस कमिश्नर ने इस प्रणाली को पूरे पुलिस थानों की व्यवस्था में लागू करने का निर्णय लिया है। थानों की निगरानी इस क्यूआर कोड व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यह थानों की सीधी निगरानी सुनिश्चित करेगी। प्राप्त फीडबैक सीधे पुलिस कमिश्नर के कार्यालय को प्राप्त होंगे, जिससे थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से किया जा सकेगा। यदि किसी नागरिक को थाने में सहयोग नहीं मिल रहा है या शिकायत दर्ज करने में परेशानी आ रही है, तो वह तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सकेगा। कमिश्नर ने विशेष रूप से यह भी जोड़ा कि इस प्रणाली के माध्यम से जनता के छोटे-छोटे मामलों की शिकायतें भी दर्ज हो सकेंगी। अक्सर नागरिक छोटे-मोटे विवादों या समस्याओं के लिए थाने जाने से कतराते हैं, लेकिन यह डिजिटल माध्यम उन्हें आसानी से अपनी बात रिकॉर्ड कराने की सुविधा देगा। सूचना देने पर पूर्ण गोपनीयता पारदर्शिता और भागीदारी के साथ-साथ, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा है। कमिश्नर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नागरिक अवैध व्यापार या अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी देने के लिए इस क्यूआर कोड का उपयोग करता है, तो सूचना देने वाले सूत्र की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय (Confidential) रखा जाएगा। यह प्रावधान नागरिकों को निडर होकर समाज विरोधी तत्वों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जो अपराध नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण कदम है। भोपाल पुलिस की यह नई डिजिटल पहल पुलिस-जनता साझेदारी को मजबूत करने और पुलिस थानों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

Ditwa Cyclone: दूरसंचार विभाग की तैयारी, सुरक्षा के बने नियंत्रण कक्ष

Ditwa Cyclone

Ditwa Cyclone ​​Telecom Department prepared control room set up for security नई दिल्ली।  दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात दित्वा के मद्देनजर दूरसंचार नेटवर्क की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारी की हैं। इस चक्रवात से तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु पर असर पड़ने की आशंका है। टीमों की तैनाती दूरसंचार विभाग ने चक्रवात दित्वा के खतरे को देखते हुए दूरसंचार कनेक्टिविटी की सुरक्षा, सेवा प्रदाताओं के साथ तालमेल और जिला प्रशासन तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को निर्बाध नेटवर्क संचालन, पर्याप्त ईंधन भंडार, आपातकालीन बिजली बैकअप की तैयारी और संवेदनशील जिलों में फील्ड रिस्पांस टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षण पूरा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी-2020) के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने निर्बाध संचार बनाए रखने और आपात स्थितियों में पूर्व चेतावनी देने के लिए सभी नेटवर्कों पर इंट्रा सर्कल रोमिंग (आईसीआर) और सेल ब्रॉडकास्ट (सीबी) परीक्षण पूरा कर लिया है। चक्रवात दित्वा के मद्देनजर दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार नेटवर्क की सुदृढ़ता सुनिश्चित की है। चक्रवात के दौरान और उसके बाद निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार विभाग अपने नियंत्रण कक्ष और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से नियमित अपडेट के जरिए स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है। अधिक जानकारी के लिए DoT हैंडल्स को फॉलो करें: – एक्स – https://x.com/DoT_India इंस्टा https://www.instagram.com/department_of_telecom?igsh=MXUxbHFjd3llZTU0YQ == फेसबुक – https://www.facebook.com/DoTIndia यूट्यूब: https://www.youtube.com/@departmentoftelecom