Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

PM मोदी ने बताया भारत-यूके समझौते से दोनों देशों के लिए क्या हैं फायदे

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत-यूके के बीच व्यापार समझौता दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझा विकास और समृद्धि रोडमैप है। यह मार्केट एक्सेस के साथ दोनों देशों के एमएसएमई को मजबूती देगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा। देश की आर्थिक राजधानी में भारत-यूके सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आज हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 56 अरब डॉलर का है। हमने 2050 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुझे विश्वास है कि हम इस लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लेंगे। भारत राजनीतिक स्थिरता और व्यापक मांग प्रदान करता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्त से लेकर फार्मास्यूटिकल्स तक, यहां हर क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं।" उन्होंने महत्वपूर्ण सेक्टर्स में भारत की बढ़ती क्षमता का जिक्र करते हुए कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था सुधारों की राह पर है और स्थिरता एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।" प्रधानमंत्री ने भविष्य के व्यापार और विकास के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक सेक्टर्स के रूप में रेयर अर्थ मिनरल के महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम इन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे, क्योंकि ये हमारे औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।" प्रधानमंत्री मोदी और अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर ने संयुक्त रूप से सीईओ फोरम में भाग लिया, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक और वित्तीय नेता एक साथ आए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों के उद्योग जगत के नेताओं और नीति निर्माताओं के अथक प्रयासों की बदौलत भारत और ब्रिटेन ने व्यापार और आर्थिक सहयोग की एक मजबूत नींव रखी है। प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र राजभवन में प्रधानमंत्री स्टारमर से मुलाकात के बाद कहा, "भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं। हमारी बढ़ती साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।" प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्षरत क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए समर्थन की पुष्टि की।

अगर ईरान के पास होते हथियार… ट्रंप का गाजा पर बड़ा बयान

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो गाजा में शांति समझौता असंभव होता। दरअसल, इस वर्ष की शुरुआत में ट्रंप ने ईरान की परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना का जिक्र किया था, क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कगार पर था। उनका मानना था कि ऐसा होने पर गाजा शांति प्रक्रिया पूरी तरह विफल हो जाती। ट्रप ने उक्त बातें फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कही। ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने से महज एक या दो महीने दूर था। अगर मैंने इसे होने दिया होता, तो यह समझौता संभव न होता या फिर इसमें भारी संकट आ जाता। उन्होंने कहा कि आपके पास एक ऐसा देश होता जो परमाणु शक्ति संपन्न हो, जो स्पष्ट रूप से बहुत मित्रवत नहीं है। परमाणु हथियारों की ताकत ऐसी चीज है जिस पर हमें चर्चा भी नहीं करनी चाहिए। इसलिए आज का ईरान पूरी तरह अलग है। ट्रंप ने आगे जोर देकर कहा कि शांति प्रयासों ने वैश्विक एकजुटता पैदा की है, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार मिलने पर शांति की राह में काले बादल मंडराने लगते। वाइट हाउस ने गुरुवार को एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ट्रंप गाजा में बंधकों के परिवारों से मिलते हुए शांति समझौते के लिए उनका आभार व्यक्त कर रहे थे। इससे पूर्व, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने गुरुवार को घोषणा की कि गाजा युद्धविराम समझौते के पहले चरण के सभी प्रावधानों और अमल तंत्रों पर सहमति हो गई है। अंसारी के अनुसार, इस समझौते में इजरायली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली भी शामिल है। ट्रंप के उस बयान के बाद, जिसमें उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी गुटों और इजरायल ने शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, हमास ने अपना पहला सार्वजनिक बयान जारी किया। अल जजीरा के मुताबिक, टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए संदेश में हमास ने गाजा युद्ध समाप्ति, कब्जे वाले इलाके से इजरायली सेना की वापसी, मानवीय सहायता शुरू करने और कैदियों की अदला-बदली वाले समझौते पर हस्ताक्षर की पुष्टि की।  

बच्चों की सुरक्षा पर सवाल: WHO रिपोर्ट में सामने आया कफ सिरप का deadly असर

नई दिल्ली   भारत में कफ सिरप पीने के कारण 5 साल से कम उम्र के 17 बच्चों की मौत के मामले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विस्तृत जानकारी जारी की है। WHO ने मौतों का कारण सिरप में खतरनाक रूप से अधिक मात्रा में मौजूद टॉक्सिक केमिकल को बताया है, साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में दवा टेस्टिंग और उत्पादन में गंभीर चूकें पाई गई हैं। मौत का कारण: 500 गुना ज्यादा ज़हर बच्चों की मौत का मुख्य कारण कफ सिरप में मौजूद ज़हरीला केमिकल डाइएथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol – DEG) था। खतरे का स्तर: यह ज़हरीला केमिकल सिरप में मानक सीमा से लगभग 500 गुना ज्यादा पाया गया था। नुकसान: स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि DEG एक गंभीर जहर है, जो बच्चों में किडनी फेल्योर, न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स (तंत्रिका संबंधी समस्याएँ) और अंततः मौत का कारण बन सकता है। सबसे पहले Coldrif सिरप में यह ज़हरीला केमिकल मिला था, जिसके बाद इसे बैन कर दिया गया। अब, Respifresh और RELIFE सिरप में भी यही ज़हरीला केमिकल पाया गया है। क्यों हुई भारत में कफ सिरप से मौतें? WHO ने अपनी रिपोर्ट में भारत में दवा उत्पादन प्रक्रिया में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को मौतों का बड़ा कारण बताया है।  टेस्टिंग में कमी: WHO ने कहा कि भारत में दवा के लिए ज़रूरी टेस्ट में कमी है। कानूनी चूक: कानून के मुताबिक, दवा के हर बैच का टेस्ट करना ज़रूरी है, लेकिन हाल ही में फैक्ट्री चेक में यह नियम अनदेखा पाया गया। Sresan Pharmaceutical (Coldrif सिरप) की फैक्ट्री बंद कर दी गई है और पुलिस मैनस्लॉटर (गैर इरादतन हत्या) की जाँच कर रही है। Shape Pharma और Rednex Pharmaceuticals की भी सिरप में मानक कमी पाई गई है और उन्हें उत्पादन तथा बिक्री रोकने का आदेश दिया गया है। वैश्विक स्तर पर चिंता WHO ने स्पष्ट किया है कि ये तीनों सिरप मुख्य रूप से केवल भारत में बेचे गए, और अभी तक इनका कोई आधिकारिक निर्यात (Export) नहीं हुआ है। हालांकि, WHO ने चेतावनी दी है कि कुछ सिरप अनौपचारिक रूप से (illegally) विदेशों में भी जा सकते हैं। यह घटना भारत के दवा उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है। भारत दुनिया में दवा बनाने में तीसरे नंबर पर है और अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली 40% जेनरिक दवाइयाँ और कई अफ्रीकी देशों की 90% दवा भारत से आती है। इस घटना ने देश और दुनिया में दवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।  

भारत का सख्त इशारा! राजनाथ और आर्मी चीफ मुनीर के बयान से पाकिस्तान की सेना हो गई चौकस

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में 8 अक्टूबर 2025 को सुरक्षा घेरे  के बीच रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर में 272वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपनी सेना को हर वक्त तैयार रहने, फिटनेस बनाए रखने और किसी भी हमले का “त्वरित और आक्रामक” जवाब देने का आदेश दिया। पाकिस्तानी मीडिया समा टीवी के अनुसार, यह बैठक भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा दशहरे पर दी गई सख्त चेतावनी के बाद हुई। आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तानी सेना हर स्थिति के लिए सक्षम है और कश्मीर और गाजा मुद्दों पर पाकिस्तान की समर्थन नीति को दोहराया। भारत की चेतावनी  2 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के भुज में कहा कि सर क्रीक पर पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस का जवाब निर्णायक और इतना कड़ा होगा कि यह पाकिस्तान का इतिहास और भूगोल बदल सकता है। इसके बाद 3 अक्टूबर को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी पाकिस्तान को चेताया कि अगर आतंकवाद को पोसा-पाला गया तो उसका नामो-निशान मिट सकता है।   पाकिस्तानी रुख और तैयारी  आसिम मुनीर ने कॉन्फ्रेंस में फौज को अनुशासन बनाए रखने, शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देने और हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पाकिस्तानी सेना की क्षमता को भी दोहराया और कश्मीर के साथ-साथ गाजा में मानवीय सहायता की भी बात की। बैठक में पाक-सऊदी डिफेंस डील की सराहना भी की गई। भारत की कड़ी चेतावनी और पाकिस्तानी सेना की तैयारी से क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव बढ़ा है। दोनों देशों की सैन्य सतर्कता अब चरम पर है, जिससे किसी भी छोटे विवाद का बड़ा सैन्य मोड़ लेने का खतरा बना हुआ है।

मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबंधित कफ़ सिरप से जुड़े किसी दोषी को छोड़ेगी नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नागपुर में उपचार-रत बच्चों और उनके परिजन से कुशल क्षेम जानी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रतिबंधित कफ सिरप का उपयोग किए जाने के मामले से संबंधित किसी भी दोषी को मध्यप्रदेश सरकार नहीं छोड़ेगी। अभी तमिलनाडु की दवा कंपनी के जिम्मेदार लोगों को दबोचा गया है और उनकी गिरफ्तारी हुई है। मध्यप्रदेश सरकार मानवीय और प्रशासनिक दोनों आधार पर कार्रवाई जारी रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नागपुर के विभिन्न अस्पताल में उपचाररत बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने और परिजन से चर्चा करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। तमिलनाडु सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तमिलनाडु में निर्मित दवा के उपयोग से ही बच्चों की मृत्यु की बात प्रमाणित हुई है। मध्यप्रदेश पुलिस ने दोषी लोगों की गिरफ्तारी की है। दुर्भाग्य की बात है कि तमिलनाडु सरकार की तरफ से अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर को दवा कंपनी की नियमानुसार जांच करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रेंडम सैंपल लेकर आवश्यक जांच करवाई गई और छिंदवाड़ा के चिकित्सक सहित और अन्य दोषियों का निलंबन भी किया गया है और ड्रग कंट्रोलर को हटाया गया है। इसके साथ ही, जो डॉक्टर उस कंपनी की प्रतिबंधित दवा रोगियों के लिए लगातार लिख रहे है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करना चाहिए। अब तक की जांच में मूल रूप से मैन्युफैक्चरिंग के स्तर पर त्रुटि की बात सामने आई है। त्रुटिपूर्ण यह दवा बच्चों को दी गई जिसके फलस्वरुप जीवन की क्षति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसे ही तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट आई वैसे ही मध्यप्रदेश सरकार ने इस कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया। दवा कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। कोई भी व्यक्ति जाकर कर सकता है स्थल अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रश्न किया कि वो कौन लोग हैं जिन्होंने इस कंपनी को ड्रग लाइसेंस देने का कार्य किया? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटी सी जगह पर किस तरह फैक्ट्री संचालित है, यह प्रश्न पूछा जाना चाहिए। बिना जांच के लाइसेंस कैसे रिन्यू किया गया? इस दवा कंपनी को दोबारा उद्योग लाइसेंस कैसे दिया गया? कोई भी व्यक्ति स्थल पर जाकर अवलोकन कर सकता है। मध्यप्रदेश पीड़ित पक्ष है, किसी के खिलाफ भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बच्चे और परिवार तो पीड़ित पक्ष हैं, हमारे प्रदेश के बच्चों की मृत्यु हुई है। इस संवेदनशील प्रकरण में मध्यप्रदेश सरकार किसी भी दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। 

मंत्री टेटवाल ने कहा- कौशल आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 राष्ट्रीय स्तरीय एवं 14 राज्य स्तरीय टॉपर्स को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन समारोह 2025 में कौशल उत्कृष्टता, नारी शक्ति और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह उन प्रतिभाशाली प्रशिक्षणार्थियों को समर्पित रहा जिन्होंने वर्ष 2025 की राष्ट्र स्तरीय आईटीआई परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया। प्रशिक्षणार्थियों के साथ उनके प्रशिक्षण अधिकारी एवं प्राचार्य को भी कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। मंत्री श्री टेटवाल ने राष्ट्र स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाली त्रिशा तावड़े का किया पूजन कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को समर्पित एक प्रेरक क्षण देखने को मिला जब राज्यमंत्री श्री गौतम टेटवाल ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कुमारी त्रिशा तावड़े को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करने के साथ ही टीका लगाकर एवं आरती कर पूजन किया। साथ ही पौधा भी भेंट किया। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण समाज को नई दिशा दे रहा है और यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 4 अक्टूबर-2025 को शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई बैतूल की प्रशिक्षणार्थी त्रिशा तवडे को कौशल दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया था। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि प्रदेश की कौशल शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का प्रतीक भी है। राज्य मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि छात्रों ने विभिन्न ट्रेडों में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया है कि कौशल का कोई बंधन नहीं होता और मेहनत, समर्पण तथा आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। कौशल आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि कौशल केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है। प्रदेश के प्रशिक्षणार्थी अपने हुनर से सीमाओं को तोड़ रहे हैं, और समाज में नई संवेदनशीलता तथा समावेशन का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास संचालनालय द्वारा आयोजित समारोह केवल प्रतिभा और परिश्रम का उत्सव नहीं, बल्कि समानता, आत्मनिर्भरता और प्रेरणा का प्रतीक है। आईटीआई में लगातार बढ़ रहा प्रवेश, महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी पहल राज्य मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में आईटीआई संस्थानों में प्रवेश की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष कुल 49,133 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो वर्ष 2024 की 42,152 सीटों की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है, जिससे महिला विद्यार्थियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या बढ़कर 12,118 हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि समाज में महिला सशक्तिकरण और कौशल आधारित शिक्षा की स्वीकृति को दर्शाती है। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आईटीआई में प्रशिक्षण लेने के लिए अब बड़ी संख्या में युवा, विशेष रूप से महिलाएं, आगे आ रही हैं। कौशल विकास में मध्यप्रदेश अग्रणी कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन समारोह- 2025 ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बना रहा है। प्रशिक्षार्थियों की उपलब्धियां यह प्रमाणित करती हैं कि राज्य में तकनीकी शिक्षा का आधार सशक्त हो रहा है और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल के नेतृत्व में विभाग द्वारा संचालित पहल न केवल युवाओं के कौशल को निखार रही हैं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार कर प्रदेश को औद्योगिक दृष्टि से भी मजबूत बना रही हैं।  

भारत में ऊर्जा क्रांति! पीएम मोदी ने प्राइवेट सेक्टर को परमाणु क्षेत्र में प्रवेश का दिया संकेत

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि भारत अपना परमाणु ऊर्जा क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खोल रहा है, और इसे भारत-यूके संबंधों को मजबूत करने का एक स्वर्णिम मौका बताया। मुंबई में आयोजित भारत-ब्रिटेन सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है कि हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए खोल रहे हैं। इससे भारत-ब्रिटेन के सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के कई अवसर सृजित होंगे। मैं आपको भारत की इस विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित करता हूं। बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। हम अगली पीढ़ी के आधुनिक भौतिक बुनियादी ढांचे में भारी निवेश कर रहे हैं। 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में हम तेज कदम उठा रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आइये, भारत और ब्रिटेन मिलकर वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट मानक स्थापित करें। अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलावों पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने बुनियादी ढांचे व सुधारों पर केंद्रित नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार हो रहे हैं। अनुपालन बोझ कम करने और व्यापार करने की आसानी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विकास को गति देने वाले हालिया टैक्स सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ताजा जीएसटी सुधारों से मध्यम वर्ग और एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति को नई रफ्तार मिलेगी, साथ ही सभी के लिए अवसरों का दायरा विस्तृत होगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों और सौर ऊर्जा उपकरणों पर करों में कटौती कर आम जनता को बड़ी राहत प्रदान की है। एयर कंडीशनर, टेलीविजन व डिशवॉशर जैसे सामानों पर जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह, मॉनिटर व प्रोजेक्टर पर भी जीएसटी को 18 प्रतिशत पर संशोधित किया गया। इन बदलावों से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन को प्रोत्साहन प्राप्त होगा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलेगी। इसके अलावा सौर पैनल व फोटोवोल्टिक सेल जैसे नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर कर को 12 प्रतिशत से घटाकर मात्र 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस छूट से आवासीय व औद्योगिक उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए स्थापना खर्च में कमी आएगी, जिससे सतत व किफायती ऊर्जा विकल्पों तक पहुंच आसान हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री साय : जनभागीदारी से जल संचयन कर सुरक्षित होगा हमारा भविष्य

रायपुर, “जल है तो कल है, और जल से ही कल संवरेगा। जल संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी हम अपने भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित ओमाया गार्डन में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने जल कलश पर जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक अवसरों पर जल संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जल संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता की कमी इस संकट को और गहरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने-अपने ढंग से जल संचयन के लिए प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे मंचों के माध्यम से सभी अपने अनुभव साझा कर पाएंगे, जो अंततः नीति निर्माण में भी निर्णायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनांदगांव प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला सरपंच ने स्वप्रेरणा से सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना केंद्र सरकार द्वारा भी की गई और इस पुनीत पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त होने वाले सुझाव और इनपुट आगामी कार्ययोजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का दिया संदेश कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का पवित्र जल अर्पित किया और जल संरक्षण एवं संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी पावन नदियाँ धरती को सींचकर जीवनदायिनी बनाती हैं। इन्हीं नदियों से हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की पहचान जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — महानदी, इंद्रावती, शिवनाथ, केलो और अन्य — प्रदेश की जीवनरेखाएँ हैं। ये नदियाँ न केवल धरती को उर्वर बनाती हैं, बल्कि कृषि, उद्योग और जीवन के हर क्षेत्र को संजीवनी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी रूपी कलश में केलो नदी का जल अर्पण इस बात का प्रतीक है कि हमें जल की हर बूंद का सम्मान करना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सहेजकर रखना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण के इस संकल्प को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव हरियाली और समृद्धि से लहलहाती रहे। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम की संकल्पना की गई है। विभिन्न विभागों को एक-एक थीम पर संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जलशक्ति मंत्रालय द्वारा जल संचयन विषय पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लगभग 300 से अधिक लोगों ने, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत हैं, अपना पंजीयन कराया है। जल संरक्षण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। पिछले एक वर्ष में जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों ने जल संचयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब तक साढ़े तीन लाख संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कार्यक्रम में पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

दीवाली से पहले खुशखबरी! CM योगी ने लॉन्च की 1317 करोड़ की विकास परियोजनाएं

उरई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 507 करोड़ 57 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण और 1,317 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान नून नदी पर बनी साढ़े तीन मिनट की लघु फिल्म मंच पर दिखाई जा रही है। मुख्यमंत्री गुरुवार अपराह्न 3.10 मिनट पर हेलीकाप्टर से उरई पहुंचे और पुलिस लाइन में उनका हेलीकाप्टर उतरा, वहां से शहर के इंदिरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कार से पहुंचे। उनके द्वारा जनपद में 1824 करोड़ 57 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।   165 परियोजनाओं का किया लोकार्पण  मुख्यमंत्री की ओर से जनपद की 165 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। यह परियोजनाएं 507 करोड़ 57 लाख की लागत से तैयार हुई हैं। इसमें ग्राम्य विकास विभाग की ओर से तीन, राज्य सेतु निगम से पांच, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन से दो परियोजनाओं को तैयार कराया गया है। लोक निर्माण विभाग की 23, जल निगम ग्रामीण की 12, पुलिस आवास की दो, ग्रामीण अभियंत्रण की 18, आवास एवं विकास परिषद की 25, राज्य निर्माण सहकारी संघ की तीन, यूपीपीसीएल की 14, राज्य पर्यटन विकास निगम की पांच, परियोजना अधिकारी डूडा की 20, प्रदेश राज्य निर्माण की एक, लघु सिंचाई की नौ, नगरपालिका उरई की 12, नगरपालिका जालौन की चार, नगर पंचायत कोटरा की तीन, नगरपालिका कालपी की चार परियोजनाएं शामिल हैं। जनपद की करीब 140 परियोजनाओं का शिलान्यास  मुख्यमंत्री की ओर से जनपद की करीब 140 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह 1317 करोड़ की लागत की परियोजनाएं हैं। इसमें पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन की चार परियोजनाएं, जलनिगम नगरीय की दस, लोक निर्माण विभाग की 27, यूपीपीसीएल की सात, आवास एवं विकास परिषद की 21, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की दो, यूपी सिडको की सात, प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ की तीन, राजकीय निर्माण विभाग की एक, सीएंडडीएस की एक, नगरपंचायत कोटरा की 12, लघु सिंचाई की 11, नगरपालिका उरई की 24, नगरपालिका जालौन की चार, नगरपालिका कालपी की एक, डूडा की चार, नगरपंचायत एट की एक परियोजना शामिल है।  

संसदीय प्रणाली को और मजबूती देने के लिये युवाओं को किया जाए जागरूक

संसदीय विद्यापीठ में हुआ युवाओं का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भोपाल पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ में गुरूवार को युवा संसद प्रभारियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के विद्यालयों तथा भोपाल के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 70 युवा संसद प्रभारी शामिल हुए। कार्यक्रम में संचालक संसदीय विद्यापीठ एवं अपर सचिव संसदीय कार्य विभाग ने कहा कि देश की संसदीय व्यवस्था बहुत मजबूत है और इस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिये हमें युवाओं को जागरूक करना होगा। केन्द्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी श्री शरद द्विवेदी ने बताया कि संसदीय प्रणाली की गरिमा को बनाये रखने के लिये युवाओं को जागरूक करने के साथ-साथ इसके बारे में जानकारी दी जाना चाहिए। संसदीय सलाहकार मध्यप्रदेश शासन श्री देवेन्द्र वर्मा ने बताया कि संसदीय प्रणाली की जानकारी प्रत्येक नागरिक को होना चाहिए। उन्होंने बताया कि संसदीय कार्य विभाग विधानसभा एवं राज्य शासन के मध्य समन्वय की भूमिका निभाता है। सेवानिवृत्त अपर सचिव मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय श्री पुनीत श्रीवास्तव ने विधानसभा की कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। युवा संसद में क्लिपिंग के माध्यम से प्रणाली के मुख्य बिन्दुओं को उदाहरण सहित बताया गया।