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NEET PG 2025 काउंसलिंग अपडेट: कब आएगा शेड्यूल? जानें जरूरी डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट

  मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से जल्द ही ऑल इंडिया कोटा सीटों पर एडमिशन के लिए नीट पीजी काउंसलिंग 2025 का शेड्यूल जारी किया जाएगा। नीट पीजी काउंसलिंग का शेड्यूल का इंतजार कर रहे उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर चेक कर सकेंगे। ज्यादातर नीट पीजी काउंसलिंग का आयोजन तीन राउंड में किया जाता है। इसके बाद बची हुई सीटों पर एडमिशन के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड का आयोजन किया जाता है। नीट पीजी काउंसलिंग शेड्यूल में काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन के सभी राउंड की तिथियां, सीट अलॉटमेंट रिजल्ट, मेडिकल कॉलेज में रिपोर्टिंग तिथियां और अन्य जानकारियां दी गई होंगी। यदि कोई अभ्यर्थी नीट पीजी काउंसलिंग के लिए एक से अधिक आवेदन फॉर्म जमा करता हुआ पाया जाता है, तो उसे काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा, उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। एडमिशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट की लिस्ट – 1. एमसीसी द्वारा जारी अलॉटमेंट लेटर (जरूरी डॉक्यूमेंट)। 2. एनबीई द्वारा जारी एडमिट कार्ड। 3. एनबीई द्वारा जारी रिजल्ट / रैंक लेटर। 4. एमबीबीएस/बीडीएस फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड प्रोफेशनल परीक्षाओं की मार्कशीट। एमबीबीएस/बीडीएस डिग्री प्रमाण पत्र/प्रोविजनल प्रमाण पत्र। काउंसलिंग प्रक्रिया- 1- मुख्य काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन में नॉन रिफंडेबल फीस और रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि (केवल उसी खाते में वापस किया जाएगा जिससे भुगतान किया गया है) का भुगतान शामिल होगा। 2- चॉइस भरना और चॉइस लॉक करना। 3)पहले राउंड की सीट आवंटन की प्रक्रिया 4) एमसीसी वेबसाइट पर पहले राउंड का रिजल्ट जारी, सीट आवंटित उम्मीदवारों के लिए एमसीसी वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से अपलोड करना। 5) पहले राउंड के लिए ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के साथ आवंटित मेडिकल/डेंटल कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग। 6) जिन उम्मीदवारों को पहले राउंड में सीट आवंटित की गई है, वे फ्री एग्जिट का विकल्प चुन सकते हैं और सीधे अगले राउंड में भाग ले सकते हैं। उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन करने का जानें तरीका- 1. सबसे पहले एमसीसी नीट की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर विजिट करें। 2. सबसे ऊपर दिए गए नीट पीजी काउंसलिंग लिंक पर क्लिक करें। 3. अब एक नया पेज ओपन हो जाएगा, जहां पर रजिस्ट्रेशन लिंक मिलेगा। 4. लिंक पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। 5. आवेदन फॉर्म भरने के बाद आवेदन फीस का भुगतान करें। 6. सबमिट बटन पर क्लिक करें और पेज डाउनलोड कर लें। 7. आवेदन की हार्ड कॉपी को भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।  

श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने ज़ुबिन गर्ग को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, इंडियन आइडल 16 के मंच पर

मुंबई,  श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने इंडियन आइडल 16 के मंच पर ज़ुबिन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। इंडियन आइडल सीज़न 16 के मंच पर इस शो के जज श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने दिवंगत पार्श्वगायक ज़ुबिन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। यह पल और भी खास बन गया क्योंकि प्रदर्शन करने वाली कंटेस्टेंट ज़ुबिन गर्ग का गृह राज्य असम से थी। आसामी, हिंदी और बांग्ला संगीत में अपनी मधुर आवाज़ और चार्टबस्टर गीतों के लिए प्रसिद्ध ज़ुबिन गर्ग ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और जुनून से पीढ़ियों के गायकों को प्रेरित किया है। मंच पर दी गई श्रद्धांजलि तब और खास बन गई जब कंटेस्टेंट ने श्रेया, बादशाह और विशाल के साथ मिलकर ज़ुबिन गर्ग के एक प्रतिष्ठित गीत पर प्रस्तुति दी, जिसके बाद “मन बावरा” जैसे भावनात्मक गीत का प्रदर्शन हुआ। इस परफ़ॉर्मेंस ने न केवल ज़ुबिन के संगीत की महानता को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि उनके गीत आज भी देशभर के श्रोताओं के दिलों में कितनी गहराई से बसे हुए हैं। विशाल ददलानी ने कहा, “यह वाकई अद्भुत है।असम सबसे संगीतमय स्थानों में से एक है। ज़ुबिन वहीं पैदा हुए और पले-बढ़े, और वे वहां के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं। एक असमिया के रूप में ज़ुबिन को खोना बहुत बड़ी बात है, लेकिन ज़ुबिन अपने समय के सबसे महान गायकों में से एक थे। ज़ुबिन हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।” इंडियन आइडल सीज़न 16 का प्रीमियर 18 अक्टूबर को होगा। यह शो हर शनिवार और रविवार रात आठ बजे, केवल सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न और सोनी लिव पर प्रसारित होगा।  

कांकेर पहुँची केन्द्र सरकार की अतिरिक्त सचिव : मावा मोदोल व श्रवण बाधित विद्यालय का निरीक्षण

रायपुर, भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुश्री कैरेलिन खोंगवार देशमुख आज आकांक्षी जिला कांकेर पहुंची। उन्होंने यहां शुरू किए गए मावा मोदोल कोचिंग संस्थान और सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। तदुपरांत वे ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ विशेष विद्यालय पहुंची जहां उन्होंने निःशक्त, मुक-बधिर बच्चों से बातचीत की। भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने कांकेर की सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया और वहां आने वाले विद्यार्थियों से बातचीत की। कांकेर में स्थानीय युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण एवं स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर यह सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई गई है। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का अध्ययन करते हैं। अतिरिक्त सचिव ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिटर्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख मावा मोदोल कोचिंग संस्थान भी गई। यहां उन्होंने  अध्ययन कक्ष में जाकर विद्यार्थियों से चर्चा की। सुदूर आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर ढंग से तैयारी करने व कैरियर गाइडेंस देने के लिए इस कोचिंग संस्थान को शुरू किया गया है। कोचिंग संस्थान में कांकेर जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को सीजी पीएससी, एसएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने इसकी भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी, राज्य पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ने की सुविधा देना जिले की प्रतिभाओं को गढ़ने का अच्छा प्रयास है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांकेर के विद्यार्थियों का न सिर्फ प्रदेश की लोक सेवाओं में चयन हो, बल्कि वे अपनी मेहनत और संस्थान के मार्गदर्शन में देश और विदेशों में भी सेवाओं के जरिए अपनी पहचान स्थापित करें। सुश्री देशमुख ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से उनके भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।   अतिरिक्त सचिव ने मूक-बधिर विद्यार्थियों के बीच गुजारा समय कांकेर प्रवास के दौरान भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण एवं दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय भी पहुंचीं। यहां विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थियों ने साइन लैंग्वेज से उनका स्वागत किया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने स्वागत गीत गाया तथा खुद के द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स उन्हें भेंट की। यह विशेष विद्यालय 50 सीटर है। विद्यालय में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं तथा कुल 45 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें 33 श्रवण बाधित और 12 दृष्टिबाधित बच्चे सम्मिलित हैं। विशेष विद्यालय परिसर में सभी छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय एवं भोजन सुविधा उपलब्ध है। इस विद्यालय में निकट भविष्य में स्मार्ट क्लासेस शुरू करने की भी योजना है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने यहां उपलब्ध साधनों एवं संसाधनों की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की रूचि के अनुरूप विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देने की बात भी कही, ताकि निः शक्त और दृष्टि तथा श्रवण बाधित बच्चे बड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें।

परेश रावल की फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ का टीज़र रिलीज़

मुंबई, स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज प्रा. लि. और सीए सुरेश झा प्रस्तुत फिल्म “द ताज स्टोरी” का टीज़र रिलीज़ हो गया है। फिल्म द ताज स्टोरी के लेखक और निर्देशक तुषार अमरीश गोयल हैं, इसमें दिग्गज अभिनेता परेश रावल मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे, जबकि फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर विकास राधेश्याम हैं। टीज़र की शुरुआत एक प्रभावशाली दृश्य से होती है, जहां परेश रावल ताजमहल के सामने बैठे हैं। उनका व्यक्तित्व उस स्मारक जितना ही भव्य और गंभीर दिखाई दे रहा है और उसी दौरान परेश रावल की गूंजती आवाज़ सुनाई देती है, “ताजमहल दुनिया के महानतम स्मारकों में से एक है। कुछ लोगों के लिए यह एक मकबरा है… और कुछ के लिए यह एक मंदिर।” परेश रावल के साथ इस फिल्म में ज़ाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास जैसे प्रतिभाशाली कलाकार नज़र आएंगे।“द ताज स्टोरी” सिनेमाघरों में 31 अक्टूबर को रिलीज़ होगी।  

पोषण अभियान की सफलता: आंगनबाड़ी की देखरेख में शिवांश हुआ स्वस्थ

समन्वित प्रयासों और संतुलित आहार से मिला कुपोषण पर विजय रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में चल रहे प्रयासों का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिख रहा है। मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के ग्राम चौनपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र नवापारा से जुड़े बालक शिवांश ने आंगनबाड़ी सेवाओं और परिवार के समन्वित प्रयासों से कुपोषण पर विजय पाई। शिवांश का जन्म 12 जुलाई 2024 को हुआ था। जन्म के समय उसका वजन 2.700 किलोग्राम था। जन्म के बाद  पोषण की उचित देखभाल न होने से उसका वजन घटकर कुपोषण की श्रेणी में पहुँच गया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन ने नियमित वजन मापन के दौरान स्थिति की पहचान की और तत्काल गृहभेंट कर परिवार को उचित परामर्श दिया। श्रीमती लालसा कुमारी को समझाया गया कि वे अपने भोजन में अंकुरित अनाज, मौसमी फल, मुनगा भाजी, दूध, हरी सब्जियाँ और प्रोटीनयुक्त भोजन शामिल करें। बच्चे को स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी आहार जैसे दलिया, खिचड़ी, गाढ़ी दाल, पंजीरी, लपशी और हलुआ प्रतिदिन 4-5 बार हल्के रूप में देने की सलाह दी गई। आंगनबाड़ी केन्द्र से मिलने वाले रेडी टू ईट आहार का नियमित सेवन कराया गया। साथ ही परिवार को स्वच्छता, टीकाकरण और समय पर वजन मापन के लिए प्रेरित किया गया।               शिशु अवस्था के दौरान तेज़ी से विकास और वृद्धि के लिए उचित पोषण अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुरुआती छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने के बाद, स्तनपान बंद करने वाले या पूरक आहार देना ज़रूरी है। ये आहार पोषक तत्वों से भरपूर होने चाहिए, जिनमें मसले हुए फल, सब्ज़ियाँ और अनाज शामिल हों, ताकि शिशु को पर्याप्त विटामिन और खनिज मिल सकें। लगातार देखरेख और पौष्टिक आहार के सेवन से शिवांश का वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। कुछ ही महीनों में उसका वजन सामान्य श्रेणी में पहुँच गया। अब वह स्वस्थ और सक्रिय है।             यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि आंगनबाड़ी की सेवाओं, मितानिन और परिवार को संयुक्त प्रयास करने से कुपोषण जैसी चुनौती पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शिवांश जैसी प्रेरक कहानियाँ बताती हैं कि जागरूकता, सामुदायिक सहयोग और पोषण आहार के नियमित उपयोग से “सुपोषित छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो रहा है।

जनसेवा ही हमारा संकल्प: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में किया समस्याओं का त्वरित निराकरण

खनिज न्यास की योजनाओं से होगा जनजीवन में सुधार – सूरजपुर में शासी परिषद की बैठक संपन्न रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री और भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जनसेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की प्रत्येक समस्या का समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज अपने निवास बीरपुर जिला सूरजपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुँचे नागरिकों की समस्याएँ और सुझाव सुनी। उन्होंने अधिकारियों को हर आवेदन पर आवश्यक और त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का निराकरण स्थल पर ही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से जनता तक पहुँच सके।       मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की अध्यक्षता में आज जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) सूरजपुर की शासी परिषद की बैठक भी जिला पंचायत कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सांसद श्री चिंतामणि महराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, कलेक्टर सहित जिले के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।       बैठक में खनिज न्यास निधि से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्देश दिए कि खनिज न्यास निधि से संचालित सभी योजनाएँ जनजीवन के उत्थान में सार्थक योगदान दें, तथा उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि खनिज क्षेत्र से प्राप्त संसाधनों का अधिकतम लाभ स्थानीय जनता को मिले और इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण, सड़क एवं रोजगार के क्षेत्र में स्थायी सुधार हो।

सोनी सब के शो इत्ती सी खुशी में हुयी नेहा एसके मेहता की एंट्री

मुंबई,  सोनी सब के शो इत्ती सी खुशी में अभिनेत्री नेहा एसके मेहता की एंट्री हो गयी है। शो इत्ती सी खुशी अपनी दिल छू लेने वाली कहानी से दर्शकों के दिल जीत रहा है, जिसमें दिवेकर परिवार की खुशियाँ, संघर्ष और आपसी रिश्तों का खूबसूरत चित्रण है। अब इस कहानी में नया मोड़ लाने आ रही हैं अभिनेत्री नेहा एसके मेहता, जो शो में अन्विता (सुम्बुल तौकीर खान) की नाटकीय माँ हेतल का किरदार निभाएंगी। इत्ती सी खुशी में अपने किरदार हेतल के बारे में नेहा एसके मेहता ने कहा, “इस शो का हिस्सा बनना बेहद रोमांचक है, क्योंकि इसमें दिल को छू लेने वाले जज़्बात और हल्के-फुल्के पारिवारिक पल का शानदार मेल है।  हेतल का किरदार निभाना मेरे लिए बहुत मज़ेदार होगा! वह चंचल, नाटकीय और ज़िंदादिल है, लेकिन अपनी कमियों के साथ। मुझे यह बेहद पसंद है कि कैसे वह अपने स्टाइल और कॉन्फिडेंस का जलवा दिखाती है, अपनी कमजोरियों को छिपाती है और घर में हंगामा और अविस्मरणीय लम्हें दोनों एक साथ लाती है। यह किरदार अब तक किए गए रोल्स से बिलकुल अलग है और एक जड़ से जुड़े किरदार निभाने के बाद इत्ती सी खुशी से जुड़ना मेरे लिए एक ताज़गीभरा नया अध्याय है।” इत्ती सी खुशी, सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ़ सोनी सब पर प्रसारित होता है।  

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले: देश की तरक्की के लिए जरूरी है ‘एक देश, एक चुनाव’ और स्वदेशी को बढ़ावा

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित पीएचडीसीसीआई (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) के 120वें वार्षिक सत्र में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की वैश्विक भूमिका, कृषि क्षेत्र की मजबूती और चुनावी प्रणाली में बदलाव को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। उन्होंने भारत के 'विश्वसनीय वैश्विक भागीदार' के रूप में उभरने पर चर्चा करते हुए 'एक देश, एक चुनाव' की आवश्यकता का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत को एक बार फिर से विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है, और इसके लिए संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जरूरी है।  उन्होंने चुनाव सुधारों पर जोर देते हुए कहा, 'एक देश, एक चुनाव' होना चाहिए। पूरे देश में हर पांच साल में एक ही बार चुनाव हो। सांसद और विधायक दोनों के चुनाव एक साथ हों, और मतदाता एक ही वोटिंग मशीन पर दोनों को वोट दे सकें।" उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों से समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा, "जनता का पैसा और समय दोनों बर्बाद होते हैं। अगर एक बार में चुनाव होंगे तो देश को फायदा होगा।" उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने कहा, "जो भारत में बना है, उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्वदेशी को सभी को अपनाना चाहिए। जब हम स्वदेशी की बात करते हैं, तो गुणवत्ता की बात आती है। हम चाहते हैं कि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।" अपने संबोधन में उन्होंने कृषि उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण पर भी फोकस किया। उन्होंने कहा कि भारत गेहूं और चावल के उत्पादन में अग्रणी है, लेकिन दालों के उत्पादन में अभी भी पीछे है। हमें दाल और ऑयल सीड्स के उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए हाइब्रिड बीजों पर काम हो रहा है और इसमें सफलता भी मिल रही है। उन्होंने बताया कि उत्पादन को बढ़ाना है, लेकिन लागत को घटाना है। साथ ही, फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने खासतौर पर सोयाबीन और दलहन मिशन पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। अंत में, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का भारत वह नहीं है, जहां एक समय पर प्रधानमंत्री लोगों से व्रत रखने की अपील करते थे, बल्कि आज करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। यह भारत की बदली हुई तस्वीर है। कार्यक्रम में उद्योग जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने विभागीय अधिकारी के साथ कार्यालय में घुसकर अभद्रता एवं तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की

मुख्यमंत्री से दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग रायपुर  छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष श्री बालमुकुंद तंबोली ने छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय, नवा रायपुर में विभागीय अपर संचालक श्री संजीव तिवारी के साथ हुई अभद्रता, झूमा-झटकी, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और धमकी की घटना की कटु शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जनसंपर्क अधिकारी पर हमला और शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाने का ही मामला नहीं हैं, बल्कि पूरे जनसंपर्क विभाग की संस्थागत गरिमा पर सीधा आघात है। छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष श्री तंबोली ने इस घटना को योजनाबद्ध और सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि हमलावरों का एक साथ शासकीय कार्यालय में घुसना, वरिष्ठ अधिकारी के साथ अभद्रता करना, सरकारी संपत्ति को क्षतिग्रस्त करना और खुलेआम धमकियां देना इस बात का प्रमाण है कि कुछ असामाजिक तत्व पत्रकारिता की आड़ में गुंडागर्दी कर रहे हैं।   श्री तंबोली ने कहा कि जनसंपर्क विभाग शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने का कार्य करता है। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ न सिर्फ शासन और समाज के लिए कार्य करते हैं बल्कि पत्रकारों के हित में सदैव तत्पर रहते हैं, ऐसी स्थिति में पत्रकारिता के नाम पर कानून को हाथ में लेने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटनाएँ केवल किसी अधिकारी की व्यक्तिगत गरिमा पर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र पर हमला हैं। संघ ने मांग की है कि इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। घटना में शामिल व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता की कठोर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष श्री तंबोली ने कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी जनसंपर्क विभाग के भी भारसाधक मंत्री हैं, उनके नेतृत्व में जनसंपर्क विभाग के प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी पूरी निष्ठा से कार्य करते हैं, ऐसे में माननीय मुख्यमत्री जी से आग्रह है कि वह इस विषय में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की कृपा करें, साथ ही विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षा एवं अपना संरक्षण प्रदान करें। संघ ने यह भी निर्णय लिया है कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से प्रतिनिधिमंडल भेंट करेगा। संघ के अध्यक्ष श्री तंबोली ने कहा कि यदि दोषियों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जनसंपर्क विभाग का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी राज्यव्यापी विरोध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

सैलानी हुए हैरान! कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ-बाघिन की नज़दीकी मुठभेड़ का अनोखा दृश्य

बालाघाट एक अक्टूबर से कान्हा टाइगर रिजर्व के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। इसके बाद से बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटकों को बाघ के दीदार हो रहे हैं। बाघ-बाघिन से जुड़ा एक वीडियो गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित है। इसमें वयस्क बाघ-बाघिन घास के मैदान से निकलकर सैलानियों की जिप्सी के सामने आते हैं। बाघ, बाघिन को रिझाने का प्रयास करता है, लेकिन बाघिन अचानक दहाड़ मारकर अपना रौद्र रूप दिखाती है। तभी बाघ-बाघिन एक ही समय पर कुछ ही सेकंड के लिए दोनों पांव पर खड़े हो जाते हैं। दूसरे वाहन में बैठे पर्यटकों ने इस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। 29 सेकंड के इस वीडियो को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा है।   यह पूरा नजारा बुधवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की जोन में रिकार्ड किया गया। यह वही क्षेत्र है, जहां दो अक्टूबर को दो बाघों के बीच संघर्ष हुआ था। बताया गया कि नर बाघ टी-125 और बाघिन टी-106 एक साथ दिखाई दिए। वीडियो में नर बाघ टी-125 दोनों पैरों पर खड़े होकर बाघिन टी-106 को रिझाने की कोशिश करते दिखाई दे रहा है। इस दृश्य ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे नजारे दुर्लभ होते हैं। पर्यटकों को ऐसे नजारे कम ही देखने मिलते हैं।