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राज्य मंत्री लोधी बोले – मध्यप्रदेश को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप मे होगा स्थापित

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का भोपाल में 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजन   भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य 11 से 13 अक्टूबर 2025 तक कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2025 का आयोजन होगा। यह आयोजन घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बायर्स, सेलर्स, ट्रैवल एजेंट्स, फिल्म प्रतिनिधियों और पर्यटन जगत के सभी हितधारकों को एक ही मंच पर जोड़ेगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में 27 देशों के 80 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटरों, 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों, 355 सेलर्स, फिल्म जगत से जुड़े प्रतिनिधि और मीडिया सहित कुल 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। यह भारत का सबसे बड़ा राज्य-स्तरीय ट्रैवल मार्ट होगा, जो मध्यप्रदेश को “अतुल्य भारत का हृदय” के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि फिक्की की सहयोग से आयोजित होने वाला यह देश के सबसे बड़े राज्य-स्तरीय ट्रैवल मार्ट में से एक होगा। इससे हमारे प्रदेश के होटलियर, ट्रैवल और टूर ऑपरेटर, होमस्टे संचालक और पर्यटन हितग्राही जिन्हें सेलर्स कहा जाता है। उन्हें बायर्स कहे जाने वाले विदेश और देश के प्रमुख होटलियर, ट्रैवल और टूर ऑपरेटर से सम्पर्क में आयेगे। इससे न सिर्फ मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि साथ साथ पर्यटन क्षेत्र में आर्थिक उन्नति के द्वार खुलेंगे। पर्यटन के श्रेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे। यह आयोजन पर्यटन, आतिथ्य, फिल्म, वेडिंग और MICE सेक्टर में निवेश, साझेदारी और सहयोग का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम के दौरान 3000 से अधिक बी-टू-बी मीटिंग्स आयोजित होंगी, जो अब तक मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में होने वाला सबसे बड़ा व्यावसायिक संवाद होगा। इसके साथ ही पर्यटन और फिल्म उद्योग से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस तथा राउंडटेबल सत्र भी होंगे, जिनमें राज्य सरकारों (G2G) और वेडिंग एवं कॉर्पोरेट आयोजकों (G2B) के साथ विषयगत चर्चा की जाएगी। इस आयोजन में पर्यटन मंत्रालय के साथ–साथ विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित होंगे। मध्यप्रदेश पर्यटन को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2025 के माध्यम से प्रदेश अपने समृद्ध पर्यटन उत्पादों — धरोहर, वन्य जीवन, ग्रामीण संस्कृति, हस्तशिल्प, खानपान और फिल्म पर्यटन — को एक ही मंच पर प्रदर्शित करेगा। यहां 120 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जिसमें प्रदेश के हथकरघा एवं हस्तशिल्प के उत्पाद होंगे, गोंड आर्ट एवं चंदेरी साड़ी का लाइव डेमो होगा। हितधारकों के स्टॉल्स भी इसमें शामिल होंगे। निवेश संवर्धन, नई पर्यटन परियोजनाओं के समझौते और फिल्म नीति के अंतर्गत सहयोगात्मक घोषणाएं भी की जाएंगी। इस आयोजन में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सुप्रसिद्ध नृत्य संयोजक सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करते लगभग 40 मिनट की समूह नृत्य प्रस्तुति एवं प्रदेश की सांगीतिक पहचान का प्रतीक मैहर बैंड द्वारा विशेष प्रस्तुति के साथ–साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का परिचय कराने के लिए लोकनृत्य एवं जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक लोक संस्कृति इस आयोजन को और जीवंत बनाएंगे। मुख्यमंत्री के साथ निवेशकों की चर्चा और प्रमुख सत्र आयोजन के दौरान  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन निवेशक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटन की संभावनाओं पर केंद्रित पैनल डिस्कशन भी होंगे, जिनमें दो प्रमुख सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पहला सत्र “मध्यप्रदेश: हिडन जेम से ग्लोबल आइकन तक” राज्य की धरोहर, वन्य जीवन, इको-टूरिज्म और उत्सवों पर केंद्रित होगा। दूसरा सत्र “द फ्यूचर ऑफ द फिल्म सेक्टर इन मध्य प्रदेश : फ्रॉम रील टू रियल ग्रोथ” फिल्म निर्माण और फिल्म आधारित पर्यटन के अवसरों पर चर्चा के लिए समर्पित होगा। इन दोनों ही सत्रों में देश-विदेश के विशेषज्ञ, निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इंफ्लुएंसर मीट और फैम टूर MPTM 2025 के दौरान 9 अक्टूबर को इंफ्लुएंसर मीट आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के इंफ्लुएंसर्स हिस्सा लेंगे। 14 फैम (FAM) ट्रिप्स आयोजित होंगी, जिनमें 200 से अधिक प्रतिनिधि मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन सर्किट में वन्यजीव, धरोहर, संस्कृति और अध्यात्म का अनुभव करेंगे। आगंतुकों के लिए भोपाल में कमला पार्क से इकबाल मैदान तक हेरिटेज वॉक, योगा व वेलनेस सत्र, वन विहार नेशनल पार्क में बर्ड वॉच और बोट क्लब पर कायकिंग व सेलिंग का आयोजन किया जाएगा। प्रमुख प्रतिभागी और उद्योग सहभागिता मार्ट में भारत और विदेश के पर्यटन उद्योग से जुड़े कई प्रमुख नाम हिस्सा लेंगे। इनमें डॉ. ज्योत्सना सूरी (सीएमडी, ललित ग्रुप), श्री परवीन चंदर (एक्जीक्युटिव वाइस प्रेसिडेंट, आईएचसीएल ग्रुप), श्री राजीव मेहरा (FAITH), श्री वेद खन्ना (प्रेसिडेंट, ADTOI), मनीष पुरी (प्रेसिडेंट सेल्स, एयर इंडिया), श्री अनिरुद्ध कंडपाल (को–फाउंडर एंड सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एंड स्ट्रेटजिक डेवलपमेंट, पोस्ट कार्ड होटल्स), श्री रवि गोसाईं (प्रेसिडेंट, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स), श्री राकेश कुमार राणा (हेड–होटल्स, पार्टनरशिप एंड एफिलिएट्स, यात्रा डॉट कॉम), डॉ. सुश्रुत सुधीर बाबुलकर (सेरेन्डिपिटी लेक्स एंड रिसॉर्ट्स, तामिया) जैसे प्रतिष्ठित उद्योगपति तथा IATO, FAITH, ADTOI, TAAI जैसी शीर्ष संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। फिल्म जगत से टेलीविजन और फिल्म प्रोड्यूसर सुश्री एकता कपूर, अभिनेत्री सुश्री सुनीता रजवार, प्रसिद्ध अभिनेता श्री गजराज राव व श्री रघुवीर यादव, फिल्म डायरेक्टर श्री विशाल फुरिया, फिल्म प्रोड्यूसर मोनीशा आडवाणी, स्पेनिश फिल्म प्रोड्यूसर अन्ना साउरा, लारा मोलिना (स्पेन फिल्म कमीशन की सदस्य), अभिनेता शिवांकित सिंह परिहार जैसे प्रतिष्ठित फिल्म व्यक्तित्व भी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। साथ ही, एमपी टूरिज्म, आईआरसीटीसी, इन्क्रेडिबल इंडिया और विभिन्न राज्य पर्यटन विभागों के पेवेलियन इस आयोजन का हिस्सा होंगे। मध्यप्रदेश के पर्यटन का प्रभाव और भविष्य मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2025 का उद्देश्य राज्य को पर्यटन, फिल्म, वेडिंग और जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक निवेश और साझेदारी का केंद्र बनाना है। इस आयोजन के माध्यम से राज्य की ब्रांड पहचान 27 अंतरराष्ट्रीय बाजारों कै साथ पूरे विश्व में पहुंचेगी। यह आयोजन पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं, निवेश और सहयोग के द्वार खोलेगा। एमपीटीएम 2025, मध्यप्रदेश की पहचान को “ग्लोबल आइकन इन टूरिज्म” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

टीम इंडिया की दमदार वापसी, अफ्रीका के सामने 252 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य

नई दिल्ली भारतीय महिला और दक्षिण अफ्रीका महिला टीम गुरुवार को महिला विश्व कप के 10वें मुकाबले में आमने-सामने हैं। भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सभी विकेट खोकर 251 रन बनाए हैं। बीच के ओवरों में लगातार विकेट गंवा रही भारतीय टीम की पारी को ऋचा घोष ने संभाला और टीम को 200 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ऋचा घोष ने 94 रन की पारी खेली। वहीं स्नेह राणा के साथ मिलकर उन्होंने आठवें विकेट के लिए 88 रन जोड़े। दक्षिण अफ्रीका की ओर से ट्रायन ने तीन विकेट चटकाए। गीली आउटफील्ड के कारण टॉस निर्धारित समय पर नहीं हो पाया और करीब एक घंटा विलंब से हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी हुई। मंधाना 32 गेंद में 23 रन बनाकर आउट हुईं। मंधाना ने एक चौका और एक छक्का लगाया। हरलीन 23 गेंद में 13 रन ही बना सकीं। प्रतिका रावल ने 56 गेंद में 37 रन की पारी खेली। जेमिमा खाता भी नहीं खोल सकीं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर 24 गेंद में 9 रन बनाकर आउट हुईं। दीप्ति शर्मा ने 14 गेंद में 4 रन बनाए। अमनजोत 44 गेंद में 13 रन ही बना सकीं। स्नेह राणा ने 24 गेंद में 33 रन की दमदार पारी खेली। राणा ने घोष के साथ 8वें विकेट के लिए 88 रन जोड़े। ऋचा घोष ने 77 गेंद में 11 चौके और चार छक्के की मदद से 94 रन बनाए। श्री खाता नहीं खोल सकीं। 

चीन ने Rare Earths को हथियार बनाया, अमेरिका के लिए जोखिम बढ़ा – जानें पूरा हाल!

बेजिंग  चीन ने गुरुवार को रेयर अर्थ्स (दुर्लभ खनिज तत्वों) और उनसे जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लागू करने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब इस महीने के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात होने वाली है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब विदेशी कंपनियों को उन वस्तुओं के निर्यात के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी, जिनमें चीन से प्राप्त रेयर अर्थ तत्वों की थोड़ी भी मात्रा शामिल है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि रेयर अर्थ्स की माइनिंग (खनन), स्मेल्टिंग (गलन), रीसाइक्लिंग और मैग्नेट निर्माण से जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर भी परमिट प्रणाली लागू की जाएगी। दुनिया में रेयर अर्थ्स के उत्पादन में चीन का दबदबा है। यह वैश्विक रेयर अर्थ्स खनन का लगभग 70 प्रतिशत और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा नियंत्रित करता है। ये खनिज जेट इंजन, रडार सिस्टम, इलेक्ट्रिक वाहनों, कंप्यूटरों और मोबाइल फोन जैसे उत्पादों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। रेयर अर्थ्स को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। जैसे-जैसे अमेरिका ने चीन से आने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाए हैं, बीजिंग ने भी इन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिजों पर नियंत्रण को और सख्त कर दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि नए नियंत्रण “राष्ट्रीय सुरक्षा की बेहतर रक्षा” के लिए लगाए जा रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कि चीन से प्राप्त रेयर अर्थ्स या तकनीक का इस्तेमाल “संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों” में न हो।   मंत्रालय ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी कंपनियां और व्यक्ति चीन से रेयर अर्थ्स तकनीक को सैन्य या अन्य संवेदनशील उपयोगों के लिए बाहर भेज रहे हैं, जिससे “राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर नुकसान” पहुंचा है।रेयर अर्थ्स की आपूर्ति पर चीन की सख्ती से अमेरिका और अन्य देशों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को झटका लग सकता है। इन खनिजों के बिना इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, गाड़ियों और रक्षा उपकरणों का निर्माण प्रभावित हो सकता है। एशिया ग्रुप के विशेषज्ञ जॉर्ज चेन के अनुसार, “रेयर अर्थ्स आने वाले महीनों में अमेरिका और चीन के बीच वार्ता का अहम हिस्सा बने रहेंगे। दोनों देश स्थिरता चाहते हैं, लेकिन असली सौदा अगले साल ही हो पाएगा।” यह कदम उस समय उठाया गया है जब ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) फोरम के दौरान तय है। माना जा रहा है कि चीन का यह फैसला वार्ता से पहले दबाव की रणनीति का हिस्सा है।इससे पहले अप्रैल में चीन ने सात रेयर अर्थ तत्वों के निर्यात पर नियंत्रण लगाया था, जब ट्रम्प प्रशासन ने चीन सहित कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।हालांकि, जून में बीजिंग ने कुछ निर्यात परमिट जारी किए और प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया था।विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का यह कदम केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और राजनीतिक रूप से भी अहम है। इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए आपूर्ति संकट गहरा सकता है और वैश्विक तकनीकी उद्योग पर असर पड़ सकता है।

जिस आंदोलन को लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा माफिया, अपराधियों व गुंडों का जमावड़ा बन गई हैः मुख्यमंत्री

सीएम ने बच्चों का किया अन्नप्राशन,  प्रदर्शनी का किया अवलोकन यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों की नाक रगड़ती हैः योगी जालौन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन की धरती पर समाजवादी पार्टी और उनके नेताओं को खूब धोया। सपा मुखिया अखिलेश यादव उनके निशाने पर रहे। सीएम ने बताया कि आज सपा मुखिया के बयान को पढ़ रहा था, उन्हें भारत के सामाजिक न्याय के पुरोधाओं और संत परंपरा में सांप्रदायिकता दिखती है और दंगाइयों में शांति के दूत नजर आते हैं, लेकिन डबल इंजन सरकार ने दंगा-फसाद करने वाले शांति के कथित दूतों, बेटियों व व्यापारी के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा करने वालों की जगह बता दी है। यह भी तय कर दिया गया है कि दंगा और दंगाई, अपराध-अपराधियों के साथ खड़े होने वालों की जगह कहां होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को 1900 करोड़ से अधिक की 305 विकास परियोजनाओं की सौगात जालौनवासियों को दी। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया। सीएम ने दीपावली से पहले इन योजनाओं के लिए जालौन वासियों को शुभकामनाएं दीं। यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों को नाक रगड़वाती है सीएम ने कहा कि प्रदेश में त्योहार चल रहे हैं। कुछ लोगों को गलतफहमी हुई। उन्हें लगा कि जैसे सपा सरकार के समय उनके द्वारा उत्सव-त्योहारों के पहले दंगा किया जाता था, हिंदुओं के उत्साह पर पानी फेरने का कार्य होता था, यही कार्य वे अब भी कर लेंगे, लेकिन वे भूल गए कि यह भाजपा की डबल इंजन की सरकार है। यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों को नाक रगड़वाकर त्योहारों के उत्साह को सुरक्षा व सम्मान के साथ आगे बढ़ाती है। 2017 के पहले त्योहारों में दंगाई उत्साह को भंग करते थे। सपा के नेता कहते थे- लड़के हैं, गलती कर देते हैं सीएम ने कहा कि सपा को सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक अच्छे नहीं लगते थे। वे इन्हें तोड़ने की बात करती थी। समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आते ही सामाजिक न्याय व दलित उत्थान से जुड़े महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों को समाप्त करने की घोषणा की थी। समाजवादी पार्टी ने 2012 में सत्ता में आते ही प्रदेश में एक जनपद, एक माफिया पैदा करके अराजकता फैलाना प्रारंभ कर दिया था। यह लोग नौजवानों के रोजगार पर डकैती और बेटी की सुरक्षा पर सेंध लगाते थे। उस समय इनके नेता कहते थे कि लड़के हैं, गलती कर देते हैं। जिस समाजवादी आंदोलन को लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा आज माफिया, अपराधियों व गुंडों का जमावड़ा बन गई है जिस समाजवादी आंदोलन को डॉ. राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, जनेश्वर मिश्र,  मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा आज गुंडे, पेशेवर माफिया व अपराधियों का जमावड़ा बन गई है। 2017 के पहले भी लोग कहते थे कि देख सपाई, बिटिया घबराई। यह भी कहते थे कि जिस गाड़ी में सपा का झंडा,  देखो होगा सपा का गुंडा। यह लोग गरीबों को लूट रहे थे। राशन, मकान, शौचालय, राहत कार्य, विकास, रोजगार नहीं मिल रहा था। डबल इंजन सरकार को आपने समर्थन दिया तो प्रदेश में गरीब उत्थान के अनेक कार्य हुए। सीएम ने डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं के आंकड़े भी गिनाए। एमएसएमई में दो करोड़ से अधिक नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ तो बड़े निवेश के माध्यम से 60 लाख नौजवानों को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिली है। सपा की गुंडागर्दी की हरकतों से सावधान होइए, बंटेंगे तो कटेंगे- एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे सीएम ने फिर कहा कि किसी किसान, गरीब, वंचित, कमजोर, बेटी, किसान, व्यापारी का शोषण- अत्याचार किया तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि कई पीढ़ियां याद करेंगी। जिस सपा ने पहचान का संकट दिया था। अराजकता का माहौल पैदा किया था। उसकी गुंडागर्दी की हरकतों से सावधान होइए। यह लोग जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। आपस में लड़ाने की चेष्टा करते हैं। इनकी मंशा सफल न होने दीजिए। सीएम ने दोहराया- बंटेगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। जातिवादी मानसिकता के लोगों के चक्कर में नहीं पड़ना है। अन्याय-अत्याचारियों के खिलाफ लड़ना है। यहां के लहलहाते खेतों को सबसे उर्वरा भूमि के रूप में बदलेंगे जालौन ऋषि जलवान की पावन साधना स्थली और भगवान वेदव्यास की पावन स्थली है। इसका पौराणिक महत्व है। फिरंगियों के दांत खट्टे करने में कालपी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। कालपी के हस्तशिल्पियों द्वारा हैंडमेड कागज जनपद को नई पहचान दिलाती है। ओडीओपी के माध्यम से हमने उसे अलग पहचान दिया है। जालौन की विशेषता है कि यहां पांच नदियां (यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी व पहूज) पंचनदा के रूप में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जालौन जनपद के बीच से निकली है तो पंचनदा का प्रोजेक्ट भी बनाकर जालौन जनपद के लहलहाते खेतों को सबसे उर्वरा भूमि के रूप में बदलेंगे। सीएम ने नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने सम-विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए विकास के साथ सोच रखने वाले जनप्रतिनिधियों को विजयी बनाने में योगदान दिया। उन्हीं जनप्रतिनिधियों के परिश्रम के कारण 1900 करोड़ की परियोजना जालौन को उपहार के रूप में प्राप्त हो रही है। सुरक्षा, संरक्षण, खुशहाली व रोजगार के लिए संकल्पित है प्रदेश सरकार सीएम योगी ने कहा कि अच्छी सरकार विकास, रोजगार, सुरक्षा व स्वावलंबन लेकर आती है। आज भाजपा की डबल इंजन की सरकार है। किसी ने बेटी की सुरक्षा पर सेंध और गरीब की जमीन पर कब्जे का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमदूत उसका इंतजार कर रहा होगा। अराजकता फैलाने या त्योहारों के रंग में भंग डाला तो ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने के लिए पुलिस की जीरो टालरेंस की नीति कार्य कर रही है। अब प्रदेश में माफिया, अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बेटी की सुरक्षा, व्यापारी का संरक्षण, किसानों की खुशहाली, नौजवानों को रोजगार देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित है। जिन लोगों ने यूपी को बीमारू बनाया था, उनकी मानसिकता बीमार थी सीएम ने कहा कि विकास के पैमाने पर यूपी नए प्रतिमान को स्थापित करता दिखाई दे रहा है। … Read more

राजनीतिक बदलाव: दिल्ली HC ने जनसंघ उम्मीदवारों के लिए चुनाव चिह्न को किया तय

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि अखिल भारतीय जनसंघ (ABJS) को बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कॉमन चुनाव चिह्न आवंटित किया जाए। कॉमन चुनाव चिह्न मिलने पर अखिल भारतीय जनसंघ के सभी प्रत्याशियों को एक ही चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा, जैसे की भाजपा, कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक पार्टी के प्रत्याशियों को मिलता है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने आदेश के तहत कॉमन चुनाव चिह्न के आवंटन के लिए चुनाव आयोग में एक आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जनसंघ ने याचिका दायर कर चुनाव आयोग को पार्टी के 25 अगस्त के आवेदन पर विचार करने और जनसंघ के बैनर तले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चुनाव चिह्न आवंटित करने का निर्देश देने की मांग की थी। पार्टी की तरफ से तर्क दिया गया था कि जनसंघ का नाम निर्वाचन आयोग की ओर से 20 अक्टूबर 1989 के अपने पत्र के माध्यम से विधिवत पंजीकृत किया गया था। निर्वाचन आयोग ने पार्टी में आंतरिक विवाद का हवाला देते हुए बिहार चुनावों के लिए समान चुनाव चिह्ल आवंटित करने से इनकार कर दिया था।   यह भी तर्क दिया गया था कि समीर सिंह चंदेल की ओर से उठाया गया विवाद अब प्रासंगिक नहीं रहा क्योंकि उन्हें 2019 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। ऐसे में निष्कासन के बाद पार्टी के मामलों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह भी कहा गया कि पार्टी की ओर से 25 मार्च को जारी एक पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें पार्टी के नए पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के नामों का विवरण दिया गया था। वहीं, निर्वाचन आयोग ने 2019, 2020 और 2021 में जारी विभिन्न पत्रों का हवाला देते हुए कहा था कि ये पत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का दावा करने वाले समीर सिंह चंदेल और उनके नेतृत्व वाले उक्त गुट के कई अन्य सदस्यों से प्राप्त हुए थे। ऐसे में पार्टी के आंतरिक विवादों को देखते हुए जनसंघ को चुनाव चिह्न नहीं दिया जा सकता है। हालांकि, अदालत ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए याचिका स्वीकार कर ली कि पार्टी को चुनाव आयोग द्वारा आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई थी और इसके लिए उसे एक समान चिन्ह भी आवंटित किया गया था।  

गाजा पीस प्लान पर मोदी का सशक्त संदेश, इजरायली प्रधानमंत्री को भी किया सम्मानित

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का गुरुवार को स्वागत किया। इस समझौते के तहत इजरायल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का प्रतिबिंब बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का भी प्रतिबिंब है। हमें उम्मीद है कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचने से उन्हें राहत मिलेगी तथा स्थायी शांति का रास्ता खुलेगा।” इजरायल और हमास ने लड़ाई रोकने पर सहमति दी। कुछ बंधकों और कैदियों की रिहाई होगी। इजरायल अपनी सेनाओं को निर्धारित रेखा तक वापस लेगा। यह समझौता दो साल से जारी विनाशकारी युद्ध में सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। ट्रंप का संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह पहला कदम है जो मजबूत, स्थायी और अनंतकालीन शांति की दिशा में बढ़ाता है। उन्होंने सभी मध्यस्थ देशों कतर, मिस्र और तुर्की का धन्यवाद किया और इसे अरब, मुस्लिम दुनिया, इज़रायल और अमेरिका के लिए एक महान दिन बताया।ट्रंप ने कहा कि इस ऐतिहासिक समझौते से सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा और शांति निर्माताओं का आशीर्वाद मिलेगा।  

स्वदेशी मेलों का आगाज़: गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी करेंगे औपचारिक शुभारंभ

  शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन, सुगमता से पहुंच सकेंगे आमजन प्रदेशभर में जनपद स्तर पर हो रहा स्वदेशी मेलों का आयोजन, स्थानीय उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्योग विभाग की योजनाओं को मिल रहा व्यापक मंच जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाए जाएंगे मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और युवाओं की भागीदारी से बढ़ेगी उत्सव की गरिमा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर से स्वदेशी मेले का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। स्वदेशी मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना, उद्योगों को बढ़ावा देना और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। हालांकि, कई जनपदों में गुरुवार को ही स्वदेशी मेले की अनौपचारिक शुरुआत हो गई है। हालांकि, इसकी औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा शुक्रवार को की जाएगी। दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है, ताकि आम जनता सुगमता से पहुंच सके और सक्रिय रूप से सहभागिता कर सके। उल्लेखनीय है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के अंतर्गत जनपद स्तर पर स्वदेशी मेलों के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। आयोजन के दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री समेत अन्य जनपद प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक जनपद के उपायुक्त उद्योग नोडल अधिकारी के रूप में मेले की व्यवस्था देखेंगे और जिलाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए मेले की गरिमा एवं गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित कर रहे हैं। उपलब्ध कराए गए निशुल्क स्टॉल स्वदेशी मेला में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, सीएम युवा, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, वित्त पोषित इकाईयों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य उत्पादकों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व में उपलब्ध कराए गए जन उपयोगी योजनाओं/कार्यक्रमों के स्टॉल भी लगवाए गए हैं। मेले में वस्तुओं एवं सेवाओं के क्रय के लिए जेम पोर्टल का उपयोग अनिवार्य रूप से किया गया है। स्वदेशी मेले बनेंगे जीएसटी बचत उत्सव का आधार स्वदेशी मेले को जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा की गई जीएसटी दरों में कमी की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे दीपावली और अन्य अवसरों पर अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीद सकें। कार्यक्रम को उल्लासपूर्ण और रोचक बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, विभिन्न शैक्षिक एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के समन्वय और सहयोग से सामाजिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों को मिलेगा मंच इन मेलों में स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण उद्योगों को अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में सजने वाले ये मेले दिवाली के पूर्व “वोकल फॉर लोकल” अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक सहयोग एवं बाजार से सीधा जुड़ाव दिलाना है।

नक्सलवाद पर बहस: मंत्री श्यामबिहारी और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज के बयान

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर सियासत गरमाने लगा है. माड़ डिवीजन के 16 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इस मामले में मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, यह डबल इंजन सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है. पिछली सरकार में नक्सलवाद फला, फूला और बढ़ता गया. कांग्रेस की सरकार में इच्छाशक्ति की कमी थी. इच्छाशक्ति होती तो नक्सलवाद का सफाया हो जाता. वहीं नक्सलवाद को लेकर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि 5 साल तक नक्सलवाद को सिमटते हुए एक पिनपॉइंट पर हमने ला दिया था. अगर हमारी सरकार बनती तो उस पिनपॉइंट को खत्म कर देते. डबल इंजन सरकार नहीं होते हुए भी नक्सलवाद खत्म हो जाता. नक्सलवाद खात्मे पर पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, 15 साल रमन सरकार ने नक्सल उन्मूलन का काम नहीं किया. भूपेश सरकार में नक्सल उन्मूलन और विकास हुआ. नक्सल क्षेत्रों में 70 कैंप भूपेश सरकार में खुले. विश्वास और विकास का नारा भूपेश सरकार ने दिया. अगर हमारी सरकार बनती तो डबल इंजन सरकार नहीं होते हुए भी नक्सलवाद खत्म हो जाता. प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गोमाता को राजमाता का दर्जा देने की मांग की है. इस पर मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, गाय की पूजा सदियों से माता के रूप में की जा रही है. गोमाता को राजमाता का दर्जा दिया जाए तो खुशी की बात है. मुझे लगता है कि इसमें किसी को भी आपत्ति नहीं होगी. सनातन संस्कृति में हमेशा गोमाता की जय का नारा लगता है. पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, बोलने और दुष्प्रचार करने में भाजपा माहिर है. जब से सृष्टि बनी है तब से गौ माता को गौ माता ही कहते हैं. यह तो सामान्य प्रक्रिया शुरू से चल रही है. मंत्री ने मुगलों से की कांग्रेस की तुलना कांग्रेस के घोटालों को लेकर हर दिन हो रहे खुलासे पर मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस की तुलना मुगलों से की. घोटालों को लेकर उन्होंने कहा, रहीम ने कहा है – खैर, खून, खांसी, खुशी, बैर, प्रीति, मदपान, रहीमन दाबे न दबे, जानत सकल जहान. आपराधिक चीजों, भ्रष्टाचार को तत्काल कोई नहीं कहता, लेकिन एक न एक दिन ये बातें खुलकर सामने आती है. कभी मुगलों और टीपू सुल्तान को महान बताया जाता था. आज सबको पता चल रहा है ये लूटेरे थे, लूटने आए थे. इसी तरह से कांग्रेस के घोटाले भी खुलकर सामने आ रहे हैं. पूर्व गृह मंत्री ने कहा – मंत्री को इतिहास की जानकारी नहीं मंत्री ने कांग्रेस की तुलना मुगलों से की. इस पर पलटवार करते हुए पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, श्यामबिहारी जायसवाल को भारत वर्ष के इतिहास की जानकारी नहीं है. पहले जानकारी लें, इतिहास पढ़ें कि आजादी के पहले क्या था. अंग्रेजों के शासन के पहले क्या था. उसके बाद मुगलों की तुलना कांग्रेस से करे. कांग्रेस को भाजपा के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है. कांग्रेस सरकार में हर क्षेत्र में अंधाधुन भ्रष्टाचार हुआ : श्यामबिहारी कांग्रेस का कहना है कि सरकार 32 लाख राशनकार्ड धारियों के राशन कार्ड निरस्त करना चाहती है. इस मामले में मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, कांग्रेस चाहती है कि जंगलराज वापस आए. Kyc की वजह से डायरेक्ट पैसा जा रहा है. ये फिर से चाहते हैं कि 100 रुपए भेजे और 15 पैसे जाए. कांग्रेस के समय में हर क्षेत्र में अंधाधुन भ्रष्टाचार हुआ है. सरकार जब भी उसे दुरुस्त करना चाहती है उनको पीड़ा होती है.

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार गोबर के पेंट का सरकारी भवनों में किया जाए उपयोग: सीएम

 झांसी जनपद झांसी के दौरे पर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में स्थानीय अफसरों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बुंदेलखंड के विकास की परियोजनाओं को लेकर सीएम ने खास तौर पर अफसरों से जानकारी ली। सीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति का ब्यौरा सीएम के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने पेयजल से संबंधित परियोजनाओं को पूर्ण करने में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि बीडा के अंतर्गत जमीन आवंटन कराने वाले निवेशक तीन वर्षों के भीतर निवेश की प्रक्रिया शुरू करें, इस बात को सुनिश्चित किया जाए। जमीनों के लिए प्रस्ताव आने से पूर्व भूमि अधिग्रहीत कर ली जाए। युवाओं के स्वावलंबन के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे इस क्षेत्र में लगने वाले उद्योगों में उन्हें नौकरी मिल सके। सीएम ने निर्देश दिए कि माफिया के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्ती से कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर अधिकारी बैठक करें। जन प्रतिनिधियों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। मिशन शक्ति के अंतर्गत स्कूल जाने वाली बालिकाओं के साथ संवाद करने और उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की घटना को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। त्योहारों के मद्देनजर पुलिस को अधिक से अधिक फुट पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने निर्देश दिए कि एक करोड़ से अधिक की धनराशि वाली विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाए जो नियमित रूप से निरीक्षण करें। जनपद के समस्त किसानों को अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई तत्काल कराने और अनुदान राशि खातों में ट्रांसफर किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए गोबर से बने पेंट से जनपद के सभी सरकारी भवनों को पेंट कराने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी सरकारी भवनों में गोबर से बने पेंट का उपयोग किए जाने का भी निर्देश दिया। सीएम ने जनपद में तुलसी उत्पादन से जुड़े किसानों को लाभान्वित करने के लिए अफसरों को उन्हें प्रेरित करने को कहा। सीएम ने कहा कि तुलसी के उत्पादन को स्थानीय वैद्यनाथ फर्म से जोड़ा जाए, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही सीएम ने जनपद को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में जन प्रतिनिधियों को अधिक से अधिक मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी, झांसी के मेयर बिहारी लाल आर्य, सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, मऊरानीपुर विधायक डॉ रश्मि आर्य, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, एमएलसी डॉ बाबू लाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल कुमार दुबे, डीआईजी आकाश कुलहरि, डीएम मृदुल चौधरी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति आदि उपस्थित रहे।

मिचेल स्टार्क 11 साल बाद BBL में, जानें उनका पिछला रिकॉर्ड और इस सीजन की उम्मीदें

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क 11 साल बाद बिग बैश लीग में वापसी कर सकते हैं। उन्होंने 14 दिसंबर से 25 जनवरी 2026 सीजन के लिए सिडनी सिक्सेस के साथ अनुबंध किया है। पिछले दो सीजन की तरह, स्टार्क को सिडनी सिक्सर्स ने एक पूरक खिलाड़ी के रूप में अनुबंधित किया है। हाल ही में उन्होंने टी-20 से संन्यास लिया था। जिससे इस बार उनके टूर्नामेंट के दूसरे भाग में उपलब्ध रहने का रास्ता खुला गया है। बीबीएल में प्रत्येक टीम को दो पूरक स्थान (स्क्वॉड के अतिरिक्त) आवंटित किए जाते हैं, जिससे वे क्रिकेट राष्ट्रीय टीम के लिए अनुबंधित खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धता के अनुसार अनुबंधित कर सकते हैं, बिना अपनी 18 सदस्यीय टीम में मुख्य स्थान लिए। बीबीएल में खेलने को लेकर मिचेल स्टार्क ने कहा, “मैं बीबीएल15 में सिक्सर्स की नई मैजेंटा रंग की जर्सी पहनने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। पिछले एक दशक से मैं क्लब के साथ जुड़ा हुआ हूं और अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो इस गर्मी में मैदान पर वापसी करने के लिए मैं उत्साहित हूं। सिक्सर्स मेरे दिल के बहुत करीब हैं, और मेरे पास बीबीएल वन और चैंपियंस लीग की सफलता की शानदार यादें हैं। मेरा लक्ष्य हमारे उत्साही प्रशंसकों के लिए एक और ट्रॉफी घर लाना है।” स्टार्क ने आखिरी बार 2014 सीजन में सिक्सर्स के लिए खेला था और 10 मैचों में 20 विकेट लिए हैं। वह बीबीएल के पहले सीजन में भी टीम का हिस्सा थे, जहां उन्होंने छह मैच खेले थे। इसमें फाइनल भी शामिल था, सिक्सर्स ने पर्थ स्कॉर्चर्स को हराकर पहला चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। स्टार्क ने 2012 में सिक्सर्स की चैंपियंस लीग जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। सिक्सर्स के महाप्रबंधक राचेल हेन्स ने स्टार्क की टीम में वापसी को लेकर कहा, "नई और पुरानी दोनों गेंदों से मिच की स्ट्राइक पावर बेजोड़ है, और हमें उम्मीद है कि वह फाइनल तक पहुंचने में हमारी मदद में अहम भूमिका निभाएंगे। हाल के वर्षों में न खेलते हुए भी, मिच ने खुद को क्लब का एक बेहतरीन एम्बेसडर साबित किया है और हम बीबीएल15 में मैदान के अंदर और बाहर उनके नेतृत्व की अहम भूमिका की उम्मीद करते हैं।"