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नागपुर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कफ सिरप पीड़ित बच्चों और परिजनों से की बातचीत

भोपाल/ छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 21 तक पहुंच गया है. नागपुर के अस्पताल में भर्ती पांच वर्ष के एक और बच्चे मयंक सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को नागपुर पहुंचे. वे यहां अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ उनके परिजनो से भी मुलाकात करेंगे. अस्पताल में भर्ती बच्चों का हेल्थ अपडेट लेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर में एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर (जीएमसी) में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे. साथ ही उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बात करेंगे. वर्तमान में छिंदवाड़ा के चार बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है इनमें से दो बच्चे एम्स नागपुर में, एक न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती है. इसके पहले सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में भी परिवारों से मुलाकात की थी. इस मौके पर सीएम ने पीड़ित परिवारों से कहा था कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है. आपके बच्चों का दुख मेरा भी है. वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका ध्यान रखा जाए कि ऐसी दुर्घटनाएं फिर न हों. उच्चस्तरीय जांच जारी बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दोषियों को न बख्शने की बात कही है. पीड़ित बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों- उप-औषधि नियंत्रक-नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया है. फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का ट्रांसफर कर दिया गया है. तमिलनाडू से कंपनी का मालिक गिरफ्तार मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है. इस कफ सिरप में 48 फीसदी डायएथिलीन ग्लाईकॉल मिला था. इसी जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की किडनी खराब हुई और 21 बच्चे काल के गाल में समा गए.  

CM साय शामिल हुए जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यशाला में, भूजल संकट पर किया विचार

रायपुर राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में गुरुवार को आयोजित जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जल संरक्षण आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सुजलाम भारत अभियान के माध्यम से जल संसाधन, संरक्षण और एकत्रीकरण की दिशा में सार्थक कार्य हो रहे हैं। यह अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बनना चाहिए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कार्यशाला से जल प्रबंधन के क्षेत्र में नए विचार और अनुभव साझा होंगे, जिससे यह कार्यक्रम आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भी जल संरक्षण और पुनर्भरण (रीचार्ज) के लिए कई स्तरों पर प्रयास कर रही है। पिछले वर्ष जब प्रदेश के कई डैम और जलाशयों का स्तर चिंताजनक रूप से घट गया था, तब सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टैंकरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित की थी। CM साय ने आगे बताया कि इस वर्ष भगवान की कृपा से समय पर और पर्याप्त बारिश हुई, जिससे जलाशयों में पानी का स्तर सुधरा है। उन्होंने कहा कि जल का दोहन लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में अब यह समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वह जल संरक्षण को केवल नारा नहीं, बल्कि आंदोलन का स्वरूप दे। मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में हमें गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।” कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ, जल संरक्षण कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने जल संरक्षण के लिए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रहे जल संरक्षण अभियानों की प्रगति की समीक्षा भी की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। जल संरक्षण के मुद्दे पर बोलने के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में नक्सल गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण पाया जा रहा है। हाल ही में 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो सरकार की नीतियों की सफलता का प्रमाण है। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प है कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का पूर्ण अंत किया जाए। इस दिशा में राज्य और केंद्र मिलकर ठोस कदम उठा रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

करवाचौथ पर सोने की कीमत में राहत, आज का रेट जानें और समझदारी से करें खरीदारी

नई दिल्ली रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद आज गोल्‍ड और सिल्‍वर के दाम में गिरावट देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी का दाम कम हुआ है, जिसका असर सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिलेगा. ग्‍लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों द्वारा ऊंची कीमतों पर मुनाफावसूली के कारण गोल्‍ड और सिल्‍वर के दाम में गिरावट आई है.  वहीं कल तक सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड हाई पर कारोबार कर रहे थे. चांदी कल 1.50 लाख रुपये के पार पहुंच गई थी, तो वहीं गोल्‍ड का रेट 1 लाख 23 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा पहुंचा था. हालांकि आज इन दोनों मेटल की कीमत गिरी है.  मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर आज सोना 5 दिसंबर वायदा बाजार के लिए 337 रुपये कम होकर 122872 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. वहीं 5 दिसंबर वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत 875 रुपये कम होकर 148980 रुपये पर कारोबार कर रही है. आज सोने का हाई लेवल 123200 रुपये प्रत‍ि 10 ग्राम है, जबकि निचला स्‍तर 122111 रुपये प्रति 10 ग्राम है. सिल्‍वर प्राइस का आज हाई लेवल 149450 रुपये और निचला स्‍तर 143900 रुपये प्रति किलो है.  कल रिकॉर्ड हाई पर था सोना एमसीएक्‍स पर सोना गुरुवार को करीब 2000 रुपये चढ़कर 123450 रुपये पर पहुंच गया था, जबकि चांदी में 3000 रुपये प्रति किलो से भी ज्‍यादा तेजी देखी गई थी और यह 150282 रुपये प्रति किलो पहुंच गया था. वहीं सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी के भाव में तेजी देखी जा रही है.  IBJA पर 24 कैरेट सोना 1,22,570 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट गोल्‍ड प्राइस 1,22,079 रुपये और 18 कैरेट गोल्‍ड प्राइस 91,928 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. चांदी की बात करें तो आईबीजेए पर सिल्‍वर प्राइस 154100 रुपये प्रति किलो पर है.  आपके शहर में गोल्‍ड प्राइस      आज दिल्‍ली में 10 ग्राम गोल्‍ड का रेट ₹1,24,300 है.      अहमदाबाद में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्‍ड प्राइस ₹1,24,200 है.      चेन्‍नई में 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्‍ड प्राइस ₹1,24,370 है.      पटना में 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्‍ड प्राइस ₹1,24,200 है.      लखनऊ में 24 कैरेट 10 ग्राम ग्रोल्‍ड प्राइस आज ₹1,24,300 है.  कीमतों में बढ़ोतरी क्‍यों हो रही है?  इस साल सोने की कीमतों ने शानदार रिटर्न दिया है. 2025 में अब तक घरेलू हाजिर सोना 50% से ज्‍यादा उछल चुका है, जिसे कई वैश्विक कारकों का सपोर्ट मिला है. मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कमजोर डॉलर, केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में लगातार निवेश के कारण सोना और चांदी में तेजी देखी जा रही है.

संपत्ति विवाद गरमाया: करिश्मा के वकील का दावा – प्रिया ने सौतेली मां जैसा किया व्यवहार

मुंबई  करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूर की अचानक मौत के बाद उनके परिवार में हंगामा मचा हुआ है. संजय कपूर अपने पीछे 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं, जिसमें हिस्सेदारी को लेकर परिवार में खींचतान हो रही है.  एक तरफ संजय कपूर की बहन मंदिरा और उनकी मां रानी कपूर अपने हिस्से के लिए लड़ रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ संजय की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर आरोपों के घेरे में हैं. इस सबके बीच एक्ट्रेस करिश्मा कपूर अपने दोनों बच्चों, किआन और समायरा कपूर का हक उन्हें दिलाने की कोशिश कर रही हैं. करिश्मा के वकील ने लगाया आरोप संजय कपूर की संपत्ति में करिश्मा कपूर के बच्चों के हिस्से का केस दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा है. 9 अक्टूबर को मामले की सुनवाई हुई. इस बीच करिश्मा कपूर के वकील ने प्रिया कपूर पर बड़ा आरोप लगाया. वकील के मुताबिक प्रिया ने ट्रस्टीशिप का उल्लंघन किया और गोपनीयता तोड़ी है. साथ ही प्रिया को सिर्फ अपनी निजी संपत्तियों की चिंता है. करिश्मा कपूर के बच्चों का केस सीनियर वकील महेश जेठमानी लड़ रहे हैं. जेठमलानी ने कोर्ट में निष्पादक द्वारा दाखिल हलफनामे को पढ़ा. 14 जून को गवाह दिनेश अग्रवाल से निष्पादक को ये ईमेल भेजा था. इसमें भेजा गया दस्तावेज एक फैमिली ट्रस्ट डीड था. जानकारी के मुताबिक, प्रिया कपूर ने फिड्यूशरी ड्यूटी का उल्लंघन यह बताते हुए किया कि पैसा अभियोगी पक्ष को दिया जा रहा है. लेकिन संपत्तियों को दिखाने को लेकर उन्हें चिंता है. वकील ने कहा कि प्रिया असल में लालची हैं. उन्हें संपत्ति का 60% मिल गया है और उनके बेटे को लगभग 12% हिस्सा मिला है. वह ट्रस्ट का भी 75% प्राप्त कर रही है. वह इतनी जल्दी में थी कि वह लाभार्थी फॉर्म्स के बारे में पत्र लिख रही थी, जो कंपनियों के लाभार्थियों को तय करने वाले हैं. बच्चों के शेयरों को सीमित करने के लिए यह स्पष्ट जल्दबाजी थी. जेठमलानी ने प्रिया सचदेव की इस हरकत को सिन्ड्रेला सौतेली मां बताया. उन्होंने कहा कि प्रियंका ने उनके लाभार्थी फॉर्म्स और कुछ अन्य दस्तावेज अपलोड करने की कोशिश की.

सुप्रीम कोर्ट में हुआ विवादित जूताकांड, CJI गवई बोले- स्तब्ध हूं, ऐसी उम्मीद नहीं थी

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट में वकील राकेश किशोर ने सीजेआई बीआर गवई पर जूता उछाला, जिसके बाद हंगामा मच गया। अब इस मामले में सीजेआई गवई ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने ‘जूताकांड’ पर कहा है कि जो भी हुआ, उससे मैं बहुत स्तब्ध हूं। सीजेआई बीआर गवई ने जूते से हुए हमले पर कहा, ''सोमवार को जो हुआ, उससे मैं और मेरे विद्वान साथी बहुत स्तब्ध हैं, हमारे लिए यह एक भुला दिया गया अध्याय है।'' बेंच में शामिल जस्टिस उज्जल भुइयां ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "इस पर मेरे अपने विचार हैं। वह भारत के मुख्य न्यायाधीश हैं, यह मजाक की बात नहीं है। यह संस्था का अपमान है।" इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने अदालत कक्ष के भीतर भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर को ‘गंभीर कदाचार’ का दोषी मानते हुए उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। एक चौंकाने वाली घटना में किशोर (71) ने प्रधान न्यायाधीश की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया और उन्हें चिल्लाकर यह कहते हुए सुना गया कि ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे।’ पुलिस सूत्रों के अनुसार वह वकील पिछले महीने खजुराहो में विष्णु प्रतिमा को पुनर्स्थापित करने से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान की गईं सीजेआई की टिप्पणी से नाराज था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कुमार का बार लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एससीबीए ने कहा कि किशोर का ‘‘निंदनीय, अव्यवस्थित और असंयमित व्यवहार न्यायिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला’’ और ‘‘पेशेवर नैतिकता, शिष्टाचार और सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा का गंभीर उल्लंघन’’ है। उसने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति का मानना ​​है कि उक्त आचरण न्यायिक स्वतंत्रता, अदालती कार्यवाही की पवित्रता और बार तथा बेंच के बीच आपसी सम्मान और विश्वास के दीर्घकालिक संबंध पर सीधा हमला है।’’ सीजेआई को निशाना बनाते हुए की गई पोस्ट पर एफआईआर सीजेआई को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक और अवैध सोशल मीडिया सामग्री पर सख्ती करते हुए, पंजाब पुलिस ने बुधवार को राज्य के विभिन्न जिलों में मिली अनेक शिकायतों के आधार पर 100 से अधिक सोशल मीडिया खातों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की हैं। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि सीजेआई को निशाना बनाने से जुड़ीं सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करने के बाद कानून के तहत प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।  

राज्यपाल डेका को ‘प्रारंभ‘ पत्रिका का विशेषांक भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका को आज राजभवन में ‘‘सोसाइटी फॉर एम्पावरमेंट‘‘ द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘‘प्रारंभ‘‘ की प्रति भेंट की गई। विशेष पिछड़ी जनजातियों पर केंद्रित इस विशेषांक का संपादन मानवविज्ञानी एवं राज्यपाल के उप सचिव डॉ. रूपेन्द्र कवि द्वारा किया गया है।           इस विशेषांक में विशेष पिछड़ी जनजातियों समुदायों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक स्थिति पर गहन विमर्श प्रस्तुत किया गया है, तथा इससे नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को उपयोगी जानकारी मिलेगी।         राज्यपाल डेका ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।  उन्होंने इस पहल को जनजातीय समुदायों की जागरूकता एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

गाजा सीमा पर नया मोर्चा खुला? भारत के पास लग सकता है समुद्री अलर्ट, पड़ोसी ने बढ़ाए युद्धपोत

नई दिल्ली  दो साल से तबाही झेल रहे गाजा में शांति की उम्मीद जगी है। एक हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 20 सूत्री प्लान के पहले चरण पर अब हमास ने भी अपनी हामी भर दी है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही ट्रंप के प्लान पर अपनी सहमति दे चुके हैं। इसके साथ ही गाजा पट्टी में अब हमले थमने और वहां शांति स्थापना की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसके साथ ही दोनों तरफ से बंधकों की रिहाई की आस भी जगी है लेकिन दुनिया में तीसरे मोर्चे पर एक नई जंग की आहट तेज हो गई है। दरअसल, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि भारत के पड़ोसी देश चीन ने ताइवान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यांग्त्जी नदी के मुहाने पर बड़ी संख्या में युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। न्यूज वीक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती की यह एक दुर्लभ घटना है। इससे चीन और ताइवान के बीच जंग की आहट तेज हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह दोनों सेनाओं के बीच तनाव का उच्चतम स्तर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इतनी बड़ी संख्या में चीनी युद्धपोतों की तैनाती ताइवान पर हमले का संकेत हो सकता है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) ने अपनी सैन्य शक्ति का लगातार इजाफा किया है। युद्धपोतों और पनडुब्बियों की संख्या के हिसाब से चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है, जिसके पास 370 से ज़्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियाँ हैं। इनमें लैंडिंग डॉक जहाज, हेलीकॉप्टर वाहक और विशेष लैंडिंग बार्ज शामिल हैं। बार्ज के बारे में विश्लेषकों का कहना है कि ये ताइवान जलडमरूमध्य और समंदर पार कर ताइवान पर हमले कर सकते हैं। 25,000 टन का ट्रांसपोर्टेशन शिप तैनात 6 अक्टूबर, 2025 को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में शंघाई के यांग्त्ज़ी नदी मुहाने में कई उभयचर जहाज़ खड़े दिखाई दे रहे हैं। यह मुहाना प्रमुख समुद्री रसद केंद्र है। ओपन-सोर्स रक्षा विश्लेषक एमटी एंडरसन ने सैटेलाइट इमेजरी में टाइप 071 युझाओ-क्लास लैंडिंग प्लेटफ़ॉर्म डॉक (LPD) की पहचान की है। यह 25,000 टन का एक ट्रांसपोर्टेशन शिप है जो किसी उभयचर हमले के दौरान लैंडिंग क्राफ्ट, बख्तरबंद वाहनों और सैकड़ों सैनिकों को विवादित तट तक ले जाने में सक्षम है। चीन और ताइवान में अदावत पुरानी बता दें कि चीन ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करने की बात कह चुका है। हाल के दिनों में चीनी सेना ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास और समंदर पार कर लगभग हर दिन ताइवान पर सैन्य विमानों की उड़ानें संचालित कर ताइवान पर हमलों का दबाव बढ़ा दिया है। ताइपे और वाशिंगटन चीन के इस कदम को अस्थिरता पैदा करने वाला कदम बताया है।  

करवा चौथ और गर्भावस्था: उपवास करने से पहले ये बातें जानना जरूरी

करवा चौथ का त्योहार हर साल सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए पूरे दिन व्रत रखती हैं. सोलह श्रृंगार करके शाम को चांद देखकर जल ग्रहण करती हैं और अपने व्रत का समापन करती हैं. लेकिन जब कोई महिला गर्भवती होती है यानी प्रेग्नेंट होती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या वह इस स्थिति में करवा चौथ का व्रत रख सकती है या नहीं. क्या उपवास के दौरान बिना पानी और खाना खाए रहना सही है या यह मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. आजकल यह सवाल हर घर में चर्चा का विषय बन गया है, खासकर नई मम्मीज और मॉडर्न कपल्स के बीच. सोशल मीडिया पर भी इस बात पर खूब चर्चा होती है कि क्या गर्भवती महिलाएं करवा चौथ व्रत कर सकती हैं या नहीं. आइए जानते हैं शास्त्र और ज्योतिष दोनों की नजर में इस सवाल का सही उत्तर क्या है. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य रवि पाराशर. शास्त्रों के अनुसार क्या कहता है करवा चौथ व्रत हिंदू धर्म में करवा चौथ को बहुत पवित्र व्रत माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत सच्चे मन और प्रेम से किया जाए तो हमेशा शुभ फल देता है. धर्मग्रंथों में कहीं भी यह नहीं लिखा गया कि गर्भवती महिला यह व्रत नहीं रख सकती. बल्कि शास्त्रों में कहा गया है कि हर व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत रखना चाहिए. अगर महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ है और उसका मन इसे करने का है, तो वह अपने तरीके से यह व्रत निभा सकती है. गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत का तरीका अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है और करवा चौथ का व्रत रखना चाहती है, तो उसे अपने शरीर और बच्चे दोनों का ध्यान रखना चाहिए. सुबह सूर्योदय से पहले हल्का और पौष्टिक खाना खाएं जैसे दलिया, सूखे मेवे, दूध और फल. अगर शरीर थका महसूस करे या चक्कर आए तो तुरंत आराम करें. पूरे दिन पानी की कमी न होने दें. डॉक्टर की अनुमति हो तो नारियल पानी या जूस लिया जा सकता है. पूजा के समय अधिक देर तक बैठने या झुकने से बचें. दिन भर आराम करें और कोई भारी काम न करें

ओटमील स्क्रब से पाएं निखरी और स्मूद स्किन – बिना सैलून जाए!

प्रदूषण और खराब लाइफस्टाइल से बेजान हुई त्वचा के लिए केमिकल फ्री ओटमील स्क्रब एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है। यह डेड स्किन हटाकर, त्वचा को हाइड्रेट कर, तेल संतुलित कर और नेचुरल ग्लो देकर उसे साफ, मुलायम और चमकदार बनाता है। इसे घर पर आसानी से बनाया और इस्तेमाल किया जा सकता है, जो सभी प्रकार की त्वचा के लिए फायदेमंद है।   आज की भागदौड़ भरी लाइफ में धूल, प्रदूषण,स्ट्रेस और खराब खानपान का असर सबसे पहले हमारी स्किन पर दिखाई देता है। स्किन डल, बेजान और खुरदुरी हो जाती है। ऐसे में नियमित स्क्रबिंग बेहद जरूरी हो जाती है जिससे डेड स्किन हट सके, पोर्स साफ रहें और आपकी स्किन दोबारा से ग्लोइंग दिखे। मार्केट में मिलने वाले स्क्रब्स में मौजूद केमिकल्स लंबे समय तक इस्तेमाल में स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए घरेलू और नेचुरल विकल्पों को अपनाना हमेशा से ही फायदेमंद होता है। ओटमील स्क्रब एक ऐसा ही नेचुरल स्क्रब है, जो स्किन को बिना नुकसान पहुंचाए साफ, सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि और इसके फायदों के बारे में- ओटमील स्क्रब बनाने की सामग्री     2 टेबलस्पून दरदरे पिसे हुए ओट्स     1 टेबलस्पून दही (स्किन को सॉफ्ट बनाने के लिए)     1 टेबलस्पून शहद (स्किन को हाइड्रेट करने के लिए)     1 टीस्पून नींबू का रस (ऑयली स्किन के लिए) बनाने और लगाने की विधि     सबसे पहले ओट्स को दरदरा पीस लें। ध्यान रखें इसे बहुत बारीक न करें, जिससे स्क्रबिंग का असर बना रहे।     अब इसमें दही, शहद और नींबू का रस मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें।     इस पेस्ट को साफ चेहरे पर लगाएं और उंगलियों से हल्के हाथों से गोलाई में 2-3 मिनट तक मसाज करें।     अब इसे 10 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें जिससे इसके पोषक तत्व स्किन में अच्छी तरह समा जाएं। गुनगुने पानी से चेहरा वॉश करें और साफ और सॉफ्ट टॉवेल से थपथपाकर सुखा लें। ओटमील स्क्रब के फायदे     नेचुरल एक्सफोलिएशन- ओट्स स्किन से डेड सेल्स और गंदगी हटाते हैं जिससे स्किन स्मूद और क्लीन बनती है।     हाइड्रेशन और सॉफ्टनेस- शहद और दही स्किन को मॉइस्चराइज करते हैं, जिससे वह रूखी नहीं लगती।     ऑयल बैलेंसिंग- नींबू का रस एक्स्ट्रा ऑयल को है और मुंहासों से बचाता है।     नेचुरल ग्लो- नियमित इस्तेमाल से त्वचा में निखार आता है और चेहरा फ्रेश दिखता है। ओटमील स्क्रब एक आसान, सस्ता और प्रभावी तरीका है जिससे आप घर बैठे ही पार्लर जैसी शायनी और सॉफ्ट स्किन पा सकती हैं। इसे हफ्ते में दो बार इस्तेमाल करें और कुछ ही दिनों में फर्क साफ नजर आने लगेगा। यह स्क्रब सभी स्किन टाइप्स के लिए फायदेमंद है और इसमें किसी भी प्रकार का केमिकल नहीं होता, जिससे आपकी त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।  

सीएम ने लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित कर किया प्रोत्साहित

झांसी में सीएम योगी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को दिए चेक सीएम योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रदान किया टूल किट सीएम ने लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित कर किया प्रोत्साहित सीएम योगी ने नव निर्मित कन्वेंशन सेंटर का भी किया लोकार्पण झांसी जनपद के दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को योजना के चेक प्रदान किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत टूलकिट का वितरण किया। सीएम ने इस अवसर पर लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया। इसी के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने नव निर्मित कन्वेंशन सेंटर का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत हृदयेश पाल को आइसक्रीम विनिर्माण के लिए, संतोष कुमार को टेंट हाउस के लिए, प्रतीक को फोटो फ्रेमिंग और पूजन सामग्री निर्माण के लिए, पवन गौहर को डीजे साउंड सिस्टम के लिए, रीना सोनी को ब्यूटी पार्लर के लिए और रोहित कुशवाहा को फ्लावर डेकोरेशन का काम शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से चेक प्रदान किए। इसके अलावा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को सीएम ने टूल किट प्रदान किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुशबू साहू, आशा देवी, ज्योति, मोनू श्रीवास, समित कुशवाहा और सोनिया कुशवाहा को योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के व्यवसाय से संबंधित टूल किट प्रदान किया। इस मौके पर स्थानीय जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।