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मौत का कफ सिरप? मासूमों की जान जाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कल होगी अहम सुनवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट सहमत हो गया। अदालत ने दवा सुरक्षा तंत्र में जांच और व्यवस्थागत सुधार की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अधिवक्ता और याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है और तत्काल सुनवाई योग्य है।  राष्ट्रीय स्तर पर जांच और सुधार की मांग याचिका में इन घटनाओं की अदालत की निगरानी में जांच और एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति के गठन का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, याचिका में कहा गया है कि जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत से जुड़े सभी FIRs और जांचों को CBI को ट्रांसफर किया जाए, ताकि पूरे देश में जांच एक समान और निष्पक्ष रूप से की जा सके। राज्यों में जांच बिखरी याचिकाकर्ता ने कहा है कि अलग-अलग राज्यों में जांच होने से जवाबदेही बिखर जाती है, जिससे बार-बार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और खतरनाक दवाएं बाजार में पहुंच जाती हैं। इसलिए एक केंद्रीकृत जांच की जरूरत है जो पूरे सिस्टम में सुधार सुनिश्चित करे। बिक्री से पहले मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं हो परीक्षण याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह यह पता लगाए कि दवा सुरक्षा और गुणवत्ता जांच प्रणाली में कौन सी चूक हुई, जिनकी वजह से निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं बाजार में पहुंचीं। इसमें अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि आगे किसी भी बिक्री या निर्यात की अनुमति देने से पहले सभी संदिग्ध उत्पादों का एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से विष विज्ञान परीक्षण अनिवार्य किया जाए।  

खीरी डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बोलीं, सीएम योगी के मार्गदर्शन में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम

आईजीआरएस रैंकिंग में लखीमपुर खीरी ने मारी बाजी, बलरामपुर ने हासिल किया दूसरा स्थान    सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान   आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में डीएम लखीमपुर खीरी ने पहला, बलरामपुर ने दूसरा और बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया खीरी डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बोलीं, सीएम योगी के मार्गदर्शन में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम   लखनऊ योगी सरकार ने पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश के सर्वांगीण विकास मेें नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेशवासियों के खुशहाल जीवन के लिए कई निर्णय लिये गये, जो पूरे देश में मॉडल बनकर उभरे। इन फैसलों को देश के कई अन्य राज्यों ने अपने यहां लागू भी किया, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व को दर्शाते हैं। इसी क्रम में सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है।आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में लखीमपुर खीरी ने पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि बलरामपुर ने दूसरा और बरेली  ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  खीरी ने रैंकिंग की रिपोर्ट में सर्वाधिक 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में हासिल किया पहला स्थान आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार लखीमपुर खीरी ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप लखीमपुर खीरी में विकास कार्यों समेत जनसुनवाई की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि लखीमपुर खीरी की सितंबर माह की जनसुनवाई निस्तारण दर 95.71 प्रतिशत है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।  जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम लखीमपुर खीरी जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में रोजाना प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। साथ ही समस्या के समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए मॉनीटरिंग भी की जाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर काम किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि लखीमपुर खीरी ने आईजीआरएस की सितंबर माह की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जनसुनवाई में आए हर शिकायतकर्ता की समस्या के निस्तारण के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। इससे न केवल शिकायतों की संख्या घटी बल्कि जनता का भरोसा भी प्रशासन पर और मजबूत हुआ है। बलरामपुर ने दूसरा, बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, टॉप फाइव जिलों में अंबेडकरनगर, सोनभद्र ने बनायी जगह बलरामपुर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में बलरामपुर दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर किया जाए। बलरामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 133 अंक प्राप्त किये हैं, जिसकी निस्तारण दर 95 प्रतिशत है। इसी तरह बरेली ने भी 133 अंक हासिल कर तीसरा, अंबेडकरनगर ने 132 अंक प्राप्त कर चौथा और सोनभद्र ने 131 अंक हासिल कर पांचवा स्थान प्राप्त किया है। वहीं टॉप टेन जिलों में हाथरस, श्रावस्ती, हमीरपुर, पीलीभीत और बस्ती ने जगह बनायी है।    

शांति की राह पर इजरायल-हमास, युद्धविराम के साथ शुरू हुआ पीस डील का पहला फेज

गाजा  दुनिया को खुशखबरी मिल गई है. इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता हो गया है. 2 साल से चली आ रही जंग का अब अंत हो गया है. इजरायल और हमास ने डोनाल्ड ट्रंप के पीस डील को स्वीकार कर एक गाजा में नई सुबह की शुरुआत की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और हमास ने शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. खुद डोनाल्ड ट्रंप ने यह खुशखबरी पूरी दुनिया को दी है. सालों से चले आ रहे गाजा युद्ध के बीच यह समझौता एक अहम मोड़ है, जो दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में पहला कदम साबित हो सकता है. अब सवाल है कि इजरायल और हमास के बीच पहले चरण के समझौते में क्या-क्या होगा? दरअसल, अमेरिका ने ही हमास और इजरायल के बीच पीस डील का खाका तैयार किया है. इस समझौते के पहले चरण में मुख्य रूप से मानवीय पहलुओं पर फोकस किया गया है. इसमें बंधकों की रिहाई और इजरायली सेना के पीछे हटने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं. आइए जानते हैं कि इस फर्स्ट फेज में क्या-क्या होने वाला है और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा. पीस डील के फर्स्ट फेज में क्या-क्या? सबसे पहले समझौते के तहत सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा. हमास के पास मौजूद इजरायली बंधकों को तत्काल मुक्त किया जाएगा. अनुमान है कि करीब 100 से अधिक बंधक इस प्रक्रिया में शामिल हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी हैं. हालांकि, समाचार एजेंसी एपी ने दावा किया है कि हमास इस वीकेंड तक सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा कर देगा. वहीं, इजरायल गाजा के अधिकांश हिस्से से वापस लौट जाएगा. बंधकों को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. इसमें मेडिकल चेकअप और मनोवैज्ञानिक सहायता भी शामिल होगी.     उधर इजरायल भी अपनी जेलों से फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. हालांकि, अभी इसकी संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है. अब चूंकि डील हो गई है, इसलिए यह रिहाई प्रक्रिया 72 घंटे के भीतर पूरी करनी होगी, जो शांति वार्ता की सफलता की पहली परीक्षा होगी.     दूसरा अहम पहलू इजरायली सेना का निर्धारित क्षेत्रों तक पीछे हटना है. समझौते के पहले चरण के मुताबिक, इजरायली फौज गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों से हटेगी. खासकर उन क्षेत्रों से जहां हाल के महीनों में तीव्र संघर्ष देखा गया है. सेना के पीछे हटने की सीमा पूर्व-निर्धारित बफर जोन तक होगी, जो गाजा की सीमाओं पर स्थित हैं. इस प्रक्रिया में सेना की टुकड़ियां अपनी पोजीशन से पीछे हटेंगी, मगर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती की जा सकती है.     इतना ही नहीं, फर्स्ट फेज में गाजा में पानी, बिजली और चिकित्सा आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने पर जोर दिया जाएगा. ट्रंप ने वादा किया है कि सेना के पीछे हटाव के बाद गाजा में निर्माण कार्यों को अनुमति दी जाएगी, जो युद्ध से तबाह हुए इलाकों के पुनर्निर्माण में सहायक होगा.     इस फर्स्ट फेज का मकसद तत्काल संघर्ष विराम सुनिश्चित करना है. हमास और इजरायल ने अगले 30 दिनों के भीतर इस पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूरा बयान     मुझे यह बताते हुए बहुत गर्व है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारे शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसका मतलब है कि सारे बंधक बहुत जल्द रिहा किए जाएंगे और इजरायल अपनी फौजों को तय की गई सीमा तक पीछे हटा लेगा. यह एक मजबूत, स्थायी और लंबे समय तक रहने वाली शांति की दिशा में पहला कदम है. सभी पक्षों के साथ इंसाफ से बर्ताव किया जाएगा. यह अरब और मुस्लिम दुनिया, इजरायल, आस-पास के सभी देशों और अमेरिका के लिए एक ऐतिहासिक और खुशियों भरा दिन है. हम कतर, मिस्र और तुर्की के उन मध्यस्थों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने हमारे साथ मिलकर इस ऐतिहासिक और अनोखे समझौते को संभव बनाया. शांति दूत धन्य हैं.

85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था, अंता उपचुनाव में घर बैठे वोटिंग का विकल्प

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 को लेकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत यह प्रावधान अधिसूचित किया है। इस सुविधा के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और मानक दिव्यांगता वाले मतदाता फॉर्म 12D भरकर, मतदान की अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर, अपने बीएलओ (BLO) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद विशेष मतदान दल घर जाकर उनका वोट दर्ज करेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, परिवहन, एंबुलेंस, विमानन जैसी आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी भी अपने विभागीय नोडल अधिकारी के माध्यम से डाक मतपत्र की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। मतदान दिवस पर कार्यरत मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधि भी इस सुविधा के पात्र होंगे। सेवा मतदाताओं  को डाक मतपत्र ETPBS (इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम) के माध्यम से भेजा जाएगा। उन्हें डाक खर्च वहन नहीं करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को इन प्रावधानों की जानकारी दें। अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,013 मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के, 1,170 दिव्यांग मतदाता और 39 सेवा मतदाता हैं। ये सभी डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने के पात्र होंगे। त्रिकोणीय मुकाबले की जमीन तैयार अंता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बीजेपी ने अब तक अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी के पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी यहां से प्रमोद जैन भाया को हराकर विधायक रह चुके हैं। इनके अलावा नरेश मीणा भी इस सीट पर अपना दांव आजमाना चाहते हैं। नरेश ने सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी से इस सीट के लिए टिकट मांगा था। अब कांग्रेस अपना प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है तो नरेश मीणा निर्दलीय यहां से ताल ठोक सकते हैं। 

करवा चौथ 2025 गाइड: कब और कहां नजर आएगा चांद, और कहां करना होगा इंतजार

हिंदू धर्म में करवा चौथ के त्योहार का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 10 अक्तूबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, बेहतर जीवन, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए रखा जाता है। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। रात को जब चंद्रमा के दर्शन होते हैं तो चंद्रदेव की पूजा करके अर्घ्य अर्पित करते हुए अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं। चंद्रमा के निकलने से कुछ घंटे पहले शाम को करवा माता की पूजा शुरू होती है, जहां पर सभी सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार के साथ एकत्रित होकर पूजा करते हैं। पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनती है। फिर चांद के निकलने पर छलनी से दर्शन करते हुए चंद्र देव की पूजा की जाती है।   करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय 10 अक्तूबर 2025 को देशभर में करवा चौथ का व्रत मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 अक्तूबर की रात को चंद्रोदय का समय रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। चंद्रोदय का यह समय देश की राजधानी दिल्ली को मानक मानकर है। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है।  करवा चौथ 2025 शुभ तिथि सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का विशेष महत्व होता है। इस पर्व का इंतजार महिलाओं को बेसब्री से होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस बार करवा चौथ 10 अक्तूबर को है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 09 अक्तूबर को रात 10 बजकर 54 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 10 अक्तूबर को शाम 07 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी।   करवा चौथ 2025 पूजा शुभ मुहूर्त 10 अक्तूबर को करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा के लिए कुल अवधि 01 घंटा 9 मिनट तक रहेगा। करवा चौथ 2025 चंद्रोदय समय करवा चौथ पर चांद के दर्शन करने के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। पंचांग के अनुसार करवा चौथ पर चांद के निकलने का समय दिल्ली शहर को मानक मानते हुए रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। आपके शहर में चंद्रोदय का समय दिल्ली                रात 08:13 नोएडा                रात 08:13 गुरुग्राम              रात 08:14 गाजियाबाद         रात 08:11 आपके शहर में चंद्रोदय का समय चंडीगढ़             रात 08:08 लुधियाना           रात 08:11 अमृतसर           रात 08:14 शिमला              रात 08:06 आपके शहर में चंद्रोदय का समय मेरठ                  रात 08:10 आगरा                रात 08:08 पटना                 रात 07:48 देहरादून             रात 08:04 आपके शहर में चंद्रोदय का समय जयपुर                 रात 08:22 मुंबई                   रात 08:55 बेंगलुरु                रात 08:48 रांची                   रात 07:52 आपके शहर में चंद्रोदय का समय भोपाल              रात 08:26 इंदौर                रात 08:33 ग्वालियर            रात 08:15 उज्जैन                रात 08:33 देश के इन शहरों में समय पर दिखेगा चांद     मुंबई                   कोलकाता        जम्मू                        देहरादून       शिमला                     जयपुर     लखनऊ                   कानपुर     इंदौर                       भोपाल     चेन्नई                     बेंगलुरु     देश के इन शहरों में चांद के निकलने पर हो सकती है देरी     दिल्ली               नोएडा                  चंडीगढ़                  पंजाब                     लुधियाना                पटना                       रांची                       प्रयागराज                  अहमदाबाद    

शांति पुरस्कार से दूर होते ट्रंप? नोबेल को लेकर घटा भरोसा

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल पुरस्कार जीतने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस साल ट्रंप की इच्छा पूरे होने के आसार कम हैं। खुद ट्रंप भी कह रहे हैं कि नोबेल कमेटी उनके बजाए किसी और को पुरस्कार देने की वजह खोज लेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान समेत 7 युद्ध रुकवाए हैं। एएफपी से बातचीत में स्वीडन के प्रोफेसर पीटर वालेनस्टीन ने कहा, 'नहीं, ट्रंप इस साल नहीं जीतेंगे।' उन्होंने कहा, 'लेकिन शायद अगले साल? तब तक गाजा संकट समेत उनकी कई पहलों पर स्थिति साफ हो चुकी होगी।' कौन जीत सकता है पुरस्कार खबर है कि इस साल 338 लोग और संगठन नॉमिनेशन प्रक्रिया में हैं, लेकिन यह सूची गुप्त रखी जाती है। नॉमिनेट करने वालों में सांसद, सरकारी अधिकारी, पूर्व विजेता और कमेटी के सदस्य शामिल होते हैं। साल 2024 में यह पुरस्कार जापान के एटम बम पीड़ितों से जुड़े निहोन हिदान्यको को मिला था। साफ नहीं है कि 2025 की रेस में कौन-कौन है। माना जा रहा है कि सुडान के इमरजेंसी रिस्पॉन्स रूम, रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी की विधवा यूलिया नवलनाया और चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने वाले ऑफिस फॉर डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन्स एंड ह्यूमन राइट्स का नाम दौड़ में शामिल हो सकता है। इनके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, UNRWA के नाम पर मुहर लग सकती है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि इस बार नोबेल कमेटी अपने चुनाव से सभी को चौंका सकती है। भारतीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर पुरस्कार की घोषणा की जा सकती है। खुद ट्रंप क्या बोले नोबेल से जुड़े सवाल पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'मुझे कोई आइडिया नहीं है…। मार्को आपको बताएंगे कि हमने 7 युद्ध समाप्त किए हैं। हम 8वां समाप्त करने के करीब हैं। मुझे लगता है कि हम रूसी स्थिति को भी खत्म कर लेंगे…। मुझे नहीं लगता कि इतिहास में किसी ने कभी इतने युद्ध खत्म कराए होंगे। लेकिन वो शायद पुरस्कार मुझे नहीं देने की कोई वजह खोज लेंगे।'

आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान से बस्तर में लौटी शांति की उम्मीद : मुख्यमंत्री साय

नारायणपुर में 16 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में की वापसी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर बदल रहा है — अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे मानवीय अभियानों ने उन लोगों के दिलों में आशा का दीप जलाया है, जो कभी भटककर लाल आतंक के रास्ते पर चले गए थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज नारायणपुर जिले में 16 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था। उन्होंने अब शांति, शिक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन की नई राह चुनी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  राज्य सरकार की नीतियों पर जन-जन का विश्वास बढ़ा है और सुरक्षा बलों की दृढ़ता ने विकास और विश्वास का माहौल स्थापित किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 20 महीनों में कुल 1,837 माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह परिवर्तन इस बात का साक्षी है कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियां न केवल शांति ला रही हैं, बल्कि बस्तर को एक नए युग की ओर अग्रसर कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर गांव तक विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की रोशनी पहुँचाना है।

अंजीर का पानी क्यों है सेहत का खजाना? जानें इसका सही सेवन तरीका

औषधियों में अंजीर एक बेहद खास स्थान रखता है। यह न केवल स्वाद में मीठा होता है बल्कि इसमें औषधीय गुण भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। खासकर जब अंजीर को रातभर पानी में भिगोकर सेवन किया जाए, तो इसके स्वास्थ्य लाभ और भी बढ़ जाते हैं। अंजीर का पानी शरीर को अंदर से शुद्ध करता है, अंगों की कार्यक्षमता सुधारता है और कई रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। आइए जानते हैं कि अंजीर का पानी किन अंगों के लिए फायदेमंद होता है और इसे सही तरीके से कैसे सेवन किया जाए डाइजेस्टिव सिस्टम को बनाए मजबूत अंजीर का पानी फाइबर से भरपूर होता है, जो डाइजेशन में सुधार करता है। यह कब्ज, गैस और अपच की समस्या को भी दूर करता है। इसके रेचक लेक्सेटिव (रेचक) गुण आंतों को साफ रखते हैं और पेट को हल्का महसूस कराते हैं। हार्ट हेल्थ के लिए उपयोगी अंजीर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल की सेहत को सुधारते हैं। यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा घटता है। लिवर डिटॉक्स में मददगार अंजीर का पानी लिवर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है। यह लिवर की कोशिकाओं को सक्रिय करता है, जिससे इसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है और थकान, भारीपन जैसी समस्याएं कम होती हैं। किडनी के लिए फायदेमंद अंजीर के ड्यूरेटिक गुण किडनी की सफाई में मदद करते हैं। ये यूरीन के जरिए टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और किडनी इन्फेक्शन या स्टोन जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करता है। हड्डियों को मजबूत बनाए अंजीर में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो हड्डियों की मजबूती बढ़ाते हैं। यह उम्र के साथ होने वाली हड्डियों की कमजोरी से बचाव भी करता है। अंजीर का पानी पीने का सही तरीका 2–3 सूखे अंजीर को रातभर एक साफ गिलास पानी में भिंगोकर रख दें।सुबह खाली पेट इन अंजीरों को चबाकर खाएं और ऊपर से पानी पी लें। लगातार 3–4 हफ्ते तक इसका सेवन करने से फायदा महसूस होने लगेगा। अंजीर का पानी एक आसान लेकिन पावरफुल घरेलू नुस्खा है जो शरीर के कई प्रमुख अंगों को फायदा पहुंचाता है। इस डेली रूटीन में शामिल कर आप अपनी लाइफ को हेल्दी बना सकते हैं।  

गुलाबी ठंड की दस्तक: एमपी में बदला मौसम का मिजाज, दो दिन पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में दिन में तेज धूप खिलेगी और रात में गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा। मौसम विभाग ने 2 से 3 दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई के संकेत दिए हैं। पूर्वी हिस्से में 3 दिन तक बूंदाबांदी के आसार जरूर है।  मध्य प्रदेश से पूरी तरह से मानसून की विदाई के पहले ही गुलाबी ठंड का अकर दिखने लगा है. शरद पूर्णिमा के अगले दिन से ही प्रदेश के कई जिलों में हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है. इस दौरान कई शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है. मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात इंदौर और राजगढ़ जिले का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया. वहीं कुछ जगहों पर लोकल सिस्टम के चलते हल्की बूंदाबांदी भी देखी जा रही है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंच रहा है. ऐसे में हवा का रुख भी धीरे-धीरे बदल रहा है, जिसके कारण बादल छाने के बावजूद रात के तापमान में गिरावट हो रही है. सामान्यतः इन दिनों जब बादल छाते हैं तब रात के तापमान में गिरावट नहीं होती. वहीं अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों से मानसून की विदाई हो सकती है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में दक्षिण पश्चिम मानसून अगले 2 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से वापसी कर सकता है. वहीं बीते दिन एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन शक्ति आज सुबह एक निम्न दबाव के क्षेत्र में बदला है. साथ ही एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा के इलाके में बना हुआ है. ऐसे में अगले 5 दिनों के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में तेज बारिश की संभावना नहीं बनी है. अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम रहेगा। पूर्वी हिस्से के जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में दिन में तेज धूप खिली रहेगी। इधर, कई शहरों में रात का पारा 18 डिग्री तक पहुंच गया है। 8-9 सितंबर की बात करें तो धार, इंदौर, राजगढ़ में तापमान 17.6 से 17.7 डिग्री के बीच रहा। भोपाल में 19.6 डिग्री, उज्जैन में 19 डिग्री, ग्वालियर में 22.1 डिग्री और जबलपुर में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापlमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: सतना – 33.6°C (सबसे ज्यादा), खजुराहो (छतरपुर) – 33°C, नर्मदापुरम/मंडला – 32.8°C, उमरिया – 32.5°C, जबलपुर – 32.2°C, न्यूनतम तापमान: इंदौर/राजगढ़ – 17.6°C (सबसे कम), धार – 17.7°C, गिरवर (शाजपुर) – 18.6°C, सीहोर – 18.8°C, उज्जैन/खंडवा – 19°C कैसा रहा बड़े शहरों का पारा जबलपुर – 32.2°C ग्वालियर – 31.4°C उज्जैन – 31°C भोपाल – 30.7°C इंदौर – 30.5°C