Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

लखनऊ में मायावती ने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधा, PDA मुद्दे पर लगाई कटाक्ष

लखनऊ चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती और उनकी अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक्टिव मोड में आ गई है. बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती की पार्टी आज लखनऊ में बड़ी रैली कर रही है. इस रैली को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इस स्थल पर मरम्मत का कार्य नहीं होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से मान्यवर कांशीराम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर पा रहे थे. मायावती ने योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि यूपी की वर्तमान सरकार सपा जैसी नहीं है. योगी सरकार ने पूरा का पूरा पैसा इस स्थल के मरम्मत के कार्य पर खर्च किया. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में इन स्थलों की हालत जर्जर हो गई थी. मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने एक पैसा भी इन स्थलों के रख-रखाव पर खर्च नहीं किया. मायावती ने कहा कि हमने सरकार में रहते ऐसा सिस्टम बनाया था कि इन स्थलों को देखने आने वाले लोगों से लिया गया टिकट का पैसा इनके रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. सपा की सरकार में टिकट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार आई, तब हमने मुख्यमंत्री को इसे लेकर पत्र लिखा. हमने आग्रह किया कि टिकट का पैसा जो भारी मात्रा में सरकार के पास इकट्ठा हो गया है, उससे इन स्थलों की मरम्मत कराई जाए. मायावती ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने इसे दिखवाया और मरम्मत कराई. उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ये सरकार में रहते हैं, तब इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद नहीं आते. आज जब ये विपक्ष में हैं, तब इनको पीडीए याद आ रहा है. मायावती ने पूछा कि सत्ता में रहते इनको पीडीए क्यों नहीं याद रहा. आज इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से पूछना चाहती हूं कि हमने कासगंज जिला बनाकर उसका नाम मान्यवर कांशीराम के नाम से रखा था. सत्ता में आते ही सपा ने उसका नाम बदल दिया. बसपा प्रमुख ने कहा कि हमने सत्ता में रहते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु समेत अपने संतों और गुरुओं को पूरा सम्मान दिया है. ये जातिवादी पार्टियों को रास नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि सपा अब पीडीए के नाम पर बरगलाने का काम कर रही है. सपा के शासन में इन वर्गों का बहुत ज्यादा शोषण और उत्पीड़न हुआ है. बसपा प्रमुख ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को कोट करते हुए कहा कि वह कहते थे सत्ता एक ऐसी मास्टर चाबी है, जिसके माध्यम से इन वर्गों के लोग अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, खुशहाली और स्वाभिमान का जीवन व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सपने को पूरा करने के लिए मान्यवर कांशीराम ने अपना पूरा जीवन खपा दिया. यूपी में कई बार सरकार बनाकर, आसपास के राज्यों में भी विधायक-सांसद जिताकर बाबा साहब का कारवां आगे बढ़ाया है. मायावती ने कहा कि कांशीराम की दिली तमन्ना थी कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्गों की आबादी बहुत अधिक है, इन वर्गों को एकजुट होकर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी. तभी पूरे स्वाभिमान के साथ जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि दुख की बात ये है कि कांशीराम के जीते जी यह सपना साकार नहीं हो सका था. मायावती ने कहा कि उनके निधन के बाद उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी ने इसे पूरा भी किया है और हमने 2007 में पहली बार अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है. उन्होंने इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आप सभी लोग अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतनी बड़ी संख्या में मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे है. बसपा का दावा- जुटे पांच लाख कार्यकर्ता बसपा का दावा है कि रैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के पांच लाख से अधिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. इस रैली के लिए मायावती ने अलग योजना तैयार की है. मायावती करीब तीन घंटे तक मंच पर मौजूद रहेंगी और रैली को संबोधित भी करेंगी. मंच पर मायावती के साथ ही छह और लोग होंगे. कार्यक्रम के मुख्य मंच पर सात कुर्सियां लगाई गई हैं. मंच पर मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार, भतीजे आकाश आनंद और वरिष्ठ नेता सतीशचंद्र मिश्र भी होंगे. कार्यक्रम की शुरुआत थोड़ी देर में होनी है. इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी ने पहली बार कार्यकर्ता सहायता शिविर लगाया है. इस शिविर में युवा नेता-कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से रैली में शामिल होने आ रहे लोगों की सहायता कर रहे हैं. गौरतलब है कि चार साल पहले यानी 2021 बसपा प्रमुख मायावती ने 9 अक्तूबर को ही कांशीराम स्मारक स्थल में रैली की थी. तब कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने थे. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज़ एक सीट पर ही जीत सकी थी. मायावती ने इस बार भी रैली के लिए वही मौका, वही तारीख और वही स्थान चुना है. बसपा की रणनीति अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले खुद को मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने पेश करने की है. खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने की जद्दोजहद में जुटी बसपा और इसकी प्रमुख मायावती की कोशिश छिटके कोर वोटर को फिर से अपने पाले में लाने की है.

लक्ष्य साधने वालों के राज़: सफलता की 5 सुनहरी आदतें

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन इसे हासिल करने का सही रास्ता बहुत कम ही लोगों को पता होता है। कई लोग अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर बीच में ही थककर हार मानकर अपना रास्ता बदलने की गलती कर बैठते हैं। जिसकी वजह से वो सफलता से और दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्य को हासिल करके जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो ये 5 खूबियां अपने भीतर तुरंत उतार लें। अपना फैसला खुद लें अगर आप जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं तो अपने लिए फैसले दूसरों की मदद से नहीं बल्कि खुद के विवेक से लें। अपने जीवन में शामिल दोस्तों और रिश्तेदारों को अहमियत दें लेकिन अपना हर फैसला लेने के लिए उन पर निर्भर न रहें। अपनी जरूरतों को देखते हुए अपने फैसले खुद लेने का प्रयास करें। आत्मविश्वास की ना होने दें कमी सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज, व्यक्ति का खुद पर आत्मविश्वास का होना है। जो व्यक्ति के भीतर जीवन से मिले अनुभवों से पैदा होता है। याद रखें खुद में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए आपके पास जीवन में एक मकसद का होना जरूरी होता है। जिसे पूरा करने के लिए आप पूरे विश्वास के साथ मेहनत करते हैं। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी कई बार व्यक्ति दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत दिशा में मेहनत करना। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को करने के लिए कम समय लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको अपने काम करने के तरीके पर गौर करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार सफलता हार्ड वर्क से नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क से भी मिल जाया करती है। अपनी कमियों को भी स्वीकार करें सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों की जानकारी भी पूरी होनी चाहिए। अगर आप जीवन में आगे बढ़कर नई उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं, तो अपनी कमियों का पता करके न सिर्फ उन्हें स्वीकार करें बल्कि उन्हें सुधारने की दिशा में भी काम करें। समय की कीमत समझें जो व्यक्ति अपने जीवन में समय की कदर नहीं करता, उसे सफलता कभी नहीं मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी होता है।  

टी20 वर्ल्ड कप के बाद सच सामने आया, अश्विन ने खोले BCCI के फैसलों के राज!

नई दिल्ली  विराट कोहली और रोहित शर्मा क्या टीम इंडिया के 2027 वनडे वर्ल्ड कप के प्लान में हैं? शर्मा से वनडे की कप्तानी छिनने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम का ऐलान करते वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो संकेत दिए, उससे तो यही लग रहा कि रोहित और कोहली का अगले वनडे वर्ल्ड कप तक खेलना दूर की कौड़ी लग रहा। इस बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके महान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित, कोहली के मुद्दे पर बीसीसीआई को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने पूछा है कि दोनों को टी20 वर्ल्ड कप के बाद ही क्यों नहीं बताया गया कि क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर बीसीसीआई क्या सोचता है। उसके ठीक बाद दोनों दिग्गजों ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास का ऐलान कर दिया था। अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन इस बात में गए ही नहीं कि कोहली और रोहित का भविष्य क्या हो सकता है या चयनसमिति ने शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान बनाकर सही किया या गलत। पूर्व स्पिनर ने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों से उनके करियर को लेकर बेहतर ढंग से संवाद की जरूरत है। उन्होंने पूछा कि टी20 वर्ल्ड कप के बाद जब दोनों ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास का ऐलान किया था तब चयनकर्ताओं ने 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने रोडमैप के बारे में उन दोनों को क्यों नहीं बताया। अश्विन ने कहा, 'एक तरफ सिलेक्शन की बात है, दूसरी तरफ कोहली और रोहित की बात है। ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सिलेक्शन पर गौर करने के बाद यह साफ है कि चयनकर्ता आगे बढ़ रहे हैं। हालाकिं इस प्रक्रिया के दौरान उनके पास ये दो खिलाड़ी हैं जो अपने करियर के अंत के करीब हैं। मैं एक बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ऐसे खिलाड़ियों को आप जिस तरह से हैंडल करते हैं, उसमें आपको सुधार की जरूरत है। पूर्व ऑफ स्पिनर ने आगे कहा, 'यह कहना बहुत आसान है कि अब उनकी उम्र हो गई है और उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए। इसकी एक वजह ये हो सकती है कि हम आईपीएल में बहुत से युवा खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखते हैं और हमें लगता है कि वे इन अनुभवी खिलाड़ियों की जगह ले सकते हैं। हालांकि इन सबके बीच हम एक चीज को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, वो है ठोस संवाद और नॉलेज ट्रांसफर। मेरी गुजारिश है कि भविष्य में इसे ठीक किया जाए।' इससे पहले एक और पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी बीसीसीआई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने रोहित शर्मा से इस तरह कप्तानी छीने जाने को इस दिग्गज का अपमान करार दिया था। तिवारी तो यहां तक कह दिए कि अगर वह रोहित की जगह होते तो खुद को इस अपमान से बचने और अपनी गरिमा बचाने के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद वनडे से भी संन्यास का ऐलान कर देते।  

भ्रष्टाचार के संदेह में लोकायुक्त की कार्रवाई, जेपी मेहरा के ठिकानों पर तलाशी

भोपाल  Bhopal में लोकायुक्त (Lokayukta ) की टीम ने गुरुवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर जेपी मेहरा के घर पर छापा मारा। ये छापा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत मारा गया था, जिसमें कहा जा रहा है कि मेहरा ने विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां की थीं। छापे की वजह लोकायुक्त की टीम ने इस छापे को गोपनीय सूचना के आधार पर मारा। जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त की टीम ने पुलिस बल के साथ जेपी मेहरा के भोपाल स्थित मणिपुरम आवास पर तलाशी शुरू की। जेपी मेहरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पीडब्ल्यूडी में विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां कीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने जांच की प्रक्रिया शुरू की, और अब तक की कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जो भ्रष्टाचार के मामलों को और ज्यादा मजबूत कर सकते हैं। बता दें मेहरा इसी साल रिटायर हुए हैं। छापे में मिली संपत्ति से जुड़ी जानकारी छापे (Lokayukta raid in MP) के दौरान अधिकारियों को बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले, जिनमें केस और प्रॉपर्टी से संबंधित कागजात शामिल थे। जेपी मेहरा के घर लोकायुक्त का छापा में मुंबई में खरीदी गई संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है, और इससे जुड़ी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक हो सकती है। केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले जानकारी के अनुसार, छापे के दौरान लोकायुक्त की टीम को बड़ी संख्या में केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें मुंबई में खरीदी गई संपत्ति से जुड़े प्रमाण भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह छापा गोपनीय सूचना के आधार पर मारा गया है। मेहरा इसी साल फरवरी में रिटायर हुए थे। फिलहाल मणिपुरम स्थित उनके आवास में लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।

ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी

अयोध्या में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवार संग उतारी प्रभु श्रीरामलला की आरती मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और महादेव के किए दर्शन, कुबेर टीला पर किया अभिषेक ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी आस्था, श्रद्धा और भव्यता के संगम में डूबी रामनगरी अयोध्या अयोध्या  भारत की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुरुवार का दिन अत्यंत पावन रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने परिवार संग प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और श्रीराम दरबार व जगज्जननी मां दुर्गा के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कुबेर टीला स्थित देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक भी किया।श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने वित्त मंत्री को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। निर्मला सीतारमण ने मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर आस्था और गर्व की भावना व्यक्त की। अयोध्या के आध्यात्मिक तेज में डूबी वित्त मंत्री आरती के दौरान श्रीरामलला का दरबार भक्ति रस से सराबोर हो उठा। सरयू तट से आती मंद बयार और मंदिर प्रांगण में गूंजते भजनों ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। वित्त मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद आरती में शामिल श्रद्धालुओं के साथ “जय श्रीराम” का उद्घोष किया। अयोध्या का गौरव बना विश्व का आध्यात्मिक केंद्र अयोध्या अब केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सभ्यता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को रामायणकालीन इतिहास और आधुनिक भव्यता का संगम देखने को मिलता है। ट्रस्ट ने किया स्वागत श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री व अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कार्यक्रम में भाग लिया।

मतदाता सूची फ्रीज: MP में चुनावी तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, SIR प्रक्रिया को मिलेगा आधार

भोपाल   मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार वोटरों की संख्या बढ़ रही है. मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी में पिछले 22 सालों में वोटरों की संख्या में दो गुना इजाफा हुआ है. बता दें कि 2003 के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में कुल 11 लाख 81 हजार 531 वोटर थे, लेकिन अब यह संख्या  21 लाख 18 हजार 364 हो गई है. इसके लिए जिले के बूथ लेवल के ऑफिसर डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे.  भोपाल में दो बैठकें की गई हैं, जहां निर्वाचन नामवली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कलेक्टोरेट में स्टेंडिंग कमेटी की बैठक हुई है. इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई.  इन दोनों बैठकों में निर्वाचन नामवली के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चर्चा की गई. इसमें फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूचा का सार्वजनिक प्रकाशन किया गया है. अगर किसी कोई आपत्ति है, तो 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकता है.   हालांकि अभी मध्य प्रदेश में एसआईआर को लेकर कोई दिनांक तय नहीं की गई है, लेकिन बिहार में हुए एसआईआर को माडल मानते हुए निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बैठक में एडीएम प्रकाश नायक, उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सूची में नहीं होगा संशोधन उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि बुधवार को मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा की गई। जिसमें बताया गया कि नौ अक्टूबर को मतदाता सूची पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद किसी भी तरह का कोई संशोधन सूची में नहीं किया जा सकेगा। बिहार में हुए मतदाता सूची के एसआईआर को माडल मानते हुए तैयारियां की जा रही हैं। वर्ष 2003 में जिले में चार विधानसभा क्षेत्र थे और कुल 11 लाख 81 हजार 531 मतदाता, 1090 मतदान केंद्र थे। जबकि वर्ष 2025 में सात विधानसभा क्षेत्र, कुल 21 लाख 18 हजार 364 मतदाता और 2029 मतदान केंद्र हैं। 22 साल बाद होगा एसआईआर, बढ़े नौ लाख मतदाता भोपाल जिले में 22 साल पहले वर्ष 2003 में मतदाता सूची का एसआईआर किया गया था, जो अब 2025 में करने की तैयारी है। इन 22 साल में कुल नौ लाख 36 हजार 833 मतदाता जिले में बढ़े हैं। ऐसे में 2003 की सूची में जिन मतदाताओं के नाम हैं उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। हालांकि सभी मतदाताओं को गणना पत्रक भरकर देना होगा। यह पत्रक सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को देंगे। इसको लेकर अभी निर्वाचन आयोग से निर्देश आना बाकी हैं। नगरीय निकाय मतदाता सूची प्रकाशित, 17 तक दावे-आपत्ति मंगवाए भोपाल जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बुधवार को नगरीय निकाय की फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। इस दौरान आयोजित स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि वह सूची को लेकर सभी तरह के दावे-आपत्ति 17 अक्टूबर तक प्रस्तुत कर सकेंगे। जिनके आधार पर बाद में नगरीय निकाय की सूची में संशोधन किया जा सकेगा। प्रकाशित की गई सूची में भोपाल नगर निगम के 85 वार्डों में 17 लाख 90 हजार 905 मतदाता हैं। जिनमें नौ लाख 18 हजार 527 पुरुष और आठ लाख 72 हजार 914 महिला सहित 164 अन्य मतदाता शामिल हैं। ऐसे मतदाता जिनकी उम्र एक जनवरी 2026 को 18 साल पूरी हो रही है, वह नए मतदाता कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहचान पत्रों में आधार का जिक्र नहीं सक्सेना इस मामले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना का कहना है कि मध्य प्रदेश में एसआइआर को लागू करने में आधार को शामिल करने संबंधी जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय ने नहीं दी है। सरकार ने समग्र आईडी, वोटर कार्ड, प्रापर्टी, बैंक खाता सहित सभी जरूरी दस्तावेजों को आधार से लिंक कराया है। जबकि भारत निर्वाचन आयोग की सूची में इसे पहचान के दस्तावेजों में शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए पार्टी स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।    

26/11 हमले को लेकर गरमाई सियासत, पीएम मोदी ने कांग्रेस से मांगा जवाब

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कांग्रेस से कहा कि उसे देश को बताना चाहिए कि पाकिस्तान से जुड़े 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद भारत को जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से किसने रोका था. साथ ही उन्होंने पार्टी पर सत्ता में रहते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने का आरोप लगाया.   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार (2004-14) ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर किया, जिसके कारण देश को भारी कीमत चुकानी पड़ी है. पीएम मोदी ने मुंबई में लोगों को संबोधित करते हुए कहा- ‘‘एक कांग्रेस नेता, जो केंद्रीय गृह मंत्री भी रह चुके हैं, ने कहा है कि एक देश ने 2008 में 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद भारत को जवाबी सैन्य कार्रवाई से रोका था. पार्टी को स्पष्टीकरण देना चाहिए’’.  सेना पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस सरकार पीछे हट गई: पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस के एक शीर्ष नेता, जो केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं, की बात पर यकीन किया जाए, तो तत्कालीन UPA सरकार एक देश के दबाव में पाकिस्तान पर हमला करने से पीछे हट गई, जबकि हमारे रक्षा बल तैयार थे और देश की भावना (पड़ोसी देश पर) हमला करने की थी.’’ मोदी ने आरोप लगाया कि आतंकवाद से डटकर मुकाबला करने में कांग्रेस की कमजोरी ने आतंकवादियों के हाथ मजबूत किए. उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि 26/11 के हमलों के बाद भारत को जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से किसने रोका था. पी चिदंबरम ने मुंबई हमले पर की थी टिप्पणी, पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में किया जिक्र पीएम मोदी स्पष्ट रूप से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम की उस टिप्पणी का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि वह हमलों के बाद व्यक्तिगत रूप से पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के पक्षधर थे, लेकिन संप्रग सरकार ने विदेश मंत्रालय के विचार के अनुसार इस्लामाबाद के खिलाफ कूटनीतिक कदम उठाने का फैसला किया. चिदंबरम ने कहा था कि अमेरिका सहित वैश्विक शक्तियां चाहती थीं कि भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू न करे.

दिल्ली टेस्ट में कौन खेलेगा-कौन बाहर? असिस्टेंट कोच ने बताया पूरा प्लान

नई दिल्ली दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार 10 अक्टूबर से दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है। टीम इंडिया इस दो मैचों की सीरीज में पहले से ही 1-0 से आगे हैं। ऐसे में मेहमान टीम पर सीरीज गंवाने का दबाव है। इस मुकाबले के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन कैसी होगी? इससे पर्दा उठ चुका है, क्योंकि भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उसी प्लेइंग इलेवन के साथ उतरने का फैसला किया है, जो अहमदाबाद में 2 अक्टूबर से खेले गए पहले टेस्ट मैच में थी। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोएशे ने बताया है कि भारत संभावित तौर पर बिना किसी बदलाव के दिल्ली टेस्ट मैच में उतरेगा। असिस्टेंट कोच ने ये भी कहा है कि वे सीम बॉलिंग ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को और भी मौके ग्रूम होने के लिए देंगे। उनका कहना है कि ओवरशीज टेस्ट मैचों में नितीश ने अच्छा प्रदर्शन किया है और ऐसे में उनको टीम मैनेजमेंट बैक कर रहा है। प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में रायन टेन डोएशे ने कहा, "मैं कहूंगा कि हम संयोजन में बदलाव की संभावना नहीं रखते। हमारा एक उद्देश्य, मध्यम अवधि का एक उद्देश्य, भारत के लिए एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर तैयार करना है। जब हम विदेशी दौरे पर जाते हैं तो यह बहुत जरूरी होता है कि हमारे पास वह पोजिशन हो। पिछले हफ्ते हमने नितीश पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया था, इसलिए मुझे लगता है कि यह उसे एक और मौका देने और टीम के संतुलन को बिगाड़े बिना खेलने का एक अच्छा मौका है। हमें लगता है कि वह एक शानदार तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं।" कोच ने आगे कहा है कि नितीश इस सीरीज से अपने गेंदबाजी स्किल को अच्छा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि नितीश ने ऑस्ट्रेलिया में सबको दिखा दिया है कि एक बल्लेबाज के तौर पर वह कितने बेहतरीन हैं। उनके लिए चुनौती यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें विदेशी सीरीज के बीच में खेलने का मौका मिले। आगे देखना ज्यादा जरूरी यह है कि उन्हें खेलने का समय कैसे मिलता है और अपनी गेंदबाजी को निखारने का मौका कैसे मिलता है।" टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज  

डी-कंपनी की धमकी से दहला क्रिकेटर रिंकू सिंह, फिरौती मांगने वाला गिरफ्तार

मुंबई भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. उनसे दाऊद इब्राह‍िम के ग‍िरोह डी-कंपनी का नाम लेकर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई. पुल‍िस ने इस मामले में क्रिकेटर रिंकू को धमकी देने वाले आरोपी से पूछताछ की, जिसके बाद इस बात का खुलासा हुआ.  दरअसल, रिंकू सिंह से भी फ‍िरौती मांगी गई है, इस बात का खुलासा मुंबई पुल‍िस की जांच में हुआ. ध्यान रहे दिवंगत एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को धमकी देने के मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद दिलशाद नौशाद गिरफ्तार हुआ था, उससे पूछताछ में यह बात सामने आई. नौशाद ने पूछताछ के दौरान खुलासे में बताया कि उसने भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह से भी 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी. सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि दिलशाद ने रिंकू सिंह के इवेंट मैनेजर को भी धमकी भरा ईमेल भेजा था. दोनों मामलों में आरोपी ने खुद को डी-कंपनी का सदस्य बताते हुए फिरौती न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी. मुंबई पुलिस ने इस मामले में पहली बार बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के दरभंगा निवासी 33 वर्षीय मोहम्मद दिलशाद नौशाद को त्रिनिदाद और टोबैगो से प्रत्यर्पित किया था. जीशान सिद्दीकी को कब मिली धमकी?  अप्रैल 2025 में जीशान सिद्दीकी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें ईमेल के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई है. ईमेल में लिखा था कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उनका अंजाम उनके पिता बाबा सिद्दीकी जैसा होगा. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि धमकी भरे ईमेल 19 से 21 अप्रैल 2025 के बीच भेजे गए थे. इन ईमेल्स में आरोपी ने न सिर्फ डी-कंपनी का नाम इस्तेमाल किया, बल्कि जांच को गुमराह करने की भी कोशिश की थी.

संपत्ति जब्ती के बाद सहारनपुर में गैंगेस्टर पूजा किन्नर की मुश्किलें बढ़ीं

सहारनपुर  यूपी के सहारनपुर में पुलिस टीम ने गैंगस्टर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर की लगभग 2 करोड़ 74 लाख रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर ली. जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(A) के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई. अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ जिले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है.  पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि शाहिद उर्फ पूजा किन्नर ने ये संपत्ति अपराध के जरिए अर्जित की थी. इसलिए उसे राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस संपत्ति की सर्किल दर लगभग 68 लाख 85 हजार रुपये और बाजार मूल्य 2.74 करोड़ रुपये आंका गया है.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि शाहिद के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज था, जिसकी विवेचना थाना कुतुबशेर से चल रही थी. जांच में सामने आया कि आरोपी की संपत्ति में 9 प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिन्हें अब प्रशासनिक आदेश के तहत कुर्क कर लिया गया है.  एसपी सिटी ने आगे कहा कि यह कार्रवाई एसएसपी महोदय के निर्देशन में अपराधियों को सख्त चेतावनी है कि अब न केवल जेल और चार्जशीट, बल्कि आर्थिक दंड और संपत्ति कुर्की जैसी कार्यवाहियां भी लगातार होंगी. उन्होंने साफ संदेश दिया कि सहारनपुर अपराधियों के लिए अब सुरक्षित ठिकाना नहीं है, उनका समय यहां सीमित है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे सभी माफिया और गैंगस्टरों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कोतवाली नगर थाना पर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ ही, डीएम के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(A) के तहत कार्रवाई करते हुए अभियुक्त की संपत्ति जब्त की गई है. जब्त की गई संपत्ति में एक प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ 74 लाख है.  एसपी सिटी ने यह संदेश दिया कि अपराधियों के विरुद्ध जेल और चार्जशीट के अतिरिक्त आर्थिक दंड और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी होगी. उन्होंने कहा कि सहारनपुर अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है.