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निर्मला सीतारमण बोलीं अयोध्या भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक

अयोध्या में गूंजी दक्षिण की भक्ति स्वर लहरियां   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया दक्षिण के तीन संतों की मूर्तियों का अनावरण  उत्तर-दक्षिण संस्कृति का संगम बना बृहस्पति कुंड, भक्ति और संगीत की बिखरी अनोखी छटा  निर्मला सीतारमण बोलीं अयोध्या भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक योगी आदित्यनाथ ने कहा अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली  त्यागराज, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों से अयोध्या में बसा कर्नाटक का संगीत भाव अयोध्या उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बुधवार को अयोध्या की पावन भूमि पर देखने को मिला। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों का बृहस्पति कुंड में भव्य अनावरण किया। भक्ति और संगीत की मधुर लहरों में डूबा बृहस्पति कुंड टेढ़ी बाजार स्थित बृहस्पति कुंड का वातावरण उस समय भक्तिरस और संगीत की पवित्र भावना से सरोबार हो उठा जब केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर अनावरण समारोह की शुरुआत की। इस दौरान सीतारमण के माता-पिता भी मौजूद रहे, जिससे यह पल और भी भावनात्मक हो गया। अयोध्या की परंपरा में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक अयोध्या शैली में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बृहस्पति कुंड केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है, जहां उत्तर भारत की श्रद्धा और दक्षिण भारत की भक्ति का संगम होता है। तीनों संतों के योगदान को किया नमन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने तीनों संतों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और भक्ति परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनके काव्य और रचनाओं ने समाज को प्रेम, भक्ति और एकता के सूत्र में पिरोया। कर्नाटक और अयोध्या के सांस्कृतिक रिश्ते को मिला नया आयाम सीतारमण ने बृहस्पति कुंड की भव्यता और शांति देखकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अयोध्या और कर्नाटक के सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं। आज इन संतों की मूर्तियों के अनावरण के माध्यम से भारत की उत्तर-दक्षिण परंपरा एक सूत्र में बंधी है। सीएम योगी ने बोल अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की धुरी इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम की नगरी अयोध्या अब केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली बन रही है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण का यह दौरा भारत की सांस्कृतिक एकता और समरसता का सशक्त प्रतीक है। बृहस्पति कुंड की शांति में खोए सीएम योगी, मंत्रियों संग पत्थर की बेंच पर लिया सौंदर्य का आनंद बृहस्पति कुंड परिसर में स्थापित सुंदर पत्थर की बेंचों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह कुछ देर के लिए विराम लेते हुए बैठे। शांत सरोवर, मधुर वातावरण और सुव्यवस्थित परिसर को निहारते हुए तीनों जनप्रतिनिधियों ने उस पल में अयोध्या की सौंदर्य व सांस्कृतिक गरिमा का आनंद अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने बेंचों की कलात्मक बनावट और परिसर के सौंदर्यीकरण की सराहना करते हुए कहा कि बृहस्पति कुंड अब श्रद्धा और सौंदर्य का आदर्श संगम बन चुका है।

मैहर पुलिस की सख्ती जारी, बड़ी मात्रा में शराब बरामद, एक गिरफ्त में

मैहर पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मैहर  डॉ. चंचल नागर एवं अनु0अधि0 पुलिस अमरपाटन श्रीमती ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी ताला निरी. महेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व मे सहयोगी स्टाफ द्वारा अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपी के विरुद्ध की गई कार्यवाही घटना का संक्षिप्त विवरणः- दिनांक 07.10.25 को थाना ताला पुलिस द्वारा बेला गोविंदगढ़ मार्ग तमरा रोड पर देर रात वाहन चेकिंग के दौरान मोटर साइकिल चालक के कब्जे से 61 लीटर अवैध शराब जप्त की गई।  वाहन चैकिंग के दौरान पुलिस को मोटर साइकिल क्रमांक MP19MQ0323 के चालक विपुल चौरसिया जिसने अपनी मोटरसाईकिल के पीछे बोरी में सामान बांधा हुआ था पर संदेह हुआ। सन्देह के आधार पर पुलिस के द्वारा चालक के वाहन में रखे सामान की तलाशी ली गई तो उसमें  अवैध शराब के कार्टून मिले  ।आरोपी  विपुल चौरसिया पिता शिवप्रसाद चौरसिया उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम झिन्ना थाना ताला जिला मैहर (म.प्र.) के कब्जे से 06  कार्टून में प्रिंस कंपनी की देशी शराब एवं 02  कार्टून में गोआ कंपनी की शराब कुल  61 लीटर 380 एमएल  कीमती 28,420 रुपये की होना पायी गयी   जिसे जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया एवम उसके  विरुद्ध  अपराध क्र. 280/25 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का पंजीबद्ध कर आरोपी को न्यायालय पेश किया गया है ।  जप्ती- 1.    देशी प्लेन शराब कुल 61 लीटर 380 ML कीमती 28,420 रुपये 2.    बजाज कंपनी की विक्रांता मोटर साइकिल क्रमांक MP19MQ0323 गिरफ्तार आरोपी- विपुल चौरसिया पिता शिवप्रसाद चौरसिया उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम झिन्ना थाना ताला जिला मैहर (म.प्र.) सराहनीय भूमिका- निरी. महेन्द्र कुमार मिश्रा थाना प्रभारी ताला, उप निरी श्री नागेश्वर मिश्रा , प्र.आर. इच्छालाल तिवारी, प्र.आर. चंदन शुक्ला,आर आशीष मिश्रा, सैनिक नरेंद्र तिवारी सैनिक कमलेंद्र सिंह

लोक निर्माण में पारदर्शिता के लिए जारी हैं अचानक निरीक्षण की कार्रवाइयाँ

लोक निर्माण से लोक कल्याण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के ‍लिए औचक निरीक्षण की कार्रवाई जारी दो ठेकदारों पर कार्यवाही एवं संबंधित अधिकारियों को नोटिस भोपाल प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के ‍लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा माह में दो बार औचक निरीक्षण किया जाता है इसी क्रम में 06 अक्टूबर को मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा रायसेन, कटनी, श्योपुर, खरगौन, मैहर, नीमच एवं दमोह जिलों में कुल 34 कार्यों का रेंडम आधार पर निरीक्षण किया गया। इनमें 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल), 6 कार्य पीआईयू (भवन), 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के अंतर्गत सम्मिलित थे। निरीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा बैठक वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम श्री भारत यादव ने की। बैठक में प्रमुख अभियंता श्री केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता श्री एसआर बघेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान रायसेन जिले में मुआर मगरमोली-समनापुर-झामर रोड की खराब स्थिति पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स आदित्य कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई। श्योपुर जिले के सेमई-विजयपुर मार्ग के खराब कार्य पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस तथा ठेकेदार मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई। 19 कार्यों में आंशिक सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं, खरगोन जिले के बोंद्रानिया-वामनपुरी रोड (लंबाई 12.18 किमी) एवं भिकरखेड़ी-दमखेड़ा रोड के उत्कृष्ट कार्य के लिए कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री एवं ठेकेदार की सराहना की गई। बैठक में यह निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का निराकरण शिकायतकर्ता की संतुष्टि तक किया जाए। सड़क मरम्मत के साथ यातायात सुरक्षा, जंगल सफाई, रोड मार्किंग एवं ब्लैकस्पॉट सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं। लोकपथ ऐप में दर्ज शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए तथा न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत कर न्यायालय निर्देशों का पालन किया जाए।  

रायपुर में बोले मुख्यमंत्री साय – पारदर्शी भर्ती प्रणाली से युवाओं को मिल रहा न्याय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर चयनित 233 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और विश्वसनीय भर्ती प्रक्रियाओं से प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने बताया कि विगत 20 महीनों में विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आदिम जाति विकास विभाग सहित कई अन्य विभागों में नियुक्तियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उच्च शिक्षा विभाग में 700 सहायक प्राध्यापकों और स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज का यह अवसर ऐतिहासिक और अत्यंत हर्ष का विषय है — पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र एक साथ प्रदान किए जा रहे हैं। यह निश्चित रूप से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अपने कर्तव्यों का शत-प्रतिशत निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति को अपनाया है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस नई उद्योग नीति के तहत अब तक लगभग ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, और इनमें से कई प्रस्तावों के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का कार्य प्रारंभ भी हो गया है। इन उद्योगों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की जनता को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले 20 महीनों में छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन हुए हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ प्रत्येक विभाग की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने नवचयनित प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी निश्चित रूप से अपने महाविद्यालयों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी सराहना की और कहा कि मात्र तीन माह की अवधि में बिना किसी विवाद के तीन चरणों में संपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से पूर्ण करना अत्यंत सराहनीय उपलब्धि है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभागीय अधिकारी एवं नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कफ सिरप कांड पर अब तक की कार्रवाई की समीक्षा में जुटे उप मुख्यमंत्री शुक्ल

कफ सिरप प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई की उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने की समीक्षा निर्माणाधीन सिम्स मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने छिंदवाड़ा में जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कफ सिरप प्रकरण में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि सिरप की शेष बोतलों को तुरंत जब्त किया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। बैठक में एडीएम  धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में उक्त कफ सिरप की कुल 594 बोतलें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से अब तक 430 बोतलें जब्त की जा चुकी हैं। 12 बोतलों के नमूने जांच हेतु लिए गए, 1 बोतल फ्रीज की गई। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्माणाधीन सिम्स मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण भी किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।  

राज्यमंत्री जायसवाल का संदेश – स्वदेशी वस्तुओं को दें प्राथमिकता

स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दें : राज्यमंत्री  जायसवाल खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की वेबसाइट का शुभारंभ भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज हम सब एक ऐसी पहल का शुभारंभ कर रहे हैं जो न केवल तकनीकी दृष्टि से आधुनिक है बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। राज्य शासन के कुटीर एवं प्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विकसित यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म – mpkhadigramodyog.com हमारे राज्य के लाखों कारीगरों, बुनकरों, उद्यमियों और उपभोक्ताओं के लिए एक नया डिजिटल पुल है। यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को मजबूत करेगी। राज्य मंत्री  जायसवाल ने यह बात भोपाल हाट में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विकसित की गई वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर कही। इस अवसर पर खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक  माल सिंह, शिल्पी, बुनकर, उपभोक्ता, आमजन उपस्थित थे। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि यह पोर्टल खादी, हाथकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में कार्यरत सभी हितधारकों को एक ही मंच पर जोड़ता है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कलाकार, स्व-सहायता समूह, उद्यमी और एम्पोरियम प्रबंधक अब अपने उत्पादों को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित कर सकते हैं। यहीं उपभोक्ताओं को स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों तक सीधी पहुँच प्राप्त होगी। वेबसाइट पर कलाकार पंजीकरण, एम्पोरियम जानकारी, प्रीमियम उत्पाद प्रदर्शन, ऑन-डिमांड शोकेस जैसी नागरिक उन्मुख सेवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह केवल एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम है,जहाँ खादी की आत्मा और आधुनिक तकनीक का समन्वय दिखाई देता है। इस प्लेटफ़ॉर्म की एक और महत्वपूर्ण विशेषता है हमारे दो गौरवशाली ब्रांड "कबीरा बाय खादी" और "विंध्य वैली", जिनके माध्यम से हम खादी की परंपरा और प्रामोद्योग की शुद्धता को वैश्विक पहचान दे रहे हैं। कबीरा बाय खादी हमारे प्रदेश के हैंडलूम वस्त्रों, सिल्क साड़ियों, और डिजाइनर परिधानों को एक नई पहचान दे रहा है। यह खादी को युवाओं की फैशन संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। वहीं विंध्य वेली ग्रांड हमारे एफएमसीजी उत्पादों जैसे हर्बल तेल, अगरबत्ती, एलोवेरा जेल, प्राकृतिक शहद और ग्रामीण घरेलू उत्पादों को गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के साथ उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहा है। यह वेबसाइट तकनीकी दक्षता और नागरिक केंद्रित कार्यप्रणाली का उदाहरण है। अधिकारी और प्रबंधक वास्तविक समय में पंजीकृत कलाकारों, समूहों और एम्पोरियमों की स्थिति देख सकते हैं तथा सभी अभिलेखों का डिजिटल प्रबंधन कर सकते हैं। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि मुझे गर्व है कि मध्यप्रदेश खादी तथा प्रामोद्योग बोर्ड ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसे पूरे देश में अनुकरणीय कहा जा सकता है। उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, तकनीकी साझेदारों, और हमारी टेक्निकल टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर खादी की परंपरा को नई तकनीक, नई सोच और नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाएँ। खादी केवल वस्त्र नहीं, यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान है। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं एवं खादी उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया। राज्यमंत्री  जायसवाल ने भोपाल हाट में 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय खादी उत्सव की स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।  

पीड़ितों के बीच पहुँचे उप मुख्यमंत्री शुक्ल, दिलाया सहयोग का भरोसा

बैतूल उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल एवं बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को बैतूल जिले के आमला विकासखंड में दिवंगत बच्चों के परिजन से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और कहा कि संकट की घड़ी में शासन-प्रशासन आपके साथ खड़ा है। इस दौरान आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे और  सुधाकर पवार भी साथ रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सबसे पहले ग्राम टीकाबरई पहुंचकर नागपुर एम्स में उपचाररत हर्ष यादव के परिजन से भेंट की और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य शासन हर संभव सहायता के लिए उनके साथ खड़ा है। उन्होंने एम्स नागपुर में भर्ती हर्ष के उपचार की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से ली। उन्होंने परिजन और एम्स की टीम से सतत संपर्क में रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे ग्राम जामुन बिछुआ पहुंचे, जहाँ पीड़ित परिवार के सदस्य निकलेश धुर्वे के घर जाकर उन्होंने परिजन को ढांढस बंधाया। इसके बाद ग्राम कमलेश्वरा में भी उप मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन द्वारा दी जाने वाली चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता के अतिरिक्त उपचार में हुए संपूर्ण व्यय का भुगतान शीघ्र किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने एसडीएम  शैलेंद्र बडोनिया को निर्देशित किया कि आर्थिक सहायता की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कठिनाई न आए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि पीड़ा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।  

जन सुरक्षा, सुशासन और सेवा भाव हो प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पहली जिम्मेदारी कलेक्टर्स की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव घटना हो या दुर्घटना, तत्काल मौके पर पहुंचे जन सुरक्षा, सुशासन और सेवा भाव हो प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय कर ड्रग कारोबार को करें नेस्तनाबूत कलेक्टर्स एवं एसपी विकसित करें खुद का सूचना तंत्र मध्यप्रदेश को अगले 6 महीने में बनाए नक्सल मुक्त प्रदेश कानून एवं व्यवस्था पर हुआ कांन्फ्रेंस का आंठवा और अंतिम सत्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कलेक्टर्स जिले के प्रशासनिक मुखिया होने के साथ-साथ जिला दण्डाधिकारी भी हैं, इसीलिए जिले में कानून व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करने की पहली जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में खुद का प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करें, ताकि किसी भी घटना या दुर्घटना की सूचना तत्काल प्राप्त हो और समय पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी घटना या दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचे। इससे घटना या दुर्घटना और अधिक बड़ा रूप नहीं लेंगी। जिला अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से स्थिति नियंत्रण में बहुत मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर एवं एसपी दोनों में उच्च कोटि का तालमेल होना चाहिए। दोनों संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर जिले की कानून व्यवस्था की निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के दृष्टिगत ऐसी संवेदनशील बस्तियां जहां सड़कें सकरी हैं, तथा फोर्स मूवमेंट में समस्या आती है, सभी कलेक्टर्स ऐसे स्पॉट्स/जगहों को चिन्हित कर वहां का जोनल प्लान स्थानीय नगरीय निकायों के सहयोग से अगले तीन माह में तैयार कर लें, ताकि आवागमन सुगम हो और आवश्यकता पड़ने पर फोर्स मूवमेंट में समस्या न आए। उन्होंने मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए ठोस रणनीति बनाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के आठवें एवं अंतिम सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सेंसिटिव पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भाव होना चाहिए। पुलिस अपनी साख बनाएं और अपराधों को रोकने में तत्परतापूर्वक कार्यवाही करें। प्रदेश के सभी कलेक्टर्स-एसपी की संयुक्त कॉन्फ्रेंस का विषय “कानून एवं व्यवस्था की सुनिश्चितता” था। मुख्य सचिव  अनुराग जैन की मौजूदगी में हुए इस अंतिम सत्र का संचालन अपर मुख्य सचिव गृह विभाग  शिवशेखर शुक्ला ने किया। सत्र में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मध्यप्रदेश को मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने के दृष्टिगत 6 माहों में बालाघाट, मण्डला और डिण्डोरी जिलों के कलेक्टर्स और एसपी लक्ष्य केंद्रित कर यह काम पूरा करें। उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं को समाप्त करने के लिए हर संभव कार्यवाही करें। नक्सली या तो सरेंडर करें अन्यथा उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बालाघाट जिले में नक्सली गतिविधियों में बेहद कमी आने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बालाघाट को अति नक्सलवाद प्रभावित जिले की श्रेणी से डाउनग्रेड कर सामान्य श्रेणी में कर दिया है। उन्होंने इस उपलब्धि पर कलेक्टर-एसपी बालाघाट दोनों को बधाई दी। बताया गया कि कलेक्टर बालाघाट द्वारा नक्सल प्रभावित ग्रामों में विशेष प्रयास करके 200 से अधिक युवाओं को एलएनटी जैसी कंपनी में रोजगार दिलाया है। इससे वह दिशाभ्रमित होने से बच गए और समाज की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस साल ही हमने आठ मुठभेड़ में दस नक्सली मार गिराए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों को बाहर करने के लिए पुलिस एवं अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्य करें, इस काम में और सख्ती लाएं। उन्होंने बताया कि अब तक 19 बांग्लादेशियों को चिन्हित कर वापस भेजा गया है। अवैध घुसपैठियों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही आगे भी जारी रखें। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूल एवं कॉलेज के आसपास आपराधिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए सूचना तंत्र विकसित करें, निगरानी तंत्र को और तेज करें और ऐसे चिन्हित स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ अन्य विभागों को भी जोड़ा जाए। पुलिस एवं प्रशासन खुद के सूचना तंत्र से जानकारी लेकर अपराधों पर अंकुश लगाएं। नगरीय निकाय और पंचायतें पुलिस के सुझाव के अनुसार सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराएं। महिला अपराधों के संबंध में काउंसलिंग करें। अन्य सामाजिक संगठनों को भी इस काम से जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जिलों में शासकीय अमले पर हमले होने की अधिक घटनाएं होती हैं, वहां कलेक्टर-एसपी अन्य विभागों के साथ बेहतर तालमेल और समन्वय कर कार्यवाही करें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटें। घटना की वजह पता कर उसका समुचित समाधान भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में खाद-बीज के वितरण की व्यवस्था में भी पुलिस एवं जिला प्रशासन सामंजस्य से काम करें। किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रग्स के अवैध कारोबार एवं नशे पर अंकुश लगाने के लिए पड़ौसी राज्यों के साथ समन्वय करते हुए हर स्तर पर नशे को प्रतिबंधित किया जाए। इसी कड़ी में कोरेक्स कफ सिरप के अतिशय उपयोग को भी नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि ड्रग एवं अन्य नशे के पदार्थ के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के लिए इंडस्ट्रियल बेल्ट में कलेक्टर-एसपी तालमेल करके बारीक निगाहे रखें। इनका लगातार निरीक्षण होता रहे। कोरेक्स को कैसे कंट्रोल किया जाए, इसके लिए उच्च स्तर पर विचार कर समाधान निकालें। शेड्यूल एच ड्रग्स ओवर द काउंटर ना बिकें और सभी दवाइयों का हिसाब भी फार्मासिस्ट अनिवार्य रूप से रखें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करते हुए अपराधों में संलिप्त आदतन अपराधियों की जमानत निरस्त की जाएं। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल के माध्यम से जिले में आदतन अपराधियों की जमानत निरस्तगी की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ भी कार्रवाई में तेजी लाएं। ऐसे अपराध न होने पाएं, इसके लिए जनजागृति अभियान चलाएं। रोड सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का पालन कराकर रोड एक्सीडेंट्स रोकने के लिए भी भरसक प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून … Read more

राज्यपाल राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम में हुए शामिल

स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी का सुनहरा मौका : राज्यपाल  पटेल सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि नाबार्ड के स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, कृषक और उत्पादक संघों के उत्पादों की राष्ट्रीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम भोपाल वासियों के लिए स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी, बचत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में योगदान देने का सुनहरा मौका है। प्रदर्शनी सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि मेले का व्यापक प्रचार प्रसार करें, जिससे भोपाल में दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से आए सभी उत्पादों की ब्रिकी हो जाए। राज्यपाल  पटेल बुधवार को बिट्टन मार्केट, दशहरा मैदान में आयोजित ओजस्वनी महोत्सव भोपाल 2025 को संबोधित कर रहे थे। महोत्सव का आयोजन नाबार्ड के सह प्रायोजन में ओजस्वनी समदर्शी न्यास एवं वसुधा पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। आत्मा मजबूत होगी तभी हमारा शरीर अर्थात् देश मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर हो सकता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भी भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का महान कार्य हो रहा है। सरकार, मेक इन इंड़िया, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों को बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रशिक्षित ग्रामीण महिला समूहों, कृषक उत्पादक संघों के द्वारा तैयार उत्पादों के लिए वर्ष 2018 से हर वर्ष राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री के आयोजन और अनेक अन्य प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के कार्यों के लिए नाबार्ड भोपाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों, स्थानीय कारीगरों और उत्पादों के आजीविका समूहों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के निरंतर प्रयास जरूरी है। राज्यपाल  पटेल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में नाबार्ड के 'स्वयं सहायता समूह – बैंक लिंकेज कार्यक्रम' को विश्व का सबसे बड़ा सूक्ष्म ऋण कार्यक्रम बनने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों के भ्रमण के दौरान वे स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के साथ चर्चा करते है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि समूह से जुड़कर महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हुआ है। ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिली है। क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक सु रेखा चंदनावेली ने प्रदर्शनी सह-ब्रिकी की पहल के लिए नाबार्ड की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण आजीविका के लिए आमदनी प्राप्त होती है। प्रॉयार्रिटी सेक्टर को आर.बी.आई. द्वारा भी बहुत सहयोग किया जाता है। मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक  प्रवाश कुमार सुबुधी ने कहा कि नाबार्ड का प्रयास समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों में शामिल होकर कारीगरों, कृषकों, महिला स्व-सहायता समूहों को बड़ा बाजार, बड़ा विजन और डिजिटल प्लेटफार्म के उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलता है। अध्यक्ष ओजस्वनी समदर्शी न्यास, कुलाधिपति एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह डॉ. सुधा मलैया ने बताया कि ओजस्वनी महोत्सव का प्रारंभ वर्ष 2004 से हुआ है। आयोजन का यह 22वां वर्ष है। आयोजन अवधि में नृत्य और स्वर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। नाबार्ड की महाप्रबंधक मती सी. सरस्वती ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि नाबार्ड विकास वित्त संस्थान के रूप में ग्रामीण उद्यमिता स्थानीय स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, वित्तीय समावेशन और महिला, कृषक सशक्तिकरण के द्वारा ग्रामीण समृद्धि में सहयोग कर रहा है। बाजार की जरूरतों के अनुसार हस्तशिल्पियों, कारीगरों, महिला स्व-सहायता समूहों, कृषक और गैर कृषक उत्पाद संघों की समझ बढ़ाने, उत्पाद और बाजार तैयार कराने के प्रयासों में सहयोग, आयोजन का उद्देश्य है। इस राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन में 16 एफपीओ, 16 एसएचजी और 22 ओएफपीओ सहित 100 कारीगर शामिल हो रहे हैं।  

राहुकाल की जानकारी: करवा चौथ के दिन भूलकर भी न करें ये कर्म

पंचांग के अनुसार, इस साल सुहागिनों का पावन पर्व करवा चौथ 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा कर, चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं. हालांकि, व्रत के दिन एक ऐसा समय राहुकाल भी रहेगा जब आपको किसी भी तरह का शुभ कार्य या पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए. क्योंकि राहुकाल में किए गए शुभ कार्यों का फल नहीं मिलता, बल्कि कई बार विपरीत परिणाम भी देखने को मिलते हैं. ज्योतिष शास्त्र राहुकाल के समय को बहुत ही अशुभ माना गया है. आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन राहुकाल का समय क्या रहेगा क्यों इस अवधि में पूजा-पाठ क्यों वर्जित होता है. करवा चौथ 2025: राहुकाल का समय पंचांग के अनुसार, 10 अक्टूबर, शुक्रवार को करवा चौथ के दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में कोई भी नया या शुभ कार्य, जैसे कि पूजा-पाठ, कथा सुनना, नई खरीदारी करना या यात्रा शुरू करना उचित नहीं माना जाता है. व्रत रखने वाली महिलाओं को इस समय के दौरान करवा चौथ की पूजा या कथा सुनने से बचना चाहिए. राहुकाल को अशुभ क्यों माना जाता है? ज्योतिष में राहु एक छाया ग्रह है, जिसका प्रभाव शुभ कार्यों पर नकारात्मक माना गया है. राहुकाल के दौरान ग्रहों की चाल ऐसी मानी जाती है कि उस समय किए गए कार्यों में बाधा, विलंब या असफलता की संभावना बढ़ जाती है. यह हर दिन लगभग 90 मिनट (डेढ़ घंटे) की एक अवधि होती है, जिसे अशुभ या हानिकारक माना जाता है. राहुकाल का संबंध भ्रम, वासना, लालच और मोह से जोड़ा जाता है. राहु का प्रभाव ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह और असुर माना गया है. जो सूर्य और चंद्रमा पर भी अपना नकारात्मक प्रभाव डालता है. माना जाता है कि राहुकाल के दौरान राहु का प्रभाव पृथ्वी पर सबसे अधिक होता है, जिसके कारण यह समय नकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है. शुभ कार्यों का फल नहीं मिलना यह मान्यता है कि राहुकाल के समय शुरू किए गए किसी भी शुभ कार्य, मांगलिक कार्य या नए कार्य में बाधाएं आती हैं और उसका शुभ फल नहीं मिलता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार, इस काल में की गई पूजा-अर्चना का फल देवी-देवताओं को प्राप्त न होकर राक्षसों को मिलता है, इसलिए पूजा-पाठ करने की मनाही होती है. किन कार्यों से बचें?     पूजा-पाठ: करवा चौथ की कथा सुनना, पूजा शुरू करना, या हवन करना.     नए काम की शुरुआत: व्यवसाय शुरू करना, नौकरी जॉइन करना, या कोई नया प्रोजेक्ट आरंभ करना.     खरीद-बिक्री: विशेष रूप से सोना, वाहन या संपत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण लेन-देन.     यात्रा: किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए लंबी दूरी की यात्रा शुरू करना.     मांगलिक कार्य: विवाह, सगाई या गृह प्रवेश जैसे संस्कार. क्या कर सकते हैं? जो कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. इसके अलावा, राहुकाल में भक्ति, ध्यान और साधना करना उत्तम होता है. आप अपने इष्टदेव का मंत्र जप कर सकती हैं. इसलिए सुहागिन महिलाओं को चाहिए कि वे करवा चौथ के दिन राहुकाल को ध्यान में रखें और अपनी पूजा की तैयारी इस अशुभ समय के पहले या बाद में करें, ताकि उनके व्रत और पूजन का पूरा और सही फल मिल सके.