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प्राथमिकता के आधार पर जबलपुर में ट्रि‍पिंग नियंत्रण करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली ट्रि‍पिंग रोकने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर जबलपुर के विभिन्न क्षेत्रों का चयन कर ट्रि‍पिंग नियंत्रण का कार्य किया जाएगा। इस कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी को दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री के जबलपुर प्रवास के दौरान बुधवार को शक्तिभवन में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, उत्तर मध्य क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे ने जबलपुर नगर पालिक निगम के परिक्षेत्र में सुधारात्मक व सुझाव का प्रस्ताव सौंपा। इस अवसर पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्वि‍वेदी उपस्थि‍त थे। स्मार्ट मीटर बेहतर ढंग से कर रहे काम ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्मार्ट मीटर बेहतर ढंग से कार्य कर रहे हैं। स्मार्ट मीटर और पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर की बिजली खपत या रीडिंग में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्मार्ट मीटर की उपलब्धता में कमी के कारण मीटर स्थापित करने की अवध‍ि को बढ़ाया है। शहर की विद्युत लाइन को किया जाए व्यवस्थि‍त ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 2027 तक लाइन लॉस को कम करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि लाइन लॉस कम करने से इसका सीधा लाभ बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। उन्होंने जबलपुर शहर के विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिया कि जबलपुर शहर में ऐसी विद्युत लाइन को सुव्यवस्थि‍त किया जाए जो निर्धारित ऊंचाई से नीचे आ गई है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि जबलपुर शहर में बिजली कटौती की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से अनुरोध किया कि वे जबलपुर शहर के कुछ क्षेत्रों में पुराने ट्रांसफार्मर व ढीले तारों का सुधार कार्य त्वरित रूप से करवाएं।

टीना डाबी ने किया शुभारंभ, धूमधाम से शुरू हुआ थार महोत्सव का उत्सव

बाड़मेर बाड़मेर जिला मुख्यालय पर आज भव्य शोभायात्रा के साथ थार महोत्सव 2025 का शुभारंभ हुआ। इस वर्ष महोत्सव की थीम रंग रेगिस्तान रखी गई है, जिसके अंतर्गत दो दिनों तक विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गांधी चौक से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। शोभायात्रा गांधी चौक से रवाना होकर स्टेशन रोड, अहिंसा सर्किल और नेहरू नगर ओवरब्रिज से होते हुए आदर्श स्टेडियम तक पहुंची। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखी महिलाओं ने यात्रा की शोभा बढ़ाई। ऊंट, घोड़े और ऊंटगाड़ी पर सवार लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोकगीतों और नृत्यों से सभी का मन मोह लिया। आदर्श स्टेडियम पहुंचने पर कलेक्टर टीना डाबी ने आसमान में गुब्बारे छोड़कर विभिन्न प्रतियोगिताओं की शुरुआत की। यहां मटका दौड़, रस्साकशी समेत कई पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। महोत्सव के पहले दिन मिस थार, मिस्टर थार, सुंदर मूंछ जैसी आकर्षक प्रतियोगिताएं भी आयोजित होने वाली हैं। शाम 8 से 10 बजे तक लोक कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।   कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि थार महोत्सव 2025 का आयोजन पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव न केवल मरु संस्कृति का उत्सव है, बल्कि स्थानीय कला, शिल्प और लोक परंपराओं को प्रोत्साहन देने का भी अवसर है। गौरतलब है कि आखिरी बार थार महोत्सव का आयोजन 2023 में हुआ था। पिछले वर्ष चुनावों के चलते कार्यक्रम नहीं हो सका था। करीब दो साल बाद अब इस महोत्सव के आयोजन से शहर में उत्साह और उमंग का माहौल है।  

मुख्यमंत्री साय बोले – पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं से युवाओं का भविष्य हुआ सुरक्षित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर चयनित 233 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और विश्वसनीय भर्ती प्रक्रियाओं से प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने बताया कि विगत 20 महीनों में विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आदिम जाति विकास विभाग सहित कई अन्य विभागों में नियुक्तियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उच्च शिक्षा विभाग में 700 सहायक प्राध्यापकों और स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज का यह अवसर ऐतिहासिक और अत्यंत हर्ष का विषय है — पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र एक साथ प्रदान किए जा रहे हैं। यह निश्चित रूप से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अपने कर्तव्यों का शत-प्रतिशत निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति को अपनाया है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस नई उद्योग नीति के तहत अब तक लगभग ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, और इनमें से कई प्रस्तावों के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का कार्य प्रारंभ भी हो गया है। इन उद्योगों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की जनता को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले 20 महीनों में छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन हुए हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ प्रत्येक विभाग की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने नवचयनित प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी निश्चित रूप से अपने महाविद्यालयों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी सराहना की और कहा कि मात्र तीन माह की अवधि में बिना किसी विवाद के तीन चरणों में संपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से पूर्ण करना अत्यंत सराहनीय उपलब्धि है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभागीय अधिकारी एवं नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर सक्सेना ने दिया प्रस्तुतिकरण

जबलपुर के राजस्व अभिलेखागार का नवाचार उपयोगी और अनुकरणीय नवीनीकृत अभिलेखागार से रिकॉर्ड की सुरक्षा और सहज उपलब्धता हुई सुनिश्चित आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर  सक्सेना ने दिया प्रस्तुतिकरण भोपाल  कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रथम सत्र में जबलपुर में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम को लेकर हुए नवाचार को उपयोगी तथा अनुकरणीय बताते हुए सराहा गया। इस नवाचार ने जनसामान्य के राजस्व रिकॉर्ड देखने के अनुभव को पूर्णता: बदल दिया है। आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर  दीपक सक्सेना ने लघु फिल्म के प्रस्तुतिकरण में बताया कि जबलपुर के नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार का वातावरण अब बैंक के लॉकर रूम जैसा है। इस पहल से जनसामान्य के साथ रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों को भी गंदे-बदबूदार वातावरण से मुक्ति मिली है और वे रिकॉर्ड ढूंढ़ने की मशक्कत से मुक्त हुए हैं। परिवारों की पीढ़ियों के लिए विशेष महत्व रखने वाला यह राजस्व रिकॉर्ड न केवल अब सुरक्षित है, अपितु रिकार्ड कहां रखा है, इसके संबंध में भी पारदर्शिता आयी है और आवश्यक जानकारियां अब सभी के लिए सुलभ हैं। इसके तैयार किये गये पोर्टल पर चंद एंट्रियों से पता चल जाता है कि रिकॉर्ड किस रैक-शेल्फ-बॉक्स में किस नंबर पर रखा हुआ है। आवेदक घर बैठे भी यह जानकारी प्राप्त कर सकता है और रिकॉर्ड रूम के बाहर लगाए गए कियोस्क से भी रिकार्ड में केस की लोकेशन का पता लगा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर प्रवास के दौरान जनसामान्य के जीवन को आसान बनाने वाले इस नवाचार की सराहना करते हुए जबलपुर जिला प्रशासन को इस पहल के लिए बधाई दी थी। आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने बताया कि प्राय: राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम की स्थिति सभी जगह एक समान रहती है। बस्तों में दम तोड़ती फाईलों के बारे में जानकारी प्राय: कुछ बाबुओं और भृत्यों तक सीमित रहती थी। जनसामान्य को अपना ही राजस्व रिकॉर्ड नहीं मिल पाता था। इस स्थिति में बदलाव के लिए रिकॉर्ड रूम को रेनोवेट किया गया। लोहे के रैक्स की मरम्मत कर उनका रंग-रोगन और रिकॉर्ड रखने के लिए कपड़े के बस्ते की जगह प्लास्टिक बॉक्स का उपयोग किया गया। हर केस फाईल को बस्ते से निकालकर प्लास्टिक की पन्नी में रखकर प्लास्टिक बॉक्स में जमाया गया। बॉक्स पर रंगीन स्टीकर की मदद से तहसीलवार कलर कोडिंग की गई। बॉक्स पर वर्षवार, मदवार केस के डिटेल स्टीकर पर प्रिंट कर चिपकाए गए। रैक, शेल्फ, प्लास्टिक बॉक्स और उसमें रखी केस फाईल की लोकेशन के हिसाब से कोडिंग की गई। रैक और उसकी शेल्फ को यूनिक नंबर दिया गया। हर केस फाईल और प्लास्टिक बॉक्स पर लोकेशन का कोड नंबर स्टीकर से चिपकाया गया। केस फाईल की लोकेशन संबंधी सारी जानकारी ऑनलाइन एप्लीकेशन तैयार कर उस पर डाल दी गई। सुशासन की ओर इस बढ़े कदम से राजस्व रिकॉर्ड के आकांक्षी व्यक्तियों को रिकॉर्ड प्राप्त करने में सरलता और सुगमता की अनुभूति हो रही है।  

अमित शाह अब Zoho Mail यूज़र, बोले- ‘देशी तकनीक पर गर्व’, फाउंडर ने कहा- यह सम्मान की बात

नई दिल्ली भारत सरकार Zoho नाम की कंपनी को खूब प्रोमोट कर रही है. हाल ही में कई केंद्रिय मंत्रियों ने Zoho के प्रोडक्ट्स की तारीफ़ की और लोगों से इन्हें यूज़ करने को कहा. Zoho का WhatsApp राइवल Arattai को भी सरकार प्रोमोट कर रही है.  होम मिनिस्टर अमित शाह ने भी X पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में लिखा है कि उन्होंने Zoho मेल पर स्विच कर लिया है. इतना ही नहीं, इस पोस्ट में अमित शाह ने अपनी नई जोहो की ईमेल आईडी भी शेयर की है. इस पोस्ट की लास्ट लाइन भी दिलचस्प है. अमित शाह ने लिखा है, ‘मेरी नई ईमेल आईडी amitshah.bjp@zohomail.in है. मेल के जरिए फ्यूचर कॉरेंस्पॉन्डेंस के लिए इसी ईमेल आईडी का इस्तेमाल करें’  आखिरी लाइन में अमित शाह ने लिखा है, ‘Thank you for your kind attention to this matter’. दिलचस्प ये है कि X पर पोस्ट के आखिर में ये लाइन इन दिनों अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं. अमित शाह के X पोस्ट के बाद Zoho का रिप्लाई भी आ गया है. Zoho Workplace ने रिप्लाई में शाह का शुक्रिया अदा किया है. कंपनी ने लिखा है कि नैशनल लीडर्शिप का इंडियन इनोवेशन को अपनाना बेहद इंस्पायरिंग है. Zoho के फाउंडर का आया रिप्लाई  अमित शाह के पोस्ट के बाद Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने एक पोस्ट किया है जिसमें Amit Shah को टैग करते हुए उनका शुक्रिया अदा किया है. वेम्बू ने लिखा है कि वो इस मोमेंट को उन इंजीनियर्स को डेडिकेट करना चाहते हैं जो पिछले 20 सालों से हार्ड वर्क कर रहे हैं.  ग़ौरतलब है कि Zoho बेंगलुरू बेस्ड प्राइवेट कंपनी है जिसे श्रीधर वेम्बू ने शुरू किया था. इस कंपनी के पास 45 से ज्यादा प्रोडक्ट्स और सर्विसेज हैं. छोटे बिजसनेसेज के लिए ख़ास तौर पर कंपनी के पास दर्जनों टूल्स अवेलेबल हैं. WhatsApp राइवल सव्देशी ऐप अरट्टई भी Zoho का ही है और ये भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है. Zoho के पास माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के टूल्स के राइवल भी हैं. यानी MS Word से लेकर PowerPoint जैसे विकल्प Zoho कम कीमत पर प्रोवाइड करता है. हाल ही में कंपनी का Arattai ऐप काफी वायरल हो रहा है.  Zoho Workplace के तहत भी कंपनी गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के कई टूल्स का विकल्प देती है. अगर कॉस्ट अनालिसिस करें तो Zoho के टूल्स छोटे व्यापारियों और कंपनियों के लिए सस्ता है. क्योंकि Zoho के पास बिज़नेस से जुड़ी हर ऐक्टिविटी मेंटेन करने से लेकल बिल जेनेरेट करने तक का टूल अवेलेबल है.  हाल ही में Zoho मे Paytm और PhonePe की तरह ही POS मशीन भी लॉन्च किया है. इसमें साउंडबॉक्स और QR कोड सिस्टम शआमिल हैं. यानी दुकानों पर अब आपको Zoho के QR कोड और मशीन दिख सकते हैं. 

शरणार्थियों के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने UN की नीतियों पर सवाल उठाए

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी द्वारा भारत में प्रवासियों को 'शरणार्थी कार्ड' जारी करने की प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी की है। जस्टिस कांत ने कहा, “उन्होंने यहां शोरूम खोल रखा है और प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।” यह टिप्पणी उस समय आई जब न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ सूडान के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो वर्ष 2013 से भारत में रह रहा है। ऑस्ट्रेलिया में शरण की कोशिश लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने बताया कि उसकी पत्नी और बच्चे को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) द्वारा 'शरणार्थी कार्ड' जारी किए गए हैं। उसका कहना था कि वह ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने की प्रक्रिया में है और इस दौरान भारत में उसे अस्थायी सुरक्षा प्रदान की जाए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने दलील दी कि जिन व्यक्तियों को UNHCR से 'शरणार्थी कार्ड' मिले हैं, उन्हें गृह मंत्रालय और विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय (FRO) द्वारा अलग तरीके से देखा जाता है। मुरलीधर ने यह भी बताया कि रिफ्यूजी कार्ड जारी करने से पहले कड़ी जांच की जाती है और यह प्रक्रिया कई वर्षों तक चलती है। उन्होंने कहा, "इसके लिए दस्तावेज और फॉर्म भरे जाते हैं, जो रिफ्यूजी स्थिति को कुछ महत्व देते हैं।" उन्होंने यहां शोरूम खोल रखा है- जस्टिस सूर्य कांत हालांकि, इस पर न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “उन्होंने (संयुक्त राष्ट्र एजेंसी) यहां शोरूम खोल रखा है, वे प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं… हम उन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।” न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने यह भी कहा कि भारत ने अभी तक शरणार्थियों के अधिकारों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संधि यानी 'रिफ्यूजी कन्वेंशन' पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारे देश के आंतरिक कानून में शरणार्थियों के लिए कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।” मुरलीधर ने स्वीकार किया कि भारत ने उस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, लेकिन उन्होंने अदालत को बताया कि पिछले दो महीनों से दिल्ली में अफ्रीकी मूल के लोगों को बिना वजह हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह वास्तविक भय और आशंका का विषय है… हम ऑस्ट्रेलिया में शरण पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इसी बीच यह कार्रवाई शुरू हो गई है।” “सीधे ऑस्ट्रेलिया क्यों नहीं चला जाता” इस पर न्यायमूर्ति बागची ने पूछा कि याचिकाकर्ता सीधे ऑस्ट्रेलिया क्यों नहीं चला जाता। मुरलीधर ने उत्तर दिया कि वह ऐसा करना चाहता है, लेकिन तब तक अदालत से अस्थायी संरक्षण की उम्मीद रखता है। हालांकि, पीठ इस पर सहमत नहीं हुई। जस्टिस कांत ने अंतरिम राहत देने में अनिच्छा जताते हुए कहा, "हमें बहुत सावधानी बरतनी होगी। लाखों लोग यहां बैठे हैं। अगर कोई इस तरह का प्रयास करता है, तो…" जब मुरलीधर ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है, तब अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वह आयोग से किसी भी आगे की दिशा में राहत (जैसे, ‘नो कोर्सिव एक्शन’) की मांग कर सकता है। यह उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मई माह में न्यायमूर्ति दिपांकर दत्ता की पीठ ने भी रोहिंग्या शरणार्थियों से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि भारत में UNHCR कार्ड के आधार पर कोई राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि यह कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज नहीं है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने छिंदवाड़ा में पीड़ित परिजनों को बंधाया ढांढस

सरकार हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध दोषियों पर की जाएगी सख्त कार्यवाही भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल छिंदवाड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे और दिवंगत बच्चों के परिजनों से भेंट की। उन्होंने परिवारजनों से बातचीत कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीड़ा की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार इस घटना से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना से प्रभावित अन्य बीमार बच्चों के इलाज हेतु उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

‘कांतारा चैप्टर 1’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन धमाकेदार, महज 6 दिनों में पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा

मुंबई,  ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने भारतीय सिनेमा जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। जब यह फिल्म सिनेमाघरों में आई, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह इतनी बड़ी सफलता हासिल करेगी। पौराणिक मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित यह फिल्म न केवल दर्शकों को अपनी कहानी में बांधने में कामयाब रही, बल्कि इसके सीन्स, निर्देशन और अभिनय ने एक यादगार अनुभव भी दिया। यही वजह है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है। फिल्म ने न सिर्फ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया है, बल्कि दुनियाभर में भी इसे काफी पसंद किया जा रहा है, जिससे इसका ग्लोबल रिकॉर्ड भी लगातार बढ़ रहा है। सैकनिल्क के मुताबिक, रिलीज के पहले दिन ही फिल्म ने 61.85 करोड़ रुपए का जबरदस्त कारोबार किया, जो किसी भी नई फिल्म के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके बाद दूसरे दिन थोड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन फिर भी 45.4 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ, जो वीकेंड के लिहाज से अच्छा माना गया। तीसरे और चौथे दिन फिल्म ने अपने कलेक्शन में फिर से मजबूती दिखाई और क्रमशः 55 करोड़ और 63 करोड़ की कमाई की, जो इस बात का सबूत था कि दर्शक फिल्म को सिनेमाघरों में देखने के लिए वापस आ रहे हैं। वीकेंड के बाद आने वाले दिनों में भी फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत रखी। सोमवार को कमाई में गिरावट जरूर आई, जो आमतौर पर वीक डे पर होती है। फिल्म ने सोमवार यानी पांचवें दिन 31.5 करोड़ का कारोबार किया, लेकिन मंगलवार को फिर से फिल्म ने 33.5 करोड़ की कमाई कर सबको चौंका दिया। कुल मिलाकर छह दिनों में फिल्म ने भारत में 290.25 करोड़ का कलेक्शन किया। इसके अलावा, वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें, तो फिल्म का कलेक्शन 407 करोड़ हो गया है, जो इस साल की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। फिल्म के मेकर्स ने इसे 125 करोड़ के बजट में बनाया था, पर यह कमाई इस बात का प्रमाण है कि ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी दर्शकों का दिल जीत लिया है।  

ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, हाईकोर्ट को फैसला करने का अधिकार

भोपाल  मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार ने एक नई टीम बनाई है। सरकार ने सीनियर एडवोकेट और डीएमके सांसद पी विल्सन (senior advocate P Wilson) को हटाकर अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए एक और टीम नियुक्त की है। पहले, विल्सन को सरकार की ओर से हर सुनवाई पर 5.5 लाख रुपए देने थे, क्योंकि वे OBC आरक्षण पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने टिप्पणी की है कि क्यों न इन मामलों को अंतिम बहस के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को वापस भेज दिया जाए। यह सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिनका प्रतिनिधित्व आज सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने किया। इसका अर्थ है कि ओबीसी आरक्षण पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 19/3/2019 को आशिता दुबे मामले में wp 5901/19 में दी गई ओबीसी आरक्षण बढ़ाने पर रोक जारी रहेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने आरक्षण के प्रकरणों को फिर बहस के लिए समय के लिए निवेदन किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रकरणों को 9 अक्टूबर को पुनः सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया ! सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना राज्य के 42 परसेंट रिजर्वेशन की याचिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विधान सभा के बनाए गए कानून का उस राज्य की जनसंख्या,भूगोलिक,सामाजिक परिस्थितियों के अंतर्गत परीक्षण हाईकोर्ट करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समस्त अंतरिम आदेश वैकेट करके मामलो को हाईकोर्ट रिमांड करेंगे। ओबीसी वर्ग की ओर से पक्ष रखने वाले वरिष्ठ ओबीसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व अन्य उपस्थित हुए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मैटर को मेंशन किया। मेहता ने कहा- इसमें बहुत सारे टेक्निकल पक्ष हैं। इसलिए कहीं न कहीं इसकी सुनवाई में समय लग सकता है। इसके समाधान के लिए क्या तरीका निकाला जाए? क्यों न कुछ और तरह का सॉल्यूशन निकाला जाए। कोर्ट ने कहा- और वक्त मांगेंगे तो दिक्कतें बढ़ेंगी इस पर कोर्ट ने कहा कि आप फिर वक्त मांगेंगे तो और समय जाएगा। दिक्कतें बढ़ेंगी। अगले हफ्ते दीवाली है, छुट्टियां हैं। कोर्ट ने कहा, हम ये चाहते हैं कि ये मैटर हाईकोर्ट के फैसले के बाद हमारे पास आए। सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन पहुंची हैं। इस मामले में हाईकोर्ट का कोई फैसला नहीं हैं। छत्तीसगढ़ की तरह अंतरिम राहत दे सकता है SC सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ में अंतरिम लाभ दिया गया था। हो सकता है कि मप्र के मामले में भी अंतरिम राहत दे दें। इस पर याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई तो कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर जो उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल विवेचना करके सुनवाई करेंगे। मामले को वापस हाईकोर्ट भी भेज सकता है सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप सभी लोग अपने पक्ष बताएं, हो सकता है कि अंतरिम लाभ दे दें या लाभ नहीं भी दें तो हम हाईकोर्ट को डायरेक्ट कर दें। कल आप सब लोग इस बात पर अपने तर्क दें कि इस मामले का कैसे जल्दी समाधान कर सकते हैं। हम इस मामले को हाईकोर्ट भेज दें या अंतरिम राहत देकर हाईकोर्ट भेज दें। क्योंकि हाईकोर्ट को अपने राज्य के बारे में अच्छे से जानकारी होती है। ये रिजर्वेशन का मामला है, इसमें इंदिरा साहनी की कड़ी जरूर है लेकिन ये राज्य से संबंधित मामला है। इसलिए इस मामले में जो सबसे उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा हम तो चाहते हैं कि कल इस मामले को निपटा ही दें।

एम-3 ग्रुप में सुदेश भोंसले व अरविंद दयाल की मचेगी धूम

भोपाल महेश मेलोडी मूवमेंट एम-3 ग्रुप द्वारा देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा जी एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री कैलाश जोशी जी की स्मृति में 7 अक्टूबर 2025 शाम 6:30 बजे से भोपाल के हंस ध्वनि सभागार (रवींद्र भवन) में एक विशाल ओरकेष्ट्रा होने जा रहा है l एम-3 समिति के अध्यक्ष दिनेश गर्ग ने बताया कि मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा होने वाले इस चैरिटेबल शो जिसका उध्येश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के ऐसे बच्चे जो संगीत की शिक्षा पाने में सक्षम नहीं हैं उनकी सहायतार्थ करना है, इसमें बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक सुदेश भोंसले एवं प्रदेश के प्रसिद्ध सिंगर वॉइस ऑफ़ किशोर अरविंद दयाल शर्मा महानायक अमिताभ बच्चन पर फिल्माए गए गीतों की अनेकों प्रस्तुती देते दिखाई देंगे l एम -3 ग्रुप के संस्थापक सदस्यों में शामिल अशोक सिंह, आदित्य दयाल शर्मा, अतुल कुलश्रेष्ठ, अरविंद दयाल शर्मा, सुनील सिंह की अपार मेहनत से होने वाले इस कार्यक्रम में स्वर विंग्स द बैंड के विक्रमजीत सिंह \”विक्की\” (मुंबई) के संगीत संयोजन में लगभग दो दर्जन म्यूज़िशियन विशाल मंच की शोभा बढ़ाएंगे जिसमें की-बोर्ड पर मुंबई के दीपक परब, मुंबई के राहुल जाधव, भोपाल के लक्षित नारायण, ट्रम्पेट पर मुंबई के निर्मल सिंह, शुभम बारपे, ढोलक पर मुंबई के आकाश रणदीवे, मुंबई के अनूप सिंह बोरलिया, गिटार पर इंदौर के विकास जैन, ग्वालियर के शिव कुमार शर्मा, भोपाल के ललित परेरा, ऑकटोपेड पर मुंबई के नवीन ओबेराय, भोपाल के विक्की दान्डे, तबला पर भोपाल के आनंद भट्टाचार्य, बांसुरी पर मुंबई के अंश शर्मा, परकशन पर भोपाल के सौरभ अहिरवार, कांगो पर इंदौर के बाबला गजभिये आदि म्यूज़िशियन के अलावा मंच संचालन मुंबई के नवीन कोहली, साउंड इंजीनियर मुंबई के सुनील गंगवाने व भोपाल के अजय जायसवाल जोरशोर से तैयारी किये हुए हैं वहीं दूसरी तरफ़ एक से बढ़कर एक गीतों की बौछार करने मुंबई से वॉलीवुड के सिंगर सुदेश भोंसले, मुंबई से ओम चतुर्वेदी, भोपाल से अरविंद दयाल शर्मा, मुंबई से मानसी पाण्डेय, इंदौर से वैभव तिवारी, मुंबई से सौम्या शर्मा, लखनऊ से डॉ. आलोक दीक्षित, भोपाल से अनिरुद्ध सक्सेना का साथ कोरस में मुकुल शर्मा, अशोक कुमार, अजीत गावरकर, नंदा, अनुमति शर्मा, नीलम कुमारी दिखाई देंगे l कार्यक्रम व्यवस्थापक प्रांजुल व सोनाली, मंच संयोजक वंदना व सर्वेश को सौंपी जिम्मेदारी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुबोद्ध श्रीवास्तव व श्रीमती विनीता श्रीवास्तव के अलावा विशिष्ट अतिथियों में उद्योग विभाग के उप संचालक कैलाश मानेकर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष विजय गौर, एमपीआरडीएस के डी.जी.एम. संजय वर्णवाल, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, सीहोर के महाप्रबंधक अनुराग वर्मा, भोपाल के महाप्रबंधक सत्येंद्र कुमार, मंडीदीप के महाप्रबंधक सिद्धार्थ खरे की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को शोभायमान करेगी l कार्यक्रम के आयोजक एवं एम-3 ग्रुप के अध्यक्ष दिनेश गर्ग एवं स्वर विंग द बैंड के विक्रमजीत सिंह (विक्की) ने बताया कि झीलों की नगरी भोपाल में होने वाले इस आलीशान म्यूज़िकल नाईट को सफल करने के लिये प्रोत्साहनकर्ता में सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप, मिडिया पार्टनर में जनसेवा टाइम्स, प्रतिष्ठान में होटल मधुरम बिजनेस (एमपी नगर), होटल केप टाउन (टी. टी. नगर), राधिका पैलेस (कोलार रोड), होटल प्रथमा (एम्स), राधिका इंटरप्राइजेज, प्रतीक सेल्स, एम. एस. इंटरप्राइजेज एवं आकार इंटरप्राइजेज के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम में चैरिटेबल पास लेकर निर्धारित समय से पूर्व अपना स्थान ग्रहण कर कार्यक्रम का आनंद प्राप्त करने का अनुरोध किया है l