Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

ऊर्जा मंत्री तोमर ने की विद्युत कंपनियों के कामकाज की समीक्षा

रबी सीजन में हो पर्याप्त विद्युत उत्पादन भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत कंपनियों के मुख्यालय जबलपुर स्थि‍त शक्तिभवन में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी व मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी रबी सीजन के दृष्ट‍िगत ताप विद्युत गृहों से पर्याप्त विद्युत उत्पादन किया जाए, ट्रांसमिशन नेटवर्क की स्थि‍रता व निरतंरता बनाई रखी जाए और मैदानी क्षेत्र में आवश्यकतानुसार वितरण ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्च‍ित की जाए। समीक्षा बैठक में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री अनय द्विवेदी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी एवं वरिष्ठ अभियंता उपस्थि‍त थे। मंत्री तोमर ने कहा कि रबी सीजन के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की पर्याप्त व्यवस्था करे कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी आगामी रबी सीजन के पूर्व मैदानी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्ध‍ि एवं अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य समय सीमा से पूर्व कर लें। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्र में फेल होने वाले ट्रांसफार्मरों को त्वरित रूप से बदलने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का प्रबंधन व भंडारण क्षेत्रीय स्टोर में करें। उन्होंने लंबित नए विद्युत कनेक्शनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनकी निर्धारित समय सीमा आठ से पन्द्रह दिनों की अपेक्षा एक सप्ताह की जाए जिससे कि उपभोक्ता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। मंत्री श्री तोमर ने विद्युत बिलों, विद्युत अवरोध व वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए इसे जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। रबी सीजन में ताप विद्युत गृहों को निभानी होगी बड़ी भूमिका ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृह का वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है और इसी विश्वसनीय संचालन की आशा आगामी रबी सीजन में की जाती है। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में मध्यप्रदेश में विद्युत की मांग लगभग 20200 मेगावाट होने की संभावना है, ऐसे समय में विद्युत की मांग को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसके लिए विद्युत गृहों में कोयले का पर्याप्त भंडारण व प्रबंधन होना भी जरूरी है और इसकी समय समय पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली 660 मेगावाट की विद्युत इकाईयों के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नई विद्युत इकाईयों की स्थापना का कार्य मार्च 2026 तक प्रारंभ कर दिया जाए। विश्वसनीय पारेषण व्यवस्था कायम रखें ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की समीक्षा करते हुए कहा कि रबी सीजन में ट्रांसमिशन लाइनों की ट्रिपिंग नियंत्रि‍त करते हुए सतत् व विश्वसनीय विद्युत पारेषण किया जाए जिससे प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में विद्युत की कमी परिलक्षि‍त न हो। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा किसी भी स्थि‍ति से निबटने के लिए 50 एमवीए से 500 एमवीए तक पावर ट्रांसफार्मर की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली नई यूनिट से उत्पादित होने वाली विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन कंपनी अपना नेटवर्क समय पूर्व तैयार करे। ऊर्जा मंत्री ने सिंहस्थ 2028 के लिए पावर ट्रांसमिशन कंपनी की तैयारी की समीक्षा भी की। ऊर्जा मंत्री ने किया पालनाघर का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जबलपुर प्रवास के दौरान पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी के पालनाघर, स्मार्ट मीटरिंग मानीटरिंग सेंटर, ऑनलाइन परमिट, आईटी पार्क में क्व‍िक हेल्पडेस्क, वी-मित्र का उद्घाटन किया। ऊर्जा मंत्री ने कॉलसेंटर में नियुक्त दिव्यांग व विधवा महिलाओं को प्रेरणा सम्मान के तहत् सम्मानित भी किया।  

शराब घोटाले में बड़ा अपडेट: चैतन्य बघेल की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज

रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की जमानत याचिका राजधानी रायपुर में EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) की विशेष अदालत में खारिज कर दी गई है। इससे पहले बीते सोमवार को ही चैतन्य बघेल को विशेष अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका अस्वीकृत कर दी और उन्हें 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। बता दें कि EOW की ओर से चैतन्य बघेल को 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और मामले में गहन अनुसंधान किया जा रहा है। ED-EOW 90 दिनों में जांच पूरी करेगी। ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच में पता चला है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया है। इस पैसे का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया, जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

दोबारा शादी के बंधन में बंधी एक्ट्रेस सारा खान

मुंबई,  टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री सारा खान, जिन्हें दर्शक आज भी सुपरहिट शो 'बिदाई' में साधना के किरदार के लिए याद करते हैं, ने एक बार फिर अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर दिया है। सारा ने अभिनेता और निर्माता कृष पाठक के साथ दूसरी शादी कर ली है। दोनों ने हाल ही में कोर्ट मैरिज कर अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप दे दिया है। सारा और कृष काफी समय से रिलेशनशिप में थे और अक्सर एक-दूसरे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते नजर आते थे। अब दोनों ने अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया है। बताया जा रहा है कि ये शादी निजी समारोह में सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में हुई। हालांकि, सारा और कृष 5 दिसंबर 2025 को एक भव्य रिसेप्शन और पारंपरिक समारोह के साथ अपनी शादी का जश्न मनाने की योजना बना रहे हैं। दिए एक इंटरव्यू में सारा ने कहा, हमारी कोर्ट मैरिज बहुत निजी रखी गई थी, लेकिन दिसंबर में हम इस रिश्ते को बड़े जश्न, नाच-गाने और ढेर सारी खुशियों के साथ सेलिब्रेट करेंगे। यह हमारे जीवन का सबसे खूबसूरत पल है। सारा ने यह भी बताया कि उनकी और कृष की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। उन्होंने कहा, मैंने जब पहली बार कृष की तस्वीर देखी, तो मुझे एक अजीब-सा अपनापन महसूस हुआ। हमने चैट करना शुरू किया और अगले ही दिन मिलने का फैसला किया। हमारी सोच, लाइफस्टाइल और इमोशंस बहुत जल्दी मैच कर गए। मैंने उसी वक्त उसे कह दिया था कि मैं अब घर बसाने के लिए तैयार हूं। सारा के पति कृष पाठक, मशहूर अभिनेता सुनील लहरी के बेटे हैं, जिन्होंने रामानंद सागर की ऐतिहासिक 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाई थी। कृष भी अपने पिता की तरह अभिनेता और निर्माता हैं और कई डिजिटल प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं। वहीं, सारा खान की बात करें तो वह टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। उन्होंने 'बिदाई', 'ससुराल सिमर का', 'जुनून- ऐसी नफरत तो कैसा इश्क' जैसे कई टीवी शोज़ में काम किया है। सारा ने 'बिग बॉस 4' में भी हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने अपने को-कंटेस्टेंट अली मर्चेंट से शादी की थी। यह शादी इस्लामिक रीति-रिवाजों से शो के अंदर ही हुई थी, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और 2011 में दोनों का तलाक हो गया। आज सारा एक सफल अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक स्वतंत्र महिला की पहचान रखती हैं। अपनी दूसरी शादी को लेकर उन्होंने कहा, कृष मेरे लिए सिर्फ पार्टनर नहीं, बल्कि एक ऐसा इंसान है, जिसने मुझे जीवन की हर परिस्थिति में समझा और साथ दिया। मुझे लगता है, हमें किसी से मिलने के लिए सही वक्त का इंतजार करना पड़ता है, और अब वो वक्त आ गया है। सारा और कृष के फैंस सोशल मीडिया पर इस कपल को शुभकामनाएं दे रहे हैं। दिसंबर में होने वाले उनके शादी समारोह की तैयारियां भी धीरे-धीरे शुरू हो गई हैं, और माना जा रहा है कि इसमें टीवी और फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी।  

युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त, योगी सरकार ने दी तकनीकी शिक्षा को नई दिशा

सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) का हुआ भूमि पूजन एवं शिलान्यास टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनेगा अत्याधुनिक संस्थान, युवाओं को मिलेगी आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की दूरदर्शी सोच और विशेष प्रेरणा से बुधवार को जनपद मुजफ्फरनगर में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। इस पहल के तहत जनपद में सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस पहल ने प्रदेश में रोजगारपरक शिक्षा को नई गति दी है और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त किया है। शारदेन स्कूल में हुआ भव्य आयोजन व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने “सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT)” का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ हुए इस धार्मिक और औपचारिक समारोह ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया। शिलान्यास कार्यक्रम शारदेन स्कूल, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में आयोजित हुआ। भूमि पूजन के बाद राज्यमंत्री और मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने वृक्षारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनेगा अत्याधुनिक CIIIT संस्थान कार्यक्रम में टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पुणे के विशेषज्ञ अधिकारियों ने सीआईआईआईटी परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान युवाओं को ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में प्रशिक्षण देगा। 226.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संस्थान राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मुजफ्फरनगर के पास 10,000 वर्ग मीटर भूमि पर स्थापित होगा। जिलाधिकारी की देखरेख में भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है और निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगारपरक शिक्षा से आत्मनिर्भर होंगे युवा राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी तकनीकी शिक्षा और रोजगार शक्ति के रूप में स्थापित होगा। आईटीआई प्रशिक्षार्थियों को मिला सम्मान राज्यमंत्री, प्रमुख सचिव, मण्डलायुक्त और निदेशक ने प्रदेश के 21 आईटीआई संस्थानों के श्रेष्ठ प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। युवाओं के कौशल और परिश्रम की सराहना की गई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। समारोह में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम (IAS), मण्डलायुक्त अटल कुमार राय (IAS), निदेशक अभिषेक सिंह (IAS), जिलाधिकारी उमेश मिश्रा (IAS), मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण (IAS) तथा टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पुणे से यतेन्द्र कुमार और श्री रजनीकांत उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय बोले – जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाइन के कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला में शामिल हुए और इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गत वर्ष भी इसी सभागार में जनजातीय गौरव दिवस की कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। जशपुर में आयोजित 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया शामिल हुए थे, जिसमें जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, आभूषण और संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा था कि ऐसे आयोजन देशभर में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर जनजातीय नायकों की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन कर जनजातीय समाज के सम्मान और उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में 2,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के 14 जनजातीय विद्रोहों और अमर शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जो आदिवासी इतिहास और गौरव की धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में हमारी सरकार की एक बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सके। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और इतिहास को रेखांकित करने के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस रणनीति बनाना तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और रोजगार से जोड़ना है। आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि इस कार्यशाला की रूपरेखा आप सभी प्रबुद्धजनों द्वारा तैयार की जाएगी और राज्य सरकार उसी दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जनजातीय गौरव दिवस का सफल आयोजन हुआ था, इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाने का प्रयास किया जाएगा। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस आयोजन से यह संदेश पूरे देश में गया कि छत्तीसगढ़ ने जनजातीय समाज के उत्थान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। हमारे महान जनजातीय नायकों की बदौलत हमें यह समृद्ध विरासत प्राप्त हुई है, जिसे सहेजकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री श्री योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर समाज है और उसके गौरव को पुनः स्थापित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जनजातीय समाज के उत्थान के लिए विशेष रूप से समर्पित हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस कार्यशाला के माध्यम से ऐसी ठोस योजनाएं तैयार की जाएं जो जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को और ऊंचा उठाने में सहायक बनें। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री विजय दयाराम के., विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

इश्क और जुनून से भरा ‘एक दीवाने की दीवानियत’ का ट्रेलर रिलीज, दमदार डायलॉग्स की भरमार

मुंबई,  बॉलीवुड में जब भी इश्क और पागलपन की बात होती है, तो कुछ कहानियां दिल के बेहद करीब लगती हैं। कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो प्यार में खुद को भुला बैठते हैं, और कुछ डायलॉग्स सीधे दिल में उतर जाते हैं। हर्षवर्धन राणे अपनी नई फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ में ऐसे ही एक दीवाने आशिक के किरदार में लौटेंगे, जो प्यार को सिर्फ भावना नहीं, बल्कि जुनून मानता है। मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर बुधवार को रिलीज किया। ट्रेलर की शुरुआत एक दमदार डायलॉग से होती है, जिसमें हर्षवर्धन का किरदार कहता है, ”तुझसे मोहब्बत करना ऐ सनम… मेरी जरुरत है और ये तेरे बदनसीब दिवाने की दीवानियत है।” यह डायलॉग न केवल फिल्म की कहानी को सेट करता है, बल्कि दर्शकों को बताता है कि यह कोई हल्की-फुल्की लव स्टोरी नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जिसमें प्यार की हदें दीवानगी तक पहुंच चुकी हैं। इसके बाद ट्रेलर में हर्षवर्धन और सोनम बाजवा के बीच की केमिस्ट्री दिखाई जाती है। दोनों की नजरों में जो प्यार है, वो बिना बोले ही सब कुछ कह जाता है। कहीं दोनों एक साथ गाड़ी में सफर कर रहे हैं, तो कहीं आंखों ही आंखों में मोहब्बत के इजहार हो रहे हैं। यह सब कुछ बड़े ही खूबसूरत अंदाज में फिल्माया गया है। जैसे-जैसे ट्रेलर आगे बढ़ता है, कहानी और भी गहराती है। एक और दमदार डायलॉग आता है, ”परवाना रोशनी का इतना दीवाना होता है, शमा की खूबसूरती उसके होश कैसे उड़ाती है, उसकी दीवानियत में वो खुद को तबाह कर लेता है… खत्म कर लेता है, फना कर लेता है।” ट्रेलर में हर सीन में इमोशन और इंटेंसिटी की भरमार है। लेकिन कहानी में सिर्फ मोहब्बत नहीं, बल्कि टकराव भी है। एक सीन में सोनम बाजवा, गुस्से में हर्षवर्धन से कहती हैं, ”तूने आज तक औरत की चूड़ी की खनक देखी है, अब तू एक औरत की सनक देखेगा।” ट्रेलर में दोनों किरदारों के संघर्ष, गुस्से और भावनाओं की गहराई को बखूबी दिखाया गया है। ट्रेलर में एक खास मोड़ तब आता है जब हर्षवर्धन, सोनम को अपनी होने वाली बीवी बताते हैं। ट्रेलर के अंत में आता है वो डायलॉग जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, ”तुम सबसे कहती फिरती हो ना कि मैं तुम्हारी जिंदगी का रावण हूं, तो इतिहास का मैं पहला रावण हूं, जो सीता को खुद घर छोड़कर आएगा।” इस लाइन में न सिर्फ फिल्म की थीम छुपी है, बल्कि यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या वाकई यह रावण सिर्फ बुरा है, या उसकी दीवानगी में कुछ अलग ही रंग है। ट्रेलर की सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और डायलॉग्स की अदायगी एक अलग ही स्तर पर है। हर्षवर्धन राणे अपने किरदार में पूरी तरह ढल गए हैं और सोनम बाजवा भी उन्हें बराबरी से टक्कर देती दिखती हैं। निर्देशक मिलाप जावेरी ने एक बार फिर इमोशन और ड्रामा को जिस अंदाज में पिरोया है, वह साफ झलकता है। ‘एक दीवाने की दीवानियत’ इस दीपावली 21 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

तकनीक और परंपरा के संगम से सिंहस्थ-2028 को मिलेगा स्मार्ट स्वरूप

11 राज्यों की 36 टीम ने प्रस्तुत किए डिजिटल नवाचार हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले आईआईएसईआर भोपाल में प्रारंभ भोपाल उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले बुधवार को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल में प्रारंभ हुआ। दो दिवसीय आयोजन में भारत के 11 राज्यों की प्रतिभाएं एक मंच पर आईं और सिंहस्थ-2028 को तकनीक के जरिए और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। हैकाथॉन में 26 राज्यों से 1,726 पंजीकरण हुए और 932 नवीन विचार प्रस्तुत किए गए। कड़े मूल्यांकन के बाद मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, केरल, गुजरात, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु की 36 टीम फिनाले में पहुंचीं।इस हैकाथॉन ने “एक भारत-एक साथ नवाचार” की भावना को जीवंत किया है। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन-2025 का लक्ष्य शासन, जन सुरक्षा और नागरिक कल्याण के लिए तकनीक का उपयोग करना है। समारोह में आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने कहा कि “कुंभ मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। यह हैकाथॉन परंपरा और तकनीक के खूबसूरत मेल को दर्शाता है।” एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक श्री अंशुमन राज ने इसे सरकारी चुनौतियों को समाधान में बदलने का शानदार अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 नागरिकों के लिए स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ विकसित करने का अवसर है। कार्यकारी निदेशक डॉ. संदीप गोयल ने इसे विचारों और विविधता का संगम कहा जो सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन को और बेहतर बनाएगा। समारोह में एनईजीडी के निदेशक श्री अभिषेक अनंत भी उपस्थित थे। 36 फाइनलिस्ट टीम ने स्मार्ट मोबिलिटी, सुरक्षा और निगरानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं डिजिटल अनुभव और सांस्कृतिक विसर्जन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। उल्लेखनीय परियोजनाओं में क्राउडगार्ड एआई:वास्तविक समय में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रणाली, एआई-मूव सिंहस्थ: तीर्थयात्रियों के प्रवाह को प्रबंधित करने का समाधान, एकीकृत पार्किंग प्रबंधन प्लेटफॉर्म (केरल): पार्किंग की समस्या का तकनीकी हल शामिल हैं, दर्शिनी एआई: सांस्कृतिक अनुभव को डिजिटल रूप से जीवंत करने वाला प्रोजेक्ट शामिल हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल और आईआईएसईआर के विशेषज्ञों वाले निर्णायक मंडल ने इन नवाचारों की रचनात्मकता की जमकर प्रशंसा की और रचनात्मक सुझाव भी दिए। हैकाथॉन का दूसरा दिन 9 अक्टूबर को अंतिम प्रदर्शन, मूल्यांकन के साथ समाप्त होगा।अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे मुख्य अतिथि होंगे। शीर्ष तीन विजेता टीम को 18 लाख, 5 लाख और 3 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ इनक्यूबेशन और मेंटरशिप के अवसर मिलेंगे। उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 मध्यप्रदेश के तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका को रेखांकित करता है। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल भविष्य से जोड़ते हुए समावेशी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देता है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच हैकाथॉन परंपरा और नवाचार के मेल का प्रतीक बनकर उभरा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा प्रभाव छोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

एडीबी प्रतिनिधिमंडल ने देखा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का उत्कृष्ट कौशल विकास मॉडल

भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में एशियन डेवलपमेंट बैंक बोर्ड के सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल पहुँचा और संस्थान की आधुनिक अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं तथा विद्यार्थियों की दक्षता और नवाचारों का अवलोकन किया। प्रतिष्ठित एडीबी प्रतिनिधिमंडल में श्री निम दोरजी, श्री वेइहुआ लियू, सुश्री सुपक चैयावान, सुश्री माया स्वेर्टूप, सुश्री हारुका सेव्या, श्री पोनुराज वेलुसामी, सुश्री लोइस लेई पी. नकारियो, डॉ. व्योमेश पंत और सुश्री पूनम एस. भाम्बरी शामिल रहे। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क राज्य सरकार और एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से विकसित एक आधुनिक संस्थान है, जो युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन मध्यप्रदेश को स्किल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में स्थापित करने का है और इस दिशा में एसएसआरजीएसपी जैसी संस्थाएं निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। यहाँ से प्रशिक्षित विद्यार्थी औद्योगिक संस्थानों में जॉब प्राप्त कर रहे हैं और नई तकनीक आधारित स्टार्टअप्स में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। बोर्ड के सदस्यों ने संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर नमन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह से चर्चा की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने बोर्ड सदस्यों को संस्था में चल रही योजनाओं तथा कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों से जोड़ने के लिए अपनाए गए अभिनव मॉडल से अवगत कराया। ऑडिटोरियम में जीएसपी एंथम के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद एसएसआरजीएसपी की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसमें प्रशिक्षण प्रणाली, उद्योग-सहयोग और विद्यार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाया गया। बोर्ड सदस्यों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान कौशल शिक्षा में नवाचार और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया कक्ष का भ्रमण किया, जहाँ पॉडकास्ट निर्माण, प्रकाशन कार्य और मीडिया प्रबंधन की आधुनिक सुविधाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके बाद उन्होंने पुस्तकालय का अवलोकन किया, जहाँ पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधनों की भी व्यापक व्यवस्था है। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने उनकी व्यावहारिक शिक्षण पद्धति और ज्ञान के उपयोग की प्रशंसा की। लाइफ स्किल्स क्लब में विद्यार्थियों ने संवाद, नेतृत्व, रचनात्मक सोच और डिजाइन थिंकिंग से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया। बोर्ड सदस्यों ने इस पहल को युवाओं में आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। प्रतिनिधिमंडल ने ऑटोट्रॉनिक्स, इंजन वर्कशॉप, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग तथा मेकाट्रॉनिक्स लैब का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स ने उनकी तकनीकी दक्षता और सृजनशीलता को प्रदर्शित किया। भ्रमण के दौरान एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी कैफेटेरिया में हब एंड स्पोक मॉडल के अंतर्गत संभागीय आईटीआई और स्किल्स पार्क के विद्यार्थियों द्वारा विकसित परियोजनाओं को देखा। छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार का परिचय दिया, जिसे प्रतिनिधिमंडल ने सराहा। इस अवसर पर एडीबी बोर्ड सदस्यों ने स्टूडेंट्स फर्स्ट पट्टिका का शुभारंभ किया और 'जीएसपी इन नंबर्स' ब्रोशर का अनावरण किया, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों और प्रगति की झलक प्रस्तुत की गई है। बोर्ड के सदस्यों और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी की अधोसंरचना, प्रशिक्षण प्रणाली और विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान भारत में कौशल विकास का प्रेरणास्रोत है और राज्य के युवाओं को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

निर्मला सीतारमण बोलीं अयोध्या भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक

  योगी आदित्यनाथ ने कहा अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली  त्यागराज, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों से अयोध्या में बसा कर्नाटक का संगीत भाव अयोध्या, उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बुधवार को अयोध्या की पावन भूमि पर देखने को मिला। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों का बृहस्पति कुंड में भव्य अनावरण किया। भक्ति और संगीत की मधुर लहरों में डूबा बृहस्पति कुंड टेढ़ी बाजार स्थित बृहस्पति कुंड का वातावरण उस समय भक्तिरस और संगीत की पवित्र भावना से सरोबार हो उठा जब केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर अनावरण समारोह की शुरुआत की। इस दौरान सीतारमण के माता-पिता भी मौजूद रहे, जिससे यह पल और भी भावनात्मक हो गया। अयोध्या की परंपरा में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक अयोध्या शैली में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बृहस्पति कुंड केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है, जहां उत्तर भारत की श्रद्धा और दक्षिण भारत की भक्ति का संगम होता है। तीनों संतों के योगदान को किया नमन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने तीनों संतों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और भक्ति परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनके काव्य और रचनाओं ने समाज को प्रेम, भक्ति और एकता के सूत्र में पिरोया। कर्नाटक और अयोध्या के सांस्कृतिक रिश्ते को मिला नया आयाम सीतारमण ने बृहस्पति कुंड की भव्यता और शांति देखकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अयोध्या और कर्नाटक के सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं। आज इन संतों की मूर्तियों के अनावरण के माध्यम से भारत की उत्तर-दक्षिण परंपरा एक सूत्र में बंधी है। सीएम योगी ने बोल अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की धुरी इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम की नगरी अयोध्या अब केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली बन रही है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण का यह दौरा भारत की सांस्कृतिक एकता और समरसता का सशक्त प्रतीक है। बृहस्पति कुंड की शांति में खोए सीएम योगी, मंत्रियों संग पत्थर की बेंच पर लिया सौंदर्य का आनंद बृहस्पति कुंड परिसर में स्थापित सुंदर पत्थर की बेंचों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह कुछ देर के लिए विराम लेते हुए बैठे। शांत सरोवर, मधुर वातावरण और सुव्यवस्थित परिसर को निहारते हुए तीनों जनप्रतिनिधियों ने उस पल में अयोध्या की सौंदर्य व सांस्कृतिक गरिमा का आनंद अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने बेंचों की कलात्मक बनावट और परिसर के सौंदर्यीकरण की सराहना करते हुए कहा कि बृहस्पति कुंड अब श्रद्धा और सौंदर्य का आदर्श संगम बन चुका है।

राष्ट्रव्यापी जनजाति गौरव दिवस 15 नवंबर से पहले पीएम जनमन के कार्य पूरा करें: मुख्य सचिव जैन

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि नवाचारी प्रयासों से समस्याओं के वैकल्पिक समाधान तलाशें और आदर्श प्रक्रियाएं अपनाएं। जनजातीय विकास की योजनाएं संवेदनशील प्रकृति की होती हैं, इसलिये समय-सीमा का ध्यान रखा जाये। मुख्य सचिव  जैन कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन जनजातीय विकास कार्यों, आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान, वन अधिकार अधिनियम संबंधी विषयों पर कलेक्टर-कमिश्नर से यह बात कही। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य  गुलशन बामरा ने प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत सभी जिले शीघ्र ही प्रत्येक ग्राम का विलेज एक्शन प्लान तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदन करवाये। विलेज एक्शन प्लान के आधार पर डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान तैयार होगा और डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान के आधार पर स्टेट एक्शन प्लान तैयार होगा। इस प्रकार तैयार हुए प्लान का नई दिल्ली में प्रस्तुतिकरण होगा और सर्वश्रेष्ठ प्लान को पुरस्कृत किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार 40 लक्षित गांव के 10 हजार 893 विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। इन गांवों में 11 हजार 394 आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान जन धन, जाति प्रमाण-पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जारी किए गए उनकी संख्या 17 लाख 70 हजार 745 है। प्रतुतिकरण में बताया गया कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी जिलों से अधोसंरचनात्मक कार्य जैसे हॉस्टल निर्माण, सड़क निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, बहुउद्देशीय सेंटर निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये।  बामरा ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 15 नवंबर को राष्ट्रव्यापी जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। सभी जिलों से पीएम जनमन के अंतर्गत आने वाली योजनाओं में निर्धारित कार्यों को 15 नवंबर से पहले पूरा कर ले। अपर मुख्य सचिव‍वन  अशोक बर्णवाल ने जिला कलेक्टर्स से वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक पूर्व के निरस्त दावों का पुनः परीक्षण कर निराकरण करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सामुदायिक वन संधारण के संरक्षण एवं प्रबंधन के अधिकारों की मान्यता के लिए जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप दिसंबर तक कार्रवाई पूरी करें और लंबित दावों का निराकरण करें। वन ग्रामों के राजस्व गांव में परिवर्तन करने के लिए अपनाई गई आदर्श प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश जिलों को दिये, जिससे सभी वन अधिकार-पत्र धारकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। वर्तमान में 29 जिलों में कुल 792 वन ग्रामों के परिवर्तन की कार्यवाही प्रचलन में है। संरक्षण क्षेत्र में स्थित 66 वन ग्रामों में कार्रवाई शेष है। इन वन ग्रामों की बाहरी सीमाओं का निर्धारण एवं नक्शा तैयार किया जाना है और कब्जे तथा वयस्कता का निर्धारण कराकर वन अधिकार पत्र के लिए पात्रता निर्धारित की जाना है। वन अधिकार के दावों का निराकरण करने में भोपाल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर छतरपुर ने उच्च प्रदर्शन किया है। उत्कृष्ट कार्यों का हुआ प्रेजेन्टेशन आदि सेवा केन्द्रों की स्थापना में बड़वानी खरगोन, नरसिंहपुर, सीहोर और इंदौर जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सत्र में बैतूल जिले ने आदि कामयोगी अभियान शिवपुरी ने पीएम जनमन आवास, शहडोल ने पीएम जनमन आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र एवं आयुष्मान कार्ड वितरण संबंधी कार्य एवं बालाघाट ने वन अधिकार दावों के निराकरण पर प्रस्तुतिकरण दिया।