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गिरफ्तारी में Supreme Court की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट ने CBI को किया सख्त चेतावनी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में एक आदिवासी शख्स की मौते के मामले में सीबीआई को फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा है कि इस मामले के आरोपी दो पुलिस अफसरों को पकड़ने के लिए कोर्ट के आदेश की जररूत क्यों है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने राज्य सरकार से निलंबित अधिकारियों के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई के बारे में भी जानकारी देने को कहा है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा, आप इतने दिनों में उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाए? सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन इस तरह नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि हमने कहा था कि हम मुख्य सचिव को आज उपस्थित रहने के लिए कहेंगे, इसलिए आपने कार्रवाई की। आप बताइए कि ऐसा क्यों हुआ। हम इस मामले को बंद नहीं करेंगे। ये मामला जुलाई 2024 में एक आदिवासी युवक देव पारधी की पुलिस हिरासत में मौत से जुड़ा है। मध्य प्रदेश के म्याना पुलिस स्टेशन के दो अधिकारियों पर देव पराधी प्रताड़ित कर मार डालने का आरोप है। आरोप है कि पीड़ित के चाचा, जो एकमात्र चश्मदीद गवाह थे, उन पर भी बेरहमी से हमला किया गया और कथित तौर पर उनकी गवाही को कमज़ोर करने के लिए उन्हें कई मामलों में फसाया गया। इस साल मई में, सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय जांच कई खामियां पाई थीं जिसके बाद, मामला सीबीआई को सौंप दिया और एक महीने के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया।चार महीने से ज़्यादा समय तक भी जब गिरफ्तारी नहीं हुई तो पीड़ित परिवार ने अदालत की अवमानना ​​की याचिका के साथ फिर से कोर्ट का रुख किया, जिसमें अदालत के 15 मई के आदेश की जानबूझकर अवज्ञा करने का आरोप लगाया गया। इससे पहले 25 सितंबर को, पीठ ने फरार पुलिस अधिकारियों का वेतन देना जारी रखने और उनको सस्पेंड करने में देरी करने के लिए राज्य की कड़ी आलोचना की थी। वहीं इसके एक दिन बाद कोर्ट ने दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार न करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार और सीबीआई को फिर से फटकार लगाई और उन्हें कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का एक आखिरी मौका दिया। आज, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजा ठाकरे ने कोर्ट को सूचित किया कि दोनों अधिकारियों उत्तम सिंह और संजीव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ वकील ने कहा, हमने निर्देशों का पालन किया है और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तम सिंह को इंदौर में गिरफ्तार किया गया था, और संजीव सिंह को 5 अक्टूबर को शिवपुरी में हिरासत में लिया गया था। हालांकि कोर्ट ने कहा कि वह इस बात का सफाई चाहता है कि कोर्ट की अवमानना ​​याचिका दायर होने के बाद ही गिरफ्तारी क्यों हुई।

सीधी RES दफ्तर में रिश्वत का भंडाफोड़, इंजीनियर और SDO भागे, महिला कर्मचारी पकड़ी गई

सीधी सीधी के जिला मुख्यालय स्थित RES विभाग में रीवा लोकायुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर महिला कर्मी को आठ हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। छापेमारी की जानकारी लगते ही इंजीनियर और एसडीओ समेत सब इंजीनियर दफ्तर छोड़ मौके से फरार हो गए। भाजपा नेता राजकुमार की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस टीम ने आठ हजार रुपये की नगर रिश्वत लेते नेहा सिंह को गिरफ्तार किया है। आगे की कार्यवाही के लिए सर्किट हाउस लाया गया है। जहां कार्यवाही जारी है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत में हुए पुलिया निर्माण का भुगतान करने के एवज में एसडीओ आर यस पटेल और रामाश्रय पटेल सब इंजीनियर अखिलेश मौर्य ने रिश्वत की मांग की थी। छापेमारी के दौरान RES विभाग के महिला कर्मी नेहा सिंह रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार हुई है।  लोकायुक्त की छापेमारी कार्रवाई के बाद एसडीओ इंजीनियर और सब इंजीनियर दफ्तर छोड़ फरार हुए हैं, जिनकी तलाश में लोकायुक्त पुलिस टीम जुटी हुई है। लोकायुक्त की कार्यवाही से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप का माहौल है।

घर पर ठंडी दही से पाएं बिना मेकअप का ग्लो, हर कोई पूछेगा आपका सीक्रेट

आज के समय में सोशल मीडिया पर चमकदार, बेदाग और ग्लोइंग स्किन वाली सेल्फी पोस्ट करना एक ट्रेंड बन चुका है। लेकिन हर बार मेकअप करना या फिल्टर लगाना न तो स्किन के लिए अच्छा है और न ही प्रेक्टिकल अच्छा। ऐसे में अगर कोई आसान, घरेलू और नेचुरल उपाय आपकी त्वचा को तुरंत निखार दे, तो कैसा लगेगा? इसका सबसे असरदार और ठंडक भरा जवाब है – फ्रिज में रखी ठंडी दही। जी हां फ्रिज की ठंडी दही चेहरे पर लाएगी इंस्टेंट निखार और आपकी सेल्फी भी होगी बिल्कुल नेचुरल। तो आइए जानते हैं फ्रिज की ठंडी दही ही क्यों है फ्रिज में रखी दही क्यों है खास? साधारण दही भी फायदेमंद होती है, लेकिन जब यह ठंडी हो, तो इसका असर स्किन पर और भी ज्यादा तेजी से नजर आता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की डेड स्किन को हटाकर उसे नर्म बनाता है। इसमें विटामिन बी, जिंक, कैल्शियम और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्किन को गहराई से पोषण देते हैं। ठंडक देने वाली दही चेहरे की सूजन, थकान और रैशेज को भी शांत करती है। यही कारण है कि यह इंस्टेंट ग्लो के लिए एक नेचुरल ब्यूटी हैक बन चुकी है। जानें क्या है लगाने का सही तरीका     सबसे पहले चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धोकर साफ कर लें जिससे सारी धूल-मिट्टी हट जाए।     फ्रिज से 2 बड़े चम्मच ताजी दही निकालें।     उंगलियों या फेस ब्रश की मदद से दही को पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं।     आंखों और होठों के आसपास का हिस्सा छोड़ दें। कितनी देर तक लगाएं रखें इस फेस पैक को 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। जब यह थोड़ा सूख जाए और ठंडक महसूस हो, तो गुनगुने या ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद हल्के हाथों से तौलिए से पोंछ लें। फायदे जो दिखेंगे पहली बार में ही     चेहरा तुरंत साफ, तरोताजा और ग्लोइंग नजर आएगा।     थकी हुई त्वचा में जान आ जाएगी।     ओपन पोर्स टाइट होंगे और पिंपल्स में राहत मिलेगी।     टैनिंग और दाग-धब्बे हल्के लगने लगेंगे।     स्किन नर्म, मुलायम और हेल्दी दिखेगी। नियमित उपयोग से लाभ अगर हफ्ते में 2-3 बार ठंडी दही का फेस मास्क लगाया जाए, तो स्किन का कलर धीरे-धीरे निखरने लगता है। त्वचा गहराई से साफ होती है, डलनेस कम होती है और स्किन की नेचुरल चमक बनी रहती है। ऑयली स्किन वालों के लिए ये दही खास फायदेमंद है, क्योंकि यह त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को भी कंट्रोल करता है। तो अगली बार जब परफेक्ट सेल्फी की तलाश हो, कैमरे के फिल्टर की जगह अपनाएं फ्रिज की ठंडी दही और पाएं नेचुरल ब्यूटी का बेहतरीन निखार।  

सिर्फ ₹7,499 में लॉन्च हुआ Moto G06 Power, मिलेगी 7000mAh की दमदार बैटरी!

नई दिल्ली मोटोरोला का नया स्‍मार्टफोन moto g06 power भारत में लॉन्‍च हो गया है। यह 7 हजार एमएएच बैटरी वाला सस्‍ता स्‍मार्टफोन है, जिसमें 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट वाला एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले दिया गया है। नए मोटोरोला स्‍मार्टफोन में मीडियाटेक का हीलियो जी81 एक्‍सट्रीम चिपसेट है और 4जी रैम दी गई है। moto g06 power में 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा है। यह फोन आईपी64 रेटिंग्‍स के साथ आता है और धूल व छींटों से होने वाले नुकसान से बचा रहता है। कंपनी दावा कर रही है कि इसकी बड़ी बैटरी पूरे 3 दिन साथ निभा सकती है। moto g06 power प्राइस इन इंडिया moto g06 power को तीन कलर्स में लाया गया है। यह सिर्फ 4GB + 64GB स्‍टोरेज वेरिएंट में आता है और फोन की कीमत 7499 रुपये है। 11 अक्‍टूबर से इसे मोटोरोलाडॉटइन, फ्लिपकार्ट और ऑफलाइन स्‍टोर्स से लिया जा सकेगा। moto g06 power फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस moto g06 power में 6.88 इंच का HD+ डिस्‍प्‍ले दिया है। इसका पिक्‍सल रेजॉलूशन 1640 x 720 पिक्‍सल्‍स है। यह एक एलसीडी स्‍क्रीन है, जो 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट और 600 निट्स की पीक ब्राइटनैस ऑफर करती है। डिस्‍प्‍ले में कोर्निंग गोरिल्‍ला ग्‍लास 3 का प्रोटेक्‍शन दिया गया है। moto g06 power में मीडियाटेक का हीलियो G81 प्रोसेसर दिया गया है। 4 जीबी रैम है। 64 जीबी स्‍टोरेज मिलता है। स्‍टोरेज को एसडी कार्ड लगाकर 1 टीबी तक बढ़ाया जा सकता है। यह फोन एंड्रॉयड 15 ओएस पर चलता है। डुअल सिम के अलावा इसमें एसडी कार्ड लगाया जा सकता है। moto g06 power कैमरा moto g06 power में 50 मेगापिक्‍सल का रियर कैमरा दिया गया है। इसमें एलईडी फ्लैश मिलता है। फ्रंट कैमरा 8 मेगापिक्‍सल का है। फोन में 3.5mm का ऑडियो जैक दिया गया है। स्‍टीरियो स्‍पीकर्स मिल जाते हैं। साइड माउंटेड फ‍िंगरप्रिंट सेंसर इसमें मिलता है। फोन का वजन 220 ग्राम है। यहां ध्‍यान देने वाली बात है कि यह एक 4जी स्‍मार्टफोन है। 5जी नेटवर्क को आप इस फोन में इस्‍तेमाल नहीं कर पाएंगे। ऐसे यूजर्स जो फीचर फोन से स्‍मार्टफोन में शिफ्ट करना चाहते हैं। यह उनके लिए एक विकल्‍प बन सकता है।

शाला विकास समिति में बच्चों के पालक सहित शिक्षा में रूचि रखने वाले हों शामिल: मुख्य सचिव जैन

कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता शत-प्रतिशत हो : मुख्य सचिव  जैन शालाओं में बच्चों के नामांकन की दर में करें सुधार : मुख्य सचिव  जैन शाला विकास समिति में बच्चों के पालक सहित शिक्षा में रूचि रखने वाले हों शामिल: मुख्य सचिव  जैन शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये अन्य विभागों के लोगों को भी जोड़ें भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार सत्र में जोर देकर कहा कि विकसित भारत के रोडमेप में शिक्षा एक मूलभूत मुद्दा है। इसके बगैर विकास के लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाये। शिक्षा में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये। उन्होंने स्कूलों में नामांकन दर में और सुधार की आवश्यकता बताई। मुख्य सचिव  जैन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को अधिकारियों को राज्य शासन की प्राथमिकताओं की जानकारी दे रहे थे। शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर सत्र में गुणवत्ता सुधार के लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूल भवन की मरम्मत कार्य में शाला विकास समिति और शिक्षा में रूचि रखने वाले व्यक्तियों की मदद लिये जाने पर बल दिया गया। मुख्‍य सचिव  जैन ने निर्देश दिये कि शिक्षा के श्रेष्ठ कौशल रखने वाले शिक्षकों का ग्रुप तैयार कर उनके माध्यम से प्रशिक्षण का निश्चित शेड्यूल तैयार किया जाये। उन्होंने कहा कि बच्चों की ट्रेकिंग का कार्य आंगनवाड़ी से शुरू कर स्कूल की आखरी क्लास तक सतत रखा जाये। अपर मुख्य सचिव  अशोक वर्णवाल और  संजय दुबे ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के संबंध में जनशिक्षकों की भूमिका पर सुझाव दिये। ई-अटेंडेंस ऐप का उपयोग सत्र की शुरूआत में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि विकसित मध्यप्रदेश-2047 के प्रमुख बिन्दु में प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता, रोजगारोन्मुखी समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना शामिल है। शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये सरकारी शिक्षकों के ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। राजगढ़ जिले में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत 94 प्रतिशत है। सत्र में बोर्ड परीक्षा परिणाम पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 87 प्रतिशत से अधिक बच्चों ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में और कक्षा 12वीं में करीब 83 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। सचिव महिला एवं बाल विकास सु जी.वी. रश्मि ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में किये जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी। आंगनवाड़ी में दर्ज 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सिखाने के लिये राष्ट्रीय फ्रेमवर्क आधारशिला तथा 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिये नवचेतना फ्रेमवर्क को बनाया गया है। निपुण भारत मिशन में आंगनवाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावास में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। आश्रम शालाएं, छात्रावास के निरीक्षण के लिये सितम्बर 2025 से परख ऐप लांच किया गया है। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर कक्षा 9 से महाविद्यालयीन स्तर पर छात्रवृत्ति के लिये केन्द्र सरकार ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। बेस्ट प्रेक्टिस की दी गई जानकारी शाजापुर कलेक्टर ने निपुण भारत मिशन के बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी दी। छतरपुर कलेक्टर ने आदर्श आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट, कलेक्टर नीमच ने शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और झाबुआ कलेक्टर ने बेस्ट प्रेक्टिस वीडियो परख की प्रस्तुति दी। मुख्य सविच के निर्देश     विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये नामांकन दर को सुधारने के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ हो प्रयास।     सरकारी स्कलों के मरम्मत में शिक्षा में रूचि रखने वाले स्थानीय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाये।     बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और 12 में परीक्षा परिणाम सुधार के लिये अभी से हो सघन प्रयास।     सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिले, इस पर रखें निगरानी।     आंगनवाड़ी में पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत हो नामांकन।  

दिल्ली हाई कोर्ट ने भेजा समन, समीर वानखेड़े ने शाहरुख-गौरी से की 2 करोड़ की मुआवजे की मांग

नई दिल्ली/ मुंबई  दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को अभिनेता शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को मानहानि के मामले में समन जारी किया है. यह समन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा दायर की गई याचिका पर जारी किया गया है. कोर्ट ने सभी पक्षों को अपने जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित की गई है. समीर वानखेड़े ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि 18 सितंबर को रिलीज हुई वेब सीरीज़ 'The Ba**ds Of Bollywood' ने उनकी प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचाया है. यह शो शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट द्वारा बनाया गया है और नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया गया था. वानखेड़े का कहना है कि इस सीरीज में एक किरदार उन्हें दर्शाने की कोशिश करता है जो एनसीबी अधिकारी की भूमिका में है और जिस दृश्य में उसे दिखाया गया है, वह उन्हें बदनाम करने वाला है. समीर वानखेड़े ने मांगा 2 करोड़ का हर्जाना पूर्व एनसीबी अधिकारी ने अदालत से अनुरोध किया है कि शो के कंटेंट को मानहानिकारक घोषित किया जाए और इसके लिए उन्होंने 2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है. वानखेड़े ने दावा किया है कि शो प्रसारित होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर कई अपमानजनक प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा और उनकी सार्वजनिक छवि को गंभीर क्षति हुई. उनके अनुसार, यह शो न केवल झूठा है बल्कि उनकी पेशेवर ईमानदारी पर सवाल उठाता है. 'किसी की छवि से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता' मानहानि याचिका में उन्होंने कहा कि किसी भी क्रिएटिव या फिल्मी कल्पना की आड़ में किसी व्यक्ति की छवि से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. वानखेड़े ने यह भी बताया कि शो में उनके नाम या पहचान का सीधा उपयोग भले न किया गया हो, लेकिन दर्शकों के लिए यह साफ है कि किरदार उन्हीं से प्रेरित है. दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआती सुनवाई के दौरान सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए उन्हें सात दिनों में जवाब देने का निर्देश दिया. कोर्ट में 30 अक्टूबर को अगली तारीख पर सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएगी.

TTP ने मचाई तबाही: बम धमाके और गोलीबारी में पाक सेना को भारी नुकसान, 11 की जान गई

इस्लामाबाद पाकिस्तान के अफगानिस्तान सीमा के पास बुधवार को उग्रवादियों ने एक सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें नौ पैरामिलिट्री सैनिक और दो अधिकारी मारे गए. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान ने ली है. पाकिस्तान सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि काफिले पर सड़क किनारे बम लगाए गए थे और उसके बाद काफिले पर गोलीबारी की गई. यह हमला उत्तर-पश्चिमी जिले कुर्रम में हुआ. पाकिस्तानी तालिबान, जिन्हें तेहरिक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है, हाल के महीनों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों को तेज कर चुके हैं. ये समूह सरकार को उखाड़ फेंककर कड़े इस्लामी शासन की स्थापना चाहता है. अफगानिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आते हैं मिलिटेंट इस्लामाबाद का आरोप है कि तालिबान के मिलिटेंट अफगानिस्तान की सीमापार से अपनी ट्रेनिंग लेते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाते हैं. हालांकि, काबुल यह आरोप झूठा मानता है. सुरक्षा स्थिति बिगड़ी, हिंसा में बढ़ोतरी इस्लामाबाद में सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) ने सोमवार को एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पिछले तीन महीनों में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों और सैन्य कार्रवाई में हुई हताहतों के आंकड़े बताए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इन तीन महीनों में कम से कम 901 लोग मारे गए और 599 घायल हुए. यह कुल 329 हिंसक घटनाओं में हुआ, जिसमें आतंकवादी हमले और सेना के ऑपरेशन शामिल थे. यह पिछली तिमाही की तुलना में हिंसा में 46 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है.

अस्पतालों में मनाया गया कन्या जन्मोत्सव, 500 से अधिक नवजात बालिकाओं का पूजन कर माताओं को किया गया सम्मानित

मिशन शक्ति 5.0: बेटियों ने थामा प्रशासन का जिम्मा, कन्याओं के जन्म से अस्पतालों में गूंजे स्वागत गीत 350 से अधिक बालिकाओं ने प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाकर दिखाया आत्मविश्वास और परिपक्वता अस्पतालों में मनाया गया कन्या जन्मोत्सव, 500 से अधिक  नवजात बालिकाओं का पूजन कर माताओं को किया गया सम्मानित – नवजात के स्वागत के साथ ही कन्या सुमंगला योजना से जोड़कल जन्म से उच्च शिक्षा तक उनके भविष्य को किया गया सुरक्षित – नवजात बालिकाओं के नाम पर हुआ पौधारोपण, कन्या जन्मोत्सव बना जन-आंदोलन – मिशन शक्ति 5.0 के तहत अब तक 14.08 लाख लोगों को किया गया जागरूक लखनऊ मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह में बुधवार को पूरे प्रदेश में अनूठे आयोजन हुए। कहीं बेटियाँ ‘एक दिन की जिलाधिकारी’ बनकर जिम्मेदारी निभाती दिखीं, तो कहीं अस्पतालों में ‘कन्या जन्मोत्सव’ के जरिए नवजात बालिकाओं का हर्षोल्लास से स्वागत किया गया। इन आयोजनों ने न केवल बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदला है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सपनों को नया आयाम भी प्रदान किया है। जहाँ-जहाँ बालिकाओं ने अधिकारी बनकर का पद संभाला, वहाँ उनकी गंभीरता, परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता देखकर सभी प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रदेश भर की 350 से अधिक बालिकाओं को जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था, ताकि वे भविष्य में उच्च पदों पर निर्णयकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हों।  सुबह औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद इन बालिकाओं ने विभागीय बैठकों में हिस्सा लिया, योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। कई जिलों में बालिकाओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से संवाद किया और अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उनकी गंभीरता और परिपक्वता ने सभी को प्रभावित किया। विधिवत पूजन के साथ हुआ नवजात बेटियों का स्वागत वहीं दूसरी ओर, कन्या जन्मोत्सव ने पूरे प्रदेश में बेटियों के स्वागत को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया। एक ही दिन में जन्मी 500 से अधिक नवजात बालिकाओं का सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में विधिवत पूजन के साथ स्वागत किया गया। नवजात बेटियों और उनकी माताओं को उपहार स्वरूप वस्त्र, फल, पौष्टिक आहार और शुभकामना कार्ड भेंट किए गए।  नवजात कन्याओं को मिला मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ कन्या जन्मोत्सव को योगी सरकार की महत्वाकांक्षी "मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना" से जोड़ा गया। इस योजना के तहत नवजात बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कार्यक्रम में उपस्थित परिवारों को इस योजना की पात्रता और लाभों की जानकारी दी गई, ताकि हर बेटी का भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं अस्पतालों में पहुँचकर माताओं और नवजात बेटियों का सम्मान किया। साथ ही, बेटियों के जन्म की संख्या के अनुरूप पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और बेटी बचाओ के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाया गया। बता दें कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण में 22 सितंबर से अब तक 14.08 लाख लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं। यह अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए एक नई क्रांति का प्रतीक बन रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति का यही उद्देश्य है कि हर बेटी को यह विश्वास मिले कि वह केवल अपने सपनों तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें साकार करने की शक्ति भी उसके भीतर है। यह अनुभव उनके जीवन में प्रेरणा का स्रोत बनेगा और आने वाले समय में उन्हें समाज की दिशा बदलने की ताकत प्रदान करेगा।"

मुख्यमंत्री साय से इसरो के वैज्ञानिकों ने की सौजन्य भेंट

इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी, युवाओं के लिए नए अवसर और शासन की कार्यकुशलता बढ़ाने में इसरो की तकनीक के उपयोग पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई। डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं। इसरो के वैज्ञानिक भगवान मधेश्वर की तस्वीर देखकर हुए अभिभूत मुख्यमंत्री निवास में आयोजित  बैठक के दौरान इसरो के वैज्ञानिकों की नजर जब भगवान मधेश्वर की तस्वीर पर पड़ी, तो वे उसे देखकर अभिभूत हो गए। जिज्ञासावश उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बताया कि मधेश्वर पहाड़ जशपुर जिले में स्थित है, जहाँ भगवान शिव विशाल प्राकृतिक शिवलिंग स्वरूप में पूजे जाते हैं। स्थानीय लोग भगवान शिव के इस स्वरूप की अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री साय ने सभी वैज्ञानिकों को भगवान मधेश्वर के छायाचित्र भेंटस्वरूप प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, इसरो के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. डी. के. पटेल, डॉ. दीपक कुमार सिंह, कलेक्टर गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 3.50 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

भोपाल      म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा छतरपुर जिले के गंभीर बीमारी से पीड़ित 9 लोगों को बेहतर उपचार के लिए आर्थिक सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से कुल 3.50 लाख रुपए की स्वीकृत की गई है। हितग्राही देवेन्द्र सिंह सिसोदिया आत्मज चन्दन सिंह निवासी ग्राम पचवारा दोरिया जिला छतरपुर, अंशुल अहिरवार पिता महाप्रसाद अहिरवार नि. ग्राम ज्योराहा तह. लवकुशनगर, शमशाद मंसूरी आत्मज नजीर मंसूरी वार्ड नं. 9 नौगांव को 50-50 हजार रुपए, भगवती कुशवाहा पति चंद्र प्रकाश कुशवाहा पास्ट कुर्राहा ग्राम कनेरा एवं शुभांगी वैद्य पिता विजय कुमार वैद्य नि. शांतिनगर कॉलोनी को 45-45 हजार रुपए, आराधना चतुर्वेदी पति अंजली चतुर्वेदी वार्ड नं. 32 पुरानी एंजेसी के पीछे को 40 हजार रुपए, मास्टर अयांश प्रजापति पिता राममिलन प्रजापति नि. टिकौरा लौंडी लवकुशनगर को 30 हजार रुपए, गयाप्रसाद मिश्रा आत्मज दुर्गाप्रसाद मिश्रा अटकौहा नि. अटकौहा लौंडी एवं विजय मिश्रा आत्मज गया प्रसाद मिश्रा नि. अटकौहा लौंडी को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है