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भोपाल हाईकोर्ट ने मछली परिवार के बैंक खातों की डीफ्रीजिंग पर लगाई मुहर, कलेक्टर और डीसीपी को दिए निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने गैंगस्टर यासीन अहमद उर्फ मछली के परिजनों के बैंक खाते डिफ्रीज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि भोपाल कलेक्टर और डीसीपी (क्राइम) ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्वीकार किया है कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, इसलिए उनके बैंक खाते डिफ्रीज किए जाएं। साथ ही अदालत ने कहा कि राशि का उपयोग आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जा सकेगा। गौरतलब है कि यासीन अहमद के परिजनों ने मकान तोड़ने और बैंक खाते फ्रीज करने की कार्रवाई को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि प्रशासन ने केवल उनकी संपत्ति ध्वस्त की, जबकि सरकारी भूमि पर बने अन्य मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है, फिर भी खाते फ्रीज, शस्त्र लाइसेंस निलंबित और ईमेल आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे व्यावसायिक गतिविधियाँ ठप हो गईं। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने तर्क दिया कि एक याचिकाकर्ता के खाते से बड़ी राशि मुख्य अभियुक्त के खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसलिए सीआरपीसी की धारा 102 के तहत जांच के लिए खाते फ्रीज किए गए। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि संबंधित लेनदेन पर टीडीएस का भुगतान किया गया था, और वे उस फर्म के साझेदार हैं, इसलिए रकम का लेनदेन वैध था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि फिलहाल बैंक खाते डिफ्रीज किए जाएं, लेकिन यदि आगे जांच में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री मिलती है, तो कानून अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

जयपुर-अजमेर मार्ग पर बड़ा हादसा — सिलेंडर ट्रक और केमिकल टैंकर की भिड़ंत में 200 सिलेंडर फटे, एक की मौत

जयपुर जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र में मौखमपुरा के पास मंगलवार रात एक खौफनाक हादसा हुआ। एलपीजी सिलेंडरों से भरे खड़े ट्रक को एक केमिकल टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही टैंकर के केबिन में आग लग गई, जो तेजी से ट्रक तक फैल गई। आग सिलेंडरों तक पहुंची तो एक के बाद एक करीब 200 गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। धमाकों की आवाज 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और कुछ सिलेंडर 500 मीटर दूर खेतों तक जा गिरे। घटना रात करीब 10 बजे हुई, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर चालक ने आरटीओ वाहन को देखकर अचानक ढाबे की ओर मोड़ काटी और सामने खड़े गैस सिलेंडर से लदे ट्रक से भिड़ गया। हादसे में टैंकर का चालक जिंदा जल गया। वहीं, आसपास खड़े पांच अन्य वाहन भी आग की चपेट में आ गए। दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ट्रक में कुल 330 सिलेंडर लदे हुए थे, जिनमें से दो तिहाई से ज्यादा सिलेंडर फट गए। हाईवे पर दोनों ओर ट्रैफिक रोकना पड़ा, जिसे बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे दोबारा खोला गया। आरटीओ की गाड़ी देख घबराया टैंकर ड्राइवर, ढाबे में घुसा वाहन, हुई भीषण टक्कर एक दर्दनाक हादसे में केमिकल से भरा टैंकर सिलेंडर लदे ट्रक से टकरा गया, जिससे भयंकर आग लग गई। ट्रक ड्राइवर शाहरुख ने बताया कि हादसे में उसका ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के समय टैंकर जयपुर की ओर जा रहा था, तभी सामने से आरटीओ की गाड़ी आती दिखी। आरटीओ वाहन को देखकर टैंकर चालक घबरा गया और खुद को बचाने की कोशिश में उसने टैंकर को सड़क किनारे एक ढाबे में घुसा दिया। इस दौरान टैंकर की सीधी टक्कर वहां खड़े गैस सिलेंडर से लदे ट्रक से हो गई। दो घंटे तक मौके पर कोई दमकल वाहन नहीं पहुंचा टक्कर के तुरंत बाद स्पार्किंग हुई और आग फैल गई। केमिकल टैंकर के ड्राइवर ने जान बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग ने तेजी से घेर लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो घंटे तक मौके पर न तो कोई दमकल वाहन पहुंचा, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी।  ट्रैफिक डायवर्जन से 15 किमी लंबा सफर तय करना पड़ा हादसे के बाद सड़क पर जाम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। अजमेर से जयपुर की तरफ जाने वाले वाहनों को किशनगढ़ से रूपनगढ़ होते हुए आगे भेजा गया। इस डायवर्जन के कारण यात्रियों को सामान्य 115 किलोमीटर की जगह लगभग 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। वहीं, जयपुर से अजमेर आने वाले ट्रैफिक को 200 फीट बाइपास से टोंक रोड की ओर मोड़ा गया। 4 एसएमएस अस्पताल अलर्ट मोड पर, ICU बेड रिजर्व हादसे की जानकारी मिलते ही एसएमएस अस्पताल को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया। अस्पताल के नव नियुक्त अधीक्षक मृणाल जोशी ने बताया कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए प्लास्टिक सर्जन समेत संपूर्ण मेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी में तैनात किया गया। इसके साथ ही आईसीयू बेड भी टेकओवर कर लिए गए थे, ताकि किसी भी गंभीर घायल को तुरंत उपचार मिल सके। वहीं, अभी तीन लोगों की तलाश जारी है। एक ट्रक में चालक का थोड़ा कंकाल मिला है। जबकि खलासी का पता नहीं चला। वहीं कैमिकल से भरे ट्रक के चलाक और खलासी का कोई पता नहीं चला है। अग्निशमन कर्मचारियों का कहना है कि कमिकल से भरे ट्रक में ब्लॉस्ट हो जाता तो हादसा और भी भयानक रूप ले सकता था। अब भी मौके पर दमकल कर्मी कमिकल से भरे ट्रक पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं।   रात में ही मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम बैरवा वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा रात में ही मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि  टैंकर में मौजूद ड्राइवर और कंडक्टर घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल भेजा गया है। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और हाईवे पर दोनों ओर से ट्रैफिक रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की निगरानी में लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।   डिप्टी सीएम डॉ प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि हादसे में शामिल वाहन के ड्राइवर की पहचान अभी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि आग पर अब पूरी तरह काबू पा लिया गया है। प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। इसके साथ ही राजस्थान के उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हालात पर प्रशासन की पूरी नजर है और हर संभव राहत और बचाव कार्य जारी है। सीएम भजनलाल ने जताया दुख मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संभावित घायलों की चिंता करते हुए कमिश्नर बीजू जॉर्ज को निर्देश दिए। सीएम ने दूदू सावरदा से जयपुर तक आने जाने के लिए दमकल एवं एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार रखे हैं। भजनलाल ने ट्वीट कर लिखा कि जयपुर ग्रामीण के मोजमाबाद थाना क्षेत्र में जयपुर–अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक में आग लगने की दुर्घटना अत्यंत दुखद है।घटना स्थल पर फायर ब्रिगेड एवं आपदा प्रबंधन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार तथा प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस हृदयविदारक घटना से प्रभावित सभी नागरिकों की सुरक्षा और कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। गौरतलब है कि दिसंबर पिछले साल भी जयपुर-अजमेर हाइवे पर इसी तरह की दुर्घटना में एलपीजी टैंकर विस्फोट से 19 लोगों की मौत हो गई थी

एकलव्य आवासीय विद्यालय के शिक्षकों को राहत, MP हाईकोर्ट ने ट्रांसफर आदेश पर लगाई रोक

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने जबलपुर सहित राज्य के अन्य जिलों के एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पदस्थ 200 शिक्षकों को सामूहिक रूप से खंडवा स्थानांतरित करने के आदेश को अनुचित पाया। इसी के साथ आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। कोर्ट ने शिक्षकों को वर्तमान एकलव्य विद्यालय में पदस्थ रखने की व्यवस्था दी है। याचिकाकर्ता एकलव्य आवासीय विद्यालय, रामपुर छापर में पदस्थ उपमा शांडिल्य की ओर से अधिवक्ता सुधा गौतम ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 23 सितंबर, 2025 को आदेश जारी कर याचिकाकर्ता सहित जबलपुर सहित राज्य के अन्य जिलों के विभिन्न एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पदस्थ 200 शिक्षकों को सामूहिक रूप से खंडवा स्थानांतरित कर दिया गया था। याचिकाकर्ता 2024 में उच्च पद प्रभार पर रामपुर छापर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में पदस्थ हुई थी। दरअसल, 11 नवंबर, 2024 को संभागायुक्त, जबलपुर ने एक पत्र जारी किया था, जिसके जरिये साफ किया गया था कि एकलव्य विद्यालयों में स्थान नहीं है, इसलिए शिक्षक स्थानांतरण के विकल्प पेश करें। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने एकलव्य विद्यालय, रामपुर छापर, रांझी व सदर के विकल्प भरे थे। इसके बावजूद इन विकल्पों को दरकिनार कर खंडवा भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। इसी लिए हाई कोर्ट की शरण ली गई। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद 23 सितंबर, 2025 के आदेश को अनुचित पाकर स्थानांतरण पर रोक लगा दी।

MP में कफ सिरप कांड: मौतों का आंकड़ा 21 पहुंचा, डिप्टी सीएम बोले – जांच जारी

छिंदवाड़ा  जहरीले कफ सिरप और दवाइयों ने मध्यप्रदेश के चार और मासूमों की जान ले ली। इन सभी की जान 24 घंटे के भीतर गई। इनमें छिंदवाड़ा जिले की दो साल की जायूशा यदुवंशी, डेढ़ साल की धानी डेहरिया, ढाई साल का वेदांत पंवार और वेदांश काकोडिय़ा शामिल हैं। दावा है कि इनमें से तीन बच्चों का इलाज परासिया के आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी ने किया था। जहरीली कोल्ड्रिफ सिरप लिखी गई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद ये बच्चे नागपुर के अस्पतालों में भर्ती थे। काकोड़िया के मामले की जांच की जा रही है। इस तरह मध्यप्रदेश अब तक 21 मासूमों को खो चुका है। इनमें 19 छिंदवाड़ा के हैं और दो बैतूल के हैं। इसमें से काकोड़िया की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।  बैतूल जिले के अधिकारी कफ सिरप को नहीं मान रहे मौतों का कारण बैतूल जिले के अधिकारी बच्चों की मौत जहरीली कफ सिरप से होना नहीं मान रहे, जबकि दोनों का इलाज परासिया के डॉ. सोनी ने ही किया था। इनके पास दवा के पर्चे भी मिल चुके हैं। अभी जहरीली सिरप व दवाओं का खतरा टला नहीं है। नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती पांच बच्चों की हालत नाजुक है। कुछ तो कोमा जैसी स्थिति में हैं। कुछ को लगातार डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। इस बीच बच्चों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। पांच बच्चों का इलाज नागपुर के अस्पतालों में चल रहा है. दो बच्चे सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH), दो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और एक बच्चा एक निजी अस्पताल में भर्ती है. कई दिन से वेंटिलेटर पर थी धानी डहरिया तामिया के वार्ड 15 की डेढ़ वर्षीय धानी पुत्री नवीन डेहरिया कई दिन से वेंटिलेटर पर थी। सोमवार रात 11 बजे दम तोड़ दिया। किडनी फेल होने के बाद ब्रेन में गंभीर संक्रमण से जूझ रही थी। 10 लाख खर्च के बाद भी नहीं बचा वेदांत परासिया के रिधोरा के वेदांत की जान मंगलवार दोपहर गई। उसे सितंबर के पहले सप्ताह में डॉ. सोनी ने देखा था। 11 सितं. को रेफर किया था। उसे बचाने परिजन ने 10 लाख खर्च किए। दो साल की जायूशा ने भी तोड़ा दम जुन्नारदेव की दो वर्षीय जायूशा ने भी मंगलवार को एम्स नागपुर में दम तोड़ दिया। पिता राजेश ने बताया कि डॉ. सोनी ने कोल्ड्रिफ सिरप दी थी। इलाज में करीब 5 लाख रुपये खर्च किए। 3 साल के वेदांश की भी मौत लहगडुआ के 3 साल के वेदांश की तबीयत रविवार शाम बिगड़ी। टेस्ट में किडनीलिवर को नुकसान का पता चला। नागपुर में मंगलवार सुबह मौत हो गई। कौन सा सिरप दिया गया था, इसकी जांच की जा रही है। दवाओं की जांच हो, दो सप्ताह में जवाब मांगा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिवों को कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत को लेकर नोटिस जारी किया है। दवाओं की व्यापक जांच की जरूरत बताई। आयोग ने स्वत: संज्ञान भी लिया। दोनों किडनी फेल, बच्चा वेंटिलेटर पर बैतूल. आमला ब्लॉक में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से दो बच्चों की मौत के बाद अब टीकाबर्री गांव के साढ़े तीन साल के हर्ष यदुवंशी की हालत गंभीर है। किडनी फेल हो चुकी हैं। नागपुर के निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर है। परिजन के अनुसार एक माह पहले डॉ. सोनी से इलाज कराया था। सर्दी-खांसी के लिए दी गई दवा के बाद तबीयत बिगड़ती गई। हालत गंभीर होने पर नागपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने किडनी फेल होने की पुष्टि की। दिल्ली से जाएगी टीम दिल्ली से जाएगी टीम स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कफ सिरप की प्रयोगशाला जांच में डायथिलीन ग्लाइकॉल का खतरनाक रूप से उच्च स्तर पाया गया है, जो अत्यधिक जहरीला होता है। जांच के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), दिल्ली से एक विशेष टीम जल्द नागपुर जा सकती है। जिम्मेदारों पर एक्शन और जांच डिप्टी CM शुक्ला ने बताया कि मौतों के लिए जिम्मेदार सिरप तमिलनाडु स्थित एक कंपनी द्वारा निर्मित किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के मालिक, दवा देने वाले डॉक्टर और संबंधित खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है. सोमवार को, राज्य सरकार ने दो औषधि निरीक्षकों और FDA के एक उप निदेशक को निलंबित कर दिया और जांच के बीच राज्य के औषधि नियंत्रक का तबादला कर दिया. छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को कथित लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मध्य प्रदेश पुलिस ने मौतों की जांच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है और कोल्ड्रिफ के तमिलनाडु स्थित निर्माता के खिलाफ मामला दर्ज किया है. घर-घर जाकर कोल्ड्रिफ बोतलें इकट्ठा करने का निर्देश छिंदवाड़ा में लगभग 600 कफ सिरप की बोतलें मिली हैं, जिनमें से 443 बोतलें पहले ही बरामद की जा चुकी हैं. उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर बची हुई बोतलें इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनमें से कोई भी इस्तेमाल में न रहे. उनके अनुसार, सरकार इस घटना की गहन जांच कर रही है. नए ड्रग कंट्रोलर ने शुरू करवाई दवा की जांच औषधि प्रशासन कार्यालय ने प्रदेश में कफ सिरप की जांच शुरू कराई है। नवनियुत नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव ने बताया, मंगलवार को पदभार संभालने के बाद प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप और प्रतिबंधित कॉिबनेशन वाली दवाओं की जांच शुरू करा दी है। बिकते हुए पाए जाने पर तत्काल जत किए जाएंगे। विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अखिलेश यादव पहुंचे आजम खां के घर, मुलाकात के दौरान सुरक्षा कड़ी — प्रेस को रोका बाहर

मुरादाबाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार दोपहर बाद रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में उतरा। इसके बाद वह सीधे आजम खां के घर पहुंचे। लगभग तीन साल बाद अखिलेश यादव की आजम खां से आमने-सामने मुलाकात हो रही है। उनके पहुंचते ही यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को आजम के घर के बाहर ही रोक दिया है। अखिलेश यादव का काफिला जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा तो सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की भीड़ नारे लगाती रही। जिले के सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता पहले से ही यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मंगलवार से ही सतर्क था। जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के आसपास कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खुफिया विभाग ने भी इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खां के बीच यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चलेगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे गिले-शिकवे दूर करने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जानेंगे। प्रशासन ने अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आजम खां के मोहल्ले की ओर जाने वाले कई रास्तों और दुकानों को बंद करा दिया गया है। सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर जबरदस्त उत्साह है। रामपुर में अखिलेश से मिलेंगे सपाई, दफ्तर प्रकरण पर होगी चर्चा समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर जिला कार्यालय विवाद पर उनके साथ चर्चा करेंगे। सपा को कार्यालय खाली करने के लिए प्रशासन ने चार दिनों की मोहलत दी ही हुई है जिसे लेकर सपाइयों में गहरा अंसतोष है। जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अनुसार पार्टी कार्यालय विवाद को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूरी जानकारी साझा की जाएगी और उनके निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। रामपुर में जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अलावा जिला महासचिव, कोषाध्यक्ष, महिला सभा की अध्यक्ष और युवा प्रकोष्ठ के कई पदाधिकारी भी जाएंगे जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीधा रिपोर्ट करेंगे।

कांग्रेस का ग्राउंड गेम तेज: ज्यादा वोट वाले घरों में पहुंचेगा BLA, BJP के पन्ना प्रमुखों से सीधी टक्कर

भोपाल  एमपी के चुनावों में लगातार हार के बाद कांग्रेस अब वोटर लिस्ट सुधार को लेकर तेजी से काम कर रही है। बीजेपी के पन्ना प्रमुखों के मुकाबले कांग्रेस अब हर बूथ पर बीएलए तैनात कर रही है। 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने प्रदेशभर में मतदाता सूची की करेगी जाँच।  ऐसे में कांग्रेस अब ज्यादा नंबर वाले वोटर्स के घर जाएगी, जो भी नए नाम जुड़ेंगे-कटेंगे उन तक भी पहुंचेगी। कांग्रेस अब केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि मतदाता सूची के हर पन्ने और हर नाम पर अपनी निगरानी रखने पर तेजी से काम करेगी। नाम जुड़वाने, कटवाने की ट्रेनिंग देंगे कांग्रेस सभी बीएलए को निर्वाचन आयोग की प्रक्रियाओं जैसे फॉर्म-6 (नाम जोड़ना), फॉर्म-7 (नाम हटाना), फॉर्म-8 (सुधार) और फॉर्म-8A (स्थानांतरण) की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। BLO के सीधे संपर्क में होंगे कांग्रेस के BLA कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (BLA) सीधे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO)के संपर्क में रहेंगे। आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार बीएलओ घर-घर जाकर एनेक्सचर-C भरवाएंगे, जो मतदाता की पात्रता प्रमाणित करने का दस्तावेज होगा। कांग्रेस ने अपने बीएलए को यह जिम्मेदारी दी है कि वे इस सर्वे में शामिल होकर हर वोटर का विवरण सही तरीके से दर्ज करवाएं। हर विधानसभा में बनेगा कांग्रेस कंट्रोल रूम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में ‘मतदाता सूची नियंत्रण कक्ष’ बनाएगी। जो निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और ऑफलाइन मतदाता सूची दोनों से डेटा एकत्र करेगा। इस कंट्रोल रूम से वोटर लिस्ट में छूटे नामों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कंट्रोल रूम पार्टी के हर बीएलए से फीडबैक लेगा। और स्थानीय स्तर पर शिकायतों का समाधान कराने पार्टी स्तर पर सूचित करेगा। कांग्रेस के समर्थक वोटर्स के काटे गए थे नाम कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले चुनावों में बड़ी संख्या में समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटे पाए गए थे। इस बार कांग्रेस ने उस गलती को न दोहराने का संकल्प लिया है। SIR को लेकर कांग्रेस की तैयारी     हर मतदान केंद्र पर कम से कम एक प्रशिक्षित बीएलए की नियुक्ति।     मतदाता सूची के संशोधन और दावे-आपत्ति अवधि में सक्रिय भागीदारी।     पात्र युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों को पंजीकृत कराने का अभियान।     मृत मतदाताओं या स्थानांतरित व्यक्तियों के नाम हटवाने के लिए साक्ष्य आधारित आपत्तियाँ।     महिला मतदाताओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम। एमपी के 5 करोड लोगों के हस्ताक्षर कराने चलेगा अभियान वोट चोर-गद्दी छोड़ कार्यक्रम के तहत एमपी में 5 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर कराने एक अभियान चलाया जाएगा। इस हस्ताक्षर अभियान के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एमपी की सभी 230 विधानसभाओं के प्रभारी नियुक्त किए हैं।

इसाफ स्मॉल बैंक डकैती में नया खुलासा: जंगल के रास्ते डकैतों को पहुंचाने वाला आरोपी दबोचा

जबलपुर  जबलपुर के खितौला बैंक डकैती के मामले में पुलिस ने बिहार गिरोह से जुड़े 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी सागर जिले के देवरी क्षेत्र से पकड़े गए। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने बैंक डकैती के पहले और बाद में गिरोह को मोटरसाइकिल और भागने में मदद की थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह ने बताया कि 11 अगस्त की सुबह करीब 8:50 बजे खितौला थाना क्षेत्र स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में तीन युवक हेलमेट पहनकर दाखिल हुए और पिस्टल की नोक पर 20 मिनट में डकैती को अंजाम दिया। बैंक के बाहर उनके दो साथी मोटरसाइकिल पर इंतजार कर रहे थे। वारदात के बाद आरोपी बैंक से 15 किलो सोना और 5 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। जांच में पता चला कि पाटन निवासी रईस सिंह लोधी पहले छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जेल में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के मामले में बंद था। वहीं उसकी मुलाकात बिहार गिरोह के सदस्यों से हुई। जेल में ही दोनों ने बैंक डकैती की योजना बनाई। गिरोह का मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास (38 वर्ष) 18 जून को रायगढ़ जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। योजना के तहत वह अपने पांच साथियों के साथ जबलपुर आया और डकैती को अंजाम दिया।  बबलू ने ही पार कराया था जंगल का रास्ता 11 अगस्त की सुबह बैंक से साढ़े 14 करोड़ रुपए के जेवरात और करीब साढ़े पांच लाख रुपए लूटकर फरार होने के बाद 2 बाइक में सवार होकर पांचों डकैतों इंद्राना के पास स्थित मुरैथ-लमकना रोड पहुंचे थे। वहां बबलू इंतजार कर रहा था। सभी लोग मेन रोड से करीब 10 किलोमीटर दूर घने जंगल में गए, जहां लूट का सोना और रुपए आपस में बांट लिए। बैंक के बैग को वही पर जला दिया। गैंग के सरगना राजेश दास ने प्लान के मुताबिक बबलू को मदद करने के लिए 50 हजार रुपए नकद दिए। इसके बाद 2 डकैत बस में बैठकर दमोह के लिए रवाना हो गए। मदद के लिए बबलू बाइक में जंगल के रास्ते आगे-आगे चल रहा था। बबलू का काम था कि अगर पुलिस कहीं भी नजर आती तो फौरन वह बस में बैठे डकैतों को सूचना देता। 11 अगस्त की रात को बबलू 2 डकैतों को दमोह रेलवे स्टेशन में छोड़कर वापस अपने घर आ गया। अब तक पुलिस ने रईस सिंह लोधी, हेमराज, सोनू वर्मन और दमोह निवासी विकास चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मास्टरमाइंड राजेश दास, उसके सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास (जिला गया), जहांगीर आलम अंसारी (48 वर्ष, गया), गोलू उर्फ रविकांत पासवान (24 वर्ष, बेलखेड़ा, गया), उमेश पासवान (31 वर्ष, पांडेयपुरा, चतरा, झारखंड) और हरिओम ज्वेलर्स के संचालक हरि प्रसाद सोनी (बिहार) को भी गिरफ्तार किया गया है। डकैती से पहले और बाद में मोटरसाइकिल की व्यवस्था करने तथा फरार होने में मदद करने वाला आरोपी बबलू उर्फ बाबू सिंह लोधी, पिता शिवराज सिंह लोधी, निवासी उडना करैया, पाटन, को सागर जिले के देवरी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। अब तक पुलिस केवल 3 किलो 400 ग्राम सोना ही बरामद कर पाई है। बाकी सोने की तलाश जारी है। जंगल के रास्ते का किया उपयोग 12 अगस्त की सुबह बबलू ने अपनी बाइक में सुनील पासवान को बैठाया, जबकि उसके साथी रईस लोधी ने दो डकैतों को बाइक में बैठाकर जंगल के रास्ते निकल गया। 10वीं तक पढ़ा बबलू बहुत ही शातिर था, उसे पता चल गया था, बैंक डकैती के बाद पुलिस एक्टिव हो गई है। ऐसे में उसने सभी के मोबाइल फोन बंद किए और फिर जंगल का रास्ता अपनाया। इंद्राना, मुरैठ से लमखैरी, उमरिया, लमकना के जंगल से होते हुए करीब 70 किलोमीटर के जंगल को डकैतों ने डेढ़ से दो घंटे में पार कर लिया। इसके बाद सभी लोग दमोह रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से तीनों डकैत बिहार के लिए रवाना हो गए, जबकि बबलू और रईस वापस इंद्राना आ गए। घर दिलाया-बाइक दिलवाई बैंक में डकैती डालने के दौरान क्या-क्या समान की जरूरत पड़ेगी, इसका पूरा प्लान बन चुका था। बबलू ने डकैती में शामिल अपने साथी रईस लोधी के साथ मिलकर सबसे पहले डकैतों को रहने के लिए इंद्राना में किराए का मकान दिलवाया। डकैती के बाद भागने के लिए बाइक की भी जरूरत थी, लिहाजा बबलू ने एक बाइक पाटन से फाइनेंस करवाई। जिसके लिए उसने अपने एक साथी हेमराज के फर्जी दस्तावेज लगाए थे। बाइक खरीदने के बाद बबलू ने डकैतों को उसे दे दी थी। बैंक में डकैती डालने के पहले डकैतों ने आसपास रेकी की थी, जिसमें बबलू भी शामिल था।  

रोहित की अंतिम चाल ने खोली पुरानी बातें, गंभीर से जुड़ी विवादित बातें और द्रविड़ की भूमिका

मुंबई  भारत ने जब इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीती तो टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ नहीं बल्कि गौतम गंभीर थे. इसके बावजूद रोहित शर्मा उस जीत का क्रेडिट कोच गौतम गंभीर को नहीं बल्कि राहुल द्रविड़ को दिया. अब कुछ लोग इसे वनडे कप्तानी छीने जाने से जोड़कर देख रहे हैं. दरअसल, मंगलवार की रात मुंबई में सीएट क्रिकेट रेटिंग पुरस्कार समारोह हुआ. जिसमें रोहित शर्मा ने माना कि पूर्व कोच राहूल द्रविड़ के कार्यकाल में बनाई गए प्लान में चलने की वजह से भारतीय टीम को चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में मदद मिली. रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में भारत ने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल में मिली हार से उबरते हुए 2024 टी-20 विश्व कप जीता. इसके बाद भारतीय टीम ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती. रोहित ने सीएट क्रिकेट रेटिंग पुरस्कार समारोह के दौरान कहा:     मुझे वह टीम पसंद है और उसके साथ खेलना भी. हम सभी इस सफर में कई साल से थे. यह एक या दो साल का काम नहीं था. बहुत सालों से काम चल रहा था. हम कई बार ट्रॉफी जीतने के बहुत करीब पहुंचे लेकिन जीत नहीं सके. तभी सभी ने तय किया कि हमें कुछ अलग करना होगा और इसे देखने के दो तरीके हैं. ‘राहुल भाई को चैंपियंस ट्रॉफी जीत का क्रेडिट’ चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के लिए एक स्मृति चिन्ह पाने वाले रोहित ने कहा, ‘उस चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों ने यह सोचा कि कैसे मैच जीते जाए और कैसे खुद को चुनौती दी जाए और आत्मसंतुष्ट न हों तथा किसी भी चीज को हल्के में न लें. जब हम टी-20 विश्व कप की तैयारी कर रहे थे तो मुझे और राहुल भाई को इस प्रक्रिया से काफी मदद मिली. हमने उसे चैंपियंस ट्रॉफी में भी बरकरार रखा. कप्तानी छीने जाने पर भी बोले रोहित शर्मा? आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय वनडे टीम की कमान रोहित नहीं बल्कि शुभमन गिल के पास होगी. रोहित ने कहा, ‘मुझे जब भी मौका मिला मैंने तीनों प्रारूपों में अच्छा खेलने की कोशिश की. मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना पसंद है. वहां क्रिकेट खेलना काफी चुनौतीपूर्ण होता है. वहां खेलने का काफी अनुभव है तो पता है कि कैसे खेलना है. 2023 WC हार पर फ‍िर छलका रोहित का दर्द…  रोहित ने कहा- 2023 में भले ही हम फाइनल में जीत नहीं पाए, लेकिन हमने टीम के रूप में एक लक्ष्य तय किया था और हर किसी ने उसे पूरा किया. हिटमैन ने आगे कहा कि उन्हें सभी तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित करने पर गर्व है और उन्हें पता है कि आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे में उनसे क्या उम्मीद की जा रही है. इस दौरे से पहले ही उनसे वनडे कप्तानी छीन ली गई है. रोहित, जिन्हें अब टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में शुभमन गिल से बदल दिया गया है, विराट कोहली के साथ ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में टीम का हिस्सा होंगे. यह सीरीज 19 अक्टूबर से शुरू होगी. ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ खेलना मुझे पसंद : रोहित  रोहित ने कहा- मुझे पर्सनली सभी फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन करने पर गर्व है.  ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर उन्होंने कहा- मुझे उनके खिलाफ खेलना पसंद है. मुझे ऑस्ट्रेलिया में खेलना अच्छा लगता है. वहां क्रिकेट खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है और लोग वहां इस खेल से बहुत प्यार करते हैं. ऑस्ट्रेलिया हर बार हमारे लिए एक अलग चुनौती पेश करता है. मैं वहां कई बार जा चुका हूं और जानता हूं कि क्या उम्मीद करनी चाहिए. उम्मीद है कि हम वहां वही करेंगे जो भारतीय टीम को करना चाहिए और नतीजा अपने पक्ष में लाएंगे.    

बड़े मंच पर भारत-पाक ने मिलकर ट्रंप की इच्छा को ठुकराया, अमेरिका की चाल हुई विफल

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान को धमकी दे रहे थे. इस धमकी के खिलाफ अब भारत तालिबान के साथ खड़ा हो गया है. अफगानिस्तान को लेकर यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मोड़ दिखाता है. भारत ने तालिबान, पाकिस्तान, चीन और रूस के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को अमेरिका को वापस सौंपने की बात कही थी. यह फैसला उस समय आया है जब तालिबान शासित अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी इस हफ्ते भारत की ऐतिहासिक यात्रा पर आने वाले हैं. मॉस्को में आयोजित ‘मॉस्को फॉर्मेट कंसल्टेशन ऑन अफगानिस्तान’ की सातवीं बैठक में भारत, ईरान, कजाकिस्तान, चीन, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान सहित 10 देशों ने हिस्सा लिया. बेलारूस के प्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में किसी देश का नाम लिए बिना कहा गया, ‘प्रतिभागियों ने अफगानिस्तान या उसके पड़ोसी देशों में किसी भी देश की ओर से सैन्य ढांचे की तैनाती के प्रयासों को अस्वीकार्य बताया, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के खिलाफ है.’ यह बयान सीधे तौर पर ट्रंप की योजना की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है. ट्रंप और तालिबान भिड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में मांग की थी कि तालिबान अमेरिका को बागराम एयरबेस वापस सौंप दे. यह वही बेस है, जहां से अमेरिका ने 2001 के बाद ‘वॉर ऑन टेरर’ यानी आतंकवाद के खिलाफ युद्ध अभियान चलाया था. 18 सितंबर को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, ‘हमने वह बेस उन्हें मुफ्त में दे दिया, अब हम उसे वापस चाहते हैं.’ उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी लिखा था- ‘अगर अफगानिस्तान ने बाग्राम एयरबेस वापस नहीं किया तो नतीजे बुरे होंगे.’ तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने ट्रंप की मांग को खारिज करते हुए कहा, ‘अफगान किसी भी हाल में अपनी जमीन किसी और को नहीं देंगे. हम अगले 20 साल युद्ध लड़ने को तैयार हैं.’ मॉस्को फॉर्मेट वार्ता के नए संस्करण में, देशों के समूह ने अफगानिस्तान में समृद्धि और विकास लाने के तौर-तरीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। इन देशों ने अफगानिस्तान और पड़ोसी देशों में सैन्य बुनियादी ढांचे तैनात करने के कुछ देशों के प्रयासों को 'अस्वीकार्य' बताया, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के हितों की पूर्ति नहीं करता है। तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने पहली बार मॉस्को फॉर्मेट वार्ता में भाग लिया। कुछ हफ्ते पहले, ट्रंप ने कहा था कि तालिबान को बगराम एयरबेस अमेरिका को सौंप देना चाहिए, क्योंकि इसे वॉशिंगटन ने स्थापित किया था।मॉस्को में हुई बातचीत में भाग लेने वाले देशों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों स्तरों पर आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। बयान में कहा गया, 'उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान को आतंकवाद को खत्म करने और इसे जल्द से जल्द जड़ से मिटाने के लिए ठोस कदम उठाने में मदद दी जानी चाहिए, ताकि काबूल की धरती का इस्तेमाल पड़ोसी देशों और अन्य जगहों की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में न हो।' इसमें कहा गया कि इन देशों ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद अफगानिस्तान, क्षेत्र और व्यापक विश्व की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत, रूस और चीन के अलावा, इस बैठक में ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान ने भी भाग लिया। इन देशों ने इस क्षेत्र और इससे आगे के देशों के साथ अफगानिस्तान के आर्थिक संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया। मुत्ताकी की यात्रा क्यों है खास भारत का इस मुद्दे पर तालिबान के साथ खड़ा होना कई मायनों में ऐतिहासिक है. मुत्ताकी पहली बार भारत की यात्रा पर आ रहे हैं, जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने उन्हें 9 से 16 अक्टूबर तक यात्रा की अनुमति दी है. क्योंकि मुत्ताकी UNSC की प्रतिबंधित सूची (Resolution 1988) में शामिल हैं, इसलिए उन्हें विशेष मंजूरी मिली है. बगराम क्यों चाहता है अमेरिका? काबुल से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित बाग्राम एयरबेस अफगानिस्तान का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है. इसमें दो बड़े रनवे हैं, जिसमें से एक 3.6 किमी और दूसरा 3 किमी लंबा. पहाड़ी इलाके के कारण अफगानिस्तान में बड़े विमानों की लैंडिंग मुश्किल होती है, ऐसे में बगराम एक रणनीतिक केंद्र माना जाता है.  

एआई में खामी ढूंढो, इनाम पाओ! गूगल ने रखा 26 लाख रुपये तक का बग बाउंटी ऑफर

गूगल ने बड़े-बड़े हैकर्स और एक्सपर्ट्स को चैलेंज दिया है कि वो उसके AI सिस्टम में खामियां खोजकर दिखाएं। सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए एक नया बग बाउंटी प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस प्रोग्राम में सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और एथिकल हैकर्स को गूगल के AI सिस्टम में बग खोजने के लिए आमंत्रित किया गया है। अगर कोई गंभीर खामी मिलती है, तो गूगल इसके लिए 30 हजार डॉलर यानी करीब 26 लाख तक का ईनाम दे सकती है। यह प्रोग्राम गूगल के पुराने Vulnerability Reward Program का हिस्सा है, लेकिन अब इसका ध्यान AI की दुनिया पर है। यह पहली बार नहीं है जब गूगल ऐसा कर रहा है, इससे पहले कई रिसर्चर खामी खोजकर 4 लाख 30 हजार डॉलर कमा चुके हैं। किस तरह का AI बग खोजना है? गूगल ने यह भी बताया है कि किस तरह की खामियां खोजने पर ईनाम मिलेगा। मसलन, अगर कोई हैकर गूगल होम को धोखा देकर स्मार्ट दरवाजे का ताला खोल देता है या कोई छुपी हुई कमांड इस्तेमाल करके जीमेल से किसी के ईमेल की समरी निकालकर तीसरे व्यक्ति को भेज देता है। उसे एक गंभीर AI बग माना जाएगा। गूगल ऐसी खतरनाक खामियों को पहले से ढूंढना चाहता है ताकि इनका असल दुनिया में गलत इस्तेमाल न हो। एआई को लेकर कंपन‍ियां क‍ितनी गंभीर हैं, इसका पता गूगल के चैलेंज से चलता है। दुन‍िया की द‍िग्‍गज कंपन‍ियां अपने एआई सिस्‍टम को मजबूत बनाना चाहती हैं। एआई में भव‍िष्‍य बनाकर आप भी संवार सकते हैं अपनी क‍िस्‍मत। NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें। इतने डॉलर कमा सकते हैं आप गूगल ने अपने मेन प्रोडक्ट्स जैसे- गूगल सर्च, जीमेल, ड्राइव और जेमिनी ऐप्स में खामियां ढूंढने के लिए सबसे ज्यादा ईनाम रखा है, जो 20 हजार डॉलर तक हो सकता है। अगर कोई रिपोर्ट बहुत खास या नई तरह की हो, तो बोनस के साथ यह राशि 30 हजार डॉलर तक पहुंच सकती है। गूगल का कहना है कि पिछले दो सालों में रिसर्चर्स ने AI से जुड़े खतरों को उजागर करके 4 लाख 30 हजार डॉलर से ज्यादा कमा लिए हैं। गूगल लाया कोडमेंडर टूल इस प्रोग्राम के साथ-साथ गूगल ने एक नया AI टूल लॉन्च किया है, जिसका नाम है कोडमेंडर। यह टूल ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में सिक्योरिटी खामियों को अपने आप ढूंढता और ठीक करता है। अब तक कोडमेंडर ने 70 से ज्यादा खामियों को ठीक किया है। गूगल का कहना है कि इस तरह के टूल दिखाते हैं कि AI न सिर्फ खतरों को ढूंढ सकता है, बल्कि तकनीक को और सुरक्षित बनाने में भी मदद कर सकता है।