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रुपये की गिरती चाल पर RBI का एक्शन, स्थिरता के लिए बनाया मास्टर प्लान

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को गिरने से बचाने के लिए एक अहम कदम उठाया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने डॉलर-रुपया बाय/सेल स्वैप (Buy/Sell Swap) के जरिए विदेशी मुद्रा बाजार (forex market) में दखल दिया. इस कार्रवाई के बाद रुपये की कीमत 88.77 प्रति डॉलर पर टिकी रही, जो उसके सर्वकालिक निचले स्तर 88.80 के बेहद करीब थी. ट्रेडर्स का कहना है कि RBI ने एक साथ स्पॉट मार्केट और फॉरवर्ड मार्केट में दखल देकर डॉलर की उपलब्धता और रुपये की स्थिरता दोनों को नियंत्रित करने की कोशिश की. जानिए आखिर ये ‘बाय/सेल स्वैप’ होता क्या है और इससे कैसे रुकती है रुपये की गिरावट. क्या होता है RBI का ‘डॉलर-रुपया बाय/सेल स्वैप’ ‘बाय/सेल स्वैप’ एक ऐसा सौदा होता है जिसमें RBI अभी के समय में (स्पॉट मार्केट में) डॉलर खरीदता है, लेकिन साथ ही यह तय कर लेता है कि भविष्य की किसी तारीख पर (फॉरवर्ड मार्केट में) वही डॉलर वापस बेच देगा. सीधे शब्दों में कहें तो यह एक तरह का टेंपरेरी ट्रांजेक्शन होता है, जिसका मकसद बाजार में अचानक आई डॉलर की मांग को पूरा करना और रुपये पर दबाव को कम करना होता है. इस प्रक्रिया में RBI न तो स्थायी रूप से डॉलर जमा करता है और न ही अपनी विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ा बदलाव लाता है. बस इतना सुनिश्चित करता है कि डॉलर की कमी से रुपया कमजोर न पड़े. इससे रुपये की गिरावट कैसे रुकती है जब बाजार में डॉलर की मांग अचानक बढ़ जाती है, जैसे तेल कंपनियां, इंपोर्टर्स या फॉरेन इन्वेस्टर्स एक साथ डॉलर खरीदने लगते हैं, तो डॉलर की कीमत बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है. ऐसे समय में RBI बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ाकर डॉलर की कीमत को स्थिर रखता है. अगर RBI डॉलर बेचता है तो बाजार में डॉलर की भरमार हो जाती है और रुपया संभल जाता है. अगर RBI ‘बाय/सेल स्वैप’ करता है, तो वह अस्थायी तौर पर डॉलर खरीदता है लेकिन भविष्य में बेचने का वादा करता है. इससे बाजार में भरोसा बनता है कि RBI रुपया कमजोर नहीं होने देगा, जिससे ट्रेडर्स रुपये पर सट्टा लगाना कम कर देते हैं. फॉरवर्ड प्रीमियम क्यों घटा RBI की इस स्वैप कार्रवाई के बाद डॉलर-रुपया फॉरवर्ड प्रीमियम यानी भविष्य के सौदों पर ब्याज दरें कम हो गईं. 1-वर्षीय इम्प्लाइड यील्ड 6 बेसिस पॉइंट गिरकर 2.23% पर आ गई, जो एक महीने में सबसे निचला स्तर है. यह संकेत देता है कि बाजार को भरोसा है कि RBI स्थिति पर नियंत्रण रखेगा और आने वाले समय में रुपये में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है. क्यों जरूरी है RBI की ये दखलअंदाजी भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और डॉलर पर निर्भरता काफी ज्यादा है. ऐसे में डॉलर का महंगा होना सीधा असर महंगाई और आयात लागत पर डालता है. RBI के समय रहते कदम उठाने से एक ओर रुपये की स्थिरता बनी रहती है, तो दूसरी ओर विदेशी निवेशकों को भी भरोसा मिलता है कि भारतीय बाजार में वोलैटिलिटी सीमित रहेगी.

ईरान के खतरे को लेकर नेतन्याहू का बड़ा बयान, अमेरिका के शहर और ट्रंप के घर पर जताई आशंका

तेहरान  इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि जल्द ही अमेरिका के बड़े शहर ईरानी एटॉमिक गन के दायरे में होंगे. एक इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि ईरान 8000 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली इंटर कांटिनेन्टल बैलेस्टिक मिसाइलें (ICBM) बना रहा है. उन्होंने कहा कि अगर इन मिसाइलों की क्षमता 3000 किलोमीटर और बढ़ा दी जाए तो इसके रेंज में न्यूयॉर्क और वाशिंगटन जैसे शहर होंगे.  यही नहीं मार-ए-लागो भी ऐसे मिसाइल के रेंज में आ जाएगा. मार-ए-लागो फ्लोरिडा के पाम बीच में स्थित एक भव्य रिसॉर्ट है. यहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एक घर भी है. 17 एकड़ जमीन पर फैला मार-ए-लागो डोनाल्ड ट्रंप का निजी आवास रहा है. यहां विलासिता की तमाम सुविधाएं मौजूद हैं.  इसी साल जून में ईरान से जंग लड़ चुके इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हथियारों को लेकर ईरान की महात्वाकांक्षा से अमेरिका और दुनिया को आगाह किया.  उन्होंने एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के मंसूबों के बारे में सतर्क करते हुए कहा कि ईरान 8000 किलोमीटर तक मार कर सकने में सक्षम इंटर कांटिनेन्टल बैलेस्टिक मिसाइलें बना रहा है.  नेतन्याहू ने कहा कि अगर ईरान भविष्य में इस क्षमता में 3000 किलोमीटर का इजाफा और कर लेता है तो उसके पास 11000 किलोमीटर तक परमाणु हमले करने की क्षमता होगी.  इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि ईरान के पास इस क्षमता के होने का क्या मतलब है. इसका मतलब यह है कि अमेरिका के बड़े शहर जैसे न्यूयॉर्क सिटी, वाशिंगटन, बॉस्टन और मियामी यहां तक कि मार-ए-लागो भी ईरान के एटॉमिक गन के दायरे में आ जाएगा.  बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने ईरान के तीन यूरेनियम संवर्धन केंद्रों नतांज, इस्फहान और फोर्दो पर बी-2 बॉम्बर विमानों से हमला कर इसे तहत-नहस करने का दावा किया था. लेकिन ईरान ने कहा था कि यूरेनियम एनरिचमेंट एक विज्ञान है और इसे कोई खत्म नहीं कर सकता है.  इसके बाद पश्चिमी दुनिया में कयास लगाया जा रहा है कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को फिर से आगे बढ़ा सकता है. हालांकि ईरान ने कहा है कि वो परमाणु बम नहीं चाहता है कि लेकिन यूरेनियम एनरिचमेंट से उसे कोई नहीं रोक सकता है.  ईरान का ICBM प्रोग्राम ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम मध्य पूर्व में सबसे बड़ा और एडवांस है. ईरान इस पर 1980 के दशक से ही काम कर रहा है. यह कार्यक्रम मुख्य रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा संचालित होता है और इसमें शॉर्ट-रेंज से लेकर मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें (MRBM) शामिल हैं. हालांकि विश्वस्त सूत्रों के अनुसार इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम का विकास अभी प्रारंभिक चरण में है. क्या होता है ICBM, क्यों होते हैं खतरनाक? ICBM एक लंबी दूरी की मिसाइल है, जो 5,500 किलोमीटर से अधिक रेंज तक वारहेड (परमाणु, रासायनिक या पारंपरिक) ले जा सकती है. यह  एक महादेश से दूसरे महादेश पर हमला करने के लिए डिजाइन की जाती है. यह मिसाइल पृथ्वी की कक्षा में उड़ान भरकर लक्ष्य तक पहुंचती है.  ICBM मिसाइल हाइपरसोनिक गति, मल्टिपल वारहेड्स और सटीक गाइडेंस सिस्टम के कारण बेहद खतरनाक मानी जाती हैं. अगर एशिया से हमला किया जाए तो ये मिसाइलें यूएस, यूरोप जैसे दूरस्थ टारगेट को निशाना बना सकती हैं. हालांकि मार्डन वारफेयर में ICBM का इस्तेमाल नहीं हुआ है. 

रियल एस्टेट सेक्टर में रिकॉर्ड निवेश, भारतीय निवेशकों ने ₹35,000 करोड़ लगाकर बनाए नए मुकाम

मुंबई घरेलू पूंजी के सहारे भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों (जनवरी से सितंबर) के दौरान इस सेक्टर में 4.3 बिलियन डॉलर (₹35,000 करोड़) का बड़ा निवेश हुआ है. यह आंकड़ा पिछले पांच सालों के औसत निवेश को पार कर गया है.  यह निवेश पिछले पांच वर्षों के जनवरी से सितंबर की अवधि के औसत 4 बिलियन डॉलर के प्रवाह से अधिक रहा है, जैसा कि कोलियर्स इंडिया (Colliers India) की एक रिपोर्ट में बताया गया है. यह प्रवृत्ति भारतीय अर्थव्यवस्था की मूलभूत मज़बूती और रियल एस्टेट बाज़ार में निवेशकों के लगातार विश्वास को दर्शाती है. कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बादल याग्निक ने कहा, "भारतीय रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश Q3 2025 (जुलाई-सितंबर तिमाही) में $1.3 बिलियन तक पहुंच गया, जो कि साल-दर-साल 11 प्रतिशत की वृद्धि है'.  घरेलू निवेशकों का बढ़ता दबदबा रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू संस्थागत पूंजी में साल-दर-साल (YoY) 52 प्रतिशत की भारी उछाल दर्ज की गई है, जो $2.2 बिलियन तक पहुंच गई है. यह भारतीय रियल एस्टेट में संस्थागत निवेशकों की बढ़ती गहराई और रुचि को दर्शाता है. घरेलू निवेशकों की सबसे अधिक रुचि ऑफिस और आवासीय (Residential) सेगमेंट में दिखी. तिमाही के दौरान घरेलू निवेश में तीन-चौथाई से अधिक हिस्सा अकेले ऑफिस संपत्तियों का रहा, जो तैयार और निर्माणाधीन दोनों तरह की वाणिज्यिक संपत्तियों के लिए लगातार भूख को दर्शाता है. कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बादल याग्निक ने कहा, "मुख्य एसेट क्लास में निरंतर मांग और घरेलू पूंजी की बढ़ती गहराई के साथ, निवेश की गति स्थिर रहने की संभावना है, भले ही वैश्विक चुनौतियों के कारण विदेशी निवेशक निकट भविष्य में सतर्क बने रहें." ऑफिस सेगमेंट और प्रमुख शहर ऑफिस सेगमेंट में निवेश का प्रवाह मजबूत बना हुआ है, जो वर्ष 2024 के स्तर के लगभग बराबर है, 2025 के पहले नौ महीनों में ऑफिस सेगमेंट में संस्थागत निवेश $1.5 बिलियन तक पहुंच गया, जो इस अवधि के कुल निवेश का 35 प्रतिशत है. पिछली छमाही की तुलना में Q3 2025 में ऑफिस सेगमेंट में संस्थागत निवेश में जबरदस्त उछाल आया, जो साल-दर-साल 27 प्रतिशत बढ़कर $0.8 बिलियन हो गया.  कोलियर्स इंडिया में राष्ट्रीय निदेशक और अनुसंधान प्रमुख विमल नाडार ने बताया, "ऑफिस संपत्तियों ने कुल तिमाही प्रवाह का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाया, जिसका नेतृत्व तैयार वाणिज्यिक संपत्तियों के उल्लेखनीय अधिग्रहणों ने किया, खासकर चेन्नई और पुणे में." प्रमुख शहर और भविष्य की रणनीति मुंबई इस साल निवेश आकर्षित करने में सबसे आगे रहा, करीब $0.8 बिलियन के प्रवाह के साथ, मुंबई ने 2025 में कुल संस्थागत निवेश का 19 प्रतिशत आकर्षित किया, जिसका मुख्य कारण ऑफिस और आवासीय संपत्तियों में बड़ी डील्स थीं. इसके बाद बेंगलुरु का स्थान रहा, रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि घरेलू संस्थान निरंतर पूंजी का स्थिर स्रोत बने रहने की उम्मीद है.

8 अक्टूबर 2025 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक जानिए कैसा रहेगा आपका दिन

मेष आज के दिन आप लव के मामले में भाग्यशाली रहें। आपको विभिन्न स्रोतों से आज धन प्राप्त होगा। उम्रदराज लोगों को आज ज्यादा सीढ़ियों का उपयोग नहीं करना चाहिए। किसी नए प्रोजेक्ट को लॉन्च करने के लिए आज का दिन अच्छा है। वृषभ आज के दिन भाई-बहन हो या मित्र किसी को भी बड़ी रकम देने से बचें। आज ऑफिस की पॉलिटिक्स को इग्नोर न करें। खुद को स्ट्रांग रखें और डिप्लोमेटिक तरीके से परिवार की नाराजगी का सामना करें। खर्च कम करें। मिथुन आज के दिन कोई बड़ी बीमारी आपको टस से मस नहीं कर पाएगी। ऑनलाइन लॉटरी जैसे फ्रॉड धंधे में पैसे ना लगाएं। आपको अपने सहकर्मियों और सिनीयर्स के साथ अच्छे संबंध बनाने का सुझाव दिया जाता है। कर्क आज के दिन कोई स्पेशल पर्सन आपकी लाइफ में एंट्री करेगा। ऑफिस में आज आपके परिश्रम और समर्पण की सराहना की जा सकती है। आप भाग्यशाली हैं कि आप स्वस्थ महसूस करेंगे। सिंह आज के दिन अपने भीतर की आग को जलाएं और विजय पाने के लिए तैयार हो जाएं। आपका संकल्प और उत्साह अपनी चरम सीमा पर होगा। कार्यभार संभालें और सशक्त बनें। आज का दिन अपने सपनों को हकीकत में बदलने का दिन है। कन्या आज के दिन का अधिकतम लाभ उठाना आप पर निर्भर करता है। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने और नई चुनौतियों का सामना करने से न डरें। खुद पर विश्वास रखें और दुनिया आपके कदमों पर चलेगी। तुला आज के दिन नेटवर्किंग और नए लोगों से मिलने के लिए भी समय अच्छा रहेगा। आपका स्वास्थ्य दिन भर अच्छा रहेगा। नौकरी बदलने का मन बना लिया है तो अपने स्किल्स पर ध्यान दें और खुद को इंटरव्यू के लिए तैयार करें। वृश्चिक आज के दिन अपनी दृढ़ता और मेहनती रवैये के लिए जाने जाते हैं। आज आपके सितारे आपके परिश्रम का फल प्राप्त करने के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं। यूनिवर्स सपनों को हासिल करने के लिए आज आपका हौसला बढ़ा रहा है। धनु आज के दिन सुखी प्रेम जीवन के लिए रिश्ते में आने वाली समस्याओं को समझदारी से हल करें। प्रोफेशनल तौर पर आज आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। हालांकि, फाइनेंशियल डिसिजन लेते समय आज थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। मकर आज के दिन आपको नई परियोजनाएं शुरू करने का मोटिवेशन मिलेगा। अपने विचारों को अपने साथियों तक पहुंचाने और अपने काम को बेहतर बनाने के लिए प्रतिक्रिया और जानकारी प्राप्त करने की इच्छा महसूस हो सकती है। कुंभ आज के दिन रोमांचक और उत्पादक रहने वाला है। आपकी बुद्धिमत्ता और आकर्षण से आप बातचीत और ग्रुप एक्टिविटी में अपना जलवा बिखेरेंगे। यदि आप छोटी-मोटी यात्रा करने पर विचार कर रहे हैं, तो समय शुभ है। मीन आज के दिन याद रखें, आपके तेज से कुछ भी संभव है। पॉजिटिव एटीट्यूड और सेल्फ केयर अपनाकर आप अपनी स्किल्स को निखार सकते हैं। इसे आपको चीजों को नए नजरिए से देखने में भी मदद मिलेगी।

एम.पी. ट्रांसको के रियल हीरो बने आउटसोर्स कर्मी संजय यादव

जलते ट्रांसफार्मर की आग बुझा कर दिखाया अदम्य साहस भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के जबलपुर में गोरा बाजार स्थित 220 के.वी. सबस्टेशन में बीती रात हुई आग की घटना में आउटसोर्स कर्मी श्री संजय यादव ने अदम्य साहस और जांबाजी का परिचय देते हुए एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से न केवल 160 एम व्ही ए. पावर ट्रांसफार्मर सुरक्षित रहा, बल्कि पूरे यार्ड और शहर की बिजली आपूर्ति को भी खतरे से बचा लिया गया। दरअसल लगभग 10 करोड की लागत से स्थापित 160 एमव्हीए क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर के टेप चेंजर में तकनीकी खराबी आने से अचानक आग लग गई। इसके पहले की लपटें तेज़ी से उठती और स्थिति गंभीर हो जाती, आउटसोर्स आपरेटर श्री संजय यादव ने सहायक अभियंता श्री चेतन यादव, श्री आर.एस. बैस और हेल्पर श्री अय्यूब खान के मार्गदर्शन मे अग्निशमन यंत्रों की मदद से जलते ट्रांसफार्मर के ऊपर चढ़कर आग पर नियंत्रण पा लिया। उनकी सूझबूझ, साहस और समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ी आपदा टल गई। यदि यह हादसा हो जाता तो शहर की विद्युत व्यवस्था के साथ औद्योगिक क्षेत्र मनेरी प्रभावित तो होता ही अमरकंटक पावर हाउस से आने वाले पावर का प्रबंधन करने की विकट चुनौती खडी हो जाती। एमडी सुनील तिवारी ने किया सम्मानित और पुरस्कृत एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी ने सब स्टेशन पहुंचकर आउटसोर्स कर्मी श्री संजय यादव का अभिनन्दन करते हुए उन्हें नगद राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया। विषम परिस्थिति में श्री यादव को मार्गदर्शन देने वाले वरिष्ठ हेल्पर श्री अयूब खान को भी सम्मानित किया तथा टीम के सभी सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री यादव और टीम ने जिस असाधारण साहस, तत्परता और जिम्मेदारी का परिचय दिया है, वह एम.पी. ट्रांसको परिवार के लिए गर्व की बात है। समय-समय पर दिए प्रशिक्षण से मिला लाभ एम.पी. ट्रांसको द्वारा समय-समय पर अग्निशमन एवं सुरक्षा प्रशिक्षणों के परिणामस्वरूप ही कर्मचारी आपात स्थितियों में इस तरह की प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम हो सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजगार, उद्योग एवं निवेश संवर्धन सत्र को किया संबोधित

औद्योगिक निवेश, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को दिया जाये बढ़ावा धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा से रोजगार सृजन की दिशा में करें प्रयास जिलों की बंद औद्योगिक इकाइयों के प्रकरणों का हो शीघ्र निराकरण स्व-सहायता समूहों को एमएसएमई सेक्टर से जोड़ें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि जिले की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना बनायें। ऐसे प्रयास हों कि जिले में उद्योगों के साथ रोजगार के अवसर सृजित हों, जिससे जिले आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल करें और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जाए जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को भी रोजगार से जोड़ने की बात कही जिससे युवाओं के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हों। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में "रोजगार, उद्योग एवं निवेश संवर्धन" सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की जेसी मिल, रतलाम की सज्जन मिल और उज्जैन की विनोद मिल से संबंधित समस्याओं का समाधान जिस तत्परता से किया गया है उसी तरह अन्य जिलों में बंद औद्योगिक इकाइयों का भी शीघ्र निराकरण किया जाए। मुरैना जिले की कैलारस स्थित शुगर मिल से जुड़े मामले का समाधान भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के औद्योगिक विज़न को ज़मीनी स्तर पर साकार करने में कलेक्टर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिलों की सक्रियता और विभागों के समन्वित प्रयास ही मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, नवोन्मेषी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध अनुपयोगी भूमि का उपयोग कर लैंड बैंक विकसित किए जाएं। जिलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और स्व-सहायता समूहों को एमएसएमई सेक्टर से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए जिससे स्थानीय उत्पादन और विपणन गतिविधियों में वृद्धि हो। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग तथा एमएसएमई विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से प्रेजेंटेशन दिया गया। राज्य सरकार के वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित, औद्योगिक और रोजगार-समृद्ध प्रदेश के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि जिला निवेश सुविधा केंद्र (IFC) को सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाया जाए। औद्योगिक भूमि की पहचान कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा विभिन्न विभागों द्वारा समयबद्ध अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला कौशल समिति को सक्रिय कर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और वैकल्पिक रोजगार अवसरों से जोड़ा जाए। उद्योगों को पीएम विश्वकर्मा और अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जाए। कलेक्टर्स से यह भी कहा गया कि एक जिला-एक उत्पाद के तहत उत्पादों की पहचान, ब्रांडिंग और विपणन पर प्रभावी कार्य किया जाए। टैग किए गए उत्पादों को योजनाओं जैसे PMFME और DEH-OSOP से जोड़ा जाए और एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा ई-कॉमर्स माध्यमों से जोड़ा जाए। बंद रेशम केंद्रों का पुनर्जीवन कर खादी, हस्तशिल्प और रेशम उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय मेलों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाए। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उपकरण स्वीकृति और वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इसके साथ ही, वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सहयोग के क्षेत्र में DLCC एवं DLRC बैठकों का समय पर आयोजन करने, जन धन, मुद्रा और अटल पेंशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा वार्षिक लक्ष्य पूर्ति हेतु बैंकों की सक्रिय भूमिका तय करने के निर्देश भी दिए गए।

नर्मदा यात्रियों और गौ माता की सेवा करने वालों की भूमिका प्रशंसनीय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शरद पूर्णिमा कार्यक्रम को वर्चुअली किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां बिजयासन की छत्रछाया में सलकनपुर क्षेत्र में नर्मदा यात्रियों की सेवा और गौ माता की सेवा के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राष्ट्र सेवी स्व. भगवत शरण माथुर और स्व. प्रभाकार राव केलकर की स्मृति में सेवाभावियों को सम्मानित करने का कार्य प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सलकनपुर जिला सीहोर में शरद पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन से जुड़े पदाधिकारी गण को शरद पूर्णिमा पर हुए इस विशेष कार्यक्रम के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। समर्पण सेवा समिति, सलकनपुर ने शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर स्व. प्रभाकर राव केलकर की स्मृति तथा स्व. भगवत शरण माथुर की स्मृति में गोवंश आधारित जैविक कृषि पुरस्कार और उत्कृष्ट नर्मदा सेवा पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि समिति द्वारा उत्तम स्वामी जी के निर्देशन में नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्रीमती माया नारोलिया, उत्तम स्वामी महाराज तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

केन्द्रीय मंत्रि-मंडल ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों की रेलवे मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रि-मंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों के 18 जिलों में रेलवे की 4 मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश को मिली इस सौगात के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार मानते हुए धन्यवाद किया है। पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श द्वारा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाना है। ये परियोजनाएं नागरिकों, वस्तुओं और सेवाओं को निर्बाध संपर्क प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे लाइन क्षमता में बढ़ोत्‍तरी से गतिशीलता बढ़ेगी जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। मल्टी-ट्रेकिंग (पटरियों की संख्या बढ़ाना) से रेल परिचालन सुगम होगा और यात्रियों को सुविधा होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों का व्यापक विकास होगा, वे आत्मनिर्भर बनेंगे और उनके लिए रोज़गार/स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। केन्द्रीय मंत्रि-मंडल समिति ने मध्यप्रदेश में 237 किलोमीटर लंबी इटारसी-भोपाल-बीना चौथी लाइन को और गुजरात एवं मध्यप्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बढ़ोदरा-रतलाम, तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में वर्धा-भुसावल के बीच 314 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन को तथा महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में 84 किलोमीटर लंबी गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। कुल 24 हजार 634 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली ये परियोजनाएं 2030-31 तक पूरी होंगी। स्वीकृत मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं से लगभग 3 हजार 633 गांवों, जिनकी जनसंख्या लगभग 85 लाख 84 हजार है तथा 2 आकांक्षी जिलों विदिशा और राजनांदगांव तक संपर्क बढ़ेगा। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ राज्यों के 18 जिलों में व्‍याप्‍त इन चार परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 894 किलोमीटर की वृद्धि होगी। मध्यप्रदेश में परियोजना खंड सांची, सतपुड़ा बाघ अभयारण्य, प्रागैतिहासिक मानव जीवन के प्रमाणों और प्राचीन शैल चित्रकला के लिए प्रसिद्ध भीमबेटका शैलाश्रय, हज़ारा जलप्रपात, नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान आदि प्रमुख स्थलों को भी रेल संपर्क प्रदान करेगा, जो देश भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। यह कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न, इस्पात आदि वस्तुओं के परिवहन के लिए भी आवश्यक मार्ग है। पटरियों की संख्या बढ़ाए जाने से प्रति वर्ष 78 मिलियन टन की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। रेलवे के पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन देश के जलवायु लक्ष्यों और परिचालन लागत को कम करने, तेल आयात (28 करोड़ लीटर) में कमी लाने और कार्बन उत्सर्जन 139 करोड़ किलोग्राम कम करने में मदद करेगा जो 6 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

केंद्र सरकार की बड़ी घोषणा: 18 जिलों में नई रेल लाइनें, ₹24,634 करोड़ की योजना को मंजूरी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने भारतीय रेल के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुपरफास्ट ट्रैक पर लाने के लिए बड़ा कदम उठा लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में आज रेलवे मंत्रालय के चार बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. इनकी कुल लागत 24,634 करोड़ रुपये है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में 894 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी. इससे माल ढुलाई से लेकर पैसेंजर ट्रैफिक तक सब कुछ तेज़ और आसान होगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘आज रेलवे के चार अहम प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. इनसे ना सिर्फ नई गाड़ियां चलेंगी बल्कि हर साल करोड़ों लीटर डीजल की बचत होगी.’ चार बड़े रेल प्रोजेक्ट जिन्हें मिली मंजूरी 1. वर्धा-भुसावल (तीसरी और चौथी लाइन) कुल लंबाई 314 किमी, लागत 9,197 करोड़ रुपये. इससे महाराष्ट्र के औद्योगिक इलाकों को तेज रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और सालाना करीब 9 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी. 2. गोंदिया-डोंगरगढ़ (चौथी लाइन) 84 किमी लंबा प्रोजेक्ट, लागत 4,600 करोड़ रुपये. यह लाइन महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के टूरिस्ट सर्किट से होकर गुजरेगी. साथ ही 4.6 करोड़ लीटर डीजल की सालाना बचत होगी. 3. वडोदरा-रतलाम (तीसरी और चौथी लाइन) 259 किमी लंबा प्रोजेक्ट, गुजरात और एमपी के बीच. लागत करीब 7,600 करोड़ रुपये और अनुमानित 7.6 करोड़ लीटर डीजल की बचत. 4. इटारसी-भोपाल-बिना (चौथी लाइन) 237 किमी की लाइन, लागत 3,237 करोड़ रुपये. हर साल 6.4 करोड़ लीटर डीजल की बचत और माल ढुलाई में तेजी. PM Gati Shakti योजना के तहत ‘रेलवे की नई रफ्तार’     ये सभी प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत लागू किए जा रहे हैं, जो मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करती है. इससे देश की लॉजिस्टिक लागत घटेगी, तेल आयात में कमी आएगी और पर्यावरण पर बोझ भी घटेगा.     सरकार का दावा है कि इन प्रोजेक्ट्स से 28 करोड़ लीटर तेल की बचत और 139 करोड़ किलो CO₂ उत्सर्जन में कमी होगी – जो 6 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है.     इन चार प्रोजेक्ट्स से 3,600 से ज्यादा गांवों और करीब 85 लाख लोगों को डायरेक्ट रेल कनेक्टिविटी मिलेगी. विदिशा और राजनांदगांव जैसे आकांक्षी जिलों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी.     रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, ‘नई लाइनें खुलने से रोजगार और स्वरोजगार के हज़ारों मौके बनेंगे. कोयला, सीमेंट, स्टील, अनाज जैसी वस्तुओं की ढुलाई आसान होगी. रेलवे का माल परिवहन सालाना 78 मिलियन टन बढ़ेगा.’ रेलवे में अब तक 1.5 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में सिर्फ रेलवे सेक्टर में अब तक डेढ़ लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है. वहीं कुल मिलाकर देशभर में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिल चुकी है. रेल मंत्री ने बताया कि इस साल दीपावली और छठ पर्व पर 12 हजार ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि ट्रैफिक लोड संभाला जा सके. उन्होंने कहा, ‘ये सिर्फ इसलिए मुमकिन हुआ क्योंकि पिछले कुछ सालों में रेलवे की कैपेसिटी बिल्डिंग पर बड़े पैमाने पर काम हुआ है.’  

मध्यप्रदेश में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेन्टर

मध्यप्रदेश और फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के बीच हुआ एमओयू भोपाल मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेन्टर स्थापित करने के लिये कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश और स्पेन के फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के बीच एमओयू हुआ। यह केन्द्र न केवल नवाचार एवं स्मार्ट शहरी समाधानों को प्रोत्साहित करेगा बल्कि वैश्विक स्तर के आयोजनों और निवेश सम्मेलनों की मेजबानी का मंच भी बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी साल जुलाई में स्पेन प्रवास के दौरान संस्थान के पदाधिकारियों से चर्चा हुई थी और उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया था। इस अवसर पर स्पेन के राजदूत श्री जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल तथा फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रिचर्ड जपाटेरो और संस्था के भारत प्रतिनिधि श्री मुकेश अरोरा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से स्पेन के राजदूत श्री जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल ने विस्तार से चर्चा की। यह एमओयू दोनों पक्षों के बीच सांस्कृतिक-व्यापारिक रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा और मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन, एक्जीबिशन और व्यापार संबंधी संवाद, निवेश सम्मेलनों के लिए विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस साझेदारी से वैश्विक निवेशकों ओर हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। मध्यप्रदेश का लक्ष्य वैश्विक केन्द्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक सशक्त बनाना है। विशेष रूप से स्मार्ट शहरी समाधान, प्रौद्योगिकी और व्यापार संबंधी प्रदर्शनियों के आयोजन के क्षेत्र में राज्य अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय मानकों और अवसरों के अनुरूप विकास कर सकेगा। यह एमओयू औद्योगिक और निवेश गतिविधियों के नये क्षितिजों को जोड़ने वाला साबित होगा इससे मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संवाद मंचों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों का आयोजन करने वाले राज्य के रूप पहचान बनेगी। इस केन्द्र के माध्यम से दुनिया के शीर्ष उद्योगपति, निवेशक और कंपनियां भोपाल आयेंगी। मध्यप्रदेश वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा बनेगा और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और अवसरों का भी केन्द्र बिन्दु बनेगा। मध्यप्रदेश बनायेगा वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ना सिर्फ उद्योग, व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए बल्कि संपूर्ण अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति बेहद लाभकारी सिद्ध हुई है। मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में दिल्ली क्षेत्र के विकल्प की दृष्टि से भी आवश्यक अधोसंरचना का विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इंदौर और भोपाल दो मेट्रापोलिटन क्षेत्र के बाद जबलपुर और ग्वालियर के मेट्रापोलिटन क्षेत्र के विकास की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन के बार्सिलोना शहर में विकास की विशिष्ट प्लानिंग की गई है। वहां इस वर्ष की गई अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के साथ विरासत के संरक्षण का संदेश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। स्पेन के बार्सिलोना जैसे शहर भी प्राचीन वैभव को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध दिखते हैं। मध्यप्रदेश में भी प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा बताए मॉडल और बार्सिलोना के संदेश को अपनाया जा रहा है। स्पेन के राजदूत श्री पुजोल ने कहा कि अच्छी लीडरशिप और संगठन तथा प्रबंधन क्षमता से भारत और स्पेन मिलकर बेहतर कार्य करेंगे।