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ईशा कोप्पिकर की ‘रॉकेटशिप’ का ट्रेलर रिलीज, बोलीं-हर सपने को एक धक्का चाहिए

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर एक बार फिर पर्दे पर धमाल मचाने को तैयार हैं। उनकी आगामी शॉर्ट फिल्म ‘रॉकेटशिप’ का ट्रेलर मंगलवार को रिलीज हो गया। यह फिल्म सुभाष घई की प्रतिष्ठित व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल अकादमी के फिल्ममेकिंग छात्रों का एक खास प्रोजेक्ट है। ईशा ने अपने इंस्टाग्राम पर ट्रेलर शेयर करते हुए लिखा, “हर सपने को एक धक्का चाहिए, हर सफर को प्यार चाहिए। तैयार हो जाइए एक मां की अटूट ताकत और बेटी के बड़े सपनों की कहानी देखने के लिए। व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल पेश करता है… ‘रॉकेटशिप’ का ट्रेलर।” ईशा ने कहा कि यह किरदार उनके लिए खास है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ेगा। ट्रेलर में मां-बेटी के अनमोल रिश्ते की झलक दिखाई गई है। कहानी एक सिंगल मदर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी को प्यार और हौसले के साथ बड़ा करती है। ट्रेलर की शुरुआत एक प्यारे सवाल से होती है, जब ईशा की बेटी पूछती है, “आसमान में इतने सितारे क्यों हैं?” जवाब में ईशा कहती हैं, “ताकि रात में रास्ता दिखा सकें।” बेटी का अगला सवाल, “रोशनी तो चांद से भी आती है, फिर सितारों का क्या काम?” ईशा का जवाब दिल को छू लेता है, “जैसे तुम्हें मम्मा की जरूरत होती है, वैसे ही चांद को सितारों की।” ‘रॉकेटशिप’ जीवन के छोटे-छोटे पलों की कहानी है, जो मां-बेटी के प्यार और सपनों को दर्शाती है। फिल्म का लेखन और निर्देशन अर्जुन मेनन ने किया है, जबकि हरमनराय सिंह सहगल इसके निर्माता हैं। सिनेमैटोग्राफी का जिम्मा भागवत पुरोहित ने संभाला है और सोहम तेरे ने एडिटिंग की है। संगीत अजमत खान ने तैयार किया है, जो कहानी को और भावुक बनाता है। फिल्म में ईशा कोप्पिकर और अमायरा मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि उर्वी गर्ग, शाइना सरकार और राहुल चौधरी अहम किरदार में नजर आएंगे। यह शॉर्ट फिल्म दर्शकों को भावनात्मक सफर पर ले जाने का वादा करती है, जो मां-बेटी के रिश्ते की गहराई को खूबसूरती से दर्शाएगी।  

11 अक्टूबर को स्टार गोल्ड पर होगा फ़िल्म \’हाउसफुल 5\’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर

मुंबई,  फ़िल्म 'हाउसफुल 5' का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर स्टार गोल्ड पर 11 अक्टूबर, शनिवार को रात आठ बजे होगा। स्टार गोल्ड इस त्योहारी सीज़न अपने दर्शकों के लिये 'हाउसफुल 5' लेकर आ रहा है। साजिद नाडियाडवाला द्वारा निर्मित और तरुण मंसुखानी द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म हंसी और ग़लतफ़हमियों से भरी एक क्रूज़-आधारित थ्रिलर है।  इस फ़िल्म में अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, कृति सैनन, और पूजा हेगड़े जैसे बड़े कलाकार हैं। प्रीमियर में फ़िल्म के साथ-साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और पहली बार दिखाए जाने वाले डिलीटेड सीन्स भी शामिल होंगे। अक्षय कुमार ने कहा, "हाउसफुल फ़िल्में हमेशा पूरे परिवार को एक साथ हंसाने का काम करती हैं, और मैं उत्साहित हूँ कि यह फ़िल्म 11 अक्टूबर को प्रसारित हो रही है।"  

किडनी संक्रमित बच्चों के लिए राहत, सरकार करेगी इलाज का पूरा खर्च वहन: डॉ. मोहन यादव

किडनी संक्रमण से प्रभावित बच्चों के उपचार का पूरा व्यय शासन द्वारा किया जायेगा वहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नागपुर के अस्पतालों में की गई है बच्चों के उपचार की व्यवस्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किडनी संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए संपूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के बच्चों का उपचार नागपुर के चिकित्सा संस्थानों में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किडनी संक्रमण से प्रभावित बच्चों का अच्छे से अच्छा उपचार हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज सहित एम्स अस्पताल,कलर्स हॉस्पिटल, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गेटवेल हॉस्पिटल में बच्चों का इलाज जारी है। कलेक्टर छिंदवाड़ा और बैतूल द्वारा बच्चों के परिवारों से सतत संपर्क रखते हुए आवश्यक सहायता दी जा रही है। भोपाल से भी बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य लाभ की नियमित जानकारी प्राप्त की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 9 बच्चों के उपचार के लिए संपूर्ण राशि प्रभावित परिवारों को राशि उपलब्ध करवाने को कहा है। सहायता के लिए दल गठित मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कलेक्टर छिंदवाड़ा ने नागपुर में उपचार करवा रहे बच्चों की सहायता के लिए तीन दल गठित किए हैं। इन दलों में कार्यपालक मजिस्ट्रेट सहित एक विशेषज्ञ चिकित्सक को दायित्व दिया गया है। इन दलों द्वारा प्रभावित परिवारों से सतत संपर्क किया जा रहा है जिससे उपचार में किसी तरह की कोई समस्या न हो।  

मंत्री सुश्री भूरिया ने झाबुआ में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के दौरान पशुपालकों से की चर्चा

झाबुआ दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दुगुना करने के विजन को धरातल पर उतारने के लिये ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने झाबुआ जिले के ग्राम कमलखेड़ा में पशुपालकों से घर जाकर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने उन्नत पशुपालन, पोषण और पशु स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मंत्री सुश्री भूरिया ने पशुपालक श्री चावड़ा से उनके घर पहुँचकर संवाद किया। इस दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने उन्हें उन्नत नस्ल के पशुपालन, हरा चारा, और संतुलित पशु आहार के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और उच्च उत्पादकता वाले पशु ही दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सपना है कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए और इसी दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक चल रहे इस राज्यस्तरीय अभियान के अंतर्गत उन पशुपालकों से सीधी भेंट की जा रही है जिनके पास 10 या अधिक मादा पशु हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध समृद्धि केवल पशुपालन नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस पहल है। नोडल अधिकारी डॉ. मगनानी ने पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, पशु पोषण और उपचार के विषय में तकनीकी जानकारी दी। उप संचालक पशुपालन डॉ. ए.एस. दिवाकर ने सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक की जानकारी दी, जिससे 90% तक बछिया प्राप्त होने की संभावना होती है। उन्होंने पशुपालकों को संतुलित पशु आहार अपनाने और सांची दुग्ध संघ को दूध प्रदाय करने के लिए प्रेरित किया। ग्राम कमलखेड़ा के अन्य पशुपालक भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने अभियान से जुड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।  

इंदौर कलेक्टर ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, भिक्षुकों की सूचना पर मिलेगा ₹1000 का पुरस्कार

इंदौर स्वच्छता में देश भर में कीर्तिमान स्थापित करने के बाद इंदौर ने अब देश का पहला भिक्षुक मुक्त शहर होने का गौरव भी हासिल किया है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान को और भी सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि शहर में कहीं भी भिक्षावृत्ति पाए जाने पर उसकी सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपए का इनाम दिया जाएगा।  शहर को भिक्षुक मुक्त बनाए रखने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान को और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत, शहर में कहीं भी भिक्षावृत्ति की सूचना देने वाले को 1000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। प्रशासन ने भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाई है और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। भिक्षुओं के पुनर्वास और सहायता के लिए विशेष रेस्क्यू टीमें भी गठित की जाएंगी। कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई। उन्होंने निर्देश दिया कि शहर में किसी भी स्थान पर पुनः भिक्षावृत्ति शुरू न हो, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि इंदौर की स्वच्छता के साथ सामाजिक स्वच्छता भी हमारी प्राथमिकता है। भिक्षुक मुक्त इंदौर एक संवेदनशील और आत्मनिर्भर समाज की दिशा में बड़ा कदम है। इन इलाको में विशेष निगरानी बड़ा गणपति, रेलवे स्टेशन, सत्य साईं चौराहा, प्रमुख मठ-मंदिरों, आश्रमों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन स्थानों पर यदि किसी को भिक्षुक दिखाई दें तो कोई भी तत्काल तय हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकता है। सूचना सही पाए जाने पर सूचना देने वाले को 1000 रुपए का इनाम दिया जाएगा। भिक्षुकों के पुनर्वास के लिए योजना भिक्षुकों के पुनर्वास और सहायता के लिए भी जिला प्रशासन ने योजनाबद्ध कदम उठाए हैं। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर निगम, होमगार्ड, श्रम विभाग, राजकीय बाल संरक्षण आश्रम और विशेष पुलिस किशोर इकाई के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल करते हुए विशेष रेस्क्यू टीम बनाई जाएगी। टीम बनाकर होगी कार्रवाई कलेक्टर ने कहा कि ऐसी दो-तीन टीमें शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगातार कार्रवाई करें, ताकि कहीं भी भिक्षावृत्ति नहीं हो। भिक्षा मांगना भी अपराध है और भिक्षा देना भी इसी श्रेणी में आता है, जो लोग भिक्षावृत्ति की सूचना देते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भिक्षावृत्ति करने वालों को रोकना ही नहीं, उन्हें आजीविका से जोड़ने के लिए भी योजनाएं बनाई जाए। बैठक में इन तैयारियों पर भी चर्चा भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रेस्क्यू करने वाली टीमें इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिन लोगों ने पूर्व में भिक्षावृत्ति छोड़ दी क्या वे पुन: इसी क्षेत्र में वापस आ रहे हैं। नशा करने वाले किशोर और युवा भिक्षावृत्ति के क्षेत्र में संलिप्त हैं। वे आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। ऐसे किशोर-युवाओं को सुधार गृह भेजकर उनकी काउंसलिंग कराई जाए। सार्वजनिक स्थानों पर लिखें 'बच्चों को भीख नहीं, सीख दीजिए', 'आओ मिलकर भिक्षावृत्ति मुक्त इंदौर बनाएं।' भिक्षावृत्ति रोकने के लिए गलियों, चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार किया जाए। इस काम में छात्र-छात्राओं एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के युवाओं को जोड़ा जाए। रेस्क्यू टीम का किया गठन भिक्षुकों के पुनर्वास और सहायता के लिए भी जिला प्रशासन ने योजनाबद्ध कदम उठाए हैं। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर निगम, होमगार्ड, श्रम विभाग, राजकीय बाल संरक्षण आश्रम और विशेष पुलिस किशोर इकाई के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल करते हुए विशेष रेस्क्यू टीम बनाई जाएगी। आजीविका से जोड़ने के लिए भी बनाएं योजना कलेक्टर ने कहा कि ऐसी दो-तीन टीमें शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगातार कार्रवाई करें, ताकि कहीं भी भिक्षावृत्ति नहीं हो। भिक्षा मांगना भी अपराध है और भिक्षा देना भी इसी श्रेणी में आता है, जो लोग भिक्षावृत्ति की सूचना देते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भिक्षावृत्ति करने वालों को रोकना ही नहीं, उन्हें आजीविका से जोड़ने के लिए भी योजनाएं बनाई जाए। इन बातों का रखना होगा खास ध्यान भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रेस्क्यू करने वाली टीमें इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिन लोगों ने पूर्व में भिक्षावृत्ति छोड़ दी क्या वे पुन: इसी क्षेत्र में वापस आ रहे हैं। नशा करने वाले किशोर और युवा भिक्षावृत्ति के क्षेत्र में संलिप्त हैं। वे आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। ऐसे किशोर-युवाओं को सुधार गृह भेजकर उनकी काउंसलिंग कराई जाए। सार्वजनिक स्थानों पर लिखें "बच्चों को भीख नहीं, सीख दीजिए", "आओ मिलकर भिक्षावृत्ति मुक्त इंदौर बनाएं'। भिक्षावृत्ति रोकने के लिए गलियों, चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार किया जाए। इस काम में छात्र-छात्राओं एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के युवाओं को जोड़ा जाए। 800 भिक्षुओं का किया पुनर्वास बैठक में राजकीय बाल संरक्षण आश्रम के सुपरिटेंडेंट दिनेश मिश्रा ने बताया कि शहर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग एक विशेष अभियान चलाया था। इसमें दल को विशेष सफलता मिली। दल ने पाया कि इंदौर में भिक्षावृत्ति करने वालों की संख्या 6500 से अधिक है। इसमें बच्चे, किशोर, युवाओं से लेकर वृद्धजन तक शामिल हैं। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी है। कुछ लोग आदतन भिक्षावृत्ति करते हैं, जबकि कुछ लोग दूसरों से भिक्षावृत्ति कराते हैं। टीम ने ऐसे सभी भिक्षुओं की काउंसलिंग की। इसमें से 4500 लोगों को रेस्क्यू किया गया। भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान में 800 लोगों को पुनर्वास किया गया। इनमें 115 बच्चे और किशोर थे। भीख मांगने वाले 172 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।  

सियासी पारी की तैयारी में मैथिली ठाकुर, बताया किस क्षेत्र से लड़ना चाहेंगी चुनाव

जबलपुर   बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। चुनावों के लिए कौन सी पार्टी किस दावेदार के साथ उतरेगी ये तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे ही एक दावे की चर्चा लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर भी चल रही है। दावा किया जा रहा है कि मैथिली ठाकुर 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली की बीजेपी के नेताओं से मुलाकात के बाद इस तरह की चर्चा होने लगी है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे।   मैथिली बोलीं- देखते हैं क्या होता है वहीं, जबलपुर पहुंची भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर ने अपने चुनाव लड़ने की खबरों पर कहा, "मैं भी टीवी पर ये सब देख रही हूं। हाल ही में मैं बिहार गई थी और मुझे नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मिलने का मौका मिला। हमने बिहार के भविष्य पर चर्चा की। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। देखते हैं क्या होता है। मैं अपने गांव के निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगी, क्योंकि मुझे उससे लगाव है" बिहार चुनाव में वह किसे समर्थन दे रही हैं, इस पर उन्होंने कहा, "मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। मैं देश के विकास में हर संभव योगदान देने के लिए पूरी ताकत से खड़ी हूं"    ये है मामला दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा था, "वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं!" 

ऑन-स्क्रीन भाभी बनकर रेणुका शहाणे ने जीता दिल, राजश्री पोडक्शन ने बर्थडे पर खास अंदाज में किया विश

मुंबई, बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की ऑन-स्क्रीन भाभी बनकर घर-घर फेमस होने वाली अदाकारा रेणुका शहाणे आज अपना 59वां जन्मदिन मना रही हैं। एक्ट्रेस ने कई फिल्मों में काम किया लेकिन उन्हें असल पहचान सलमान खान की प्यारी भाभी बनकर मिली। “हम आपके हैं कौन” में उनकी छोटी सी भूमिका को आज भी याद किया जाता है। राजश्री बैनर ने रेणुका शहाणे को जन्मदिन की बधाई दी है और उनके रोल को याद भी किया है। सोशल मीडिया पर फिल्म की पुरानी फोटोज शेयर कर प्रोडक्शन हाउस ने लिखा, “हमारी पसंदीदा पूजा भाभी, रेणुका शहाणे को जन्मदिन की शुभकामनाएं! ‘हम आपके हैं कौन’… में उनकी भूमिका! परफेक्ट ऑन-स्क्रीन भाभी के लिए मानक स्थापित किया।” इस फिल्म में उन्होंने एक सुलझी लड़की का किरदार निभाया था, जो पूरे परिवार को लेकर चलती है। एक्ट्रेस का रोल इतना फेमस हो गया है कि हर भाभी अपने देवर की शादी में ‘पूजा भाभी’ के जैसे ही ‘लो चली मैं” गाने पर नाचना चाहती है। पर्सनल लाइफ की बात करें तो ऑनस्क्रीन प्यारी सी दिखने वाली पूजा भाभी ने टीवी के सबसे खतरनाक विलेन आशुतोष राणा से शादी की है। दोनों की मुलाकात डायरेक्टर हंसल मेहता की एक फिल्म के प्रीव्यू में हुई थी। फिल्मों में काम करने की वजह से आशुतोष उन्हें अच्छे से जानते थे लेकिन एक्ट्रेस उनसे बिल्कुल अंजान थी। आशुतोष को पहली ही नजर में रेणुका से प्यार हो गया था और उन्होंने सोच लिया था कि जिंदगी तो इन्हीं के साथ बितानी है। उन्होंने एक डायरेक्टर से उनका नंबर लिया और बातों का सिलसिला शुरू हुआ। आशुतोष पहले रेणुका को फोन कर कविता सुनाते थे और कविता सुनाते-सुनाते एक्ट्रेस भी उनके प्यार में पड़ गईं, लेकिन अब दोनों को शादी करनी थी और दोनों ही हिचकिचा रहे थे। रेणुका की मां का मानना था कि आशुतोष की फैमिली बहुत बड़ी है और छोटे से गांव से आती है, ऐसे में रेणुका के लिए एडजस्ट करना मुश्किल होगा, वहीं एक्टर को भी लगता है कि शादी लंबी नहीं चलेगी। हालांकि, आशुतोष के गुरुजी ने खुद उन्हें एक्ट्रेस से शादी करने की सलाह दी और फिर दोनों ने शादी रचा ली, जो बहुत अच्छे से चल रही है। वर्क फ्रंट की बात करें तो रेणुका ने कई हिट फिल्में दी हैं। उनकी फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ ने विश्व भर में लगभग 135 करोड़ का कलेक्शन किया था, और ये पहली फिल्म थी जिसे 100 करोड़ के क्लब में एंट्री मिली थी। गौर करने वाली बात है कि फिल्म 6 करोड़ के बजट में बनी थी। इसके अलावा, साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिल ने जिसे अपना कहा’ में रेणुका का रोल छोटा था, लेकिन उनके किरदार की खूब तारीफ हुई थी। इसके अलावा, वे ‘3 स्टोरीज’ और ‘बकेट लिस्ट’ में भी दिखीं थीं।  

200MP कैमरा और 90W चार्जिंग के साथ Vivo V60e लॉन्च, सिर्फ ₹29,999 में

नई दिल्ली वीवो ने उसकी पॉपुलर वी सीरीज में नया स्‍मार्टफोन Vivo V60e लॉन्‍च किया है। इसमें 200 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा 50 मेगापिक्‍सल का है, जिसके जरिए बेहतरीन सेल्‍फी क्‍ल‍िक होने का दावा क‍िया गया है। Vivo V60e में 6500 एमएएच की बैटरी है, जो 90 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह फोन 6.77 के फुल एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले के साथ आता है। 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट है। फोन में 12 जीबी तक रैम मिलती है। और इन खूबियों के साथ इस फोन को 30 हजार रुपये की प्राइस रेंज में लिया जा सकता है। Vivo V60e प्राइस इन इंडिया Vivo V60e को कई रैम और स्‍टोरेज ऑप्‍शन में लाया गया है। यह नोबल गोल्‍ड और इलीट पर्पल कलर्स में आता है। फोन के 8GB + 128GB मॉडल की कीमत 29,999 रुपये है। इसका 8GB + 256GB मॉडल 31,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा और 12GB + 256GB मॉडल के दाम 33,999 रुपये हैं। यह फोन एमेजॉन, फ्लिपकार्ट और वीवो इंडिया के ऑनलाइन स्‍टोर से प्री-ऑर्डर किया जा सकता है। ऑफलाइन भी मिलेगा। 10 अक्‍टूबर से सेल होगी। Vivo V60e के प्रमुख फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस Vivo V60e में 6.77 इंच का FHD+ डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह क्‍वाड कर्व्‍ड एमोलेड डिस्‍प्‍ले है जो 2392 × 1080 पिक्‍सल्‍स रेजॉलूशन ऑफर करता है। नए वीवो फोन में 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट और 1900 निट्स की पीक ब्राइटनैस है। एमोलेड डिस्‍प्‍ले होने की वजह से इस ब्राइटनैस को पर्याप्‍त कहा जा सकता है। डिस्‍प्‍ले में डायमंड शील्‍ड ग्‍लास प्रोटेक्‍शन दिया गया है, जो फोन को स्‍क्रैच से बचाएगा। Vivo V60e में मीडियाटेक के डाइमेंसिटी 7360 टर्बो प्रोसेसर की ताकत है। यह 4एनएम प्रोसेस पर बना है। अधिकतम 12 जीबी रैम फोन में मिल जाती है, लेकिन UFS 2.2 स्‍टोरेज ही मिलता है। फोन में दो सिम लगाए जा सकते हैं। एसडी कार्ड का स्‍लॉट नहीं है। एंड्रॉयड 15 पर बेस्‍ड फनटच ओएस 15 पर ये फोन चलता है। Vivo V60e में कैमरा कैमरा इस फोन का बड़ा पॉइंट है। Vivo V60e में 200 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। यह ऑप्‍ट‍िकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। साथ में 8 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा-वाइड कैमरा मिलता है। 4के रिकॉर्डिंग इस फोन के जरिए की जा सकती है। फ्रंट में 50 मेगापिक्‍सल का कैमरा सेल्‍फी के लिए दिया गया है। यह फोन इन-डिस्‍प्‍ले ऑप्टिकल फ‍िंगरप्रिंट सेंसर के साथ आता है। यूएसबी टाइप-सी पोर्ट के अलावा स्‍टीरियो स्‍पीकर्स इसमें दिए गए हैं। फोन को IP68 + IP69 रेटिंग मिली है जो इसे धूल और पानी से होने वाले नुकसान से बचाएगी। यह फोन 6500 एमएएच बैटरी से पैक्‍ड है जो 90 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

सायं कैबिनेट बैठक 10 अक्टूबर को, कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर लगेगी मुहर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को सुबह 11:30 बजे मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर, नवा रायपुर में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आयोजित होगी। साय कैबिनेट की इस बैठक में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने पर फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा NHM कर्मचारियों और राज्योत्सव की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है। इससे पहले पिछली बैठक 30 सितंबर को हुई थी। पिछली बैठक में लिए गए फैसले पिछली कैबिनेट बैठक में 100 स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने दिव्यांगजनों के हित में बड़ा फैसला करते हुए राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि ₹24,50,05,457 (चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन रुपये) एकमुश्त वापस करने का निर्णय लिया गया था। मंत्रिपरिषद ने स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों में एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई। शिक्षा विभाग के भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर करने का अनुमोदन मंत्रिपरिषद ने प्रदान किया था।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सतत हॉस्पिटल विजिट करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस कलेक्टर्स स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाएं और हॉस्पिटल का करें सतत विजिट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वास्थ्य एवं पोषण पर कलेक्टर्स के साथ हुआ व्यापक संवाद कलेक्टर्स ने साझा किये अपने जिलों के नवाचार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नई सुविधाए प्रारंभ की गई हैं। कलेक्टर्स स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करें और हॉस्पिटल में सतत् विजिट करें, जिससे हॉस्पिटल की कमियों को दूर किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स से कहा कि आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरा लाभ दिलाएं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को आसान बनाया जाये, जिससे आमजन को सहज रूप से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर भी अनेक कॉलेज प्रारंभ हुए हैं। वर्तमान में तीस से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। शीघ्र इनकी संख्या 50 हो जाएगी। प्रदेश के लगभग प्रत्येक जिले के नागरिकों को मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है, उसे अंतिम रूप देकर भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में नागरिकों के हित में सर्वाधिक अनुकूल वातावरण निर्मित किए जाने का प्रयास है।‍ मुख्यमंत्री डॉ. यादव कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के प्रथम दिन द्वितीय सत्र 'स्वास्थ्य एवं पोषण' को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  संदीप यादव ने राज्य में स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति को सुदृढ़ करने कलेक्टर्स के साथ विस्तृत चर्चा की। सत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), क्षय उन्मूलन और सिकल सेल उन्मूलन के लिए ठोस रणनीति पर विमर्श किया गया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दिशा में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत शिशुओं, किशोरियों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की नियमित हीमोग्लोबिन जांच सुनिश्चित की जाए। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHSND) में गुणवत्तापूर्ण जांच, टीकाकरण और ANMOL 2.0 पर सटीक डेटा एंट्री की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, उपचार और बर्थ वेटिंग होम्स में सुरक्षित प्रसव की अनिवार्यता पर जोर दिया। प्रमुख सचिव  यादव ने कहा कि पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग, छह माह तक केवल स्तनपान, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम (MMBASK) के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के प्रबंधन तथा आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह आधारित सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रसूति सहायता योजनाओं के भुगतान में समयबद्धता बनाए रखना सुनिश्चित करें। गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम के लिए प्रमुख सचिव  यादव ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फैटी लीवर और तीन प्रमुख कैंसर की स्क्रीनिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने एनसीडी पोर्टल पर सभी प्रविष्टियों की अद्यतन स्थिति बनाए रखने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, ईट राइट अभियान, तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमीं, फिट इंडिया और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि क्षय उन्मूलन के लिए एक्स-रे और अन्य मशीनों से जांच की जाए, निक्षय पोर्टल पर सभी प्रकरणों की सूचना दर्ज हो, उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए तथा निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण सहायता और डीबीटी समय पर प्रदान की जाए। इसी प्रकार, सिकल सेल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत स्क्रीनिंग, कार्ड वितरण, हाइड्रोक्सीयूरिया दवा की उपलब्धता, न्यूमोकोकल वैक्सीनेशन और सिकल मित्र पहल के माध्यम से जनभागीदारी और काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों के बीच संयुक्त कार्ययोजना बनाकर समन्वय को सशक्त करें। VHSND के गुणवत्तापूर्ण आयोजन, उपकरणों के सार्थक उपयोग, e-KYC और DBT सक्षमता, PMSMA संचालन, नवजातों के गृह आधारित फॉलो-अप, मातृ एवं शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग, ईट राइट, फिट इंडिया, योग और खेलकूद के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि सुपोषित ग्राम पंचायतों के लिए स्थानीय खाद्य विविधता को प्रोत्साहित करने, आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, डेटा सत्यापन, और सिकल मित्र तथा निक्षय मित्र के माध्यम से फूड बास्केट वितरण जैसी गतिविधियों को परिणाममुखी बनाया जाये। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों ने दीं अपनी प्रस्तुतियाँ बालाघाट ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर नियंत्रण पर, झाबुआ ने स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार प्रयासों और मंदसौर ने सम्पूर्ण स्वास्थ्य मॉडल पर प्रेजेन्टेशन देते हुए अपने अनुभव साझा किए।