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डॉ. मोहन यादव का संदेश: टिकाऊ कृषि के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती को दें प्राथमिकता

प्राकृतिक एवं जैविक खेती को करें प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि एवं संबद्ध सेक्टर्स पर हुआ कॉन्फ्रेंस का पहला सत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा प्रदेश कृषि उपज पर आधारित है। इसलिए सरकार का मूल लक्ष्य प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना और कृषि फसलों की तुलना में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाना है। हमें इन क्षेत्रों में उद्यमिता के नए अवसर भी बनाने हैं। सभी कलेक्टर्स अपने-अपने‍ जिलों में किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें हरसंभव मदद भी मुहैया कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के पहले सत्र 'कृषि एवं संबद्ध सेक्टर्स' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे ग्रामीण युवा आने वाले समय में कृषि उद्यमी बनें, इसके लिए हमें मिल-जुलकर प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि खेती को जैविक खेती की ओर ले जाना एक बड़ी चुनौती है, पर हमें यह चुनौती भी पार करनी ही होगी। मुख्यमंत्री ने कहा‍ कि  अन्न अर्थात मिलेट्स को प्रोत्साहन देकर इनकी उपज को लगातार बढ़ाना भी हमारा लक्ष्य है, हमें इस दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। किसानों को परंपरागत खेती से शिफ्ट कर उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्य पालन जैसे आमदनी बढ़ाने वाले कार्यों की ओर लेकर जाना है। प्रदेश में केला, संतरा, टमाटर एवं अन्य उद्यानिकी की फसलें बड़ी मात्रा में होती हैं। हमें इनके स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण एवं बड़े बाजारों तक मार्केटिंग की व्यवस्था भी करनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों में उर्वरक की खपत सिर्फ वैज्ञानिक आधार पर ही होनी चाहिए। यदि नहीं हो रही है तो इस पर नियंत्रण जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में साप्ताहिक मार्केट, हाट बाज़ारों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की उपज का विक्रय सुनिश्चित करें। साथ ही किसानों को नकद फसलों की खेती के लिए समझाइश देकर प्रोत्साहित करें। इसके लिए अभियान चलाएं। उन्होंने कहा‍ कि सभी कलेक्टर जिलों में 100-100 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित कर उसका रिकार्ड रखें और उनकी प्राकृतिक खेती के लाभों का अध्ययन भी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों अर्थात् बागवानी को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने गुना जिले में गुलाब की खेती किए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां के किसानों ने बड़ा ही प्रगतिशील कदम उठाया है। प्रदेश के सभी धार्मिक शहरों में भी गुलाब की खेती को बढ़ावा दिया जाये, जिससे गुलाब उत्पादन की खपत स्थानीय स्तर पर किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन फसल की नीलामी रेट की सघन निगरानी भी रखें। भावान्तर योजना का करें प्रचार-प्रसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावान्तर योजना का भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। इस योजना का सर्वाधिक लाभ किसानों को मिलना है और यह बात उन तक पहुंचनी भी चाहिए। भावान्तर योजना के समुचित क्रियान्वयन के लिये सभी कलेक्टर पूरी मेहनत और समर्पण से किसानों को इसका अधिकतम लाभ दिलाएं। पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर लगाएं सख्त अंकुश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा ‍कि प्रदेश में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाएं। इसके लिए सक्रिय नियंत्रण तंत्र विकसित करें और ऐसी घटनाओं पर विशेष फोकस कर निगरानी भी बढ़ाएं। कलेक्टर्स कृषि विभाग का सहयोग लेकर किसानों को पराली/नरवाई न जलाने की समझाइश दें। किसानों को पराली निष्पादन के दूसरे विकल्पों के बारे में बताया जाए, जिससे वे पराली जलाने की ओर प्रवृत्त ही न हों। कृषि उत्पादन आयुक्त ने दिया प्रेजेंटेशन कृषि एवं संबद्ध सेक्टर्स सत्र का संचालन कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक वर्णवाल ने किया और प्रेजेंटेशन दिया। इस सत्र में प्राकृतिक खेती के प्रचार, जलवायु अनुकूल फसलों, उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, उत्पादकता केंद्रित क्लस्टर, सूक्ष्म सिंचाई, मत्स्य पालन के लिए केज कल्चर और सेलेक्टिव ब्रीडिंग, फसल अवशेष प्रबंधन, खाद एवं बीज व्यवस्था, सोयाबीन के लिए भावांतर भुगतान योजना, दुग्ध उत्पादन और गौशाला प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त  वर्णवाल ने फसल अवशेष प्रबंधन (पराली निष्पादन नियंत्रण) को सरकार की विशेष प्राथमिकता बताते हुए इस प्रयोजन के लिए कलेक्टर्स को गांव-गांव कृषक संगोष्ठियों के आयोजन और हैप्पी सीडर, सुपर सीडर एवं बेलर जैसे उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने कहा कि जिलों में स्वीकृत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। सत्र में रबी 2025-26 के लिए उर्वरक व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। सत्र में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं सहकारिता (मत्स्योद्योग) विभाग के सचिवों ने भी अपनी विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। पांच जिलों में हो रहा कृषि एवं उद्यानिकी पर बेहतरीन काम सत्र में प्रदेश के 5 जिलों के कलेक्टर्स ने अपने-अपने जिलों में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया। गुना कलेक्टर ने गुलाब क्लस्टर डेवलपमेंट के बारे में बताया। हरदा कलेक्टर ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रोत्साहन किए गए प्रयासों की जानकारी दी। शाजापुर कलेक्टर ने खाद वितरण के लिए टोकन प्रणाली विकसित करने के बारे में बताया। श्योपुर कलेक्टर ने फसल अवशेष प्रबंधन (पराली निष्पादन नियंत्रण) की बेहतर व्यवस्था की जानकारी दी। खंडवा कलेक्टर ने जिले में सफलतापूर्वक गौशाला संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस के पहले सत्र के अंत में जिलों के कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स ने प्रदेश की कृषि उत्पादन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सुझाव भी दिए। 

प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत अभियान को मध्यप्रदेश दे रहा मजबूती: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत अभियान को सफल बना रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले में 60 करोड़ के निर्माण कार्यों का वर्चुअली किया लोकार्पण और शिलान्यास भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नशामुक्त भारत अभियान के माध्यम से लोगों को नशे से दूर करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प को सफल बनाने के लिए मध्यप्रदेश में नशामुक्ति अभियान का क्रियान्वयन हो रहा है। प्रदेश के 19 धार्मिक नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मदिरा की दुकानों और बार का संचालन प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक जनजीवन में बाधा बनने वाले शराब दुकानों के अहाते बन्द कर दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश नशामुक्त भारत अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास से बड़वानी में जिले 60 करोड़ रुपये की लागत के निर्माण कार्यों का वर्चुयली उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 23 करोड़ लागत के दो विकास कार्य शामिल हैं। ग्राम पाटी में गोई नदी पर 19 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुल और पाटी में 4 करोड़ की लागत से जनजातीय सीनियर उत्कृष्ट बालक छात्रावास का निर्माण हुआ है। साथ ही 37 करोड़ की लागत से सिलावाद-पाटी मार्ग के उन्नयन सहित 7 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवपंथ सत्संग मेला बड़वानी के जनजातीय समुदाय का प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो गुरु शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक जागरुकता को बढ़ाने का प्रतीक है। शिवपंथ समुदाय की सहभागिता से नशामुक्ति और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। यह समुदाय प्रकृति का संरक्षण भी है। युवाओं और महिलाओं को जोड़कर जनजातीय क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान संचालित है जिसमें मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र के कई गुरुजन सत्संग और नशामुक्ति शिविर के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार और समाज की सहभागिता से ऐसे कार्य भी संभव हो जाते हैं जिन्हें असंभव माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सार्थक जीवन के लिए तैयार करने में यह अभियान महत्वपूर्ण है। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सुरेखानंद जी महाराज और पहाड़ सिंह बापुजी सहित संतजन का अभिवादन किया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल और श्री सुमेर सिंह सोलंकी के अलावा जनजातीय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अंतरसिंह आर्य, श्री अजय यादव, श्री प्रेम सिंह पटेल आदि उपस्थित थे।  

करवा चौथ से पहले सोने-चांदी के दामों में आग, जानिए आज का गोल्ड और सिल्वर रेट

मुंबई  करवा चौथ (Karwa Chauth) के महापर्व से पहले सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का दौर लगातार जारी है. 7 अक्टूबर (मंगलवार) को यूपी की राजधानी लखनऊ से लेकर मेरठ तक सोने की चमक बढ़ी है. लखनऊ में आज सोना 1045 रुपए प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है. वहीं, वाराणसी और मेरठ में भी सोने के भाव जबरदस्त बढ़े हैं. चांदी की कीमत में भी आज 1000 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी देखी गई है. वाराणसी (Varanasi) के सर्राफा बाजार में 7 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1150 रुपए प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,22,070 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई. वहीं, 6 अक्टूबर को इसका भाव 1,20,920 रुपए प्रति 10 ग्राम था. इसके अलावा आज लखनऊ में सोना 1045 रुपए के उछाल के बाद 1,23,670 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया. मेरठ में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,23,680 रुपए प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट गोल्ड का भाव भी बढ़ा मंगलवार को वाराणसी के सर्राफा बाजार में 22 कैरेट सोने की कीमत 1150 रुपए प्रति 10 ग्राम की बड़ी तेजी आई, जिसके बाद इसकी कीमत 1,12,000 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई. इसके पहले 6 अक्टूबर को इसकी कीमत 1,10,850 रुपए प्रति 10 ग्राम थी. वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत आज 940 रुपए उछलकर 91,670 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई. चांदी ने फिर बनाया रिकॉर्ड 7 अक्टूबर को चांदी की कीमत ने फिर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. सर्राफा बाजार खुलते ही मंगलवार को चांदी की कीमत में 1000 रुपए प्रति किलो की तेजी आई, जिसके बाद उसका भाव 1,57,000 रुपए प्रति किलो हो गया. इसके पहले 6 अक्टूबर को इसकी कीमत 1,56,000 रुपए प्रति किलो थी.  अभी जारी रहेगी तेजी वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री रवि सर्राफ ने बताया कि बीते कुछ दिनों से सोने-चांदी की कीमत लगातार बढ़ रही है. बाजार के ट्रेंड को देखकर उम्मीद है कि आगे भी इसकी कीमतों में तेजी का दौर बना रहेगा.  

कोयला खदान हादसा: जोरदार विस्फोट में 10 घायल, 2 गंभीर रूप से घायल

 सरगुजा छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के चिरमिरी ओपन कास्ट कोयला खदान में ब्लास्ट होने से 10 लोग मलबे में दब गए। जो लोग दबे हैं उनमें से 4 ठेका मजदूर हैं जबकि वहीं 6 एसईसीएल के कर्मचारी हैं। घायल मजदूरों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। मामला चिरमिरी थाना क्षेत्र का है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि मौके पर मौजूद बारूद वाहन और एक दूसरी गाड़ी पूरी तरह से डैमेज हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब खदान में बारूद भरा जा रहा था। हादसे में घायल सभी मजदूरों को गोदरीपारा के रीजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में दो महिला मजदूर भी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही चिरमिरी नगर निगम के महापौर राम नरेश राय और एसईसीएल के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि कोयला खदान में बारूद भरने समय बारुद में अचानक विस्फोट हो गया जिस कारण से वहां काम कर रहे मजदूर मिट्टी और पत्थरों के मलबे के नीचे दब गए। ब्लास्ट के बाद ओपन कास्ट माइंस के कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आ रही है।

यूपी के चंदौली में बाढ़ का संकट, घरों को नुकसान और फसलें पूरी तरह बर्बाद

चंदौली उत्तर प्रदेश के चंदौली और आसपास के इलाकों में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही भारी बारिश और डैम से छोड़े गए पानी ने 'जल प्रलय' जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. जिले की सड़कें डूब गई हैं, कच्चे मकान धराशाई हो रहे हैं और 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली में सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है. लोग त्राहिमाम कर रहे हैं.  सड़कें जलमग्न, खेतों में डूबी धान की फसल चंदौली में लगातार बारिश से मिर्जापुर के जलाशय लबालब भर गए, जिससे उनका पानी रिलीज किया गया. यह पानी पहाड़ी नदियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में पहुंच गया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर से चकिया जाने वाली स्टेट हाईवे पर शिवनाथपुर गांव के पास डेढ़ से 2 फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को जोखिम उठाकर सड़क पार करनी पड़ रही है. ग्रामीणों ने बताया कि डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से हजारों बीघा धान की फसल डूब गई है और यदि पानी जल्द नहीं निकला तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी.  नियमताबाद में कच्चे मकान धराशाई लगातार बारिश और डैम के पानी से केवल खेत और सड़कें ही नहीं डूबी हैं, बल्कि आबादी के इलाके भी प्रभावित हुए हैं. नियमितबाद ब्लॉक के चंदाईत गांव में जलजमाव की वजह से कच्चे मकान धराशाई हो रहे हैं. गोपाल मौर्य का कच्चा मकान रात में अचानक भरभराकर गिर गया. राहत की बात रही कि परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, लेकिन एक कमरे में बंधी दो गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं. गोपाल मौर्य के भाई ओमप्रकाश ने बताया कि उनका खाने-पीने का सामान भी बर्बाद हो गया है. देखें ग्राउंड के हालात-  स्कूल-पंचायत भवन में भी भरा पानी चंदौली के हालात इतने गंभीर हैं कि गांव के सरकारी भवन भी सुरक्षित नहीं हैं. चंदाईत गांव में प्राइमरी स्कूल हो या पंचायत भवन, हर जगह पानी ही पानी भरा है. सुनील कुमार मौर्य ने बताया कि गांव के स्कूल में भी पानी भर गया है, जिसके चलते बच्चों के पठन-पाठन में भी समस्या आ रही है. स्थानीय निवासी रब्बु खान के मुताबिक, बारिश और पानी की वजह से गांव के 8 से 10 घर गिर गए हैं. प्रभावित ग्रामीण त्राहिमाम कर रहे हैं. 

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मौत: पहाड़ी कोरवा युवक की सड़क हादसे में मौत, परिजनों ने किया सड़क जाम

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था सामने आई है, जहां सड़क हादसे में घायल पहाड़ी कोरवा समाज के युवक को इलाज के लिए रायपुर ले जाने समय पर एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके चलते युवक की मौत हो गई. मृतक के परिजनों ने कहा, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 20 घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आई, जिससे समय पर इलाज नहीं मिलने से युवक की मौत हो गई. मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पुलिस चौकी के सामने शव रखकर चक्काजाम कर दिया है. उनकी मांग है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मुआवजा दी जाए. कांग्रेस ने मृतक परिवार का समर्थन किया है. जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के ग्राम ककना के मदेश्वरपुर के रहने वाले 34 वर्षीय गुड्डू कोरवा 4 अक्टूबर को बजल साय के साथ ग्राम घटगांव गया हुआ था. घटगांव से वापस लौटते समय उनकी बाइक ग्राम सिधमा के पास मिट्टी मुरुम के ढेर में चढ़ गई और दोनों सड़क पर गिर गए. हादसे में गुड्डू कोरवा के सिर में गंभीर चोटें आईं थी. उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे रायपुर रेफर किया, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं मिल सकी। परिजनों का आरोप – प्रोटोकॉल का हवाला देकर नहीं दी एंबुलेंस परिजनों का आरोप है कि अधिकारी ने राज्यपाल रमेन डेका के प्रोटोकॉल का हवाला देकर उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया। पहाड़ी कोरवा परिवार के परिजनों ने सांसद चिंतामणि महाराज एवं मंत्री राजेश अग्रवाल को भी फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सका। 26 घंटे बाद घायल को सोमवार शाम रायपुर के लिए भेजा गया है. तब तक युवक की हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई थी. रात करीब 10.30 बजे मरीज को रायपुर हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

राजस्थान से यूपी तक फैला ब्लैकमेलिंग का जाल, पुलिस ने झालावाड़ से गिरफ्तार किया गैंग , 3 लग्जरी कारें जब्त

  जयपुर झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े संगठित अपराध रैकेट का पर्दाफाश करते हुए हेमराज सुमन हिस्ट्रीशीटर द्वारा संचालित गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह गैंग पिछले 10 वर्षों से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश राज्यों में सक्रिय थी और धोखाधड़ी, वाहनों की चोरी और खुर्द-बुर्द करने के साथ-साथ हनीट्रैप के जरिए व्यापारियों को ब्लैकमेल करने में संलिप्त थी। पुलिस ने इस गिरोह के तीन और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग दो मुख्य तरीकों से वारदातों को अंजाम देती थी: 1. ट्रेक्टर खुर्द-बुर्द: गैंग के सदस्य गरीब व्यक्तियों को झांसे में फंसाकर उनकी जमीन पर लोन/फाइनेंस करवाकर नए ट्रेक्टर उठवाते थे। इसके बाद वे ट्रेक्टरों को खुर्द-बुर्द करके झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाते थे और बीमा कंपनी से क्लेम की राशि हड़प लेते थे। अवैध बेचान के लिए फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी भी तैयार की जाती थी। 2. हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग: गैंग में 10 से अधिक महिला सदस्य शामिल थीं। ये महिलाएं कारोबारी और व्यापारी वर्ग के लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। गैंग के सदस्य, जिनमें कुछ पुलिस की वर्दी में भी होते थे, फिर झूठे बलात्कार, छेड़छाड़ के मुकदमे दर्ज करवाने या धमकी देकर लोगों से लाखों रुपये की मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस का शिकंजा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर संगठित अपराधों में सक्रिय हेमराज सुमन गैंग के कुल 13 सदस्यों को पहले गिरफ्तार किया गया था। उनसे गहन पूछताछ के बाद वाहन खुर्द-बुर्द की वारदातों में शामिल तीन इनामी अभियुक्तों सुनील माली (25) निवासी सारोला, गोलू बंजारा (23) निवासी सांगोद और प्रदीप धाकड (32) निवासी तेजगढ़ थाना सदर बारां को रविवार 05 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इन अभियुक्तों की निशानदेही पर 3 लग्जरी कारें (स्विफ्ट और आई-20) भी जब्त की गई हैं। इस मामले में अब तक कुल 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें गैंग लीडर हेमराज सुमन और मुख्य महिला आरोपी सीमा मीणा शामिल हैं। गैंग की संलिप्तता को देखते हुए गहन जांच के लिए एक एस.आई.टी. विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जाँच में यह भी पुष्टि हुई है कि गैंग ने अवैध आय से कई स्थानों पर सम्पत्ति खरीदने और अन्य धंधों में निवेश करने का काम भी किया है। गैंग की 10 महिला सदस्य सीमा शर्मा उर्फ सीमा मीणा निवासी बारां हाल अकलेरा, सीमा राजपूत निवासी मध्य प्रदेश, हेमलता मीणा निवासी कोटा शहर, भूरी बाई उर्फ सुनीता निवासी झालावाड़ हाल मध्य प्रदेश, मुस्कान राजपूत निवासी इंदौर मध्य प्रदेश हाल सारोला, संध्या उर्फ गोलू वाल्मीकि निवासी इंदौर मध्य प्रदेश लीलाबाई भील निवासी मध्य प्रदेश और मनीषा ढोली, छोटी बाई माली और लाड बाई माली निवासी सारोला जिला झालावाड़ पूर्व में अलग-अलग थानों (कोटा, बारां, खानपुर) में हनीट्रैप के मामलों में गिरफ्तार हो चुकी हैं, जिससे गैंग के बड़े और संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

NSUI शहर अध्यक्ष समेत 5 गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस लिख रही अपराध की पटकथा : उपमुख्यमंत्री शर्मा

जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने 5 लोगों को डकैती के प्रयास मामले में गिरफ्तार किया. आरोपियों में एनएसयूआई का शहर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर भी शामिल है. इनके पास से एक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किया गया है. इस मामले पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जांजगीर ही नहीं, जहां भी अपराध हुए हैं, कांग्रेस की संलिप्तता मिली है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एक विधायक का रेत माफिया से वसूली का ऑडियो वायरल हुआ. एक विधायक बलौदाबाजार आगजनी कांड में सहभागी रहे. एक विधायक शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अपराध की पटकथा लिख रही है. क्या है पूरा मामला ? दरअसल, घटना 5 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे की है. पेंड्री रोड के श्याम सुपर मार्किट निवासी राहुल अग्रवाल ने रविवार रात दूकान का शटर तोड़ने की आवाज सुनी. वह अपने पिता के साथ बाहर आने पर देखा की तीन नकाबपोश युवक शटर तोड़ने की कोशिश कर रहे थे. शोर मचाने पर वह तीनों भागने की कोशिश करने लगे. इसकी सूचना पुलिस को दी गई. सूचना मिलने पर पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी गश्त पर निकली. कुछ दूर पर ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया. तलाशी लेने पर उनके पास से पिस्टल और पांच जिन्दा कारतूस, दो लोहे के सब्बल और बाइक बरामद किया गया. जांजगीर नगर पुलिस अक्षीक्षक योगिता खापर्डे ने बताया कि पुलिस ने मनीष कुमार बनवा, चैतन्य दिनकर, हितेश दिनकर, जितेंद्र दिनकर और तरुण सूर्यबंशी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के हत्थे चढ़े जितेंद्र दिनकर जांजगीर एनएसयूआई नगर अध्यक्ष है. पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र दिनकर से पिस्टल की खरीदी की है और कारतूस भी उपलब्ध कराया है. इस मामले मे धारा 331(4), 305(a), 310(4), 3(5), 312, 296, 351 BNS आर्म्स एक्ट 25 के तहत कार्रवाई की है और न्यायिक हिरासत मे भेज दिया है.

बस्तर दशहरा का रंगारंग समापन, मावली माता को देखने उमड़ी लोगों की भीड़

 जगदलपुर 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आज पारंपरिक विधि-विधान से समापन हुआ। अंतिम रस्म के रूप में मावली माता की डोली विदाई का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर के गीदम रोड स्थित जिया डेरा मंदिर में मावली माता की पूजा-अर्चना माटी पुजारी और बस्तर राजपरिवार के सदस्य राजकुमार कमलचंद भंजदेव की मौजूदगी में हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और ढोल नगाड़ों की थाप पर माता की डोली को विदाई दी। शहर में निकाली गई विशाल कलश यात्रा ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। परंपरा के अनुसार, कालांतर से बस्तर के राजा अन्नम देव स्वयं राजमहल से करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर माता की डोली को विदा करने पहुंचते थे। आज भी वही परंपरा निभाई जाती है, जो बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता और विरासत का प्रतीक है। डोली को रवाना करने से पहले बंदूक की सलामी दी गई और जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखों में विदाई की नमी और भक्ति का भाव साफ झलक रहा था। चार दिनों तक मावली माता के दर्शन करने दंतेश्वरी मंदिर में उमड़ी भीड़ मावली माता की डोली को परंपरा के तहत दंतेवाड़ा के लिए रवाना किया गया। इससे पहले मावली परघाव रस्म के दौरान माता की डोली को चार दिनों तक माई दंतेश्वरी मंदिर परिसर में रखा गया था, जहां भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ती रही। आज इस डोली विदाई के साथ ही 75 दिनों तक चला यह लोकोत्सव विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर बस्तर की परंपराओं, आस्था और जनसहभागिता की अनूठी झलक पूरे देश को दिखाई।

18,215 वाहनों का चालान किया गया, अपर पुलिस महानिदेशक से लेकर थाना प्रभारियों ने की फुट पैट्रोलिंग

योगी सरकार की यूपी पुलिस ने साढ़े आठ लाख वाहनों को किया चेक, 9 हजार से अधिक वाहनों से हटाई काली फिल्म 22 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहनों की चेकिंग की 18,215 वाहनों का चालान किया गया, अपर पुलिस महानिदेशक से लेकर थाना प्रभारियों ने की फुट पैट्रोलिंग  लखनऊ योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए गाड़ियों की काली फिल्म हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। यह अभियान 22 सितंबर से प्रदेशभर में चलाया गया, जो वर्तमान में भी चल रहा है। वहीं 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक साढ़े आठ लाख से अधिक वाहनों की चेकिंग की गयी। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, उप महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ फुट पैट्रोलिंग की गयी।  2,817 हूटर और 1,087 बत्तियां वाहनों से हटाई गईं मिशन शक्ति 5.0 अभियान की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा सड़क पर गाड़ियों की जांच की गयी। इस दौरान गाड़ियों की काली फिल्म को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इस दौरान 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 8,50,182 वाहनों की चेकिंग की गयी। अब तक 9,488 काली फिल्में हटाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 2,817 हूटर और 1,087 बत्तियां भी हटाई गई हैं। यह कदम सड़क पर अपराधों को रोकने और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही, गलत स्थान पर पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ 18,215 चालान भी किए गए हैं, ताकि ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से वाहन पर शासकीय और जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है और 14,504 ऐसे मामले सामने आए हैं। अभियान के दौरान 3,38,305 व्यक्तियों को चेतावनी दी गयी।  263 स्टंटबाजों को किया गया गिरफ्तार एडीजी ने बताया कि वाहन नियमों का उल्लंघन करने पर 1,93,829 वाहनों का चालान किया गया है, जबकि 3,654 वाहनों को सीज भी किया गया है। कुल 251 पंजीकृत अभियोगों के साथ-साथ 450 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अलावा स्टंटबाजों के लिखाफ भी कड़ी कार्रवाई की गयी। इस दौरान 55,832 स्थानों की 21,324 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 5,26,184 वाहनों की चेकिंग की गयी। अभियान के दौरान 770 स्टंटबाजी के मुकदमे दर्ज किये गये जबकि 263 स्टंटबाजों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही 31,609 वाहनों का चालान और 1,388 वाहनों को सीज किया गया। वहीं, मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पुलिस विभाग द्वारा फुट पैट्रोलिंग भी की गयी ताकि सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल से पुलिस विभाग ने महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए अपनी तैनाती सुनिश्चित की है। प्रदेश के 57,265 स्थानों पर फुट पैट्रोलिंग की गयी। इसमें अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, उप महानिरीक्षक द्वारा 239 स्थानों, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक द्वारा 1,670 स्थानों, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी द्वारा 9,616 और थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ 45,837 स्थानों पर फुट पैट्रोलिंग की गयी। फुट पैट्रोलिंग के दौरान 7,44,482 व्यक्तियों की चेकिंग की गयी जबकि पीआरवी द्वारा 52,039 स्थानों की पैट्रोलिंग की गयी।