Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

कृषि मंत्री नेताम का बयान – सम्मेलन के सुझावों के आधार पर नीतियों में होगा सुधार

रायपुर : राष्ट्रीय सम्मेलन के सुझाव पर क्रियान्वयन करेगी राज्य सरकार: कृषि मंत्री  नेताम इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में वन हेल्थ सिनर्जी (एक स्वास्थ्य तालमेल) को मज़बूत करना- ’अंतर-क्षेत्रीय नवाचार और एकीकरण के माध्यम से एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध) का मुकाबला’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। दुर्ग के पृथ्वी पैलेस पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में आयोजित है। कृषि मंत्री  नेताम व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं  ललित चंद्राकर और जिला पंचायत की अध्यक्ष मती सरस्वती बंजारे उपस्थित थे।  समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि यह दो दिवसीय सम्मेलन पशु एवं मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्य जीवों के बीच बहुक्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। जिसका उद्देश्य वन हेल्थ फ्रेमवर्क के अंतर्गत एन्टीमाइक्रोबियल रेसिसटेंस (एएमआर) की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निराकरण करना है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि इस सम्मेलन में दिए गए सुझाव को केन्द्र व राज्य सरकार को अवगत कराएं। ताकि इसका क्रियान्यन सरकार द्वारा और बेहतर ढ़ंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय के साथ दवाईयों पर अनुसंधान भी बढ़े है। इनके उपयोग पर मानव आज उलझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग हेतु बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना आज भी एक चुनौती है।  कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से पशु पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही कृषि के मामले में जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे आना चाहिए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे जैविक खेती को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और वैज्ञानिक तकनीको को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करें। कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण के लिए कृषि एवं पशुपालन विभाग के माध्यम से किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने दुर्ग ग्रामीण विधायक  चंद्राकर की मांग पर कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा की। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय की स्मारिका, सोवेनियर बकरी प्रशिक्षण कैलेण्डर 2026 का विमोचन किया। सांसद  विजय बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में दुर्ग में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सम्मेलन के दौरान विषय विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का सुझाव शासन को प्रेषित किया जाए, जिससे राज्य के नीति निर्धारण में इन सुझावों को समावेशित किया जा सके।  दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर और विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। कामधेनु विश्वविद्यालय के प्रभारी डीन डॉ. संजय शाक्य अपने स्वागत उद्बोधन में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।  इस अवसर पर भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक, कार्यपालन निर्देशक एवं एम्स रायपुर के सीईओ लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति लुआस, हिसार (हरियाणा) डॉ. विनोद कुमार वर्मा, निर्देशक एनआईओएच नागपुर डॉ. प्रज्ञा यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ. जी. मणि, अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसिएशन डॉ. सुधिर कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं निर्देशक शिक्षक उपस्थित थे।

योगी बोले- यूपी आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम

यूपी को वैश्विक फूड बास्केट बनाना हमारा संकल्प : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री  योगी बोले- यूपी आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम  2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य, कृषि सेक्टर की अहम भूमिका  – ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर उपकरण का सीएम ने किया लोकार्पण – यूपी अकेले करता है भारत का 21% खाद्यान उत्पादन : सीएम योगी – 8 हजार साल पुराना है यूपी में धान की खेती का इतिहास : मुख्यमंत्री  – यूपी के पास 80% भूमि सिंचित : सीएम योगी – लखनऊ में बनेगा 250 एकड़ में सीड पार्क : मुख्यमंत्री – काला नमक चावल को भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विश्व स्तर पर बढ़ावा : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक फूड बास्केट के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तकनीक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तो प्रदेश आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरी (IRRI) और सीआईपी (CIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिव और नंदी करते हैं उन्नत खेती के लिए प्रेरित योगी आदित्यनाथ ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विश्वनाथ की नगरी और उनके सहयोगी वृषभ हमें उन्नत खेती की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि "अन्नं बहु कुर्वीत तद् व्रतम्" की परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा संकल्प है। उर्वरता, सिंचाई और धूप हैं भारतीय कृषि की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी कृषि के लिए उर्वरता, सिंचाई और पर्याप्त धूप सबसे आवश्यक हैं और इन तीनों दृष्टियों से भारत अत्यंत संपन्न है। देश के पास 17 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 60 फीसदी भूमि सिंचित है। यूपी तो अकेले देश का 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। कृषि में हुए हैं क्रांतिकारी बदलाव योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 सालों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, कृषि बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लागत से डेढ़ गुना एमएसपी और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास 11 फीसदी भूभाग और 17 फीसदी जनसंख्या है, लेकिन यह अकेला राज्य 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी है। कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान यूपी के पास राज्य सरकार के चार, केंद्र सरकार के दो और एक निजी कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहायता दे रहे हैं। 2018 में वाराणसी में ईरी का दक्षिण एशिया केंद्र खुलने के बाद धान की विभिन्न वैरायटी पर रिसर्च जारी है। काला नमक चावल और ऐतिहासिक खेती मुख्यमंत्री ने कहा कि काला नमक चावल भगवान बुद्ध द्वारा तीन हजार साल पहले दिया गया था। इसे हम भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में पूरी दुनिया में बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में धान की खेती का 8 हजार साल पुराना इतिहास है। तंजावुर और रामनाथपुरम के शिलालेखों में प्राचीन भारत की उन्नत खेती के प्रमाण मिलते हैं। खाद्यान उत्पादन में हुई है पांच गुना वृद्धि आजादी के बाद यूपी में 11.77 मिलियन टन खाद्यान का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 60 ट्रिलियन टन हो गया है। रकबा भी 170 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 240 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है।  सीड पार्क और नई पहल की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में सीड पार्क स्थापित किया जाएगा। यहां से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बेहतर बीज किसानों को  उपलब्ध कराए जाएंगे। डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आगरा में जल्द ही इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर स्थापित होगा। ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का सीएम ने किया लोकार्पण कॉनक्लेव में आईआरआरआई और जेएनवीवी द्वारा विकसित बैट्री संचालित ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई, जीरो टिलेज गेहूं और समृद्धि धान नेटवर्क पर आधारित प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। लैब टू लैंड मॉडल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वैज्ञानिक अब केवल लैब तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर रिसर्च का डेमॉन्स्ट्रेशन करेंगे ताकि किसानों तक नई तकनीक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 लाख हेक्टेयर में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है। दलहन और तिलहन के लिए भी यहां व्यापक भूमि है। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार, डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक, श्रीलंका के कृषि सचिव डीबी विक्रमसिंघे, डायरेक्टर आईएसएआरसी डॉ सुधांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

ग्राम पंचायत सचिवालय से निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की हो व्यवस्थाः मुख्यमंत्री

सरकारी जमीनों से तत्काल प्रभाव से हटवाएं अवैध कब्जेः सीएम योगी सीएम ने प्रशासन को दिया निर्देश- गरीबों की जमीन कोई कब्जा न करने पाए ग्राम पंचायत सचिवालय से निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की हो व्यवस्थाः मुख्यमंत्री सीएम ने शहर के अंदर अच्छी सड़क, समुचित साफ सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था सही करने को कहा, बोले- इससे लोगों को अलग आनंद की हो अनुभूति हो मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर योजना की बेहतर प्रगति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही अधिक से अधिक सोलर पैनल इंस्टॉल कराए जाने पर दिया जोर दीपावली एवं देव दीपावली के दृष्टिगत घाटों के साथ ही गलियों एवं सड़कों की साफ सफाई हो सुनिश्चितः सीएम योगी  सीएम योगी ने दालमंडी सड़क निर्माण कार्य को मिशन मोड में कराए जाने पर दिया विशेष जोर सीएम योगी ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश  वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति जानी और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व वादों पर लगातार ध्यान देते हुए सरकारी जमीनों से तत्काल अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों से यह भी कहा कि गरीबों की जमीन कोई भी कब्जा न करने पाए। सीएम ने ग्राम पंचायत सचिवालय में सभी आवश्यक कार्यों के निष्पादन समेत निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र वहीं से जारी करने को निर्देशित किया। अधिक से अधिक कल्याण मंडपम के निर्माण पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम के जोनल कार्यालयों में भी सभी सुविधाएं उपलब्ध हों, लोगों को अनावश्यक न दौड़ाया जाए। आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण हो एवं इसकी रैंडम चेकिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीएम ने मौके पर जाने व फीडबैक लेने का भी निर्देश दिया। बोले-कोई भी शिकायत डिफॉल्टर न हो। सीएम ने कहा कि अधिक से अधिक कल्याण मंडपम का निर्माण कराएं। जनप्रतिनिधियों से भी आवश्यक सहयोग लें। इसे कमजोर एवं गरीब परिवारों की बेटियों की शादी एवं अन्य कार्यक्रम के उपयोग में लाया जा सके। बाहरी वार्डों एवं मलिन बस्तियों के विकास कार्य तेजी से कराए जाएं। सीएम ने शहर के अंदर अच्छी सड़क, उचित साफ सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था बेहतर करने को कहा, ताकि लोगों को अलग आनंद की अनुभूति हो। सीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने को कहा।  सोशल मीडिया पर लगातार रखी जाए नजर, अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटें  मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लगातार नजर रखी जाए और अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। किसी भी घटना एवं शिकायत पर प्रशासन, पुलिस या संबंधित विभाग का क्विक रिस्पॉन्स होना चाहिए। उन्होंने पब्लिक से लगातार संवाद कायम करने और बॉर्डर पर सतर्कता-सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखने का का निर्देश दिया। बोले कि अपराधियों एवं गौ तस्करों पर कड़ी नजर रखें तथा ऐसे लोगो पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो। सुरक्षा के दृष्टिगत अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाने को भी सीएम ने निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त तथा जिलाधिकारी को जीएसटी विभाग की मासिक समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पर्व एवं त्योहार मे विशेष सतर्कता बरती जाए। पुलिस बल हर जगह मौजूद रहे। उन्होंने जनपद में गतिमान विकास के कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से तय समयसीमा में पूरा कराने को कहा।  गंगा महोत्सव व देव दीपावली का हो अविस्मरणीय आयोजन  मुख्यमंत्री ने गंगा महोत्सव एवं देव दीपावली को बेहतर तरीके से किए जाने के लिए ठोस तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बोले कि यह आयोजन अविस्मरणीय होना चाहिए। फ्रेट विलेज परियोजना में आ रही बाधा का तत्काल निस्तारण कराकर परियोजना में तेजी लाए जाने का भी निर्देश दिया। पीएम सूर्य घर योजना की बेहतर प्रगति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही अधिक से अधिक सोलर पैनल इंस्टॉल कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने वरुणा एवं अस्सी नदी के समुचित साफ सफाई के साथ ही इनके पुनरोद्धार के कार्य पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। दीपावली एवं देव दीपावली के दृष्टिगत घाटों, गलियों एवं सड़को की साफ सफाई सुनिश्चित करने पर भी उनका जोर रहा। दालमंडी सड़क निर्माण कार्य को मिशन मोड में कराए जाने के लिए कहा। त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजार में ट्रैफिक, सिविल पुलिस के साथ होमगार्ड्स की ड्यूटी एवं फूट पेट्रोलिंग कराई जाय। मुख्यमंत्री ने सभी वार्डों में सड़कों, गलियों, सीवर के साथ ही यूरिनल एवं टॉयलेट की नियमित रूप से साफ सफाई सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश नगर निगम को दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए केयर टेकर की जिम्मेदारी तय करें।  आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, एडीजी व डीएम ने सीएम को दी जानकारी मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को देव दीपावली की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जनपद की कानून व्यवस्था, प्रदेश में जनपद की रैंक, गौ-तस्करों पर कार्रवाई,  साइबर क्राइम, ऑपरेशन कनविक्शन, मिशन शक्ति 5.0 के दौरान हो रहे कार्यों की जानकारी दी। एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने जोन के सभी 9 जनपदों में मिशन शक्ति 5.0, गोतस्करों- अवैध शराब पर करवाई, ई-साक्ष्य की व्यवस्था, ऑपरेशन त्रिनेत्र, फूट पेट्रोलिंग, पैदल गश्त, जनसुनवाई आदि की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनपद में निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी दी और बताया कि वर्तमान में लगभग 18 हजार करोड़ के कुल 128 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इसमें निर्माणाधीन रिंग रोड फेज दो के कार्यों को जून 2026 तक पूरा करा लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन पांडेयपुर मेडिकल कॉलेज के कार्यों में मैनपॉवर बढ़ाकर प्रगति लाने का निर्देश दिया।  बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. सुनील पटेल, त्रिभुवन राम के साथ ही आलाधिकारी भी मौजूद रहे।

असाध्य कैंसर से लड़ रहे बुजुर्ग को सिम्स चिकित्सकों ने दी जीवन की नई आशा

कैंसर के चौथे स्टेज पर था बुजुर्ग सिम्स के चिकित्सकों ने दिया नया जीवन बिलासपुर डराने के लिए कैंसर का नाम ही काफी है शुरूआती अवस्था में कोई तकलीफ दर्द नहीं होने के कारण बिलासपुर निवासी मरीज इसे नजरअंदाज या लापरवाही के चलते ध्यान नहीं देता है, परन्तु जब तक कुछ तकलीफ हो तब तक मरीज का कैंसर बहुत आगे की चरण तक पहुंच चुका होता है तब यह जानलेवा और खतरनाक भी हो जाता है। कुछ ऐसी परिस्थिति से संघर्ष करते हुए बिलासपुर निवासी मरीज लक्ष्मण 61 वर्षीय मुंह में कैंसर के ग्रसित सिम्स के दंत चिकित्सा विभाग में इलाज के लिए पहुंचा। तंबाकू के कई वर्षों का सेवन करने से उसके मुंह में कैंसर हो गया था, लेकिन सिम्स के दंत चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने जटिल इलाज व सर्जरी से मरीज की जान बचाने के सफल हुए है। चूंकि उम्र अधिक होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है। इस स्थिति में इलाज करना चुनौती पूर्ण हो जाता है।     मरीज का कैंसर इतना बढ़ गया था, कि गले में उपस्थित लिंफ नोड में सूजन काफी बड़ा हो गया था। जिसका साइज 7×6 सेमी बढ़ गया था। जांच में पाया गया की कैंसर की अंतिम स्टेज से ग्रसित होने की पुष्टि हो गई। दंत चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने सर्जरी का निर्णय लिया, इलाज के लिए आवश्यक खून जांच एक्स-रे और सिटी स्केन कराकर सुनियोजित तरीके से 7-8 घंटे की जटिल सर्जरी कर पूरा किया गया। इस सर्जरी को तीन भागों में किया गया। इसमें कैंसर के साथ संक्रमित जबड़े के हिस्से को निकाला गया। कैंसर जो गर्दन में फैल गया था, उसको निकाला गया और अंत में कैंसर को निकालने के बाद खाली जगह पर छाती से मांस जिसे पीएमएमसी फ्लैप कहते हैं, का टुकड़ा निकालकर लगाकर सर्जरी पूरी की गई।      सर्जरी को डॉ. भूपेन्द्र कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. संदीप प्रकाश (ओरल एवं मैक्जिलोफेसियल सर्जन) विभागाध्यक्ष, डॉ. जण्डेल सिंह ठाकुर, डॉ. केतकी किनिकर, डॉ. हेमलता राजमणी, डॉ. प्रकाश खरे, डॉ. सोनल पटेल, के अलावा निश्चेतना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, एवं मेजर ओटी के अन्य चिकित्सक, स्टाफ, वार्ड बॉय तथा रेडियोडायग्नोसिस की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह एवं उनके अन्य स्टाफ सहित, सबके संगठित सहयोग से किया गया है। छ.ग. आयुर्विज्ञान सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन से दंत चिकित्सा विभाग कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। समय समय पर दंत चिकित्सा विभाग श्रेष्ठता साबित कर रहा है। पटेल/18/1764 –00–

जनसुनवाई कार्यक्रम का मंडल मुख्यालय में 6 अक्टूबर को किया गया शुभारंभ, महिला अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं

मिशन शक्ति 5.0  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद के पहले दिन 45 से अधिक महिलाओं ने साझा की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश से खिले चेहरे  सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए अायोजित किया जा रहा कार्यक्रम जनसुनवाई कार्यक्रम का मंडल मुख्यालय में 6 अक्टूबर को किया गया शुभारंभ, महिला अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं – मौके पर ही चार महिलाओं की समस्या का किया गया निस्तारण, तुरंत समस्या के निस्तारण से गदगद नजर आईं शिकायतकर्ता  – मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान किया तलब, तत्काल समस्या के निस्तारण के दिये निर्देश  – विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के लिए व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र  – मंडलायुक्त बोले, व्हाट्सएप पर भेजे गये सभी प्रार्थना पत्र को अधिकारी गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करें  लखनऊ/गोंडा  योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में साेमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”, संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंडल के चार जिलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) से आईं 45 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्या साझा की। मंडलायुक्त ने महिलाओं की समस्या सुनने के साथ कई मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिये। इतना ही नहीं अधिकारी महिलाओं की समस्या के निस्तारण के लिए खुद उनके द्वार पर जाएंगे क्योंकि कार्यक्रम में कई महिलाएं ऐसी आईं, जो अपनी समस्या की बेसिक चीजें बताने में असमर्थ थीं। संवाद कार्यक्रम में चार महिलाओं की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं।  मंडलायुक्त ने संवाद कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर फूड को किया तलब देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मंडल की विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर सोमवार को “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 6 अक्टूबर सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें मंडल के चार जिलों क्रमश: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती से 45 से अधिक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विस्तार से अपनी समस्याओं को बताया। इसमें भूमि विवाद, चकरोड मार्ग, राशन कार्ड, आवास समेत अन्य विभागीय मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रूप से सामने आए। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर जल्द से जल्द किया जाए। मंडलायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं काे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर फूड विजय प्रभा को तत्काल आफिस बुलाया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर फूड को निर्देशित किया कि राशन कार्ड से संबधित समस्याओं को दो से तीन दिन के अंदर निस्तारित करें और उन्हे सूचित करें।  महिला अधिकारियों को अपने बीच पा गदगद नजर आईं महिलाएं  महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई थी। यह डेस्क उन महिलाओं के लिए सहायक साबित हुई जो स्वयं प्रार्थना पत्र लिखने में असमर्थ थीं। हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को सुनकर उचित प्रारूप में आवेदन तैयार कराया और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पहल से महिलाओं को बड़ी राहत मिली और वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकीं। जनसुनवाई में नाजरीन, लक्ष्मी देवी, पूनम, सीमा, चंदा देवी, काजल, विनीता, राजकुमारी, मोनिका और उमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखकर त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई। महिला अधिकारी अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने जनसुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं भरोसेमंद बनाया। मंडलायुक्त के आदेश पर समस्या के निस्तारण को व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कई अधिकारियों को फोन पर ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे महिलाओं में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।  विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच मिल गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों के अधिकारियों के व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजे गये ताकि मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। इतना ही नहीं महिलाओं को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 को लेकर अपने सुझाव भी दिये।    

संगठनों का समर्थन सरकार के सुधार प्रयासों को मिल रहा बल

स्थितियों के सुधार के लिये किये जा रहे प्रयासों में सभी संगठन सरकार के साथ वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञों, इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स के सदस्यों-पदाधिकारियों के साथ औषधियों के उपयोग पर हुआ विमर्श केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें भोपाल  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राज्य कार्यालय में आहूत बैठक में वर्तमान परिस्थियों के परिपेक्ष्य में शिशुओ व बच्चों को चिकित्सकों द्वारा लिखे जा रहे तथा बाजार में उपलब्ध विभिन्न औषधियों विशेषकर संयोजन औषधियों (काम्बिनेशन मेडिसिन्स) के उपयोग में बरती जाने वाली सावधानियों केंद्र व राज्य सरकार तथा विभिन्न चिकित्सा संगठनो यथा इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के पालन के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों तथा शिशु रोग विशेषज्ञों ने प्रदेश में हुई बच्चों की दुखद मृत्यु पर दुख व्यक्त किया। शिशु रोग विशेषज्ञों ने कहा कि सरकार द्वारा स्थितियों के सुधार के किये जा रहे प्रयासो में सभी संगठन सरकार के साथ हैं। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने सभी सुझावो को ध्यान से सुनते हुए शासकीय दिशा निर्देशो में आवश्यकतानुसार उन्हे शामिल किये जाने की बात कही। उन्होने छिंदवाडा की घटना पर दुख व्यक्त करते हुये तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस घटना के सभी पहलुओ की जांच करवाई जा रही हैं और सभी दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। साथ ही उन्होने यह भी कहा कि केंद्रीय व राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशो का पालन करवाने में इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जैसे संस्थाओ की मदद से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सकता हैं। इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जैसे संस्थाओ में शामिल तकनीकी विशेषज्ञ सुदूर इलाकों में मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर इस तरह की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं। प्रमुख सचिव  संदीप यादव ने बताया कि छिदवाडा में बच्चों की दुखद मृत्यु के सभी कारणों का गहन परीक्षण करवाया गया है। इसमें भोज्य पदार्थो, पेय जल के साथ साथ विभिन्न औषधियों की जांचे शामिल हैं। जैसा कि बच्चो के रीनल बायोप्सी रिर्पोट से ज्ञात हुआ है कि बच्चो की मृत्यु एक्यूट टयूबुलर नेक्रोसिस के कारण हुये एक्यूट रीनल फेल्योर के कारण हुई है जो किसी रासायनिक टाक्सीसिटी की ओर इशारा करती हैं। इसके बावजूद बच्चों में किसी बैक्टीरियल-वायरल-अन्य संक्रमणों के कारण एक्यूट रीनल फेल्योर की आशंकाओ की भी विस्तृत जांच करवाई गई। घटना में यह पाया गया कि विषाक्त रसायन कफ सीरप में उपस्थित था जिसका विक्रय अपना मेडिकल स्टोर, स्टेशन रोड, परासिया द्वारा किया जा रहा था। यह मेडिकल स्टोर मती ज्योति सोनी के नाम पर पंजीकृत था। यह भी पाया गया कि मेडिकल स्टोर में औषधियों के विक्रय हेतु कोई पंजीकृत फार्मासिस्ट भी उपलब्ध नहीं था इससे स्पष्ट हैं कि बिना किसी औषधि भण्डारण व वितरण के जानकारी वाले तकनीकी व्यक्ति के स्थान पर अनाधिकृत व तकनीकी तौर पर इसके लिये अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा औषधियों का भण्डारण व वितरण किया जा रहा था। दोषी पाये जाने से इस मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर इसे सील कर दिया गया है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि यह पूरा परिसर डा प्रवीण सोनी के आधिपत्य में था तथा उनकी सहमति से यह अवैधानिक कार्य जारी था अत: उनके विरूद्ध भी विधिसम्मत कार्यवाही की जा रही हैं। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षो में जारी निर्देशो की वृहद जानकारी दी गयी। बताया गया कि भारत शासन के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय द्वारा दिसम्बर 2023 में क्लोरफेनरामीन मैलिएट 2 एमजी + फेनिलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड 5 एमजी के संयोजन औषधि (काम्बिनेशन मेडिसिन) को वर्ष 2023 में ही 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त्त भारत शासन के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय द्वारा अक्टूबर 2025 में पत्र जारी कर बच्चों में कफ सीरप के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह दी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा मलिक द्वारा चिंता व्यक्त करते हुये कहा गया कि औषधियों के काउंटर विक्रय को नियंत्रित किये जाने की आवश्यकता हैं। शिडयूल एच ड्रग केवल चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त किसी भी फार्मेसी में बनने वाली औषधियों के प्रत्येक बैच की जांच होनी आवश्यक है। डॉ. राकेश मिश्रा द्वारा 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चो में संयोजन औषधि (काम्बिनेशन मेडिसिन) के प्रतिबंध को पूर्ण तौर पर पालन करवाने पर बल दिया गया। इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ. महेश माहेश्वरी द्वारा जानकारी दी गई कि संयोजन औषधि (काम्बिनेशन मेडिसिन) और अन्य औषधियों के तर्कसंगत प्रयोग हेतु इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स की राष्ट्रीय एवं राज्य शाखा द्वारा पूर्व से ही निर्देश जारी किये जा चुके हैं। समय-समय पर आवश्यकतानुसार इनमें संशोधन किया जाता रहा हैं। इन्होने भरोसा दिलाया कि यदि शासन अपने दिशा निर्देशो में संशोधन हेतु तकनीकी सहायता चाहेगा तो इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स इसके लिये सहर्ष तैयार हैं। उन्होने इस हेतु केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा जारी सर्कुलर्स का समर्धन किया तथा इसके क्रियान्वयन में सहयोग का आश्वासन भी दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। शिशु रोग विशेषज्ञो में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से डॉ. शिखा मलिक, इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डा महेश माहेश्वरी, सचिव डॉ. दिनेश मेकले, डॉ. अम्बर कुमार, डॉ. भुपेश्वरी पटेल, गांधी चिकित्सा महाविद्वलय के डॉ. मंजूशा गुप्ता, डॉ. राकेश टिक्कस और निजी चिकित्सक डॉ. राकेश मिश्रा, राकेश सुखेजा, डॉ. श्रुति सरकार, डॉ. गुफरान अहमद, डॉ. राहुल खरे समेत बड़ी संख्या में शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल हुए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प – उद्योगों के सहयोग से मध्यप्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे

उद्योगों की साझेदारी से मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प – उद्योगों के सहयोग से मध्यप्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे "कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री" कार्यक्रम में प्रदेश के 52 उद्यमी हुए सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को विकास की दृष्टि से सबसे अव्वल राज्य बनाने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार और प्रदेश के नागरिकों के साथ उद्योग जगत के प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सहयोगी होंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए वर्ष 2014 के बाद दृश्य बदल दिया है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने के लिए ऐसी नीतियों का निर्माण किया गया है जो विकास के द्वार खोलती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की शाम होटल कोर्टयार्ड मैरियट में "कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री" कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों के 52 उद्यमियों को सम्मानित कर रहे थे। कार्यक्रम में उद्योग, व्यापार, रियल स्टेट और सेवा क्षेत्र में कार्य करने वाले उत्कृष्ट लीडर सम्मानित किए गए। यह कार्यक्रम नवदुनिया-नईदुनिया (दैनिक जागरण समूह) ने आयोजित किया, जो संस्थान के आयोजन का 13वां संस्करण था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित उद्यमियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरे विश्व के समक्ष यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री  मोदी की कार्य दक्षता, सजगता, नवाचार और कदम से कदम मिलाकर चलने की विशेषताओं से भारत की नई पहचान बन रही है। प्रधानमंत्री जी के चिंतन का दायरा व्यापक है। उन्होंने जीएसटी में कमी करने के साथ ही कर व्यवस्थाओं को सरल बनाने का ठोस कार्य किया है। यही कारण है कि आयकर का विवरण देने में उद्यामियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी को बेहतर नीतियों का लाभ मिल रहा है। तकनीक का आवश्यक उपयोग भी हो रहा है। उद्यमशील लोगों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उद्योगों को कर्म आधारित कार्य पद्धति अपनाने और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिलवाने के लिए समर्थ बनाया जा रहा है। पूर्व के वर्षों में जो अव्यवस्थाएं थीं, वे सुव्यवस्था में बदल चुकी हैं। उद्योग जगत के बिना विकास की कल्पना नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग जगत के बिना राष्ट्र के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उद्यमी अलग-अलग सेक्टर्स में नया और बेहतर कार्य कर रहे हैं। उनके नई दुनिया बनाने के प्रयत्नों में नई दुनिया जैसे समाचार पत्रों से मिलने वाला प्रोत्साहन भी मायने रखता है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग स्थानों के उद्यमियों को कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत सम्मानित किए जाने का कार्य महत्वपूर्ण और सराहनीय है। ऐसे विजनरी लीडर जो समर्पण, नवाचार और नेतृत्व से समाज के साथ ही अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देते हैं। जीवन में अच्छा और सच्चा कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। प्रारंभ में जागरण समूह के कार्यकारी अध्यक्ष  देवेश गुप्त और सीईओ  संजय शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ.यादव का स्वागत किया। राज्य संपादक  सद्गुरु शरण अवस्थी ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर नाद युग गुरूकुल इंदौर के कलाकारों ने नृत्य गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में  आशीष अग्रवाल, जनसम्पर्क आयुक्त  दीपक सक्सेना भी उपस्थित थे।  

जेवर एयरपोर्ट से बदलेगा NCR का नक्शा, विकास की रेस में टोक्यो को देगा टक्कर

नई दिल्ली दिल्ली-NCR क्षेत्र में अब तक लगभग 3.5 करोड़ लोग रहते हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले बीस सालों में यह क्षेत्र दक्षिण में गुड़गांव और पूर्व में नोएडा की तरफ काफी फैल चुका है। इस विस्तार के चलते दिल्ली-एनसीआर टोक्यो के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शहरी इलाका बन गया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, अगले चार सालों में यह क्षेत्र टोक्यो को भी पीछे छोड़ देगा। दिल्ली-एनसीआर के तेजी से विकास में सबसे बड़ा योगदान नोएडा के जेवर में बनने वाले नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का होगा। इस एयरपोर्ट का नाम नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NIA) रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिसंबर से यहां से कॉमर्शियल उड़ानें शुरू होने वाली हैं। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार और स्विस कंपनी ज्यूरिख एजी के सहयोग से विकसित किया गया है। पूर्वी क्षेत्र के लिए खुलेंगे विकास के दरवाजे मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे की तरह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NIA) भी क्षेत्रीय विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। जहां इंदिरा गांधी हवाई अड्डा दक्षिणी दिल्ली के विकास का कारण बना, वहीं नोएडा एयरपोर्ट पूर्वी दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों जैसे मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा को जोड़कर इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा। जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। शुरुआत में इस एयरपोर्ट में एक रनवे और एक टर्मिनल (T1) होगा, जो सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है। भविष्य में इस एयरपोर्ट को बढ़ाकर सालाना 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक ले जाया जाएगा। इसके साथ ही आने वाले वर्षों में यहां कार्गो हब, विमान मरम्मत केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा। शुरुआती दौर में 10 शहरों से शुरू होंगी उड़ाने मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि शुरुआती दौर में कम से कम 10 शहरों से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NIA) के लिए सीधे उड़ानें शुरू होंगी। मंत्री ने बताया कि इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और आसपास के इलाके आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। इस पहल से दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों के विकास को भी बल मिलेगा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस होगा। यात्री यहां स्पर्शरहित (contactless) सफर की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जिससे यात्रा और भी तेज और आरामदायक होगी। सुरक्षा जांच में 3डी स्कैनर और बॉडी स्कैनर जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, हवाई अड्डे में दो आरामदायक लाउंज और एक खास वीआईपी टर्मिनल भी मौजूद होगा, जो यात्रियों को बेहतर सुविधा और अनुभव प्रदान करेगा। यात्रियों को खास अनुभव देने के लिए तैयार मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NIA) के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने बताया कि यह एयरपोर्ट स्विस दक्षता और भारतीय गर्मजोशी के मिश्रण से डिजाइन किया गया है। यह हवाई अड्डा आधुनिक वास्तुकला और क्षेत्रीय सांस्कृतिक तत्वों को जोड़कर बनाया गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान एक खास और यादगार अनुभव मिलेगा। जब इंदिरा गांधी हवाई अड्डा और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NIA) साथ मिलकर काम करेंगे, तो दिल्ली-NCR क्षेत्र में कॉमर्शियल, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कनेक्टिविटी की गति दोगुनी हो जाएगी। इससे न केवल इस क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा, बल्कि यहां रहने वाले लोगों की जीवनशैली भी बेहतर बनेगी। यह पहल दिल्ली-एनसीआर को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी और सुलभ बनाएगी।

जिला दण्डाधिकारी छतरपुर ने 8 जिला बदर के प्रकरणों में की बड़ी कार्यवाही

जिला दण्डाधिकारी छतरपुर ने 8 जिला बदर के प्रकरणों में की बड़ी कार्यवाही 1 अनावेदक को छः माह के लिए जिला बदर एवं 7 के विरूद्ध थाना हाजिरी देने की कार्यवाही हुई     छतरपुर जिला दण्डाधिकारी पार्थ जैसवाल ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर 6 अक्टूबर 2025 को 8 जिला बदर के प्रकरणों में एक अनावेदक के विरूद्ध जिला बदर एवं सात के विरूद्ध थाना हाजिरी देने की कार्यवाही की है। जिला दण्डाधिकारी श्री जैसवाल ने अनावेदक मोनू खान उर्फ पायलेट पिता जफर खान उम्र 25 वर्ष नजरबाग छतरपुर थाना कोतवाली की आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण करने के उद्देश्य से म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3(2) एवं 5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनावेदक को छः माह के लिए जिले एवं समीपवर्ती सीमा पर लगे हुए जिलों की भौगोलिक सीमाओं से निष्काषित किया है।      इसके अलावा गौरव प्रताप सिंह उर्फ वाणीराजा दलीपुर थाना बमनौरा, दद्दू उर्फ देवेन्द्र रैकवार परा चौकी थाना मातगुवां, बल्लू उर्फ बलवंत सिंह ठाकुर बारीगढ़ थाना जुझारनगर, अवधेश प्रताप सिंह उर्फ रासू राजा चैतगिरी कॉलोनी थाना कोतवाली छतरपुर, मुकेश उर्फ मुक्के कुशवाहा हनुमान टौरिया के पीछे थाना कोतवाली छतरपुर, सुकसाब उर्फ भज्जू यादव भर्षखेरा थाना बमनौरा एवं हल्के यादव भर्षखेरा थाना बमनौरा को आगामी 1 वर्ष तक सप्ताह में 2 दिन थाना हाजरी देने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री विजयवर्गीय की समीक्षा बैठक, नगरीय योजनाओं में गति लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को मंत्रालय में नगरीय निकायों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  विजयवर्गीय ने सभी महापौर से वन-टू-वन चर्चा भी की। साथ ही उनके द्वारा बतायी गयी क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के अनुभव और सुझाव नगरीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उनकी बातों को प्राथमिकता दी जाए। मंत्री  विजयवर्गीय ने अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता पखवाड़ा और लिगेसी वेस्ट प्रबंधन परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इसमें शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट निपटान और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति, आवास निर्माण की स्थिति और आगामी पांच वर्षों के लिए अधोसंरचना कार्यों की कार्य-योजना पर भी चर्चा की गई। अमृत योजना और नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत शहरी जल आपूर्ति, सीवेज प्रणाली और गंगा स्वच्छता से संबंधित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत शहरी परिवहन में ई-बसों की उपलब्धता, संचालन और भविष्य की योजना पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री  विजयवर्गीय ने आत्मनिर्भर निकायों की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए सभी नगर निकायों को कर वसूली, आय वृद्धि, जीआईएस असेसमेंट और ऊर्जा ऑडिट जैसे विषयों में सक्रियता लाने के निर्देश दिए। साथ ही वाहन प्रबंधन प्रणाली को सुधारने, ईंधन दक्षता बढ़ाने को कहा। मंत्री  विजयवर्गीय ने आदर्श 30 मीटर चौड़ी और 5 किलोमीटर लंबी मॉडल सड़क के निर्माण कार्य की समीक्षा की तथा गीता भवन कार्य-योजना सहित सभी नगरीय निकायों से इस पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। पीएम स्वनिधि योजना के पहले और दूसरे चरण की प्रगति की जानकारी ली गई और इसमें बकाया भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा की गई। मंत्री  विजयवर्गीय ने अमृत हरित अभियान, फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम की स्थिति, फायर मैनेजमेंट सिस्टम, IGOT कर्मयोगी प्रशिक्षण, ग्रेडेशन सूची की अंतिम प्रक्रिया तथा डीपीसी की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं, सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण तथा दीनदयाल रसोई योजना की स्थिति, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, टाउनशिप नीति और आदर्श किरायेदारी अधिनियम पर भी विस्तार से चर्चा की। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए तथा शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रत्येक कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देने और योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने की अपील की। बैठक में सभी नगर निगमों के महापौर, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, नगरीय प्रशासन आयुक्त  संकेत भोंडवे, नगर निगमों के आयुक्त, संभागीय संयुक्त संचालक तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।