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शुभांशु शुक्ला की नई जिम्मेदारी, छात्रों को विकसित भारत के निर्माता बनाएंगे

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचने वाले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को केंद्र सरकार के 'विकसित भारत बिल्डाथॉन' का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। यह कार्यक्रम देशभर के स्कूलों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। देश का सबसे बड़ा स्कूल हैकाथॉन 'विकसित भारत बिल्डाथॉन' शिक्षा मंत्रालय और अटल इनोवेशन मिशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा स्कूल हैकाथॉन है, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा है। इस पहल के तहत 1.5 लाख स्कूलों के एक करोड़ से अधिक छात्र मिलकर नए विचारों, डिजाइन और प्रोटोटाइप तैयार करेंगे। चार मुख्य थीम पर काम करेंगे छात्र विद्यार्थियों को चार राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर प्रोजेक्ट बनाने होंगे। इसमें आत्मनिर्भर भारत- स्वावलंबी तकनीक और समाधान विकसित करना,  स्वदेशी- देशी विचारों और नवाचारों को बढ़ावा देना। वोकल फॉर लोकल- स्थानीय उत्पादों, कला और संसाधनों को प्रोत्साहन देना। समृद्धि – सतत विकास और समृद्धि के मार्ग बनाना शामिल है। क्या है कार्यक्रम की रूपरेखा? यह बिल्डाथॉन 23 सितंबर को लॉन्च हुआ था। इसमें पंजीकरण की अंतिम तिथि- 6 अक्तूबर, वहीं इसका लाइव बिल्डाथॉन 13 अक्तूबर को होगा। वहीं विजेताओं की घोषणा दिसंबर महीने में की जाएगी इस दौरान छात्र टीमों में मिलकर अपने विचारों को मूर्त रूप देंगे और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करेंगे। शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, 39 वर्षीय भारतीय वायुसेना अधिकारी और टेस्ट पायलट हैं। उन्होंने हाल ही में एक्सिओम-4 मिशन के तहत अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। यह मिशन इसरो, नासा और एक्सिओम स्पेस के सहयोग से संपन्न हुआ। इस यात्रा के साथ वे आईएसएस तक पहुंचने वाले पहले भारतीय और राकेश शर्मा (1984) के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने। शिक्षा मंत्रालय के साथ हुई चर्चा शनिवार को शुभांशु शुक्ला ने स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच 'विकसित भारत बिल्डाथॉन' की रूपरेखा और उद्देश्य पर बातचीत हुई। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस दृष्टि से जुड़ी है, जिसमें विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने की बात कही गई है ताकि वे भविष्य के 'विकसित भारत' के निर्माता बन सकें।

2026 से MP में बदले जाएंगे कई नियम: सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी नई सुविधा और राहत

भोपाल मध्य प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की सेवा शर्तों और सुविधाओं को लेकर नए साल यानी वर्ष 2026 में बड़े परिवर्तन की तैयारी है। इनमें सरकारी पदों के लिए होने वाली भर्ती प्रक्रिया, कर्मचारियों का कैशलेस उपचार, अवकाश और पेंशन नियम शामिल हैं। भर्ती नियमों में यह प्रविधान किया जा रहा है कि चयन परीक्षाएं वर्षभर में चार-पांच बार ही होंगी। इसमें जो चयन सूची बनेगी, उसके अनुसार विभाग भर्ती करेंगे। इसी तरह कर्मचारियों को उपचार के लिए पहले राशि खर्च कर उसकी प्रतिपूर्ति के दावा नहीं करना होगा। उनके कैशलेस उपचार की व्यवस्था रहेगी। पेंशन नियम भी भारत सरकार के नियमों की तरह बनाए जा रहे हैं। प्रारूप तैयार हो चुका है। अवकाश निर्धारण के लिए भी समिति बना दी गई है, जो सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद अंतिम निर्णय लेगी।   एक मेरिट सूची से होगी नियुक्तियां प्रदेश में अगले तीन वर्ष में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों को भरने की तैयारी है। अभी वर्ष भर परीक्षाएं चलती रहती हैं। कर्मचारी चयन मंडल 20 से अधिक परीक्षाएं कराता है। इसमें समय के साथ-साथ संसाधन भी अधिक लगते हैं। इसी तरह राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं होती हैं। मौजूदा पैटर्न से सरकार ने भर्ती का जो लक्ष्य रखा है, वह प्रभावित हो सकता है, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती नियमों में परिवर्तन का प्रारूप तैयार किया। नई व्यवस्था में वर्ष भर में पांच-छह परीक्षाएं होंगी और समूह परीक्षा की एक चयन प्रावीण्य सूची बनेगी। इसके हिसाब से विभाग नियुक्तियां करेंगे। इसे लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ विभागीय अधिकारियों की दो दौर की बैठक हो चुकी है। कर्मचारियों के लिए आयुष्मान जैसी योजना राज्य सरकार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकार की तरह सरकारी कर्मचारियों को उपचार के लिए आयुष्मान जैसी योजना लाने की तैयारी में है। इसमें पांच लाख रुपये तक सामान्य और 10 लाख रुपये तक गंभीर बीमारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कर्मचारियों से अंशदान लिया जाएगा, जो उनके वेतन से काटा जाएगा। अंशदान का निर्धारण होना शेष है। पेंशनरों को भी यह सुविधा दी जा सकती है। ऐच्छिक अवकाश का नए सिरे से होगा निर्धारण प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों को वर्ष भर में तीन ऐच्छिक अवकाश दिए जाते हैं। सरकार ने वर्षभर के लिए सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य आधारों पर 53 ऐच्छिक अवकाश चिह्नित किए हैं। कलेक्टर जिले की स्थितियों को देखते हुए इन्हें घोषित करते हैं। सरकार ने अब सामान्य, सार्वजनिक और ऐच्छिक अवकाश के निर्धारण के लिए समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए सामान्य प्रशासन, गृह, वित्त और राजस्व विभाग के अधिकारियों की समिति गठित की है। यह इस बात का भी परीक्षण कर रही है कि कोरोना महामारी के समय सप्ताह में पांच दिन कार्यालय लगाए जाने की व्यवस्था को जारी रखा जाए या पहले की तरह व्यवस्था बनाई जाए। इसके साथ ही नौकरी में आने के बाद तीसरी संतान होने पर सेवा से बाहर करने और सेवा आचरण नियम में संशोधन पर भी समिति काम कर रही है। केंद्र और राज्य के एक जैसे होंगे पेंशन नियम भारत सरकार ने वर्ष 2011 में 25 वर्ष से अधिक की अविवाहित बेटी, विधवा, परित्यक्ता बेटी को पेंशन देने की पात्रता देने की जो व्यवस्था बनाई, उसे यहां भी लागू किया जाएगा। नियम में यह प्रविधान किया जा रहा है कि अविवाहित पुत्री की स्थिति में आयु 25 साल से अधिक होने के बाद भी जब तक उसका विवाह नहीं होता, तब तक उसे परिवार पेंशन मिलती रहेगी।  

आज का राशिफल (6 अक्टूबर)

मेष आज आप अपना मूड बदलने के लिए किसी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। किसी करीबी की मदद से घरेलू कार्यों को निपटाने में सफल रहेंगे। धन की स्थिति अच्छी होगी। पार्टनर का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ बहस से बचें, वरना स्ट्रेस हो सकता है। खानपान पर नजर रखें। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। वृषभ आज वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। हालांकि शिक्षा से जुड़े कार्यों में मुश्किलें आ सकती हैं। धन लाभ के संकेत हैं। संतान से किसी अच्छी खबर की प्राप्ति हो सकती है। मिथुन आज आपको किए गए प्रयासों में सफलता मिलेगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अपनों का साथ होगा। मौजूदा उत्साह को बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें। जो लोग छोटे स्तर का कारोबार करते हैं उन्हें आज अपने करीबी लोगों से कोई सलाह मिल सकती है। जीवनसाथी अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कर्क आज कर्क राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आपके धैर्य व आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। परिवार के सहयोग से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। ऑफिस में काम का बोझ तनाव दे सकता है। सेहत का ध्यान रखें। सिंह आज कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेने पड़ सकते हैं। धन के मामले में आप अच्छे रहेंगे लेकिन अपने खर्च पर कंट्रोल रखने की कोशिश करें। जीवनसाथी के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। किसी व्यक्तिगत परेशानी को हल करने के लिए करीबी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। कारोबार की स्थिति पहले से बेहतर होगी। कन्या आज आपको अपने खर्चों पर नजर रखना चाहिए, वरना खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकते हैं। लुभाने वाली खरीदारी से दूर रहें। लव लाइफ उतार-चढ़ाव भरी रहने वाली है। आपका आकर्षण और व्यक्तित्व आपको कुछ नए दोस्त बनाने में मदद करेगा। आज अचानक यात्रा व्यस्त और तनाव से भरी साबित होती है। तुला आज आपको लिखने-पढ़ने में समय बिताना चाहिए। सामाजिक मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। कारोबार में वृद्धि होगी। धन लाभ के अच्छे अवसर सामने आएंगे। निवेश के अच्छे अवसर मिल सकते हैं, लेकिन निवेश से पहले मार्केट की रिसर्च जरूर करें। वृश्चिक आज आप रोमांटिक मूड में रह सकते हैं, जिससे जीवनसाथी प्रभावित होगा। आप अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए कुछ अहम फैसले ले सकते हैं। बेकार की परेशानियों और विवादों से दूर रहें और खुद के साथ एकांत में समय बिताएं। व्यापार करने वालों को पार्टनरशिप के नए अवसर मिलेंगे। धनु आज भावुकता में आकर कोई फैसला न लें। बड़े-बुजुर्गों की सलाह से आर्थिक लाभ हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी के संकेत हैं। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात हो सकती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आज ऑफिस में आपके काम करने का स्टाइल सहकर्मियों को प्रभावित कर सकता है। मकर आज आपके फैसला लेने की क्षमता दूसरों को आकर्षित करेगी। मानसिक रूप से आप सतर्क रहें। व्यापार करने वालों को आज अच्छे समाचार की प्राप्ति हो सकती है। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आपके जीवनसाथी का व्यवहार आज आपके प्रोफेशनल संबंधों में खटास ला सकता है। सेहत पर नजर रखें। कुंभ आज का दिन आपके लिए आनंददायक रहने वाला है, आप छुट्टी सा महसूस करेंगे। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। जीवनसाथी के साथ फिर से प्यार में पड़ सकते हैं। आर्थिक व व्यावसायिक स्थिति दोनों ही अच्छी रहने वाली है। मीन आज आपकी किसी पुरानी बीमारी से राहत मिल सकती है। किसी सरप्राइज के मिलने से मन प्रसन्न होगा। धन लाभ के संकेत हैं। निवेश करने से पहले किसी सलाहकार से सलाह जरूर लें। शाम तक ऑफिस में आपको आपकी मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। माता-पिता की सेहत पर नजर रखें।

एमपी डैम हादसा: पति-पत्नी और दो बच्चों को लोगों ने ऐसे बचाया, जिसे देख दिमाग ठंडा हो जाए

शिवपुरी  मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है यहां एक कार को ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर के बाद कार सिंध डैम में जा गिरी, कार में पति-पत्नी व दो बच्चे सवार थे। गनीमत रही की हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोग अपनी जान खतरे में डालकर डैम में कूदे और कार में सवार पति-पत्नी व दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना अमोला थाना इलाके की है। बताया जा रहा है कि कार में सवार परिवार सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहा था।   कार की टक्कर से डैम में गिरी कार शिवपुरी जिले के अमोला थाना इलाके में रविवार को सिंध डैम पर एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। यहां एक कार को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सिंध डैम में जा गिरी। कार के डैम में गिरते ही मौके पर मौजूद गोपाल परिहार, सुखदेव लोधी, मनोज कलावत और राकेश मिस्त्री ने बिना अपनी जान की परवाह किए डैम में छलांग लगाई और पानी में डूब रही कार में फंसे पति-पत्नी व दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कार में कोटा निवासी शैलेन्द्र सिंह हांडा, उनकी पत्नी रेखा हांडा और बच्चे नोदिघ हांडा व देवदत्त हांडा सवार थे। पुलिस ट्रक की तलाश में जुटी घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक कार में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। कार को टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। बताया गया है कि कोटा के रहने वाले शैलेन्द्र हांडा अपने परिवार के साथ कार से उरई में बाबा जयगुरूदेव के सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहे थे तभी रास्ते में ये हादसा हुआ। जान बचने के बाद पीड़ित परिवार ने जान बचाने वाले लोगों और भगवान का शुक्रिया अदा किया है।

CPCB रिपोर्ट ने खोला सच: दिल्ली-NCR में ओजोन प्रदूषण सीमा पार, NGT चिंता में

नई दिल्ली केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की नवीनतम रिपोर्ट, जिसमें दिल्ली-एनसीआर समेत कई भारतीय राज्यों में ज़मीनी स्तर पर ओज़ोन प्रदूषण के स्तर का विश्लेषण किया गया है, ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सीपीसीबी की रिपोर्ट में उजागर हुए खतरनाक ओज़ोन स्तरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सीपीसीबी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में 10 शहरों के 178 निगरानी केंद्रों पर ओज़ोन स्तरों का विश्लेषण किया गया। इसमें पता चला कि दिल्ली-एनसीआर के 57 निगरानी केंद्रों में से 25 में ओज़ोन प्रदूषण आठ घंटे की सीमा से अधिक पाया गया, जबकि 21 स्थानों पर गर्मियों के दौरान ओज़ोन प्रदूषण एक घंटे की सीमा से अधिक पाया गया। एनजीटी विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) की एक रिपोर्ट पर आधारित एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद इस मामले की सुनवाई कर रहा है। 6 अगस्त, 2024 को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में कहा गया था कि सीएसई की रिपोर्ट में शहरी भारत में ओज़ोन प्रदूषण में खतरनाक वृद्धि दिखाई गई है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा, मुंबई के 45 में से 22 स्टेशनों पर ओजोन प्रदूषण का स्तर आठ घंटे की सीमा से अधिक पाया गया। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के अलावा, सीपीसीबी ने ग्रेटर हैदराबाद में 14 निगरानी स्टेशनों, बेंगलुरु महानगर क्षेत्र में 11, चेन्नई महानगर क्षेत्र में सात, पुणे महानगर क्षेत्र में 12, ग्रेटर अहमदाबाद में 10 और ग्रेटर लखनऊ व ग्रेटर जयपुर में छह-छह निगरानी स्टेशनों का विश्लेषण किया। सीपीसीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्य क्षेत्रों की तुलना में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई महानगर क्षेत्र में ओज़ोन का स्तर अधिक पाया गया। यह मुख्य रूप से परिवहन, बिजली संयंत्रों और औद्योगिक गतिविधियों से उत्सर्जित नाइट्रोजन ऑक्साइड के कारण था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओज़ोन मुख्य रूप से सूर्य के प्रकाश में वाहनों, उद्योगों और बिजली संयंत्रों से उत्सर्जित नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOCS) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) की रासायनिक प्रतिक्रिया से बनता है। विशेषज्ञ समिति के गठन का प्रस्ताव रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और सीपीसीबी ने ओज़ोन और उसके कारकों को नियंत्रित करने के उपायों की सिफारिश करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का प्रस्ताव रखा है। इसमें यह भी कहा गया है कि एक अन्य मामले में दायर एक रिपोर्ट में ओजोन और उसके कारणों को नियंत्रित करने के लिए एक अध्ययन करने का सुझाव दिया गया है। सुनवाई के दौरान, सीपीसीबी ने अनुरोध किया कि इस मामले से संबंधित दो आवेदनों पर एक साथ सुनवाई की जाए। अनुरोध स्वीकार करते हुए, एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई 12 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी। ओजोन प्रदूषण क्या है? ओज़ोन तीन ऑक्सीजन परमाणुओं से बनी एक गैस है। आकाश में ऊपर, यह हमें सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है, लेकिन जमीन के पास, यह एक प्रदूषक बन जाती है। यह किसी भी स्रोत से सीधे उत्सर्जित नहीं होती, बल्कि वाहनों, उद्योगों और बिजली संयंत्रों द्वारा सूर्य के प्रकाश में उत्सर्जित नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOCS) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) की रासायनिक प्रतिक्रिया से बनती है। यह गैस अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होती है और हवा के माध्यम से लंबी दूरी तक फैल सकती है। यह शहरों और गांवों को प्रभावित करती है। ओजोन हॉटस्पॉट और उनके प्रभाव हर शहर में कुछ विशिष्ट क्षेत्र होते हैं जहां ओजोन का स्तर सबसे अधिक होता है। इन हॉटस्पॉट में प्रदूषण का प्रभाव अधिक गंभीर होता है। ओजोन श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है और अस्थमा व ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों को बढ़ाता है। यह बच्चों, बुज़ुर्गों और श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए खतरनाक है। यह फसलों को भी नुकसान पहुंचाता है, जिससे खाद्य सुरक्षा प्रभावित होती है। ओजोन प्रदूषण के कारण ओजोन में वृद्धि मौसम और प्रदूषण के स्रोतों पर निर्भर करती है। गर्मी और सूरज की रोशनी इसकी रासायनिक प्रतिक्रिया को तेज करती है। वाहन, उद्योग, कचरा जलाना और ठोस ईंधन का उपयोग इसके मुख्य कारण हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अल्पसंख्यक स्कूलों का TET विवाद, याचिका में मांगी न्यायिक हस्तक्षेप

नई दिल्ली अल्पसंख्यक स्कूलों को आरटीई (शिक्षा का अधिकार कानून) के दायरे से बाहर रखना और वहां के शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से छूट देना बच्चों के योग्य शिक्षकों से शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। ये बात अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्य योग्यता से बाहर रखने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हस्तक्षेप अर्जी में कही गई है। अर्जीकर्ता खेम सिंह भाटी ने अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट के मामले में पक्ष रखने की इजाजत मांगते हुए कहा है कि टीईटी शिक्षा के अधिकार का अहम हिस्सा है इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को योग्य और सक्षम शिक्षक पढ़ाएं। शिक्षा के अधिकार में अच्छी शिक्षा पाने का अधिकार शामिल है। इसीलिए अल्पसंख्यक स्कूलों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दिया जाना बच्चों के साथ अन्याय है और उनके योग्य शिक्षकों से शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है।   मामला बड़ी पीठ को भेजा सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा एक से कक्षा आठ तक को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने के गत एक सितंबर के फैसले में अल्पसंख्यक स्कूलों को फिलहाल इससे छूट देते हुए उनका मामला विचार के लिए बड़ी पीठ को भेज दिया था। दो न्यायाधीशों की पीठ ने अल्पसंख्यक स्कूलों को आरटीई के दायरे से बाहर बताने वाले पांच न्यायाधीशों के प्रमति एजूकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट मामले में पूर्व में दिए फैसले पर सवाल उठाते हुए मामला बड़ी पीठ को भेज दिया था। तमिलनाडु सहित कई राज्यों के मामले लंबित हैं। इसमें चीफ जस्टिस को सुनवाई के लिए उचित पीठ गठित करनी है। इसी मामले में डॉक्टर खेम सिंह भाटी ने ये हस्तक्षेप अर्जी दाखिल की है। अर्जी में कहा गया है कि अल्पसंख्यक स्कूलों को आरटीई के दायरे से बाहर रखने के प्रमति जजमेंट में कानून की सही व्यवस्था नहीं दी गई है। आरटीई कानून सभी बच्चों के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया था लेकिन प्रमति जजमेंट में अल्पसंख्यक स्कूलों को इसके दायरे से बाहर करने से ये उद्देश्य कमजोर होता है, क्योंकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का योग्य शिक्षकों से शिक्षा पाने का अधिकार बाधित होता है। टीईटी शिक्षा के अधिकार का अहम हिस्सा कहा गया है कि अल्पसंख्यक संस्थानों को अपने शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन और प्रशासन के संविधान के अनुच्छेद 30 (1) में मिले अधिकार और प्रत्येक बच्चे को अनुच्छेद 21ए में मिले मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के बीच एक संतुलित व्याख्या होनी चाहिए। ऐसी व्याख्या होनी चाहिए कि दो में से किसी का भी अधिकार पूर्ण रूप से समाप्त न हो। टीईटी शिक्षा के अधिकार का अहम हिस्सा है इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को योग्य और सक्षम शिक्षक पढ़ाएं। शिक्षा के अधिकार में अच्छी शिक्षा पाने का अधिकार शामिल है इसीलिए अल्पसंख्यक स्कूलों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दिया जाना बच्चों के साथ अन्याय है और उनके योग्य शिक्षकों से शिक्षा पाने के अधिकार का उल्लंघन है।  

नेपाल आपदा: भारी बारिश से हाहाकार, सैकड़ों यात्री फंसे और दर्जनों की मौत

नई दिल्ली पड़ोसी देश नेपाल में कुदरत का कहर देखने को मिला है। पूर्वी नेपाल के इलम में पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 42 लोगों की जान गई है। इसके साथ ही कई फ्लाइट को डायवर्ट किया गया है। दरअसल,रविवार सुबह तक सूर्योदय नगर पालिका में भूस्खलन में कम से कम 5 लोग, मंगसेबुंग नगर पालिका में 3 और इलम नगर पालिका में 6 लोगों की मौत की खबर है। इस आपका के बाद प्रशासन राहत के कामों में लग गया है।   बढ़ सकती है मृतकों की संख्या वहीं,एसएसपी पोखरेल ने समाचार एजेंसी एएनआई से फोन पर बातचीत में कहा कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। वर्तमान में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक हमारे पास केवल नुकसान और क्षति का प्रारंभिक विवरण है। प्रभावित इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों के तीनों स्तरों (जिसमें नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस शामिल है) को तैनात किया गया है। भारी बारिश और आगे भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इस बीच नदियां उफान पर हैं। काठमांडू घाटी के बाढ़ के मैदानों से निवासियों को निकालने के लिए उन्हें तैनात किया गया है। नदियों के किनारे तलाशी अभियान जारी सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को घाटी से होकर गुजरने वाली सभी प्रमुख नदियों के किनारे बसी बस्तियों में तलाशी अभियान चलाया। एजेंसियों ने घर-घर में जाकर तलाशी ली, निवासियों को बाहर निकलने में मदद की और उनके सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की। इन नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने बागमती, हनुमंते, मनोहरा, धोबी खोला, बिष्णुमती, नक्खू और बल्खू नदियों में जलस्तर बढ़ने की जानकारी दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ सड़क किनारे के इलाकों तक पहुंच सकती है और बस्तियों में घुस सकती है। निवासियों और वाहन चालकों से बाढ़ के खतरे के कारण नदी के किनारे यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया है। 

भीषण सड़क त्रासदी: खंडवा में ट्रक ने ई-बाइक को कुचला, आग से झुलसे दो लोग

खंडवा राखड़ से भरे ट्रक ने फिर दो लोगों की जान ले ली। राखड़ से भरे ट्रक ने ई-बाइक को रौंद दिया। ई-बाइक सवार दोनों लोग ट्रक में दब गए इसके बाद ई-बाइक में आग लगने के कारण बाइक सवार दोनों लोग जिंदा जल गए। भीषण सड़क हादसा रविवार को इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मोरटक्का चौकी क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास हुआ। हादसे के बाद मोरटक्का चौकी पुलिस ने आरोपित ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, पुलिस ने व्यवस्था संभाल जाम खुलवाया। भीषण सड़क हादसे ने दहला इलाका जिले के ओंकारेश्वर थाने अंतर्गत मोरटक्का पुलिस चौकी क्षेत्र में रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। जानकारी के अनुसार ट्रक संत सिंगाजी थर्मल पावर से राखड़ भरकर आ रहा था। तेज रफ्तार ट्रक ने ई-बाइक सवार बड़वाह निवासी 35 वर्षीय विनीत शर्मा जो खंडवा में सहायक कोषालय अधिकारी के पद पदस्थ थे व उनके मित्र 40 वर्षीय मोहसिन अली को अपनी चपेट ले लिया।   टक्कर के बाद पलटा ट्रक, बाइक सवार दबकर जिंदा जले ट्रक ने ई-बाइक को जोरदार टक्कर मारी इसके बाद ट्रक पलट गया। ट्रक के नीचे बाइक सहित सवार दो लोग भी दब गए। ई-बाइक में आग लग गई। जिससे बाइक सहित दोनों युवकों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। देखते-देखते दोनों लोग आग में जिंदा जल गए। सूचना मिलते ही पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, ओंकारेश्वर तहसीलदार उदय मंडलोई और मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मशक्कत कर शवों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों पूरी तरह जल चुके थे। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसे देर रात तक पुलिस जवानों ने कड़ी मेहनत से खुलवाया। भारी वाहनों पर राजनीति का दबाव स्थानीय लोगों ने इस दर्दनाक हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से देशगांव से इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई थी, लेकिन हाल ही में राजनीति दबाव में आकर खंडवा कलेक्टर ने इस मार्ग पर फिर से भारी वाहनों की अनुमति दे दी। नतीजतन, इस सड़क पर रोजाना ट्रकों और डंपरों की भरमार है और दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।   कीड़े-मकोड़ों की तरह जान गवां रहे लोग लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आमजन की जानें कीड़े-मकोड़ों की तरह जा रही हैं। हादसे से आक्रोशित लोगों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से मांग की है कि खंडवा-इंदौर इच्छापुर मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन तत्काल प्रतिबंधित किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में और भी भयावह घटनाएं सामने आ सकती हैं।

वन्य जीव संरक्षण के लिये रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की

भोपाल  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को 5वें दिन वन्य जीव संरक्षण के लिये विभिन्न अशासकीय संस्थाओं एवं पर्यावरण में रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की। दौड़ वन विहार गेट क्रमांक-2 से डिपो चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब के पास वन विहार के गेट क्रमांक-1 पर समाप्त हुई। विजेताओं को मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पूर्व सदस्य श्री अभिलाष खांडेकर ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किये। वन्य जीव सप्ताह में सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्य जीवों के संरक्षण में सहायक है'' विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 प्रतियोगियों ने भाग लेकर विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक श्री विजय कुमार और सहायक संचालक डॉ. रूही हक उपस्थित थीं। 6 अक्टूबर के कार्यक्रम वन्य जीव सप्ताह के 6वें दिन 6 अक्टूबर को सुबह 6 से 8:30 बजे तक पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया जायेगा। छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक रेस्क्यू एवं वन्य प्राणी संरक्षण तथा अनुश्रवण के उपयोग में लिये जाने वाले उपकरणों की जानकारी देने के लिये कार्यशाला होगी। अन्य प्रतियोगिता में वाइल्ड लाइफ एवं नेचर एक्सपो कार्यक्रम सुबह 10 बजे होगा। साथ ही "वन्य जीव संरक्षण के साथ विकास संभव है'' विषय पर सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। इसके अतिरिक्त मानव-वन्य जीव-सह-अस्तित्व, मिशन लाइफ तथा से नो टू प्लास्टिक से संबंधित विषयों पर पर्यटकों के लिये "वॉक थ्रू क्विज कम एक्जीबिशन'' वन विहार स्थित विहार वीथिका, स्नेक पार्क और टाइगर बाड़े पर किया जायेगा। 

संस्कृति जैन की विदाई का अनूठा अंदाज, सोशल मीडिया पर छाया पालकी वाला वीडियो

सिवनी जबलपुर रोड स्थित लूघरवाड़ा के निजी लान में आयोजित विदाई समारोह में पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन को पालकी में दोनों बेटियों के साथ बैठाकर कर्मचारियों ने वाहन तक पहुंचाकर विदाई दी। हाल ही में राज्य सरकार ने सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन का ट्रांसफर भोपाल किया है, जिसके चलते 3 अक्टूबर को विदाई समारोह व नवागत कलेक्टर के आगमन का कार्यक्रम रखा गया था। विदाई समारोह के बाद जब कलेक्टर संस्कृति जैन भोपाल जाने लगी तो उत्साहित कर्मचारियों उन्हें पालकी में बिठाकर अपने कंधों पर उठा लिया। इस दौरान पूर्व कलेक्टर के सम्मान में कर्मचारियों की अलग ही तस्वीर देखने को मिली। कलेक्टर के साथ उनकी दोनों बेटियां ध्वनि व तरंग जैन भी पालकी में बैठी।   सरल स्वभाव ने प्रभावित किया पूर्व कलेक्टर जैन के हंस मुख व सरल स्वभाव से सभी कर्मचारी प्रभावित थे। कर्मचारियों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर पूर्व कलेक्टर जैन आगे बढ़कर विभागीय अमले का नेतृत्व करती थी, गलतियों के बारे में बताती थी। वहीं जिले के सरकारी स्कूलों की दिशा व दशा सुधारने कलेक्टर जैन द्वारा प्रारंभ किए गए ''गिफ्ट ए डेस्क'' अभियान को काफी लोकप्रियता मिली, जिसे सभी वर्गो ने काफी सराहा। इस अभियान में दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विदाई के दौरान गाना बज रहा था… "पालकी में होके सवार चली रे, मैं तो अपने साजन के द्वार चली रे"। इस गाने ने माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन ने नगर पालिक निगम भोपाल आयुक्त का प्रभार संभाल लिया है।   अभियान से जुड़े 4 हजार दानदाता विदाई समारोह से पहले ट्रांसफर आदेश मिलने पर कलेक्टर जैन ने गिफ्ट ए डेस्क अभियान की प्रगति पर वीडियो संदेश जारी कर बताया था कि 13200 डेस्क व बैंच जिले के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहुंच चुकी हैं। 800 डेस्क-बैंकच की प्रक्रिया चल रही है। अभियान के प्रथम चरण को पूरा करने अभी 7146 से अधिक की डेस्क-बैंच की आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बताया कि अभियान के लिए बनी बेवसाइड को एक लाख से अधिक लोगों ने सर्च किया। 4 हजार से अधिक दानदाताओं ने इस अभियान में सहयोग किया। उन्होंने भविष्य में अभियान को इसी तरह सहयोग कर शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने का आव्हान करते हुए सभी से मिले सहयोग पर धन्यवाद ज्ञापित किया था।