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सड़क सुरक्षा पर बड़ा कदम! सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, पैदल यात्रियों के लिए नए नियम होंगे तय?

भोपाल सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से पूछा है कि क्या भारत में भी विदेशों की तरह पैदल यात्रियों को सड़क की दायीं ओर चलने का नियम बनाया जा सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को 10 नवंबर तक सभी तथ्यों और आंकड़ों के साथ विस्तृत जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जबलपुर निवासी ज्ञान प्रकाश की याचिका पर उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में पैदल यात्रियों को बायीं ओर चलने की सलाह दी जाती है, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि साल 2022 में हुए 50 हजार सड़क हादसों में से 18 हजार मौतें पैदल चलने वालों की थीं, यानी कुल मौतों का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा। क्यों दायीं ओर चलना हो सकता है सुरक्षित… ज्ञान प्रकाश ने दलील दी कि अगर पैदल यात्री सड़क की दायीं ओर चलेंगे तो उन्हें सामने से आने वाले वाहन दिखेंगे, जिससे समय रहते वे खुद को बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में पैदल यात्रियों के लिए नियम ब्रिटिशकालीन परंपराओं और 1958 के विएना कन्वेंशन से प्रेरित हैं, जो अब मौजूदा ट्रैफिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि उसने 21 मई 2025 को ट्रैफिक नियंत्रण और सड़क अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन उनका क्रियान्वयन अब तक नहीं हुआ है। अदालत ने केंद्र और NHAI से पूछा कि क्या भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में “राइट वॉकिंग सिस्टम” लागू किया जा सकता है। विदेशों में क्या होता है? अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, रूस, चीन में लोग सड़क की दायीं ओर पैदल चलते हैं। जबकि ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया में पैदल यात्री बायीं ओर चलते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में वाहनों के बायीं ओर चलने का नियम पैदल यात्रियों पर लागू करना गलत है। सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल सड़क परिवहन मंत्रालय के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, टू-व्हीलर के बाद सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें पैदल यात्रियों की होती हैं। ऐसे में कोर्ट का यह सवाल सड़क सुरक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि केंद्र सरकार और NHAI की रिपोर्ट में यह व्यवस्था व्यावहारिक मानी जाती है, तो जल्द ही भारत में पैदल यात्रियों के चलने के नियम में 70 साल पुराना बदलाव देखने को मिल सकता है।

मूर्ति विसर्जन पर तनाव: कटक में हिंसा, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अस्थायी प्रतिबंध

कटक  ओडिशा के कटक जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां गणेश और अन्य मूर्तियों के विसर्जन के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हुई। विवाद बढ़ने और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने के कारण राज्य सरकार ने सुरक्षा कड़ी करते हुए सोशल मीडिया और इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक यह रोक आज शाम सात बजे से अगले दिन शाम सात बजे तक लागू रहेगी। इसमें विशेष रूप से कट्टक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, कट्टक डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) और 42 मौजा इलाके शामिल हैं। सरकार ने बताया कि यह कदम गलत सूचनाओं, अफवाहों और भड़काऊ संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी था। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। इसके अलावा, स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती बढ़ा दी गई है, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने कहा कि कटक में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की। पटनायक ने कहा कि ओडिशा की परंपरा हमेशा से भाईचारे और सामूहिक सौहार्द की रही है, और सभी को इसे बनाए रखने में मदद करनी चाहिए। बीजेडी की ओर से जारी बयान में भी इस बात पर जोर दिया गया कि सभी पक्षों को संयम दिखाना चाहिए ताकि हालात और बिगड़े नहीं।

चार्जर से टूटा आतंकी नेटवर्क: मोहम्मद यूसुफ की इनसाइड स्टोरी सामने आई

जम्मू  जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) मोहम्मद यूसुफ कटारी ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों से चार बार मुलाकात की थी और उन्हें एक एंड्रॉइड फोन चार्जर दिया था। बाद में यह एक महत्वपूर्ण सबूत बना जिसके आधार पर उसे पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। 26 वर्षीय कटारी को सितंबर के आखिरी हफ्ते में सुलेमान उर्फ ​​आसिफ, जिबरान और हमजा अफगानी को महत्वपूर्ण रसद सहायता प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ये तीनों आतंकवादी पहलगाम के रिसॉर्ट शहर में 26 लोगों, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि कटारी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह श्रीनगर शहर के बाहर जबरवान पहाड़ियों में चार बार इन तीनों से मिला था। हफ्तों की जांच के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। यह सफलता ऑपरेशन महादेव के स्थल से प्राप्त सामग्री के गहन फोरेंसिक विश्लेषण के बाद मिली है। ऑपरेशन महादेव जुलाई में शुरू किया गया एक आतंकवाद-रोधी अभियान था, जिसके परिणामस्वरूप श्रीनगर के बाहरी इलाके में जबरवान रेंज की तलहटी में पहलगाम नरसंहार में शामिल तीन आतंकवादी मारे गए थे। पुलिस ने आंशिक रूप से नष्ट हुए एंड्रॉइड मोबाइल फोन चार्जर की जांच के बाद कटारी पर ध्यान केंद्रित किया, जो ऑपरेशन के दौरान बरामद कई वस्तुओं में से एक था। श्रीनगर पुलिस ने आखिरकार चार्जर के असली मालिक का पता लगा लिया, जिसने फोन को एक डीलर को बेचने की पुष्टि की। यही वह जानकारी थी जिसने धीरे-धीरे पुलिस को कटारी तक पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि कटारी, जो कथित तौर पर ऊंचे इलाकों में खानाबदोश छात्रों को पढ़ाता था, आतंकवादी समूह के लिए एक प्रमुख स्रोत था। माना जाता है कि उसकी मदद से हमलावरों को चार्जर उपलब्ध कराया गया और दुर्गम इलाकों में उनका मार्गदर्शन किया गया। आतंकवादी सुलेमान उर्फ ​​आसिफ (पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड), जिबरान (अक्टूबर 2024 के सोनमर्ग सुरंग हमले से जुड़ा) और हमजा अफगानी 29 जुलाई को ऑपरेशन महादेव के तहत एक मुठभेड़ में मारे गए। हालांकि, अधिकारियों ने चल रही जांच का हवाला देते हुए और जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन इस गिरफ्तारी को कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यह मामला अंततः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा जा सकता है, जो पहले से ही पहलगाम हमले की व्यापक साजिश की जांच कर रही है। एनआईए ने 22 अप्रैल के आतंकी हमले के सिलसिले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आतंकवादियों को कथित तौर पर रसद सहायता और आश्रय प्रदान करने का आरोप है।  

उत्तर प्रदेश के इस इलाके में कल भारी बारिश व ओले, जानें किन राज्यों पर असर

लखनऊ  दिवाली का त्योहार करीब आ रहा है और मॉनसून की भी वापसी हो चुकी है। इसके बाद भी राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से यूपी समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। छह अक्टूबर यानी कि कल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश व ओले गिरने वाले हैं। इसके अलावा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय में आज पांच अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। एक तीव्र वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण उत्तर पश्चिम भारत में पांच और छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश व ओले गिरने वाले हैं। पूर्वी भारत की बात करें तो उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में पांच अक्टूबर को एकल स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में पांच अक्टूबर को एकल स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में पांच अक्टूबर को भारी बारिश, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में छह अक्टूबर को भारी बारिश होगी। अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकांश जगहों पर मध्यम बारिश और कई जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो पांच से सात अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में काफी व्यापाक बारिश, तूफान, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में पांच और छह अक्टूकर को, उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में छह अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में पांच अक्टूबर, पंजाब में पांच व छह अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में छह अक्टूबर को ओलावृष्टि होगी। आठ अक्टूबर से अगले दो दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। उत्तर पूर्वी भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में पांच, छह और 10 अक्टूबर को, असम, मेघालय में पांच से 10 अक्टूबर तक, नगालैंड में छह से 11 अक्टूबर तक, मणिपुर में आठ और 9 अक्टूबर को, मिजोरम में आठ अक्टूबर को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में पांच अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी, मेघालय में पांच अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश होने वाली है।  

2047 तक कैसे साकार होगा विकसित यूपी का संकल्प, दृढ़ता से अपनी राय रख रहे यूपी के ग्रामीण युवा

– शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर युवाओं का फोकस, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव – तकनीकी खेती, कोल्ड स्टोरेज, समर्थन मूल्य और डिजिटल किसान मंडियों के मिल रहे सुझाव – सुझाव देने के मामले में शहरियों के मुकाबले बहुत आगे हैं यूपी के ग्रामीण युवा  – शहरी क्षेत्रों से अबतक 6 लाख, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 'विकसित यूपी' बनाने का जो अभियान शुरू किया है, वह अब एक जन आंदोलन बनता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस अभियान में ग्रामीण युवाओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। पहली बार गांवों से इतनी बड़ी संख्या में युवा प्रदेश के विकास के हर पहलू पर अपनी राय दे रहे हैं। सरकार के पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 27 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 21 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 6 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यानी, शहरों से कहीं अधिक सक्रिय हैं यूपी के गांवों के युवा, जो अपने सुझावों से ‘विकसित यूपी’ के ब्लूप्रिंट को आकार दे रहे हैं। गांवों से उठी विकास की नई आवाज़ गांवों के युवाओं का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है और वे इस परिवर्तन का हिस्सा बनना चाहते हैं। हरदोई के सौरभ सिंह कहते हैं कि अब गांवों में भी खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हर पंचायत में खेल मैदान और डिजिटल लाइब्रेरी जरूरी हैं। सीतापुर के योगेश कुमार का कहना है कि हर गांव तक इंटरनेट और अच्छी शिक्षा पहुंचे। तभी गांवों का युवा शहरों से मुकाबला कर सकेगा। जौनपुर की पूजा त्रिपाठी का कहना है कि गांवों में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा और सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हों। योगी सरकार ने जो शुरुआत की है, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। महराजगंज के किसान युवक अमन चौधरी कहते हैं कि खेती में तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी बने ताकि फसल का सही दाम मिले। वाराणसी के प्रवीण सिंह का सुझाव है कि युवाओं को स्टार्टअप्स के लिए आसान लोन और तकनीकी मार्गदर्शन मिले। अब गांवों में भी इनोवेशन की लहर है। शिक्षा और कृषि सबसे आगे, ग्रामीण युवाओं की प्राथमिकता साफ अभियान के तहत अब तक मिले 7.8 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। ग्रामीण युवाओं ने स्कूलों में गुणवत्ता, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने कहा है कि अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो व्यवस्था खुद सुधर जाएगी। सरकारी स्कूलों को सबके लिए अनिवार्य किया जाए। कृषि क्षेत्र से 6 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें तकनीकी खेती, AI आधारित फसल प्रबंधन, ड्रिप इरिगेशन, कोल्ड स्टोरेज और किसान ड्रोन जैसे विषय प्रमुख हैं। अयोध्या के युवा किसान मनोज तिवारी का कहना है कि कृषि को स्मार्ट बनाना ही विकसित यूपी की असली पहचान होगी। खेल, स्वास्थ्य और इंटरनेट पर भी जोर कन्नौज के विवेक मिश्रा ने कहा है कि हर गांव में जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्र बनें। ग्रामीण प्रतिभाओं को जिला स्तर तक प्लेटफॉर्म मिले। बस्ती के आकाश यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुझाव दिया कि हर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को डिजिटल हेल्थ नेटवर्क से जोड़ा जाए। गोंडा की ममता वर्मा ने कहा है कि  महिलाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ें, तभी गांवों में आत्मनिर्भरता आएगी। युवाओं को योगी आदित्यनाथ में दिख रही नई आशा ग्रामीण युवाओं का विश्वास साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जो पारदर्शिता, सुशासन और विकास की गति दी है, वह उन्हें अपनी बात खुलकर रखने की हिम्मत देती है। लंदन में हाल ही में 'विकसित यूपी 2047' का लोगो लॉन्च हुआ, जहां एनआरआई समुदाय ने भी योगी के विज़न की सराहना की। यूके, दुबई और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों ने भी इस अभियान में सुझाव भेजे हैं, जिससे ये पहल अब वैश्विक स्वरूप ले चुकी है। युवाओं के सुझाव, सरकार के लिए दिशा सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के युवाओं से मिले इन सुझावों का अध्ययन कर सरकार उन्हें भविष्य की विकास नीतियों में शामिल करेगी। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश का ग्रामीण युवा सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि 'नीति निर्माता' की भूमिका में नजर आ रहा है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनभागीदारी आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत’ के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेगी। आज का ग्रामीण युवा सिर्फ रोज़गार नहीं, 'सार्थक विकास' चाहता है। उसे योगी आदित्यनाथ में वह नेतृत्व दिख रहा है जो उसकी आकांक्षाओं को दिशा दे सके। गांव से निकली यह आवाज़ अब केवल सुझाव नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की नींव का पत्थर बन चुकी है।

करौली माता से लौटते समय ट्रॉली हादसा: 18 घायल, 2 की मौत

मुरैना रामपुर थाना क्षेत्र के बामसोली गांव में रविवार की दोपहर तीन बजे भीषण सड़क हादसा हुआ। श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ट्रॉली सड़क पर पलट गई। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई, वहीं 18 सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्रामीणों ने वाहनों से सबलगढ़ अस्पताल भिजवाया। जहां दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाकी का सबलगढ़ में इलाज किया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई, जहां इस ट्रॉली को बैहको लोडर मशीन से सीधा कराया गया। संतुलन बिगड़ा और ट्रॉली पलटी जानकारी के मुताबिक रामपुरकलां गांव से लगभग 20 से 25 लोग संदीप धाकड़ के ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर शनिवार को करौली राजस्थान स्थित कैलादेवी के दर्शन करने के लिए गए थे। रविवार की दोपहर सभी इसी ट्रैक्टर ट्रॉली से वापस रामपुर आ रहे थे। रामपुर गांव से ठीक पहले बामसोली गांव में अचानक ही चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क पर पलट गई। ट्रॉली पलटते चीख पुकार मच गई। चूंकि हादसा बामसोली गांव में हुआ तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जल्द ही बचाव कार्य चालू कर दिया गया। इस बीच तुलसी पत्नी संदीप धाकड़ उम्र 28 साल व संजना पुत्री महेंद्र धाकड़ उम्र 11 साल की मौके पर मौत हो चुकी थी, वहीं 18 महिला पुरुष व बच्चे घायल अवस्था में थे। ग्रामीणों ने इन घायलों को अपने निजी वाहनों से सबलगढ़ अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इस बीच गंभीर घायल उर्मिला जादौन पत्नी भगवान सिंह जादौन उम्र 55 साल व नीतू धाकड़ पत्नी रामलखन धाकड़ उम्र 35 साल को जिला अस्पताल रेफर किया गया। सभी घायल व मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। इन घायलों को सबलगढ़ अस्पताल में चल रहा इलाज जिन घायलों का सबलगढ़ अस्पताल में इलाज किया जा रहा है उनमें प्रीति उम्र 17 निवासी बराकलां, अंजली उम्र 15 निवासी बराकलां, मिथलेश निवासी बस्तौली सहित रामपुरकलां गांव के सावित्री उम्र 60 साल, लक्ष्मीनारायण उम्र 45 साल, ममता उम्र 40 साल, महेंद्र उम्र 34 साल, सोनम उम्र 14 साल, ज्योति उम्र 30 साल, मंजू 35 साल, राजेंद्र उम्र 35 साल, जगदीश उम्र 43 साल, पंकज उम्र नौ माह, शिवानी उम्र 24 साल व कमलेश 45 साल के नाम शामिल है। रिटायर चिकित्सक भी पहुंचे उपचार करने रामपुर क्षेत्र में बड़े सड़क हादसे की सूचना मिलने पर बीएमओ डॉ. राजेश ने पूरे मेडिकल स्टाफ को अस्पताल बुला लिया। इसी बीच सिविल अस्पताल सबलगढ़ से ही रिटायर हुए डा. एमपी गुप्ता को हादसे का पता चला तो वह भी अस्पताल पहुंच गए। जिसके बाद घायलों का इलाज करना शुरू किया। डा. एमपी गुप्ता कुछ दिन पूर्व ही अस्पताल से रिटायर हुए हैं। उनका कहना था कि अस्पताल में डाक्टरों की कमी न हो और घायलों को समुचित इलाज मिले, इसकी वजह से वह भी इस काम में जुट गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर छिंदवाड़ा प्रकरण में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी निलम्बित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिविल अस्पताल परासिया, जिला छिंदवाड़ा में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही डॉक्टर सोनी और दवा निर्माता कंपनी के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कार्यवाही करते हुए आय़ुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी ने डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। डॉ. सोनी द्वारा निजी प्रैक्टिस के दौरान उपचार के लिए आए शिशुओं के उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने और अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से नहीं करने के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत यह कार्यवाही की गई। उल्लेखनीय है कि डॉ. सोनी द्वारा निजी प्रैक्टिस के दौरान शिशुओं को ऐसी दवाइयां पर्चे पर लिखी गई, जिसका सेवन करने के बाद शिशुओं को तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई हुई तथा शिशुओं की किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ा। इससे कुछ बच्चों की दु:खद मृत्यु हो गई। निलंबन काल में डॉ. सोनी का मुख्यालय, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर के अधीन किया गया है। प्रकरण में छिंदवाड़ा के थाना परासिया में डॉ. प्रवीण सोनी और कांचीपुरम तमिलनाडु की दवा निर्माता कंपनी मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के संचालकगण के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105,276 तथा औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27ए के अंतर्गत एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण बच्चों की मृत्यु की घटना संज्ञान में आने पर कोल्ड्रिफ सिरप के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए थे। शनिवार की सुबह जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाए गए। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया, साथ ही इस दवा की प्रदेश में आवाजाही पर सख्त निगरानी के निर्देश भी दिए गए।  

उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में आपस में जुड़े हैं मध्यप्रदेश और असम गुवाहाटी में हुआ इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुवाहाटी के एक निजी होटल में 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया। पीएम मित्र पार्क में उद्योग लगाने किया आंमत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मध्यप्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को किया जा चुका है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क निवेश के लिए एक अनूठा और सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेशक इस टेक्सटाइल पार्क में या मध्यप्रदेश के किसी भी अंचल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहें, तो हमारी सरकार इसमें सहयोगी और मददगार के रूप में साथ देगी। म.प्र. और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. श्री भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. श्री जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश में है अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य में जमीन और पानी पर भी सोलर एनर्जी प्रोडेक्शन प्लांट लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधों और निर्माण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए हम औद्योगिक इकाई स्थापना, रॉ मटेरियल अवेलेबिलिटी, गुड्स ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, एक्सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और कुशल श्रम शक्ति उपलब्ध कराने जैसे सभी सेक्टर्स में आगे बढ़कर इन्हें प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए सभी राज्यों के मध्य एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक है और तभी हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बन पाएगा। मध्यप्रदेश और असम दोनों इस लक्ष्य की ओर मिलकर आगे बढ़ेंगे। पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में होता है विकास : श्री धानुका असम राज्य के फिक्की के अध्यक्ष एवं जीडी धानुका ग्रुप के एमडी डॉ. घनश्याम दास धानुका ने असम के कल्चरल आइकॉन स्व. श्री जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह आयोजन असम और मध्यप्रदेश के लिए देश के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए औद्योगिक विकास का गेट-वे बनेगा। मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में विकास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने इस मामले में लीड ले ली है। असम और म.प्र. के बीच कायम होंगे पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते : श्री जॉयदीप असम राज्य के फिक्की के सह-अध्यक्ष एवं बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स प्रालि के निदेशक श्री जॉयदीप गुप्ता ने कहा कि गुवाहाटी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव और डेलीगेशन का स्वागत है। यह मां कामाख्या की भूमि है। हम आज असम के सुप्रसिद्ध गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का दिल है और असम देश के लिए इकॉनॉमिक गेटवे की तरह है। विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निवेश आधारित यह रोड-शो बेहद अहम साबित होगा तथा इससे दोनों राज्यों के बीच पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते कायम होंगे। मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र कपास उत्पादन का गढ़ : श्री शर्मा श्री सीमेंट प्रा.लि. के श्री मनोज कुमार शर्मा ने कहा … Read more

जीप में रोमांच, हेट में स्टाइल: सीएम मोहन यादव और पत्नी की अनोखी सड़कों की सैर

भोपाल  एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव इन दिनों असम के दौरे पर हैं। वे एमपी में इन्वेस्ट करने के लिए पूर्वोत्तर भारत के निवेशकों को लुभा रहे हैं। असम प्रवास के दौरान रविवार को सीएम मोहन यादव पत्नी सीमा यादव के साथ विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान घूमने गए। यहां वे खुली जीप में हेट पहने स्टाइलिश अंदाज में नजर आए। सीएम मोहन यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों को बिल्कुल पास से देखा। उन्होंने हाथियों को स्पर्श करते हुए गन्ना खिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अजगर से भी रूबरू हुए। भ्रमण के बाद उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और असम के बीच वन्य जीव पर्यटन में साझेदारी के लिए विशेष पहल की जाएगी। सीएम मोहन यादव चाय बागान भी पहुंचे। यहां उन्होंने मजदूरों और महिलाओं से चर्चा की। चाय बागान के भ्रमण के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने चाय उत्पादन की प्रक्रिया समझी। चाय उत्पादकों और मजदूर महिलाओं से काम की बा​रीकियां जानीं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने चाय उद्योग को असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने एमपी और असम के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में परस्पर सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने के लिए पहल करने की बात कही। अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सीएम मोहन यादव अलग अंदाज में नजर आए। वे खुली जीप में हेट पहनकर घूमे और दूरबीन से भी उद्यान के प्राकृतिक सौंदर्य व वन्यजीवों को देखते रहे। उद्यान के हाथियों को सीएम मोहन यादव ने गन्ना खिलाकर दुलार किया। इस दौरान उन्होंने एक अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा।   बता दें कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का प्रमुख केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया है। यहां एक सींग वाला गैंडा पाया जाता है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में हाथियों की भी खासी संख्या है। यहां जंगली भैंसें, दलदली हिरणों भी पाए जाते हैं। अनेक अन्य प्रकार के वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी काजीरंगा विख्यात है। उद्यान में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां भी हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने विश्वविख्यात उद्यान में पूरा लुत्फ उठाया। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए उद्यान में किए गए नवाचारों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में उभरीं नई प्रतिभाएं, निधि, मीरा और अलीशा ने काव्य पाठ से बांधा समा

रायपुर. प्रदेश भर के युवा कवियों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया प्रदेश भर के 1038 युवा कवियों ने प्रतियोगिता में  सहभागिता की। संभाग स्तर पर चयनित प्रतिभागियों का  फाइनल मुकाबला शनिवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, बिलासपुर की ही मीरा मृदु ने द्वितीय तथा सरगुजा की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कवि सम्मेलन में तीनों को क्रमशः 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपए की पुरस्कार राशि  सीएम साय एवं डिप्टी सीएम साव ने प्रदान की। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस युवा कवि सम्मेलन में प्रीेतयोगिता में विजयी तीनों नवोदित कवियों को मंच पर सर्वप्रथम काव्य पाठ का अवसर दिया गया। अलीशा शेख ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि पर कविता प्रस्तुत की, मीरा मृदु ने मधुर स्वर में छत्तीसगढ़ महतारी और रामायण प्रसंग को नए काव्य रूप में पिरोया, जबकि निधि तिवारी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और बेटियों की पीड़ा पर प्रभावशाली रूपक कविता सुनाई। वरिष्ठ कवियों ने तीनों युवा कवियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि प्रतिभा से परिपूर्ण है, जो राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। बता दें कि कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कवयित्री कविता तिवारी एवं मनु वैशाली ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार कविताओं की विविध रसधाराओं से गूंज उठा। इस अवसर पर मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी, विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर जी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शंशाक तिवारी जी, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री राहुल टिकरिहा जी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल जी, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज जी, लौह शिल्पकार  बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी एवं प्रदेश के युवा कवि उपस्थित रहे।