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5 अक्टूबर को असम में निवेशकों से वन-टू-वन मुलाकात, मध्य प्रदेश में निवेश के बेहतर अवसरों पर चर्चा

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आज रविवार 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को रॉयल भूटान काउन्सलेट के काउंसिल जनरल  जिग्मे थिनायल नामग्याल भी संबोधित करेंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के संसाधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा।  मध्यप्रदेश की केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए सर्वाधिक अनुकूल और एक अनूठा केंद्र बनाती है। मध्यप्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन क्षेत्र में निवेश केवल व्यवसाय ही नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्यप्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है।  

महू-खंडवा रेल कॉरिडोर में 20 किमी सुरंगों का निर्माण, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

इंदौर  महू-खंडवा रेलवे प्रोजेक्ट शुरू करने को लेकर कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को भोपाल में रीजनल इंपावरमेंट कमेटी (आरईसी) की बैठक में प्रोजेक्ट से जुड़े पर्यावरण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें जंगल में बिछाई जाने वाली पटरी और निर्माण कार्यों पर सहमति बन चुकी है। गेज परिवर्तन के तहत इंदौर-बड़वाह वनमंडल की 454 हेक्टेयर वनभूमि आएगी, जिसमें एक लाख 52 हजार पेड़ चिह्नित किए गए हैं। हालांकि 17 हजार पेड़ों को बचाया जा सकेगा, क्योंकि इस पूरे रेल मार्ग पर 20 किमी लंबी 16 सुरंगें बनाई जाएंगी। इस कारण इन पेड़ों को काटा नहीं जाएगा। साथ ही रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया कि मार्ग में जगह-जगह अंडरपास बनाए जाएंगे, जिससे पेड़ों को बचा सकेंगे। हालांकि महीनेभर में प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद रेलवे को राशि जमा करनी होगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अगले कुछ महीनों में प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। महू-खंडवा प्रोजेक्ट में इंदौर वनमंडल की 410 हेक्टेयर और बड़वाह वनमंडल की 44 हेक्टेयर वनभूमि इस्तेमाल की जाएगी। इंदौर के 410 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लाख 30 हजार और 44 हेक्टेयर में 22 हजार पेड़ों को चिह्नित किया गया है। हालांकि सुरंग बनने से इनमें 17 हजार पेड़ बचाए जाएंगे। बड़िया से बेका के बीच 4.1, चोरल से मुख्तियार बलवाड़ा के बीच 2.2 और राजपुर में 1.6 किमी लंबी सुरंग रहेगी। शेष 12.1 किमी की 13 सुरंग बनाई जाएंगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सुरंग के अलावा अंडरपास बनाए जाएंगे। ये सभी 30-30 मीटर होंगे। इससे भी काफी संख्या में पेड़ों को कटने से बचाया जा सकेगा। धार-झाबुआ में लगेंगे पौधे इंदौर-बड़वाह के जंगलों से कटने वाले पेड़ों की भरपाई की जाएगी, मगर इसके लिए इंदौर वनमंडल में वनक्षेत्र नहीं है। इसके चलते धार और झाबुआ में एक हजार हेक्टेयर में पौधे रोपे जाएंगे। वन अफसरों ने वनभूमि चिह्नित कर ली है। फिलहाल रेलवे भी इसके लिए राजी है। दक्षिण से बढ़ेगी कनेक्टिविटी महू-खंडवा प्रोजेक्ट से इंदौर को काफी फायदा होगा। गेज परिवर्तन होने से दक्षिण की ओर जाने वाली ट्रेन भी इंदौर होकर गुजरेगी। अभी दक्षिण से चलने वाली ट्रेन उज्जैन और खंडवा से डायवर्ट हो जाती है। 150 करोड़ रुपये वन विभाग को रेलवे देगा वनभूमि के एवज में रेलवे वन विभाग को 40 करोड़ रुपये देगा। साथ ही पौधों की नेट प्रेजेंट वैल्यू भी निकाली गई है। उसके लिए भी 40 करोड़ रुपये देने होंगे। जबकि 1000 हेक्टेयर में पौधे लगाए जाएंगे। इसका खर्च भी रेलवे ही उठाएगा। यह राशि लगभग 50 करोड़ रुपये आएगी। वहीं पेड़ों को काटने और परिवहन का खर्च भी वन विभाग रेलवे से वसूलेगा, जो चार से पांच करोड़ होगा। वन विभाग के मुताबिक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद रेलवे को राशि जमा करनी होगी। उसके बाद रेलवे को काम करने की अनुमति दी जाएगी। अगले कुछ दिनों में मिलेगी अनुमति     वन व पर्यावरण मंत्रालय की कमेटी ने महू-खंडवा प्रोजेक्ट को लेकर बैठक ली थी, जिसमें वन विभाग ने कुछ आपत्तियां लगाई थीं। इसे लेकर रेलवे ने जवाब दिया है। अगले कुछ दिनों के भीतर कमेटी हरी झंडी देगी। इसके बाद रेलवे को आगे की प्रक्रिया करनी होगी। –प्रदीप मिश्रा, डीएफओ, इंदौर वनमंडल  

2030 तक तैनात होगी Mach 4.5 ब्रह्मोस मिसाइल, भारत-रूस मिलकर बढ़ाएंगे देश की रक्षा ताकत

नई दिल्ली भारत और रूस की रक्षा साझेदारी एक नए मुकाम पर पहुंच गई है. दोनों के बीच हुई 800 मिलियन डॉलर की ‘घातक’ डील अब दुनिया के हथियार बाजार में हलचल मचा रही है. दोनों देशों की ज्वाइंट प्रोजेक्ट ब्रह्मोस एयरोस्पेस अब ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल को और भी घातक और तेज बनाने पर काम कर रही है. मौजूदा ब्रह्मोस की स्पीड जहां मैक-3 है, वहीं नए वेरिएंट को मैक-4.5 (Mach 4.5) की रफ्तार से उड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है. यह अपग्रेड आने वाले दशकों तक भारत को विश्व स्तर पर बढ़त दिलाने वाला साबित हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह अपग्रेड मिसाइल के रैमजेट इंजन (Ramjet Engine) को और शक्तिशाली बनाकर किया जाएगा. इससे इसकी मारक क्षमता 450 से 800 किलोमीटर तक बनी रहेगी. लेकिन रफ्तार दुश्मन के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को मात देने वाली होगी. यही नहीं इस मिसाइल की अंतरराष्ट्रीय मांग भी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है. रैमजेट इंजन होगा और ताकतवर इस प्रोजेक्ट में रूस के वैज्ञानिक और भारत की DRDO (Defence Research and Development Organisation) मिलकर काम कर रहे हैं. इसका फोकस नए हाई-टेम्परेचर अलॉय और स्पेशल फ्यूल पर है, ताकि इतनी तेज गति पर भी इंजन और एयरफ्रेम सही तरह से काम करता रहे. मौजूदा एयरफ्रेम रहेगा कारगर विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा ब्रह्मोस का एयरफ्रेम इतना मजबूत है कि वह बिना बड़े बदलाव के मैक-4.5 की रफ्तार झेल सकता है. हालांकि इतनी रफ्तार पर तापमान और दबाव से निपटने के लिए नई सामग्री का इस्तेमाल करना होगा. 2030 तक होगा तैयार जानकारी के मुताबिक, अपग्रेडेड ब्रह्मोस का ग्राउंड टेस्ट अगले तीन साल में शुरू हो सकता है. इसके बाद उड़ान परीक्षण और इंटीग्रेशन किया जाएगा. अनुमान है कि यह नया वेरिएंट 2030 की शुरुआत तक तैनाती के लिए तैयार हो जाएगा. दुश्मनों के पास नहीं होगा जवाब मैक-4.5 स्पीड हासिल करने के बाद दुश्मन देशों के पास मिसाइल को इंटरसेप्ट करने का वक्त नहीं बचेगा. यह किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती होगी. साथ ही, इसकी हिट एनर्जी इतनी ज्यादा होगी कि यह अंडरग्राउंड बंकर, नौसैनिक जहाज और कमांड सेंटर्स तक को तबाह कर सकेगी. फिलहाल ब्रह्मोस मिसाइल को फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देशों ने खरीदा है. लेकिन नए वेरिएंट के आने के बाद अन्य देशों से भी बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है. यह भारत को हथियारों के वैश्विक बाजार में और मजबूत करेगा.  

5 अक्टूबर से मां वैष्णो देवी यात्रा तीन दिन के लिए स्थगित, श्रद्धालुओं को सूचना जारी

कटरा श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर अभी-अभी बड़ी खबर सामने आई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पहले ट्विटर) पर जानकारी दी है कि मौसम विभाग की चेतावनी के कारण यात्रा आज  5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित कर दी गई है।श्राइन बोर्ड ने कहा है कि यात्रा 8 अक्टूबर 2025 से पुनः शुरू होगी। आधिकारिक सूत्रों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा की नई जानकारी के लिए हमेशा श्राइन बोर्ड के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। साथ ही सभी से कहा गया है कि वे सुरक्षित रहें और मौसम की जानकारी पर ध्यान दें।   माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम संबंधी सलाह के मद्देनजर वैष्णो देवी यात्रा 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित रहेगी और 8 अक्टूबर को फिर से शुरू होगी। भक्त आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट रह सकते हैं। 26 अगस्त को मंदिर मार्ग पर हुई लैंडस्लाइड बता दें कि जम्मू संभाग में 26 अगस्त को अत्यधिक खराब मौसम के दौरान माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन होने से 35 से अधिक तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसके कारण माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी। कटरा में पिछले दिनों हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन ने होटल और धर्मशालाओं को खाली करने का आदेश जारी किया था। भूस्खलन त्रासदी के बाद, माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आलोचना हुई थी, यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी यात्रा के मामलों का प्रबंधन करने वाले एसएमवीडीएसबी के अधिकारियों को दोषी ठहराया था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन दिन बाद माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन की घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया था।  दिल्ली, पंजाब समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना इस सप्ताह उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 4 से 7 अक्टूबर के दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। खासकर 6 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है। राजस्थान के पश्चिमी और उत्तरी भागों में भी इसी अवधि में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में वर्षा के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। पूर्वी, पूर्वोत्तर और प्रायद्वीपीय भारत में कैसा रहेगा मौसम? बात अगर पूर्वी भारत की करें तो ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी 4 से 7 अक्टूबर के बीच गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि ओडिशा के कुछ जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसके कारण भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने रहेगा। प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो दक्षिण प्रायद्वीप के तटीय क्षेत्रों जैसे आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु और तेलंगाना में भी भारी बारिश की संभावना है। सात अक्टूबर के बाद सामान्य होगी मौसम की ‌स्थिति मौसम विभाग का कहना है कि लगभग 7 अक्टूबर के बाद, उत्तर भारत और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहने और सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने की शुरुआत हो सकती है, जो मॉनसून की विदाई का संकेत है। हालांकि, दक्षिणी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। मुंबई और अन्य पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में मानसून की वापसी में थोड़ी देरी हो सकती है, जिससे रुक-रुक कर बारिश और उमस भरी गर्मी का अनुभव हो सकता है। अगस्‍त में भीषण लैंडस्‍लाइड बता दें कि अगस्‍त के अंतिम सप्‍ताह में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर स्थित अर्धकुवारी में लैंडस्लाइड की घटना हुई थी. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया था कि लैंडस्लाइड इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ. इस हादसे में जानमाल का व्‍यापक पैमाने पर नुकसान हुआ था. तकरीबन तीन दर्जन श्रदधालुओं की मौत हो गई थी. यात्रा मार्ग फिर से बहाल करने में कई दिन का वक्‍त लग गया था. इस दौरान भक्‍तों के लिए माता वैष्‍णो देवी की यात्रा को रोक दिया गया था. उस समय हुई प्राकृतिक आपदा से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार कोई खतरा नहीं उठाना चाहता है. मौसम विभाग की चेतावनी आने के तुरंत बाद यात्रा को रोकने का आदेश जारी कर दिया गया.

हाईकोर्ट का आदेश: सरकारी आवास में पालतू जानवर नहीं रह सकते, केवल परिवार को अनुमति

जबलपुर  पालतू कुत्ते और बिल्लियां अब सिर्फ घर की खुशी का जरिया नहीं रह गई हैं, बल्कि कभी-कभी पड़ोसियों और परिवार के लिए कानूनी मुद्दा बन रही हैं। जबलपुर (Jabalpur) के व्हीकल फैक्ट्री में तैनात जूनियर वर्क्स मैनेजर (JWM) सैफ उल हक सिद्दीकी ने भी इसी कारण हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन शुक्रवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। मामला इस बात का है कि फैक्ट्री प्रशासन ने पड़ोसियों की शिकायत पर JWM को सरकारी क्वार्टर खाली करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी क्वार्टर परिवार के लिए है, और यदि डॉग पालने की जिम्मेदारी याचिकाकर्ता पर है, तो वह किराए के मकान में रहकर पालतू डॉग का पालन कर सकता है। पालतू डॉग्स और पड़ोसियों के बीच विवाद का कारण हाल ही में देखा गया है कि पालतू डॉग और बिल्लियां न केवल पति-पत्नी के बीच मतभेद का कारण बन रही हैं, बल्कि पड़ोसियों के साथ भी संबंधों को प्रभावित कर रही हैं। पड़ोसियों ने शिकायत की थी कि JWM के घर में कई पालतू कुत्ते और बिल्लियां रहने के कारण शोर और गंदगी बढ़ रही है। इस शिकायत के बाद फैक्ट्री प्रशासन ने सरकारी क्वार्टर खाली करने का आदेश जारी किया। JWM ने इसे अवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि क्वार्टर आवंटन केवल परिवार के लिए होता है, और किसी भी पालतू जानवर को वहां रखने की जिम्मेदारी परिवार के अधिकार में नहीं आती। हाईकोर्ट का आदेश और तर्क जस्टिस विवेक जैन की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि फैक्ट्री प्रशासन का आदेश सही है। सरकारी क्वार्टर परिवार के रहने के लिए है, न कि पालतू जानवरों के लिए। पड़ोसियों की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, और शांति बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि याचिकाकर्ता पालतू डॉग पालना चाहते हैं, तो वह किराए का मकान लेकर अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। याचिकाकर्ता क्वार्टर का मालिक नहीं है, बल्कि इसे फैक्ट्री प्रशासन ने आवंटित किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पालतू जानवरों के कारण उत्पन्न परेशानियों को प्रशासन और कानूनी तौर पर हल किया जा सकता है। देश-विदेश में पालतू जानवरों से जुड़े विवाद पालतू डॉग्स और बिल्लियों से जुड़े विवाद अब सिर्फ जबलपुर या किसी एक शहर तक सीमित नहीं रह गए हैं। यहां तक कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी 2023 में अपने पालतू डॉग की वजह से सामाजिक और कानूनी बहस का हिस्सा बन चुके हैं। भारत में भी कई परिवारों में पालतू जानवरों ने घर की शांति को चुनौती दी है, कभी पति-पत्नी के बीच तलाक की नौबत आई, तो कभी पड़ोसियों के साथ मतभेद और कानूनी याचिकाओं की झड़ी लग गई। इसलिए पालतू जानवर सिर्फ घर की खुशी का जरिया नहीं रहे, बल्कि वे अब सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारियों का भी हिस्सा बन गए हैं, जिनका पालन हर मालिक को सोच-समझकर करना पड़ता है। मिडिया और समाज पर प्रभाव इस मामले ने समाज में पालतू जानवरों और पड़ोसियों के अधिकार के बीच संतुलन की चर्चा शुरू कर दी है। मीडिया ने इसे बड़े पैमाने पर कवर किया, और सोशल मीडिया पर भी जब इस तरह के विषय उजागर होते हैं, तो लोग अपनी तरह-तरह की राय देने में पीछे नहीं रहते। अदालत के आदेश ने साफ कर दिया कि सरकारी आवास का उपयोग निजी जिम्मेदारी और पालतू जानवरों के लिए नहीं किया जा सकता। पड़ोसियों और मालिकों के बीच उत्पन्न विवाद अब प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से नियंत्रित किया जा सकता है।

5 अक्टूबर 2025 राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए दिनभर की भविष्यवाणी

मेष राशि- मेष राशि वालों को दोस्तों का साथ मिलेगा। निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। घरेलू जीवन सुख-शांति रहेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। जीवनसाथी के साथ बाहर घूमने जाने का प्लान बन सकता है। धन की स्थिति में सुधार होगा। कारोबार में विस्तार के योग हैं। वृषभ राशि– आज ऑफिस में काम का प्रेशर हो सकता है। धन लाभ के संकेत हैं। जीवनसाथी का साथ मिलेगा, जिससे वैवाहिक जीवन सुखद होगा। बिना किसी से सलाह लिए आज आपको अपना पैसा निवेश नहीं करना चाहिए। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। सेहत का ध्यान रखें। मिथुन राशि- आज आपको किसी दोस्त की मदद से आर्थिक लाभ हो सकता है। संतान पक्ष से अच्छे समाचार की प्राप्ति हो सकती है। आज करीबी लोगों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। सेहत पहले से बेहतर होगी। व्यापारिक रूप से अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। कर्क राशि– आज का दिन धन संबंधी मामलों को सुलझाने के लिए अच्छा है। व्यापार करने वालों को बिजनेस में मुनाफा हो सकता है। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। लव लाइफ अच्छी रहेगी। आपका जीवनसाथी आज आपको खुश करने की भरपूर कोशिश करेगा। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। सिंह राशि- आज आपको मामलों को सुलझाते समय पॉजिटिव नजरिया बनाए रखना चाहिए। लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। धन की आवश्यकता कभी भी पड़ सकती है, इसलिए अपने वित्त की प्लानिंग बनाएं। धन लाभ के संकेत हैं। व्यावसायिक स्थिति सुदृढ़ होगी। घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है। कन्या राशि- आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लेकिन आपको ज्यादा गुस्सा करने से बचना चाहिए। घर पर किसी मित्र का आना हो सकता है। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। धन की स्थिति में सुधार होगा। व्यापार करने वालों के लिए दिन अच्छा है। तुला राशि– आज आपको काम के कारण तनाव हो सकता है लेकिन शाम तक चीजें सामान्य होती जाएंगी। पारिवारिक जिम्मेदारियां अच्छे से निभाएंगे। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। आकस्मिक धन लाभ होगा जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। सेहत अच्छी रहेगी। वृश्चिक राशि- आज आपका आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। वाणी में मधुरता रहेगी। सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। किसी प्रॉपर्टी में निवेश करना आपके लिए नुकसान भरा हो सकता है। जहां तक ​​संभव हो ऐसे निर्णय लेने से बचें। यह आपके लव लाइफ में एक अद्भुत दिन होने वाला है। धनु राशि- आज धन लाभ आपकी उम्मीद के मुताबिक नहीं होगा, जिससे मन परेशान हो सकता है। आपका अपने जीवनसाथी के साथ तनावपूर्ण संबंध रहेगा। परिवार का कोई सदस्य आज आपसे अपनी परेशानी शेयर कर सकता है। निवेश से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है। व्यापारिक स्थिति उतार-चढ़ाव भरी रहने वाली है। मकर राशि- आज किसी दोस्त की मदद से धन लाभ हो सकता है। कोई रिश्तेदार अपनी पर्सनल परेशानियों को सुलझाने के लिए आपसे सलाह ले सकता है। आज का दिन वैवाहिक जीवन के लिए खास है। ऑफिस में प्रमोशन के मौके मिलेंगे, जिसके लिए आपको अपनी आंखें खोलकर रखने की जरूरत है। कुंभ राशि- आज आपके मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे, लेकिन धैर्य से काम लें। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। पिता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है। करियर में नई जिम्मेदारी या भूमिका निभाने का मौका मिल सकता है। यात्रा के योग हैं। मीन राशि- आज आपको अपनी बुद्धि के बल पर धन कमाने का मौका मिलेगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। निवेश आपके लिए लाभकारी रहने वाला है। परिवार में वाद-विवाद होने की आशंका है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। धन आपके पक्ष में रहेगा। व्यापार में विस्तार के मौके मिलेंगे।

रिटायरमेंट का सपना सच! रूस की महिला ने बताया बेंगलुरु सबसे आदर्श शहर

नई दिल्ली भारत के सिलिकॉन सिटी के नाम से जाना जाने वाला बेंगलुरु अब विदेशी लोगों की भी पहली पसंद बनता जा रहा है। इस दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रूस की एक महिला ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू को अपना पसंदीदा शहर करार दिया है। दरअसल, यूलिया नाम की एक रूसी महिला ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने विचार को साझा किया और बेंगलुरु को भारत में रहने के लिए सबसे बेहतरीन शहर बताया। साइबेरिया में जन्मी और पली-बढ़ी यूलिया ने कहा कि बेंगलुरु का मौसम और जीवनशैली इसे भारतीय शहरों में उनकी पहली पसंद बनाती है। इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने बेंगलुरु को धूपदार, गर्म और हरा-भरा बताया है। इसके अलावा उन्होंने भारत के अन्य महानगरों की तुलना में इस शहर को एकदम संतुलित बताया है। अपने वीडियो में उन्होंने बताया कि दिल्ली और जयपुर में सर्दियां जमने वाली लगती हैं, जबकि चेन्नई और मुंबई बहुत ज़्यादा गर्मी होती है। उन्होंने कहा कि अपने सुहावने मौसम के कारण उनको बेंगलुरू एकदम सही लगा। ट्रैफिक की समस्या का ना करें जिक्र अपने इस वीडियो संदेश में यूलिया ने शहर के संस्कृति की भी सराहना की। उन्होंने इस शहर को भारत की पब राजधानी करार दिया और रिटायरमेंट के बाद रहने के लिए स्वर्ग बताया। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में लोगों से शहर के ट्रैफिक के बारे में जिक्र ना करने की अपील की है। कई लोगों को पसंद आता है बेंगलुरु उल्लेखनीय है कि तापमान और यहां के वातावरण के कारण बेंगलुरु भारत में ही रहने वाले कई लोगों के लिए पहली पसंद है। मुंबई, चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों की तुलना में, बेंगलुरु में साल भर हल्का तापमान रहता है और आसपास का हरा-भरा वातावरण शहर को ठंडा रखने में मदद करता है।  

करूर भगदड़ में लापरवाही पर मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई विजय की पार्टी को चेतावनी

नई दिल्ली मद्रास उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते करूर में हुई भगदड़ को लेकर दक्षिण के सुपरस्टार विजय की TVK पार्टी को कड़ी फटकार लगाई है। अभिनेता के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के नेता, जिन्होंने करूर में रैली का आयोजन किया था घटनास्थल से भाग गए और 41 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के बाद उन्हें कोई पछतावा नहीं हुआ। न्यायाधीश ने एक हिट एंड रन मामले में टीवीके की प्रचार बस को जब्त करने का आदेश दिया और वीडियो का हवाला देते हुए बताया कि बस एक दुर्घटना में शामिल थी। उन्होंने पुलिस को रैली के सभी सीसीटीवी कैमरे, खासकर विजय की बस के अंदर और बाहर के कैमरे, जब्त करने का भी आदेश दिया।   अदालत ने दिया एसआईटी गठन का आदेश अदालत ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) असरा गर्ग की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया है और राज्य सरकार से एसआईटी के साथ सहयोग करने को कहा है। अदालत ने कहा कि रैली आयोजकों ने उन लोगों को छोड़ दिया जो अभिनेता की एक झलक पाने आए थे, लेकिन अंततः अपनी जान गंवा बैठे और पार्टी को उनकी मदद करनी चाहिए थी। अदालत ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने कोई पछतावा, कोई जिम्मेदारी या कोई खेद नहीं दिखाया। 'विजय के खिलाफ क्यों दर्ज नहीं किया मामला' अदालत ने स्थानीय पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य टीवीके नेताओं के प्रति उदारता दिखा रहा है। यह भी पूछा गया कि विजय के खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया। अब तक टीवीके के दो नेताओं पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। इनमें विजय के करीबी सहयोगी और उनके दूसरे नंबर के अधिकारी एन 'बुस्सी' आनंद और सीटी निर्मल कुमार शामिल हैं। भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने विजय से किया संपर्क सूत्रों के अनुसार, करूर भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने दक्षिण के सुपरस्टार विजय की पार्टी से संपर्क किया है। इससे संकेत मिलता है कि भगवा पार्टी 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अपनी संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनेता के विशाल प्रशंसक आधार का उपयोग करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने टीवीके नेतृत्व को बताया है कि अगर डीएमके द्वारा विजय को गलत तरीके से निशाना बनाया गया तो वह अकेले नहीं होंगे। नेता ने टीवीके को बताया कि वह भी डीएमके को घेरना चाहती है और विजय को धैर्य रखना चाहिए। भाजपा के अलावा कांग्रेस ने भी टीवीके से संपर्क किया था, जिससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय पार्टियां इसे द्रविड़ प्रमुखों डीएमके और एआईएडीएमके के प्रभुत्व वाली राज्य की राजनीति में अपनी छाप छोड़ने के अवसर के रूप में देख रही हैं।  

उम्मीदवारों के लिए राहत: यूपीएससी जल्द जारी करेगा प्रीलिम्स अंतरिम उत्तर कुंजी

नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने प्रारंभिक परीक्षा के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। आयोग सिविल सेवा परीक्षा समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। अभी तक अंतिम परिणाम जारी होने के बाद ही उत्तर कुंजी जारी होती थी। यूपीएससी ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी। यह हलफनामा सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित लंबित याचिका पर दाखिल किया गया था। यूपीएससी ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान उसने अदालत द्वारा नियुक्त न्याय मित्र के सुझाव समेत विभिन्न कारकों पर विचार-विमर्श किया है। अधिवक्ता वर्धमान कौशिक के माध्यम से दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, व्यापक विचार-विमर्श और संवैधानिक निकाय के रूप में यूपीएससी को सौंपी गई भूमिका के मद्देनजर आयोग इस निर्णय पर पहुंचा है कि प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होने के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित किया जाए। हलफनामे में कहा गया है कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से अभ्यावेदन या आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रत्येक ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति के समर्थन में तीन प्रामाणिक स्त्रोत्र देना होगा तथा जिन आपत्तियों के पक्ष में प्रामाणिक स्त्रोत्र नहीं हो, उन्हें शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाएगा। आयोग तय करेगा कि प्रस्तुत स्त्रोत प्रामाणिक हैं या नहीं। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि अंतरिम उत्तर कुंजी तथा प्रश्न पत्र एवं उत्तर कुंजी पर उम्मीदवारों से प्राप्त आपत्तियों या अभ्यावेदन को संबंधित विषय के विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा, जो सभी पहलुओं पर विचार करेगी और उत्तर कुंजी को अंतिम रूप देगी। विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार की गई ऐसी अंतिम उत्तर कुंजी प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों की घोषणा का आधार बनेगी। हलफनामे में कहा गया है कि आयोग इन प्रक्रियाओं का पालन यथाशीघ्र शुरू करना चाहता है। यूपीएससी द्वारा लिया गया निर्णय याचिका में उठाई गई शिकायतों का प्रभावी और पर्याप्त निवारण माना जाए।  

केंद्र की बड़ी शिक्षा पहल: पीएम ई-विद्या से घर बैठे करें पढ़ाई, कोचिंग का जमाना खत्म

नई दिल्ली आपका बच्चा यदि स्कूल में है और आप उसके ट्यूशन और कोचिंग पर हर महीने एक बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं तो अब आप इससे बच सकते हैं। आपके बच्चे को कोचिंग से बेहतर शिक्षा अब घर बैठे ही पीएम ई-विद्या के जरिए मिल सकती है। केंद्र सरकार ने स्कूलों बच्चों के बीच तेजी से बढ़ी कोचिंग संस्कृति को खत्म करने की दिशा में यह अहम पहल की है। जिसमें बच्चों को बालवाटिका से बारहवीं तक के सभी विषयों की अध्ययन सामग्री अब पीएम ई-विद्या के तहत शुरू किए गए टीवी चैनलों और मोबाइल एप पर मुहैया होगी। जिसे बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार देख और पढ़ सकते है। चैट के जरिए मिलेंगे सवालों के जवाब पढ़ाई के दौरान छात्रों के मन में उससे जुड़े किसी तरह के सवाल होंगे, तो चैट के जरिए उसके भी जवाब पा सकेंगे। यह सब बिल्कुल मुफ्त होगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी ) की देखरेख में स्कूली बच्चों के लिए शुरू हुई इस मुहिम में प्रत्येक कक्षा के लिए एक समर्पित टीवी चैनल के साथ अब एक मोबाइल एप भी तैयार किया है। जिसको आइओएस और एनड्राइड दोनों तरह के मोबाइल फोन में डाउनलोड किया जा सकता है। इनमें बालवाटिका यानी प्री-प्राइमरी के लिए भी पहली बार एक समर्पित चैनल और मोबाइल एप बनाया गया है। क्या इस एप की खास बात? खासबात यह इससे जुड़ी अध्ययन सामग्री को तैयार करने या छात्रों की मदद के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अलग-अलग विषयों के देश के श्रेष्ठ शिक्षकों को लगाया गया है। एनसीईआरटी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल एप शुरू होने के करीब दो सप्ताह में एक करोड़ छात्र पीएम ई-विद्या एप से जुड़ गए हैं। वैसे तो इसका लक्ष्य स्कूलों में पढ़ने वाले सभी 25 करोड़ छात्रों तक पहुंचने का है। खासकर दूरदराज और पिछले क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचने पर सबसे अधिक फोकस है। एप के जरिए छात्र अपनी कक्षाओं से जुड़ी अध्ययन सामग्री को कभी भी देख सकेंगे। यह 30 भारतीय भाषाओं में तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि पीएम ई-विद्या की सोच वैसे तो कोरोना काल में निकलकर सामने आयी है, जिसमें दो सौ टीवी चैनल शुरू करने की घोषणा की गई थी। हालांकि इसकी शुरूआत पिछले साल यानी दिसंबर 2024 में हो पायी। अब इसमें नए-नए सुधार किए जा रहे हैं।  इस तरह हुआ है दो सौ टीवी चैनलों का बंटवारा पीएम ई-विद्या के तहत शुरू किए गए दो सौ टीवी चैनलों में से 16 चैनल अकेले एनसीईआरटी के पास है जबकि सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भी पांच-पांच चैनल दिए गए है। मणिपुर में उग्रवाद को देखते हुए उसे दस टीवी चैनल दिए गए है। यह टीवी चैनल 24 घंटे बच्चों को पढ़ाते है। राज्यों के चैनलों पर मुहैया कराई जाने वाली अध्ययन सामग्री पर भी एनसीईआरटी नजर रखता है। जरूरत पड़ने पर या खराब गुणवत्ता पर उन्हें जरूरी निर्देश भी देता है। नीट-जेईई जैसी परीक्षाओं को भी कोचिंग के चंगुल से मुक्त कराने की पहल स्कूली बच्चों को को¨चग संस्कृति से छुटकारा दिलाने की इस पहल से पहले नीट-जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं को भी कोचिंग के चंगुल के मुक्त कराने की दिशा में केंद्र ने जरूरी कदम उठाए है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का अगुवाई में एक उच्चस्तरीय कमेटी भी गठित की है। जिसे इन परीक्षाओं के पैटर्न को कुछ इस तरह से तैयार करने का सुझाव दिया गया है ताकि बगैर कोचिंग के बच्चे भी इनमें आसानी से चयनित हो सके। कमेटी इसे लेकर एक दौर की बैठक भी कर चुकी है। जिसमें चयनित बच्चों के आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाली इन परीक्षाओं में इससे जुड़े कुछ बदलाव दिख सकते हैं।