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विकसित यूपी @2047: संभल, महाराजगंज और जौनपुर टॉप फाइव में, युवाओं ने दिया विकास का नया विज़न

आगरा के राकेश बोले, सरकारी स्कूलों को बनाओ सबके लिए अनिवार्य हरदोई से सौरभ ने खेल और स्वास्थ्य पर दिया जोर, सीतापुर के योगेश बोले- हर गांव तक पहुंचे शिक्षा व इंटरनेट लखनऊ, उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक 'समर्थ' और 'विकसित' राज्य बनाने के संकल्प के साथ चल रहे 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघटन, मीडिया और आम जनमानस के बीच संवाद स्थापित कर राज्य की 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा करने के साथ ही भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा कर जनसुझाव प्राप्त कर रहे हैं। अभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 24.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 19 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 5.5 लाख शहरी क्षेत्रों से सुझाव आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार देखें तो लगभग 11.5 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, समान संख्या 31 से 60 वर्ष के आयु वर्ग से और करीब 1.2 लाख सुझाव वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। क्षेत्रवार सुझावों में शिक्षा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जिससे करीब 7.5 लाख सुझाव मिले। कृषि क्षेत्र से लगभग 6 लाख, नगरीय व ग्रामीण विकास से 4 लाख से अधिक, जबकि स्वास्थ्य और समाज कल्याण से करीब 1.8 लाख-1.9 लाख सुझाव आए। साथ ही आईटी, उद्योग, संतुलित विकास और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी हजारों सुझाव मिले हैं। संभल, महाराजगंज, जौनपुर, सोनभद्र और हरदोई जिले फीडबैक में शीर्ष पाँच में रहे, जबकि फिरोजाबाद, महोबा, ललितपुर, इटावा और बुलंदशहर से सबसे कम सुझाव प्राप्त हुए। अभियान में जनता की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। हरदोई के सौरभ सिंह ने कहा कि कृषि व्यवस्था को सतत और पर्यावरण-संतुलित बनाते हुए युवाओं के लिए खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बताई। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव दिया कि यदि सरकारी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रधानों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था स्वतः बेहतर हो जाएगी। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी-प्राइवेट स्कूलों की किताबें समान करने का प्रस्ताव रखा। वहीं सीतापुर के योगेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर व्यापक काम हो रहा है। हर गाँव में शिक्षा, सड़क, बिजली और इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा में जुड़ सकें। सरकार का मानना है कि जनता की ओर से मिल रहे सुझाव प्रदेश के भविष्य की विकास नीतियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

मेगा ई-नीलामी में हुई 992 संपत्तियों की बिक्री से ₹1168.43 करोड़ की आय संभावित

 ई-नीलामी में लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 7 से अधिक जिलों की संपत्तियां शामिल पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा, ई-नीलामी में जमकर लिया हिस्सा विकास कार्यों और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा धन का उपयोग लखनऊ, विजयदशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने योगी सरकार के कुशल नेतृत्व में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। परिषद द्वारा 30 सितंबर 2025 को आयोजित मेगा ई-नीलामी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस नीलामी के माध्यम से परिषद को लगभग ₹1168.43 करोड़ की आय प्राप्त होने की संभावना है, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह सफलता योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों और निवेशकों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इस मेगा ई-नीलामी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, गाजियाबाद, और कासगंज आदि महत्वपूर्ण जिलों में स्थित कुल 992 संपत्तियों (391 आवासीय और 601 अनावासीय) को प्रस्तावित किया गया था। इनमें व्यावसायिक भूखंड, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट्स, संस्थागत भूखंड, और आईटी सिटी प्लॉट्स के साथ-साथ आवासीय संपत्तियां शामिल थीं। नीलामी की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। पंजीकरण प्रक्रिया 18 सितंबर 2025 से शुरू होकर डिजिटल ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से सुगम बनाई गई थी। योगी सरकार के प्रभावी प्रचार-प्रसार और तकनीकी पारदर्शिता के कारण निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां लगाईं। इस नीलामी में निवेशकों का भारी उत्साह न केवल परिषद की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल को भी दर्शाता है। मेगा ई-नीलामी से प्राप्त होने वाली ₹1168.43 करोड़ की संभावित आय का उपयोग परिषद द्वारा नई आवासीय योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस नीति को बल देती है, जो प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उत्तर प्रदेश में निवेशकों का बढ़ रहा विश्वास नीलामी न केवल परिषद की आम जनमानस एवं निवेशकों के बीच लोकप्रियता एवं विश्वास का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में निवेश वातावरण को और अधिक प्रोत्साहन देने वाली है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी आवासीय / अनावासीय योजनाएं अब निवेशकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बन चुकी हैं। इस प्रकार उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा विजयदशमी के अवसर पर संपन्न कराई गई यह मेगा ई-नीलामी आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक सफलता है, जिससे संभावित ₹1168 करोड़ की आय परिषद और प्रदेश दोनों की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी । प्रदेश में दिख रहा योगी सरकार की नीतियों का असर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल नीतियों का असर साफ दिख रहा है। यह वजह है कि योगी सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। यह मेगा ई-नीलामी न केवल परिषद की लोकप्रियता का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और विकास के नए द्वार खोलने वाली है। विजयदशमी के अवसर पर प्राप्त यह उपलब्धि योगी सरकार की प्रतिबद्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का एक और उदाहरण है। यह नीलामी न केवल परिषद के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा प्रदान करेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह बोले – महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में लाई है नई रोशनी

महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ की बहनें बन रही हैं आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री श्री साय महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त जारी : 65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में पहुँचे 606.94 करोड़ रुपये रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के तहत शुरू की गई महतारी वंदन योजना  छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में नई रोशनी लाई है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज जगदलपुर में बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार के अवसर पर माई दंतेश्वरी की धरती से राज्य की 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि अंतरित करते हुए यह बात कही। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि हर महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बने तथा देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में बराबरी की भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस पारदर्शिता और प्रतिबद्धता से इस योजना को लागू किया है, वह पूरे देश के लिए एक आदर्श है। यह योजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के सतत विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की नई ऊर्जा का संचार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में मिली यह सौगात हमारे प्रदेश की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहयोग दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज और परिवार में एक नई पहचान भी दिला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला सशक्त बने और विकास की यात्रा में बराबरी की भागीदार बने। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का साधन दिया है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल कही जाने वाली महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। इस योजना का उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक योजना की 19 किस्तों में लाभार्थी महिलाओं को कुल 12376 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी थी। आज 20वीं किस्त जारी होने के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 12983 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक हो गया है।

अव्यक्त दुःख को अभिव्यक्ति देतीं कहानियाँ: सारिका श्रीवास्तव

इंदौर, हिंदी में कहानी का कलेवर आमतौर पर छोटा होता है और उपन्यास या लंबी कहानी की तरह उसमें एक से ज़्यादा मुद्दे उठाने की गुंजाइश नहीं होती। दिनेश भट्ट अपनी कहानी में यह जोख़िम उठाते है और एक-एक कहानी में एक से ज़्यादा सवालों से दो-चार होने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में वे कहानी की औपन्यासिक संभावनाओं का अंत भी कर देते हैं जो अच्छा नहीं है। अवसर था समकालीन हिंदी कहानीकार दिनेश भट्ट (छिंदवाड़ा) के कहानी पाठ और उसके उपरांत हुई चर्चा का। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार और 'प्रगतिशील वसुधा' के संपादक विनीत तिवारी ने पढ़ी गई कहानियों पर अपनी उपरोक्त टिप्पणी दी। उन्होंने यह भी कहा कि भाषा की सरलता कहानी का लक्षण हो सकता है, विशेषता नहीं। आजकल अधिकांश कहानियाँ बोलचाल की भाषा में रची जाती हैं। इसीलिए वे प्रवाहमान भी होती हैं लेकिन साधारण भाषा और साधारण शब्दों के इस्तेमाल से एक अनोखा बिम्ब रचना कहानीकार की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बनती है। दिनेश की कहानियों में वे कहीं-कहीं इसमें सफल हुए हैं। दिनेश भट्ट की कहानियों के ब्यौरे दिलचस्प हैं लेकिन इसकी सावधानी रखनी चाहिए कि कथ्य कहीं विवरणों में ढँक न जाए, बल्कि विवरणों से कथ्य और खुलकर निखरे। प्रगतिशील लेखक संघ, इंदौर इकाई द्वारा 3 अक्टूबर 2025 को कल्याण जैन स्मृति वाचनालय में आयोजित इस कार्यक्रम में दिनेश भट्ट ने अपनी तीन चर्चित कहानियों, 'गोमती का बसेरा और ईश्वर', 'सीलू मवासी का सपना' और 'अंतिम बूढ़े का लाफ्टर डे' का प्रभावशाली पाठ किया। पाठ के बाद उपस्थित रचनाकारों एवं श्रोताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएँ भी व्यक्त कीं। डॉ. संजय भालेराव ने कहा कि कहानियाँ अव्यक्त दुःख को व्यक्त करती हैं। जावेद आलम ने इन कहानियों को वेदना और पीड़ा की कहानी बताया। विजय दलाल, सारिका श्रीवास्तव, अभय नेमा, विवेक सिकरवार, अभय, रामआसरे पांडे आदि ने कहानियों के शिल्प और भाषा के द्वन्द्व की शिनाख़्त की और यथार्थवादी शैली की इन कहानियों को प्रभावशाली माना। उनका कहना था कि  यह कहानियाँ हमारे आसपास के जीवन की परतें इस तरह खोलती हैं कि जाना हुआ यथार्थ ही हमें नया और महत्त्वपूर्ण लगने लगता है। कार्यक्रम में विश्वनाथ कदम, फादर पायस लाकरा, डॉ. परमानंद भट्ट, अभय लोधी, निर्मल जैन और संजय वर्मा की भी सक्रिय भागीदारी रही। संचालन और आभार प्रदर्शन अभय नेमा ने किया।

कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, लेकिन पूरा बस्तर विकास से वंचित रहा, इसका मूल कारण नक्सलवाद है : अमित शाह

मोदी जी की ओर से यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवादी बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकार को नहीं रोक पाएँगे केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और समस्त नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं बस्तर का दशहरा, बस्तर ओलंपिक, यहाँ का खानपान, वेशभूषा, कला और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर बल्कि पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र बने हैं बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं 14वीं शताब्दी से शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने पूरे बस्तर क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की अगर 140 करोड़ लोग स्वदेशी के संकल्प को आत्मसात करें तो हमारे भारत को दुनिया की सर्वोच्च आर्थिक व्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इससे पहले  अमित शाह ने प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। बस्तर दशहरा महोत्सवअवसर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा बस्तर दशहरा मेला न केवल आदिवासी समाज, बस्तर, छत्तीसगढ़ या भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बाद सांस्कृतिक महोत्सव है।  शाह ने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रार्थना की कि वे हमारे सुरक्षा बलों को शक्ति दें ताकि वे 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त कर सकें।  शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, जबकि सच यह है कि बस्तर के विकास से वंचित रहने का मूल कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, पेयजल, सड़क, हर घर में शौचालय, पाँच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और पाँच किलो मुफ्त अनाज के साथ-साथ चावल को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था पहुँच चुकी है, लेकिन बस्तर प्रगति की इस दौड़ में पीछे रह गया है। गृह मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी की ओर से यह आश्वासन देना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 के बाद नक्सलवादी न तो बस्तर के विकास और न ही बस्तर के लोगों के अधिकारों को रोक पाएंगे।  शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के जो बच्चे भटक कर नक्सलवाद से जुड़ गए हैं, वे स्थानीय गांवों के ही हैं।  शाह ने बस्तर के लोगों से अपील की कि वे भटके हुए इन बच्चों को हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की बात समझाएं, ताकि वे बस्तर के विकास में सहभागी बनें। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर सरेंडर नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक लोग सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर कर दें।  शाह ने कहा कि जिस गाँव में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा, वहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गाँव के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे।  शाह ने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और यह समस्या अब काफी हद तक कम हो चुकी है।  अमित शाह ने कहा कि कि केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और इसके लिए आकर्षक नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ का विकास दिन-दूनी,रात-चौगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित हो रहे हैं, शिक्षा के संस्थान बन रहे हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों का विकास हो रहा है। साथ ही हमारे लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डाल दें।  शाह ने साथ ही  चेताया भी कि यदि हथियारों के जरिए बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया गया, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की तिथि तय है, जब नक्सलवाद को इस देश से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।  अमित शाह ने कहा कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का पंडुम उत्सव, खान-पान, वेश-भूषा, कला, और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर में, बल्कि पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का यही संकल्प है कि हमारी संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेश-भूषा और वाद्य यंत्र सदियों तक न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए संरक्षित रहें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार कटिबद्ध हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में 1874 से आज तक मुरिया दरबार में सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा किसी वैश्विक धरोहर से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार पूरे देश के लिए प्रेरणा और जानकारी का विषय है।  अमित शाह ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने लंबे समय से स्वदेशी पर जोर दिया है। स्वदेशी जागरण मंच कई वर्षों से स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप मेंचला रहा है। अब मोदी जी ने सभी से आह्वान किया है कि प्रत्येक घर को यह संकल्प लेना है कि हम केवल अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को यह संकल्प लेना है कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेशी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होंगी।  शाह ने कहा कि यदि 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के इस संकल्प को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा … Read more

दहशत में ट्रेन यात्री: रूस ने यूक्रेन में दो पैसेंजर ट्रेनों पर किया हमला

कीव  रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला करते हुए दो पैसेंजर ट्रेनों को निशाना बनाया है, जिसके बाद उनमें आग गई गई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि शनिवार को एक यूक्रेनी रेलवे स्टेशन पर हुए रूसी ड्रोन हमले में दर्जनों लोग घायल हो गए। मॉस्को ने अपने व्यापक आक्रमण के बाद से चौथी सर्दियों से पहले यूक्रेन के रेल और बिजली ग्रिड पर हमले तेज कर दिए हैं। जेलेंस्की ने कीव के उत्तर-पूर्व में स्थित शोस्तका शहर पर हुए हमले के बारे में बताया कि कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं। यह शहर रूसी सीमा से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "सभी आपातकालीन सेवाएं पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और लोगों की मदद शुरू कर दी है। घायलों के बारे में सभी जानकारी जुटाई जा रही है।'' यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री और पुनर्निर्माण मंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने कहा कि रूस ने एक के बाद एक दो यात्री ट्रेनों पर हमला किया, पहले एक स्थानीय ट्रेन को और फिर कीव जाने वाली एक ट्रेन को निशाना बनाया। कुलेबा ने शनिवार को टेलीग्राम पर लिखा, "चिकित्सा दल घायलों को पहले ही अस्पतालों में पहुंचा चुके हैं और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। अन्य लोग (जो घटनास्थल पर थे) बचावकर्मियों की निगरानी में आश्रय स्थलों में हैं।" उन्होंने कहा कि स्टेशन पर हवाई हमले की चेतावनी जारी है। जेलेंस्की और स्थानीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव, दोनों ने घटनास्थल से तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें एक यात्री डिब्बे में आग लगी दिखाई दे रही है। मॉस्को ने हाल ही में यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर हवाई हमले तेज़ कर दिए हैं, जो सैन्य परिवहन के लिए जरूरी है, और पिछले दो महीनों में लगभग हर दिन इस पर हमले हो रहे हैं। 24 फ़रवरी, 2022 को हुए पूर्ण आक्रमण के बाद से पिछले वर्षों की तरह, क्रेमलिन ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर भी हमले तेज कर दिए हैं, जिसे कीव नागरिकों को गर्मी, रोशनी और पानी से वंचित करके आने वाली सर्दियों को हथियार बनाने का प्रयास कहता है। इससे पहले, रूस ने ड्रोन और मिसाइलों से शुक्रवार रात से लेकर शनिवार तक यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर भीषण हमले किए। यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी ने यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले अधिकारियों ने बताया था कि रूस ने यूक्रेन के प्राकृतिक गैस प्रतिष्ठानों पर शुक्रवार को हमले किए जो साढ़े तीन साल पहले मॉस्को द्वारा शुरू किए गए पूर्ण आक्रमण के बाद से सबसे बड़ा हमला है। क्षेत्रीय संचालक चेर्निहिवोब्लेनेर्गो के अनुसार, विद्युत ग्रिड पर हमलों के कारण रूसी सीमा के निकट उत्तरी शहर चेर्निहिव के निकट ऊर्जा सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लगभग 50,000 घरों के प्रभावित होने की आशंका है। चेर्निहिव सैन्य प्रशासन के प्रमुख दिमित्रो ब्रायजिन्स्की ने पुष्टि की कि शहर पर रात के समय हुए रूसी हमले के कारण कई स्थानों पर आग लग गई लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इससे कितना नुकसान हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि इससे एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाले नाफ्तोगाज समूह द्वारा संचालित प्राकृतिक गैस सुविधाओं पर युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था।  

लोगों के दुख-दर्द की पहली फिक्र! दिल्ली में 27 साल बाद नई सरकार पर रेखा गुप्ता की राय

नई दिल्ली दिल्ली में बहुत कुछ पहली बार हो रहा है। 27 साल बाद कोई सनातनी सरकार आई है। दिल्ली के लोगों का दुख-दर्द कम करने की चिंता भी किसी सरकार ने पहली बार की है। यह कहना था दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता था। जिन्होंने दिल्ली सरकार की ओर से की जा रहीं छठ पर्व की तैयारियों के बारे में बताने के दौरान ये कहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांवड़ का त्योहार कितनी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। अभी रामलीला भी सभी ने देखी, कितने जोरों शोरों से हर एक सुविधा दिल्ली सरकार ने दी। ऐसा ही इंतजाम दुर्गा पंडालों को लेकर भी किए गए।  छठ पर्व पर भी उतनी ही भव्यता के साथ सारी सुविधाएं दिल्ली सरकार प्रदान करेगी। सभी विभाग अपने कामों को मुस्तैदी कर रहे हैं। हजारों की संख्या में छठ के घाट तैयार किए जाएंगे और लाखों लोग भक्तजन पूजा करेंगे। उन्होंने कहा कि सालों बाद यमुना किनारे छठ मनाई जाएगी। सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, इस बार छठ व्रतियों को सुंदर और एतिहासिक छठ पर्व मनाने का मौका मिले। पल्ला से लेकर ओखला तक जहां-जहां आबादी है, वहां दिल्ली सरकार छठ घाट तैयार करेगी। इसके अलावा शहर के अंदर भी हजार से ज्यादा प्वाइंट छठ पूजा के लिए बनाए जाएंगे। इस बार सुंदर और विशिष्ट छठ मनाई जाएगी।  छठ पर्व को लेकर किसी भी प्रकार की व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार है, उसके बाद यहां की स्वच्छता की जिम्मेदारी भी दिल्ली सरकार की है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं ये मानती हूं, छठ के अर्घ्य से यमुना किसी भी हाल में गंदी हो ही नहीं सकती। यह एक पवित्र त्योहार है। स्वच्छता का त्योहार है। प्रकृति का त्योहार है, प्रकृति के साथ मिलकर लोग पूजा करें।  

यूपी में बड़ा हादसा: कोचिंग सेंटर में ब्लास्ट, दो मासूमों की जान गई, कई घायल

फर्रुखाबाद  उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर एक कोचिंग सेंटर में भीषण विस्फोट हो गया। धमाके में दो लोगों की मौत हो गई है और छह लोग घायल हैं। घटना थाना कादरी गेट क्षेत्र के सातनपुर मंडी के पास स्थित कोचिंग सेंटर में हुई। विस्फोट इतना भीषण था कि कोचिंग सेंटर की इमारत का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया और मलबा 20 से 30 मीटर दूर तक बिखर गया। इससे आसपास के कई मकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल धमाके का कारण नहीं पता चल सका है। फोरेंसिक टीम भी जांच में जुटी है। सीएम योगी ने भी घटना का संज्ञान लिया है। घटना को दुखद बताते हुए अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और बचाव राहत कार्य का निर्देश दिया है। सातनपुर मंडी रोड पर स्थित कटियार कोल्ड स्टोरेज के निकट द सन क्लासेज लाइब्रेरी संचालित है। शनिवार दोपहर करीब 3.30 बजे क्लास के अंदर ही जोरदार विस्फोट हो गया। इससे एक युवक के चीथड़े उड़ गए। इस दौरान कोचिंग पढ़ रहे पांच छात्रों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने घायलों को डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल भेजा। धमाका इतना तेज था कि पूरा भवन हिल गया। वहां रखा फर्नीचर, बाहर लगा टीनशेड, खंभे गिर गए। बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर बारूद जैसी गंध महसूस की गई। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय फोर्स के साथ पहुंच गए हैं। धमाके के कारणों को तलाशा जा रहा है।  

दिव्यांग हित में ऐतिहासिक फैसला: दिल्ली सरकार हर माह देगी आर्थिक सहयोग

नई दिल्ली दिव्यांगजनों को हर माह ₹6,000 की आर्थिक सहायता देने के दिल्ली सरकार के निर्णय को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शाहदरा जिले के वरिष्ठ नेता गुरमीत सिंह सूरा ने एक "बेहतरीन फैसला" बताया है। गुरमीत सिंह सूरा ने कहा कि यह योजना 'ट्रिपल इंजन सरकार' के जनहितकारी कार्यों का प्रमाण है, जिसके फायदे अब दिल्ली की जनता को मिलने शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया था कि इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है, क्योंकि वे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का पूरा हक है। यह विशेष वित्तीय सहायता उन पात्र दिव्यांगजनों को दी जाएगी जिन्हें उच्च सहयोग की आवश्यकता है। इस योजना के तहत दी जाने वाली ₹6,000 की मासिक राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।  गुरमीत सिंह सूरा ने बताया कि यह पैसा देखभाल सहायक के खर्च, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अन्य आवश्यक सहायक उपकरणों पर होने वाले खर्चों में मदद करेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली पहल बताया, जिससे परिवारों पर इलाज और देखभाल का पड़ने वाला भारी बोझ कम होगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन करुणा के नहीं, बल्कि समाज के सक्रिय और सम्मानित नागरिक हैं। इस योजना को दिल्ली कैबिनेट की पिछली बैठक में हरी झंडी मिल चुकी है, और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की जाएगी। सूरा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लगभग आठ माह के कार्यकाल में जनहित में लिए गए अनेक फैसलों की सराहना की।  

प्रज्ञानानंद का शानदार अभियान, लेकिन कारुआना ने जीता ग्रैंड शतरंज टूर 2025

नई दिल्ली भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद 2025 ग्रैंड शतरंज टूर फ़ाइनल्स में अपना अभियान चौथे स्थान पर खत्म किया और 40,000 डॉलर की राशि अर्जित की। 20 वर्षीय इस खिलाड़ी को तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में अनुभवी ग्रैंडमास्टर लेवोन अरोनियन के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जहां अर्मेनियाई स्टार ने लगातार तीन जीत के बाद तीन गेम शेष रहते जीत हासिल की। हार के बावजूद, प्रज्ञानानंद का एलीट चार-खिलाड़ियों के फ़ाइनल में पहुंचना उनके बेहतरीन प्रदर्शन को दर्शाता है, क्योंकि वे विश्व स्तरीय ग्रैंडमास्टर फ़ेबियानो कारूआना, ग्रैंडमास्टर मैक्सिम वचियर-लाग्रेव और अरोनियन जैसे दिग्गजों के साथ खड़े हुए। शीर्ष तीन में जगह बनाकर, इन तीनों ने 2026 ग्रैंड शतरंज टूर में अपनी जगह पक्की कर ली। खिताब कारुआना के नाम रहा, जिन्होंने वाचियर-लाग्रेव से पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी की। अमेरिकी खिलाड़ी ने लगातार तीन जीत हासिल कर मैच पर कब्ज़ा जमा लिया। आखिरी गेम में वाचियर-लाग्रेव ने लगभग प्लेऑफ में जगह बना ली थी, लेकिन दबाव में एक बड़ी चूक ने कारुआना को खिताब और 150,000 डॉलर का शीर्ष पुरस्कार जीतने में मदद की। लाग्रेव को 100,000 डॉलर मिले, जबकि अरोनियन को 60,000 डॉलर मिले।