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राजस्थान में 25 साल बाद बिजली दरों में गिरावट, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

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जयपुर राजस्थान में 25 वर्षों बाद पहली बार आमजन और उद्योगों के लिए बिजली सस्ती हुई है। जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की टैरिफ याचिका पर नियामक आयोग से मिली स्वीकृति के बाद ऊर्जा शुल्क (एनर्जी चार्ज) में कमी लागू की है। घरेलू श्रेणी में 51 से 150 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले 35 लाख उपभोक्ताओं के लिए दर 6 रुपये 50 पैसे से घटाकर 6 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। 150 से 300 यूनिट वाले उपभोक्ताओं को 35 पैसे प्रति यूनिट की राहत दी गई है। वहीं, 100 यूनिट तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं का पूरा बिल सरकार की सब्सिडी से शून्य ही रहेगा। राज्य में कुल 1.35 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 1.04 करोड़ उपभोक्ता मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क 5 रुपये 55 पैसे से घटाकर 5 रुपये 25 पैसे प्रति यूनिट किया गया है। प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसान उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित रेगुलेटरी सरचार्ज का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि इसे भी राज्य सरकार वहन करेगी। औद्योगिक श्रेणी में पहली बार दरों को एकीकृत कर राहत दी गई है। वृहद उद्योगों के लिए शुल्क 7 रुपये 30 पैसे से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे और मध्यम उद्योगों के लिए 7 रुपये से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है। स्मॉल इंडस्ट्री के लिए भी दर 6 रुपये तय की गई है। इस कदम से औद्योगिक निवेश और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान डिस्कॉम्स पर वर्तमान में लगभग 49,800 करोड़ रुपये के रेगुलेटरी असेट्स का भार है। इसके निस्तारण के लिए रेगुलेटरी सरचार्ज लगाया गया है, लेकिन छोटे उपभोक्ताओं और किसानों पर इसका भार सरकार वहन करेगी। इससे लगभग 6,700 करोड़ रुपये की रिकवरी संभव होगी और निगमों का ऋण भार घटेगा। डिस्कॉम्स का फोकस पावर परचेज कॉस्ट कम करने और सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर है। कुसुम योजना के तहत पहले ही 1,800 मेगावाट विकेन्द्रित सौर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। आने वाले समय में लगभग 12,000 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

बरेली में डिप्टी CM का हमला: सपा के नेताओं की मुस्लिम तुष्टिकरण रणनीति पर भड़के मौर्य

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लखनऊ समाजवादी पार्टी का बरेली में प्रतिनिधिमंडल जाने को लेकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यावद पर हमला बोला है। उन्होंने एस्स पर पोस्ट कर कहा कि सपा बहादुर अखिलेश यादव का बरेली में प्रतिनिधिमंडल भेजना नौटंकी और बचकाना कदम है। सपा की पहचान मुस्लिम तुष्टिकरण की गंदी राजनीति से है। विधानसभा चुनाव 2027 में सपा की दुर्दशा और सफाया होना तय है। यूपी दंगा मुक्त, सुशासन व कानून व्यवस्था हमारी पहचान और उपलब्धि है। सपाइयों को यह रास नहीं आ रहा। सपा के नेता किए गए नजरबंद आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में बरेली के लिये निकलने से पहले शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं को नजरबंद कर लिया गया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि वो बरेली जा रहे थे लेकिन जिलाधिकारी के आदेश पर उन्हें रोक दिया गया है। उनके घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। उन्होने कहा कि प्रशासन की दलील है कि सपा नेताओं के जाने से माहौल खराब होगा। ‘आई लव मुहम्मद' को लेकर हुआ था विवाद गौरतलब है कि पिछली 26 सितंबर को जुम्मे की नमाज़ के बाद‘आई लव मुहम्मद के बैनर के साथ जुलूस निकालने की कोशिश की गयी थी। पुलिस ने इस बगैर अनुमति करार देते हुये बल प्रयोग किया था जिसके बाद जमकर बवाल हुआ था। बरेली के हालात का जायजा लेने के लिये सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आज नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दौरा करने जा रहे था। इससे पहले ही सपा नेताओं को जगह जगह हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर भारी पुलिस जानकारी के मुताबिक माता प्रसाद पांडेय को लखनऊ में ही रोक दिया गया है वहीं सपा सांसद जियाउर्रहमान बकर् के घर के बाहर भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। बरेली का दौरा करने वाले समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के अलावा सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रहमान बकर्, मोहिबुल्लाह, नीरज मौर्य, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव और प्रवीण सिंह ऐरन शामिल थे। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उनके जिले में प्रवेश पर रोक लगा दी।       वहीं, उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। चार प्रमुख क्षेत्रों में 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती रही, और सुरक्षा के चलते इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं फिलहाल बंद रखी गईं।   

बिहार चुनावी संग्राम: मोदी ने राहुल और राजद पर साधा निशाना, कहा– ‘जननायक’ का नाम मत चुराओ

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नई दिल्ली  पीएम सेतू योजना की लॉचिंग और आईटीआई दीक्षांत समारोह के मौके पर आयोजित युवा संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन से राहुल गांधी और बिहार की लालू-राबड़ी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के जननायक पद की चोरी की कवायद की जा रही है। बिहार के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। पिछले दिनों वोटर अधिकार यात्रा से समय कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को तो पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को जननायक बताया था। कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर राहुल गांधी को जननायक बताकर पोस्ट किया गया था। युवा संवाद को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि कौशल दीक्षांत समारोह में बिहार को नई स्किल यूनिवर्सिटी मिली है। नीतीश जी की सरकार ने इस यूनिवर्सिटी का नाम भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर रखा है। मैं बिहार के लोगों को कहूंगा चौकन्ने रहिए। यह जननायक पद कर्पूरी ठाकुर से ही शोभाएमान है। बिहार की जनता ने उनकी कृति को देखते हुए यह सम्मान दिया। आजकल कुछ लोग जननायक की भी चोरी करने में लग गए हैं। इसलिए बिहार के लोगों से जागृत रहने का आग्रह करता हूं। हमारे कर्पूरी ठाकुर साहब को जनता के द्वारा दिया गया सम्मान कोई चोरी न कर ले। पीएम ने कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा और शिक्षा विस्तार के लिए लगा दिया। उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति भी आगे बढ़े। उनके नाम पर बनने वाले इसके लिए यूनिवर्सिटी इस सपने को आगे बढ़ने का माध्यम है। बिहार के हजारों युवा हमारे साथ जुड़े हैं। दो-ढाई दशक पहले बिहार में शिक्षा व्यवस्था कैसी थी, इसका अंदाजा उन्हें नहीं होगा। एक भी ढंग के संस्थान नहीं थे। ईमानदारी से स्कूल नहीं खुलते थे। कोई भर्ती नहीं होती थी। मजबूरी में लाखों बच्चों को बिहार छोड़कर दूसरे राज्यों में पढ़ने जाना पड़ता था। असली पलायन यहीं से शुरू होता था। पीएम ने कहा कि जिस पेड़ की जड़ों में कीड़ा लग जाता हैउसे फिर से जीवित करना बहुत बड़ा पराक्रम होता है। राजद के कुशासन में बिहार की हालत उसी पेड़ की तरह हो गई थी। सौभाग्य से बिहार के लोगों ने नीतीश जी को मौका दिया और एनडीए की पूरी टीम मिलकर बेपटरी बिहार को फिर पटरी पर ले आया। आज यहां इस कार्यक्रम में भी इसकी झलक दिख रही है।  

महिला चला रही थी OYO होटल, पड़ोसियों ने की संदिग्ध कामकाज की रिपोर्ट

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बिलासपुर सरकंडा के बहतराई रोड स्थित एक मकान में ओयो होटल का संचालन किया जा रहा था, जिसके खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई की है। इसमे आवासीय परिसर का व्यवसायिक उपयोग करने का आरोप लगाते हुए मकान को सील कर दिया गया है। मालूम हो कि मोहल्लेवासियों ने भी इसकी शिकायत जिला प्रशासन व नगर निगम से की थी, जिसमे बताया गया था कि इस मकान में ओयो होटल के आड़ संदिग्ध गतिविधियों का संचालन हो रहा है। जानकारी के अनुसार इस मकान में ओयो होटल का संचालन गायत्री केडिया नाम की महिला कर रही थी, जिससे आसपास के रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लोगों का कहना था कि यहां रोजाना संदिग्ध लोग पहुंचते है और संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देते है, यह सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर रात तक चलता रहता है। कई बार इसे होट को बंद कराने की कोशिश की गई, लेकिन संचालन करने वाली महिला नहीं मानी। ऐसे में अंत में मोहल्लेवासियों को शिकायत करने के लिए बाध्य होना पड़ा। इधर नगर निगम ने मिली शिकायत के बाद जांच किया तो पता चला कि यह तो आवासीय मकान है, इसमे किसी भी स्थिति में होटल नहीं खोला जा सकता है। वहीं गुरुवार को नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी दस्ता के प्रभारी प्रमिल शर्मा और शिव जायसवाल अपनी टीम के साथ उक्त मकान पर पहुंच गए, जहां जांच में ओयो होटल का संचालन करते हुए संबंधित को पाया गया। इसके बाद टीम ने तत्काल मकान को सील करने की कार्रवाई की। जहां साफ किया गया कि आवासीय में व्यवासियक गतिविधि नहीं किया जा सकता है। त्रस्त थे मोहल्लेवासी, जगह-जगह चिपकाया पोस्टर बताया जा रहा है कि इस अवैध ओयो होटल से मोहल्लेवासी त्रस्त हो गए थे। बार-बार कहने के बाद भी इस होटल का संचालन को बंद नहीं किया जा रहा था। त्रस्त होकर ही मोहल्लेवासियों ने ओयो होटल बंद करो का पाम्पेल्ट छपवाकर जगह-जगह चस्पा कर दिया। इसके बाद भी होटल संचालक महिला को इसका कोई भी असर नहीं हो रहा था, लेकिन मोहल्ले वालों की यह युक्ति काम आई और इसी के बाद प्रशासन स्तर पर रहवासियों की शिकायत को गंभीरता से लिया और इसी के बाद सील करने की कार्रवाई की गई है। शहर के कई मोहल्लों में संचालित हो रहा ओयो होटल शहर के कई मोहल्लों में ओयो होटल का संचालन बेखौफ किया जा रहा है, जबकि यह भी आवासीय क्षेत्र में आता है, जिसका उपयोग व्यवसायिक रूप से नहीं किया जा सकता है।इसके बाद भी नियम विरुद्व ओयो होटल का संचालन किया जा रहा है। जिससे मोहल्लेवासी त्रस्त चल रहे है और क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है।  

मप्र में नियमों में बड़ा बदलाव: 60 साल बाद सरकारी अफसर ले सकेंगे महंगे तोहफे, विपक्ष ने उठाए सवाल

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भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार अपने 60 साल पुराने सिविल सेवा आचरण नियमों में बदलाव करने जा रही है. नए नियमों के तहत चपरासी से लेकर बड़े अफसर तक कोई भी कर्मचारी एक महीने की सैलरी के बराबर कीमत तक का उपहार स्वीकार कर सकेगा. साथ ही, अगर वे अपने घर के लिए कोई सामान खरीदते हैं, तो इसकी जानकारी सरकार को देने की जरूरत नहीं होगी. इस फैसले ने मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज कर दी है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच जमकर बयानबाजी शुरू हो गई है. भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कदम विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बदलाव को भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है. उनका कहना है कि यह नियम सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार का खुला लाइसेंस देगा. दूसरी ओर, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे सामान्य और सतत चलने वाली प्रक्रिया करार दिया है. बीजेपी का कहना है कि यह बदलाव नियमों को और अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए किया जा रहा है. दरअसल, मध्य प्रदेश में सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के सख्त प्रावधानों को कुछ सरल करने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं. इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर तीन दौर की चर्चा हो चुकी है और नए नियमों का मसौदा (ड्राफ्ट) भी तैयार कर लिया गया है. सरकार की कोशिश है कि दीपावली से पहले इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाए और इसे अधिसूचित (नोटिफाई) कर दिया जाए. इसके बाद 1965 के पुराने नियम 2025 में संशोधित नियमों में बदल जाएंगे. मप्र सिविल सेवा आचरण नियम नियमों में बड़ा बदलाव     मध्य प्रदेश सरकार 1965 के सिविल सेवा आचरण नियमों को 2025 में संशोधित कर सकती है। इस संशोधन के बाद सरकारी कर्मचारी महंगे गिफ्ट ले सकेंगे, और इसके लिए उन्हें सरकार को सूचना देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस बदलाव से कर्मचारियों को अपना काम बिना किसी अड़चन के करने की सुविधा मिलेगी।     सरकार की कोशिश है कि इसे दिवाली से पहले कैबिनेट से मंजूरी मिल जाए और इसके बाद नोटिफाई भी कर दिया जाए। इसके बाद 1965 के आचरण नियमों को बदलकर 2025 के संशोधित आचरण नियम लागू किए जाएंगे। शासन का मानना है कि इन बदलावों से अनावश्यक कागजी कार्रवाई को खत्म किया जा सकेगा। परिवार की नौकरी पर सूचना देना जरूरी नहीं नए नियमों में यह भी प्रावधान है कि कर्मचारी को अब अपने परिवार के किसी सदस्य के प्राइवेट नौकरी करने की जानकारी सरकार को नहीं देनी होगी। दिवाली से पहले लागू हो सकते हैं नियम सरकार की कोशिश है कि इन संशोधनों को दिवाली से पहले ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाए। इसके बाद 1965 के पुराने नियमों की जगह 2025 के संशोधित आचरण नियम लागू होंगे। गिफ्ट लेने के तीन विकल्प इस बदलाव के बाद, मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारी अपनी वेतन के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे। इसके लिए तीन विकल्प रखे गए हैं:     10 दिन के वेतन के बराबर गिफ्ट     15 दिन के वेतन के बराबर गिफ्ट     एक महीने के वेतन के बराबर गिफ्ट यह विकल्प सिर्फ एक बार मंजूरी के साथ लागू होगा। पहले के नियमों के अनुसार, किसी भी उपहार को लेकर कर्मचारियों को सरकार को एक महीने के अंदर सूचना देनी होती थी। नए नियमों में यह बाध्यता खत्म कर दी गई है। सामान खरीदने के नियमों में बदलाव अब सरकारी कर्मचारियों को कोई भी महंगा सामान खरीदने पर सरकार को सूचना देने की आवश्यकता नहीं होगी, अगर वह सामान उनके मासिक वेतन के बराबर है। इससे पहले, किसी भी सामान की खरीदारी पर, कर्मचारियों को सरकार को एक महीने के भीतर सूचित करना पड़ता था। छुट्टी लेने के नियमों में बदलाव जानकारी के अनुसार, अब सरकारी कर्मचारी आकस्मिक या मेडिकल अवकाश लेने के लिए सिर्फ एक संदेश या व्हाट्सएप के जरिए अनुमति ले सकते हैं। अन्य छुट्टियों (अर्जित या ऐच्छिक) के लिए उन्हें पहले अनुमति लेनी होगी।     पुराना नियम: किसी भी प्रकार के अवकाश (जैसे मेडिकल, आकस्मिक, अर्जित या एच्छिक) लेने से पहले सरकार को सूचित करना पड़ता था। ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग अगर कोई सरकारी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील या अन्य वीडियो बनाता है, तो इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, कर्मचारियों को हाउसिंग सोसाइटियों के अध्यक्ष या सदस्य बनने की अनुमति भी मिल सकती है, बिना किसी पूर्व स्वीकृति के। ये जानना जरूरी इस बदलाव के बाद, सरकारी कर्मचारी को अब अपने परिवार के सदस्य द्वारा किसी प्राइवेट संस्था या कंपनी में नौकरी करने की सूचना सरकार को नहीं देनी होगी।

भाषा के महत्व पर राज्यपाल पटेल का जोर: यह बनाती है व्यक्ति को सहृदय और संवेदनशील

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व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है भाषा : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने प्रदान किए हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि भाषा एक संपूर्ण संस्कृति है। यह भावों की अभिव्यक्ति के साथ व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है। राज्यपाल  पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रचार समिति द्वारा स्थापित पुरस्कारों से लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया और बधाई दीं। समारोह का आयोजन हिन्दी भवन में किया गया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी की लोकप्रियता भारत के साथ संपूर्ण विश्व में बढ़ी है। मोदी जी जब विश्व मंचों पर हिंदी में अपनी बात रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने कहा कि गैर हिन्दी राज्यों और सरकारी नीतियों में भी विगत वर्षों से हिन्दी का प्रसार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2023 में फिजी में विश्व हिन्दी सम्मेलन में दुनिया भर के 50 देशों का शामिल होना, प्रधानमंत्री जी के इन्हीं प्रयासों का सुखद प्रतिफल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन और प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रावधान, प्रधानमंत्री जी के संकल्पों की सिद्धि की पहल है। प्रदेश सरकार ने भी हिन्दी विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे तकनीकी, वैज्ञानिक विषयों का हिन्दी में अध्ययन-अध्यापन की अनुकरणीय और सराहनीय पहल की है। हिन्दी प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का करें नेतृत्व राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि विश्व मंच पर भारतीय भाषाओं का सम्मान और अधिक बढ़ाने के लिए हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में समन्वय की आवश्यकता है। आप सम्मानित और सभी गैर हिन्दी भाषियों से मेरा अनुरोध है कि हिन्दी और अहिन्दी भाषियों के संवाद सूत्र बनकर, हिन्दी के प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि अहिन्दी भाषी स्वामी दयानंद, महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी के सामर्थ्य के द्वारा हमारी सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोने में सफलता प्राप्त की है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान राज्यपाल  पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान प्रदान किया। उन्होंने  विभिन्न  श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसी प्रकार समिति द्वारा स्थापित विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए । राज्यपाल  पटेल ने मां सरस्वती का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल  पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और फल से अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रचार समिति के संपादक और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. मनोज वास्तव ने दिया।  रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति की उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में  महेश सक्सेना, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।  

रजत पाटीदार को मिली कप्तानी की जिम्मेदारी, रणजी सीजन 2025 में मप्र टीम का नेतृत्व करेंगे

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इंदौर  मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने आगामी रणजी सीजन के लिए अनुभवी बल्लेबाज रजत पाटीदार को टीम का कप्तान नियुक्त किया है। इंदौर के इस होनहार क्रिकेटर ने अपने प्रदर्शन से न केवल घरेलू क्रिकेट में बल्कि आईपीएल में भी अलग पहचान बनाई है। अब वे पहली बार रणजी ट्रॉफी में एमपी टीम की कमान संभालते नजर आएंगे। 15 अक्टूबर से होगा मुकाबला, इंदौर में जुटेंगी टीमें रणजी सीजन का पहला मुकाबला 15 अक्टूबर से इंदौर के एमरल्ड हाइट्स स्कूल मैदान में खेला जाएगा। इस मैच में मध्यप्रदेश और पंजाब की टीमें आमने-सामने होंगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच खास रहेगा, क्योंकि अपने ही शहर के मैदान पर कप्तान के रूप में रजत पाटीदार की यह पहली बड़ी जिम्मेदारी होगी। इंदौर से आईपीएल तक का सफर रजत पाटीदार का क्रिकेट सफर इंदौर से शुरू हुआ था। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से शानदार खेल दिखाया और टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई। उनकी जिम्मेदार बल्लेबाजी और स्थिरता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। एमपी क्रिकेट के लिए नई उम्मीद रजत पाटीदार की कप्तानी में एमपी टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। एमपीसीए के अधिकारियों और प्रशंसकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में टीम एक बार फिर रणजी खिताब की दौड़ में मजबूती से वापसी करेगी। टीम के युवा खिलाड़ियों को भी रजत के अनुभव से प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा।  आरसीबी की टीम को जिताया था खिताब इससे पहले रजत पाटीदार की अगुवाई में ही आरसीबी की टीम ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था और 18 साल का सूखा खत्म किया था। आईपीएल 2025 के फाइनल में आरसीबी की टीम ने पंजाब किंग्स की टीम को 6 रनों से हराया था। इसके अलावा पाटीदार बेहतरीन बल्लेबाजी में माहिर हैं और परिस्थितियों को जल्दी ही भांप लेते हैं और उसी अनुसार बैटिंग करते हैं। दो चरणों में आयोजित होगी रणजी ट्रॉफी 2025-26 रणजी ट्रॉफी 2025-26 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण के मुकाबले 15 अक्टूबर से 19 नवंबर तक खेले जाएंगे। इसके बाद दूसरा चरण 22 जनवरी से 1 फरवरी तक चलेगा। नॉकआउट मुकाबले 6 से 28 फरवरी तक खेले जाएंगे। मध्य प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी 2022 का खिताब घरेलू क्रिकेट का पावरहाउस समझे जाने वाली मुंबई को हराकर खिताब जीता था। तब फाइनल में मध्य प्रदेश ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी और उसके कप्तान आदित्य श्रीवास्तव थे। रजत वर्तमान में ईरानी ट्राफी में शेष भारत की कमान संभाल रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच युवा आफ स्पिनर अधीर प्रताप सिंह को अवसर मिला है। दिल्ली से तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को टीम में जगह नहीं दी गई है। उनकी जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान को शामिल किया गया है। चोट से उबर रहे तेज गेंदबाज आवेश खान भी टीम में शामिल नहीं हैं। वेंकटेश अय्यर भी टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर भी टीम में हैं। उनके अलावा एक अन्य बाएं हाथ के बल्लेबाज हरप्रीत सिंह भाटिया को भी चयनकर्ताओं ने शामिल किया है। पिछले सत्र में मप्र टीम में शामिल रहे तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को जगह नहीं देते हुए स्थानीय युवा अरशद खान को अवसर मिला है। अरशद ने आईपीएल में प्रभावित किया था। टीम का भार तेज गेंदबाज अरशद, कुलदीप सेन और अनुभव अग्रवाल के कंधों पर होगा। कुमार कार्तिकेय सिंह और सारांश जैन स्पिन गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करेंगे। सारांश के विकल्प के रूप में अधीरप्रताप सिंह को शामिल किया गया है। 15 अक्टूबर से मुकाबला मध्य प्रदेश रणजी टीम अपने अभियान की शुरुआत पंजाब के खिलाफ करेगी। यह मुकाबला इंदौर में ही 15 अक्टूबर से खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच पिछले पांच में से दो मैचों में पंजाब ने सीधी जीत हासिल की है जबकि एक मैच मध्य प्रदेश ने जीता है। दोनों के बीच पिछली टक्कर गत वर्ष अक्टूबर में ही चंडीगढ़ में हुई थी। मैच ड्रा रहा था, लेकिन पंजाब ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर अंक हासिल किए थे। पिछले सत्र में मप्र रणजी टीम की कमान इंदौर के शुभम शर्मा ने संभाली थी, जो इस सत्र में सत्र में बतौर बल्लेबाज टीम में शामिल हैं। रणजी ट्रॉफी फाइनल 2022 में पाटीदार का शतक रजत पाटीदार इंदौर के रहने वाले हैं। उनके परिवार में पिता मनोहर पाटीदार, मां मंजू पाटीदार, भाई महेंद्र पाटीदार और बहन सुनीता पाटीदार हैं। रजत ने न्यू दिगंबर जैन पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है। उनकी जर्सी का नंबर 87 है। मध्यप्रदेश के कोच चंद्रकांत पंडित के समय रजत पाटीदार मप्र टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक माने जाते थे। रजत ने कई मुश्किल मौकों पर टीम को संभाला और अहम पारियां खेलीं। रणजी ट्रॉफी 2022 के फाइनल रजत पाटीदार के करियर का यादगार लम्हा बन गया। फाइनल में मुंबई जैसी मजबूत टीम को मध्यप्रदेश की टीम ने हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब अपने नाम किया। इस जीत में रजत की अहम भूमिका रही। रजत ने 219 गेंदों में 121 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी। रणजी ट्रॉफी 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश की टीम का स्क्वाड: रजत पाटीदार (कप्तान), यश दुबे, हर्ष गवली, शुभम शर्मा, हिमांशु मंत्री, हरप्रीत सिंह, वेंकटेश अय्यर, सागर सोलंकी, कुमार कार्तिकेय, सारांश जैन, अधीर प्रताप, आर्यन पांडे, अरशद खान, अनुभव अग्रवाल और कुलदीप सेन।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किए माँ कामाख्या देवी के दर्शन

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भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गुवाहाटी प्रवास के दौरान माँ कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन कर राष्ट्रवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और मध्यप्रदेश एवं असम की निरंतर उन्नति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी मती सीमा यादव ने भी मां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए। गुवाहाटी के माँ कामाख्या मंदिर परिसर में मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत भी किया।  

बेकाबू कार ने छीनी जिंदगी: मॉर्निंग वॉक के दौरान 4 लोग रौंदे गए, 3 महिलाओं की मौत

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गाजियाबाद  यूपी के गाजियाबाद जिले में शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से तीन महिलाओं की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जी टी रोड पर राकेश मार्ग के पास सुबह करीब छह बजे सैर कर रहे लोगों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।  उसने बताया कि मृतकों की पहचान कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू कोटगांव निवासी कमलेश (55), मीनू प्रजापति (56) और सावित्री देवी (60) के रूप में हुई है जबकि एक अन्य घायल व्यक्ति की पहचान श्याम विहार कॉलोनी निवासी विपिन शर्मा (47) के रूप में की गई है। पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल ने बताया कि मीनू और सावित्री को अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया तथा कमलेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि कार चालक का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।   

सीन डिडी कॉम्ब्स को यौन उत्पीड़न के आरोप में 50 महीने की जेल, कोर्ट में रोते रहे रैपर

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लॉस एंजिल्स मशहूर रैपर सीन 'डिडी' कॉम्ब्स को महिला उत्पीड़न और महिलाओं को वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए 4 साल 2 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। साथ ही उन पर 50,000 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। सीन 'डिडी' कॉम्ब्स को यह सजा अमेरिका के जिला न्यायाधीश अरुण सुब्रमण्यन ने शुक्रवार, 3 अक्टूबर को सुनाई। सीन को यह सजा कई गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाने के बाद सुनाई गई। सीन 'डिडी' कॉम्ब्स पर टॉर्चर करने, यौन शोषण, सनकी पार्टियां आयोजित करने और तस्करी जैसे आरोप लगाए गए थे। सीन को तस्करी के ज्यादा गंभीर आरोपों से बरी कर दिया गया, पर वेश्यावृत्ति और हिंसा के आरोप उन पर साबित हो गए। जज ने फैसला सुनाते हुए कॉम्ब्स से कहा कि तुमने उन्हें शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। कॉम्ब्स को सजा सुनाने के बाद यह बोले जज सुब्रमण्यन सीन 'डिडी' कॉम्ब्स कार्रवाई के दौरान रोने लगे और दया की भीख मांगी। उन्होंने मां और अपने बच्चों से भी माफी मांगी। सुब्रमण्यन ने कहा कि यह सजा समाज को एक जरूरी संदेश देने के लिए सुनाई गई है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले शोषण और हिंसा को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन महिलाओं से भी माफी मांगी, जिनके साथ यौन उत्पीड़न किया सीन 'डिडी' कॉम्ब्स ने कोर्टरूम के बीचोंबीच खड़े होकर उन दो महिलाओं से भी माफी मांगी, जिनके साथ उन्होंने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था। डिडी का कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह अपने सात बच्चों के लिए मौजूद नहीं रहे। इतना कहकर उनका गला रूंध गया और वह मां से माफी मांगते हुए फूट-फूट कर रो पड़े। सीन 'डिडी' कॉम्ब्स गिड़गिड़ाए- दया की भीख मांगता हूं उन्होंने अपनी सजा पर कोर्ट में कहा, 'मैं अतीत को नहीं बदल सकता, लेकिन मैं भविष्य जरूर बदल सकता हूं। मैं आपसे दया की भीख मांगता हूं। मैं आपसे भीख मांगता हूं, फिर से पिता बनने के लिए, फिर से बेटा बनने के लिए, और अपने समुदाय में फिर से एक नेता बनने के लिए और वह मदद पाने के लिए जिसकी मुझे सख्त जरूरत है।' कॉम्ब्स ने मांगी माफी, कहा- अपने गलत कामों की जिम्मेदारी लेता हूं कॉम्ब्स ने कोर्ट को एक लेटर भी सौंपा, जिसमें कहा, 'मैं माफी मांगना चाहता हूं और कहना चाहता हूं कि अपने आचरण से दूसरों को जो भी दुख और पीड़ा पहुंचाई है, उसके लिए मुझे सचमुच बहुत दुख है। मैं अपने पिछले गलत कामों की पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही लेता हूं। ये मेरे जीवन के सबसे कठिन 2 साल रहे हैं, और अपनी वर्तमान वास्तविकता और स्थिति के लिए मैं खुद के अलावा किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता। मैं अपना रास्ता भटक गया। नशे की लत में खो गया। मेरा पतन मेरे स्वार्थ की वजह से हुआ था।' सीन 'डिडी' कॉम्ब्स पर लगे थे ये आरोप, 14 महीने की काट चुके सजा सीन 'डिडी' कॉम्ब्स पर रैकेट चलाने और यौन तस्करी के दो मामलों के अलावा वेश्यावृत्ति के लिए महिलाओं को ट्रांसपोर्ट करने के दो मामलों में आरोप लगाए गए थे। ये आरोप उनकी पूर्व प्रेमिका, सिंगर कैसी वेंचुरा और जेन नाम की एक अज्ञात पीड़िता ने लगाए थे। कॉम्ब्स के खिलाफ मई 2025 में केस शुरू हुआ था, जिसमें उन्हें यौन तस्करी और रैकेट चलाने की साजिश के आरोपों से बरी कर दिया गया था, जबकि जिनमें आजीवन कारावास की सजा हो सकती थी। मालूम हो कि सीन डिडी 'कॉम्ब्स' पहले ही ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में 14 महीने की सजा काट चुके हैं। सीन डिडी 'कॉम्ब्स' के लिए अभियोजन पक्ष ने कम से कम 11 साल की सजा की मांग की थी, जबकि कॉम्ब्स के वकीलों ने 14 महीने की सजा की मांग की थी।