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निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर वार, कहा- इमर्जेंसी में बुजुर्गों तक को जेल में ठूंसा गया था

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लद्दाख लद्दाख में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने पर कांग्रेस को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने खूब सुनाया है। दुबे ने कहा कि कांग्रेस शायद आपातकाल के समय को भूल गई है जब इंदिरा गांधी की सरकार ने विजय राजे सिंधिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल भीम सेन सचर को गिरफ्तार करवा लिया था। उन्होंने कहा, कांग्रस जिस संविधान का हवाला दे रही है, वह 1975 में कहा चला गया था। उन्होंने कहा, बीजेपी की संस्थापक सदस्य राज माता सिंधिया को गिरफ्तार कर लिया गया। आयकर विभाग ने छापे डाले। गायत्री देवी और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया। उन्हें ऐसी कालकोठरी में डाला गया जिसमें बाथरूम तक नहीं था और आप महिलासशक्तीकरण की बात करते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछ विदेशी ताकतों का हाथ था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग पूरी कर दी है। उन्होंने कहा, आज आप लद्दाख की बात करते हैं। लद्दाख में लोग मारे गए। पहले वही वांगचुक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग करते थे और विदेशी ताकत के शामिल होने के बाद वह पूर्ण राज्य की मांग करने लगे। कांग्रेस ने पिछले 30 साल में कुछ नहीं किया लेकिन मोदी जी की सरकार ने लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया। निशिकांत दुबे ने कहा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल 82 साल के सचर को घसीटकर जेल में बंद कर दिया गया था। आप लोकतंत्र की बात कैसे कर सकते हैं। कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिा पर कहा था कि कांग्रेस लद्दाख के मामले में घड़ियाली आंसूबहा रही है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र से मांग की है कि वह लद्दाख के लोगों से बात करे और लद्दाख में लोगों को डराना धमकाना बंद करे। उन्होंने हाल में हुई हिंसा को लेकर न्यायिक जांच की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा था कि लद्दाख में मारा गया एक शख्स जवान के परिवार से था। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक बहादुर और देशभक्त की जान ले ली क्योंकि वह लद्दाख के अधिकार की मांग कर रहा था। उसके पिता का सवाल है कि क्या देश की सेवा करने का यही इनाम है? बता दें कि सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है और जोधपुर जेल में रखा गया है।  

रूस-यूक्रेन संघर्ष तेज़, पैसेंजर ट्रेन और स्टेशन पर बमबारी से 30 से ज्यादा घायल

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कीव  यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्र सुमी (Sumy) में रूस ने हवाई हमला किया है. रूसी हमलों में एक पैसेंजर ट्रेन को निशाना बनाया गया है. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव ने बताया कि रूसी हमले में रेलवे स्टेशन और कीव जा रही ट्रेन को टारगेट किया गया. ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचा है.  समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गवर्नर ओलेह ने कहा कि इस हमले में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, ह्रिहोरोव ने एक जलती हुई ट्रेन के डिब्बे की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और कहा कि राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.  लगातार बढ़ रहे हैं रूसी हमले यह हमला रूस की उस एयरस्ट्राइक मुहिम का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें बीते 2 महीनों से यूक्रेन के रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. रूस लगभग हर दिन यूक्रेनी परिवहन नेटवर्क पर हमले कर रहा है. सिर्फ एक दिन पहले ही रूस ने यूक्रेन की राज्य गैस और तेल कंपनी नाफ्टोगैज़ के ठिकानों पर 35 मिसाइलें और 60 ड्रोन दागे थे. ये हमले खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों में हुए थे. नाफ्टोगैज़ के सीईओ सर्जी कोरेत्स्की के अनुसार यह अब तक की सबसे बड़ी बमबारी थी जिससे गैस उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ. इस हमले में करीब 8000 उपभोक्ताओं की बिजली कट गई. उन्होंने कहा कि हमारे कई प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कुछ जगहों पर नुकसान बहुत गंभीर है. इस हमले का कोई सैन्य औचित्य नहीं है.  एनर्जी स्ट्रक्चर पर बढ़े हमले रूसी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसकी सेनाओं ने यूक्रेन के गैस और ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर रातभर हमले किए. रूस ने दावा किया कि उसने सैन्य-औद्योगिक स्थलों को भी निशाना बनाया है. सर्दियों के करीब आते ही रूस ने यूक्रेन के एनर्जी स्ट्रक्चर पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लंबे ब्लैकआउट हो रहे हैं. यूक्रेन का पलटवार यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज की है. हाल के महीनों में कीव की सेना ने रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ा दिए हैं. इससे रूस के कई इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है. सिर्फ सितंबर में ही यूक्रेन ने रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में 19 तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले किए.

जापान में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल, साने ताकाइची बनेंगी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री

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टोक्यो  Aजापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने शनिवार को अपने नए अध्यक्ष के रूप में पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री साने ताकाइची को चुना। ताकाइची ने कृषि मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी को कड़े मुकाबले में हराया। इस जीत के साथ ताकाइची के देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। संसद में अगले हफ्ते होने वाले मतदान में एलडीपी-कोमेइतो गठबंधन के बहुमत के कारण उनकी नियुक्ति तय मानी जा रही है। पहले दौर के मतदान में ताकाइची को 183 और कोइज़ुमी को 164 वोट मिले। लेकिन किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिलने पर तुरंत दूसरे दौर का रनऑफ आयोजित किया गया, जिसमें ताकाइची ने जीत दर्ज की। यह फैसला एलडीपी सांसदों और लगभग दस लाख पंजीकृत सदस्यों के वोटों से हुआ। एलडीपी के इस चुनाव में कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें दो वर्तमान मंत्री और तीन पूर्व मंत्री शामिल थे। शुरुआती दौर में प्रमुख दावेदारों में ताकाइची, कोइज़ुमी और मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हायाशी का नाम सबसे आगे माना जा रहा था। ताकाइची पार्टी की अल्ट्रा-रूढ़िवादी धड़े से आती हैं। अगर वह संसद के मध्य-अक्टूबर में होने वाले मतदान में भी बहुमत हासिल कर लेती हैं तो वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बन जाएंगी। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी कोइज़ुमी चुने जाने पर एक सदी से भी अधिक समय में जापान के सबसे युवा प्रधानमंत्री होते। वर्तमान प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने सितंबर में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने जुलाई के संसदीय चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक हार की जिम्मेदारी लेते हुए कदम उठाया। इशिबा ने अक्टूबर 2024 में पदभार संभाला था, लेकिन ऊपरी और निचले सदनों में गठबंधन की बहुमत खोने के बाद पार्टी में बढ़ते असंतोष के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। एलडीपी ने हाल के दिनों में लगातार चुनावी हार झेली है और संसद के दोनों सदनों में अल्पमत में पहुंच गई है। पार्टी अब ऐसे नेता को सामने लाना चाहती है जो जनता का विश्वास वापस जीत सके और विपक्ष के सहयोग से नीतियों को लागू कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि सभी उम्मीदवारों ने जानबूझकर विभाजनकारी सामाजिक मुद्दों जैसे लैंगिक समानता, यौन विविधता और ऐतिहासिक विवादों पर खुलकर बात करने से परहेज किया। इसके बजाय उन्होंने महंगाई पर काबू, वेतन वृद्धि, रक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा विदेशी श्रमिकों पर सख्त नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अभियान चलाया। नए प्रधानमंत्री के सामने तात्कालिक चुनौती अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित शिखर वार्ता होगी, जिसमें रक्षा खर्च बढ़ाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। यह बैठक अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन से पहले होने की संभावना है।  

चक्रवात \’शक्ति\’ की तेजी से बढ़ती रफ्तार, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना, अलर्ट जारी

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मुंबई  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ (Cyclone Shakhti) को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है। यह इस वर्ष के मॉनसून के बाद के मौसम का पहला चक्रवात होगा, जिसकी रफ्तार फिलहाल 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है और यह तेजी से पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। IMD की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है। समुद्री तटवर्ती जिलों में संभावित निकासी और राहत व्यवस्था की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। चक्रवात ‘शक्ति’ की मौजूदा स्थिति IMD के अनुसार, ‘शक्ति’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल चुका है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक यह गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किलोमीटर दूर अरब सागर में केंद्रित था। तूफान 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुबह 8:30 बजे तक यह तूफान 22.0° उत्तर अक्षांश और 64.5° पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया, जो द्वारका से 470 किमी पश्चिम में, नलिया से 470 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, पाकिस्तान के कराची से 420 किमी दक्षिणपश्चिम में और ओमान के मसीरा द्वीप से 600 किमी पूर्वोत्तर में स्थित था। IMD के मुताबिक, यह प्रणाली 5 अक्टूबर तक अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुंच जाएगी और 6 अक्टूबर से दिशा बदलकर पूर्वोत्तर की ओर मुड़ेगी, जिसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मछुआरों के लिए चेतावनी IMD ने गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के साथ-साथ पाकिस्तान के समुद्री तटों पर रविवार तक समुद्र की स्थिति बहुत उथल-पुथल भरी रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को मंगलवार (8 अक्टूबर) तक उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और मध्य अरब सागर के किसी भी हिस्से में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। अरब सागर में चक्रवातों का इतिहास हाल के वर्षों में अरब सागर में बने कुछ प्रमुख तूफानों में ‘ताउते’ (2021) और ‘बिपरजॉय’ (2023) शामिल हैं। आमतौर पर अरब सागर में बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम चक्रवात बनते हैं, लेकिन समुद्र के बढ़ते तापमान के चलते इनकी संख्या में हाल के वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। क्यों रखा गया नाम शक्ति? ‘शक्ति’ नाम का चयन क्षेत्रीय चक्रवात नामकरण प्रणाली (Regional Cyclone Naming System) के तहत हुआ है। इस प्रणाली में 13 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ओमान, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड प्रमुख हैं। इन देशों की सूची में नाम क्रमवार उपयोग किए जाते हैं। ‘Shakhti’ नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया था।  

पानी की सुरक्षा अब जरूरी! नलकूपों में वैज्ञानिक उपाय अपनाने की योगी ने दी हिदायत

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए योगी ने कहा,‘‘ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। '' उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और ‘डार्क जोन' वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान होगा। नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार हो मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए, फलस्वरूप सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आदित्यनाथ ने कहा कि नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

स्मृति ईरानी ने 26 साल बाद किया रैंप वॉक, तुलसी भी रहीं साथ; नॉयना-मिहिर की जोड़ी भी भुलाए ये नजारा

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मुंबई  सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की तुलसी यानी स्मृति ईरानी का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में टीवी की तुलसी रैंप पर धमाल मचाती नजर आ रही है. स्मृति ईरानी (Smriti Irani) और एकता कपूर (Ekta Kapoor) इन दिनों अपने सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' (Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi) की वजह से सुर्खियों में बनी हुई हैं. तुलसी की जिंदगी में एक के बाद एक परेशानियां आ रही हैं. हाल ये है कि मिहिर ने अपना घर छोड़कर किसी और के साथ रहना शुरू कर दिया है. इसी बीच तुलसी ने सब कुछ भुलाकर मॉडल बनने का फैसला कर लिया है. हाल ही में सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की तुलसी रैंप पर वॉक करते हुए देखा गया है. सोशल मीडिया पर तुलसी यानी स्मृति ईरानी की कुछ तस्वीरें और वीडियोज वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों और वीडियोज में स्मृति ईरानी पर्पल व्हाइट कलर की खूबसूरत साड़ी पहनकर रैंप पर जलवे बिखेरती नजर आ रही हैं. अपने लुक को चमकाने के लिए स्मृति ईरानी ने गले में नेकपीस और हाथ में सुंदर कड़ा कैरी किया है. इस दौरान स्मृति ईरानी ने अपनी आंख पर लगा चश्मा हटाना जरुरी नहीं समझा. जब शोज टॉपर बनी टीवी की तुलसी स्मृति ईरानी की ये सादगी अब लोगों को काफी पसंद आ रही है. बता दें स्मृति ईरानी बॉम्बे टाइम्स फैशन वीक का हिस्सा बनने पहुंची थीं. यहां पर स्मृति ईरानी ने शोज टॉपर बनकर धमाल मचा दिया. लोग स्मृति ईरानी को लंबे समय बाद इस तरह से रैंप पर देखकर काफी खुश हो गए हैं. यही वजह है जो स्मृति ईरानी की तस्वीरें और वीडियोज लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. फैंस स्मृति ईरानी के लुक की तारीफ कर रहे हैं. स्मृति ईरानी के फैंस कह रहे हैं ये बात फैंस का कहना है कि अपने करियर के इतने ऊंचे मकाम पर पहुंचकर भी स्मृति ईरानी ने अपनी सादमी को नहीं छोड़ा है. गौरतलब है कि सीरियल क्योंकि सास भी कभी बहू के जरिए स्मृति ईरानी ने 25 साल बाद टीवी पर फिर से धमाका किया है. स्मृति ईरानी का शो फैंस को काफी पसंद आ रहा है. यही वजह है जो स्मृति ईरानी का शो टीआरपी में नंबर 2 पर बना हुआ है.

अभिनेत्री संध्या शांताराम का निधन, 94 वर्षों के जीवन में अमिट छाप छोड़ी

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मुंबई  बॉलीवुड के गलियारे से एक बुरी खबर सामने आ रही है. एक्ट्रेस संध्या शांताराम, जिन्होंने हिंदी सिनेमा का सबसे हिट गाना 'अरे जा रे हट नटखट' दिया, उन्होंने उन्होंने 94 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. उनका आज अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क स्थित वैकुंट धाम में हुआ. उनकी मौत का असली कारण अभी सामने नहीं आया है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि वो काफी समय से बढ़ती उम्र में आने वाली परेशानियों से जूझ रही थीं. कौन थीं संध्या शांताराम? संध्या शांताराम, दरअसल वो एक्ट्रेस हैं जिन्होंने 1950s में बॉलीवुड की कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया है. उन्हें उनकी अदाकारी के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है. संध्या शांताराम ने यूं तो बॉलीवुड में काफी समय बिताया है, लेकिन जनता उन्हें उनके फेमस गाने 'अरे जा रे हट नटखट' के लिए ज्यादा जानती है.  ये गाना 1959 में फिल्म 'नवरंग' में उनपर फिल्माया गया था, जिसे आशा भोंसले ने गाया था. लेकिन इसमें संध्या शांताराम के एक्सप्रेशन्स की काफी तारीफ हुई थी. इस गाने की खासियत इसके चुलबुले बोल हैं, जिसके दम पर ये आज भी हिट है. ये गाना आज भी होली के त्योहार पर जोर-शोर से बजाया जाता है. लोग इस गाने पर दिल खोलकर झूमते भी हैं.  क्यों खास है संध्या शांताराम का 'अरे जा रे हट नटखट' गाना? संध्या शांताराम का गाना 'अरे जा रे हट नटखट' कई कारणों से खास माना जाता है. इस गाने में जिस तरह से संध्या शांताराम ने काम किया था, उसे देखकर फिल्म के डायरेक्टर और उनके पति वी.शांताराम एक्ट्रेस से इंप्रेस हुए थे. इसमें वो असली हाथी और घोड़े के साथ नाची थीं जिसे देखकर डायरेक्टर काफी खुश हुए थे.  संध्या ने इस गाने की कोरियोग्राफी भी खुद की थी. उन्होंने असली जानवरों के बीच इस गाने को परफॉर्म किया था, जिसमें काफी जोखिम भी शामिल था. लेकिन एक्ट्रेस ने निडर होकर सभी के सामने अच्छे एक्सप्रेशन के साथ इसमें काम किया. संध्या शांताराम का योगदान भले ही आज की पीढ़ी नहीं जानती, मगर उनका काम हर वक्त हमारे बीच मौजूद रहेगा. उनपर फिल्मी लवर्स अपना प्यार बरसाते रहेंगे.

भारतीयों की दरियादिली: अमेरिकी विश्वविद्यालयों को मिले 3 अरब डॉलर, ट्रंप भड़के

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वाशिंगटन  अमेरीका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार प्रवासियों को लेकर बेहद सख्त है। यहां तक कि अमेरिकी सरकार ने अमेरिका में एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लागू कर दिया है। इसके खिलाफ स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, धार्मिक समूहों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और अन्य लोगों के एक समूह ने शुक्रवार को एक संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया। दूसरी तरफ भारतीय अमेरिकी विश्वविद्यालयों को दान करने में किसी मामले में पीछे नहीं हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों ने 2008 से अब तक अमेरिका के विश्वविद्यालयों को तीन अरब डॉलर से अधिक का दान दिया है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई। यह अध्ययन अमेरिका में अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा तक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में प्रवासी समुदाय के योगदान के प्रभावों को रेखांकित करता है। एक नए अध्ययन में अग्रणी गैर-लाभकारी संगठन इंडियास्पोरा ने गुरुवार को कहा कि भारतीय-अमेरिकी, जिनमें से कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर अनुभवों को अपनी व्यावसायिक सफलता का आधार मानते हैं, परिवर्तनकारी तरीकों से योगदान दे रहे हैं। इंडियास्पोरा ने कहा, ‘देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों को ऐतिहासिक दान देकर, भारतीय-अमेरिकी समुदाय न केवल उन संस्थानों का सम्मान कर रहा है जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भावी पीढ़ियों को सीखने, नवाचार और नेतृत्व विकास के समान अवसर प्राप्त हों। बता दें कि अमेरिका में ट्रंप की सरकार बनते ही वह प्रवासियों पर टूट पड़े। सैकड़ों भारतीयों को हथकड़ियां लगाकर भारत वापस भेजा गया और अब H-1B वीजा पर एकमुश्त भारी-भरकम शुल्क लगा दिया है। सैन फ्रांसिस्को स्थित ‘यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ में दायर मुकदमे में कहा गया है कि एच-1बी कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और शिक्षकों की नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। मुकदमे में कहा गया है कि यह अमेरिका में नवोन्मेष एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है और नियोक्ताओं को विशिष्ट क्षेत्रों में रिक्तियां भरने का अवसर प्रदान करता है। ‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड फाउंडेशन’ और ‘जस्टिस एक्शन सेंटर’ ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘इस मामले में कोई राहत नहीं मिलने पर अस्पतालों को चिकित्सा कर्मचारियों, गिरजाघरों को पादरियों एवं कक्षाओं को शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा और देश भर के उद्योगों के ऊपर प्रमुख नवोन्मेषकों को खोने का खतरा है।’ इसमें बताया गया कि मुकदमे में अदालत से इस आदेश पर तुरंत रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।  

सलमान खान का कड़ा रुख: अभिषेक बजाज, कुनिका और अशनूर को चेतावनी

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नई दिल्ली 'बिग बॉस 19' के बीते एपिसोड में कैप्टेंसी टास्क के दौरान अभिषेक बजाज और अमल मलिक के बीच बड़ा झगड़ा हुआ था। और घरवालों ने भी काफी हंगामा किया था। जिसके बाद बिग बॉस ने कैप्टेंसी टास्क ही रद्द कर दिया था। अब वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान खान ने शो के कंटेस्टेंट्स को जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने नेहल चुडासमा, कुनिका सदानंद और अभिषेक बजाज को लताड़ा है। लेटेस्ट प्रोमो में क्या कुछ कहा, आइए जानते हैं। 'बिग बॉस 19' के लेटेस्ट प्रोमो में सलमान खान ने अभिषेक से पूछा कि उन्हें उस वक्त गुस्सा क्यों आया था? तो कंटेस्टेंट ने जवाब दिया, 'भाई, वो बहुत बदतमीजी कर रहा था' होस्ट बोले, 'आप किसी को पालतू कुत्ता बोलें, वो चलेगा! पट्टा बांधने का टाइम आ गया है, वो चलेगा! बिना कुछ भी जाने, आप उस पर रिएक्ट कर रहे हैं। वायलेंट होता है।' अभिषेक ने कहा, 'लेकिन भाई अपनों को जब कोई बोलता है तो आप तो इफेक्ट तो होते ही हो।' सलमान ने अशनूर को फटकारा टास्क में अमल-अभिषेक की लड़ाई के बाद अशनूर ने ऑर्डर मोड में बिग बॉस से फुटेज दिखाने के लिए कहा था। जिस पर सलमान ने उनकी क्लास लगाई है। सलमान के सामने अभिषेक पर बरसे अमल मलिक फिर अमल गुस्से में चिल्लाते हुए अभिषेक बजाज से बोले, 'बदतमीजी करते हो आप। अभी सुन के ले क्या हम लोग?' फिर सलमान ने रोकते हुए कहा, 'एक सेकेंड। जिस तरह की चीजें बडाड कर रहा है। बजाज को आज बजाना चाहिए।' उन्होंने अमल से पूछा कि उन्होंने क्या कहा था, तो सिगंर ने बताया, 'अशनूर के बारे में कुछ बोलते हैं तो बजाज को सुरसुरी लग जाती है।' कुनिका को सलमान ने कहा- पूरे मुसीबत की जड़ इस बीच कुनिका ने कहा, 'नहीं, बजाज को नहीं बोला। उसमें सुरसुरी होती है।' इसके बाद अपना गुस्सा शांत करते हुए सलमान लंबी सांस लेते हुए उन्हें चुप रहने के लिए कहते हैं, 'कुनिका अपनी इज्जत, अपने हाथों में है।' कुनिका बोलीं, 'मैंने अशनूर से कुछ नहीं कहा।' तब होस्ट ने कहा, 'आप अपनी गलती बार-बार दोहरा रही हैं। थोड़ी मैच्योरिटी लाओ अपने अंदर यार। पूरे मुसीबत की जड़ कुनिका जी हैं। ये फैक्ट है।' इसके बाद एक्ट्रेस कुछ बोलने जाती हैं लेकिन उन्हें डपट देते हैं। घर से इस हफ्ते नहीं हुआ एविक्शन, होगी वाइल्डकार्ड एंट्री बता दें इस हफ्ते क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन मालती चाहर बतौर वाइल्डकार्ड शो में एंट्री करेंगी। इसके अलावा, शो पर एल्विश यादव बतौर गेस्ट नजर आएंगे। और तो और, इस हफ्ते कोई एविक्शन भी नहीं होगा। जबकि कुल 8 सदस्य बेघर होने के लिए नॉमिनेटेड थे, जिसमें अमल मलिक, नेहल चुडासमा, कुनिका सदानंद, अशनूर कौर, नीलम गिरी, प्रणित मोरे, तान्या मित्तल और जीशान कादरी का नाम शामिल था। गौरव खन्ना को किसी ने नॉमिनेटे नहीं किया था और फरहाना कैप्टन थीं। मगर कोई एविक्ट नहीं हुआ। कयास लगाया जा रहा है कि मिड वीक डबल एविक्शन हो सकता है।

‘आई लव मुहम्मद’ के नारे से भड़की भीड़, बेलगावी में उर्स जुलूस पर पथराव

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बेलगावी  कर्नाटक में बेलगावी के खड़क गली में स्थित महबूब सुब्हानी दरगाह के उर्स जुलूस के दौरान बवाल हो गया। नारों को लेकर हुए विवाद के बाद पथराव हुआ, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने 'आई लव मुहम्मद' का नारा लगाया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। फिलहाल शांति बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। खड़क गली से आमतौर पर जुलूस नहीं गुजरता। वहां के निवासियों ने नारे पर आपत्ति जताई और सवाल किया कि जुलूस का मार्ग क्यों बदला गया। नारे पर आपत्ति जताए जाने के बाद तनाव बढ़ गया और पथराव की खबरें आने लगीं। पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को काबू किया। सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने तुरंत हस्तक्षेप किया और मामला गंभीर होने से पहले ही समूहों को तितर-बितर कर दिया। स्थिति अब नियंत्रण में है।' 'आई लव मोहम्मद' को लेकर गहराता विवाद 'आई लव मोहम्मद' को लेकर विवाद पिछले कुछ दिनों से जारी है। यूपी में मेरठ के मवाना कस्बे में लगे एक पोस्टर को लेकर हंगामा मच गया। इसके बाद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, कस्बे के मुख्य चौराहों पर शुक्रवार देर रात पोस्टर लगाया गया था, जिस पर अंग्रेजी में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा हुआ था। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने इसे देख आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई। मवाना की थाना प्रभारी पूनम ने बताया कि पोस्टर लगाने के आरोप में चौकी प्रभारी मनोज शर्मा की तहरीर पर 5 लोगों इदरीस, तस्लीम, रिहान, गुलफाम और हारून के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।