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चौथी बार शादी के रास्ते पर टॉम क्रूज, 26 साल छोटी एना डे अरमास संग अंतरिक्ष में शादी की उम्मीद

लॉस एंजिल्स क्‍या हॉलीवुड के एक्शन सुपरस्टार टॉम क्रूज चौथी बार शादी करने जा रहे हैं? जी हां, ऐसा लग रहा है कि 'मिशन इम्‍पॉस‍िबल' फेम एक्‍टर जल्‍द ही 'जॉन विक: बैलेरीना' फेम गर्लफ्रेंड एना डे अरमास संग विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं। समझा जा रहा है कि शादी की तारीख पक्‍की हो गई है और यह आयोजन बेहद निजी रहने वाला है। मजेदार बात यह है कि कुछ दावों के मुताबिक, यह शादी अंतरिक्ष में होगी। वैसे, अगर यह खबर पक्‍की है तो फैंस के लिए खुश होने का बड़ा मौका है। एना के लिए भी यह दूसरी शादी होगी। टॉम क्रूज 63 साल के हैं, जबकि एना डे अरमास की उम्र 37 साल है। इसी साल जुलाई में दोनों को वरमोंट में हाथों में हाथ डाले सड़कों पर घूमते देखा गया था। अब अगर 'रडार ऑनलाइन' की एक रिपोर्ट पर यकीन किया जाए, तो टॉम फिर से शादी की कसमें खाने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, 'टॉम बस इतना जानते हैं कि वह इसे छुपाना चाहते हैं, वरना लोग उनकी आलोचना करेंगे। खैर, जब वे शादी करेंगे, तो टॉम पीछे नहीं हटेंगे।' …तो क्‍या अंतरिक्ष में एना से शादी करेंगे टॉम क्रूज? एना डे अरमास के लिए टॉम क्रूज पहले भी प्यार भरी बातें कह चुके हैं। शादी को लेकर अफवाहें यह भी है कि दोनों अंतरिक्ष में जीवनभर साथ निभाने की कस्‍में खाने वाले हैं। यदि ऐसा होता है कि तो अंतरिक्ष में शादी करने वाला यह पहला जोड़ा होगा। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि टॉम क्रूज इस आयोजन को ग्रैंड बनाने की सोच रहे हैं। अंतरिक्ष को लेकर उनका जुनून किसी से छुपा नहीं है। टॉम क्रूज की तीन शादियां, तीन तलाक बहरहाल, टॉम क्रूज की ये चौथी शादी होगी। टॉम ने सबसे पहले एक्‍ट्रेस मिमी रोजर्स से 1987 में शादी की थी। लेकिन फिर दोनों का 1990 में तलाक हो गया। उसके तुरंत बाद उसी साल 1990 में उन्‍होंने निकोल किडमैन से शादी की, जिनसे 2001 में उनका तलाक हो गया। यह संयोग की ही बात है कि निकोल किडमैन भी इन दिनों कीथ अर्बन से तलाक को लेकर चर्चा में है। खैर, निकोल के रिश्‍ता टूटने के कुछ साल बाद टॉम क्रूज का दिल केटी होम्‍स पर आया। दोनों ने 2006 में शादी कर ली, लेकिन 6 साल बाद यह रिश्‍ता भी 2012 में टूट गया। एना डे अरमास की शादी, तलाक और ब्रेकअप दूसरी ओर, एक्‍ट्रेस एना डे अरमास भी तलाकशुदा हैं। एना ने 2011 में स्पेनिश एक्‍टर मार्क क्लॉटेट से शादी की थी। लेकिन दो बाद ही 2013 में दोनों का रिश्‍ता टूट गया। बाद में एना का दिल एक्‍टर बेन एफ्लेक पर आया। दोनों के बीच जबरदस्‍त रोमांस चला। लेकिन फिर ब्रेकअप हुआ और बेन एफ्लेक ने अपनी पूर्व प्रेमिका जेनिफर लोपेज से शादी कर ली। वैसे, ये दोनों भी अब तलाक ले चुके हैं।

राजस्थान में दवा घोटाले की गूंज, ड्रग कंट्रोलर निलंबित, कायसन फार्मा के उत्पाद जब्त

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जयपुर राजस्थान सरकार ने कफ सिरप विवाद के बाद बड़ा कदम उठाते हुए राज्य ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को निलंबित कर दिया है और जयपुर स्थित कायसन फार्मा द्वारा बनाई गई सभी 19 दवाओं का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह निर्णय तब लिया गया है जब मध्यप्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों की खबरें आईं। स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग ने कहा कि दवा मानक तय करने की प्रक्रिया में कथित रूप से अनियमितता पाए जाने के कारण ड्रग कंट्रोलर को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। '5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए' चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह ने भी मामले पर संज्ञान लेते हुए आमजनहित में जांच और रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने को कहा था। विभाग ने एडवाइजरी जारी कर डेक्सट्रोमैथोरपन दवा के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बरती है। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही 2021 में 4 साल से छोटे बच्चों को यह दवा नहीं देने की एडवाइजरी जारी कर चुकी है। अब ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने दोबारा स्पष्ट किया है कि सामान्यत: 5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए और 2 साल से छोटे बच्चों को किसी भी स्थिति में यह दवा नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक दवाओं पर चेतावनी अंकित करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। वहीं सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों में उपयोग की जाने वाली दवाओं की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सभी दवाओं के वितरण पर रोक आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने बताया कि 2012 से अब तक कायसन फार्मा की दवाओं के 10 हजार 119 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 42 सैंपल अमानक पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर इस कंपनी की सभी दवाओं के वितरण पर रोक लगाई गई है। इस मामले में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

गाजा विवाद: ट्रंप की शर्तों से इनकार, हमास-ट्रंप टकराव से शांति अधर में

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गाजा  लगभग दो साल से जारी गाजा युद्ध में एक अहम मोड़ आया है। इस्लामी संगठन हमास ने शुक्रवार को संकेत दिए कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना के कुछ प्रमुख तत्वों को स्वीकार करने को तैयार है। इनमें सभी शेष इजरायली बंधकों की रिहाई और गाजा प्रशासन को एक टेक्नोक्रेटिक फिलिस्तीनी निकाय को सौंपना शामिल है। हालांकि, इन दोनों प्रस्तावों के साथ शर्तें जुड़ी हुई हैं और संगठन ने पूरी योजना को स्वीकार नहीं किया है। यह बयान उस समय आया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार तक की समयसीमा तय करते हुए चेतावनी दी थी कि अगर हमास ने समझौते को ठुकराया तो ऐसा नरक टूट पड़ेगा जैसा दुनिया ने कभी नहीं देखा है। ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “अगर यह समझौता नहीं हुआ तो हमास पर अभूतपूर्व तबाही टूट पड़ेगी। किसी भी सूरत में मध्य पूर्व में शांति होगी।” हमास ने क्या स्वीकार किया, क्या नहीं संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल, कतर और मिस्र जैसे प्रमुख मध्यस्थों ने हमास की इस आंशिक स्वीकृति का स्वागत किया है, लेकिन योजना के कई अहम मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। जैसे कि हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण, विदेशी निगरानी में संक्रमणकालीन प्रशासन और बंधकों की रिहाई की समय-सीमा। निरस्त्रीकरण पर चुप्पी ट्रंप की योजना का सबसे विवादित पहलू है कि हमास अपने सभी हथियार पूरी तरह जमा करे। योजना के अनुसार, गाजा का “स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में निरस्त्रीकरण” होना चाहिए। लेकिन हमास की आधिकारिक प्रतिक्रिया में इस पर कोई उल्लेख नहीं किया गया। हमास के वरिष्ठ नेता मूसा अबू मरजूक ने अल जजीरा को बताया, “हम हथियार किसी भविष्य के फिलिस्तीनी निकाय को सौंपने पर विचार कर सकते हैं, जो गाजा का संचालन करे। लेकिन यह फैसला फिलिस्तीनियों के बीच आम सहमति से होगा, बाहर से थोपा नहीं जाएगा।” राजनयिकों का कहना है कि यह चुप्पी रणनीतिक है। लिखित रूप में प्रतिबद्धता से पहले हमास गारंटी चाहता है। गाजा की सत्ता कौन संभालेगा? हमास ने कहा है कि वह गाजा का प्रशासन एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी निकाय को सौंपने को तैयार है, बशर्ते वह राष्ट्रीय सहमति से बने और अरब व इस्लामी देशों का समर्थन प्राप्त हो। लेकिन ट्रंप की योजना के मुताबिक, भविष्य में गाजा पर हमास का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं रहेगा। योजना में एक “बोर्ड ऑफ पीस” बनाने का प्रस्ताव है, जिसकी सह-अध्यक्षता ट्रंप और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर करेंगे। हमास ने इस विदेशी दखल को पूरी तरह अस्वीकार किया है। मरजूक ने कहा, “हम कभी भी किसी गैर-फिलिस्तीनी को फिलिस्तीनियों पर नियंत्रण की अनुमति नहीं देंगे। टोनी ब्लेयर की भूमिका विशेष रूप से अस्वीकार्य है।” बंधकों की रिहाई पर मतभेद ट्रंप की योजना में कहा गया है कि हमास को सभी 48 बंधकों (जीवित या मृत) को 72 घंटे में रिहा करना होगा। हमास ने बंधक विनिमय की अवधारणा तो स्वीकार की है, लेकिन समयसीमा पर आपत्ति जताई है। मरजूक ने कहा कि कुछ शवों को ढूंढने में कई हफ्ते लग सकते हैं, इसलिए 72 घंटे की समयसीमा अव्यावहारिक है। ट्रंप की योजना में गाजा में एक बहुराष्ट्रीय सुरक्षा बल की भी बात है, जो अस्थायी रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करे। हमास ने इस बिंदु पर कोई स्पष्ट रुख नहीं दिया। न स्वीकार किया, न अस्वीकार। हमास क्या पुनर्विचार चाहता है हमास का कहना है कि गाजा के भविष्य और फिलिस्तीनी अधिकारों पर कोई भी निर्णय बाहरी रूप से नहीं थोपा जा सकता है। संगठन चाहता है कि बातचीत में सभी फिलिस्तीनी गुट शामिल हों और समझौता राष्ट्रीय सहमति पर आधारित हो। हमास की इस आंशिक स्वीकृति के बाद अब ध्यान इस बात पर है कि क्या यह समझौता जमीन पर अमल तक पहुंच पाएगा। इजरायल ने कहा है कि वह पहले चरण में बंधकों की रिहाई के लिए तैयार है, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया कि कोई भी समझौता इजरायल की सुरक्षा सीमाओं से समझौता नहीं करेगा। ट्रंप ने स्वर नरम करते हुए कहा कि वे स्थायी शांति के लिए तैयार हैं और इजरायल से आग्रह किया कि बंधकों की सुरक्षित रिहाई तक बमबारी रोकी जाए।  

पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम बदला, आज तेज बारिश तो कल से चलेगा बूंदाबांदी का सिलसिला

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भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन अब भी बारिश का दौर जारी है. शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, देवास, बैतूल, रतलाम, नरसिंहपुर, सागर, सतना, उमरिया, बालाघाट, टीकमगढ़, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में बारिश का दौर देखा गया. इस दौरान इंदौर में देर रात तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई. इसके अतिरिक्त सीधी में 9 घंटे में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया, तो वहीं सागर में 1.5 इंच और सतना में 1 इंच बारिश हुई. साथ ही सिंगरौली में दोपहर बाद तेज बारिश का दौर शुरू हुआ. इस दौरान सिंगरौली के बैढ़न समेत देवसर और सरई इलाके में भी बारिश हुई. दूसरी ओर मऊगंज के ग्रामीण इलाके में भी तेज बारिश से जलभराव की स्थिति देखी गई. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन एक्टिव बना हुआ है. साथ ही दो साइक्लोनिक सर्कुलेश भी सक्रिय है, जिनमें से एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एमपी के पूर्वी हिस्से के ऊपर एक्टिव है. इसका असर अगले 48 घंटे तक प्रदेश में भारी बारिश के रूप में देखने को मिलेगा. डिप्रेशन, डीप डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के सक्रिय होने की वजह से पिछले 2 दिन से कई जिलों में तेज बारिश हुई। दशहरे के दिन भोपाल, बैतूल, दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, छतरपुर, सागर, टीकमगढ़, बालाघाट में बारिश हुई। वहीं, शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पानी गिरा। यह सिस्टम शनिवार को भी एक्टिव रह सकता है। इस वजह से मौसम विभाग ने चार जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। वहीं शुक्रवार शाम में इंदौर में तेज बारिश हुई। जिसके चलते कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। सीधी में 9 घंटे में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम अभी सक्रिय रह सकता है, इसलिए पूर्वी चार जिलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। शुक्रवार को इंदौर में हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में बिजली कटौती और जलभराव की समस्या भी सामने आई। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, फिर भी सतर्कता जरूरी है। प्रदेश के 12 जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम – से मानसून विदा हो चुका है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी यह विदाई हो गई है। विभाग के अनुसार 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। 10 अक्टूबर तक विदा होगा मानसून प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है।

संभल मस्जिद मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, विध्वंस की प्रक्रिया जारी रहेगी

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संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले की गौसुलवरा मस्जिद पर चल रहे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ मस्जिद कमिटी द्वारा दायर की गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इंकार कर दिया है. संभल की गौसुलवरा मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की थी. प्रशासन की तरफ से मस्जिद कमिटी पर आरोप है कि यह मस्जिद तालाब की जमीन पर बनाई गई है. ‘पहले ट्रायल कोर्ट में अपील करिए’ कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ध्वस्तीकरण पर रोक के लिए याची को ट्रायल कोर्ट में अपील दाखिल करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट में लगातार आज दूसरे दिन छुट्टी के दिन अर्जेंट बेंच बैठी और मामले की सुनवाई की गई. सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की ओर से जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश किया गया. हाईकोर्ट ने शुक्रवार की सुनवाई में मस्जिद की जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे थे. याची के अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी के मुताबिक कोर्ट की हस्तक्षेप के बाद उन्हें ध्वस्तीकरण का आदेश भी मिला है. बगैर ध्वस्तीकरण आदेश दिए मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही थी. मस्जिद, बारात घर और अस्पताल के ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका निस्तारित कर दी है. हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मस्जिद, बारात घर और अस्पताल के खिलाफ पारित ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगाने की मांग में की गई है. याचिका पर जस्टिस दिनेश पाठक की सिंगल बेंच में सुबह 10:00 बजे हुई सुनवाई. मसाजिद शरीफ गोसुलबारा रावां बुजुर्ग और मस्जिद के मुतवल्ली मिंजर की ओर से याचिका दाखिल की गई है. हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अर्जेंट बेसिस पर सुनवाई की मांग की गई थी. मस्जिद पक्ष की ओर से दलील दी गई की बारात घर को ध्वस्त कर दिया गया है. ध्वस्तीकरण के लिए 2 अक्टूबर गांधी जयंती और दशहरे का दिन चुना गया. ‘कोई बड़ा बवाल हो सकता था’ बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भीड़ की वजह से कोई बड़ा हादसा या बवाल भी हो सकता था. आरोप है कि बारात घर तालाब की जमीन पर बना हुआ था. जबकि मस्जिद का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना हुआ है. हालांकि मस्जिद कमेटी की ओर से अवैध हिस्से को खुद हथौड़े से तोड़ा जा रहा है. याचिका में राज्य सरकार,डीएम व एसपी संभल, एडीएम, तहसीलदार और ग्राम सभा को पक्षकार बनाया गया है. मस्जिद की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी और शशांक श्री त्रिपाठी ने रखा पक्ष. जबकि राज्य सरकार की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसिल जे एन मौर्या और स्टैंडिंग काउंसिल आशीष मोहन श्रीवास्तव ने पक्ष रखा.

4 अक्टूबर 2025: मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए दिनभर की राशिफल रिपोर्ट

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मेष राशि- अवसाद की स्थिति रहेगी। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम में तू-तू, मैं-मैं से बचें। आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मानसिक स्थिति थोड़ी उथल-पुथल वाली रहेगी। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। काली वस्तु का दान करें। वृषभ राशि- कोर्ट-कचहरी से बचें। पैतृक संपत्ति की स्थिति थोड़ा विवादस्पद हो सकती है। व्यापारिक स्थिति मध्यम दिख रही है। सीने में विकार संभव है। प्रेम, संतान भी मध्यम है। डिस्टर्बिंग टाइम कहा जाएगा इसको। काली जी को प्रणाम करते रहें। मिथुन राशि- भाग्य में भरोसा करके कोई काम मत करिएगा। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। मान-सम्मान पर ठेस पहुंच सकती है। प्रेम, संतान भी मध्यम है। मध्यम समय। काली जी को प्रणाम करते रहें। कर्क राशि- चोट-चपेट लग सकती है। किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम, संतान अच्छा है। व्यापार भी अच्छा है। काली वस्तु का दान करें। सिंह राशि- स्वंय के स्वास्थ्य पर और जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उदर रोग से परेशान हो सकते हैं। प्रेम, संतान की स्थिति ठीक है। व्यापार भी ठीक रहेगा। काली वस्तु का दान करें। कन्या राशि- शत्रुओं पर दबदबा कायम रहेगा। गुण ज्ञान की प्राप्ति होगी। बुजुर्गों का आर्शीवाद बना रहेगा लेकिन डिस्टर्बिंग रहेगा स्वास्थ्य और हर तरीके से। व्यापार सही। नीली वस्तु पास रखें। तुला राशि- बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेमी-प्रेमिका तू-तू, मैं-मैं से बचें। मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित दिख रहा है। प्रेम, संतान भी मध्यम है। व्यापार अच्छा है। शनिदेव को प्रणाम करते रहें। वृश्चिक राशि- घरेलू सुख बाधित रहेगा। गृह कलह के संकेत हैं। स्वास्थ्य प्रभावित है। प्रेम, संतान की स्थिति मध्यम है। व्यापार अच्छा है। पीली वस्तु पास रखें। धनु राशि- नाक, कान, गला की परेशानी संभव है। व्यापारिक स्थिति थोड़ी उथल-पुथल रहेगी। अपनों के स्वास्थ्य पर और स्वंय के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम,संतान अच्छा है। व्यापार मध्यम है। काली वस्तु का दान करें। मकर राशि- धन हानि के संकेत हैं। निवेश न करें। मुख रोग के शिकार हो सकते हैं। जुआ, सट्टा, लॅाटरी में पैसा न लगाएं। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार मध्यम है। काली जी को प्रणाम करते रहें। कुंभ राशि- घबराहट, बेचैनी बनी रहेगी। सर दर्द, नेत्र पीड़ा, अज्ञात भय। एक नेगेटिविटी बनी रहेगी। प्रेम, संतान बहुत बढ़िया। व्यापार भी अच्छा है। हरी वस्तु पास रखें। मीन राशि- बच्चों से दूरी। प्रेम में एक नकारात्मक स्थिति। सर दर्द, नेत्र पीड़ा, अज्ञात भय। पार्टनरशिप में प्रॅाब्लम। थोड़ा सा समय खराब दिख रहा है। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार सब पर ध्यान दीजिए। काली वस्तु का दान करें। शुभ होगा।

मेसर्स गुड हेल्थ ड्रग हाऊस छतरपुर का ड्रग लाइसेंस निरस्त

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कलेक्टर के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर ने विभिन्न मेडीकल स्टोर की जांच की अनियमितताएं पाए जाने पर 4 मेडीकल संचालकों को नोटिस जारी मेसर्स गुड हेल्थ ड्रग हाऊस छतरपुर का ड्रग लाइसेंस निरस्त छतरपुर  जिले में दवाओं के विक्रय में सतत निगरानी एवं नशीली दवाओं के विक्रय की रोकथाम के लिए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन एवं सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता के मार्गदर्शन में मेडिकल स्टोरों की ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जांच की गई। 30 सितम्बर कोे सटई में मेसर्स गायत्री मेडिकल, जनरल स्टोर्स, मेसर्स श्री सतगुरु मेडिकल स्टोर एवं मेसर्स मॉ मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जिसमें मेसर्स मॉ मेडिकल स्टोर सटई से दो दवाओं के नमूने जांच के लिए गए। औषधि निरीक्षक के द्वारा दवा दुकानों के विगत दिवस किए गए निरीक्षण के दौरान दुकान का संचालन औषधि एवं सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के अनुसार नही पाये जाने एवं विभिन्न अनियमितताओं के पाये जाने के कारण औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा मेसर्स श्री अरबिंदो मेडिकोज छतरपुर, मेसर्स एस. बी. फार्मा छतरपुर, मेसर्स शिवम मेडिकल स्टोर बडामलहरा एवं मेसर्स नटराज फार्मा एवं जनरल एजेंसीज बडामलहरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।     मेसर्स मानस मेडिकल स्टोर छतरपुर का ड्रग लाइसेंस दो दिवस के लिए निलंबित किया गया तथा मेसर्स गुड हेल्थ ड्रग हाऊस छतरपुर को जारी ड्रग लाइसेंस निरस्त किया गया। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा  समस्त दवा विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे दुकान का संचालन औषधि एवं सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री के नियमानुसार ही करें। निरीक्षण के दौरान दुकान का संचालन नियमानुसार नहीं पाये जाने पर उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

भावांतर योजना में पंजीयन कराने लवकुशनगर में निकाली गई जागरूकता रैली

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भावांतर योजना में पंजीयन कराने लवकुशनगर में निकाली गई जागरूकता रैली जनप्रतिनिधि, व्यापारी एवं किसान हुए शामिल  लवकुशनगर     म.प्र. सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए भावांतर योजना प्रारंभ की गई है। जिसका फायदा सोयाबीन का उत्पादन करने वाले कृषकों को मिलेगा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल द्वारा जिले में अधिकारियों को योजना के प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए है। इसी क्रम में एसडीएम कौशल सिंह के नेतृत्व में लवकुशनगर में किसान जागरूकता रैली निकाली गई। जिसमें किसानों से  भावांतरा योजना में पंजीयन कराने एवं योजना के लाभ की जानकारी दी गई। किसान भाई एमपी ऑनलाइन एवं सीएससी केन्द्रों से आसानी से पंजीयन करा सकते है।

Sora ऐप लॉन्च: ChatGPT वाला शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया में मचेगी हलचल

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नई दिल्ली ChatGPT मेकर OpenAI ने हाल ही में Sora ऐप लॉन्च किया है. आपको बता दें कि Sora कंपनी के जेनेरेशन मॉडल का नाम है. कंपनी ने अब इसे स्टैंडअलोन ऐप के तौर पर पेश कर दिया है जिसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक का राइवल माना जा रहा है.  Sora ऐप लॉन्च होने के कुछ समय के बाद ही ऐपल ऐप स्टोर पर तीन नंबर का ऐप बन गया है. हाल ही में कंपनी ने Sora 2 मॉडल भी लॉन्च किया है. ये कंपनी का अब तक का सबसे पावरफुल वीडियो जेनेरेट करने वाला मॉडल है.  TikTok जैसा शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है Sora App  OpenAI ने Sora ऐप को शॉर्ट वीडियो के लिए ख़ास तौर पर डिज़ाइन किया है. यहां यूजर्स AI जेनेरेटेड वीडियोज शेयर कर पाएंगे. यानी यहां सिर्फ AI जेनेरेटेड कॉन्टेंट देखने को मिलेंगे. इसे डीपफेक वीडियोज भी कहा जा सकता है.  Sora App पर यूजर्स नैचुरल लैंग्वेज में प्रॉम्प्ट डाल कर शॉर्ट वीडियोज तैयार कर पाएंगे. इसके लिए यूजर्स को कैमरा या एडिटिंग स्किल्स की भी ज़रूरत नहीं है.  अमेरिकी ऐपल ऐप स्टोर पर TikTok और Instagram के बाद Sora ऐप आ चुका है. इस ऐप मे Cameos फीचर दिया गया है जो सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है. इसके ज़रिए यूजर्स Sora 2 यूज़ करते हुए AI वीडियोज जेनेरेट करा पाएंगे. यूजर्स अपनी वीडियो डाल कर भी उसे AI वीडियोज में ट्रांसफॉर्म कर पाएंगे.  Deepfake वीडियोज को किया जा रहा नॉर्मलाइज  कुछ साल पहले तक Deepfake वीडियोज जुर्म माने जाते थे, लेकिन AI वीडियो जेनेरेटर आ जाने के बाद से ये नॉर्मल हो गए हैं. यानी किसी की फोटो या वीडियो को लेकर आप कुछ भी करा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है और कई बार लोग धोखा खा जाते हैं.  जेनेरेटिव AI आने के बाद से सोशल मीडिया पर AI जेनेरेटेड वीडियोज की भरमार है. AI वीडियोज पर व्यूज भी काफी आ रहे हैं और लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं. शायद इसलिए ही OpenAI को लग रहा है कि AI जेनेरेटेड वीडियो प्लेटफॉर्म को सोशल मीडिया की शक्ल दे दी जाए. ठीक ऐसा ही कंपनी ने Sora App लॉन्च करके किया है.  मिसयूज़ का खतरा  Sora App पर आप किसी की भी तस्वीर या वीडियो लेकर जैसे चाहें वैसा बनवा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है. क्योंकि इसमें Open AI का वीडियो जेनेरेशन मॉडल Sora 2 यूज़ हो रहा है जो असली जैसे दिखने वाले AI वीडियोज बना रहा है. यानी लोगों की तस्वीरें यहां मिसयूज़ भी की जा सकती हैं.  हालांकि कंपनी ने दावा किया है कि Sora App में सेफ्टी मेजर्स पर काम किया गया है. जैसे यहां सेक्सुअल कॉन्टेंट नहीं बनाए जा सकते हैं. वॉयलेंस से जुड़े प्रॉम्प्ट को भी ब्लॉक किया जाएगा. हालांकि रेस्ट्रिक्शन को भी लोग अलग तरह से प्रॉम्प्ट दे कर बाइपास कर ले रहे हैं.  Meta ने हाल ही में लॉन्च किया है Vibe  दरअसल Meta ने हाल ही में AI ऑनली फ़ीड लॉन्च किया है. इसे कंपनी ने Vibe का नाम दिया है. यहां भी यूजर्स को सिर्फ AI जेनेरेटेड शॉर्ट वीडियोज दिखेंगे. OpenAI का नया Sora ऐप Meta के Vibe को भी टक्कर देगा.  फ़िलहाल Sora App अमेरिका में इन्वाइट ऑनली है. यानी इसे इन्वाइट के ज़रिए ही यूज़ किया जा सकता है. भारत में फ़िलहाल ये ऐप लॉन्च नहीं हुआ है. मुमकिन है कंपनी इसकी टेस्टिंग कुछ समय तक अमेरिकी मार्केट में ही करेगी. इसके बाद इसे दूसरे देशों में लॉन्च किया जा सकता है.

दिल्ली-NCR: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ग्रीन पटाखों पर नई गाइडलाइन जारी

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नई दिल्ली  दुर्गा पूजा और नवरात्रि के बाद अब दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर इलाके में हरियाणा और पंजाब में जलने वाले पराली से प्रदूषण का खतरा बढ़ने लगा है. वहीं, दिवाली में जलने वाले पटाखों से होने वाले प्रदूषण को लेकर भी चिंता बनी हुई है. राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी, 2025 से पूरे वर्ष के लिए सभी प्रकार के पटाखों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध है. इसके साथ ही राजधानी में पटाखों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन हाल में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखा निर्माताओं को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली सीजन से पहले दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रीन पटाखों के निर्माण की अनुमति दे दी है, लेकिन एनसीआर क्षेत्र में उनकी बिक्री पर रोक लगा दी है. सीजेआई बीआर गवई की अगुवाई वाली पीठ ने राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) से वैध प्रमाणन वाले निर्माताओं को उत्पादन जारी रखने की अनुमति दी है, बशर्ते वे एक वचनबद्धता प्रस्तुत करें कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कोई बिक्री नहीं होगी. लेकिन इससे यह असमंजस बना हुआ है कि ग्रीन पटाखे के बनाने की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन बिक्री नहीं होगी, तो फिर बनाने का क्या मतलब है? इसे लेकर ग्रीन पटाखों के निर्माता सवाल उठा रहे हैं. 8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, टिकीं निगाहें सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली सरकार, निर्माताओं और विक्रेताओं सहित सभी हितधारकों से परामर्श करने और 8 अक्टूबर, 2025 को होने वाली अगली सुनवाई पर अदालत के समक्ष एक संतुलित नीति पेश करने का भी निर्देश दिया गया है. इससे अब लोगों की निगाहें आठ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है.   हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखों पर केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया था. एमसी मेहता मामले की सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने टिप्पणी की, “अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना है, तो उन्हें पूरे देश में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए…” उन्होंने कहा था कि जो भी नीति होनी चाहिए, वह अखिल भारतीय स्तर पर होनी चाहिए. हम केवल दिल्ली के लिए नीति नहीं बना सकते क्योंकि वे देश के कुलीन नागरिक हैं. मैं पिछले साल सर्दियों में अमृतसर गया था, और वहां प्रदूषण बदतर था. इससे पहले नवंबर 2024 में, दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि ‘कोई भी धर्म ऐसी किसी भी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता, जो प्रदूषण में योगदान दे या लोगों के स्वास्थ्य से समझौता करे. जानें दिल्ली सरकार का क्या है आदेश दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी, 2025 से पूरे वर्ष के लिए सभी प्रकार के पटाखों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. पटाखों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर स्थायी प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं. आदेश में आगे कहा गया है, “दिल्ली में, विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में, गंभीर वायु प्रदूषण होता है और पार्टिकुलेट मैटर सांद्रता (पीएम 2.5 और पीएम 10) जैसे प्रदूषकों का स्तर वायु गुणवत्ता के निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है. वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 19 की उप-धारा (1) के अंतर्गत संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली को वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र घोषित किया गया है.”   आदेश में कहा गया है कि त्योहारों के मौसम में पटाखे जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है. इसलिए, दिल्ली सरकार ने वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत 2020 से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. अक्टूबर से जनवरी के महीनों के दौरान वायु गुणवत्ता में गिरावट की पिछली घटनाओं को देखते हुए, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध है. इसके साथ ही पटाखों के फोड़ने (ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से वितरण सहित) और उन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.