Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

मंत्री नेताम बोले – आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक होगा संग्रहालय

3 56.jpg

जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह के दृश्य भी होगा जीवंत राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर, आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने आज नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय-सह स्मारक के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मंत्री नेताम ने इस अवसर पर कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक संग्रहालय-सह स्मारक धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए नई पीढ़ियों को पुरखों की याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणास्पद होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का यह पहला संग्रहालय है, जो कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उच्च शौर्य एवं बलिदान को समर्पित है अतः इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मंत्री  नेताम ने संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन और सभी वर्गों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य के जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से कई अभिनव योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे जनजातीय वर्ग के जीवन स्तर में तेजी से बदलाव आ रहा है। मंत्री नेताम ने इस मौके पर संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, दिव्यांगजनों हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि संग्रहालय का लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से राज्योत्सव के समय किया जाना है। संग्रहालय के निर्माण कार्यों में लगने वाली मूर्तियां, कैनवास वर्क, डिजिटल वर्क का बारीकी के साथ परीक्षण किया जा रहा है। संग्रहालय का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। मूर्तियों की स्थापना, लाईट, बिजली आदि का टेस्टिंग कार्य जारी है। प्रमुख सचिव बोरा ने इस मौके पर संग्रहालय में प्रवेश से पूर्ण टिकट काउंटर पर लगे स्कैनिंग कार्य तथा प्रवेश द्वार में कुछ सुधार करने के संबंध में निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विकास विभाग संयुक्त सचिव बीएस राजपूत, टीआरटीआई संचालक हिना अनिमेष नेताम, उपायुक्त गायत्री नेताम, निर्माण एजेंसी के अधिकारी, ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स, आर्ट कलाकार एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।    वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है जीवंत संग्रहालय संग्रहालय निर्माण में लगे क्यूरेटर प्रबल घोष ने बताया कि यह संग्रहालय-सह स्मारक आदिवासियों स्वतंत्रता संग्र्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारीकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत झांकी के सामने स्कैनर लगाए गए स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है।   16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा।

चुनावी हार ने मोड़ा रास्ता: कमांडो जिसने आतंकियों को 26/11 में चुनौती दी, अब बन गया गैंग का सरगना

nsg.jpg

मुंबई  मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के दौरान जवाबी कार्रवाई में शामिल NSG कमांडो को गांजा तस्करी के आरोप में राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बजरंग सिंह गांजा तस्करी का छोटा-मोटा धंधा नहीं करता था, बल्कि क्विंटल में नशे का सामान राज्य की सीमा तक सप्लाई करवाता था। अब सवाल है कि आखिर एनएसजी कमांडो के रूप में देश की सेवा करने वाला एक हट्टा-कट्टा नौजवान इस काले कारोबार में कैसे उतर गया। बजरंग सिंह को बुधवार को चुरू से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि सिंह तेलंगाना और ओडिशा से गांजा मंगवाकर राजस्थान में सप्लाई करवाता था। वह सीकर जिले का रहने वाला है और इस तरह की गतिविधियों के चलते उसपर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। राजस्थान का आतंक रोधी दस्ता और एंटी नारकोटिक्स फोर्स दो महीने से उसके पीछे पड़ी थी। कैसे एनएसजी तक पहुंचा था बजरंग बजरंग सिंह ने 10वीं के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी थी। हालांकि खेल-कूद में उसकी रुचि थी और अच्छा खासा कद भी था। ऐसे में वह बीएसएफ में चला गया। कॉन्स्टेबल के तौर पर वह पंजाब, असम, राजस्थान, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रहा। उसकी लगन और बहादुरी को देखते हुए उसे एनएसजी कमांडो बना दिया गया। सात साल तक उसने कमांडो के तौर पर सेवा दी। मुंबई में आतंकी हमले के दौरान भी वह सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में शामिल था। राजनीति की तरफ रुख और फिर आपराधिक गतिविधियां राजनीति की तरफ रुख करने के बाद ही उसने अपराध की दुनिया में भी कदम रख दिया। राजनीति करने के लिए ही उसने नौकरी छोड़ी और अपने गांव आ गया। उसने अपनी पत्नी को मुखिया का चुनाव भी लड़ाया लेकिन वह हार गई। इसी बीच वह कुछ अपराधियों की भी संगत में आ गया। नौकरी वह पहले ही छोड़ चुका था, ऐसे में पैसे की उसे जरूरत थी। ऊपर से राजनीतिक महत्वाकांक्षा। बजरंग को अलग-अलग राज्यों के बारे में भी जानकारी थी और उसके संपर्क भी लोगों से बन गए थे। इसी का फायदा उठाकर उसने गांजे के तस्करी शुरू की। एक साल के अंदर ही वह गांजा तस्करी का सरगना बन गया। सिंह छोटी-मोटी तस्करी नहीं करता था बल्कि राज्य की सीमा से क्विंटलों गांजा की तस्करी करवाता था। उसके खिलाफ कई केस दर्ज हुए। 2023 में उसे गांजा तस्करी के ही आरोप में हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था। बजरंग सिंह ज्यादातर समय किसी सुदूर गांव में ही रहता था। पुलिस ने उसके बारे में उसके ही रसोइए से पता लगाया। रसोइया इस काले कारोबार में शामिल नहीं था। उसे विश्वास में लेने के बाद पुलिस की टीम बजरंग के ठिकाने तक पहुंच गई। पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार भी नहीं किया। लंबे समय तक पीछा करने के बाद मौका देखकर उसे दबोचा गया।  

एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

2 90.jpg

  किष्टाराम में मिनी स्टेडियम व मंगलागुड़ा में बनेगा पुलिया   रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी कुशलक्षेम पूछा और शासकीय योजनाओं के लाभ के विषय में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ     नई बैंक शाखा से आठ ग्राम पंचायतों के 42 गांव और 10 हज़ार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने शाखा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि अब ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन और शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार का संकल्प: माओवाद मुक्त बस्तर     अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किष्टाराम छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला गाँव है जहाँ से प्रदेश की विकास यात्रा प्रारंभ होती है। हमारी सरकार मार्च 2026 तक माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी भटके हुए युवाओं से अपील है कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में 5 हितग्राहियों को ग्रामीण बैंक का नवीन पासबुक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने घोषणा किया कि कोंटा से गोलापल्ली होते हुए किष्टाराम तक सड़क निर्माण जल्द शुरू होगा। किष्टाराम में मिनी स्टेडियम और मंगलागुड़ा में पुलिया निर्माण की भी घोषणा की गई। युवा और महिलाएँ होंगे आत्मनिर्भर     उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि 12वीं पास बहनों को “बैंक सखी” बनाया जाएगा और युवाओं को सीएससी सेंटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण आसानी से शासन की योजनाओं का लाभ ले पाएंगे। बस्तर की पहचान बनेगा बस्तरिया युवा     बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों की ऋण माफी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बस्तर का युवा ही होगा, बाहरी कोई नहीं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा दिखाकर बस्तर का गौरव बढ़ाएँ। कार्यक्रम में कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर पी. सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, मोहित सिंघल (क्षेत्रीय प्रबंधक जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक), सहित जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

देश की टैक्स कमाई में जैन समाज का कमाल – केवल 0.5% आबादी, 24% योगदान!

rajnath1 2.jpg

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में जैन समुदाय की आबादी महज 0.5 फीसदी है, लेकिन कुल टैक्स कलेक्शन में उनका योगदान 24 फीसदी के बराबर है। उन्होंने यहां तीन दिवसीय कार्यक्रम ‘जीतो (जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन) कनेक्ट 2025’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जैन समुदाय को दुनिया में एक मेहनती और समृद्ध समाज माना जाता है। उन्होंने कहा कि जैन समुदाय का दर्शन भारतीय संस्कृति में गहराई से रचा-बसा है तथा इसका इतिहास भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा में एक अनमोल अध्याय है। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था में जैन समुदाय का योगदान उल्लेखनीय है। उनकी जनसंख्या 0.5 प्रतिशत है, लेकिन कुल कर संग्रह का लगभग 24 प्रतिशत उनसे आता है।’ उन्होंने कहा कि चाहे औषधि क्षेत्र हो, विमानन हो या शिक्षा क्षेत्र हो, जैन समुदाय सभी में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि खिलौनों से लेकर टैंकों तक भारत सब कुछ बना रहा है और वह दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया के कारखाने के रूप में उभरेगा। ‘जीतो कनेक्ट’ दुनिया भर के जैन समुदाय के सदस्यों को एक साथ लाता है ताकि नेटवर्किंग, ज्ञान साझा करने और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। इससे पहले गुरुवार को डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने गुजरात के भुज मिलिट्री स्टेशन में शस्त्र पूजा की थी। उन्होंने कहा था कि अपनी सभ्यता को अजेय और अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शस्त्र के अलावा शास्त्र की भी जरूरत होगी। उन्होंने डिफेंस फोर्सेज की सराहना करते हुए कहा कि उनकी ओर से ऑपरेशन सिंदूर में शानदार काम किया गया। उन्होंने कहा कि एक तरफ हमने हमला किया तो वहीं पाकिस्तानी अटैक्स को आसमान में ही रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने लेह से सर क्रीक सेक्टर तक हमले करने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय बलों के तत्काल ऐक्शन लेने से मजबूती से काउंटर किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने दुनिया को संदेश दिया है कि कैसे दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है।  

आइफोन यूजर्स के लिए लैपटॉप पर वॉट्सऐप उपयोग करने के टिप्स

1 160.jpg

पिछले साल वॉट्सऐप ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए डेस्करटॉप तथा लैपटॉप वर्जन शुरू किया था। बाद मं् इस फीचर को विंडोज फोन तथा ब्लैसकबेरी यूजर्स के लिए भी शुरू कर दिया गया था। अब वॉट्सऐप ने ऐपल यूजर्स के लिए भी लैपटॉप वर्जन शुरू किया है। ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टीम आइओएस में हुए बदलावों की वजह से यह संभव हो सका है। अब ऐपल यूजर्स भी लैपटॉप पर अपना वॉट्सऐप मैसेंजर चला सकते हैं। आइए जानते हैं कि इसे कैसे एक्टिवेट किया जा सकता है तथा किस प्रकार से उपयोग कर सकते हैं… -सबसे पहले अपने ब्राउजर पर ‘वेब डाॅट व्हाट्सएप डाॅट काॅम’ टाइप करिए तथा क्यू आर कोड आने का इंतजार करिए। -अब अपने फोन का वॉट्सऐप ऑन करिए और उसके सेटिंग मेनू में जाइए। -हालांकि ऐसा करने से पहले आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपका वॉट्सऐप मैसेंजर अपडेट हो। -अब आप सेटिंग मेनू में से वॉट्सऐप वेब को चुनिए। -ऐसा करते ही आपके आइफोन का कैमरा एक्टिवेट हो जाएगा। लैपटॉप में दिखाई दे रहे क्यूअआर कोड को आप आइफोन के व्यूहफाइंडर से स्कैसन करिए। जैसे ही आप व्यू फाइंडर को लैपटॉप स्क्रीयन के सामने ले जाएंगे, वह स्कैसनिंग शुरू कर देगा और ऐसा होते ही आपके वेब ब्राउजर में वेब वॉट्सऐप एक्टिवेट हो जाएगा। -इस वेब वॉट्सऐप को आप क्रोम, सफारी और फायरफॉक्सा में भी चला सकते हैं। -वेब वॉट्सऐप फोन से कनेक्टत रहता है, इसलिए आपको इसे इस्तेीमाल करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका फोन ऑन रहे।  

दिल्ली-पानीपत सिर्फ 1 घंटे में! ‘नमो भारत’ ट्रेन का नया मार्ग और स्टेशन डिटेल्स

namo1.jpg

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के शहरों को जोड़ने वाली हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन की रफ्तार अब और तेज होने वाली है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी NCRTC ने दिल्ली-पानीपत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह कॉरिडोर न सिर्फ दिल्ली को पानीपत से जोड़ेगा, बल्कि भविष्य में करनाल तक विस्तार करेगा। तेज रफ्तार की राह में पहला कदम NCRTC ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए प्री-कंस्ट्रक्शन काम शुरू कर दिया है। केंद्र, दिल्ली और हरियाणा सरकारों से अंतिम वित्तीय मंजूरी का इंतजार होने के बावजूद, NCRTC ने टेंडर जारी कर दिए हैं और यूटिलिटी शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसका मतलब है कि बिजली की तारें, लो-टेंशन केबल और ट्रांसफॉर्मर जैसी चीजें, जो कॉरिडोर के रास्ते में आ रही हैं, उन्हें हटाने का काम जोर-शोर से शुरू हो गया है। नरेला से मुरथल तक 22 किलोमीटर के पहले हिस्से में यह काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में करीब एक साल लग सकता है। 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर RRTS नेटवर्क के तीन प्राथमिक कॉरिडोर में से एक है। यह 136 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नरेला, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर, समालखा और पानीपत तक जाएगा और बाद में करनाल तक विस्तार होगा। इसमें कुल 17 स्टेशन होंगे और ट्रेनें 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी। दिल्ली से पानीपत का सफर, जो अभी सड़क या पुरानी ट्रेनों से 2-3 घंटे लेता है, वह इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद 1 घंटे से भी कम समय में पूरा हो जाएगा। सराय काले खां बनेगा RRTS का सुपर हब सराय काले खां स्टेशन इस प्रोजेक्ट का दिल होगा। यह न सिर्फ दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन होगा, बल्कि दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-अलवर कॉरिडोर के लिए भी नोडल हब बनेगा। इस स्टेशन को मल्टीमॉडल हब के रूप में डिजाइन किया जा रहा है, जो दिल्ली मेट्रो, हजरत निजामुद्दीन ट्रांसपोर्ट इंटरचेंज और इंटर-स्टेट बस टर्मिनल से जुड़ेगा। यानी, एक ही जगह पर आपको ट्रेन, मेट्रो और बस, सब मिलेंगे। ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से मुक्ति NCRTC के मुताबिक, यह कॉरिडोर हर दिन करीब एक लाख यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण के लिए बेहतर यात्रा का विकल्प देगा। दिल्ली-अंबाला हाईवे (NH-44) पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी और लोग सैटेलाइट शहरों में रहकर भी दिल्ली तक आसानी से आ-जा सकेंगे। इससे दिल्ली की भीड़-भाड़ कम होगी और आसपास के शहरों का विकास भी होगा।  

तृप्ति डिमरी, शरवरी वाघ और अनन्या पांडे चांदनी बार 2 की रेस में

1 155.jpg

मुंबई, अभिनेत्री तृप्ति डिमरी, शरवरी वाघ और अनन्या पांडे फिल्म चांदनी बार 2 में काम करने की रेस में हैं। फिल्ममकार मधुर भंडारकर की चांदनी बार, जो 2001 में रिलीज़ हुई थी, ने हाल ही में अपनी 24वीं वर्षगाँठ मनाई। इस मौके पर इसके सीक्वल का ऐलान किया गया है। समाज की कटु सच्चाइयों और मुंबई के डांस बार की ज़िंदगी को बिना किसी लाग-लपेट के दिखाने वाली इस क्लासिक फिल्म ने तब्बू को राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया था और भारतीय सिनेमा को एक नया आयाम दिया था। अब चांदनी बार री-ओपन्स, जिसे संदीप सिंह प्रोड्यूस करेंगे और अजय बहल निर्देशित करेंगे, एक बार फिर उसी संवेदनशीलता के साथ शहर की कड़वी हकीकत को सामने लाने का वादा कर रही है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस समय फिल्म की लीड कास्टिंग को लेकर है। यह किरदार, जिसे तब्बू ने आइकॉनिक मुमताज़ के रूप में निभाया था, अब किसे मिलेगा, यही सबसे बड़ा सवाल है। बताया जा रहा है कि तीन युवा और टैलेंटेड अभिनेत्रियाँ रेस में हैं, जिसमें शरवरी वाघ, अनन्या पांडे और तृप्ति डिमरी शामिल हैं। फिल्म चांदनी बार 2 की शूटिंग अगले साल की शुरुआत में फ्लोर पर जाएगी और साल के अंत तक रिलीज़ होने की संभावना है। ऐसे में, फैन्स और इंडस्ट्री की नज़रें इसी बात पर टिकी हैं कि चांदनी बार की यह मज़बूत विरासत किस नए चेहरे को सौंपी जाएगी।  

जेल विभाग में छत्तीसगढ़ स्थापना रजत महोत्सव का शुभारंभ

1 163.jpg

रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने स्वयं किया रक्तदान रायपुर, राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग द्वारा 3 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2025 तक रजत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ आज केन्द्रीय जेल रायपुर में रक्तदान शिविर के साथ हुआ। शिविर का शुभारंभ करते हुए डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की प्रगति में जेल विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। इस अवसर पर जेल विभाग के महानिदेशक श्री गुप्ता, केंद्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री सहित कुल 28 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। इनमें 22 जेलकर्मी तथा 4 छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। रजत महोत्सव के अंतर्गत राज्य की सभी पाँच केंद्रीय जेलों—रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में जेल में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। यहाँ आम नागरिक किफायती दरों पर उत्पाद खरीद सकेंगे। इसके अतिरिक्त रजत महोत्सव सप्ताह के दौरान प्रदेश की सभी 33 जेलों में रक्तदान शिविरों के साथ-साथ बंदियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

किसानों को पहली बार मिला सोयाबीन में पीला मोजेक से हुए नुकसान का मुआवजा

3a 73 1.jpg

किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीवाली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 जिलों के किसानों को 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक से खातों में की अंतरित किसानों को पहली बार मिला सोयाबीन में पीला मोजेक से हुए नुकसान का मुआवजा मुख्यमंत्री को किसानों ने दिया धन्यवाद और किया अभिनंदन मुख्यमंत्री से किसानों ने कहा – आपने दीपावली से पहले ही हमारी दीपावली मनवा दी बाढ़ प्रभावित 3.90 लाख किसानों को मिली 371 करोड़ की राहत राशि पीला मोजैक से प्रभावित सोयाबीन फसल के मुआवजे के रूप में किसानों को मिली 282 करोड़ रूपए से अधिक की मदद मुआवजा राशि मिलने से किसानों का खाद-बीज खरीदना हुआ आसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 अक्टूबर को बड़वानी में नशामुक्ति सम्मेलन में होंगे शामिल मुख्यमंत्री 10 अक्टूबर को रतलाम में भावांतर योजना रैली में करेंगे सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सेवा ही भगवान की सेवा है। बाढ़ हो, आपदा हो, ओलावृष्टि हो या कीट प्रकोप हो, किसान भाई हर विपदा से लड़ते और जूझते हैं। किसान पर कोई भी विपदा या आपदा आए सरकार संकट की हर घड़ी में साथी बनकर किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि आप अकेले नहीं हैं, पूरा परिवार बनकर हम आपके साथ हैं। आपकी खुशी में ही प्रदेश की खुशी है। उन्होंने कहा कि हर प्रकार की आपदा और कीट प्रकोप से फसलों को हुई क्षति की राहत राशि किसानों को दी जाएगी। ये राहत राशि किसानों को बड़ा संबल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब तक आखिरी पीड़ित किसान को सहायता राशि नहीं मिल जाती, हमारी सरकार चैन से नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीपावली जैसी है। किसानों की मेहनत और जज्‍बा फिर से उनके खेतों को जीवन और समृद्धि से भर देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसानों को प्राकृतिक आपदा और कीट प्रकोप से हुई फसल क्षति की राहत राशि वितरण कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बीते माहों में हुई अतिवृष्टि-बाढ़ और सोयाबीन में पीला मोजेक रोग से हुए फसल नुकसान के लिए 13 प्रभावित जिलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसानों को 653.34 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इसमें अतिवृष्टि/बाढ़ से हुई फसल क्षति से प्रभावित 3 लाख 90 हजार 167 किसानों को 331.34 करोड़ रूपये एवं पीला मोजेक/कीट व्याधि से हुई फसल क्षति से प्रभावित 4 लाख 94 हजार 605 किसानों को 322 करोड़ रुपये की राहत राशि शामिल है। खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पीड़ित किसान भाईयों को राहत राशि देने और फसल सर्वे के कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। किसानों के चेहरे की खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से 6 लाख 69 हजार से अधिक धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भी भावान्तर योजना शुरू की गई है। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अन्तर की राशि सरकार सीधे किसानों को देगी। हम किसानों का कोई नुकसान नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों भाईयों के दुख-दर्द में हम आपके सेवक बनकर खड़े हैं। किसानों के माथे का पसीना बेकार नहीं जाएगा, आपकी मेहनत फिर से हरियाली का रूप लेकर प्रदेश को समृद्ध करेगी, हम सदैव आपके साथ हैं। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है और उनके सुख-दु:ख में सहभागी है। हम प्रदेश के किसी भी किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में अब तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को विभिन्न मदों में कुल 229 करोड़ 45 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। गत माह 6 सितंबर को ही फसल क्षति के लिए 11 जिलों के 17 हजार से अधिक किसानों को 20 करोड़ से अधिक की राहत राशि दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार द्वारा सोयाबीन में पीले मोजेक रोग से फसल प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने किया किसानों से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि वितरण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़ित किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। संवाद के दौरान किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दशहरा एवं भव्य शस्त्र पूजन के आयोजनों एवं सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने दीपावली से पहले ही हमारी दीपावली मनवा दी। हमें यह महसूस हो रहा है कि सरकार हमारे साथ है। पीला मोजेक की राहत राशि हमें पहली बार मिली। यह सच्चे अर्थों में किसान हितैषी सरकार है। उत्साहित किसानों ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से राहत राशि मिलने से दशहरे पर ही किसानों की दीपावली हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर जिले के किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि केला आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि मिलने पर सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज से ही सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रारंभ हो गया है। अब किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सोयाबीन मंडी में बेचें, यदि एमएसपी से कम राशि में फसल बिकती है, तो बेची गई फसल की कीमत और एमएसपी के अंतर की राशि यानि भावांतर की राशि अगले 15 दिनों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए किसानों को इस साल सोयाबीन का अत्यधिक भाव मिलेगा। इस बार सोयाबीन की एमएसपी 500 रुपए से अधिक बढ़कर 5328 रुपए हो गई है। … Read more

मध्यप्रदेश में झूठी शिकायतों पर नकेल, कलेक्टरों को मिला निर्देश — होगी कड़ी कार्रवाई

3a 125.jpg

ग्वालियर  सीएम हेल्पलाइन में बार-बार और झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ताओं को ग्वालियर में भी चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे कुछ आदतन शिकायत करने वालों के कुछ नाम मिल भी गए हैं जो जन सुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन में लगातार अलग-अलग शिकायतों से लेकर एक ही शिकायत बार-बार कर रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन के लेवल वन स्तर पर आने वाली शिकायतों को डील करने वाले अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है, शासन ने सभी जिलों से ऐसे लोगों के नाम व पूरी जानकारी कलेक्टरों से मांगी है। इसी क्रम में ग्वालियर के अधिकारी भी जानकारी तैयार कर रहे हैं। प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेजा पत्र बता दें कि शासन की ओर से कुछ दिनों पहले ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजा गया है। इसमें लिखा गया कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के तहत झूठी व आदतन शिकायतकर्ता के संबंध में जानकारी प्रदान करने व उक्त शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अतिरिक्त जन प्रतिनिधियों एवं विभागों द्वारा भी समय-समय पर इस संबंध में कार्रवाई का आग्रह किया गया है। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऐसे शिकायतकर्ताओं के बारे में जानकारी व टीप दर्ज करने की सुविधा अधिकारियों की लाग इन आईडी में उपलब्ध है। ऐसे शिकायतकर्ताओं की पूरी जानकारी के साथ अधिकारियों से रिमार्क भी मांगा गया है। ब्लैकमेलिंग का जरिया बन रही सीएम हेल्पलाइन हकीकत में सीएम हेल्पलाइन का प्रभाव वर्तमान में कम हो गया है, हजारों शिकायतें हर माह आती हैं जिनमें बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें मिलती हैं जो बार-बार या ब्लैकमेल करने की नीयत से लगाई गई है। वहीं यह भी सच ही है कि अधिकारी अब सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर उतने संवेदनशील नहीं है जितने पहले थे।