Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

पत्नी पर हाथ उठाने वालों को ओवैसी ने दिया पैगंबर से सीखने का संदेश

owesi1.jpg

नई दिल्ली  सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 'आई लव मोहम्मद' वाले पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने वाले लोगों को बड़ी नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि यदि आप पोस्टर उठाकर प्रदर्शन करने जाते हैं तो उसे फेंककर लौट नहीं जाना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि आप आई लव मोहम्मद बोलते हो तो पोस्टर को दिल से लगाकर रखो। यह नहीं कि प्रदर्शन किया और फिर फेंक कर चले गए। पोस्टर उठाना आसान है, लेकिन उनसे कुछ सीखना भी चाहिए। आखिर कितने शादीशुदा लोग हैं, जो अपनी पत्नियों पर हाथ उठाते हैं। पैगंबर मुहम्मद ने कभी किसी महिला पर उंगली तक नहीं उठाई थी। ओवैसी ने कहा कि यह याद रखने की जरूरत है कि पैगंबर मुहम्मद घर में अपना काम खुद करते थे। आपका हाल यह है कि आप पहुंचते हैं तो कहते हैं कि चाय लाओ, पानी लाओ। ऐसा लगता है कि जैसे आप कोई बहुत बड़ा जिहाद करके आए हैं। AIMIM लीडर ने कहा कि यह सोचने की बात है कि पैगंबर मोहम्मद के दौर में महिलाएं कैसे रहती थीं। तब महिलाओं को पूरे अधिकार मिले थे और वे पढ़ सकती थीं। उन्हें कोई देख नहीं सकता था, लेकिन उन्हें रोका नहीं गया कि वे तालीम हासिल न करें। हैदाराबाद के सांसद ने कहा कि हमें देखना होगा कि हमारी बेटियां पढ़ें। आई लव मोहम्मद का पोस्टर उठाने से ही सब कुछ नहीं होता। असल में पूछ तो अशर के मैदान में होगी कि आपने जिंदगी में क्या किया। महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि आज बहुत से लोग अपने मां-बाप को ही बुजुर्ग होने पर बोझ समझते हैं। जमीन के लिए लड़ते हैं और खानदान में दीवारें उठ जाती हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें हर दिन नमाज पढ़नी चाहिए। यह सिर्फ जुमे तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा रमजान में हर दिन रोजा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ढाई पर्सेंट जकात का नियम है तो फिर उसमें डंडी नहीं मारनी चाहिए। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसा ने मुस्लिम युवाओं से नशे से दूर रहने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि यदि आप नशा करके शरीर को कमजोर कर लेंगे तो फिर कौम की दीवार ही गिर जाएगी। यदि किसी घर की दीवार गिर जाती है तो लोग घर बना लेते हैं। ऐसे ही आप गिर जाएंगे तो कौम कमजोर हो जाएगी।  

वीडियो में देखा गया बर्बर हमला: आरोपी ने दो युवकों को मारा, कहा \’भगवाराज जिंदाबाद\’; पुलिस अलर्ट

1 132.jpg

कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के खरमोरा अटल आवास में दशहरा के दिन एक युवक ने दो युवकों को करीब आधे घंटे तक बेल्ट से दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक नशे की हालत में था। पीड़ित युवक मुड़ापार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वीडियो में आरोपी "भगवाराज जिंदाबाद" कहते हुए पिटाई करता नजर आ रहा है। मार खा रहे युवक हाथ जोड़कर आरोपी से छोड़ने की गुहार लगाते रहे, यहां तक कि बीमार माँ का हवाला भी दिया, लेकिन हमलावर नहीं माना। स्थानीय लोग मौके पर तमाशबीन बने रहे और कुछ ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मारपीट के दौरान पीड़ितों का खाना भी छीनकर फेंक दिया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अटल आवास में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। यहां आए दिन मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से नियमित छापेमारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दुकान पर झाडू लागने की बात को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद , 2 घंटे रहा चक्का जाम

3a 101.jpg

चंदला चंदला में दो पक्षों में विवाद हो गया विवाद का कारण आपसी बुराई बताया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार बाला वर्मा चंदला के महावीर ऑटो पार्ट्स के सामने एक मिठाई की दुकान संचालित करता है सौरभ जैन अपनी जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह बाला वर्मा का पुत्र अमन वर्मा जब दुकान खोलने आया तो मैं भी अपनी दुकान के बाहर झाड़ू लगा रहा था तभी अमन बुरी बुरी गालियां देने लगा जिसको लेकर विवाद हो गया विवाद इस कदर बढ़ा कि अमन ने फोन लगाकर अपने दोस्तों और भाइयों को मौके पर बुला लिया जिससे अमन और उसके भाई पिता और साथियों ने जैन परिवार के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दे डाला वहीं गुस्साए परिजनों ने मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित कर दी जैसे ही पूरे मामले की जानकारी चंद्ला पुलिस को लगी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटवाने का प्रयास किया मगर जैन समाज के लोग एक नहीं माने और देखते ही देखते सैकड़ो की तादाद में महिलाएं और पुरुष एकत्रित होते गए वहीं जब यह मामला तूल पकड़ता दिखाई दिया तो पुलिस ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीओपी नवीन दुबे और चंदला थाना प्रभारी उदयवीर सिंह तोमर की समझाइए इसके बाद जाम में बैठे लोग मान गए और थाने पहुंचकर पूरे मामले की एफआईआर दर्ज करवाने को तैयार हुए वही चंदला पुलिस ने बताया कि फरियादी राजेश जैन की रिपोर्ट पर बाला वर्मा अमन वर्मा गोलू वर्मा दीपू वर्मा नायक श्रीवास संकल्प मिश्रा शिवकुमार वर्मा सचिन सांसिया  सुमित भुर्जी सहित 9 लोगों पर विभिन्न धाराओं पर मामला पंजीबद्ध किया गया है पूरे मामले पर पांच से अधिक लोग घायल हुए हैं दोनों पक्षों पर विवाद हुआ था दोनों पक्षों के लोग घायल है अभी एक पक्ष के घायलों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई किंतु अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच करके आरोपी गणों को कब तक सलाखों के पीछे धकेला जाएगा जो शासन प्रशासन के लिए चुनौती का विषय बना हुआ है

एक लाख परिवारों तक पहुंचने वाला मैत्री अभियान, बताएगा घर बैठे पशुपालन कैसे करें सफल

cow2.jpg

भोपाल मध्य प्रदेश में नस्ल सुधार करके दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा नियुक्त मैत्री कार्यकर्ता एक लाख से अधिक परिवारों तक पहुंचेंगे। पहले चरण में उन परिवारों तक पहुंचा जाएगा, जिनके पास दस या उससे अधिक दुधारू पशु हैं। इन्हें बताया जाएगा कि नस्ल सुधार करने से उन्हें कितना लाभ होगा। पोषण आहार में जो खर्च होगा, उससे अधिक कैसे आय होगी। सरकार कैसे-कैसे सहयोग करेगी। विभाग ने तीन चरण में सभी पशुपालकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पहला चरण नौ अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 10 या इससे अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी या मैत्री कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट की जाएगी। इन्हें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में जागरूक किया जाएगा।   साथ ही पशुओं में टैग लगाने संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। मैत्री कार्यकर्ता को प्रति पशुपालक पांच रुपये मानदेय भी मिलेगा। दूसरे चरण में पांच या अधिक गो-वंश रखने वाले और तीसरे चरण में पांच या इससे कम गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से संपर्क किया जाएगा।

ड्राई डे उल्लंघन: मालीघोरी गांव से पुलिस ने पकड़ा शराब का स्टॉक

2 72.jpg

बालोद ड्राई डे पर भी अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम मालीघोरी में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 498 पव्वा अवैध शराब जब्त की। यह जखीरा गांव के निवासी खिलेश गौतम के घर से बरामद हुआ है। गांव में शराब पकड़े जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ड्राई डे पर भी खुलेआम शराब बेची जा रही थी और बेचने वाला दबंगई कर रहा था। इस बात से नाराज होकर ग्रामीण लामबंद हो गए। देखते ही देखते गांव का माहौल बिगड़ गया और गांव छावनी में तब्दील हो गया। शिकायत मिलते ही बालोद थाने की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने खिलेश गौतम के घर से शराब का जखीरा जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। गांव के लोग इस कार्रवाई को लेकर संतुष्ट नजर आए, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक अवैध शराबखोरी पर रोकथाम को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कारोबार फल-फूल रहा है।

नो एंट्री नियम के खिलाफ इंदौर के ट्रांसपोर्टर्स ने चेताया, माल की डिलीवरी और बुकिंग 6 अक्टूबर से रोकेंगे

transfar1 1.jpg

इंदौर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने 6 अक्टूबर से माल की बुकिग पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। शहर के नो एंट्री क्षेत्र में संचालित करीब 500 ट्रांसपोर्ट कार्यालय और गोदामों से माल की बुकिंग और डिलीवरी बंद रहेगी। इससे बाजारों में वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ट्रांसपोर्टरों ने यह निर्णय नो एंट्री को लेकर बरती जा रही सख्ती के कारण लिया है। एसोसिएशन ऑफ पार्सल ट्रांसपोर्ट एंड फीट ऑनर्स के द्वारा सोमवार से शहर में लोहा मंडी और अन्य क्षेत्रों में संचालित अपने कार्यालय और गाेदाम में माल की बुकिंग नहीं ली जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा लगाए गए नो एंट्री नियमों के कारण उनका कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।   प्रशासन ने सुबह 6 बजे से रात ग्यारह बजे तक प्रवेश पर रोक लगा दी है। वहीं निवेदन करने पर केवल दोपहर 12 से 3 बजे तक ही ट्रकों को लोहामंडी क्षेत्र में प्रवेश की छूट दी गई है। जबकि पहले दोपहर 12 से 5 बजे तक और रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक प्रवेश मिलता था। कम समय होने से बुकिंग और सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई शहरों तक होती है सप्लाई इंदौर से करीब 1500 ट्रक रोजाना माल लोडिंग होता है। जो प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही पडा़ेसी राज्यों के कई शहरों तक जाता है। वहीं इतने ही ट्रक माल अन्य शहरों से इंदौर पहुंचता है।इंदौर आने वाले माल को यह ट्रांंसपोर्टर ही बाजारों में सप्लाई करते है।वहीं बाहर से आने वाले व्यापारी इंदौर में खरीदे गए माल को ट्रांसपोर्ट के माध्यम ले जाते है। बुकिंग बंद होने से बाजार में सप्लाई और माल की बिक्री दोनों प्रभावित होगी।

कॉन्क्लेव में 5 दिनों के अंदर 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस भी दर्ज किए गए

yogi a 83 1.jpg

सीएम युवा कॉन्क्लेव ने युवा उद्यमियों को किया प्रोत्साहित  सीएम युवा कॉन्क्लेव ने लिखी नई इबारत, 12 हजार से अधिक बिजनेस इंक्वायरी और 9,200 पंजीकरण हुए दर्ज कॉन्क्लेव में 5 दिनों के अंदर 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस भी दर्ज किए गए यूपीआईटीएस 2025 में युवाओं की रही अद्भुत भागीदारी, सीएम युवा मिशन को मिला “अवार्ड ऑफ ऑनर” युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से कराया रूबरू, उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा सीएम युवा योजना का लाभ उठाने के लिए कर सकते हैं आवेदन लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी सीएम युवा मिशन के तहत आयोजित सीएम युवा कॉन्क्लेव उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा। पांच दिवसीय आयोजन ने न केवल युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से रूबरू कराया बल्कि उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले। इस पांच दिवसीय आयोजन के दौरान कुल 12,025 बिज़नेस इंक्वायरी, 9,200 पंजीकरण, 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस दर्ज किए गए। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा तेजी से युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस कॉन्क्लेव और एक्सपो ने साबित कर दिया कि प्रदेश के युवा स्टार्टअप, उद्यमशीलता, स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करेंगे।  युवाओं के लिए प्रेरणा का मंच बना कॉन्क्लेव सीएम युवा के नोडल और ज्वॉइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि 5 दिन के कॉन्क्लेव में कई प्रसिद्ध फ्रेंचाइज़ ब्रांड्स, मशीनरी सप्लायर्स और बिजनेस-ऑन-व्हील्स वेंचर्स ने भाग लिया। इनमें डॉक्टर मोरिंगा, एमबीए मखानेवाला, हनीमैन, चीजी क्रेजी कैफे और ओसियन एंटरप्राइज़ जैसे ब्रांड्स ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इन प्रस्तुतियों ने युवाओं को नवाचार और टिकाऊ बिजनेस मॉडल की दिशा में प्रेरित किया। टॉप-5 ब्रांड्स रहे आकर्षण का केंद्र सबसे अधिक व्यवसायिक पूछताछ प्राप्त करने वाले ब्रांड्स में ओसियन एंटरप्राइजेज (700+), यूपीसीएस स्टोर (650+), एमबीए मक्खनवाला (550+), प्रॉस्पर ग्रुप (500+) और आईक्यूटीएम (450+) शामिल रहे। अवार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित सीएम युवा मिशन को यूपीआईटीएस 2025 की सफलता में उत्कृष्ट योगदान के लिए “अवार्ड ऑफ ऑनर” प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन) नंद गोपाल नंदी, मंत्री (एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम एवं वस्त्र) राकेश सचान, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन आलोक कुमार और मिशन डायरेक्टर-सीएम युवा के. विजयेन्द्र पांडियन की मौजूदगी में प्रदान किया। युवाओं की अद्भुत भागीदारी कॉन्क्लेव में मेरठ, सहारनपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडलों से 3,700 से अधिक युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में छात्र और नवोद्यमी सीएम युवा पवेलियन में पहुंचे और विभिन्न बिज़नेस मॉडल्स को समझने के साथ-साथ अपने सवालों के समाधान भी पाए।  

खांसी की दवा खरीदने के लिए राजस्थान में जरूरी होगा डॉक्टर का प्रिसक्रिप्शन

2 68.jpg

जयपुर राजस्थान में कफ सिरप अब चिकित्सकीय परामर्श से ही मिलेगी। प्रदेश में  Dextromethorphan HBr Syrup के लेने से गंभीर रूप से तबियत खराब होने तथा भरतपुर व सीकर में 2 बच्चों की मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।  सीकर व भरतपुर में बच्चों की मृत्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही बच्चों को खांसी की दवा डेक्सट्रोमैटोरफन नहीं लिखी गई थी। विभाग ने सीकर जिले में हाथीदेह पीएचसी में बच्चों के लिए खांसी की प्रतिबंधित दवा लिखे जाने पर एक चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट को निलंबित करने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है।  विभाग ने जारी की एडवाइजरी इसके साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही के साथ ही प्रिसक्रिप्शन लिखने में प्रोटोकॉल का पालन करने तथा रोगियों को प्रिसक्रिप्शन से ही दवा उपलब्ध कराने तथा रोगियों द्वारा बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा नहीं लेने के संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी चिकित्सक दवा लिखते समय एडवाइजरी की पूर्णत: पालना सुनिश्चित करें। बच्चों को दवाई लिखते समय निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। रोगी बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा का सेवन नहीं करें। निदेशक जनस्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में मौसमी बीमारियों सहित अन्य सामान्य बीमारियों से बचाव, उपचार एवं अन्य जानकारी के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0141—2225624 पर किसी भी समय सम्पर्क किया जा सकता है। जांच के लिए कमेटी बैठी, दवा को क्यूी के लिए भेजा गौरतलब है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रकरण सामने आने पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जांच किए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आरएमएससीएल ने संबंधित दवा के वितरण एवं उपयोग पर रोक लगा दी थी और जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन भी कर दिया था। साथ ही, दवा का वैधानिक नमूना लेकर जांच के लिए राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भी भेजा गया है। सरकारी रिपोर्ट में ये तथ्य आए निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि भरतपुर एवं सीकर में दो बच्चों की मौत के प्रकरण में प्राप्त रिपोर्ट में सामने आया है कि चिकित्सक द्वारा दोनों ही बच्चों को Dextromethorphan HBr Syrup नहीं लिखी गई है। प्रोटोकॉल के अनुसार बच्चों को यह दवा नहीं लिखी जाती है। सीकर के अजीतगढ़ ब्लॉक की हाथीदेह पीएचसी पर एक बच्चे को खांसी की यह दवा लिखे जाने का मामला सामने आया था, जिस पर चिकित्सक डॉ. पलक एवं फार्मासिस्ट पप्पू सोनी को निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार भरतपुर के कलसाडा निवासी 30 वर्षीय मोनू जोशी 25 सितम्बर, 2025 को खांसी—जुकाम व बुखार होने पर सीएचसी कलसाडा आए थे। चिकित्सक ने उन्हें अन्य दवाओं के साथ सिरप डैक्ट्रामैट्रोफन हाइड्रो ब्रोमाइड लिखी थी। मोनू जोशी ने अपने तीन वर्षीय पुत्र गगन के जुकाम व निमोनिया होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के यह सीरप उसे पिला दी। गगन की तबीयत ज्यादा खराब होने पर वे तुरन्त चिकित्सक डॉ. अशोक जैन के पास महुआ लेकर गए। डॉ. अशोक जैन ने मरीज की गम्भीर अवस्था को देखते हुए उसे जेके लोन जयपुर के लिए रैफर कर दिया गया। 25 सितम्बर को ही दोपहर 2 बजे गगन को जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। मरीज की स्थिति में सुधार होने पर उसे 27 सितम्बर को डिस्चार्ज कर दिया गया।   भरतपुर में बच्चे की मौत की वजह निमोनिया को बताया वहीं भरतपुर में कफ सिरप पीने के बाद बच्चे की मौत की खबर को लेकर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यहां नहनी उम्र 50 साल उप केन्द्र, मलाह पर दिखाने आई थी, जिसे उप केन्द्र स्तर की पीसीएम दवाई दी गई थी। जिस बच्चे सम्राट की मौत की खबर सिरप पीने से बताई जा हरी है वह पहले से निमोनिया से ग्रसित था, जिसे भरतपुर से जयपुर रैफर किया गया था। सम्राट की मृत्यु 22 सितम्बर को हुई थी। सीकर में मौत सिरप से लेकिन परिजनों ने अपने स्तर पर ही दी दवा वहीं सीकर के ग्राम खोरी के नित्यांश पुत्र महेश कुमार शर्मा की मृत्यु के संबंध में प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार वस्तु स्थिति यह है कि 7 जुलाई 2025 को बच्चे को बुखार-जुकाम की शिकायत पर सीएचसी चिराना, झुंझुनूं में दिखाया गया था। रोगी की पर्ची में सिरप डैक्ट्रमैथोरफन नहीं लिखी गई थी। बच्चे की माता खूशबू शर्मा ने बताया कि 28 सितंबर 2025 को रात्रि 9 बजे बच्चे को हल्की खांसी की शिकायत हुई तब पहले से घर में रखी डैक्स्ट्रोमैथोरफन 5 एमएल कफ सिरप माता ने बच्चे को दी थी। 29 सितम्बर को रात्रि 2 बजे बच्चे ने पानी पिया और सो गया। तब तक बच्चा ठीक था। प्रातः 5 बजे मां उठी तो बच्चा बेसुध था। बच्चे को राजकीय श्री कल्याण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस प्रकार दोनों ही बच्चों की मौत के मामले में चिकित्सक द्वारा डैक्स्ट्रोमैथोरफन दवा नहीं लिखी गई है।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य

3a 87.jpg

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 20 अक्टूबर तक शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य  योगी सरकार की पहल पर युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत पूरे प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण प्रारम्भ कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित किए हैं। 20 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से शुरू होंगे बैच कौशल विकास मिशन की ओर से निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाता नियमानुसार प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की अनुमोदन प्रक्रिया के बाद 20 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण बैच प्रारम्भ करें। इस अवसर पर पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की जाएगी। वितरण की प्रक्रिया जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को पाठ्य सामग्री वितरण और बैच प्रारम्भ संबंधी न्यूनतम तीन फोटोग्राफ तथा वितरण पावती रसीद को जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से सत्यापित कराकर मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर योगी सरकार का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख कौशल युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत न केवल माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।   इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के पंजीकरण की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ी  उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने शुक्रवार को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के अंतर्गत चल रहे पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) के साथ बैठक कर युवाओं के पंजीकरण की गति तेज करने के निर्देश दिए। अपर मिशन निदेशक ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा  कि युवाओं को कौशल प्रतियोगिता से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, परामर्श शिविर और संस्थागत समन्वय की कार्यवाही शीघ्र बढ़ाई जाए। पंजीकरण की अंतिम तिथि अब 15 अक्टूबर 2025 तक बढ़ने पर उन्होंने सभी जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों को निर्देशित किया कि वे लक्षित युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करें तथा पंजीकरण संख्या में  वृद्धि सुनिश्चित करें। प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं पंजीकरण की सुविधा https://www.skillindiadigital.gov.in पर उपलब्ध है।  

दशक पुराना ESP संयंत्र गिरा, बालको प्लांट में सुरक्षा प्रक्रियाओं पर उठे गंभीर सवाल

2 71.jpg

कोरबा कोरबा जिले के बालको एल्यूमिनियम प्लांट में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां करीब 20 साल पुराना इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) संयंत्र अचानक गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक यह संयंत्र 2004-05 में सेपको कंपनी द्वारा बनाया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उद्योगपतियों के दबाव में श्रम विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि बालको प्लांट में इससे पहले भी 2009 में निर्माणाधीन चिमनी गिरने का बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 45 मजदूरों की मौत हुई थी। उस हादसे में भी सेपको कंपनी जिम्मेदार ठहराई गई थी और मामला अब भी अदालत में लंबित है। फिलहाल इस ताज़ा घटना पर विभागीय स्तर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन हादसे ने एक बार फिर से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।