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भारत का गौरव बढ़ाया Mirabai Chanu ने, वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल पर कब्जा

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टोक्यो भारत की वेटलिफ्टिंग सनसनी मीराबाई चानू एक बार फिर देश के लिए गौरव की प्रतीक बनकर उभरी हैं। टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर लाने वाली मीराबाई ने नॉर्वे के फोर्डे में आयोजित 2025 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। ये उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि भारत के लिए एक बड़ी वापसी भी है — इस प्रतियोगिता में तीन साल बाद देश को कोई पदक मिला है। 199 किलो का कमाल, 12 किलो से गोल्ड से चूकीं चानू ने कुल 199 किलोग्राम भार (84 किग्रा स्नैच और 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर रजत पदक पर निशाना साधा। हालांकि, नॉर्थ कोरिया की रि सोंग गुम ने 213 किलोग्राम के विशाल भार के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। चीन की थान्याथन ने कांस्य पदक हासिल किया। दमदार शुरुआत, कुछ चूके मौके  चानू ने स्नैच में 84 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाकर मजबूत आगाज़ किया, जो उन्हें इस वर्ग में कांस्य पदक तक ले गया। हालांकि इसके बाद के दोनों प्रयासों में वो 87 किलोग्राम के भार को सफलतापूर्वक नहीं उठा सकीं। दूसरी ओर, क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 109 किग्रा से शुरुआत करते हुए 112 और फिर 115 किग्रा तक सफलता हासिल की, जिससे उनका कुल स्कोर 199 किग्रा पहुंच गया और सिल्वर मेडल पक्का हो गया। तीसरा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल, नया कीर्तिमान इस मेडल के साथ मीराबाई अब उन चुनिंदा भारतीय वेटलिफ्टरों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीन बार पोडियम फिनिश किया है। इससे पहले वो 2017 में गोल्ड और 2022 में सिल्वर जीत चुकी हैं। इस तरह वे कुंजारानी देवी (7 मेडल) और कर्णम मल्लेश्वरी (4 मेडल) के बाद तीसरी सबसे अधिक बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली भारतीय बन गई हैं। भारत का कुल खाता अब 18 पदकों तक पहुंचा इस जीत के साथ भारत का वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कुल पदकों का आंकड़ा 18 हो गया है — जिनमें 3 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य शामिल हैं। खास बात ये है कि ये सभी मेडल भारत की महिला खिलाड़ियों ने ही अर्जित किए हैं, जो देश की बेटियों की कड़ी मेहनत और लगन का प्रमाण है। हाल ही में जीता था कॉमनवेल्थ गोल्ड इससे ठीक एक महीने पहले, मीराबाई ने अहमदाबाद में आयोजित 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीतकर धूम मचाई थी। उन्होंने 193 किलोग्राम (84 किग्रा स्नैच + 109 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर न केवल पोडियम के टॉप पर जगह बनाई बल्कि 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया।

जासूसी कैमरा विवाद: राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए टीकाराम जूली ने समय मांगा

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जयपुर विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भड़का जासूसी कैमरा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ने को तैयार नहीं है। राजस्थान में जासूसी कैमरा विवाद को लेकर विधानसभा में धरने प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दे चुकी कांग्रेस अब आरोप लगा रही है कि प्रदेश में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इसलिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मामले में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। जूली ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं की पवित्रता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यह घटना न केवल विपक्षी विधायकों की निजता का हनन है, बल्कि जनता के विश्वास के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।  जूली ने बताया कि इस गंभीर प्रकरण पर विपक्षी दल के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मिलकर कर उन्हें समस्त तथ्यों से अवगत कराया था और निष्पक्ष जांच की मांग रखी थी। जूली ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में लोकतंत्र की रक्षा एवं संविधान की मर्यादा बनाए रखने हेतु उन्होंने माननीय राष्ट्रपति महोदय से समय प्रदान करने का आग्रह किया है। लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्थाएं संसद और विधानसभाएं हैं। यदि इन्हीं पर संदेह और जासूसी का वातावरण बनेगा तो यह पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस लड़ाई को जनता और लोकतंत्र के हित में अंत तक लड़ेगा। किसी भी कीमत पर लोकतांत्रिक मूल्यों और विधायकों की गरिमा पर आंच नहीं आने दी जाएगी। क्या था जासूसी कैमरा विवाद  विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्षी नेता और कांग्रेस विधायकों ने स्पीकर वासुदेव देवनानी को घेरते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा में अतिरिक्त CCTV / PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे लगाए गए हैं, खासकर विपक्षी बेंच और महिला विधायकों के आस-पास, जिनका उपयोग उन पर निगरानी रखने और उनकी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग करने में हो रहा है। आरोपों के अनुसार, ये कैमरे सिर्फ सदन की कार्यवाही के दौरान नहीं बल्कि सदन के बाद भी सक्रिय रहते हैं, और कैमरों से ‘स्पीकर के रूम’ या रेस्ट रूम जैसे जगहों से भी नियंत्रण किया जाता है।     कांग्रेस ने कहा कि ये कैमरे नियमों और विधानसभा की पारंपरिक मर्यादाओं का उल्लंघन हैं, और विधायक‑सदस्यों की निजता का हनन करते हैं। स्पीकर ने यह जवाब दिया विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि कैमरे सदन की कार्यवाही रिकॉर्डिंग और प्रसारण के लिए हैं, ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं होती। सरकार ने कहा कि ये कैमरे सुरक्षा कारणों और सदन के ऑडिट‑प्रक्रिया तथा पारदर्शिता के लिए लगाए गए हैं।

मंत्री शाह ने शोक संतप्त परिवारों से की मुलाकात, समर्थन और मदद का आश्वासन

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पन्धाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने शुक्रवार को पन्धाना तहसील के ग्राम जामली राजगढ़ में ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना के मृतकों के परिजन के घर जाकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मंत्री डॉ. शाह ने मृतकों के परिजन को हर संभव मदद प्रदान किये जाने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने दुर्घटना के घायलों के हर संभव इलाज के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने मेडिकल कॉलेज खंडवा के अधीक्षक डॉक्टर रंजीत बडोले से फोन पर बात कर दुर्घटना के घायल मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता हो तो घायलों को उच्च स्तरीय उपचार के लिये इंदौर रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार एयरश्री एंबुलेंस सुविधा की मदद भी लें। मंत्री डॉ. शाह ने इस दौरान मृतकों के परिवार की बेटी सोनू और पिंकी खरते का अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावास में एडमिशन कराने के निर्देश भी दिए।  

खंडवा त्रासदी: विसर्जन के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले 11 श्रद्धालुओं का अंतिम संस्कार

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खंडवा पंधाना क्षेत्र के ग्राम जामली के निकट अर्दला तालाब में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए हादसे में मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। दोपहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शोक संतप्त आदिवासी परिवारों के बीच संवेदना व्यक्त करने पहुंचेंगे। सुबह से जनजातीय कार्य मंत्री डॉ विजय शाह ने घटना स्थल अर्दला तालाब पहुंच कर जानकारी ली। यहां से पाडलाफाटा पहुंचकर अंतिम संस्कार की तैयारी का जायजा लेकर शोकाकुल परिवारों से चर्चा की। पंधाना क्षेत्र में एक ही गांव से एक साथ 11 अर्थियां निकलने की घटना से सभी विचलित है। पंधाना सहित पूरे जिले में इस घटना को लेकर शोक व्याप्त है। दशहरे पर हुए इस हादसे को लेकर गांव मे मातम और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत द्वारा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है। मृतकों के स्वजन और ग्रामीण घटना के बाद से गमगीन है। कल से गांव में अधिकांश परिवारों के यहां चूल्हा भी नहीं जला है।   मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों को चार-चार लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा हो चुकी है। हादसे में घायल तीन लोगों का खंडवा जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। इनमें एक गंभीर है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि मुख्यमंत्री के आने की सूचना है। अभी समय तय नहीं है। गांव में मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। इस हादसे के लिए जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक के विरुद्ध पंधाना थाने में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस द्वारा जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

टेस्ट मैच में भारत का दबदबा, जडेजा-जुरेल की जबरदस्त परफॉर्मेंस ने बनाई बड़ी लीड

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अहमदाबाद  भारत बनाम वेस्टइंडीज दो टेस्ट मैच की सीरीज का पहला मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। लंच ब्रेक के बाद भारत की शुरुआत खराब रही, केएल राहुल शतक बनाकर आउट हुए। हालांकि उनके विकेट के बाद ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने टीम इंडिया को संभाला। दोनों के बीच शतकीय साझेदारी हो गई है। इस दौरान जुरेल ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है। बता दें, केएल राहुल के रूप में भारत को चौथा झटका लगा। आज के दिन का यह भारत का दूसरा और कुल चौथा विकेट है। इससे पहले शुभमन गिल 50 रन बनाकर आउट हुए थे। भारत के पहले दिन दो विकेट यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन के रूप में मिले। बता दें, इस टेस्ट मैच में पहले बैटिंग करते हुए वेस्टइंडीज की पारी 162 पर सिमट गई थी। मोहम्मद सिराज ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए थे, वहीं जसप्रीत बुमराह को 3 तो कुलदीप यादव को 2 विकेट मिले थे। टी ब्रेक तक भारत ने बनाए 326 रन भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन टी ब्रेक तक 96 ओवर में 4 विकेट खोकर 326 रन बना लिए हैं। ध्रुव जुरेल 68 और रविंद्र जडेजा 50 रन बनाकर खेल रहे हैं। रवींद्र जडेजा की भी फिफ्टी पूरी रवींद्र जडेजा ने 75 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने अपने ट्रेडमार्क अंदाज में तलवारबाजी कर फिफ्टी का जश्न मनाया।

अवैध डीज़ल-पेट्रोल तस्करी का भंडाफोड़, 9 आरोपी हिरासत में

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रायपुर पुलिस ने थाना विधानसभा क्षेत्र के रिंग रोड नंबर 03 पर दो यार्डों में छापेमारी कर अवैध रूप से संग्रहित लाखों रुपये कीमत के डीजल और पेट्रोल को जब्त किया है. इस कार्रवाई में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दोनों यार्ड के संचालक फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. 1 अक्टूबर को मिली सूचना के आधार पर रेंज साइबर थाना रायपुर और थाना विधानसभा पुलिस की संयुक्त टीम ने टेकारी चौक और पिरदा चौक स्थित दो यार्डों पर छापेमारी की. टेकारी चौक के यार्ड से 15,300 लीटर पेट्रोल और 31,000 लीटर डीजल, जिसकी कीमत करीब 42,90,000 रुपये है, जब्त किया गया. साथ ही, घटना में प्रयुक्त तीन ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप भी बरामद किए गए. इस प्रकरण में रवि यादव, नीरज नेताम उर्फ दउवाराम, शेख कलीमुद्दीन, शैलेन्द्र कुमार उर्फ बिहारी और राज पटेल को गिरफ्तार किया गया. दूसरी कार्रवाई पिरदा चौक के सूरज शाह के यार्ड में की गई, जहां 1,500 लीटर डीजल और 40 लीटर पेट्रोल, जिसकी कीमत लगभग 1,40,000 रुपये है, जब्त किया गया. इस मामले में अखिलेश चौबे, नीरज कुमार, अरविंद गोड और रोहित सरोज को गिरफ्तार किया गया. यहां भी एक ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप जब्त किए गए. आरोपियों के पास ज्वलनशील पदार्थों के संग्रहण और बिक्री के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे. दोनों मामलों में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 492/25 और 493/25 के तहत धारा 287 बी.एन.एस. और 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 46,840 लीटर डीजल-पेट्रोल, जिसकी अनुमानित कीमत 44,30,000 रुपये है, और घटना में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया.

झुलसती धूप से काली हुई त्वचा का उपाय, रातभर में मिलेंगे चमत्कारी नतीजे

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 गर्मियों की तेज धूप और हानिकारक यूवी किरणें स्किन की रंगत को गहरा कर देती हैं और स्किन को बेजान बना देती हैं। खासकर जब आप बिना सनस्क्रीन के बाहर निकलते हैं, तो स्किन टैन होकर काली पड़ जाती है। लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। रात का समय स्किन की मरम्मत और निखार लाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। ऐसे में अगर आप कुछ नेचुरल और असरदार घरेलू उपाय रात में अपनाएं, तो धीरे-धीरे स्किन की रंगत हल्की होकर पहले जैसी ग्लोइंग बन सकती है। तो आइए जानते हैं कुछ बहुत ही असरदार नेचुरल उपायों के बारे में, जिसे रात को अपनाने से आपकी स्किन फिर से बेदाग और खूबसूरत बन सकती है। एलोवेरा जेल लगाएं ताजे एलोवेरा पत्ते से जेल निकालें और चेहरे पर 5 मिनट मसाज करें। इसे रातभर छोड़ दें। यह स्किन को ठंडक देता है, टैनिंग कम करता है और स्किन को रिपेयर भी करता है। कच्चा दूध और हल्दी एक चम्मच कच्चे दूध में चुटकीभर हल्दी मिलाएं। रूई से चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें। दूध स्किन को साफ करता है और हल्दी चमक लाती है। आलू का रस आलू को कद्दूकस कर उसका रस निकालें। इसे कॉटन से चेहरे पर लगाएं।रातभर लगा रहने दें या 20 मिनट में वॉश कर लें। यह पिग्मेंटेशन कम करता है और स्किन टोन को सुधारता है। दही और नींबू का मास्क एक चम्मच दही में आधा चम्मच नींबू रस मिलाएं। चेहरे पर 15 मिनट लगाकर रखें, फिर नॉर्मल पानी से वॉश करें। यह डेड स्किन हटाकर त्वचा को निखारता है। गुलाबजल और ग्लिसरीन बराबर मात्रा में गुलाबजल और ग्लिसरीन मिलाकर एक स्प्रे बोतल में भर लें। रात को सोने से पहले चेहरे पर स्प्रे करें। यह स्किन को सॉफ्ट, हाइड्रेटेड और चमकदार बनाता है। शहद और टमाटर का पेस्ट एक चम्मच टमाटर का रस और आधा चम्मच शहद मिलाएं। चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट बाद धो लें। टमाटर ब्लीचिंग का काम करता है और शहद त्वचा को नमी देता है। रात में स्किन पर सही देखभाल और नेचुरल उपायों को अपनाकर धूप से काली पड़ी स्किन को दोबारा निखारा जा सकता है। ये उपाय न सिर्फ टैनिंग हटाते हैं बल्कि स्किन को अंदर से पोषण भी देते हैं। नियमित रूप से अपनाएं और पाएं बेदाग, खूबसूरत चेहरा।  

पाकिस्तान के खिलाफ PoK में गुस्से का ज्वालामुखी फटा, लंबे समय से simmer कर रही नाराज़गी बाहर आई

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इस्लामाबाद  पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गुरुवार को भीषण हिंसा हुई है। इस हिंसा में तीन पुलिस अधिकारियों समेत 15 लोगों की मौत हुई है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पों में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं। सवाल यह है कि जिस कश्मीर को इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान हथियाने का ख्वाब देखता है, उसके ही एक हिस्से में इतना असंतोष क्यों है। इसकी वजह है कि स्थानीय लोग अकसर सरकार की योजनाओं में भेदभाव के आरोप लगाते रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर स्वायत्तता के अभाव, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे अहम रहे हैं। हालिया प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट ऐक्शन अवामी कमेटी की ओर से हो रहा है। ऐक्टिविस्ट शौकत नवाज मीर के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन की शुरुआत 29 सितंबर से हुई थी, जब बंद बुलाया गया था। इस बंद के तहत कई जिलों में पूरी तरह से शटडाउन हो गया था। फिलहाल पाकिस्तान की सरकार ने यहां इंटरनेट पर पाबंदी लगा रखी है। इसके अलावा मोबाइल सेवाएं भी ठप हैं। मुजफ्फराबाद में बाजार शांत हैं और वाहन भी पूरी तरह से खड़े हैं। हालात यह हैं कि पीओके के 40 लाख लोग अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। वहीं पाकिस्तान की सरकार समस्याओं का हल करने की बजाय जनता पर ही आरोप लगा रही है कि वे फेक न्यूज के चलते आंदोलन कर रहे हैं, जिन्हें एक प्रोपेगेंडा के तहत फैलाया जा रहा है। अब सवाल है कि आखिर किन मांगों को लेकर इतना बवाल हो रहा है। दरअसल इसकी जड़ें मई 2023 में जाकर मिलती हैं। तब स्थानीय लोगों ने बिजली के बेतहाशा बढ़े दामों के खिलाफ विरोध किया था। इसके अलावा आटे की महंगाई और सप्लाई में कमी के खिलाफ भी आंदोलन हुआ था। इन लोगों का कहना था कि आटे की तस्करी की जा रही है। तब सितंबर में प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद में बड़ा आंदोलन किया था। इसके बाद मई 2024 में भी ऐसा ही हुआ था और 5 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने तब बिजली की दरों में कमी करने और आटे के दाम घटाने का ऐलान किया था। इससे तात्कालिक तौर पर प्रदर्शन थम गए थे, लेकिन फिर से बवाल बढ़ा है। मंत्रियों और अधिकारियों को मिलने वाली लग्जरी पर भी सवाल फिलहाल जो आंदोलन चल रहा है, उसके तहत जम्मू-कश्मीर अवामी ऐक्शन कमेटी ने 38 मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख ये हैं कि स्थानीय लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं मुफ्त में दी जाएं। इसके अलावा सरकारी अधिकारियों को मिले अधिक अधिकारों के खिलाफ भी लोगों में गुस्सा है। सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों को मिलने वाली मोटी पेंशन, पगार, सुरक्षाकर्मी, मकान, गाड़ियों के लिए ईंधन आदि को लेकर भी लोगों में गुस्सा है। इसे खत्म करने की मांग है। इसके अलावा 12 सीटों पर आरक्षण खत्म करने की भी मांग है, जिन्हें रिफ्यूजियों के लिए छोड़ा गया है। भारतीय हिस्से से गए लोगों को मिलने वाले आरक्षण पर भी बवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आरक्षण भारत से 1947 में पलायन करके आए लोगों को दिया गया था। लेकिन यह समूह एक मजबूत गुट है, जो राजनीतिक रूप से बहुत सक्षम है। ऐसे में उन्हें राजनीतिक रियायत मिलना ठीक नहीं है। एक मांग यह है कि 2023 और 2024 में हुए आंदोलन के दौरान जो मुकदमे लादे गए थे, उन्हें खत्म किया जाए। इसके अलावा पीओके में इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स बढ़ाने की मांग की गई है। एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने और सुरंगों एवं पुल के माध्यम से कनेक्टिविटी मजबूत करने की भी मांग हुई है।  

9 साल का इंतजार खत्म! केएल राहुल ने घर में किया शानदार शतक, मैच में छाया

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नई दिल्ली  एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के शानदार फॉर्म को वेस्टइंडीज के खिलाफ होम सीरीज में बरकरार रखते हुए केएल राहुल ने शानदार शतक जड़ा अहमदाबाद टेस्ट के दूसरे दिन लंच से पहले उन्होंने अपना शतक पूरा किया। हालांकि लंच के बाद जब खेल शुरू हुआ तब वह पहले ही ओवर में बिना कोई रन और जोड़े आउट हो गए। यह उनके करियर का 11वां टेस्ट शतक है। दिलचस्प बात ये है कि यह घरेलू सरजमीं पर उनके करियर का महज दूसरा टेस्ट शतक है जो 9 साल बाद आया है।   केएल राहुल की जबरदस्त पारी की बदौलत भारत ने दूसरे दिन लंच तक 3 विकेट के नुकसान पर 218 रन बनाए। लंच तक पहली पारी के आधार पर वेस्टइंडीज पर उसकी बढ़त 56 रन की हो चुकी थी। दूसरे दिन के पहले सत्र तक केएल राहुल 100 रन और ध्रुव जुरेल 14 रन बनाकर नाबाद लौटे। उसके बाद दूसरे सत्र के पहले ही ओवर में केएल अपना विकेट गंवा बैठे। इससे पहले शुक्रवार सुबह भारत ने 2 विकेट के नुकसान पर 121 रन से आगे अपनी पारी शुरू की। तब केएल राहुल 53 और कप्तान शुभमन गिल 18 रन पर थे। दूसरे दिन पहले सत्र में भारत को कप्तान गिल के तौर पर बहुत बड़ा झटका लगा। वह 100 गेंद में 50 रन बनाकर रोस्टन चेज का शिकार बने। उसके बाद ध्रुव जुरेल बल्लेबाजी के लिए आए। केएल राहुल और जुरेल ने ये सुनिश्चित किया कि लंच तक भारत को कोई और झटका न लगे। लंच से 2 ओवर पहले केएल राहुल ने 190 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की। यह टेस्ट क्रिकेट में उनकी 11वीं सेंचुरी है। इस दौरान उन्होंने 12 चौके जड़े। केएल राहुल का घरेलू सरजमीं पर यह महज दूसरा टेस्ट शतक है जो करीब 9 साल बाद आया है। इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेपक में टेस्ट शतक लगाया था। उस मैच में उन्होंने 199 रन की पारी खेली थी। खास बात ये है कि उस वक्त टीम इंडिया के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों में उनके अलावा सिर्फ उपकप्तान रविंद्र जडेजा ही हैं जो अभी प्लेइंग इलेवन में हैं।  

नागपुर में इलाज के दौरान गई एक और मासूम की जान, छिंदवाड़ा किडनी फेलियर केस में बढ़ा आंकड़ा

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छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा जिले में बच्चों में किडनी फेलियर से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि पिछले लगभग 30 दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहंच गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को भी इलाज के दौरान नागपुर में एक बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 9 हो गई है। बीमारी की शुरुआत बताया गया है कि किडनी फेलियर से बच्चों की मौत का सिलसिला 4 सितंबर को पहली मौत के साथ शुरू हुआ था और एक महीने के भीतर यह 9 पर पहुंच गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा और प्रशासन लगातार सक्रिय है। परासिया एसडीएम सौरभ कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा अब तक 1,400 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, और यह स्क्रीनिंग अभियान जारी है। वर्तमान में रोजाना 120 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि संभावित मामलों की जल्द पहचान कर उनका इलाज किया जा सके। प्रशासन इस बीमारी के मूल कारण का पता लगाने और प्रभावित बच्चों को उचित उपचार देने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। इस मामले में परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मृतक के स्वजन को 10-10 लख रुपए के मुआवजा दिलाने की मांग की है। बच्चों की मौत के मामले में जो तथ्य सामने आया है। उसके मुताबिक जो सिरप दी गई वो डॉक्टर प्रवीण सोनी ने लिखी थी। जिसमें कोल्ड्रिफ और नेक्सा डीएस शामिल हैं। कोल्ड्रिफ 20 साल पुरानी कंपनी है। कफ सिरप भी लंबे समय से बाजार में है। इसकी रिटेल कीमत 89 रुपए है। नेक्साडीएससिरप लगभग डेढ़ साल पहले ही बाजार में आया है। इसकी रिटेल कीमत 75 रुपए है। परासिया ब्लॉक के दो प्रमुख शिशु रोग विशेषज्ञ- डॉ. प्रवीण सोनी और डॉ. अमन सिद्दीकी का नाम सामने आया है, जिनके पर्चों पर कोल्ड्रिफ सिरप लिखा पाया गया है। विशेष रूप से डॉ. सोनी के परिवार के सदस्य ही उनके मेडिकल स्टोर का संचालन करते हैं, जहां यह दवा आसानी से उपलब्ध थी। बेटे को बचाने सब कुछ बेच दिया जिन लोगों ने बच्चे गंवाए हैं, उनके आंसू नहीं रुक रहे। उसेद के पिता यासीन ने कहा कि बेटे की हंसी घर में अब कभी नहीं गूंजेगी। उसे बचाने के लिए जिंदगी की जमा पूंजी, आटो, सब कुछ बेच दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अब मैं बेसहारा हूं, पर अपने छोटे बेटे के लिए मुझे जीना होगा। बस दुआ कीजिए कि किसी और पिता को यह दर्द न सहना पड़े। सीन बताते हैं कि 31 अगस्त को उसेद को बुखार आया था। स्थानीय क्लीनिक में इलाज के बाद 6 सितंबर को वह ठीक हो गया। अगले दिन फिर बुखार आया तो उसे छिंदवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे नागपुर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी में इंफेक्शन है। पेशाब रुक रही है। तीन बार कराया डायलिसिस इलाज के दौरान उसेद का तीन बार डायलिसिस करवाया गया, जिससे किडनी की बीमारी में आराम मिला। लेकिन इस बीच उसके ब्रेन में सूजन आ गई। ब्रेन हेमरेज हो गया। 6 दिन चले इलाज के बाद 13 सितंबर की शाम को उसकी मौत हो गई। परासिया में रहने वाली आफरीन परवीन की आंखों में भी आंसू हैं। इस संयुक्त परिवार में कुछ दिन पहले तक 12 बच्चे थे, लेकिन अब सिर्फ 11 ही बचे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा अदनान, जो सिर्फ 5 साल 8 महीने का था, अब इस दुनिया में नहीं रहा। दोनों किडनियां खराब होने के कारण उसकी जान चली गई। आफरीन ने बताया कि 21 अगस्त को अदनान को पहली बार बुखार आया था। दवा लेने के बाद वह ठीक हो गया था। 26 अगस्त को उसे बार-बार उल्टी होने लगी, जिसके कारण परासिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 27 अगस्त को फिर से बुखार आने पर उसे इंजेक्शन दिया गया।