Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

स्टालिन का BJP पर हमला: करूर हादसे की जांच तो बनी, पर मणिपुर और कुंभ की अनदेखी क्यों?

mk sta1.jpg

तमिलनाडु  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को रामनाथपुरम में सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु तीन बड़ी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में था, जिसने हजारों लोगों को प्रभावित किया। तब केंद्रीय वित्त मंत्री न तो यहां आईं और न ही कोई धनराशि मुहैया कराई। लेकिन, इस बार वह तुरंत करूर पहुंच गईं। बीजेपी ने मणिपुर दंगों, गुजरात की घटनाओं या कुंभ मेला में हुई मौतों के लिए कोई जांच आयोग नहीं भेजा। अब करूर में तुरंत एक टीम भेजी जा रही है। ऐसा तमिलनाडु के लिए किसी वास्तविक चिंता के कारण नहीं, बल्कि केवल इसलिए है क्योंकि अगले साल चुनाव होने वाले हैं।' सीएम स्टालिन ने कहा, 'भाजपा सोचती है कि वे इससे (करूर में भगदड़ से हुई मौतों) कुछ राजनीतिक लाभ उठा सकते हैं या इसका इस्तेमाल किसी को धमकाने के लिए किया जा सकता है। बीजेपी ऐसी स्थिति में है जहां वह किसी और का खून चूसकर जीवित रहती है।' उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य के हितों की उपेक्षा करती है, राज्यों के अधिकार छीनती है। वो यहां तक सोचती है कि राज्यों का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। उसे AIADMK का समर्थन प्राप्त है। विपक्ष के रूप में दृढ़ता से खड़े होने के बजाय AIADMK ने बीजेपी के साथ गुलामी का बंधन साइन कर लिया है और खुद को महज एक कठपुतली बना लिया है। AIADMK पर सीएम ने साथा निशाना एमके स्टालिन ने कहा, 'जो लोग दोषी हैं और अपने गलत कामों से बचना चाहते हैं, वे भाजपा को अपने कर्मों को शुद्ध करने का साधन मानते हैं। भाजपा पलानीस्वामी का इस्तेमाल कैसे कर रही है? उन्होंने उन्हें रैली से रैली, मंच से मंच और सड़क से सड़क तक यात्रा करने का काम सौंपा है ताकि और सहयोगी उनके साथ लाए जा सकें।' उन्होंने कहा कि जो लोग वास्तव में तमिलनाडु और तमिल लोगों की चिंता करते हैं, वे कभी भी भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। क्योंकि भाजपा कुछ और नहीं, बल्कि RSS की विभाजनकारी नीतियों को देश भर में लागू करने वाला राजनीतिक अंग और शक्ति केंद्र है। आगामी चुनावों में भी यह फिर से द्रविड़ मॉडल सरकार होगी जो जीतेगी और शासन जारी रखेगी। कच्चातिवु द्वीप का मुद्दा भी उठाया एमके स्टालिन ने कहा, 'हमारे मछुआरों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि श्रीलंकाई नेवी ने उन पर हमला किया है। हम लगातार इसकी निंदा और विरोध करते हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया। हमने तमिलनाडु विधानसभा में कच्चातिवु को वापस लेने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया और उसे केंद्र सरकार को भेजा। उस प्रस्ताव का उपयोग करके केंद्र सरकार को श्रीलंकाई सरकार से अपील करना चाहिए था, लेकिन वो ऐसा करने से इनकार कर रही है।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रीलंका गए और उन्होंने भी इसका अनुरोध करने से मना कर दिया। श्रीलंका के विदेश मंत्री कहते हैं कि वे कच्चातिवु नहीं देंगे।

महिला क्रिकेट विश्व कप: ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका – क्या घरेलू सरजमीं पर चैंपियन जीत पाएगी दबदबा?

lanka.jpg

नई दिल्ली  श्रीलंका की टीम आईसीसी महिला विश्व कप के अपने दूसरे मैच में शनिवार को मजबूत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का भरपूर लाभ उठाना चाहेगी। मेजबान टीम इस मुकाबले में बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण की समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेगी। भारत के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका ने अच्छी गेंदबाजी की थी लेकिन लचर क्षेत्ररक्षण और लापरवाही से कुछ विकेट गंवाने का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। टीम नौ बल्लेबाजों के दहाई का आंकड़ा छूने के बावजूद 45.4 ओवर में 211 रन पर ढेर हो गई। कप्तान चमारी अटापट्टू और उनकी टीम को अब गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलिया ने 128 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद एश्ले गार्डनर की शतकीय पारी और नौवें नंबर की बल्लेबाज किम गार्थ के उपयोगी योगदान ने 326 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर अपनी बल्लेबाजी में गहराई का दर्शाया। बेथ मूनी, फोबे लिचफील्ड और कप्तान एलिसा हीली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के तौर पर ऑस्ट्रेलिया के पास एक मजबूत और आक्रामक बल्लेबाजी क्रम है जो उन्हें बेखौफ होकर आक्रामक क्रिकेट खेलने की छूट देता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी गेंदबाजी इकाई ने शानदार प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज एनेबेल सदरलैंड ने एक ही ओवर में तीन विकेट लिए। लेग-स्पिनर अलाना किंग और बाएं हाथ की स्पिनर सोफी मोलिनक्स ने बीच के ओवरों में दबाव बनाए रखा। मेगन शट, एलिस पेरी, ताहलिया मैक्ग्रा और डार्सी ब्राउन जैसे अनुभवी गेंदबाज भी लगातार खतरा बने रहते हैं। श्रीलंका के लिए यह मुकाबला बहुत चुनौतीपूर्ण होगा और उसे जीत के लिए बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अनुशासित और निरंतर प्रदर्शन करना होगा। पिछले सत्र (2022) में क्वालिफाई करने में विफल रहने के बाद श्रीलंका इस टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने को बेताब है। खासकर जब उसके अगले चार मैच घरेलू मैदान पर खेले जाने हैं। अटापट्टू श्रीलंका की बल्लेबाज़ी की रीढ़ हैं और उन्हें एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने 2017 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 178 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिसे महिला क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में गिना जाता है। वे शनिवार को उस तरह का प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेंगी। इस विश्व कप से पहले श्रीलंका के पिछले 31 मैचों में हर्षिता समरविक्रमा, विष्मी गुणारत्ना और कविशा दिलहारी जैसी युवा खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन कर भविष्य की उम्मीदें जगाई हैं। टीम को इस बड़े मैच में इन खिलाड़ी से बेहतर बल्लेबाजी की उम्मीद होगी। भारत के खिलाफ शुरुआती बल्लेबाजों के आउट होने के बाद मध्यक्रम लड़खड़ा गया जो टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है और वे इस मैच से पहले इसे सुधारना चाहेंगे। गेंदबाजी में इनोका राणवीरा और उदेशिका प्रबोधनी ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। टीमें: ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान, विकेटकीपर), डार्सी ब्राउन, एशले गार्डनर, किम गर्थ, हीथर ग्राहम, अलाना किंग, फोबे लिचफील्ड, ताहलिया मैकग्राथ, सोफी मोलिनक्स, बेथ मूनी, एलिस पेरी, मेगन शट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। श्रीलंका: चमारी अटापट्टू (कप्तान), हासिनी परेरा, विष्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षी डी सिल्वा, अनुष्का संजीवनी, इमेशा दुलानी, देवमी विहंगा, पिउमी वाथसाला, इनोका राणवीरा, सुगंधिका कुमारी, उदेशिका प्रबोदानी, मल्की मदारा, अचिनी कुलसुरिया। समय: मैच भारतीय समयानुसार अपराह्न तीन बजे शुरू होगा।  

सट्टेबाजी पर छत्तीसगढ़ की बदनामी, बीजेपी-कांग्रेस ने एक-दूसरे को ठहराया जिम्मेदार

2 67.jpg

रायपुर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने रिपोर्ट-2023 पेश किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ ऑनलाइन जुआ-सट्टा मामले में देश में पहले स्थान पर है. प्रदेश में कुल 52 मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. आंकड़े सामने आने के बाद सियासत शुरू हो गई है. भाजपा नेता केदार गुप्ता ने इसका ठीकरा पिछली सरकार पर फोड़ा. वहीं इस बयान पर कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने भी पलटवार किया है. भूपेश सरकार में जमी ऑनलाइन सट्टा की जड़ें : भाजपा नेता केदार गुप्ता भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने एनसीआरबी की रिपोर्ट में ऑनलाइन सट्टेबाजी में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर आने पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के समय में ऑनलाइन जुआं-सट्टा की जड़े जमीं हुई थी. लेकिन जब से भाजपा सरकार बनी है, उसकी जड़ें उखाड़ रही है. यह भी बोले कि ये ग्राफ जल्द नीचे जाएगा. केंद्र सरकर इसे बंद करें : कांग्रेस नेता विनोद तिवारी इधर, भाजपा नेता केदार गुप्ता के बयान का कांग्रेस नेता और प्रदेश प्रवक्ता विनोद तिवारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जो ऑनलाइन सट्टा एप चल रहा है, वो सेंट्रल गवर्मेंट की अधीन है. केंद्र सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए. भूपेश सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में 6 से 7 सौ लोगों पर कार्रवाई भी हुई. साथ ही उन्होंने ऑनलाइन सट्टा को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था. उसके बाद भी ये कारोबार खुलेआम चल रहा है. इसको केंद्र सरकार को बंद ही कर देना चाहिए. उससे कमाई ही क्यों कर रहे हैं.

आई लव मोहम्मद विवाद पर पश्चिमी यूपी में तनाव, PAC-RRF की तैनाती से सुरक्षा कड़ी

sambhal.jpg

संभल  उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हाई अलर्ट है। आई लव मोहम्मद विवाद के चलते कई जगह पर प्रदर्शन और हंगामा हुआ। इसी के बीच आज जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इनमें सबसे पहले बरेली में पुलिस तैनाती बढ़ाई गई थी। इसके बाद संभल, सहारनपुर और मेरठ समेत पश्चिम यूपी के कई शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरेली में 2 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। 26 सितंबर की हिंसा के बाद बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं हाई अलर्ट पर हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई हिंसा और इतनी सारी घटनाओं के बाद, बरेली स्थित आला हज़रत दरगाह के सबसे वरिष्ठ मौलवी ने मुसलमानों से जुमे की नमाज़ के बाद शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है। प्रशासन ने पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया है, जबकि इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन भी तैनात किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल के चार जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा संभल में भी पीएसी और आरआरएफ तैनात की गई है। दशहरा के मद्देनजर गुरुवार को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान सड़कों पर तैनात हैं और ड्रोन हवा में उड़ रहे हैं। गौरतलब हो कि 26 सितंबर को, शुक्रवार की नमाज के बाद यहां कोतवाली क्षेत्र में एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए लगभग 2,000 लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पथराव की भी खबर है। मौलवी तौकीर खान द्वारा आहूत आई लव मुहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर एक विरोध प्रदर्शन रद्द होने से अशांति फैल गई थी।  

शनि प्रदोष व्रत 2025: अक्टूबर में दो अवसर, शुभ तिथियां और विधि

2 63.jpg

साल 2025 का अक्टूबर महीना महादेव के भक्तों और शनिदेव की कृपा चाहने वालों के लिए बेहद खास है. प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित होता है और जब यह शनिवार के दिन पड़ता है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं, जिसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. शनिवार का दिन होने के कारण इस व्रत में भगवान शिव के साथ-साथ कर्मफल दाता शनिदेव की पूजा का भी विधान है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से शनि के अशुभ प्रभाव, साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस साल अक्टूबर 2025 में दुर्लभ संयोग बन रहा है, क्योंकि एक ही महीने में दो बार शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा. आइए जानते हैं इनकी तिथि, महत्व और पूजा विधि. शनि प्रदोष व्रत 2025: अक्टूबर की शुभ तिथियां     पंचांग के अनुसार, अक्टूबर 2025 में दो बार त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ रही है, जिससे यह दुर्लभ संयोग बन रहा है.     पहला शनि प्रदोष व्रत 4 अक्टूबर 2025 शनिवार आश्विन, शुक्ल पक्ष     दूसरा शनि प्रदोष व्रत 18 अक्टूबर 2025 शनिवार कार्तिक, कृष्ण पक्ष इस बार दूसरा शनि प्रदोष व्रत धनतेरस के शुभ दिन पर पड़ रहा है, जो इसकी महत्ता को और अधिक बढ़ा रहा है. शनि प्रदोष व्रत की संपूर्ण पूजा विधि व्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. गंगाजल से पूजा स्थल को शुद्ध करें. हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करें. पूरे दिन केवल फलाहार या जल ग्रहण करें और सात्विक नियमों का पालन करें. शाम को प्रदोष काल से पहले फिर से स्नान करें. एक चौकी पर शिव-परिवार (शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय) की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें. शिवलिंग का अभिषेक करें. अभिषेक के लिए जल, गाय का दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, गन्ने का रस आदि का प्रयोग करें. शिवलिंग पर बेलपत्र, आक के फूल, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, काले तिल, चंदन और अक्षत (चावल) अर्पित करें. माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं. भगवान शिव को खीर, हलवा या अन्य सात्विक भोग लगाएं. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. शनिदेव की कृपा के लिए इस दिन शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करें. शनि प्रदोष व्रत की कथा सुनें. और फिर आखिर में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें. विशेष संयोग का फल अक्टूबर 2025 में शनि प्रदोष व्रत का दो बार आना भक्तों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान किया गया व्रत अखंड पुण्यफल देने वाला होता है. खासकर जो लोग शनि से पीड़ित हैं, उनके लिए यह अवसर वरदान साबित होगा.

कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने: मोदी पर ‘रावण’ टिप्पणी से मचा घमासान

cong1.jpg

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना दशहरे पर जलाए जाने वाले दस सिर वाले रावण से कर डाली। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उदित राज ने तंज कसते हुए कहा, 'पीएम मोदी आज के दौर के रावण हैं। जिस तरह वह अपना सोने का महल बना रहे हैं, उसमें प्रवेश करते ही वह इसे जलता हुआ देखेंगे।' इस बयान की बीजेपी ने तीखी आलोचना की है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की नफरत की राजनीति करार दिया है। बीजेपी का पलटवार बीजेपी ने इस बयान पर कड़ा एतराज जताया है। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस का एकमात्र मकसद पीएम मोदी और भारत के खिलाफ नफरत फैलाना है। यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है।' पूनावाला ने उदित राज के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि वह पहले भी माओवादियों का समर्थन और RSS को ‘आतंकी’ बताने जैसे विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विपक्षी नेताओं ने पहले PM की मां का कथित तौर पर अपमान किया था। पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा, 'कांग्रेस की असलियत यही है। एक तरफ PM मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, जो RSS के संस्कारों को दर्शाता है। दूसरी तरफ राहुल गांधी PM को लाठी से मारने की बात करते हैं और उनकी OBC जाति पर तंज कसते हैं।' ‘मोहब्बत की दुकान’ या ‘नफरत के भाईजान’? पूनावाला ने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ नारे पर चुटकी लेते हुए कहा, 'यह मोहब्बत की दुकान नहीं, बल्कि नफरत के भाईजान है। समय-समय पर ये लोग चुनाव आयोग, भारत और सनातन संस्कृति पर हमला बोलते रहते हैं।' इस बयानबाजी ने दशहरे के मौके पर सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है, जहां एक तरफ कांग्रेस अपने बयानों से हमलावर है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा बता रही है।  

बच्चों की ग्रोथ के लिए बेस्ट सब्ज़ियां: कुछ ही दिनों में नज़र आएगा असर

2 65.jpg

हर पेरेंट्स की यह चाहत होती है कि उनके बच्चे लंबी हाइट वाले, हेल्दी और सेल्फ कॉन्फिडेंस से भरपूर पर्सनैलिटी के मालिक बनें। बच्चों की लंबाई कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है, जैसे जेनेटिक, नींद, एक्सरसाइज, लाइफ स्टाइल और सबसे महत्वपूर्ण है– बैलेंस्ड डाइट। एक अच्छी डाइट न सिर्फ शरीर की संपूर्ण वृद्धि में सहायक होती है, बल्कि यह ग्रोथ हार्मोन को एक्टिल कर हड्डियों और मसल्स को भी मजबूत बनाती है। खासतौर पर कुछ खास सब्जियां बच्चों की लंबाई बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाती हैं। यहां ऐसी ही कुछ खास पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों के बारे में जानकारी दी गई है जिन्हें आप अपने बच्चों की डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- पालक पालक में आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में होते हैं। यह हड्डियों को मजबूती देते हैं और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे ग्रोथ हार्मोन एक्टिव होते हैं। गाजर गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन और विटामिन-ए आंखों के लिए तो फायदेमंद है ही, साथ ही यह ग्रोथ हार्मोन के निर्माण में भी सहायक होता है। हरी बीन्स फाइबर और प्रोटीन से भरपूर बीन्स हड्डियों और मसल्स की ग्रोथ को सपोर्ट करती हैं और बच्चों के संपूर्ण विकास में सहायक हैं। शलजम शलजम शरीर के ग्रोथ हार्मोन को एक्टिव करने में मदद करता है और इसमें मौजूद मिनरल्स हड्डियों की मजबूती को बढ़ाते हैं। लौकी लौकी हल्की, सुपाच्य और हाइड्रेटिंग सब्जी है, जो बच्चों की पाचन क्रिया सुधारती है और उनके शरीर को पोषण देने में मदद करती है। ब्रोकोली विटामिन सी, कैल्शियम और आयरन से भरपूर ब्रोकोली बच्चों की इम्युनिटी के साथ-साथ हड्डियों के विकास को भी बेहतर बनाती है। मटर प्रोटीन और फाइबर से युक्त मटर बच्चों को नई एनर्जी देती है और ग्रोथ के लिए आवश्यक तत्व प्रदान करती है। कद्दू बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए से भरपूर कद्दू शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों के विकास में सहायक होता है। शकरकंद इसमें मौजूद फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ग्रोथ हार्मोन के स्तर को बेहतर बनाते हैं। टमाटर लाइकोपीन, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर टमाटर शरीर की कोशिकाओं को हेल्दी रखता है और इम्युनिटी बढ़ाता है। इन सब्जियों को बच्चों की डेली डाइट में शामिल करना लंबाई बढ़ाने के साथ-साथ उनकी संपूर्ण शारीरिक और मानसिक वृद्धि में भी मदद करता है। इसलिए इन्हें आप उन्हें रचनात्मक तरीके से जैसे सूप, पराठा, सब्जी या सैंडविच में शामिल कर आसानी से खिला सकते हैं ।    

बच्चों की मौत से गहराया कफ सिरप विवाद, एमपी और राजस्थान में फैली दहशत

medi.jpg

छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 3 और बच्चों की मौत हो गई है। किडनी फेल होने की वजह से पिछले 28 दिनों में अब तक 9 बच्चों की मौत हो चुकी है। उधर, राजस्थान में भी दो बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप को लेकर खौफ बढ़ता जा रहा है। हालांकि, दोनों ही राज्यों में अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि मौत की वजह कफ सिरप ही है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में 4 सितंबर के बाद कई ऐसे बच्चों की मौत हुई है, जिनमें लक्षण एक जैसे पाए गए। जान गंवाने वाले सभी बच्चों में शुरुआत में सर्दी-खांसी और बुखार जैसे लक्षण थे। कहा जा रहा है कि इन बच्चों ने खास किस्म की कफ सिरप ली थी, जिसके बाद इनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में किडनी फेल होने से मौत हो गई। छिंदवाड़ा के एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि बीमार बच्चों की निगरानी की जा रही है और संभावित वजहों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'एहतियात के तौर पर हमने 1420 बच्चों की लिस्ट बनाई है, जो हाल के दिनों में वायरल जैसे लक्षण से ग्रसित रहे हैं। हमने प्रोटोकॉल बनाया है कि जैसे ही कोई बच्चा दो दिन से अधिक बीमार रहता है तो उसे सीधे सिविल अस्पताल लाते हैं। 6 घंटे की मॉनिटरिंग में रखते हैं। केस बिगड़ने की आशंका होती है तो जिला अस्पताल भेजते हैं और ठीक रहता है तो घर भेजते हैं और आशा वर्कर से कहते हैं कि सप्ताह में कम से कम दो दिन घर जाकर फॉलोअप लें।' एसडीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भेजी गईं टीमें सैंपल्स की जांच कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा, 'पानी और मच्छर से संबंधित जांचें टीमों ने की हैं। अभी तक की रिपोर्ट नॉर्मल आई है। एक सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी गई थी, वह भी नॉर्मल है। पानी के कुछ सैंपल सीएसआईआर की नीरी इंस्टीट्यूट में भेजे गए हैं, रिपोर्ट अभी नहीं आई है।' उन्होंने कहा कि जिन 9 बच्चों की मौत हुई है उनमें से 6 के परिवारों से बात हुई है। इनमें से पांच ने एक तरह की और एक ने दूसरी कफ सिरप ली थी। इनके सैंपल की जांच की जा रही है। बाल रोग विभाग के प्रमुख और असोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन नांदुरकर ने एएनआई से बातचीत में कहा, 'जो मौतें हुईं और किडनी में दिक्कत हुई, उनमें एक Coldrif कफ सिरप को जिम्मेदार बताया जा रहा है। लेकिन यह जांच का विषय है। किडनी में दिक्कत कई वजहों से हो सकती है, कोई इंफेक्शन हो सकता है, कोई हैवी मेटल, डिहाड्रेशन, जहर या किसी दवा की वजह से हो सकती है। सभी चीजों के सैंपल ले लिए हैं, रिपोर्ट आनी बाकी है। एक आशंका कफ सिरप को लेकर हैं, क्योंकि सभी बच्चों ने यह ली थी। इसलिए इसके सैंपल को भी जांच के लिए भेजा गया है। जब रिपोर्ट आएगी तभी साफ हो पाएगा कि यह कफ सिरप कितनी जिम्मेदार है।'  

पेशावर बम धमाका: 9 लोगों की मौत, पुलिसकर्मी भी जख्मी

pak1.jpg

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में गुरुवार को हुए बम धमाके में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह जानकारी दी है। पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस ऑफिसर मियां सईद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस हमले में पुलिस को निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा, “प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विस्फोटक सामग्री पुलिस मोबाइल के मार्ग पर लगाई गई थी।” घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह धमाका ऐसे समय हुआ है जब पेशावर और इसके आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है। पिछले कुछ वर्षों में यह शहर कई बड़े हमलों का गवाह रहा है। धमाके के तुरंत बाद भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर दी। सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ऑपरेशन) मसूद बंगश ने कहा कि फोर्सेज मौके पर जांच कर रही हैं और सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही 30 सितंबर को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में एक भीषण धमाके ने दहशत फैला दी थी। उस हमले में कम से कम 10 लोग मारे गए और 32 घायल हुए थे। धमाका फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) मुख्यालय के पास व्यस्त सड़क पर हुआ था। बलूचिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री बख्त मोहम्मद काकर ने मौतों की पुष्टि की थी। पुलिस के अनुसार, आठ शवों को क्वेटा के सिविल अस्पताल लाया गया था। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगटी ने इसे आतंकी हमला करार देते हुए कहा, “आतंकी कायराना हमलों से राष्ट्र की एकता और संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते। लोगों और सुरक्षाबलों की कुर्बानियां व्यर्थ नहीं जाएंगी। हम बलूचिस्तान को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई में चार हमलावरों को मार गिराया। बुगटी ने यह भी कहा कि प्रदेश में आतंकियों के खिलाफ विशेष ऑपरेशन जारी है।  

छठ और दिवाली पर आपकी जेब होगी भारी, RBI की रिपोर्ट में महंगाई पर नियंत्रण का दावा

3a 33.jpg

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के घरों में खाने-पीने और दूसरी चीजों की कीमतों पर दबाव कम हो रहा है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नए सर्वे से ये बात सामने आई है. आरबीआई का ये बाय-मंथली इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशंस सर्वे ऑफ हाउसहोल्ड्स (IESH) सितंबर 2025 का राउंड था. इसमें घरवालों ने बताया कि मुख्य उत्पादों की कीमतों और महंगाई का दबाव घट रहा है. हालांकि, अभी की महंगाई की धारणा थोड़ी बढ़ी हुई लगी. एनआई की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में कहा गया कि घरों ने फूड प्रोडक्ट्स, नॉन-फूड प्रोडक्ट्स, हाउसिंग और सर्विसेज की लागत में राहत महसूस की है. ये सर्वे 28 अगस्त से 6 सितंबर के बीच 19 बड़े शहरों में किया गया. कुल 6,082 लोगों ने जवाब दिए. तीन महीनों में महंगाई की उम्मीद घटी सर्वे के नतीजों के अनुसार, घरों की मौजूदा मीडियन महंगाई की धारणा पहले राउंड से 20 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 7.4 फीसदी हो गई. लेकिन आने वाले समय के लिए उम्मीदें कम हुईं. अगले तीन महीनों की महंगाई की उम्मीद 20 बेसिस पॉइंट्स घटकर 8.1 फीसदी रह गई. एक साल आगे की उम्मीद 30 बेसिस पॉइंट्स कम होकर 8.7 फीसदी हो गई. एक साल में इतने फीसदी कीमतें बढ़ेंगी छोटे समय और एक साल के लिए, जिन लोगों को लगता है कि सामान्य कीमतें और महंगाई बढ़ेगी, उनका प्रतिशत पिछले सर्वे से कम हुआ. उत्पादों के हिसाब से, अगले तीन महीनों में 77.8 फीसदी लोगों को कीमतें बढ़ने की आशंका है, जो पहले 79.5 फीसदी था. एक साल में 86.8 फीसदी कीमतें बढ़ने का अंदेशा है, पहले ये 88.1 फीसदी था. उम्र के हिसाब से, 25 साल से कम उम्र के युवाओं ने सबसे कम मौजूदा महंगाई 7.0 फीसदी बताई. वहीं, 60 साल से ऊपर के घरों में ये 7.9 फीसदी रही. शहरों में कोलकाता में सबसे ज्यादा 10.5 फीसदी की धारणा थी, उसके बाद मुंबई 8.5 फीसदी और दिल्ली 8.0 फीसदी. आरबीआई ने साफ किया कि ये सर्वे घरों की महंगाई पर नजर डालता है, जो उनके खरीदारी के पैटर्न से प्रभावित होता है. लेकिन ये नतीजे बैंक की अपनी महंगाई की राय को जरूरी नहीं दर्शाते. ये जानकारी घरवालों को राहत देती है कि कीमतें धीरे-धीरे काबू में आ रही हैं, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है.