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दीपावली पर बनाएं घर को वास्तु संगत, धन की देवी का मिलेगा आशीर्वाद

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वैदिक पंचांग के अनुसार, दीपावली का पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या पर मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ऐसे में आप दीवाली से पहले अपने घर में कुछ बदलाव करके लाभ देख सकते हैं। इससे आपको वास्तु दोष का सामना नहीं करना पड़ता। साथ ही इन उपायों को करने से घर में सकारात्मकता का भी वास बना रहता है। होगा धन लाभ वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को विशेष महत्व दिया गया है। आप इस दिशा में तिजोरी, जेवर या जरूरी कागजात आदि रखते हैं। ऐसा करने से आपके ऊपर कुबेर देव और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। साथ ही आप इस दिशा में कुबेर यंत्र, माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करना भी काफी शुभ माना गया है। ऐसा करने से जातक के लिए धन लाभ के योग बनने लगते हैं। लेकिन घर की उत्तर दिशा में भूलकर भी जूते-चप्पल या कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए। इससे आपको धन संबधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ठीक करें ये गलतियां वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में इसकी साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अगर आपका मुख्य द्वार जर्जर या अव्यवस्थित हालत में है, तो ऐसे में आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। इसी के साथ आपके घर में टपकता हुए नल बिल्कुल नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह आपके लिए धन हानि का कारण बन सकता है। वहीं आप दीवाली से पहले बंद या खराब घड़ी, टूटा शीशा, टूटे बर्तन या टूटे-फूटे व खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी बाहर कर दें। क्योंकि यह सभी चीजें नकारात्मकता को बढ़ावा देती हैं, जिससे धन हानि हो सकती है। इन दिशाओं का भी रखें ध्यान वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर को साफ-सुथरा और हवादार रखना चाहिए। घर के कोनों में रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही सकारात्मक ऊर्जा के लिए आप घर में तुलसी का पौधा भी लगा सकते हैं। इसे हमेशा उत्तर, उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या फिर पूर्व दिशा में रखना चाहिए। इसके साथ ही घर की दक्षिण दिशा में भारी सामान जैसे मशीनें, आदि रख सकते हैं। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि यह दिशा जितनी ढकी हो, उतना अच्छा है।  

बिक्री में गिरावट के बीच एक चमकता सितारा, मारुति और महिंद्रा को भी पीछे छोड़ा

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मुंबई  सितंबर में जिन ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सबसे ज्यादा कार बेचीं उसका डेटा सामने आ गया है। हर बार की तरह एक बार फिर पिछले महीने मारुति सुजुकी देश की नंबर-1 कार कंपनी रही। हालांकि, उसे अगस्त की तुलना में गिरावट का सामना करना पड़ा। चौंकाने वाली बात ये है कि GST 2.0 से छोटी कारों की कीमतें घटने के बाद भी कंपनी की गिरावट देखनी पड़ी। दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स ने कमाल के सेल्स आंकड़ों के साथ दूसरी पोजीशन पर वापसी की। कंपनी ने महिंद्रा और हुंडई को काफी पीछे छोड़ दिया। खास बात ये है कि टॉप-6 की लिस्ट में टाटा एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिस मंथली बेसिस पर ग्रोथ मिली। टॉप कार सेल्स कंपनी सितंबर 2025 कंपनी अगस्त 2025 सितंबर 2025 चेंज % MoM मारुति सुजुकी 1,30,242 1,22,785 -5.77 टाटा मोटर्स 37,988 40,068 5.44 महिंद्रा 42,253 37,451 -11.37 हुंडई 45,686 35,470 -22.34 टोयोटा 26,453 20,051 -24.23 किआ 18,793 16,540 -12 सितंबर में टॉप कंपनियों की सेल्स की बात करें तो मारुति सुजुकी ने अगस्त में 1,30,242 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 1,22,785 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.77% की मंथली डिग्रोथ मिली। टाटा मोटर्स ने अगस्त में 37,988 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा बढ़कर 40,068 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.44% की मंथली ग्रोथ मिली। महिंद्रा ने अगस्त में 42,253 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 37,451 कारों पर आ गया। यानी इसे 11.37% की मंथली डिग्रोथ मिली। हुंडई ने अगस्त में 45,686 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 35,470 कारों पर आ गया। यानी इसे 22.34% की मंथली डिग्रोथ मिली। टोयोटा ने अगस्त में 26,453 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 20,051 कारों पर आ गया। यानी इसे 24.23% की मंथली डिग्रोथ मिली। किआ ने अगस्त में 18,793 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 16,540 कारों पर आ गया। यानी इसे 12% की मंथली डिग्रोथ मिली। यानी टाटा एकमात्र ऐसी कार रही जिसे मासिक आधार पर ग्रोथ मिली।

ओडिशा में मौसम की मार: भूस्खलन और बारिश से जनजीवन ठप, सड़क और रेल दोनों प्रभावित

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गजपति ओडिशा में डीप डिप्रेशन के कारण भारी बारिश हुई, जिसने पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित किया है. सड़कों पर पानी भरा, भूस्खलन हुए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार शाम को गहरे दबाव की स्थिति गंजम जिले के गोपालपुर तट के पास से गुजरी, जिसके बाद बारिश और तेज हो गई. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है. भूस्खलन से नुकसान, कई सड़कें बंद गजपति जिले में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ. पुलिस अधीक्षक जतिंद्र कुमार पांडा ने बताया कि आर. उदयगिरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई. वहीं, रायगढ़ ब्लॉक के पास पेकट गांव में 70 वर्षीय कार्तिक शबारा और उनके बेटे राजिब शबारा भूस्खलन में लापता हुए हैं,  रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन रायगढ़ को नुआगढ़ और आर. उदयगिरी से जोड़ने वाली सड़कें बंद हो गई हैं. इसके अलावा, महेंद्रगिरि पहाड़ियों पर फंसे 24 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वाणिज्य और परिवहन मंत्री बिभूति भासन जेना को गजपति जिले में बचाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने विशेष राहत आयुक्त को जिला प्रशासन को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने गजपति जिले के कलेक्टर से बात कर स्थिति की जानकारी ली. गजपति में कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. रेल और सड़क यातायात प्रभावित भारी बारिश और भूस्खलन के कारण दक्षिण ओडिशा में रेल सेवाएं प्रभावित हुईं हैं. ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) के अनुसार, कोट्टावलसा-किरंदुल और कोरापुट-रायगढ़ रेल लाइनों पर पत्थर गिरने से ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं हैं. विशाखापत्तनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस रद्द कर दी गई, जबकि किरंदुल-विशाखापत्तनम ट्रेन को कोरापुट तक शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है. संतरागाछी-यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस का समय भी बदल दिया गया. वहीं, कोरापुट जिले में एक पुल के डूबने से राष्ट्रीय राजमार्ग 326 पर यातायात ठप है, जो ओडिशा को आंध्र प्रदेश से जोड़ता है. बारिश से अभी नहीं राहत, मौसम विभाग का अलर्ट IMD ने सात जिलों – पुरी, गंजम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, कालाहांडी और कंधमाल के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है. जहां 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की आशंका है. वहीं, 16 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और बाकी सात जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है. IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी. मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह बता दें कि गोपालपुर में 73 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. मौसम विभाग ने मछुआरों को 3 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है. प्रशासन की तैयारी राज्य सरकार ने संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन टीमें और मशीनरी तैनात की हैं. बंदरगाहों पर 'स्थानीय सावधानी संकेत (LC-3)' लागू किया गया है, जो जहाजों के लिए चेतावनी प्रणाली है.

अब छठ-दिवाली पर टिकट बुकिंग नहीं बनेगी टेंशन, रेलवे का नया नियम लागू

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नई दिल्ली त्योहारी सीजन में अपने घर परिवार से दूर रहने वाले लाखों लाख लोग घर लौटते हैं. इस दौरान ट्रेनों में टिकट की मारामारी रहती है. हर कोई ट्रेन की बुकिंग कराना चाहते हैं. इस बार छठ 2025 (25 से 28 अक्टूबर) और दिवाली 2025 (21 अक्टूबर) को देखते हुए यात्रियों के लिए यह समय सबसे महत्वपूर्ण है. यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने IRCTC पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग आसान कर दी है. ये है नया नियम बता दें कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के पटना, गया, भागलपुर, बक्सर, वाराणसी, मऊ, लखनऊ और मोतिहारी जैसे मुख्य शहरों के लिए विशेष ट्रेनें चल रही हैं. इसके अलावा 1 अक्टूबर से IRCTC ने नया नियम लागू किया है. नए नियम के तहत बुकिंग विंडो के पहले 15 मिनट में सिर्फ वही यात्री टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार IRCTC अकाउंट से लिंक होगा. यात्री आज 3 अक्टूबर 2025, से 2 दिसंबर 2025 तक की यात्रा के लिए टिकट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. यानी अब आप त्योहार में जाने और वापसी की टिकट दोनों पहले से सुरक्षित कर सकते हैं. 1 अक्टूबर से लागू नया नियम 1 अक्टूबर 2025 से IRCTC ने ऑनलाइन जनरल रिजर्वेशन टिकटों के लिए आधार लिंकिंग अनिवार्य किया है. इस नियम के अनुसार:     बुकिंग विंडो खुलने के पहले 15 मिनट में केवल वही यात्री टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार IRCTC अकाउंट से लिंक रहेगा.     एसी क्लास के लिए सुबह 10:00 से 10:15 बजे, नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11:00 से 11:15 बजे यह नियम लागू रहेगा.     अगर आधार लिंक नहीं है, तो 15 मिनट के बाद सामान्य बुकिंग हो सकेगी.     यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने आधार को पहले से लिंक कर लें, ताकि त्योहार में यात्रा आसान हो सके. IRCTC वेबसाइट या मोबाइल ऐप से यात्री     यात्रा की तारीख निर्धारित तक टिकट बुक कर सकते हैं.     वापसी की टिकट भी यात्री पहले से बुक कर सकते हैं.     बिहार और पूर्वी यूपी के मुख्य शहरों के लिए यात्री स्पेशल ट्रेन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.     इस नए नियम और सुविधा से छठ और दिवाली के सीजन में घर वापसी की यात्रा अब और भी आसान हो जाएगी.  

पुतिन का बड़ा आदेश: भारत के साथ आर्थिक रिश्ते मजबूत रखने का संकेत

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नई दिल्ली अमेरिका ने भारत को झुकाने के लिए 50 फीसदी टैरिफ लगाया. डोनाल्ड ट्रंप ने सोचा इससे भारत-रूस की दोस्ती टूट जाएगी. भारत टैरिफ के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. इससे रूस कमजोर पड़ जाएगा. रूस-यूक्रेन खत्म हो जाएगा. मगर ट्रंप की सोच से भी आगे निकली भारत-रूस की दोस्ती. जी हां, ट्रंप के टैरिफ का असर अब उल्टा हो रहा है. भारत और रूस की दोस्ती और मजबूत हो रही है. यही कारण है कि रूस अब अपने दोस्त भारत को टैरिफ से अधिक नुकसान नहीं होने देगा. ट्रंप टैरिफ से भारत को हो रहे नुकसान की भरपाई खुद रूस करेगा. इसका आदेश भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दे दिया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वह नई दिल्ली की ओर से कच्चे तेल के भारी आयात के कारण भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने के उपाय करे. साउथ रूस के काला सागर रिसॉर्ट में गुरुवार शाम भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतर्राष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच से बोलते हुए पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और उन्होंने हमेशा अपनी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं. पुतिन ने की मोदी की तारीफ पुतिन ने कहा कि भारत के साथ रूस का कभी कोई समस्या या अंतर्राज्यीय तनाव नहीं रहा. कभी नहीं. व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वे उनके भरोसेमंद संबंधों में सहज महसूस करते हैं. पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहना की और उन्हें एक संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी नेता बताया. भारत के नुकसान की भरपाई करेगा रूस पुतिन ने कहा कि भारत में हर कोई यह बात अच्छी तरह जानता है. खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले के बारे में. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी. साथ ही इससे भारत को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी.’ क्या है रूस का प्लान पुतिन ने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है. पुतिन ने कहा, ‘भारत से और अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं. औषधीय उत्पादों और दवाइयों के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं.’ उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, मगर इन अवसरों को पूरी तरह से खोलने के लिए विशिष्ट मुद्दों को सुलझाने की जरूरत को भी स्वीकार किया. पुतिन ने वित्तपोषण, रसद और भुगतान संबंधी बाधाओं को प्रमुख चिंताओं के रूप में चिन्हित करते हुए कहा कि हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को खोलने के लिए सभी तरह के कार्यों को हल करने की ज़रूरत है. भारत के लोग कभी अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे रूस और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि यदि यूरोप ने रूस को उकसाने की कोशिश की तो उसका जवाब तुरंत और बेहद घातक होगा. साथ ही उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग खत्‍म कराने की कोश‍िश करने के ल‍िए भारत की तारीफ की. पीएम मोदी की तारीफ करते हुए पुत‍िन ने कहा, मैं पीएम मोदी को जानता हूं. भारत के लोग अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. रूस भारत और चीन जैसे देशों का आभारी है, जिन्होंने ब्रिक्स की स्थापना की. ये ऐसे देश हैं जो किसी का पक्ष लेने से इनकार करते हैं और वास्तव में एक न्यायपूर्ण विश्व बनाने की आकांक्षा रखते हैं दक्षिण रूस में आयोजित एक समारोह में पुतिन ने कहा, हम यूरोप के बढ़ते सैन्यीकरण पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. रूस की ओर से जवाबी कदम उठाने में वक़्त नहीं लगेगा. और यह प्रतिक्रिया बहुत गंभीर होगी. पुतिन ने साफ किया कि रूस कमजोरी या अनिर्णय का परिचय कभी नहीं देगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस का नाटो गठबंधन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर किसी को अभी भी हमारे साथ सैन्य प्रतियोगिता करने का मन है, तो उन्हें कोशिश कर लेने दें. रूस ने सदियों से यह साबित किया है कि उकसावे का जवाब तुरंत और सख्ती से दिया जाता है. शांति से सोइए, आराम कीजिए राष्ट्रपति पुतिन ने विशेष रूप से जर्मनी का नाम लेते हुए कहा कि वह यूरोप में सबसे शक्तिशाली सेना बनाने का सपना देख रहा है. उन्होंने यूरोपीय नेताओं पर हिस्टेरिया फैलाने का आरोप लगाया. यूरोप की एकजुट अभिजात्य जमात लगातार युद्ध की आशंका का माहौल बना रही है. वे बार-बार कहते हैं कि रूस से जंग दरवाज़े पर खड़ी है. यह एक तरह की बकवास है, जिसे वे मंत्र की तरह दोहराते रहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना असंभव है कि रूस कभी नाटो के किसी सदस्य देश पर हमला करेगा. सचमुच, मैं सिर्फ यही कहना चाहता हूं: शांति से सोइए, आराम कीजिए और अपने घर की समस्याओं पर ध्यान दीजिए. जरा देखिए कि यूरोपीय शहरों की सड़कों पर क्या हो रहा है. रूस-यूरोप टकराव: शीत युद्ध से आगे रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने पश्चिमी मीडिया की शीत युद्ध जैसी तुलना को खारिज किया. उन्होंने कहा, यह शीत युद्ध नहीं है. यहां काफी पहले से ठंड नहीं, बल्कि आग लगी हुई है. हम पहले से ही एक नए तरह के संघर्ष में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ और नाटो, रूस पर झूठे आरोप लगाकर अपने विशाल रक्षा बजट को सही ठहराना चाहते हैं. “उनके बयान दो चीज़ें बताते हैं. पहला, वे उकसावे की एक श्रृंखला तैयार कर रहे हैं. दूसरा, उन्हें अपने सैन्य बजट को जायज़ ठहराने का बहाना चाहिए. ड्रोन घटनाएं और बढ़ती चिंताएं पिछले दिनों डेनमार्क में ड्रोन घटनाओं और एस्टोनिया व पोलैंड में कथित रूसी हवाई उल्लंघनों ने इस डर को गहरा कर दिया है कि यूक्रेन युद्ध की आग … Read more

NSG के पूर्व कमांडो की गिरफ़्तारी से सनसनी, ड्रग्स रैकेट का मास्टरमाइंड निकला

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जयपुर.  राजस्थान में नशा तस्करी के खिलाफ राजस्थान पुलिस की एक सनसनीखेज कार्रवाई ने देश को हिलाकर रख दिया. 2008 के मुंबई 26/11 आतंकी हमले में होटल ताज पर आतंकियों से मोर्चा लेने वाला पूर्व एनएसजी कमांडो बजरंग सिंह अब एक बड़े गांजा तस्करी रैकेट का सरगना निकला. बुधवार देर रात चूरू जिले के रतनगढ़ में राजस्थान पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने ‘ऑपरेशन गांजनेय’ के तहत उसे धर दबोचा. उसके पास से 200 किलोग्राम गांजा, नकदी और तस्करी से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए. यह गिरफ्तारी न केवल नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी जीत है, बल्कि एक राष्ट्रीय नायक के अपराध की गर्त में गिरने की दुखद कहानी भी सामने लाती है. पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि सीकर जिले के रहने वाले बजरंग सिंह (45) पर 25,000 रुपये का इनाम था. वह तेलंगाना और ओडिशा से गांजा मंगवाकर राजस्थान के सीकर, जयपुर और जोधपुर में सप्लाई करता था. ‘ऑपरेशन गांजनेय’ के तहत हुई गिरफ्तारी पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दो महीने तक चले गुप्त अभियान ‘ऑपरेशन गांजनेय’ में एक अनोखा सुराग काम आया. बजरंग हमेशा अपने भरोसेमंद ओडिया रसोइए के साथ रहता था. एटीएस ने रसोइए के रिश्तेदारों पर तकनीकी निगरानी रखी, जिससे रतनगढ़ में बजरंग का ठिकाना पकड़ में आया. छापेमारी में उसे 200 किलो गांजा और तस्करी के दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया. आईजी कुमार ने कहा कि यह नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है. बजरंग का नेटवर्क बहुत संगठित था. मुंबई के होटल ताज हमले में आतंकियों से ले चुका है लोहा बजरंग सिंह ने 10वीं के बाद एनएसजी में भर्ती होकर देश सेवा शुरू की थी. 2008 में 26/11 मुंबई हमलों के दौरान वह ब्लैक कैट कमांडो के रूप में होटल ताज में आतंकियों से भिड़ा था. उसकी वीरता की कहानियां एनएसजी के गौरव का हिस्सा थीं. 2021 में रिटायरमेंट के बाद उसने राजनीति में किस्मत आजमाई, लेकिन हार मिली. आर्थिक तंगी और गलत संगत ने उसे नशा तस्करी की ओर धकेल दिया. पुलिस के मुताबिक, बजरंग अपनी एनएसजी ट्रेनिंग का इस्तेमाल तस्करी को छिपाने और पुलिस से बचने में करता था. वह युवाओं को नशे की लत में धकेलकर मोटा मुनाफा कमा रहा था. नशे के जाल पर करारा प्रहार बजरंग की गिरफ्तारी से तेलंगाना और ओडिशा से राजस्थान में चल रहे गांजा तस्करी के रैकेट को बड़ा झटका लगा है. एटीएस ने पिछले एक साल में 50 से अधिक तस्करों को पकड़ा है, लेकिन बजरंग का गिरोह सबसे खतरनाक था. वह खासतौर पर युवाओं को निशाना बनाता था, जिससे नशे की लत ने राजस्थान के कई शहरों में जड़ें जमा ली थीं. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि नशा मुक्त राजस्थान हमारा संकल्प है. पूर्व सैनिकों को अपराध की राह पर जाने से रोकने के लिए पुनर्वास योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा. गिरफ्तारी पर परिवार ने जताया दुख बजरंग के परिवार ने उसकी गिरफ्तारी पर गहरा दुख जताया. एक रिश्तेदार ने कहा कि वह देश का सपूत था, लेकिन हालात ने उसे गलत रास्ते पर ले गए. पूछताछ में बजरंग ने जुर्म कबूल कर लिया है, और पुलिस अब उसके नेटवर्क के अन्य तस्करों की तलाश में जुट गई है. यह घटना समाज में कई सवाल छोड़ गई है. क्या पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार और पुनर्वास की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है? क्या यह गिरफ्तारी राजस्थान में नशे के काले कारोबार पर लगाम लगा पाएगी, या यह महज एक शुरुआत है?

बम धमकी से हड़कंप: सीएम स्टालिन और भाजपा ऑफिस निशाने पर, जांच तेज

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 चेन्नई तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गुरुवार को एक के बाद एक बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के अलवरपेट स्थित निजी आवास को निशाना बनाते हुए एक अज्ञात ईमेल से बम विस्फोट की धमकी भेजी गई, जिसके बाद पुलिस और बम-निरोधक दस्ते ने पूरे इलाके की तलाशी ली। इसी तरह, राज्य बीजेपी मुख्यालय (टी नगर) और दक्षिण भारतीय अभिनेत्री तृशा के तेयनम्पेट स्थित घर को भी धमकी मिली। धमकी में चेन्नई राज भवन को भी निशाना बनाया गया। पुलिस ने सभी स्थलों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बीते एक महीने में मुख्यमंत्री स्टालिन को लगातार कई बार धमकी मिल चुकी है। 15 अगस्त को ध्वजारोहण समारोह से पहले भी उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस मामले में एक व्यक्ति गणेश को गिरफ्तार किया गया था। जुलाई में भी चेन्नई पुलिस नियंत्रण कक्ष को एक कॉल मिली थी, जिसमें फोन करने वाले विनोथकुमार ने दावा किया था कि सीएम आवास पर बम लगाया गया है। हालांकि, वह धमकी भी झूठी निकली। 2024 में भी स्टालिन को लेकर बड़ा हड़कंप मचा था, जब उनके अमेरिका जाने वाले विमान पर बम की ईमेल धमकी आई थी। चेन्नई एयरपोर्ट पर कड़ी जांच के बाद उस मामले को भी फर्जी घोषित किया गया। अगस्त 2023 में एक युवक को सीएम आवास पर बम लगाने की झूठी धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस बीच, TVK प्रमुख और अभिनेता-राजनीतिज्ञ विजय के घर पर भी बीते सप्ताह बम धमकी का मामला सामने आया। यह धमकी उस वक्त आई जब करूर में विजय की राजनीतिक रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई थी। शनिवार रात विजय जब चेन्नई स्थित अपने नीलांकरई आवास लौटे तो उनके घर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ जवान भी तैनात किए गए हैं। लगातार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। फिलहाल सभी धमकियों की जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बरेली में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम: ड्रोन से निगरानी, इंटरनेट पर लगी रोक

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बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जिले भर में इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि पुलिस, पीएसी, आरएएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी तैनाती के साथ ड्रोन से निगरानी की जा रही है. यह कदम हाल की साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं और दशहरा उत्सव के मद्देनजर अफवाहों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. गृह विभाग के एक आदेश के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह निलंबित रहेंगी. यह फैसला बरेली के जिलाधिकारी अवनीश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सिफारिश पर लिया गया, ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहें शांति भंग न करें. बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है, जहां दशहरा की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. ड्रोन से भी निगरानी जिले को 250 जोन और सेक्टरों में विभाजित कर दिया गया है, जहां पुलिस, पीएसी और आरएएफ की टीमें तैनात हैं. सभी प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में जवान सतर्कता बरत रहे हैं. हवा में ड्रोन उड़ाकर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह से माहौल को बिगड़ने से पहले रोका जा सके.  मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी की शांति की अपील देर रात अपर पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा ने बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेंद्र यश चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़कों पर फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से बातचीत की और शांति बनाए रखने का आह्वान किया. अधिकारियों ने जिले के विभिन्न धार्मिक नेताओं, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं से भी मुलाकात की. आला हजरत संघ ने भी अपील जारी कर कहा है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की जाए और उसके बाद तुरंत घर लौटा जाए. सलमान हसन खान, जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने इमामों से फ्राइडे की खुतबे में सद्भाव की दुआओं का आग्रह किया है. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील हाल ही में ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद से उपजी हिंसा के बाद बरेली में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते 27 सितंबर को भी 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंदी लागू की गई थी. प्रशासन का मानना है कि ये उपाय किसी भी प्रकार की उकसावे वाली घटना को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे. जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है.  

कांतारा\’ का रोमांच थमा नहीं, जल्द पर्दे पर दिखेगा अगला भाग

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मुंबई  साउथ स्टार ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. क्रिटिक्स से फिल्म को अच्छे रिव्यूज मिले हैं. वहीं, दर्शक फिल्म पर भर-भरकर प्यार लुटा रहे हैं. खास बात है कि पहले दिन ही ऋषभ शेट्टी की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अंधाधुंध कमाई कर ली है. इस बीच फैंस के लिए खुशखबरी है कि इस मूवी का तीसरा पार्ट भी आएगा. ‘कांतारा: चैप्टर 1‘ की रिलीज के साथ ही मेकर्स ने यह भी कन्फर्म किया है कि इस फिल्म का तीसरा भाग भी बनाया जाएगा. बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे पार्ट का नाम ‘चैप्टर 1’ के आखिर में खुलासा किया गया है. इस फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त का टाइटल ‘कांतारा: ए लीजेंड-चैप्टर 2’ होगा. साल 2022 में शुरू हुई फ्रेंचाइजी ‘कांतारा’ फिल्म साल 2022 में रिलीज हुई थी, जिसकी कहानी 1990 के दशक पर आधारित थी. वहीं, ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की कहानी पहले भाग की घटनाओं से हजार साल से भी ज्यादा पुराने समय में घटित होती है. इसलिए, यह ‘कांतारा’ का प्रीक्वल है. 2023 में ऋषभ शेट्टी ने ऐलान किया था कि जो फिल्म दर्शकों ने देखी है, वह असल में पार्ट 2 था और अगली फिल्म ‘कांतारा’ का प्रीक्वल होगा. साल 2023 में किया प्रीक्वल का ऐलान उन्होंने कहा था, ‘हम दर्शकों से मिले अपार प्यार और समर्थन के लिए बहुत आभारी हैं और इस जर्नी को आगे बढ़ाते हुए दैव के आशीर्वाद से फिल्म ने सफलतापूर्वक 100 दिन पूरे किए हैं. मैं इस मौके पर कांतारा के प्रीक्वल का ऐलान करना चाहता हूं, जो आपने देखा वो पार्ट 2 अब पार्ट 1 अगले साल आएगा.’ कदंब काल पर आधारित है कहानी ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की कहानी कर्नाटक के कदंब काल पर आधारित है. कदंब वंश कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों के प्रमुख शासक थे और उन्होंने वहां की वास्तुकला और संस्कृति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी. यह काल भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग माना जाता है. इस मूवी को ऋषभ शेट्टी ने लिखा और डायरेक्टर भी किया है. फिल्म में लीड रोल में निभाया है. ‘सैयारा’ और ‘छावा’ का टूटा रिकॉर्ड ट्रेड वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने पहले दिन भारत में 60 करोड़ रुपये की बिजनेस किया है. वैसे यह अर्ली एस्टीमेट है, ऑफिशियल डेटा आने के बाद इसमें थोड़ा- बहुत बदलाव हो सकता है. ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने पहले ही दिन ही साल की ब्लॉकबस्टर फिल्मों ‘सैयारा’ (22 करोड़), ‘सिकंदर’ (26 करोड़) और छावा (31 करोड़) के ओपनिंग डे कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.  

धमतरी में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने एनआईटी रायपुर और डीएसआईआर की नई पहल

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स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना  धमतरी महिलाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के लिए धमतरी में महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल की है । डी.एस.आई.आर. का छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि  भारत  में  पहला प्रोजेक्ट है । धमतरी जिला ऐतिहासिक रूप से अनाज और वन-आधारित उपज के उत्पादन में अग्रणी रहा है, जो इस क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका की रीढ़ हैं। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं कृषि और वन-आधारित व्यवसायों में संलग्न हैं। उत्पादन बढ़ाने, बेहतर मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित करने और आजीविका के अवसरों में सुधार के लिए, वैज्ञानिक क्षमता निर्माण, मूल्य संवर्धन और कौशल विकास की अत्यधिक आवश्यकता है।  इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की विशेष पहल | धमतरी जिले में डी.एस.आई.आर. (DSIR) स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया था । यह पहल टी.डी.यू.पी.डब्ल्यू. (Technology Development and Utilization Programme for Women) योजना के अंतर्गत संचालित होगी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और नवीन अवसरों से जोड़ना है। इस परियोजना का संयुक्त क्रियान्वयन जिला प्रशासन धमतरी तथा एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) द्वारा किया जाएगा। इसके अंतर्गत वनोपज (NTFP) आधारित कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और पारंपरिक बुनाई तकनीकों में आधुनिक डिजाइन हस्तक्षेप को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, फाइबर एक्सट्रैक्शन तकनीक के माध्यम से “वेस्ट टू वेल्थ” जैसे नवाचारों को अपनाने की योजना है, जिससे अपशिष्ट सामग्री का उपयोग कर मूल्यवान उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। परियोजना के निदेशक एवं प्रधान अन्वेषक के रूप में एनआईटी रायपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस परियोजना में एनआईटी रायपुर फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, वैज्ञानिक अनुसंधान और उत्पाद नवाचार उपलब्ध कराएगा, जबकि जिला प्रशासन स्थानीय सहयोग, अवसंरचना और समुदाय को संगठित करने की भूमिका निभाएगा। यह परियोजना 36 माह की अवधि में पूरी की जाएगी। इसके लिए लगभग 95 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “यह परियोजना धमतरी जिले की ग्रामीण आजीविका को नई दिशा प्रदान करेगी। महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधनों और वैज्ञानिक नवाचार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता से यह पहल रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से धमतरी जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता और कौशल विकास से जहां आजीविका संवर्धन होगा, वहीं महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह पहल न केवल महिलाओं को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाएगी, बल्कि जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई पहचान प्रदान करेगी। अंततः यह कहा जा सकता है कि एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल धमतरी जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और सतत् आर्थिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह परियोजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि उन्हें समाज में नई पहचान भी दिलाएगी।     विशेष लेख अमित नूरेवाल सूचना अधिकारी