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जगद्गुरु रामभद्राचार्य गौरेला पेंड्रा मरवाही में 25-31 अक्टूबर तक करेंगे कथा

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गौरेला पेंड्रा मरवाही तुलसी पीठाधीश्वर , जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा नगर में दिव्य आगमन हुआ। नगरवासियों ने पुष्प वर्षा, जयघोष और भक्ति भाव से उनका स्वागत किया। कोरबा में श्रीमद्भागवत कथा के उपरांत जब महाराज श्री चित्रकूट वापसी के मार्ग में पेंड्रा पहुंचे, तो उनके दर्शन की सूचना पाकर हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरा नगर “जय श्रीराम” और “जय गुरुदेव” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की प्रबल भक्ति और आग्रह को देखकर महाराज ने पेंड्रा में 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत कथा कहने का दिव्य आश्वासन दिया। इस पावन आयोजन की पुष्टि हेतु उन्होंने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है।  

भारी बारिश की तैयारी: 3 और 4 अक्टूबर को 16 जिलों में पानी बरसने के आसार

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इंदौर  मध्यप्रदेश से विदा हो रहा मानसून जमकर बरस रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके अलावा एक ट्रफ भी गुजर रही है और एक पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभावी हो रहा है। इसका असर 3 और 4 अक्टूबर से ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस कारण प्रदेश के इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश(Heavy Rain) का अलर्ट है। 3 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अक्टूबर को एमपी के बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है।   4 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 अक्टूबर को एमपी के हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश(Heavy Rain)का यलो अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं प्रदेश के बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है। इन जिलों से विदा हुआ मानसून अब तक एमपी के 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। वहीं राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा।   अक्टूबर में ऐसा रह सकता है मौसम का मिजाज अक्टूबर माह मौसम का संक्रमण काल कहलाता है, इसलिए इस माह में मौसम मिला जुला रहने की संभावना है। विंड पैटर्न में बार-बार बदलाव होगा। ऐसे में पूरे माह तापमान का उतार चढ़ाव बना रहेगा। ऐसे में सेहत के प्रति सावधानी बरतने की ज्यादा जरूरत होती है। क्योंकि यह मौसम का संक्रमणकाल होता है।

AIIMS करोड़ों घोटाला: कार्रवाई में शामिल तीन आरोपियों में भोपाल के डॉक्टर भी

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भोपाल  केंद्रीय जांच यूरो (सीबीआइ) ने एम्स ऋषिकेश(AIIMS Rishikesh) में 16 बेड वाले कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला दर्ज किया है। इसमें एम्स भोपाल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सह प्रोफेसर डॉ. राजेश पसरीचा को भी आरोपी बनाया हैं। हालांकि डॉ. पसरीजा ने आरोप को खारिज कर दिया है। ये है मामला जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में एम्स ऋषिकेश के सीसीयू निर्माण के लिए 8.08 करोड़ रुपए दिल्ली की कंपनी मेडिक डिवाइसेस को भुगतान किए गए। आरोप है कि संस्थान के तत्कालीन निदेशक और प्रो€योरमेंट ऑफिसर डॉ. पसरीचा ने उपकरणों की आपूर्ति व स्थापना का झूठा प्रमाणपत्र जारी किया था। सीबीआइ जांच में सामने आया कि 1.76 करोड़ रुपए से ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, गैस पाइपलाइन सिस्टम, डिफिब्रिलेटर, एयर प्यूरीफायर और अन्य उपकरण लगाए ही नहीं गए। वहीं 97 लाख के सिविल वर्क में भी हेराफेरी हुई। 2.73 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि हुई।   डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को किया खारिज सीबीआइ ने मामले में एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत, डॉ. राजेश पसरीचा और स्टोर कीपर रूप सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले को लेकर डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुझ पर सीबीआइ ने झूठा आरोप लगाया है। यह आठ वर्ष पुराना मामला है, जिसे अब उठाया जा रहा है।

शहर में ट्रैफिक अपडेट: 4 अक्टूबर तक इन मार्गों से दूरी बनाकर रखें

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भोपाल  भोपाल ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के बाणगंगा (हलाली नदी), निपानिया नदी, खेजड़ादेव विसर्जन घाट पर गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं का चल समारोह निकाल कर विसर्जन किया जाना प्रस्तावित है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होते हैं, जिससे जाम लगने की स्थिति बनती है। इसे देखते हुए गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुबह 8 बजे से 4 अक्टूबर की रात 10 बजे तक ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी। ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था ● दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन, चल समारोह के दौरान सभी प्रकार के भारी वाहनों का आवागमन लाबांखेड़ा से गोलखेड़ी की ओर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।   ● गुना, शिवपुरी अशोकनगर से बैरासिया होकर भोपाल आने वाले भारी वाहन मकसूदनगढ़, गुना से ब्यावरा होकर भोपाल आ जा सकेंगे। नजीराबाद से रूनाहा जोड़ से होकर नरसिंहगढ़ से एनएच 46 हाईवे होकर परवलिया, मुबारकपुर से भोपाल आ जा सकेंगे। ● भोपाल से गुना -शिवपुरी-अशोकनगर-बैरासिया की ओर जाने वाले भारी वाहन लाबांखेड़ा जोड़ से मुबारकपुर परवलिया होकर, तथा विदिशा सिरोंज जाने वाले वाहन चौपड़ा कला सूखीसेवनिया से विदिशा होकर आ-जा सकेंगे। ● गुनगा, बैरासिया – ईटखेड़ी क्षेत्र के के्रशर व कोपरा में चलने वाले डम्फर गोलखेड़ी तिराहा से करधई, डोबरा होकर मेन हाईवे रोड पर आ जा सकेंगे।

ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बवाल, एमपी सरकार ने पेश किया स्पष्टीकरण

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भोपाल  OBC- मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर नित नए विवाद हो रहे हैं। अब इससे संबंधित मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे पर बवाल मच गया है। प्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। प्रकरण में राज्य सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दिया है। इसका उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया में कई कमेंट और सामग्री वायरल हो रहीं हैं जिसे सुप्रीम कोर्ट में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पेश हलफनामे का अंश बताया जा रहा है। इससे उठते विवाद पर अब राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल की जा रहीं टिप्पणियों और सामग्रियों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। राज्य सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि वायरल की जा रही सामग्री का मध्यप्रदेश सरकार के हलफनामे से कोई लेना देना नहीं है। ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया में वायरल कथित सामग्रियों पर राज्य के जनसंपर्क विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए इस स्पष्टीकरण में वायरल सामग्रियों को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। सरकार ने कहा ​है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर ओबीसी आरक्षण से संबंधित निराधार सामग्रियां वायरल की जा रहीं हैं। सोशल मीडिया पर टिप्पणियां, सामग्री यह कहते हुए वायरल की जा रही हैं कि ये सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है। सरकार का कहना है कि इनका हलफनामे से तनिक भी संबंध नहीं है।   राज्य सरकार ने वायरल सामग्रियों का परीक्षण भी कराया। इसके आधार पर दावा किया कि प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वायरल की जा रही सामग्री वस्तुतः मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। राज्य सरकार ने कहा कि उक्त आयोग का गठन 17-11-1980 को किया गया था जबकि आयोग ने अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य सरकार को 22-12-1983 को भेजा था। महाजन आयोग ने 35 प्रतिशत आरक्षण की अनुशंसा की थी गौरतलब है कि महाजन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 35 प्रतिशत आरक्षण की अनुशंसा की थी जबकि राज्य सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।  

धाम के कपाट बंद होने की तारीख तय, जानें शीतकाल में श्रद्धालुओं के लिए क्या रहेगा नियम

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रुद्रप्रयाग/चमोली विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए कब बंद होंगे, तिथि की घोषणा हो गई है। मंगलवार 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर बदरी विशाल के कपाट बंद हो जायेंगे । कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत 21 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू होंगी। कुछ दिन पहले गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के कपाट को लेकर घोषणाए हुईं थी। इस अवसर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने 2026 के लिए हक हकूकधारी धारियों को पगड़ी भेंट की। सभी थोंकों के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया। भंडारी थोक से मनीष भंडारी, मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता एवं दिनेश भट्ट, कमदी थोक से कुलभूषण पंवार को पगड़ी भेंट की गयी। केदारनाथ-गंगोत्री और यमुनोत्री धाम केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर 22 अक्टूबर अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो रहे है। इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 18 नवंबर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो रहे है। सर्दियों में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धामों के कपाटों को हर साल अक्टूबर—नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है जो अगले साल अप्रैल—मई में दोबारा खोल दिए जाते हैं । यात्रियों में उत्साह बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने की तिथि तय होने के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में तीर्थयात्रियों, हक-हकूकधारियों और समानता धर्म के सभी अनुयायियों को शुभकामनाएं दी। कहा कि आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा हेतु अभी एक माह का समय शेष है। भगवान के दर्शन के लिए लगातार यात्रियों का आने का सिलसिला जारी है। कहा मानसून की आपदा के बावजूद अभी तक 14 लाख 20 हजार 357 से अधिक तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लिए हैं। 1602420 से अधिक ने केदारनाथ धाम के दर्शन किये हैं। बदरी-केदार में अब तक 30 लाख से ज्यादा ने किए दर्शन इस तरह दोनों धामों में 30 लाख 22 हजार 777 से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि राष्ट्र निर्माण को समर्पित राष्ट्रीय सेवक संघ के भी आज सौ वर्ष पूरे हुए है। कपाट बंद होने की प्रक्रिया बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंचपूजाओं के पहले दिन 21 नवंबर को भगवान गणेश की पूजा होगी। शाम को इसी दिन भगवान गणेश के कपाट बंद होंगे। दूसरे दिन 22 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर तथा शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। तीसरे दिन 23 नवंबर को खडग – पुस्तक पूजन तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जायेगा। चौथे दिन 24 नवंबर मां लक्ष्मी जी को कढाई भोग चढाया जायेगा और 25 नवंबर को 2 बजकर 56 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे। 26 नवंबर को श्री कुबेर जी एवं उद्धव जी सहित रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ को प्रस्थान करेगी। पूजाओं को रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल वेदपाठी रविंद्र भट्ट संपन्न करेंगे।  

सरकार का स्मार्ट कदम: ई-कचरा और कबाड़ बेचकर 696 लाख वर्ग फुट क्लीन, ₹3296 Cr की कमाई

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नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने ई-कचरे और कबाड़ की बिक्री से 3,296.71 करोड़ रुपए कमाए हैं, जबकि पिछले चार वर्षों में 696.27 लाख वर्ग फुट से अधिक ऑफिस स्पेस को साफ किया गया है और उपयोग में लाया गया है। राष्ट्रीय राजधानी के नेहरू पार्क में विशेष स्वच्छता अभियान 5.0 के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि इस अभियान से शासन और सार्वजनिक सेवाओं में स्पष्ट बदलाव आए हैं। 12 लाख से अधिक जगहों की हुई सफाई डॉ सिंह ने बताया कि अभियान के पिछले चरणों के दौरान 137.86 लाख से ज्यादा पुरानी फाइलों को हटाया गया है और देश भर में 12.04 लाख से अधिक जगहों की सफाई की गई है। केंद्रीय मंत्री ने इन परिणामों को प्राप्त करने में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और अन्य विभागों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने इस कार्यक्रम में श्रमदान गतिविधियों, एक पेड़ मां के नाम पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान और पुरानी फाइलों की सफाई में भी भाग लिया। 'स्वतंत्र भारत में शासन की एक अनूठी सफलता' विशेष स्वच्छता अभियान को स्वतंत्र भारत में शासन की एक अनूठी सफलता की कहानी बताते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू होने वाला कार्यान्वयन चरण स्वच्छता अभियानों को संस्थागत बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और सरकारी कार्यालयों में दक्षता में सुधार लाने पर केंद्रित होगा। उन्होंने स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि लाल किले से प्रधानमंत्री के आह्वान ने स्वच्छता को एक व्यवहारिक परिवर्तन में बदल दिया है जिसे देश भर के घरों और समुदायों ने अपनाया है। बांटी गयी सुरक्षा किट और मिठाइयां डॉ. सिंह ने अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाए रखने में सफाई कर्मियों की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार करते हुए, सुरक्षा किट और मिठाइयां वितरित करके सफाई मित्रों को सम्मानित भी किया। मंत्री ने आगे कहा कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने कार्यान्वयन चरण के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य पहले ही अपलोड कर दिए हैं, जिनमें समीक्षा के लिए लगभग 6.9 लाख जन शिकायतें, 26.9 लाख से अधिक फिजिकल फाइलें और समीक्षा के लिए पहचानी गई 5.2 लाख से अधिक ई-फाइलें शामिल हैं।   एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार 10 अक्टूबर को सुशासन और अभिलेख नामक एक प्रदर्शनी भी लगाएगा, जिसमें पूर्व विशेष अभियानों के दौरान प्राप्त ऐतिहासिक रूप से मूल्यवान अभिलेखों को प्रदर्शित किया जाएगा। विशेष अभियान 5.0 के अगले चरण में प्रवेश करते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि यह स्वच्छता, पारदर्शिता, दक्षता और जनभागीदारी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, साथ ही महात्मा गांधी की नागरिक जिम्मेदारी और सामूहिक कार्रवाई की विरासत को आगे बढ़ाता है।

मध्य प्रदेश का बड़ा कदम: कॉलेजों में WhatsApp बंद, अब संवाद के लिए आएगा भारतीय एप ‘अरत्तई’

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ग्वालियर वॉट्सएप की जगह स्वदेशी 'अरत्तई' एप लेने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संगीत एवं कला के एक मात्र शैक्षणिक संस्थान ग्वालियर स्थित राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध लगभग 170 कॉलेजों में यह बदलाव किया जा रहा है। इसके मूल में केंद्र सरकार का स्वदेशी अपनाने का आह्वान है। अब कॉलेज स्तर पर की जाने वाली सूचना के आदान प्रदान के लिए सिर्फ 'अरत्तई' एप का उपयोग किया जाएगा। यह निर्णय संस्थान के कुलसचिव अरुण चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद लिया है। अब संस्थान में होने वाले आधिकारिक सूचना व दस्तावेजों का आदान प्रदान, छात्रों के मार्गदर्शन के लिए ग्रुप बनाना यह सभी काम पूरी तरह से इसी एप पर होंगे। छात्रों से जुड़ी हर अपडेट को अरत्तई पर बने ग्रुप में ही साझा किया जाएगा इस लिहाज से भी छात्र इसका उपयोग शुरू करेंगे। प्रबंधन का कहना है कि किसी अन्य एप से दस्तावेजों का आदान प्रदान स्वीकार नहीं किया जाएगा।   क्या है 'अरत्तई' अरत्तई भारतीय मैसेजिंग एप है, जिसे जोहो कॉर्पोरेशन ने 2021 में लान्च किया था। अरत्तई एक तमिल शब्द है, जिसका अर्थ है बातचीत या गपशप। यह वाट्सएप के भारतीय विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसमें टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो, दस्तावेज शेयरिंग, साथ ही वाइस और वीडियो कालिंग की सुविधा मिलती है। ग्रुप चैट, स्टिकर्स और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी विशेषताएं इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाती हैं। सबसे खास बात, इसका डेटा भारत में ही स्टोर होता है, जिससे यूजर्स को अधिक प्राइवेसी और भरोसा मिलता है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा स्वदेशी अपनने के क्रम में विश्वविद्यालय यह बदलाव पूरे प्रदेश के स्तर पर करने जा रहा है। वॉट्सएप के उपयोग को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा। – अरुण चौहान, कुलसचिव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय।

मौसम विज्ञानियों ने चेताया: छत्तीसगढ़ में अगले हफ्ते भारी बारिश, बन सकता है नया रिकॉर्ड

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रायपुर देश के कई इलाकों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार इसकी वापसी एक सप्ताह देर से होगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 20 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। बीते पांच वर्षों में मानसून आमतौर पर 12 अक्टूबर के आसपास विदा होता रहा है। इस बार लौटने में देरी से मौसम का मिजाज भी बदला-बदला रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 अक्टूबर से नार्थ ईस्ट मानसून सक्रिय होगा। इसके बाद ही धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी। बरसात की यह बढ़ी हुई अवधि धान की फसलों के लिए राहत मानी जा रही है। खेतों में नमी बने रहने से फसल अच्छी तरह पक सकेगी। हालांकि लगातार वर्षा से कटाई में देरी हो सकती है।   इस बार समय से पहले आया था मानसून छत्तीसगढ़ में 28 मई को बस्तर से मानसून की दस्तक होती है। पूरे देश में अब बारिश अंतिम दौर में है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक मानसून पूरी तरह से विदा हो जाता है। इस बार विदाई तक कई जिलों अच्छी बारिश हो सकती है। बीते पांच वर्षों के आंकड़े देखें तो 10 से 12 अक्टूबर तक मानूसन की वापसी होती है। हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के साथ सक्रिय है, जो अगले 12 घंटे में अवदाब और बाद में गहरा अवदाब बनकर तीन अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र तट पार कर सकता है। इसके असर से दो को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। तीन को दक्षिण अंचल में भारी से अति भारी बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। चार को मध्य भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रेलवे में रोजगार: 1149 रिक्तियों के लिए आवेदन शुरू

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ग्वालियर रेलवे में नौकरी का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पूर्व मध्य रेलवे ने अप्रेंटिस के 1149 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस भर्ती में न तो लिखित परीक्षा होगी और न ही इंटरव्यू। आवेदन की शुरुआत हो चुकी है। अंतिम तिथि 25 अक्टूबर रखी गई है। ओबीसी और जनरल को ₹100 फीस देनी होगी। वहीं एससी, एसटी, महिला, पीडब्ल्यूबीडी के निश्शुल्क रखा गया है। किन ट्रेड्स में भर्ती होगी फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन एंड एसी मैकेनिक, फार्जर एंड हीट ट्रीटर, कारपेंटर, इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक, पेंटरइलेक्ट्रीशियन, वायरमैन। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित ट्रेड में आइटीआइ डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 24 साल तय की गई है। वहीं ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को तीन साल की छूट, एससी, एसटी उम्मीदवारों को पांच साल की छूट और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को श्रेणी अनुसार 10 से 15 साल तक की आयु छूट दी जाएगी।   चयन प्रक्रिया इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों के 10वीं कक्षा और आईटीआई में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। स्टाइपेंड चयनित उम्मीदवारों को अप्रेंटिस अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹7700 से ₹8050 तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।