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चॉकलेट और मुस्कान के साथ CM योगी का बच्चों से मिलन, दिखा मानवीय रूप

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सीएम योगी ने चॉकलेट देकर बच्चों पर लुटाया प्यार, की आत्मीय बातचीत नाम और क्लास पूछकर बोले- खूब पढ़ना, खूब आगे बढ़ना गोरखपुर  गोरखनाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार सुबह भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत से बच्चों से मुलाकात की। प्यार लुटाते हुए उनसे आत्मीय बातचीत कर चॉकलेट दिया। नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा और खूब आशीर्वाद दिया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बाल प्रेम जगजाहिर है। प्रोटोकॉल परे कर बच्चों से मिलना, उनसे ठिठोली करना, उन्हें दुलारना, खूब पढ़ने का आशीर्वाद देना और चॉकलेट देना उनकी खासियत है। बच्चों के साथ उनकी ऐसी ही आत्मीयता का दृश्य शुक्रवार सुबह भी गोरखनाथ मंदिर में देखने को मिला। गुरुवार शाम विजयदशमी शोभायात्रा की अगुवाई करने के बाद रात्रि प्रवास के बाद शुक्रवार सुबह उनकी दिनचर्या परंपरागत रही। महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद उन्होंने अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर मत्था टेका और उनका आशीर्वाद लिया। हर बार की तरह वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। इस दौरान उनकी नजर श्रद्धालुओं के साथ उनके बच्चों पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने पास बुला लिया। एक-एक करके सबसे उनका नाम पूछा, किस क्लास में पढ़ते हैं, इसकी जानकारी ली। कुछ बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की। उन्होंने बच्चों से बेहद अपनेपन से बातचीत की। सबके माथे पर हाथ फेरकर प्यार-दुलार और आशीर्वाद दिया कि खूब मन लगाकर पढ़िए और खूब आगे बढिए। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को चॉकलेट भी दिया।

आई लव मोहम्मद विवाद पर पश्चिमी यूपी में तनाव, PAC-RRF की तैनाती से सुरक्षा कड़ी

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संभल  उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हाई अलर्ट है। आई लव मोहम्मद विवाद के चलते कई जगह पर प्रदर्शन और हंगामा हुआ। इसी के बीच आज जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इनमें सबसे पहले बरेली में पुलिस तैनाती बढ़ाई गई थी। इसके बाद संभल, सहारनपुर और मेरठ समेत पश्चिम यूपी के कई शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरेली में 2 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। 26 सितंबर की हिंसा के बाद बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं हाई अलर्ट पर हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई हिंसा और इतनी सारी घटनाओं के बाद, बरेली स्थित आला हज़रत दरगाह के सबसे वरिष्ठ मौलवी ने मुसलमानों से जुमे की नमाज़ के बाद शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है। प्रशासन ने पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया है, जबकि इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन भी तैनात किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल के चार जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा संभल में भी पीएसी और आरआरएफ तैनात की गई है। दशहरा के मद्देनजर गुरुवार को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान सड़कों पर तैनात हैं और ड्रोन हवा में उड़ रहे हैं। गौरतलब हो कि 26 सितंबर को, शुक्रवार की नमाज के बाद यहां कोतवाली क्षेत्र में एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए लगभग 2,000 लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पथराव की भी खबर है। मौलवी तौकीर खान द्वारा आहूत आई लव मुहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर एक विरोध प्रदर्शन रद्द होने से अशांति फैल गई थी।  

बरेली में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम: ड्रोन से निगरानी, इंटरनेट पर लगी रोक

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बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जिले भर में इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि पुलिस, पीएसी, आरएएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी तैनाती के साथ ड्रोन से निगरानी की जा रही है. यह कदम हाल की साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं और दशहरा उत्सव के मद्देनजर अफवाहों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. गृह विभाग के एक आदेश के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह निलंबित रहेंगी. यह फैसला बरेली के जिलाधिकारी अवनीश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सिफारिश पर लिया गया, ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहें शांति भंग न करें. बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है, जहां दशहरा की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. ड्रोन से भी निगरानी जिले को 250 जोन और सेक्टरों में विभाजित कर दिया गया है, जहां पुलिस, पीएसी और आरएएफ की टीमें तैनात हैं. सभी प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में जवान सतर्कता बरत रहे हैं. हवा में ड्रोन उड़ाकर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह से माहौल को बिगड़ने से पहले रोका जा सके.  मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी की शांति की अपील देर रात अपर पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा ने बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेंद्र यश चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़कों पर फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से बातचीत की और शांति बनाए रखने का आह्वान किया. अधिकारियों ने जिले के विभिन्न धार्मिक नेताओं, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं से भी मुलाकात की. आला हजरत संघ ने भी अपील जारी कर कहा है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की जाए और उसके बाद तुरंत घर लौटा जाए. सलमान हसन खान, जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने इमामों से फ्राइडे की खुतबे में सद्भाव की दुआओं का आग्रह किया है. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील हाल ही में ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद से उपजी हिंसा के बाद बरेली में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते 27 सितंबर को भी 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंदी लागू की गई थी. प्रशासन का मानना है कि ये उपाय किसी भी प्रकार की उकसावे वाली घटना को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे. जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है.  

बरेली यात्रा रद्द, चंद्रशेखर आजाद को घर में ही रोका गया

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सहारनपुर आई लव मोहम्मद विवाद को लेकर बरेली में हुई हिंसा सुर्खियों में है। सहारनपुर पुलिस ने गुरुवार को लोकसभा में नगीना संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद चंद्रशेखर आजाद को हिंसा पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए बरेली जाने से रोक दिया। यहां तक कि उन्हें घर के ही अंदर रहने के लिए कहा गया। सहारनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन के अनुसार, सांसद चंद्रशेखर बुधवार देर रात छुटमलपुर के हरिजन कॉलोनी स्थित अपने आवास पर पहुंचे। पुलिस ने कथित तौर पर उनसे बरेली न जाने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि आजाद के आगमन की सूचना मिलने पर, उनके आवास के आसपास रात भर पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात कर दी गई और बैरिकेड्स लगाकर उन्हें घर के अंदर ही रहने को कहा गया। चंद्रशेखर आजाद ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि वह बरेली में पीड़ित परिवारों से मिलना चाहते हैं। इसके बाद प्रशासन हाई अलर्ट हो गया। उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अगर बरेली में कुछ भी गलत नहीं हुआ है, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। वहीं, उनके समर्थकों ने इस कदम पर निराशा व्यक्त की। भीम आर्मी ने एक बयान में पीड़ितों की आवाज दबाने और सामाजिक न्याय के संघर्ष को रोकने के प्रयासों की निंदा की और कहा कि वे समाज के साथ मिलकर न्याय के लिए लड़ते रहेंगे। अपने पोस्ट में, चंद्रशेखर ने लोकतंत्र का कथित तौर पर गला घोंटने के प्रयास के लिए अधिकारियों की आलोचना की और हाशिए पर पड़े समुदायों को न्याय दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पूछा कि अगर वहां मुस्लिम नागरिकों के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, तो राज्य सरकार उन्हें बरेली जाने से क्यों रोक रही है। बता दें कि बरेली में 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' घटना और हिंसा को लेकर हुए विवाद के बाद तनाव जारी है। इससे पहले बुधवार को, सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद और विधायक शाह नवाज़ खान को भी पुलिस ने उनके आवास पर रोक दिया था, जब वे बरेली जाने की योजना बना रहे थे।  

संभल में ध्वस्तीकरण अभियान: मदरसा और मैरिज पैलेस ढहाए गए, क्षेत्र में भारी पुलिस बल

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संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर से बुलडोजर से कार्रवाई जारी है। कई एकड़ भूमि पर बने इस निर्माण में लोग मदरसा और बारात घर चला रहे थे। इसको लेकर कोई विरोध ना हो, इसके लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही माहौल तनावपूर्ण न हो, इसके लिए पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है, साथ ही लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी इस मामले पर संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि जिले भर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। यह तालाब की जमीन है जिस पर एक बड़ा मैरिज पैलेस बना है। तहसीलदार ने 30 दिन पहले इसे गिराने का आदेश जारी किया था। इसके बाद कोई अपील दायर नहीं की गई इसलिए आज ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, 'कोर्ट में सभी पक्षों को सुना गया। उसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने आदेश जारी किया और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। सभी की राय है कि अगर यह अवैध रूप से बना है तो इसे गिरा दिया जाना चाहिए।' प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया डीएम के अलावा संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया, 'संभल के असमोली थाने के अंतर्गत राय बुजुर्ग गांव में एक तालाब और खाद के गड्ढों के लिए जमीन है। उन्हें इसे गिराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। 30 दिन की समय सीमा बीत जाने के बावजूद उन्होंने अभी तक इसे नहीं गिराया है। प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया है। यह अवैध निर्माण था। उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। यह अवैध निर्माण मदरसे और बारात घर की तरह उपयोग में लिया जा रहा था और कई एकड़ जमीन पर फैला हुआ था।'

महानवमी विशेष: दुर्गा पंडालों में उमड़ी भीड़, जयकारों से गूंजा माहौल

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मुजफ्फरपुर नवरात्र के महानवमी की संध्या पर जिले में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जय माता दी और जय दुर्गा मैया के नारे लगाते हुए श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़े। बता दें कि सप्तमी को माता का पट खुला था और कल महाअष्टमी व्रत था। आज भक्तों ने हवन करने के बाद पूरे परिवार के साथ शहर के अलग-अलग दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन किए। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय हो गया और शहर का कोना-कोना भक्तों से भर गया। शाम को बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग ने व्यापक इंतजाम किए। देर शाम तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और माता दुर्गा का दर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला भक्त भी दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूजा पंडाल समितियों के सदस्यों ने मोर्चा संभाला और भक्तों को दर्शन कराए। भक्तों को मंदिर में प्रवेश से पहले पंक्तिबद्ध किया गया, जिससे वे सुरक्षित ढंग से मंदिर में प्रवेश कर सकें। शाम 7 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई और देखते ही देखते मंदिरों में भक्तों की कतारें लग गईं। मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। ब्रह्मपुरा स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर, महामाया मंदिर, जूरन छपरा, बनारस बैंक चौक स्थित दुर्गा मंदिर, अमर सिनेमा रोड बंगलामुखी मंदिर, शिवपुरी मंदिर, दामूचक मंदिर और मां दुर्गा मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और प्रवेश से लेकर निकास तक लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई। बता दें कि कल विजयादशमी है और रावण दहन की तैयारियां भी जोरों पर हैं।  

संगीत प्रेमियों के लिए गहरा शोक: पंडित छन्नूलाल मिश्र नहीं रहे, पीएम मोदी ने किया श्रद्धांजलि प्रस्ताव

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मीरजापुर प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनका सुबह 4.15 बजे मीरजापुर में बेटी नम्रता मिश्रा के यहां निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार बनारस में होगा। पंडित जी को तीन सप्ताह पहले शनिवार के दिन माइनर अटैक आया था। उसके बाद उनको बीएचयू के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने जानकारी दी थी कि उनके चेस्ट में इंफेक्शन व खून की कमी है। तीन सप्ताह चले इलाज के बाद उनको छुट्टी दे दी थी। उनकी बेटी ने उनको फिर मीरजापुर के रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय में भर्ती कराया था।   बॉलीवुड में दिया था योगदान पंडित जी शास्त्रीय संगीत के विद्वान थे। उनके पारंपरिक शैली में गाए सोहर काफी मशहूर हुए थे। उनको आज भी यूट्यूब पर सुना जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड में गायन किया था। उन्होंने गाने जरूर कम गाए, लेकिन फिर भी अपनी छाप जरूर छोड़ी। साल 2011 में उन्होंने प्रकाश झा की फिल्म आरक्षण में 'सांस अलबेली' और 'कौन सी डोर' जैसे गाने गाए। उन्होंने साल 2020 में 'वैष्णव जन तो तेहि कहिए' एल्बम के लिए आवाज दी थी। पीएम मोदी के बने थे प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी मौत पर शोक जताते हुए कहा कि सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे जीवनपर्यंत भारतीय कला और संस्कृति की समृद्धि के लिए समर्पित रहे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सदैव उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। साल 2014 में वे वाराणसी सीट से मेरे प्रस्तावक भी रहे थे। शोक की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति!

नई आर्थिक पहल: यूपी का इंडस्ट्रियल पार्क तीन जिलों के किसानों की आमदनी बढ़ाएगा

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सीतापुर सेमरी कताई मिल की 80 एकड़ जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को जमीन हंस्तानांतरित कर दी गई है।  यूपीसीडा की ओर से जमीन का सर्वे करके लेआउट तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक पार्क बनने से सीतापुर, बहराइच और बाराबंकी के किसानों को भी फायदा मिलेगा। सेमरी में उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड की सूत मिल वर्ष 1985 में चली थी। इस मिल का धागा जिले के दरी उद्योग के साथ ही विभिन्न प्रांतों में बुनकरी में उपयोग किया जाता है। आपूर्ति बांग्लादेश तक होती थी। वर्ष 2001 में सेमरी सूत मिल बंद हो गई। मिल की मशीनों को भी बेच दिया गया। इसके बाद इसे दोबारा संचालित किए जाने की कवायद कई बार की गई। बावजूद इसके मिल को दोबारा नहीं चलाया जा सका। सरकार ने मिल की करीब 80 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को दे दी गई है। यूपीसीडा के अभियंताओं ने जमीन का सर्वे कर लिया है। लेआउट बनाने का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि सूत मिल की जमीन पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। लगेंगी 100 से अधिक इकाइयां सेमरी औद्योगिक क्षेत्र में 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लगाए जाने की संभावना है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि सेमरी औद्योगिक क्षेत्र में एग्रीबेस औद्योगिक इकाइयों की अधिकता रहेगी। इनमें 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगारी मिलेगा। इसके अलावा सीतापुर, बहराइच और बाराबंकी के किसानों को भी फायदा मिलेगा। परिवहन में नहीं आएगी समस्या महमूदाबाद का सेमरी यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सेमरी चौराहे से लखनऊ के साथ ही बाराबंकी और बहराइच को मार्ग जाते हैं। वहीं, एक मार्ग सदरपुर की तरफ जाता है। इसके चल ते यहां स्थापित होने वाली इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और उत्पादों को बाहर भेजने में आसानी रहेगी।  

AC के शौकीन सावधान! आंखों में पानी कम होना है चेतावनी का संकेत, अपनाएं ये उपाय

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बुलंदशहर अक्टूबर माह शुरू हो गया है और गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में एसी (एयर कंडीशनर) बराबर चलाया जा रहा है। एसी की ठंडी हवा में रहने की आदत आंखों पर भारी पड़ रही है। एसी की ठंडी हवा आंखों का पानी सोख रही है। ड्राई आई सिंड्रोम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आंखों के डाक्टरों के पास पहुंचने वाले 20 प्रतिशत मरीज इसी बीमारी के शिकार हैं। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. धीर सिंह ने बताया कि नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर रोज 150 से 180 तक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 20-25 मरीज ड्राई आई सिंड्रोम के हैं। इस तरह एक महीने में लगभग 600 से 750 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि तीन महीने में यह आंकड़ा 2250 तक पहुंच गया। इस सिंड्रोम के सर्वाधिक शिकार कामकाजी लोग हैं। जिनकी उम्र 30 से 50 साल के बीच है। इनमें से अधिकतर वह लोग हैं, जोकि एसी में अधिक समय बिताते हैं। साथ ही ये स्क्रीन टाइम भी अधिक लेते हैं।   मरीजों की केस हिस्ट्री के मुताबिक वे एक दिन में औसतन पांच से सात घंटे का स्क्रीन टाइम ले रहे हैं। इसमें चार घंटे लैपटाप या कंप्यूटर और दो से तीन घंटे मोबाइल पर बिता रहे हैं। यह दोनों कारण आंखों को सुखाकर दिक्कतें देने लगे हैं। बच्चों और बड़ों दोनों में मिल रही यह समस्या  मेडिकल कालेज की नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या वर्मा का कहना है कि एयर कंडीशनर ठंडी हवा देने के लिए हवा से नमी सोख लेता है। आसपास का वातावरण शुष्क हो जाता है। इससे आंखें सूख जाती हैं। इसके अलावा खराब खानपान, कम पानी पीना, अधूरी या पर्याप्त नींद न लेना, प्रदूषण भी ड्राईनेस को बढ़ा रहा है। बीते 15 सालों में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर कामकाजी तक ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित हैं। उन्हें तब पता चलता है जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है। इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क डाक्टरों के अनुसार ड्राई आई सिंड्रोम के मुख्य लक्षणों में आंखों में पानी आना, चिपकना, आंख में कुछ पड़ा महसूस होना, करकराहट, आंखों में चुभन, लाल आंखें हैं। ध्यान रहे कि सिंड्रोम में आंख का पानी कम और ज्यादा बनना दोनों शामिल है। डायबिटीज, थायराइड और किसी अन्य स्थाई बीमारी वालों को यह दिक्कत जल्दी होती है। दवाओं से सर्जरी तक की नौबत अगर रोग को पहली स्टेज में पकड़ लिया जाए तो दवाइयां और ड्राप से ठीक किया जा सकता है। लेकिन, इसके लिए कोर्निया विशेषज्ञ के पास जाना ही ठीक रहेगा। रोग पकड़ने के लिए स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। महज आंखों को देखकर ही इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। एक बार अगर रोग बिगड़ गया तो सर्जरी की नौबत भी आ सकती है। बचाव के उपाय एसी की हवा सीधे शरीर पर नहीं आनी चाहिए। तापमान को शरीर से एक-दो डिग्री नीचे रखें। खुले या एसी के बंद स्थान पर चश्मा पहनने से बचाव होता है। पर्याप्त पानी पीते रहें, इसकी कमी से भी आंखें सूख जाती हैं। कंप्यूटर, मोबाइल पर काम करते समय पलकें झपकाते रहें।

गाजियाबाद की सड़कों पर वायरल हुआ ‘आई लव योगी जी’ पोस्टर, सोशल मीडिया पर भी छाया

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गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार को 'आई लव योगी जी' नाम के पोस्टर लगाए गए। इस पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'हिंदू हृदय सम्राट' बताया गया है। पोस्टर में आगे कहा गया है कि पूरे भारत ने 'योगी मॉडल' को बेमिसाल कर रखा है। पोस्टर में सीएम योगी को 'निर्भय' बताते हुए कहा गया है कि उनके अंदर ऐसा जिगर है कि वो किसी से भी डरते नहीं हैं। उन्होंने अपने सख्त फैसलों से विपक्षियों को बेहाल कर रखा है। यह पोस्टर गाजियाबाद के कई फ्लाइओवर पर लगाए गए। पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा हिंदू सेना के महामंत्री गगन दीप शर्मा और जिला सह कोषाध्यक्ष अंकुश पंडित की भी तस्वीर लगी हुई है। पूरे इलाके में यह पोस्टर चर्चा में है।  बता दें कि अभी हाल ही में देश के कई राज्यों में 'आई लव मोहम्मद' की शुरुआत की गई है, जिसका किसी ने विरोध किया, तो किसी ने समर्थन। वहीं, 'आई लव मोहम्मद' के जवाब में 'आई लव महाकाल' और 'आई लव योगी जी' जैसे पोस्टर लगाए। 'आई लव मोहम्मद' अभियान की शुरुआत सितंबर में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से हुई। यह ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर हुआ। 4 सितंबर को, रावतपुर क्षेत्र के सैयद नगर में जफर वाली गली के प्रवेश द्वार पर मुस्लिम समुदाय ने सड़क को सजाया। यहां एक लाइटबोर्ड लगाया गया, जिस पर अंग्रेजी में 'आई लव मोहम्मद' लिखा था। यह नारा पैगंबर के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक था, जो समुदाय के लिए सामान्य धार्मिक उत्सव का हिस्सा था। हालांकि, यह नारा जल्द ही विवाद का केंद्र बन गया। 9 सितंबर को, लल्लापुरा पुलिस थाने ने नौ नामित और 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोप था कि उन्होंने सार्वजनिक सड़क पर बैनर लगाए, जो यातायात बाधित कर रहे थे। कानपुर में पोस्टर्स हटाए जाने की खबर फैलते ही, पूरे देश में अभियान ने जोर पकड़ा। लोग सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो बदलने लगे, स्टिकर्स लगाए और जुलूस निकाले। इत्तेहाद-ए-मिलात काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने भी इसे समर्थन दिया।